<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"><channel><atom:link href="http://api.indiatvnews.com/v3/hi/7fd9f0e714a11805d00bb64c9d8ca3bc/rssfeed/category/835/news" rel="self" type="application/rss+xml"/><title>Religion News in Hindi, Religious Hindi News, Spirituality News, Jeevan Mantra , Religious Festival News, धार्मिक न्यूज़</title><link>https://www.indiatv.in/religion</link><description>India TV Dharam is all about the spiritual news articles from around the globe in Hindi, religion and believes, ethics, spiritual chants, and mantras at India TV Hindi News</description><item>    <title>    <![CDATA[     दिवाली के बाद केतु का कर्क राशि में गोचर: इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, अचानक धन लाभ होने के प्रबल योग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ केतु इस समय सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं लेकिन दीवाली के कुछ दिनों बाद केतु कर्क राशि में प्रवेश कर जायेंगे। जानिए इस राशि में केतु का गोचर किन राशियों के लिए शुभ साबित होगा।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ketu-ka-gochar-1792724251.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दिवाली के बाद केतु का गोचर]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ketu-ka-gochar-1792724251.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ketu-ka-gochar-1792724251.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दिवाली के बाद केतु का गोचर
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना जाता है। यह मोक्ष, वैराग्य और अध्यात्म का कारक है। जब भी यह ग्रह अपनी राशि बदलता है तो इसका कुछ न कुछ प्रभाव सभी लोगों के जीवन में देखने को मिलता है। दिवाली के कुछ दिनों बाद 5 दिसंबर को केतु कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहा है। ज्योतिष अनुसार केतु का इस राशि में गोचर 4 राशियों के लिए लाभकारी दिखाई दे रहा है। इन राशियों की किस्मत इस गोचर से चमक उठेगी। चलिए जानते हैं ये कौन सी राशियां हैं, पढ़ें केतु गोचर <strong><a href="https://www.indiatv.in/rashifal" target="_blank">राशिफल</a></strong>।</p>
<h3><strong>वृषभ राशि - </strong>आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा</h3>
<p>वृषभ राशि वालों के लिए केतु का गोचर काफी सकारात्मक दिखाई दे रहा है। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। आय के नए स्त्रोत बनेंगे। अटके काम पूरे होंगे। जिस काम में हाथ डालेंगे सफलता मिलेगी। अचानक से धन लाभ के योग बनेंगे। कार्यस्थल पर आपके काम की जमकर तारीफ होगी। प्रमोशन मिल सकता है।</p>
<h3><strong>मिथुन राशि - </strong>कोई अटका काम पूरा हो सकता है</h3>
<p>मिथुन राशि वालों के लिए भी केतु का गोचर बेहद शुभ दिखाई दे रहा है। किसी काम में बड़ी सफलता मिल सकती है। कोई अटका काम पूरा हो सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो समय शुभ रहेगा। नई योजनाओं पर काम करने से लाभ मिलेगा। अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे। धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी।</p>
<h3><strong>कन्या राशि - </strong>आपकी मेहनत रंग लाएगी</h3>
<p>कन्या राशि वालों के लिए केतु का गोचर शानदार साबित होगा। आपकी मेहनत रंग लाएगी। लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। किसी काम में बड़ी सफलता मिल सकती है। बिजनेस वाले भी खूब पैसा कमाएंगे। काम के सिलसिले में की गई यात्रा अच्छा लाभ दे सकती है। धार्मिक यात्रा पर जाने के योग बन सकते हैं।</p>
<h3><strong>तुला राशि - </strong>पैतृक संपत्ति से अच्छा लाभ मिल सकता है</h3>
<p>तुला राशि वालों के लिए केतु का गोचर किसी चमत्कार से कम साबित नहीं होगी। नौकरी में सफलता मिलेगी। बिजनेस में लाभ प्राप्त करने के कई सुनहरे अवसर हाथ लगेंगे। पैतृक संपत्ति से अच्छा लाभ मिल सकता है। व्यापारियों की कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।</p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kismat-ke-dhani-hote-hai-is-mulank-ke-log-pate-hai-apar-safalta-2026-10-22-1250289" target="_blank" title=" किस्मत के धनी होते हैं इस मूलांक के जातक, अपने दम पर छूते हैं आसमान और पाते हैं अपार सफलता">Numerology: किस्मत के धनी होते हैं इस मूलांक के जातक, अपने दम पर छूते हैं आसमान और पाते हैं अपार सफलता</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-ketu-gochar-2026-diwali-ke-baad-ketu-ka-rashi-parivartan-4-rashiyon-ko-achanak-de-sakte-hai-labh-2026-10-23-1250428     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-ketu-gochar-2026-diwali-ke-baad-ketu-ka-rashi-parivartan-4-rashiyon-ko-achanak-de-sakte-hai-labh-2026-10-23-1250428 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 08:43:01 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     शुक्र प्रदोष कथा: व्रत को पूर्ण बनाती हैं यह पावन कथा, प्रदोष काल में जरूर करें इसका पाठ     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आज 23 अक्टूबर 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत है। इस व्रत में भगवान शिव की पूजा की जाती है। मान्यता है जो भी विधि विधान से यह व्रत रखता है उसके जीवन के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है। यहां हम आपको बताएंगे शुक्र प्रदोष व्रत की पावन कथा।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/shukra-pradosh-vrat-1-1792718917.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[शुक्र प्रदोष व्रत कथा]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/shukra-pradosh-vrat-1-1792718917.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/shukra-pradosh-vrat-1-1792718917.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      शुक्र प्रदोष व्रत कथा
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-pradosh-vrat-remedies-bhagwan-shiva-puja-upay-for-peace-prosperity-happy-married-life-and-business-growth-2026-10-22-1250325" target="_blank" title="प्रदोष व्रत पर शिव जी को अर्पित करें ये चीजें, दांपत्य जीवन से लेकर कारोबार में लाभ के लिए जानें खास उपाय">प्रदोष व्रत</a></strong> को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत सोम प्रदोष कहलाता है, मंगल को आने वाला यह व्रत भौम प्रदोष, शनिवार का प्रदोष शनि प्रदोष तो वहीं शुक्रवार का प्रदोष व्रत शुक्र प्रदोष कहलाता है। दिन के अनुसार प्रदोष व्रत का महत्व भी अलग-अलग होता है। शुक्रवार का प्रदोष व्रत सौभाग्य और दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए रखा जाता है। 23 अक्टूबर को शुक्र प्रदोष व्रत रखा जाएगा। चलिए आपको बताते हैं इस व्रत में किस कथा का पाठ किया जाता है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।</p>

<h3><strong>शुक्र प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त 2026</strong></h3>

<p>शुक्र प्रदोष व्रत कथा का शुभ मुहूर्त शाम 05:44 से 08:16 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में भगवान शिव की विधिवत् पूजा करें और कथा पढ़ें।</p>

<p> </p>

<h3><strong>शुक्र प्रदोष व्रत की कथा</strong></h3>

<p>शुक्र प्रदोष व्रत की कथा अनुसार एक नगर में 3 मित्र रहते थे राजकुमार, ब्राह्मण कुमार और तीसरा धनिक पुत्र। तीनों ही मित्र की शादी हो चुकी थी लेकिन धनिक पुत्र का अभी गौना शेष था। एक दिन तीनों मित्र स्त्रियों को लेकर चर्चा कर रहे थे। तभी ब्राह्मण कुमार ने स्त्रियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि 'नारीहीन घर भूतों का डेरा होता है।' धनिक पुत्र ने जब यह सुना तो उसने तुरंत ही अपनी पत्‍नी को लाने का निश्‍चय किया। धनिक पुत्र के माता-पिता ने उसे बहुत समझाया कि अभी शुक्र देवता डूबे हुए हैं। ऐसे में बहू-बेटियों को घर से विदा करवा लाना शुभ नहीं होता लेकिन धनिक पुत्र ने एक नहीं सुनी।</p>

<p>जब धनिक पुत्र अपने ससुराल पहुंचा तो उसके सास-ससुर ने भी उसे समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने वहां भी किसी की नहीं सुनी और जबरदस्ती अपनी पत्नी को विदा करा लिया। विदाई के बाद पति-पत्‍नी अपने घर के लिए निकल पड़े। लेकिन तभी अचानक से उनकी बैलगाड़ी का पहिया निकल गया और बैल की टांग टूट गई। जिससे दोनों गिर गए और उन्हें खूब चोट लगी लेकिन फिर भी वो चलते रहे। कुछ दूर जाने पर उन्हें डाकुओं ने घेर लिया। जो उनका सारा धन लूटकर ले गए। दोनों जैसे-तैसे घर पहुंचे ही थे कि वहां धनिक पुत्र को सांप ने डंस लिया। उसके पिता ने वैद्य को बुलाया तो वैद्य ने बताया कि ये लड़का 3 दिन में मर जाएगा।<br />
 <br />
जब ब्राह्मण कुमार को इस बात का पता चला तो वो धनिक पुत्र के घर पहुंचा और उसके माता-पिता को शुक्र प्रदोष व्रत करने की सलाह दी और कहा कि इसे इसकी पत्‍नी सहित वापस ससुराल भेज दें। धनिक पुत्र के माता-पिता ने पूरी श्रद्धा से शुक्र प्रदोष व्रत किया और अपने लड़के को उसके ससुराल वापस भेज दिया। ससुराल वापस पहुंचते ही उसकी हालत ठीक होती गई यानी शुक्र प्रदोष के माहात्म्य से सभी घोर कष्ट दूर हो गए। </p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong><br />
 <br />
<strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-shukra-pradosh-vrat-2026-on-23-october-note-kare-pradosh-kaal-shubh-muhurat-chaughadiya-aur-puja-vidhi-2026-10-22-1250338" target="_blank" title="23 अक्टूबर को रखा जाएगा शुक्र प्रदोष व्रत, नोट करें प्रदोष काल का समय, चौघड़िया मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि">23 अक्टूबर को रखा जाएगा शुक्र प्रदोष व्रत, नोट करें प्रदोष काल का समय, चौघड़िया मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-pradosh-vrat-katha-2026-shukrawar-pradosh-vrat-mein-dhanik-putra-bhraman-kumar-rajkumar-ki-katha-jarur-padhe-2026-10-23-1250418     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-pradosh-vrat-katha-2026-shukrawar-pradosh-vrat-mein-dhanik-putra-bhraman-kumar-rajkumar-ki-katha-jarur-padhe-2026-10-23-1250418 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 23 Oct 2026 07:10:12 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कार्तिक मास 2026 में कब-कब पड़ेंगे व्रत-त्योहार? यहां देखें करवा चौथ, दीपावली, कार्तिक पूर्णिमा तक की पूरी लिस्ट     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ कार्तिक मास में कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इस दौरान धनतेरस, दीपावली, छठ पूजा, तुलसी विवाह और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों की विशेष धूम रहती है। यहां देखें कार्तिक महीने में पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहारों की तारीखें और उनका धार्मिक महत्व।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kartik-maas-1792692701.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[कार्तिक महीने में पड़ने वाले व्रत-त्योहार लिस्ट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kartik-maas-1792692701.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kartik-maas-1792692701.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      कार्तिक महीने में पड़ने वाले व्रत-त्योहार लिस्ट
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><a href="https://www.indiatv.in/religion" target="_blank"><strong>सनातन धर्म</strong></a> में कार्तिक मास को भक्ति, पूजा-पाठ, दान और पुण्य कर्मों के लिए विशेष माना जाता है। इस महीने दीपों की रोशनी, तुलसी पूजन, पवित्र नदियों में स्नान और भगवान विष्णु की आराधना का खास महत्व बताया गया है। इस दौरान दीपावली, छठ, देवउठनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं। देश भर में धार्मिक अनुष्ठानों की रौनक देखने को मिलती है। आइए जानते हैं कार्तिक मास में कौन-कौन से व्रत-त्योहार पड़ेंगे और किस दिन कौन-सा पर्व मनाया जाएगा।</p>

<p><strong>कार्तिक मास 2026 के व्रत-त्योहार</strong></p>

<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास भगवान विष्णु को प्रिय है। इस दौरान सुबह स्नान, तुलसी सेवा, दीपदान, व्रत और कथा श्रवण को पुण्यदायी माना जाता है। </p>

<p><strong>कार्तिक महीने के प्रमुख व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट</strong></p>

<div>
<p>तारीख</p>

<p>व्रत-त्योहार</p>

<p>धार्मिक महत्व</p>

<table>
	<tbody>
		<tr>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>27 अक्टूबर 2026 </p>
			</td>
			<td>
			<p> कार्तिक मास का आरंभ</p>
			</td>
			<td>
			<p> पूजा-पाठ, स्नान, दीपदान और दान-पुण्य का विशेष महत्व</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>29 अक्टूबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> करवा चौथ</p>
			</td>
			<td>
			<p> पति की लंबी उम्र के लिए व्रत</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>6 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> धनतेरस</p>
			</td>
			<td>
			<p> भगवान धन्वंतरि की पूजा और खरीदारी की परंपरा</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>8 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> दीपावली</p>
			</td>
			<td>
			<p> मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>10 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> गोवर्धन पूजा और चित्रगुप्त पूजा</p>
			</td>
			<td>
			<p> अन्नकूट और चित्रगुप्त महाराज की आराधना</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>11 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> भाई दूज</p>
			</td>
			<td>
			<p> भाई की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>13 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> छठ महापर्व: नहाय-खाय</p>
			</td>
			<td>
			<p> छठ पूजा के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>14 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> छठ महापर्व: खरना</p>
			</td>
			<td>
			<p> खरना का प्रसाद और पूजा</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>15 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> छठ महापर्व: संध्या अर्घ्य</p>
			</td>
			<td>
			<p> अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>16 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> छठ महापर्व: उषा अर्घ्य</p>
			</td>
			<td>
			<p> उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>18 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> अक्षय नवमी</p>
			</td>
			<td>
			<p> आंवला वृक्ष का पूजन और दान-पुण्य</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>21 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह</p>
			</td>
			<td>
			<p> भगवान विष्णु के योग निद्रा से जागने की मान्यता और तुलसी विवाह</p>
			</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p>24 नवंबर 2026</p>
			</td>
			<td>
			<p> कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती</p>
			</td>
			<td>
			<p> पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य, प्रकाश पर्व</p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p><strong>13 से 16 नवंबर 2026: छठ महापर्व</strong></p>

<p>लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा 13 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 14 नवंबर को व्रती खरना की परंपरा निभाएंगी। इसके अगले दिन यानी 15 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं, 16 नवंबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व का समापन होगा।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ेंः <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-budh-mangal-kendra-drishti-yog-4-rashiyon-ke-career-mein-layega-bade-badlav-promotion-salary-growth-ke-yog-2026-10-22-1250281" title=" 4 राशियों के करियर में लाएगा बदलाव, प्रमोशन और सैलरी बढ़ने के योग">30 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग: 4 राशियों के करियर में लाएगा बदलाव, प्रमोशन और सैलरी बढ़ने के योग</a>            </strong>  </p>
</div>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-kartik-maas-2026-vrat-and-festival-calendar-check-dates-from-karwa-chauth-diwali-chhath-puja-to-kartik-purnima-2026-10-22-1250403     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-kartik-maas-2026-vrat-and-festival-calendar-check-dates-from-karwa-chauth-diwali-chhath-puja-to-kartik-purnima-2026-10-22-1250403 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 23:42:22 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कमजोर पड़ रहा है आत्मविश्वास? मनोबल बढ़ाने के लिए घर में लगाएं ये तस्वीरें, वास्तु से जानें सही विकल्प     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ वास्तु अनुसार, घर में लगी तस्वीरें आसपास के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ तस्वीरें सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं, जबकि कुछ तस्वीरें घर में लगाने से बचना चाहिए। जानिए मनोबल बढ़ाने के लिए कौन-सी तस्वीरें लगाना चाहिए।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/painting-pnt-1792674732.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मनोबल बढ़ाने के लिए कौन-सी तस्वीरें लगाना चाहिए]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/painting-pnt-1792674732.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/painting-pnt-1792674732.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मनोबल बढ़ाने के लिए कौन-सी तस्वीरें लगाना चाहिए
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>कई बार छोटी-छोटी बातें भी व्यक्ति के आत्मविश्वास और मनोबल को कमजोर कर देती हैं। ऐसे में किसी नए काम को शुरू करने का उत्साह भी कम होने लगता है। वास्तु में घर के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने के लिए कुछ खास तस्वीरें लगाने की सलाह दी जाती है। तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने के लिए घर में कौन-सी तस्वीरें लगानी चाहिए। </p>

<p><strong>ऊंचे पहाड़ की तस्वीर</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/vastu-tips-vastu-tips-for-home-peace-and-prosperity-ghar-mein-sukh-samriddhi-ke-liye-7-vastu-niyam-2026-10-14-1248855" target="_blank"><strong>वास्तु शास्त्र</strong></a> के अनुसार, जिन लोगों का आत्मविश्वास कमजोर रहता है या जो अक्सर परेशान रहते हैं, उन्हें अपने घर में ऊंचे पहाड़ की तस्वीर लगानी चाहिए। पहाड़ कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जगह पर अडिग रहते हैं। चाहे आंधी आए या तूफान, वे मजबूती के साथ खड़े रहते हैं। इसी तरह पहाड़ की तस्वीर देखकर व्यक्ति को भी मुश्किलों का सामना करने और अपने लक्ष्य पर टिके रहने की प्रेरणा मिल सकती है। ऐसी तस्वीर मनोबल बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।</p>

<p><strong>उड़ते हुए पक्षी की तस्वीर</strong></p>

<p>घर में उड़ते हुए पक्षी की तस्वीर लगाना भी अच्छा माना जाता है। जिस तरह एक पक्षी पूरे जोश के साथ आसमान में उड़ता हुआ नई मंजिल की तलाश करता है, उसी तरह उसकी तस्वीर व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती है। ऐसी तस्वीर आसपास सकारात्मक माहौल बनाए रखने और आत्मविश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से लगाई जा सकती है। खासकर उन लोगों के लिए यह तस्वीर उपयोगी मानी जाती है, जिनकी नए काम करने में रुचि कम होने लगी है।</p>

<p><strong>समुद्र की लहरों वाली तस्वीर से बचें</strong></p>

<p>वास्तु अनुसार, घर में समुद्र की उठती हुई लहरों की तस्वीर लगाने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस तरह की तस्वीर मानसिक अशांति और रिश्तों में तनाव का कारण बन सकती है। इसलिए घर में तस्वीर चुनते समय उसके दृश्य और उससे मिलने वाले भाव पर ध्यान देना चाहिए।</p>

<p><strong>सकारात्मकता का रखें ध्यान</strong></p>

<p>अगर आप घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहते हैं, तो ऊंचे पहाड़ या उड़ते हुए पक्षी की तस्वीर चुन सकते हैं। वास्तु शास्त्र में इन चित्रों को आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ाने की प्रेरणा से जोड़कर देखा जाता है।</p>

<p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a class="caption" href="https://www.indiatv.in/religion/vastu-tips-main-gate-par-name-plate-lagane-ka-sahi-tarika-kya-hai-janiye-vastu-ke-jaruri-niyam-jo-layenge-positivity-2026-10-19-1233052" title="घर के मेन गेट पर नेम प्लेट लगाने से पहले जान लें ये 5 वास्तु नियम, ये टिप्स ला सकते हैं सकारात्मक ऊर्जा">घर के मेन गेट पर नेम प्लेट लगाने से पहले जान लें ये 5 वास्तु नियम, ये टिप्स ला सकते हैं सकारात्मक ऊर्जा</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/vastu-tips-vastu-tips-for-wall-art-which-pictures-to-place-at-home-to-boost-confidence-mental-strength-and-morale-2026-10-22-1250361     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/vastu-tips-vastu-tips-for-wall-art-which-pictures-to-place-at-home-to-boost-confidence-mental-strength-and-morale-2026-10-22-1250361 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 18:42:49 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     23 अक्टूबर को रखा जाएगा शुक्र प्रदोष व्रत, नोट करें प्रदोष काल का समय, चौघड़िया मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ शुक्र प्रदोष व्रत पर शिव जी और मां पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। इस बार त्रयोदशी तिथि दो दिन रहने के कारण व्रत की तारीख को लेकर असमंजस हो सकता है। जानिए शुक्र प्रदोष व्रत पर पूजा के लिए कौन सा समय रहेगा शुभ और संपूर्ण पूजा विधि।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pradosh-vrat-1792668101.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[शुक्र प्रदोष व्रत 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pradosh-vrat-1792668101.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pradosh-vrat-1792668101.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      शुक्र प्रदोष व्रत 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अक्टूबर का आखिरी प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान है।<a href="https://www.indiatv.in/religion/news-pradosh-vrat-remedies-bhagwan-shiva-puja-upay-for-peace-prosperity-happy-married-life-and-business-growth-2026-10-22-1250325"><strong>मान्यता है कि प्रदोष व्रत पर कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती ह</strong></a><strong>ैं</strong>। आइए जानते हैं शुक्र प्रदोष व्रत की सटीक तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और किस विधि से करें महादेव की आराधना।</p>

<p><strong>कब है शुक्र प्रदोष व्रत?</strong></p>

<p>पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर, शुक्रवार को दोपहर 2 बजकर 36 मिनट पर शुरू होगी और 24 अक्टूबर, शनिवार को दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में पड़ती है, उसी दिन व्रत करना उचित माना जाता है। इसलिए शुक्र प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर को रखा जाएगा।</p>

<p><strong>पूजा का शुभ मुहूर्त</strong></p>

<p>23 अक्टूबर को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 43 मिनट से रात 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। इस तरह पूजा के लिए कुल 2 घंटे 33 मिनट का समय मिलेगा। इस दौरान भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन करना उत्तम माना जाता है।</p>

<p><strong>शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा विधि</strong></p>

<ol>
	<li>प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। </li>
	<li>इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। </li>
	<li>इस पर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित करें। चारों ओर गंगाजल छिड़ककर व्रत का संकल्प लें।</li>
	<li>इसके बाद शिव जी और माता पार्वती को ताजे फूल और माला अर्पित करें। </li>
	<li>धूप-दीप जलाकर भगवान की पूजा करें और पूरे दिन व्रत के नियमों का पालन करें।</li>
	<li>शाम को प्रदोष काल में स्नान करके शिव मंदिर जाएं या घर के मंदिर में पूजा करें।</li>
	<li>भगवान शिव का दूध, दही, शक्कर, शहद और घी से अभिषेक करें। </li>
	<li>महादेव को बेलपत्र अर्पित करें और माता पार्वती को शृंगार सामग्री चढ़ाएं। </li>
	<li>इसके बाद शिव मंत्रों का जाप करें और शुक्र प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें। </li>
	<li>अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करके पूजा संपन्न करें।</li>
</ol>

<p><strong>शुक्र प्रदोष व्रत पर चौघड़िया मुहूर्त</strong></p>

<p>दिन का चौघड़िया</p>

<ul>
	<li>चर - 06:27 ए एम से 07:51 ए एम</li>
	<li>लाभ - 07:51 ए एम से 09:16 ए एम</li>
	<li>अमृत - 09:16 ए एम से 10:41 ए एमवार वेला</li>
	<li>काल - 10:41 ए एम से 12:05 पी एमकाल वेला Rahu Kalam</li>
	<li>शुभ - 12:05 पी एम से 01:30 पी एम</li>
	<li>रोग - 01:30 पी एम से 02:54 पी एम</li>
	<li>उद्वेग - 02:54 पी एम से 04:19 पी एम</li>
	<li>चर - 04:19 पी एम से 05:44 पी एम</li>
</ul>

<p><strong>रात्रि का चौघड़िया</strong></p>

<ul>
	<li>रोग - 05:44 पी एम से 07:19 पी एम</li>
	<li>काल - 07:19 पी एम से 08:55 पी एम</li>
	<li>लाभ - 08:55 पी एम से 10:30 पी एमकाल रात्रि</li>
	<li>उद्वेग - 10:30 पी एम से 12:06 ए एम, अक्टूबर 24</li>
	<li>शुभ - 12:06 ए एम से 01:41 ए एम, अक्टूबर 24</li>
	<li>अमृत - 01:41 ए एम से 03:16 ए एम, अक्टूबर 24</li>
	<li>चर - 03:16 ए एम से 04:52 ए एम, अक्टूबर 24</li>
	<li>रोग - 04:52 ए एम से 06:27 ए एम, अक्टूबर 24</li>
</ul>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-23-october-2026-ka-panchang-shukrawar-pradosh-vrat-puja-muhurat-rahukal-aur-sunrise-sunset-time-2026-10-22-1249962" title=" शुक्रवार के दिन रखा जाएगा प्रदोष व्रत, नोट करें पूजा मुहूर्त और राहुकाल टाइम">23 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार के दिन रखा जाएगा प्रदोष व्रत, नोट करें पूजा मुहूर्त और राहुकाल टाइम</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/festivals-shukra-pradosh-vrat-2026-on-23-october-note-kare-pradosh-kaal-shubh-muhurat-chaughadiya-aur-puja-vidhi-2026-10-22-1250338     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/festivals-shukra-pradosh-vrat-2026-on-23-october-note-kare-pradosh-kaal-shubh-muhurat-chaughadiya-aur-puja-vidhi-2026-10-22-1250338 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:53:11 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     प्रदोष व्रत पर शिव जी को अर्पित करें ये चीजें, दांपत्य जीवन से लेकर कारोबार में लाभ के लिए जानें खास उपाय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ प्रदोष व्रत के दिन कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं। ये उपाय दांपत्य जीवन, कारोबार, पारिवारिक रिश्तों और आर्थिक स्थिति से जुड़ी परेशानियों में राहत दिलाने में कारगर माने जाते हैं। जानिए प्रदोष व्रत पर किन उपायों से शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pradosh-vrat-upay-1792665017.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[Pradosh Vrat ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pradosh-vrat-upay-1792665017.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pradosh-vrat-upay-1792665017.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      Pradosh Vrat 
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><a href="https://www.indiatv.in/religion"><strong>सनातन धर्म</strong></a> में भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष व्रत विशेष माना जाता है। 23 अक्टूबर को आश्विन माह का दूसरा प्रदोष व्रत पड़ रहा है। इस दिन शिव जी के निमित्त कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की परेशानियों को दूर करने, मानसिक शांति पाने, परिवार में सुख-शांति बनाए रखने और कार्यों में सफलता प्राप्त करने की कामना की जाती है। आचार्य इंदु प्रकाश बता रहे हैं जीवन की विभिन्न परेशानियों से राहत पाने के लिए ऐसे ही कुछ खास उपायों के बारे में।</p>
<p><strong>प्रदोष व्रत के दिन किए जाने वाले कुछ विषेश उपाय</strong></p>
<ul><li>दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियां दूर करने के लिए शिव मंदिर जाकर शिव जी और मां पार्वती पर एक साथ मौली (कलावे) को 7 बार लपेट दें। ध्यान रहे कि सात बार धागा लपेटते हुए उसे बीच में तोड़ना नहीं है। जब धागा लपेट दें, तभी उसे हाथ से तोड़ें। एक बात और धागा तोड़ने के बाद उसमें गांठ न लगाएं, ऐसे ही लपेटकर छोड़ दें। </li>
<li>किसी विशेष कार्य में सफलता पाने के लिए दूध में थोड़ा सा केसर मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। दूध चढ़ाते समय मन ही मन ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। </li>
<li>किसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान हैं, तो शाम के समय शिव मंदिर जाएं या घर पर ही शंकर जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन बिछाकर बैठ जाएं। फिर गहरी सांस लेते हुए 'ऊं' शब्द का सस्वर पांच बार उच्चारण करें। इसे इस प्रकार बोलना है कि 'ओ' की ध्वनि को लंबा खींचना है और 'म' अपने आप ही सांस छोड़ते हुए मुंह से निकल जाएगा। </li>
<li>परिवार की सुख-शांति के लिए शाम के समय शिव मंदिर में एक घी का और एक तेल का दीपक जलाएं। घी का दीपक देवताओं को प्रसन्न करने के लिए होता है, जबकि तेल का दीपक अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिए होता है। साथ ही घी के दीपक में रूई की खड़ी सफेद बत्ती लगाएं और तेल के दीपक में पड़ी हुई यानी लेटी हुई लाल बत्ती लगाएं। </li>
<li>अच्छी सेहत को बरकरार रखने के लिए शिव मंदिर में जाकर भगवान को सूखा नारियल अर्पित करें। साथ ही अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए शिव जी से प्रार्थना करें। अगर आप नारियल अर्पित करने के लिए प्रदोष काल यानी शाम के समय शिव मंदिर जाएं, तो यह और भी श्रेष्ठ होगा। </li>
<li>अपने बिजनेस की दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की के लिए शाम के समय रंगोली वाले पांच अलग-अलग रंग लेकर शिव मंदिर जाएं और उन रंगों से गोल फूल की आकृति वाली रंगोली बनाएं। रंगोली के बीचों बीच घी का दीपक जलाएं और हाथ जोड़कर शिव जी का ध्यान करें। </li>
<li>अपने बच्चों के साथ रिश्ते बेहतर करने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा शहद लें और उसमें से उंगली की मदद से शहद निकालकर शिव जी को भोग लगाएं। इसके बाद कटोरी में बचे हुए शहद को अपने हाथों से अपने बच्चों को खिला दें। </li>
<li>अगर आप किसी मुकदमे में फंसे हैं और उसके चलते आपकी परेशानियां घटने के बजाय बढ़ती जा रही हैं, तो धतूरे के पत्तों को पहले साफ पानी से धो लें। फिर उन्हें दूध से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें। </li>
<li>अगर आप अपने शत्रुओं से परेशान हैं और उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं, तो शमी पत्र को साफ पानी से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय मंत्र का 11 बार जाप करें। </li>
</ul><p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kismat-ke-dhani-hote-hai-is-mulank-ke-log-pate-hai-apar-safalta-2026-10-22-1250289" title=" किस्मत के धनी होते हैं इस मूलांक के जातक, अपने दम पर छूते हैं आसमान और पाते हैं अपार सफलता">Numerology: किस्मत के धनी होते हैं इस मूलांक के जातक, अपने दम पर छूते हैं आसमान और पाते हैं अपार सफलता</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-pradosh-vrat-remedies-bhagwan-shiva-puja-upay-for-peace-prosperity-happy-married-life-and-business-growth-2026-10-22-1250325     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-pradosh-vrat-remedies-bhagwan-shiva-puja-upay-for-peace-prosperity-happy-married-life-and-business-growth-2026-10-22-1250325 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:01:54 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     करवा चौथ 2026: 29 या 30 अक्टूबर? तिथि को लेकर न हों कंफ्यूज, जानें इस व्रत की सही डेट और 5 जरूरी नियम     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ करवा चौथ सुहागिन महिलाओं का एक प्रमुख त्योहार है जो प्रत्येक वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इसे करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। जानिए इस साल करवा चौथ का व्रत कब रखा जाएगा और इसके जरूरी नियम क्या हैं।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/karva-chauth-2026-1792656811.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[करवा चौथ 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/karva-chauth-2026-1792656811.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/karva-chauth-2026-1792656811.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      करवा चौथ 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>पंचांग अनुसार करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की वक्रतुण्ड संकष्टी के दिन पड़ता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक रखा जाता है और शाम में शुभ मुहूर्त में विधि विधान पूजा करके इसकी पावन कथा सुनी जाती है। इस व्रत में करवा माता और शिव परिवार की पूजा का विधान है। साथ ही रात में चंद्र देव की पूजा की जाती है। कहते हैं अगर एक बार ये व्रत शुरू कर दिया जाए तो फिर हर साल इसे विधि विधान से करना चाहिए। करवा चौथ के 4 दिन बाद <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-ahoi-ashtami-vrat-2026-date-time-and-mahatva-2026-10-16-1249201" target="_blank" title="अहोई अष्टमी का व्रत कब रखा जाएगा, नोट कर लें सही तारीख और शुभ मुहूर्त">अहोई अष्टमी</a></strong> व्रत रखा जाता है। चलिए जानते हैं इस साल करवा चौथ का व्रत कब है और इस व्रत के जरूरी नियम क्या हैं।</p>

<h3><strong>करवा चौथ 2026: 29 या 30 अक्टूबर? जानें सही तिथि</strong></h3>

<ul>
	<li>करवा चौथ - 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार</li>
	<li>करवा चौथ पूजा मुहूर्त - 05:38 PM से 06:56 PM</li>
	<li>करवा चौथ व्रत समय - 06:31 AM से 08:17 PM</li>
	<li>करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय - 08:17 PM</li>
	<li>चतुर्थी तिथि प्रारम्भ - 29 अक्टूबर 2026 को 01:06 AM बजे</li>
	<li>चतुर्थी तिथि समाप्त - 29 अक्टूबर 2026 को 10:09 PM बजे</li>
</ul>

<h3><strong>करवा चौथ व्रत के 5 जरूरी नियम </strong></h3>

<ol>
	<li><strong>सरगी का सेवन - </strong>करवा चौथ व्रत की शुरुआत सुबह सरगी के साथ होती है। ये इस व्रत का एक बेहद जरूरी नियम है। करवा चौथ की सरगी ज्यादातर सास द्वारा बहू को दी जाती है। सूर्योदय से पहले लगभग 4 से 5 बजे के बीच सरगी का सेवन किया जाता है। सरगी में मुख्य रूप से फल, मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, सेवई, फेनी और नारियल पानी इत्यादि चीजें शामिल होती हैं। </li>
	<li><strong>निर्जला व्रत - </strong>यह व्रत पूर्णतः निर्जला रखा जाता है। सूर्योदय के बाद से लेकर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने तक पानी की एक भी बूंद ग्रहण नहीं की जाती है। लेकिन जिन महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें हैं वो इस तरह का कठोर व्रत रखने से बचें या फिर इस व्रत को बिना पानी पिए न रखें।</li>
	<li><strong>16 श्रृंगार - </strong>करवा चौथ के दिन महिलाओं को 16 श्रृंगार जरूर करना चाहिए। इस दिन लाल, गुलाबी, मैरून या पीले रंग के वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है।</li>
	<li><strong>करवा माता की कथा - </strong>करवा चौथ की कथा जरूर सुननी चाहिए कहते हैं इसके बिना व्रत पूरा नहीं माना जाता। साथ ही कथा सुनते समय हाथ में गेहूं या चावल के दाने और करवा रखें। </li>
	<li><strong>छलनी से चंद्र दर्शन और पति के हाथों जल ग्रहण - </strong>करवा चौथ के दिन चांद निकलने पर छलनी में दीपक रखकर पहले चंद्रमा के दर्शन करने चाहिए फिर उन्हें अर्घ्य अर्पित करें। इसके बाद उसी छलनी से अपने पति को देखें। अंत में पति के हाथों जल पीकर और मिठाई खाकर अपना उपवास खोलें।</li>
</ol>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-surya-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ka-dhan-labh-and-increment-ke-yog-2026-10-22-1250237" target="_blank" title=" इन 4 राशियों को बंपर धन लाभ और इंक्रीमेंट के प्रबल योग">24 अक्टूबर को सूर्य का स्वाती नक्षत्र में गोचर: इन 4 राशियों को बंपर धन लाभ और इंक्रीमेंट के प्रबल योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-karva-chauth-2026-date-october-karwa-chauth-vrat-ke-5-jaruri-niyam-kya-hain-2026-10-22-1250299     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-karva-chauth-2026-date-october-karwa-chauth-vrat-ke-5-jaruri-niyam-kya-hain-2026-10-22-1250299 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 13:58:26 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Numerology: किस्मत के धनी होते हैं इस मूलांक के जातक, अपने दम पर छूते हैं आसमान और पाते हैं अपार सफलता     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अंकज्योतिष में मूलांक 7 के लोगों को बेहद भाग्यवान माना जाता है। कहते हैं इनके सभी बिगड़े काम आसानी से सही हो जाते हैं। ये लोग दिल के साफ और दूसरों की मदद करने वाले होते हैं।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mulank-14-1792654422.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[भाग्यशाली मूलांक कौन सा है?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mulank-14-1792654422.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mulank-14-1792654422.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      भाग्यशाली मूलांक कौन सा है?
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-number-7-personality-three-divine-powers-of-root-number-7-that-can-leave-anyone-amazed-2026-07-22-1232704" target="_blank" title="जो कहते हैं वही हो जाता है सच! जानिए मूलांक 7 वालों की वो 3 दिव्य शक्तियां जो किसी को भी कर दें हैरान">मूलांक 7 </a></strong>का संबंध केतु से माना जाता है। कहते हैं इस मूलांक के लोग बहुत धार्मिक, मेहनती और दिलदार स्वभाव के होते हैं। ये जो ठान लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। ये मेहनत करने से जरा भी नहीं घबराते और अपनी इसी खूबी के दम पर सुनहरी सफलता पाते हैं। बता दें जिन लोगों की जन्म तारीख 7, 16 या 25 होती है उनका मूलांक 7 माना जाता है। अंकज्योतिष में इस मूलांक के लोगों को बेहद भाग्यवान माना जाता है। चलिए जानते हैं इनके बारे में कुछ खास बातें।</p>

<h3><strong>मूलांक 7 वालों की विशेषताएं</strong></h3>

<ul>
	<li>जिनका मूलांक 7 होता है वे लोग बेहद भाग्यशाली माने जाते हैं।</li>
	<li>ये अपने हर काम को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।</li>
	<li>इनके अंदर भरपूर आत्मविश्वास होता है।</li>
	<li>ये अत्याधिक बुद्धिमान और समझदार होते हैं।</li>
	<li>ये लोग अपनी बुद्धिमानी के दम पर बहुत शोहरत और धन दौलत कमाते हैं।</li>
	<li>इन्हें समाज में खूब प्रतिष्ठा और सम्मान मिलता है।</li>
	<li>ये दिलदार स्वभाव के होते हैं। दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।</li>
	<li>इनकी स्मरण शक्ति काफी अच्छी होती है जिस वजह से ये पढ़ने-लिखने में काफी अच्छे होते हैं।</li>
	<li>दूसरों के मुकाबले इनके अंदर धैर्य बहुत होता है। </li>
	<li>ये बहुत आध्यात्मिक स्वभाव के होते हैं।</li>
	<li>ये दूसरों का मन तुरंत ही पढ़ लेते हैं। </li>
	<li>भविष्य में होने वाली घटनाओं को पहले ही भांप लेते हैं।</li>
	<li>ये अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं।</li>
	<li>इस मूलांक वाले लोग अक्सर डॉक्टर, लेखक, ज्योतिषी, जज या अधिकारी बनते हैं।</li>
	<li>इनकी कल्पना शक्ति कमाल की होती है इसी कारण ये एक सफल लेखक बन सकते हैं।</li>
	<li>इसके अलावा इस मूलांक वाले लोग अच्छे कवि भी होते हैं।</li>
	<li>समाज सेवा में इनकी खास रुचि रहती है।</li>
	<li>किसी का दुख इनसे देखा नहीं जाता है और ये तुरंत मदद करने लगते हैं।</li>
	<li>ये काफी भरोसेमंद भी होते हैं। कभी किसी को धोखा नहीं देते।</li>
	<li>इनके लिए इनका परिवार हर चीज से बढ़कर होता है।</li>
	<li>अपनों की खुशी के लिए ये अपनी खुशियों तक का त्याग करने से पीछे नहीं हटते।</li>
	<li>इनकी आर्थिक स्थिति अमूमन अच्छी होती है क्योंकि ये फालतू की चीजों पर पैसा खर्च नहीं करते।</li>
</ul>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kaun-se-mulank-wale-hote-hai-sabse-controlling-har-kam-apne-hisab-se-karna-karte-hai-pasand-2026-10-21-1250089" target="_blank" title=" कौन से मूलांक वाले लोग होते हैं सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग? हर काम अपने हिसाब से करना करते हैं पसंद">अंकशास्त्र: कौन से मूलांक वाले लोग होते हैं सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग? हर काम अपने हिसाब से करना करते हैं पसंद</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kismat-ke-dhani-hote-hai-is-mulank-ke-log-pate-hai-apar-safalta-2026-10-22-1250289     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kismat-ke-dhani-hote-hai-is-mulank-ke-log-pate-hai-apar-safalta-2026-10-22-1250289 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 13:16:33 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     30 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग: 4 राशियों के करियर में लाएगा बदलाव, प्रमोशन और सैलरी बढ़ने के योग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ 30 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल के बीच केंद्र दृष्टि योग बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र अनुसार इस योग के बनने से 4 राशियों के करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। चलिए जानते हैं ये कौन सी राशियां हैं।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/budh-mangal-2-1792651850.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[30 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/budh-mangal-2-1792651850.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/budh-mangal-2-1792651850.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      30 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>ग्रहों के राजकुमार बुध और सेनापति मंगल 30 अक्टूबर को एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर स्थित रहेंगे, जिससे दोनों के बीच केंद्र दृष्टि योग बनेगा। इस योग के बनने से 4 राशियों को बंपर लाभ मिलने की उम्मीद रहेगी। इन राशियों के अटके काम पूरे होंगे और अचानक से धन लाभ के योग बनेंगे। बता दें इस योग के बनने के अगले दिन गुरु अपनी राशि बदलेंगे। <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-guru-gochar-2026-in-singh-rashi-4-rashiyon-ko-career-mein-badi-safalta-ke-yog-sukh-suvidhaon-mein-hui-vriddhi-2026-10-21-1250078" target="_blank" title=" इन 4 राशियों के करियर में बड़ी सफलता के योग, सुख-सुविधाओं में होगी वृद्धि">31 अक्टूबर को गुरु सिंह राशि में प्रवेश कर जायेंगे</a></strong>। चलिए अब जानते हैं केंद्र दृष्टि योग से किन राशियों को फायदा होगा।</p>

<h3><strong>मेष राशि (Aries) - </strong>आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा</h3>

<p>मेष राशि वालों के लिए यह योग अत्यंत शुभ साबित होगा। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी। लंबे समय से अटका हुआ इंक्रीमेंट मिलने के संकेत हैं। मनचाही नौकरी मिल सकती है। बिजनेस में कोई अच्छी डील मिलने की संभावना है। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है।</p>

<h3><strong>मिथुन राशि (Gemini) - </strong>सैलरी बढ़ने के मजबूत योग बन रहे हैं</h3>

<p>मिथुन राशि वालों के लिए केंद्र दृष्टि योग शुभ साबित होगा। मीडिया, मार्केटिंग, आईटी और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को जबरदस्त सफलता हासिल होगी। सैलरी बढ़ने के मजबूत योग बन रहे हैं। नए प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। मकान या वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है।</p>

<h3><strong>कन्या राशि (Virgo) - </strong>आपकी आय के नए स्रोत बनेंगे</h3>

<p>कन्या राशि वालों के लिए केंद्र दृष्टि योग बेहद शुभ दिखाई दे रहा है। यदि आप लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे तो आपको जल्द ही इस संबंध में खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आपकी आय के नए स्रोत बनेंगे और सैलरी बढ़ने की उम्मीद रहेगी। अचानक से धन लाभ के योग बनेंगे।</p>

<h3><strong>वृश्चिक राशि (Scorpio) - </strong>कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है</h3>

<p>वृश्चिक राशि वालों के लिए यह शुभ योग वरदान साबित होगा। कार्यस्थल पर आपके काम की जमकर तारीफ होगी। नौकरी में मनचाहा पद मिलने की पूरी संभावना है। कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है। यात्रा से अच्छा लाभ प्राप्त करने में सफल रहेंगे। बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल होने की शुभ संकेत हैं।</p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-surya-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ka-dhan-labh-and-increment-ke-yog-2026-10-22-1250237" target="_blank" title=" इन 4 राशियों को बंपर धन लाभ और इंक्रीमेंट के प्रबल योग">24 अक्टूबर को सूर्य का स्वाती नक्षत्र में गोचर: इन 4 राशियों को बंपर धन लाभ और इंक्रीमेंट के प्रबल योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-budh-mangal-kendra-drishti-yog-4-rashiyon-ke-career-mein-layega-bade-badlav-promotion-salary-growth-ke-yog-2026-10-22-1250281     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-budh-mangal-kendra-drishti-yog-4-rashiyon-ke-career-mein-layega-bade-badlav-promotion-salary-growth-ke-yog-2026-10-22-1250281 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:34:50 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     24 अक्टूबर को सूर्य का स्वाती नक्षत्र में गोचर: इन 4 राशियों को बंपर धन लाभ और इंक्रीमेंट के प्रबल योग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ ग्रहों के राजा सूर्य देव 24 अक्टूबर 2026 को स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष अनुसार राहु के नक्षत्र में सूर्य का गोचर 4 राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है। इन राशियों को धन लाभ के जबरदस्त योग बन रहे हैं। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/surya-nakshatra-gochar-5-1792637630.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सूर्य का नक्षत्र गोचर 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/surya-nakshatra-gochar-5-1792637630.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/surya-nakshatra-gochar-5-1792637630.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सूर्य का नक्षत्र गोचर 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>24 अक्टूबर 2026 को सूर्य देव राहु के नक्षत्र 'स्वाति' में प्रवेश करेंगे और 6 नवंबर तक यहां स्थित रहेंगे। इसके बाद विशाखा नक्षत्र में प्रवेश कर जायेंगे। इस नक्षत्र में सूर्य के गोचर से 4 राशियों को व्यापार और नौकरी में जबरदस्त सफलता प्राप्त होने के योग बनेंगे। साथ ही इन राशि वालों को धन लाभ के साथ-साथ नौकरी में इंक्रीमेंट और प्रमोशन भी मिल सकता है। बता दें <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ko-dhan-lab-and-promotion-ke-yog-2026-10-21-1250008" target="_blank" title="24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग">24 अक्टूबर को ही शुक्र भी अपना नक्षत्र बदल रहे हैं</a></strong>। चलिए अब जानते हैं सूर्य का नक्षत्र गोचर किन राशियों के लिए शुभ साबित होगा। </p>
<h3><strong>मिथुन राशि (Gemini)</strong></h3>
<p>मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य का नक्षत्र गोचर बेहद लाभकारी साबित होगा। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और अचानक से धन लाभ के योग बनेंगे। निवेश से भी बंपर लाभ मिलने की उम्मीद है। नौकरीपेशा लोगों को रुका हुआ इंक्रीमेंट या प्रमोशन की खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके काम की बड़ी सराहना मिलेगी। बिजनेस में नए व्यावसायिक सौदे फाइनल हो सकते हैं।</p>
<h3><strong>सिंह राशि (Leo)</strong></h3>
<p>सिंह राशि वालों के लिए सूर्य का नक्षत्र गोचर बेहद लाभकारी साबित होगा। आपके पराक्रम में वृद्धि होगी और आय के नए साधन बनेंगे। कहीं से फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। यदि आप जॉब बदलने की सोच रहे हैं तो समय अनुकूल है। नौकरी में उच्च अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।</p>
<h3><strong>धनु राशि (Sagittarius)</strong></h3>
<p>धनु राशि वालों के लिए सूर्य का नक्षत्र गोचर धन लाभ के रास्ते खोलेगा। व्यापारियों को भारी मुनाफा हो सकता है। अगर आप प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहते हैं, तो समय अनुकूल है। नौकरी कर रहे जातकों को सैलरी हाइक की खुशखबरी मिल सकती है। इस अवधि में कुछ ऐसे प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी, जो आपके करियर को नई दिशा देने का काम करेंगे।</p>
<h3><strong>कुंभ राशि (Aquarius)</strong></h3>
<p>कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन किस्मत चमकाने का काम करेगा। आपके अटके हुए सभी काम बनने लगेंगे। मेहनत का पूरा फल मिलेगा। बॉस आपके काम से बेहद प्रसन्न रहेंगे, जिससे आपकी पदोन्नति की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। आप अपने खर्चों और बचत के बीच सही संतुलन बनाने में कामयाब रहेंगे। निवेश से अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।</p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-guru-gochar-2026-in-singh-rashi-4-rashiyon-ko-career-mein-badi-safalta-ke-yog-sukh-suvidhaon-mein-hui-vriddhi-2026-10-21-1250078" target="_blank" title=" इन 4 राशियों के करियर में बड़ी सफलता के योग, सुख-सुविधाओं में होगी वृद्धि">31 अक्टूबर को गुरु का सिंह राशि में गोचर: इन 4 राशियों के करियर में बड़ी सफलता के योग, सुख-सुविधाओं में होगी वृद्धि</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-surya-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ka-dhan-labh-and-increment-ke-yog-2026-10-22-1250237     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-surya-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ka-dhan-labh-and-increment-ke-yog-2026-10-22-1250237 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:58:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     पापांकुशा एकादशी कथा: व्रत को पूर्ण बनाती है यह कथा, जरूर करें इसका पाठ     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आज पापांकुशा एकादशी है। मान्यता है इस एकादशी का व्रत रखने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं यह एकादशी व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब इस व्रत की कथा जरूर पढ़ी जाए।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/papankusha-ekadashi-vrat-katha-1792632282.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[पापांकुशा एकादशी कथा]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/papankusha-ekadashi-vrat-katha-1792632282.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/papankusha-ekadashi-vrat-katha-1792632282.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      पापांकुशा एकादशी कथा
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Papankusha Ekadashi Vrat Katha: </strong>आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी को <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-papankusha-ekadashi-2026-note-kare-complete-puja-samagri-list-vrat-ke-jaruri-niyam-and-rituals-2026-10-21-1250197" target="_blank" title=" विष्णु जी की आराधना से पहले जुटा लें ये जरूरी सामग्री, जानें एकादशी व्रत के नियम">पापांकुशा एकादशी</a></strong> के नाम से जाना जाता है। इस बार ये एकादशी 22 अक्टूबर को मनाई जा रही है। मान्यता है इस एकादशी का व्रत रखने से मनुष्य को अनेकों अश्वमेघ और सूर्य यज्ञ करने के समान फल की प्राप्ति होती है। कहते हैं भगवान कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को इसका महत्व बताते हुए कहा था कि ये एकादशी व्रत सभी पापों का निरोध करता है। साथ ही व्रत रखने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। चलिए जानते हैं इस एकादशी की पावन कथा के बारे में यहां।</p>
<h3><strong>पापांकुशा एकादशी व्रत कथा</strong></h3>
<p>पापांकुशा एकादशी की कथा अनुसार, प्राचीन समय में विंध्य पर्वत पर क्रोधन नामक एक बहेलिया रहा करता था जो कि बड़ा क्रूर था। उसका सारा जीवन हिंसा, लूटपाट, मदिरापान और गलत कर्मों में बीता। लेकिन जब उसका अंतिम समय आया तब यमराज के दूत ने बहेलिये से कहा कि कल तुम्हारे जीवन का अंतिम दिन है। अत: हम तुम्हें कल लेने आएंगे। यह बात सुनकर बहेलिया डर गया और तुरंत महर्षि अंगिरा के आश्रम में पहुंचा और उनके चरणों पर गिरकर प्रार्थना करने लगा कि हे ऋषिवर! मैंने जीवन भर पाप कर्म किए हैं। कृपा कर मुझे कोई ऐसा उपाय बताएं, जिससे मेरे सभी पापों का नाश हो जाए और मुझे मोक्ष की प्राप्ति हो सके।</p>
<p>बहेलिया के काफी निवेदन करने पर महर्षि अंगिरा ने उसे आश्विन शुक्ल की पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी। महर्षि अंगिरा के कहे अनुसार उस बहेलिए ने पूरी विधि विधान से यह व्रत किया।जिससे उसने अपने सारे पापों से छुटकारा पा लिया और अंत में उसे विष्णु लोक की प्राप्ति हुई। </p>
<h3><strong>पापांकुशा एकादशी शुभ मुहूर्त 2026</strong></h3>
<ul><li>ब्रह्म मुहूर्त - 04:45 AM से 05:35 AM</li>
<li>प्रातः सन्ध्या - 05:10 AM से 06:26 AM</li>
<li>अभिजित मुहूर्त - 11:43 AM से 12:28 PM</li>
<li>विजय मुहूर्त - 01:58 PM से 02:44 PM</li>
<li>गोधूलि मुहूर्त - 05:45 PM से 06:10 PM</li>
<li>सायाह्न सन्ध्या - 05:45 PM से 07:01 PM</li>
<li>अमृत काल - 01:18 PM से 02:58 PM</li>
<li>निशिता मुहूर्त - 11:40 पी एम से 12:31 AM, अक्टूबर 23</li>
</ul><h3><strong>पापांकुशा एकादशी व्रत के फायदे</strong></h3>
<ul><li>कहते हैं इस व्रत को रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।</li>
<li>इस पूजन से मनुष्य को स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है।</li>
<li>कहते हैं पापांकुशा एकादशी के दिन प्रभु का स्मरण करने से सभी क्लेशों और पापों का शमन हो जाता है।</li>
</ul><p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-budh-vakri-2026-rashifal-4-rashi-wale-24-october-se-13-november-tak-rahe-savdhan-2026-10-21-1250060" target="_blank" title=" इन 4 राशियों के करियर में आ सकती है चुनौती, 13 नवंबर तक कामकाज में बरतें विशेष सावधानी">24 अक्टूबर से बुध वक्री: इन 4 राशियों के करियर में आ सकती है चुनौती, 13 नवंबर तक कामकाज में बरतें विशेष सावधानी</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-papankusha-ekadashi-vrat-katha-in-hindi-aaj-ki-ekadashi-ki-katha-and-kahani-2026-10-22-1250224     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-papankusha-ekadashi-vrat-katha-in-hindi-aaj-ki-ekadashi-ki-katha-and-kahani-2026-10-22-1250224 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 07:24:30 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     पापांकुशा एकादशी पूजा सामग्री: विष्णु जी की आराधना से पहले जुटा लें ये जरूरी सामग्री, जानें एकादशी व्रत के नियम     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। यहां जानें पूजा के लिए किन चीजों की जरूरत होती है, व्रत के जरूरी नियम और पूजा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-9-1792604391.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[पापांकुशा एकादशी पूजा सामग्री]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-9-1792604391.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-9-1792604391.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      पापांकुशा एकादशी पूजा सामग्री
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><a href="https://www.indiatv.in/religion" target="_blank"><strong>सनातन धर्म</strong></a> में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और आराधना के लिए समर्पित है। विधि-विधान और सच्चे मन से यह व्रत करने से पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति की मान्यता है। अगर आप भी कल पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने वाले हैं, तो पूजा से पहले जरूरी सामग्री की पूरी लिस्ट तैयार कर लें।</p>
<p><strong>एकादशी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-ekadashi-aaj-hai-ya-kal-october-papankusha-ekadashi-2026-date-and-time-2026-10-21-1250025" target="_blank"><strong>पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026 को रखा जा रहा है</strong></a>। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए कुछ खास सामग्रियों की जरूरत होती है। पूजा से पहले इन सभी चीजों को एक जगह रख लें, ताकि पूजा के दौरान किसी सामान की कमी न हो।</p>
<ul><li>भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर</li>
<li>पीला या लाल कपड़ा</li>
<li>पीले फूल और फूलों की माला</li>
<li>तुलसी दल</li>
<li>फल और मिठाई</li>
<li>पंचामृत</li>
<li>रोली और चंदन</li>
<li>अक्षत यानी साबुत चावल</li>
<li>कलावा</li>
<li>घी का दीपक</li>
<li>धूपबत्ती और कपूर</li>
<li>आरती की थाली</li>
<li>शुद्ध जल और पूजा के पात्र</li>
<li>भगवान विष्णु को अर्पित करने के लिए नैवेद्य</li>
</ul><p><strong>सुबह स्नान से करें शुरुआत</strong></p>
<p>एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करें। व्रत के दौरान शारीरिक स्वच्छता के साथ मन की शुद्धता का भी ध्यान रखना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करके व्रत का संकल्प लें।</p>
<p><strong>खानपान का रखें ध्यान</strong></p>
<p>एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु चावल और अनाज का सेवन करने से परहेज करते हैं। इस दिन प्याज, लहसुन, मांस और मछली जैसी तामसिक चीजों से भी दूर रहने की परंपरा है। व्रती अपनी परंपरा के अनुसार फलाहार या निर्जल व्रत कर सकते हैं।</p>
<p><strong>तुलसी और आचरण के नियम</strong></p>
<p>विष्णु जी की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व है। पहले से उपलब्ध तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल करें, क्योंकि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। इस दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करने से भी परहेज किया जाता है।</p>
<p><strong>मन को रखें शांत</strong></p>
<p>एकादशी के दिन क्रोध, कटु वचन और विवाद से बचें। भगवान विष्णु का स्मरण करें और जरूरतमंद लोगों की मदद करने का प्रयास करें। </p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-kojagari-puja-2026-date-sharad-purnima-kab-hai-jane-lakshmi-puja-shubh-muhurat-aur-puja-vidhi-2026-10-21-1250181" title="कोजागरी पूजा 25 या 26 अक्टूबर को? नोट कर लें सही तारीख, निशिता मुहूर्त और मां लक्ष्मी की पूजा विधि">कोजागरी पूजा 25 या 26 अक्टूबर को? नोट कर लें सही तारीख, निशिता मुहूर्त और मां लक्ष्मी की पूजा विधि</a> </strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/festivals-papankusha-ekadashi-2026-note-kare-complete-puja-samagri-list-vrat-ke-jaruri-niyam-and-rituals-2026-10-21-1250197     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/festivals-papankusha-ekadashi-2026-note-kare-complete-puja-samagri-list-vrat-ke-jaruri-niyam-and-rituals-2026-10-21-1250197 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 23:12:59 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कोजागरी पूजा 25 या 26 अक्टूबर को? नोट कर लें सही तारीख, निशिता मुहूर्त और मां लक्ष्मी की पूजा विधि     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। इस साल कोजागरी पूजा की तारीख को लेकर उलझन है। यहां जानें कोजागरी पूजा की सही तारीख, निशिता काल का समय और धार्मिक महत्व। इसके साथ ही मां लक्ष्मी की आराधना की आसान विधि भी जानिए।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-8-1792599682.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[कोजागरी पूजा 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-8-1792599682.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-8-1792599682.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      कोजागरी पूजा 2026
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन कोजागरी पूजा की जाती है, जिसमें भक्त रातभर जागकर माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि साल 2026 में कोजागरी पूजा कब मनाई जाएगी 25 और 26 अक्टूबर को? पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और विधि भी जानिए।</p>

<p><strong>2026 में कब है कोजागरी पूजा?</strong></p>

<p>इस साल कोजागरी पूजा 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इसे कोजागरी पूर्णिमा को बंगाली लक्ष्मी पूजा के नाम से भी जाना जाता है। रात में जागकर मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा के कारण इसे कोजागरी व्रत कहा जाता है। बंगाल में यह पर्व विशेष रूप से लोकप्रिय है। <a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-sharad-purnima-par-in-cheezon-ka-daan-mana-jata-hai-shubh-maa-lakshmi-ki-kripa-ke-liye-karein-ye-kaam-2026-10-21-1250121" target="_blank"><strong>इस दिन कुछ चीजों का दान बेहद शुभ माना जाता है</strong></a>।</p>

<p><strong>पूजा का शुभ मुहूर्त</strong></p>

<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, कोजागरी पूजा के लिए पूर्णिमा तिथि और रात के शुभ समय का विशेष महत्व है। इस साल पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगी। पूजा का निशिता काल 25 अक्टूबर की रात 11 बजकर 40 मिनट से 26 अक्टूबर की देर रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।</p>

<p><strong>कोजागरी का धार्मिक महत्व</strong></p>

<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और देखती हैं कि कौन जागकर उनकी आराधना कर रहा है। 'को जागर्ति' का अर्थ है 'कौन जाग रहा है'। इसी शब्द से कोजागरी नाम की व्याख्या की जाती है। मान्यता है कि इस रात श्रद्धा पूर्वक पूजा और जागरण करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। </p>

<p><strong>कोजागरी पर ऐसे करें मां लक्ष्मी की पूजा</strong></p>

<p>कोजागरी पूजा के दिन सबसे पहले घर और पूजा स्थल की सफाई करें। मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और रंगोली बनाएं। रात में मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर पूजा करें। इसके बाद अष्टलक्ष्मी का पूजन करें और श्रीसूक्त या लक्ष्मी चालीसा का पाठ कर सकते हैं। देवी को खीर, फल, मिठाई और सात्विक पकवान अर्पित करें।</p>

<p><strong>खीर का भोग</strong></p>

<p>शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की चांदनी और खीर का विशेष महत्व माना जाता है। कई परिवारों में खीर को स्वच्छ पात्र में रखकर रातभर चांदनी में रखने की परंपरा है। अगले दिन इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। श्रद्धालु रात में भजन-कीर्तन, मंत्र जाप और जागरण करके मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं।</p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shukraditya-yog-2026-mesh-tula-aur-dhanu-rashi-ki-chamkegi-kismat-6-november-tak-dhan-labh-ke-yog-2026-10-21-1250111" title="शुक्रादित्य योग से 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 6 नवंबर तक करियर में तरक्की और धन लाभ के योग">शुक्रादित्य योग से 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 6 नवंबर तक करियर में तरक्की और धन लाभ के योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/festivals-kojagari-puja-2026-date-sharad-purnima-kab-hai-jane-lakshmi-puja-shubh-muhurat-aur-puja-vidhi-2026-10-21-1250181     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/festivals-kojagari-puja-2026-date-sharad-purnima-kab-hai-jane-lakshmi-puja-shubh-muhurat-aur-puja-vidhi-2026-10-21-1250181 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 21:51:45 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     24 अक्टूबर से बुध चलेंगे उल्टी चाल, वृषभ समेत 3 राशियों की बदलेगी तकदीर, नौकरी से धन लाभ तक बनेंगे तरक्की के योग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ दीवाली से ठीक पहले बुध की चाल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बुध की वक्री चाल कुछ राशियों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। 3 राशियों के लिए तरक्की के रास्ते खुलेंगे। जानिए कौन सी राशियों को किन मामलों में क्या लाभ मिलने की संभावना है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-7-1792596149.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[बुध का तुला राशि में गोचर का प्रभाव]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-7-1792596149.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-7-1792596149.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      बुध का तुला राशि में गोचर का प्रभाव
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संवाद का कारक ग्रह माना जाता है। 24 अक्टूबर 2026 को बुध तुला राशि में वक्री होने जा रहे हैं। उनकी चाल में इस बदलाव को कुछ राशियों के लिए अहम माना जा रहा है। खासतौर पर 3 राशि के जातकों को करियर, आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। <a href="https://www.indiatv.in/amp/religion/news-budh-vakri-2026-rashifal-4-rashi-wale-24-october-se-13-november-tak-rahe-savdhan-2026-10-21-1250060" target="_blank"><strong>वहीं, कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है</strong></a>। जानें कौन सी बुध वक्री होने से कौन सी 3 राशियों की मौज रहेगी। </p>

<p><strong>बुध की वक्री चाल</strong></p>

<p>ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध की वक्री चाल के दौरान पुराने फैसलों की समीक्षा करने और अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान दें। 24 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह बदलाव व्यापार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 3 राशियों के लिए यह समय भविष्य की योजनाओं को नई दिशा देने वाला हो सकता है।</p>

<p><strong>वृषभ राशि</strong></p>

<p>इन जातकों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। परिवार में लंबे समय से चली आ रही अनबन दूर होने की संभावना है। सामाजिक क्षेत्र में पहचान मजबूत होने के संकेत हैं। जॉब तलाश कर रहे युवाओं को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। वहीं, परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मेहनत का अनुकूल परिणाम मिलने की उम्मीद है। संतान की ओर से भी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।</p>

<p><strong>धनु राशि</strong></p>

<p>आपके लिए बुध की वक्री चाल आगे बढ़ने के नए अवसर ला सकती है। विदेश जाने की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। विदेश से जुड़े कारोबार में भी लाभ के अवसर बन सकते हैं। वीजा और जरूरी कागजी काम पूरे होने की उम्मीद है। आर्थिक स्थिति में सुधार और कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। जॉब वालों को तरक्की के अवसर मिल सकते हैं, जबकि रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है।</p>

<p><strong>कुंभ राशि</strong></p>

<p>आपके लिए यह समय खुशियां और सफलता लेकर आ सकता है। लंबे समय से चल रहा विरोध या काम में आ रही अड़चनें दूर होने की संभावना है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में राहत मिलने और परिवार में मांगलिक आयोजन होने के संकेत हैं। संतान सुख की इच्छा रखने वालों को शुभ समाचार मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है।</p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-sharad-purnima-par-in-cheezon-ka-daan-mana-jata-hai-shubh-maa-lakshmi-ki-kripa-ke-liye-karein-ye-kaam-2026-10-21-1250121" title="शरद पूर्णिमा की रात इन चीजों का दान माना जाता है बेहद शुभ, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा, धन-धान्य से भरा रहेगा घर!">शरद पूर्णिमा की रात इन चीजों का दान माना जाता है बेहद शुभ, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा, धन-धान्य से भरा रहेगा घर!</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-budh-vakri-2026-rashifal-24-october-se-in-3-rashiyon-ka-bhagya-uday-hoga-career-growth-aur-dhan-labh-2026-10-21-1250172     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-budh-vakri-2026-rashifal-24-october-se-in-3-rashiyon-ka-bhagya-uday-hoga-career-growth-aur-dhan-labh-2026-10-21-1250172 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 20:54:23 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     शरद पूर्णिमा की रात इन चीजों का दान माना जाता है बेहद शुभ, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा, धन-धान्य से भरा रहेगा घर!     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ शरद पूर्णिमा पर दान करने की परंपरा को पुण्यदायी माना जाता है। इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों की मदद करने से लेकर कई ऐसे काम हैं, जिन्हें धार्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है। जानें शरद पूर्णिमा की रात किन चीजों का दान करना विशेष फलदायी माना जाता है।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-4-1792581983.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[शरद पूर्णिमा का दान]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-4-1792581983.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-4-1792581983.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      शरद पूर्णिमा का दान
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>शरद पूर्णिमा को <a href="https://www.indiatv.in/religion"><strong>सनातन धर्म</strong></a> में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक साधना की दृष्टि से खास माना जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत बरसता है। इस दिन चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य देने के साथ दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यताओं है कि शरद पूर्णिमा पर कुछ खास चीजों का दान करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।</p>

<p><strong>शरद पूर्णिमा पर इन 5 चीजों का करें दान</strong></p>

<ol>
	<li><strong>सफेद वस्त्र: </strong>शरद पूर्णिमा पर सफेद कपड़ों का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में सफेद रंग को शांति, पवित्रता और चंद्रमा से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को सफेद वस्त्र भेंट किए जा सकते हैं। अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मण को भी वस्त्र दान करने की परंपरा है।</li>
	<li><strong>चावल और खीर सामग्री:</strong> शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की परंपरा काफी प्रचलित है। मान्यता है कि इस रात खीर पर चंद्रमा की अमृतमयी किरणें पड़ती हैं। इसी धार्मिक विश्वास के चलते इस दिन चावल, दूध और चीनी जैसी खीर बनाने की सामग्री का दान करना शुभ माना जाता है।</li>
	<li><strong>चांदी के बर्तन: </strong>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। शरद पूर्णिमा पर सामर्थ्य के अनुसार चांदी या सफेद धातु के बर्तनों का दान करना शुभ माना जाता है। इसे मानसिक शांति और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना से जोड़कर देखा जाता है।</li>
	<li><strong>सफेद मिठाई और फल: </strong>इस पावन तिथि पर सफेद मिठाइयों और मौसमी फलों का दान भी किया जा सकता है। मान्यता है कि जरूरतमंदों को मिठाई और फल देने से पुण्य मिलता है। यह परंपरा दूसरों के साथ खुशियां बांटने और सेवा भाव बनाए रखने का संदेश भी देती है।</li>
	<li><strong>भोजन और दक्षिणा: </strong>शरद पूर्णिमा पर जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी पुण्य का काम है। अपनी क्षमता अनुसार भोजन के साथ दक्षिणा देना भी शुभ माना जाता है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, अन्नदान से जीवन में सुख-समृद्धि और बरकत की कामना की जाती है। इसलिए इस दिन दिखावे के बजाय श्रद्धा से दान करें और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता दें।</li>
</ol>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shukraditya-yog-2026-mesh-tula-aur-dhanu-rashi-ki-chamkegi-kismat-6-november-tak-dhan-labh-ke-yog-2026-10-21-1250111" title="शुक्रादित्य योग से 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 6 नवंबर तक करियर में तरक्की और धन लाभ के योग">शुक्रादित्य योग से 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 6 नवंबर तक करियर में तरक्की और धन लाभ के योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/festivals-sharad-purnima-par-in-cheezon-ka-daan-mana-jata-hai-shubh-maa-lakshmi-ki-kripa-ke-liye-karein-ye-kaam-2026-10-21-1250121     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/festivals-sharad-purnima-par-in-cheezon-ka-daan-mana-jata-hai-shubh-maa-lakshmi-ki-kripa-ke-liye-karein-ye-kaam-2026-10-21-1250121 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 16:56:48 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     शुक्रादित्य योग से 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 6 नवंबर तक करियर में तरक्की और धन लाभ के योग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ शुक्रादित्य योग के प्रभाव से कुछ राशि वालों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरी, कारोबार और प्रेम जीवन से जुड़े मामलों में भी अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस योग से लाभ मिल सकता है।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-3-1792579144.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[शुक्रादित्य योग 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-3-1792579144.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-3-1792579144.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      शुक्रादित्य योग 2026
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>ज्योतिष शास्त्र में शुक्रादित्य योग को सुख-सौभाग्य और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। 17 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में सूर्य के गोचर के साथ इस राशि में पहले से मौजूद शुक्र के संयोग से यह योग बना है। मान्यता है कि इसका प्रभाव कुछ राशि वालों के लिए खास हो सकता है। इन जातकों को करियर में आगे बढ़ने, आर्थिक स्थिति सुधारने और रुके हुए काम पूरे करने के अवसर मिल सकते हैं। जानिए कौन सी 3 राशियों के लिए यह योग लाभदायक साबित हो सकता है। </p>

<p><strong>शुक्रादित्य योग का महत्व</strong></p>

<p>ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता का कारक बताया है, जबकि शुक्र सुख-सुविधाओं, प्रेम और ऐश्वर्य से जुड़े हैं। जब इन दोनों ग्रहों की युति होती है, तो शुक्रादित्य योग का निर्माण होता है। तुला राशि में बना यह योग 6 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-guru-gochar-2026-in-singh-rashi-4-rashiyon-ko-career-mein-badi-safalta-ke-yog-sukh-suvidhaon-mein-hui-vriddhi-2026-10-21-1250078"><strong>वहीं, 31 अक्टूबर को गुरु का सिंह राशि में गोचर 4 राशियों के लिए फायदा दे सकता है</strong></a>। </p>

<ol>
	<li><strong>मेष राशि: </strong>शुक्रादित्य योग मेष राशि वालों के लिए कई मामलों में अनुकूल साबित रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ तरक्की के अवसर बन सकते हैं। जॉब वालों को अधिकारियों का सहयोग मिलने और उनके काम की सराहना होने की संभावना है। पहले किए गए निवेश से लाभ मिलने के संकेत भी हैं। नए अवसरों के जरिए आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। प्रेम जीवन में मधुरता और रिश्तों में खुशियां बढ़ने की उम्मीद है।</li>
	<li><strong>तुला राशि: </strong>इन जातकों के लिए शुक्रादित्य योग विशेष फलदायी माना जा रहा है। इस दौरान सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी तलाश रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। कानूनी विवादों में भी राहत मिलने की संभावना है। नए लोगों से संपर्क बनेंगे, जिनकी मदद से अधूरे काम पूरे करने में सहायता मिल सकती है। कुल मिलाकर यह समय जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।</li>
	<li><strong>धनु राशि: </strong>आपके लिए शुक्रादित्य योग भाग्य का साथ लेकर आएगा। कारोबारियों को नई योजनाओं पर काम शुरू करने और आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में सुधार के साथ करियर में तरक्की के रास्ते खुलने की संभावना है। नौकरी बदलने की योजना है, तो अच्छे विकल्प मिल सकते हैं। मेहनत का अनुकूल परिणाम मिलने और आर्थिक लाभ के योग हैं। इस दौरान सोच-समझकर बनाई गई योजनाएं आगे बढ़ने में मददगार साबित हो सकती हैं।</li>
</ol>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kaun-se-mulank-wale-hote-hai-sabse-controlling-har-kam-apne-hisab-se-karna-karte-hai-pasand-2026-10-21-1250089" title=" कौन से मूलांक वाले लोग होते हैं सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग? हर काम अपने हिसाब से करना करते हैं पसंद">अंकशास्त्र: कौन से मूलांक वाले लोग होते हैं सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग? हर काम अपने हिसाब से करना करते हैं पसंद</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-shukraditya-yog-2026-mesh-tula-aur-dhanu-rashi-ki-chamkegi-kismat-6-november-tak-dhan-labh-ke-yog-2026-10-21-1250111     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-shukraditya-yog-2026-mesh-tula-aur-dhanu-rashi-ki-chamkegi-kismat-6-november-tak-dhan-labh-ke-yog-2026-10-21-1250111 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 16:09:33 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अंकशास्त्र: कौन से मूलांक वाले लोग होते हैं सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग? हर काम अपने हिसाब से करना करते हैं पसंद     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अंकशास्त्र में ऐसे दो मूलांकों का जिक्र मिलता है, जिनसे जुड़े लोग बहुत अधिक नियंत्रण रखने वाले स्वभाव के होते हैं। ये हर जगह अपनी ही बात मनवाना चाहते हैं और अगर काम इनके तरीके से न हो तो ये तुरंत भड़क जाते हैं।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/numerology-57-1792572971.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[कौन से मूलांक वाले लोग होते हैं सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/numerology-57-1792572971.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/numerology-57-1792572971.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      कौन से मूलांक वाले लोग होते हैं सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग?
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>क्या आपके आस-पास भी ऐसे लोग हैं जो हर चीज अपने कंट्रोल में रखना पसंद करते हैं? अगर हां, तो चेक करिए कहीं उनका <strong><a href="https://www.indiatv.in/rashifal/numerology-ank-shastra-mulank-1-personality-traits-people-with-life-path-number-1-born-leaders-honest-and-full-of-energy-2025-11-10-1175091" target="_blank" title=" मूलांक 1 वाले बनते हैं नैचुरल लीडर, ईमानदारी-आत्मविश्वास से लबरेज ये लोग दुनिया बदलने का रखते हैं दम">मूलांक 1</a></strong> या 8 तो नहीं। दरअसल, अंक ज्योतिष में इन दोनों मूलांकों के लोगों को सबसे ज्यादा कंट्रोलिंग और डोमिनेटिंग माना जाता है। चाहे घर हो या ऑफिस, ये हर जगह अपनी ही चलाना पसंद करते हैं और अपने आगे किसी की नहीं सुनते। चीजें अगर इनके हिसाब से न हों, तो ये बहुत जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इनके इस स्वभाव के बारे में यहां।</p>

<h3><strong>मूलांक 1 (महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को जन्मे लोग)</strong></h3>

<p>इस मूलांक के स्वामी ग्रहों के राजा सूर्य देव हैं। इसी कारण से इस मूलांक वालों में भी एक राजा जैसे गुण देखने को मिलते हैं। इन लोगों में जन्म से ही लीडरशिप की अच्छी क्वालिटी देखी जाती है। ये लोग आत्मविश्वासी, निडर और आत्मनिर्भर होते हैं। किसी के अधीन रहकर काम करना बिल्कुल पसंद नहीं करते। ये हर चीज पर अपना कंट्रोल रखना चाहते हैं। यदि कोई इनके हिसाब से काम न करे, तो ये काफी क्रोधित हो जाते हैं। इनकी लव लाइफ अक्सर इनके कंट्रोलिंग नेचर की वजह से ही डिस्टर्ब रहती है।</p>

<h3><strong>मूलांक 8 (महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोग)</strong></h3>

<p>इस मूलांक के स्वामी शनि देव हैं। शनि के प्रभाव के कारण इस मूलांक के जातक बेहद अनुशासित, मेहनती और न्यायप्रिय होते हैं। चूंकि शनि को अनुशासन और कर्म का कारक माना जाता है, इसलिए इनके जीवन में नियम और उसूल सबसे ऊपर होते हैं। इन्हें काम में जरा सी भी लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होती। अपने कड़े नियमों का दबाव ये अक्सर परिवार और रिश्तों पर भी बना देते हैं, जिससे इनका कंट्रोलिंग स्वभाव नजर आता है।</p>

<h3><strong>क्यों होता है इन मूलांक वालों का कंट्रोलिंग स्वभाव </strong></h3>

<ul>
	<li>इन मूलांक वालों को पसंद होता है कि योजना चाहे छोटी हो या बड़ी उसकी कमान इन्हीं के ही हाथ में होनी चाहिए।</li>
	<li>चूंकि ये लोग खुद भी बहुत अनुशासित होते हैं, इसलिए ये दूसरों से भी अनुशासित और जिम्मेदार होने की उम्मीद करते हैं। अगर कोई ऐसा नहीं करता तो ये उस पर अपनी बात मनवाने का दबाव डालते हैं।</li>
	<li>ये हर चीज अपने हिसाब से करना पसंद करते हैं। इसी वजह से ये काफी कंट्रोलिंग स्वाभव के माने जाते हैं।</li>
</ul>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-palmistry-hath-mein-half-moon-banne-ka-arth-milte-hai-5-bade-sanket-2026-10-21-1250046" target="_blank" title=" हथेलियों को मिलाने पर क्या आपके हाथ में भी बनता है आधा चांद? तुरंत देख लें, छिपी हैं ये 5 बड़ी बातें">Palmistry: हथेलियों को मिलाने पर क्या आपके हाथ में भी बनता है आधा चांद? तुरंत देख लें, छिपी हैं ये 5 बड़ी बातें</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kaun-se-mulank-wale-hote-hai-sabse-controlling-har-kam-apne-hisab-se-karna-karte-hai-pasand-2026-10-21-1250089     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-numerology-kaun-se-mulank-wale-hote-hai-sabse-controlling-har-kam-apne-hisab-se-karna-karte-hai-pasand-2026-10-21-1250089 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 14:26:24 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     31 अक्टूबर को गुरु का सिंह राशि में गोचर: इन 4 राशियों के करियर में बड़ी सफलता के योग, सुख-सुविधाओं में होगी वृद्धि     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ महीने के अंतिम दिन पर बृहस्पति यानी गुरु ग्रह अपनी राशि बदलने जा रहा है। इस दिन से गुरु ग्रह सूर्य की राशि सिंह में अपनी यात्रा शुरू कर देगा। जानिए इस गोचर से किन राशियों को लाभ प्राप्त होगा।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/guru-ka-gochar-1-1792569736.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[गुरु का गोचर]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/guru-ka-gochar-1-1792569736.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/guru-ka-gochar-1-1792569736.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      गुरु का गोचर
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>गुरु का सिंह राशि में गोचर 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर 12 बजकर 50 पर होगा और 25 जनवरी तक ये ग्रह इसी राशि में रहेगा। ज्ञान और सुख-समृद्धि के कारक ग्रह का सिंह राशि में आना 4 राशियों के लिए वरदान साबित होगा। ज्योतिष अनुसार इन राशियों को करियर से लेकर लव लाइफ तक में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। इतना ही नहीं ये गोचर इन राशि वालों के धन-धान्य में भी वृद्धि करेगा। चलिए जान लेते हैं ये कौन सी राशियां हैं जिनकी किस्मत गुरु के गोचर से चमकने वाली है, जानते हैं गुरु गोचर <strong><a href="https://www.indiatv.in/rashifal" target="_blank">राशिफल</a></strong> से।</p>
<h3><strong>मेष राशि - </strong>आपका भाग्य बेहद मजबूत रहेगा</h3>
<p>मेष राशि वालों के लिए गुरु का गोचर बेहद लाभकारी साबित होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। करियर-कारोबार में लाभ प्राप्त करने के कई बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे। आपका भाग्य बेहद मजबूत रहेगा जिससे आपको कार्यों में सफलता मिलेगी। आय के नए स्त्रोतों का विकास होगा। अचानक से धन लाभ के रास्ते खुलेंगे। </p>
<h3><strong>सिंह राशि - </strong>बिजनेस में अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं</h3>
<p>सिंह राशि वालों के लिए गुरु का गोचर वरदान साबित होगा। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा लोगों को नई नौकरी के ऑफर आ सकते हैं। बिजनेस में अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रमोशन के योग बन रहे हैं। बिजनेस में नए-नए तरह के संपर्कों का लाभ मिलेगा। किसी पुराने निवेश से बंपर लाभ प्राप्त होने की उम्मीद रहेगी।</p>
<h3><strong>वृश्चिक राशि - </strong>नौकरी में प्रमोशन के संकेत मिल रहे हैं</h3>
<p>वृश्चिक राशि वालों को धन लाभ के आसार रहेंगे। बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। नौकरी में प्रमोशन के संकेत मिल रहे हैं। नई योजनाओं से अच्छा धन कमाने में सफल रहेंगे। आय में इजाफा हो सकता है। कई माध्यमों से धन की प्राप्ति के योग बन रहे हैं।</p>
<h3><strong>धनु राशि - </strong>आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी</h3>
<p>धनु राशि वालों के लिए गुरु का गोचर शुभ साबित होगा। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे। किसी काम में बड़ी सफलता मिल सकती है। अटके काम पूरे होंगे। मकान या वाहन सुख की प्राप्ति हो सकती है। बिजनेस वालों की मौज रहेगी। कोई मुनाफे की डील हाथ लग सकती है।</p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-palmistry-hath-mein-half-moon-banne-ka-arth-milte-hai-5-bade-sanket-2026-10-21-1250046" target="_blank" title=" हथेलियों को मिलाने पर क्या आपके हाथ में भी बनता है आधा चांद? तुरंत देख लें, छिपी हैं ये 5 बड़ी बातें">Palmistry: हथेलियों को मिलाने पर क्या आपके हाथ में भी बनता है आधा चांद? तुरंत देख लें, छिपी हैं ये 5 बड़ी बातें</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-guru-gochar-2026-in-singh-rashi-4-rashiyon-ko-career-mein-badi-safalta-ke-yog-sukh-suvidhaon-mein-hui-vriddhi-2026-10-21-1250078     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-guru-gochar-2026-in-singh-rashi-4-rashiyon-ko-career-mein-badi-safalta-ke-yog-sukh-suvidhaon-mein-hui-vriddhi-2026-10-21-1250078 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 13:48:43 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कार्तिक महीना कब से हो रहा है शुरू? जानें इस पवित्र मास में किए जाने वाले 5 महापुण्य कार्य     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सनातन धर्म में कार्तिक महीने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। कहते हैं इस महीने में किया गया स्नान, दान, पूजन और दान सौ गुना ज्यादा फल देता है। जानिए इस साल ये पवित्र महीना कब शुरू हो रहा है। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kartik-mahina-1792567806.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[कार्तिक महीना कब से शुरू होगा?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kartik-mahina-1792567806.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kartik-mahina-1792567806.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      कार्तिक महीना कब से शुरू होगा?
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>कार्तिक महीना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का बेहद प्रिय माना जाता है। इस महीने में <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-karwa-chauth-2026-kab-hai-jane-karwa-chauth-vrat-date-aur-iska-mahatva-2026-09-24-1245173" target="_blank" title="करवा चौथ 2026 कब है? नोट कर लें व्रत की सही तारीख">करवाचौथ</a></strong>, दीवाली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, भाईदूज, छठ पूजा समेत कई बड़े त्योहार आते हैं। कहते हैं इस महीने में किए गए पुण्य कार्यों का फल अन्य महीनों की अपेक्षा कई गुना ज्यादा प्राप्त होता है। इस माह के महत्व का वर्णन स्कन्द पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण जैसे कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। स्कंद पुराण में कहा गया है कि कार्तिक के समान दूसरा कोई मास नहीं, सत्ययुग के समान कोई युग नही, वेद के समान कोई शास्त्र नहीं और गंगाजी के समान कोई तीर्थ नहीं। पुराणों के अनुसार जो कोई भी इस माह में स्नान, दान और व्रत करते हैं उन्हें उनके सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है। चलिए जानते हैं इस साल ये पवित्र महीना कब से शुरू होगा और इस दौरान किन कार्यों को करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है।</p>
<h3><strong>कार्तिक महीना कब से शुरू है 2026</strong></h3>
<p>कार्तिक महीना 27 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक चलेगा। इस महीने की शुरुआत आश्विन पूर्णिमा के अगले दिन से होती है और इस साल ये पूर्णिमा 26 अक्टूबर को है।</p>
<h3><strong>कार्तिक महीने में किए जाने वाले 5 महापुण्य कार्य</strong></h3>
<ol><li><strong>नदी स्नान: </strong>कार्तिक के पूरे महीने नदी स्नान का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इस पवित्र महीने में भगवान विष्णु जल में ही निवास करते हैं। कहते हैं कार्तिक मास में इंद्रियों पर संयम रखकर सूर्योदय से पूर्व ही स्नान कर लेना चाहिए। कहते हैं इससे अपार पुण्य की प्राप्ति होती है। अगर नदी स्नान संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए। </li>
<li><strong>व्रत: </strong>कार्तिक महीने में व्रत रखने का भी विशेष महत्व माना जाता है। कई श्रद्धालु पूरे कार्तिक महीने व्रत रहते हैं। कहते हैं इस दौरान व्रत रखने से अग्निष्टोम यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। </li>
<li> <strong>दीनदान: </strong>कार्तिक महीने में दीपदान का भी विशेष महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में नदी, तालाब आदि जगहों पर दीपदान करने से सभी तरह के संकट समाप्त हो जाते हैं। कई लोग इस पूरे महीने घर के मुख्य द्वार पर भी दीप जलाते हैं।</li>
<li><strong>तुलसी पूजा</strong>: इस माह में तुलसी की पूजा बेहद शुभ फलदायी बतायी जाती है। कहते हैं जो कोई व्यक्ति कार्तिक महीने में नियम से तुलसी के पौधे के समक्ष दीप जलाता है उस पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। </li>
<li><strong>दान: </strong>इस माह में दान का भी विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं इससे जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। </li>
</ol><p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-palmistry-hath-mein-half-moon-banne-ka-arth-milte-hai-5-bade-sanket-2026-10-21-1250046" target="_blank" title=" हथेलियों को मिलाने पर क्या आपके हाथ में भी बनता है आधा चांद? तुरंत देख लें, छिपी हैं ये 5 बड़ी बातें">Palmistry: हथेलियों को मिलाने पर क्या आपके हाथ में भी बनता है आधा चांद? तुरंत देख लें, छिपी हैं ये 5 बड़ी बातें</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-kartik-mahina-2026-kab-se-shuru-ho-raha-hai-kartik-maas-mein-kiye-jane-wale-5-mahapunya-kaam-2026-10-21-1250072     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-kartik-mahina-2026-kab-se-shuru-ho-raha-hai-kartik-maas-mein-kiye-jane-wale-5-mahapunya-kaam-2026-10-21-1250072 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 13:13:33 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     24 अक्टूबर से बुध वक्री: इन 4 राशियों के करियर में आ सकती है चुनौती, 13 नवंबर तक कामकाज में बरतें विशेष सावधानी     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ 24 अक्टूबर से बुध तुला राशि में वक्री होने जा रहे हैं। बुध की ये चाल कुछ राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव लाने का काम कर सकती है। चलिए जानते हैं ये कौन सी राशियां हैं।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/budh-vakri-1-1792564099.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[बुध की वक्री चाल]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : CANVA]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/budh-vakri-1-1792564099.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/budh-vakri-1-1792564099.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      बुध की वक्री चाल
                      <span class="copyright">Image Source : CANVA</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>बुध 24 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर वक्री होने जा रहे हैं यानी अपनी उल्टी चाल शुरू कर रहे हैं और 13 नवंबर तक ये इसी स्थिति में रहेंगे। <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-budh-ki-ulti-chaal-24-october-se-3-rashiyon-ki-chamkegi-kisamt-dhan-labh-ke-yog-2026-10-08-1247613" target="_blank" title=" इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, होगा अपार धन लाभ!">बुध की ये चाल जहां कुछ राशियों के लिए लाभकारी साबित होगी</a></strong>। वहीं कुछ राशियां ऐसी भी हैं जिन्हें इस चाल से भारी नुकसान होने की संभावना रहेगी। चलिए जानते हैं बुध का वक्री होना किन राशियों के लिए अशुभ साबित हो सकता है।</p>
<h3><strong>वृषभ राशि</strong></h3>
<p>वृषभ राशि वालों के लिए बुध की वक्री चाल परेशानियां बढ़ाने वाली साबित होगी। आपकी सेहत बिगड़ सकती है। कार्यक्षेत्र में विरोधी आप पर हावी होने की कोशिश कर सकते हैं। आप ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में आपको सतर्क रहना होगा। किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचना होगा। खासतौर से बैंकिंग, मार्केटिंग या अकाउंटिंग से जुड़े लोगों के काम में समस्याएं आ सकती हैं। </p>
<h3><strong>मिथुन राशि</strong></h3>
<p>बुध के वक्री होने का आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आपको सतर्क रहना होगा। कोई पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं फिर से परेशान कर सकती हैं। इस दौरान अचानक से खर्चों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। आपको जोखिम भरे निवेश करने से बचना होगा। कार्यक्षेत्र में कोई भी काम सावधानी से करें।</p>
<h3><strong>सिंह राशि  </strong></h3>
<p>सिंह राशि वालों के आर्थिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें नहीं तो नुकसान हो सकता है। करीबी रिश्तों में कुछ गलतफहमियां जन्म ले सकती है या किसी बात को लेकर झगड़ा हो सकता है। आपका बेहद सावधान रहना होगा। खासतौर से ऑफिस में किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना है।</p>
<h3><strong>वृश्चिक राशि</strong></h3>
<p>बुध के वक्री होने के दौरान काम में तनाव और परेशानियां बढ़ सकती हैं। सेहत को लेकर जरा सी भी लापरवाही न करें। पुराने कानूनी मामले फिर सामने आ सकते हैं। बिजनेस पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं। इस अवधि में किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें नहीं तो धोखा खा जाएंगे। कार्यक्षेत्र में अपने काम से काम रखें और किसी भी तरह के विवादों से दूरी बनाकर रखें।</p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ko-dhan-lab-and-promotion-ke-yog-2026-10-21-1250008" target="_blank" title="24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग">24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-budh-vakri-2026-rashifal-4-rashi-wale-24-october-se-13-november-tak-rahe-savdhan-2026-10-21-1250060     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-budh-vakri-2026-rashifal-4-rashi-wale-24-october-se-13-november-tak-rahe-savdhan-2026-10-21-1250060 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 12:11:33 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Palmistry: हथेलियों को मिलाने पर क्या आपके हाथ में भी बनता है आधा चांद? तुरंत देख लें, छिपी हैं ये 5 बड़ी बातें     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ जब हम अपनी दोनों हथेलियों को आपस में जोड़ते हैं तो एक चांद सी आकृति बनती दिखाई देती है। क्या आपने कभी सोचा कि इस आकृति के बनने का क्या मतलब होता है? चलिए जानते हैं हस्तरेखा शास्त्र में इसके बारे में क्या बताया गया है।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palmistry-4-1792559166.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[हथेली में बनने वाले अर्धचंद्र का मतलब]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palmistry-4-1792559166.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palmistry-4-1792559166.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      हथेली में बनने वाले अर्धचंद्र का मतलब
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हमारी हथेलियों पर बनने वाली हर एक रेखा और आकृति हमारे भविष्य, स्वभाव और जीवन से जुड़े कई गहरे राज खोलती है। इन्हीं खास आकृतियों में से एक है अर्धचंद्र की आकृति जो दोनों हथेलियों को जोड़कर बनती है। मान्यता है कि यदि यह अर्धचंद्र हथेली में साफ और पूर्ण रूप से बनता है तो यह व्यक्ति के जीवन में बड़ी सफलता, करियर में उन्नति और सुखद निजी जीवन का संकेत देता है। इसके विपरीत यदि यह आकृति धुंधली या अधूरी बनी होती है तो व्यक्ति को जीवन में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि हथेली में बनने वाला यह अर्धचंद्र आपके जीवन से जुड़े कौन-कौन से बड़े राज उजागर करता है।</p>

<h3><strong>हाथ में बनने वाली अर्धचंद्र की आकृति क्या संकेत देती है?</strong></h3>

<ol>
	<li>हाथ में अर्धचंद्र का बनना ये दर्शाता है कि व्यक्ति को करियर और निजी जीवन में अपार सफलता प्राप्त होगी। ऐसा व्यक्ति कड़ी मेहनत से करियर में काफी अच्छा मुकाम हासिल कर लेता है। साथ ही प्रेम जीवन भी काफी सुखमय रहता है।</li>
	<li>हथेली में बनने वाला अर्धचंद्र प्रेम और भावनात्मक संतुलन का प्रतीक है। ऐसा व्यक्ति संवेदनशील, दयालु और रिश्ते निभाने वाला होता है। जिनके हाथों में स्पष्ट अर्धचंद्र होता है ऐसे लोग प्रेम जीवन में स्थिरता और संतुलन बनाए रखते हैं। </li>
	<li>हथेली में बना अर्धचंद्र व्यक्ति के अत्याधिक बुद्धिमान होने का भी संकेत देता है। ऐसे लोग जीवन में आने वाली बड़ी से बड़ी परेशानियों का सामना बड़े ही समझदारी से करते हैं। साथ ही ये लोग सही समय पर सही निर्णय लेने में माहिर माने जाते हैं। इन लोगों को अपने निर्णयों से खूब लाभ भी प्राप्त होता है। </li>
	<li>हथेली में अर्धचंद्र की आकृति वाला व्यक्ति धन के मामले में भी भाग्यशाली माना जाता है। कहते हैं ऐसे लोगों की आर्थिक स्थिति अमूमन बढ़िया रहती है। ऐसे लोग अपनी समझदारी से अच्छा धन कमाने में सफल रहते हैं।</li>
	<li>हथेली में स्पष्ट अर्धचंद्र का होना ये भी बताता है कि व्यक्ति मानसिक रूप से बहुत स्थिर और शारीरिक रूप से काफी स्वस्थ रहेगा। यह निशान व्यक्ति को जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने के लिए धैर्य और ताकत प्रदान करता है। <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-lucky-sign-in-hand-astrology-m-letter-in-hand-gives-good-wealth-and-prosperity-2026-04-08-1209875" target="_blank" title=" हथेली पर बना है ये खास लेटर? राजयोग लेकर पैदा होते हैं ऐसे लोग, खुद चलकर आता है पैसा!">क्या आप जानते हैं कि हथेली पर M की आकृति बनना भी राजयोग का संकेत देती है।</a></strong></li>
</ol>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ko-dhan-lab-and-promotion-ke-yog-2026-10-21-1250008" target="_blank" title="24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग">24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-palmistry-hath-mein-half-moon-banne-ka-arth-milte-hai-5-bade-sanket-2026-10-21-1250046     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-palmistry-hath-mein-half-moon-banne-ka-arth-milte-hai-5-bade-sanket-2026-10-21-1250046 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 10:51:04 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     एकादशी आज है या कल? जानिए पापांकुशा एकादशी की सही डेट और मुहूर्त     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ पापांकुशा एकादशी आश्विन शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को पड़ती है। ऐसी मान्यता है इस एकादशी व्रत को करने से सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। जानिए इस साल यह एकादशी कब पड़ रही है।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/papankusha-ekadashi-1792553194.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[पापांकुशा एकादशी की सही डेट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/papankusha-ekadashi-1792553194.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/papankusha-ekadashi-1792553194.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      पापांकुशा एकादशी की सही डेट
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सनातन धर्म में <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-ekadashi-significance-papankusha-ekadashi-on-3-october-know-tulsi-puja-remedies-in-hindi-2025-09-27-1165380" target="_blank" title="पापांकुशा एकादशी पर तुलसी के जुड़े उपाय और नियम, श्री हरि की कृपा पानी है को भूल से भी न करें ये गलती">पापांकुशा एकादशी व्रत</a></strong> का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस व्रत को करता है उसे हजार अश्वमेघ और सौ सूर्य यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को इस एकादशी व्रत का महत्व बताते हुए कहा था कि यह एकादशी पापों पर अंकुश लगाती है। इस दिन मौन रहकर भगवद् स्मरण और भजन-कीर्तन करने का विधान है। इस एकादशी पर उपवास, दान, जप और भक्ति का विशेष महत्व माना गया है। चलिए जानते हैं इस साल ये एकादशी कब है और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। </p>

<h3><strong>पापांकुशा एकादशी कब है 2026</strong></h3>

<ul>
	<li>पापांकुशा एकादशी - 22 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार</li>
	<li>एकादशी तिथि प्रारम्भ - 21 अक्टूबर 2026 को 02:11 PM बजे</li>
	<li>एकादशी तिथि समाप्त - 22 अक्टूबर 2026 को 02:47 PM बजे</li>
	<li>23 अक्टूबर को पारण का समय - 06:27 AM से 08:42 AM</li>
	<li>पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 02:35 PM</li>
</ul>

<h3><strong>पापांकुशा एकादशी शुभ मुहूर्त 2026</strong></h3>

<ul>
	<li>ब्रह्म मुहूर्त - 04:45 AM से 05:35 AM</li>
	<li>प्रातः सन्ध्या - 05:10 AM से 06:26 AM</li>
	<li>अभिजित मुहूर्त - 11:43 AM से 12:28 PM</li>
	<li>विजय मुहूर्त - 01:58 PM से 02:44 PM</li>
	<li>गोधूलि मुहूर्त - 05:45 PM से 06:10 PM</li>
	<li>सायाह्न सन्ध्या - 05:45 PM से 07:01 PM</li>
	<li>अमृत काल - 01:18 PM से 02:58 PM</li>
	<li>निशिता मुहूर्त - 11:40 पी एम से 12:31 AM, अक्टूबर 23</li>
</ul>

<h3><strong>पापांकुशा एकादशी व्रत पूजा विधि</strong></h3>

<ul>
	<li>एकादशी तिथि पर प्रात:काल उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लें। </li>
	<li>इसके बाद घट स्थापना करें और कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति रखकर विधि विधान पूजा करें। </li>
	<li>भगवान विष्णु को तुलसी दल जरूर अर्पित करें।</li>
	<li>इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।</li>
	<li>पापांकुशा एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।</li>
	<li>अंत में विष्णु भगवान की आरती करके उन्हें भोग अर्पित करें।</li>
	<li>फिर व्रत के अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन और अन्न का दान करने के बाद व्रत खोलें।</li>
</ul>

<h3><strong>पापांकुशा एकादशी का महत्व</strong></h3>

<p>धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस एकादशी के बारे में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि यह एकादशी पाप का निरोध करती है अर्थात पाप कर्मों से रक्षा करती है। इस व्रत को करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। </p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ko-dhan-lab-and-promotion-ke-yog-2026-10-21-1250008" target="_blank" title="24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग">24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/festivals-ekadashi-aaj-hai-ya-kal-october-papankusha-ekadashi-2026-date-and-time-2026-10-21-1250025     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/festivals-ekadashi-aaj-hai-ya-kal-october-papankusha-ekadashi-2026-date-and-time-2026-10-21-1250025 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 09:11:03 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     24 अक्टूबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों को धन लाभ और प्रमोशन के शुभ योग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ शुक्र 24 अक्टूबर को मंगल के नक्षत्र चित्रा में प्रवेश करेंगे। इस नक्षत्र में शुक्र का गोचर 4 राशि वालों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। चलिए जानते हैं ये कौन सी राशियां हैं। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/shukra-gochar-7-1792547140.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[शुक्र का नक्षत्र गोचर 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/shukra-gochar-7-1792547140.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/shukra-gochar-7-1792547140.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      शुक्र का नक्षत्र गोचर 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 24 अक्टूबर 2026 को शुक्र अपनी चाल बदलने जा रहे हैं। इस दिन धन और प्रेम के दाता शुक्र चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर जायेंगे और 5 दिसंबर तक यहां विराजमान रहेंगे। मंगल के नक्षत्र में शुक्र का गोचर 4 राशियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। इन राशियों की किस्मत इस गोचर से चमक जाएगी। धन प्राप्ति के साथ-साथ नौकरी में प्रमोशन के भी शुभ योग बन रहे हैं। चलिए जानते हैं ये कौन सी राशियां हैं जिनके लिए शुक्र नक्षत्र गोचर <strong><a href="https://www.indiatv.in/rashifal" target="_blank">राशिफल</a></strong> शुभ संकेत दे रहा है। </p>

<h3><strong>मिथुन राशि: </strong>आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो जाएगी</h3>

<p>शुक्र का नक्षत्र गोचर मिथुन राशि वालों के लिए बेहद शुभ साबित होगा। आपकी किस्मत इस गोचर से चमक जाएगी। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो जाएगी। धन प्राप्ति के योग बनेंगे। किसी काम में बड़ी सफलता मिलने के आसार हैं। इस दौरान बिजनेस भी खूब चमकेगा। निवेश से भी अच्छा धन प्राप्त होने के आसार रहेंगे। </p>

<h3><strong>मकर राशि: आपको बिजनेस में प्रॉफिट के योग बन रहे हैं</strong></h3>

<p>मकर राशि वालों के लिए शुक्र का नक्षत्र गोचर बेहद शुभ साबित होगा। आपको बिजनेस में प्रॉफिट के योग बन रहे हैं। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा। नौकरी में प्रमोशन मिलने के संकेत हैं। विदेश में नौकरी पाने का सपना पूरा हो सकता है। इस अवधि में कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है। अचानक से धन लाभ के आसार दिखाई दे रहे हैं। </p>

<h3><strong>कुंभ राशि: अचानक से धन लाभ के योग बनेंगे</strong></h3>

<p>कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र का नक्षत्र गोचर शुभ दिखाई दे रहा है। अचानक से धन लाभ के योग बनेंगे। आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत हो जाएगी। किसी काम में बड़ी सफलता मिलने के योग हैं। कोई शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है। विदेश में नौकरी मिलने के शुभ संकेत हैं। किसी पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है।</p>

<h3><strong>तुला राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना है</strong></h3>

<p>तुला राशि वालों के लिए शुक्र का नक्षत्र गोचर लाभकारी साबित होगा। गुड न्यूज सुनने को मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना है। किसी काम में बड़ी सफलता मिलने के योग हैं। बिजनेस में अच्छा मुनाफा मिल सकता है।</p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-mangal-gochar-2026-rashifal-singh-rashi-mein-mangal-ki-entry-mesh-singh-vrishchik-3-rashiyon-ki-chamkegi-kismat-2026-10-21-1249998" target="_blank" title="12 नवंबर को मंगल बदलेंगे चाल, इन 3 राशियों को करियर को मिल सकती है नई उड़ान, नौकरी-कारोबार में कामयाबी के योग">12 नवंबर को मंगल बदलेंगे चाल, इन 3 राशियों को करियर को मिल सकती है नई उड़ान, नौकरी-कारोबार में कामयाबी के योग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ko-dhan-lab-and-promotion-ke-yog-2026-10-21-1250008     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-shukra-ka-nakshatra-gochar-24-october-se-4-rashiyon-ko-dhan-lab-and-promotion-ke-yog-2026-10-21-1250008 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 07:25:09 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     12 नवंबर को मंगल बदलेंगे चाल, इन 3 राशियों को करियर को मिल सकती है नई उड़ान,  नौकरी-कारोबार में कामयाबी के योग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ मंगल का राशि परिवर्तन नवंबर में कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। इस गोचर से 3 राशियों के जातकों को करियर में आगे बढ़ने और नई संभावनाएं तलाशने के मौके मिल सकते हैं। जानिए किन राशियों के लिए यह समय अहम रह सकता है।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-2-1792521004.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मंगल गोचर 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-2-1792521004.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-2-1792521004.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मंगल गोचर 2026
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>मंगल को ज्योतिष शास्त्र में साहस, ऊर्जा और पराक्रम का कारक ग्रह माना जाता है। नवंबर में मंगल सिंह राशि में प्रवेश करने वाले हैं। इस गोचर का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। खास तौर पर 3 राशि के जातकों के लिए करियर, कारोबार और तरक्की के लिहाज से नए अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है। जानिए कौन सी राशियों पर मंगल गोचर का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-chandra-rahu-yuti-se-21-october-2026-ko-chandra-yog-ka-shubh-ashubh-prabhav-jane-dosh-kam-karne-ke-upay-2026-10-20-1249959"><strong>इसके अलावा यहां 21 अक्टूबर को लगने वाले चंद्र ग्रहण दोष के शुभ-अशुभ प्रभाव जान सकते हैं</strong></a>।</p>
<p><strong>मंगल का सिंह राशि में कब होगा गोचर?</strong></p>
<p>ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मंगल 12 नवंबर 2026 को रात 8 बजकर 46 मिनट पर सिंह राशि में गोचर करेंगे। मंगल को भूमि, साहस, भाई-बहन और पराक्रम से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, सिंह राशि को मंगल की मित्र राशि माना जाता है। इस राशि में मंगल का प्रवेश आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और कामकाज में सक्रियता बढ़ाने वाला माना जाता है। मंगल इस राशि में 9 मार्च (करीब 117 दिनों) तक रहेंगे।</p>
<p><strong>मेष राशि: करियर और पढ़ाई में अच्छे संकेत</strong></p>
<p>मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। इस गोचर के दौरान मंगल मेष राशि के पंचम भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष के अनुसार, इससे जातकों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है और फैसले लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। करियर और शिक्षा से जुड़े मामलों में सकारात्मक अवसर मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। साथ ही आय में बढ़ोतरी और कार्यक्षेत्र में नए मौके मिलने के संकेत भी माने जा रहे हैं।</p>
<p><strong>सिंह राशि: नौकरी और कारोबार में नए अवसर</strong></p>
<p>सिंह राशि में मंगल का गोचर इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा रहा है। नौकरी तलाश रहे लोगों को नए अवसर और कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। यात्रा से जुड़े कामों में सफलता मिलने की संभावना है। वहीं, कारोबारियों को नए प्रोजेक्ट मिल सकते हैं। बेरोजगार जातकों के लिए भी यह समय नई संभावनाओं की तलाश के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि: आगे बढ़ने के मौके</strong></p>
<p>वृश्चिक राशि के स्वामी भी मंगल हैं, इसलिए यह गोचर इनके लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। जो जातक लंबे समय से किसी काम को पूरा करने में जुटे हैं, वे अपनी रणनीति में बदलाव करके बेहतर परिणाम पाने की कोशिश कर सकते हैं। आय बढ़ाने के लिए नए विकल्पों पर विचार करने का अच्छा मौका है। कार्यक्षेत्र में धैर्य और सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखना फायदेमंद हो सकता है।</p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-hathheli-mein-mangal-parvat-kholta-hai-sahas-aur-shakti-ka-raaz-meaning-of-mars-mount-in-palmistry-2026-10-20-1249971" title="हथेली में मंगल पर्वत खोलता है साहस और शक्ति के राज, जानें किस स्थान से पता चलते हैं व्यक्ति के गुण!">हथेली में मंगल पर्वत खोलता है साहस और शक्ति के राज, जानें किस स्थान से पता चलते हैं व्यक्ति के गुण!</a>       </strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-mangal-gochar-2026-rashifal-singh-rashi-mein-mangal-ki-entry-mesh-singh-vrishchik-3-rashiyon-ki-chamkegi-kismat-2026-10-21-1249998     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-mangal-gochar-2026-rashifal-singh-rashi-mein-mangal-ki-entry-mesh-singh-vrishchik-3-rashiyon-ki-chamkegi-kismat-2026-10-21-1249998 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 00:04:12 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     हथेली में मंगल पर्वत खोलता है साहस और शक्ति के राज, जानें किस स्थान से पता चलते हैं व्यक्ति के गुण!     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सामुद्रिक शास्त्र में हथेली के पर्वतों का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें मंगल पर्वत को साहस और शक्ति से जोड़कर देखा जाता है। हथेली में इसकी स्थिति और बनावट से जुड़े कई दिलचस्प संकेत बताए गए हैं। आखिर मंगल पर्वत के ये संकेत क्या कहते हैं, चलिए जानते हैं इस बारे में।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-1792513786.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मंगल पर्वत से जानें व्यक्तित्व के संकेत]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PEXELS]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-1792513786.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/palm-pxl-1792513786.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मंगल पर्वत से जानें व्यक्तित्व के संकेत
                      <span class="copyright">Image Source : PEXELS</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सामुद्रिक शास्त्र में हथेली की रेखाओं के साथ पर्वतों का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि हथेली में मौजूद मंगल पर्वत व्यक्ति के साहस, बल, शक्ति और बुद्धि से जुड़े गुणों के संकेत देता है। हथेली में मंगल पर्वत के दो स्थान होते हैं और दोनों का अपना अलग महत्व है। इनकी बनावट और उन्नति से व्यक्ति के साहस, बुद्धि, धैर्य और संयम जैसे गुणों के बारे में जानकारी मिलती है। आइए जानते हैं मंगल पर्वत कहां स्थित होता है और इसके अलग-अलग स्थानों से व्यक्ति के किन गुणों का आकलन किया जाता है।</p>

<p><strong>हथेली में कहां होते हैं मंगल पर्वत के दो स्थान?</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-eye-twitching-meaning-aankh-ka-fadakna-kaisa-hota-hai-samudrik-shastra-se-jane-sanket-2026-10-08-1247795"><strong>सामुद्रिक शास्त्र</strong></a> में हथेली में मंगल पर्वत के दो स्थान बताए गए हैं। पहला हथेली में जीवन रेखा के पास होता है, जबकि दूसरा स्थान इसके ठीक विपरीत हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच स्थित होता है। मान्यता है कि मंगल पर्वत इन दोनों में से किसी एक स्थान पर या दोनों जगह उभरा हुआ हो सकता है। इसकी स्थिति और बनावट को व्यक्ति के अलग-अलग गुणों से जोड़कर देखा जाता है।</p>

<p><strong>पहला मंगल पर्वत बताता है शारीरिक अवस्था</strong></p>

<p>मंगल पर्वत का पहला स्थान व्यक्ति की शारीरिक अवस्था से संबंधित माना जाता है। इस स्थान के आधार पर उसके साहस, बल और शक्ति का आकलन किया जाता है। अगर यहां मंगल पर्वत सुंदर और उन्नत दिखाई दे, तो इसे व्यक्ति के साहसी और शक्तिशाली होने का संकेत कहा है। मान्यता है कि इस तरह का मंगल पर्वत व्यक्ति के सेना में होने या किसी उच्च पद पर आसीन होने से भी जुड़ा हो सकता है। इसके साथ ही इसे एक अच्छा अधिकारी बनने के संकेत के रूप में भी देखा जाता है।</p>

<p><strong>दूसरा मंगल पर्वत देता है मानसिक गुणों के संकेत</strong></p>

<p>मंगल पर्वत का दूसरा स्थान हथेली में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच होता है। सामुद्रिक शास्त्र में इसे व्यक्ति की मानसिक अवस्था से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इस स्थान की बनावट के आधार पर व्यक्ति की बुद्धि से जुड़े गुणों का आकलन किया जाता है। अगर यहां मंगल पर्वत उन्नत हो, तो इसे धैर्य, शौर्य, संयम और क्षमा जैसे गुणों का संकेत माना जाता है। </p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/vastu-tips-main-gate-par-name-plate-lagane-ka-sahi-tarika-kya-hai-janiye-vastu-ke-jaruri-niyam-jo-layenge-positivity-2026-10-19-1233052" title="घर के मेन गेट पर नेम प्लेट लगाने से पहले जान लें ये 5 वास्तु नियम, ये टिप्स ला सकते हैं सकारात्मक ऊर्जा">घर के मेन गेट पर नेम प्लेट लगाने से पहले जान लें ये 5 वास्तु नियम, ये टिप्स ला सकते हैं सकारात्मक ऊर्जा</a>              </strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-hathheli-mein-mangal-parvat-kholta-hai-sahas-aur-shakti-ka-raaz-meaning-of-mars-mount-in-palmistry-2026-10-20-1249971     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-hathheli-mein-mangal-parvat-kholta-hai-sahas-aur-shakti-ka-raaz-meaning-of-mars-mount-in-palmistry-2026-10-20-1249971 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 22:02:18 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     23 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार के दिन रखा जाएगा प्रदोष व्रत, नोट करें पूजा मुहूर्त और राहुकाल टाइम     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ 23 अक्टूबर 2026 का पंचांग: शुक्रवार के दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पड़ रही है। इसके अलावा कल प्रदोष व्रत किया जाएगा। जानिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर का पंचांग और राहुकाल का समय।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/panchang-pntrst-1792508835.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[23 अक्टूबर 2026 का पंचांग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/panchang-pntrst-1792508835.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/panchang-pntrst-1792508835.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      23 अक्टूबर 2026 का पंचांग
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>23 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि और शुक्रवार का दिन है। कल द्वादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 36 मिनट तक रहेगी, उसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। वहीं, कल रात 10 बजकर 9 मिनट तक ध्रुव योग रहेगा। साथ ही कल 23 अक्टूबर को रात 9 बजकर 3 मिनट तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। इस समय पंचक भी चल रहे है। इसके अलावा कल प्रदोष व्रत किया जाएगा। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।</p>

<p><strong>23 अक्टूबर 2026 का पंचांग</strong></p>

<ul>
	<li>आश्विन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि - 23 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 36 मिनट तक, उसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू</li>
	<li>ध्रुव योग- 23 अक्टूबर को रात 10 बजकर 9 मिनट तक</li>
	<li>पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र- 23 अक्टूबर को रात 9 बजकर 3 मिनट तक </li>
	<li>23 अक्टूबर विशेष- शुक्र प्रदोष व्रत</li>
</ul>

<p><strong>23 अक्टूबर 2026 शुभ समय</strong></p>

<ul>
	<li>ब्रह्म मुहूर्त- 04:45 ए एम से 05:36 ए एम</li>
	<li>प्रातः सन्ध्या- 05:10 ए एम से 06:27 ए एम</li>
	<li>अभिजित मुहूर्त- 11:43 ए एम से 12:28 पी एम</li>
	<li>विजय मुहूर्त- 01:58 पी एम से 02:43 पी एम</li>
	<li>गोधूलि मुहूर्त- 05:44 पी एम से 06:09 पी एम</li>
	<li>सायाह्न सन्ध्या- 05:44 पी एम से 07:00 पी एम</li>
	<li>अमृत काल- 12:58 पी एम से 02:35 पी एम</li>
</ul>

<p><strong>राहुकाल का समय</strong></p>

<ul>
	<li>दिल्ली- सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 तक</li>
	<li>मुंबई- सुबह 10:56 से दोपहर 12:23 तक</li>
	<li>चंडीगढ़- सुबह 10:43 से दोपहर 12:07 तक</li>
	<li>लखनऊ- सुबह 10:26 से दोपहर पहले 11:51 तक</li>
	<li>भोपाल- सुबह 10:39 से दोपहर 12:04 तक</li>
	<li>कोलकाता- सुबह 09:55 से दोपहर पहले 11:23 तक</li>
	<li>अहमदाबाद- सुबह 10:58 से दोपहर 12:24 तक</li>
	<li>चेन्नई- सुबह 10:25 से दोपहर पहले 11:53 तक</li>
</ul>

<p><strong>सूर्योदय-सूर्यास्त का समय </strong></p>

<ul>
	<li>सूर्योदय- सुबह 06:27 बजे </li>
	<li>सूर्यास्त- शाम 05:44 बजे</li>
</ul>

<p><strong>कल के दिन की विशेष बात</strong></p>

<p>प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर सभी नित्य कर्मों से निवृत्त होने के बाद भगवान शिव की उपासना करें। शिव जी को बेलपत्र, पुष्प, धूप-दीप और भोग आदि चढ़ाने के बाद शिव मंत्र का जाप करें। प्रदोष व्रत में प्रदोष काल का बहुत महत्व है। रात्रि के प्रथम प्रहर यानी सूर्यास्त के बाद के समय को प्रदोष काल कहते हैं। सुबह पूजा करने के बाद प्रदोष काल में भी इसी प्रकार भगवान शिव की पूजा करें। इस प्रकार जो व्यक्ति भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता है और प्रदोष व्रत रखता है, उसे जीवन में चल रही समस्त समस्याओं से छुटकारा मिलता है और उत्तम लोक की प्राप्ति होती है।</p>

<p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/religion/vastu-tips-main-gate-par-name-plate-lagane-ka-sahi-tarika-kya-hai-janiye-vastu-ke-jaruri-niyam-jo-layenge-positivity-2026-10-19-1233052" title="घर के मेन गेट पर नेम प्लेट लगाने से पहले जान लें ये 5 वास्तु नियम, ये टिप्स ला सकते हैं सकारात्मक ऊर्जा">घर के मेन गेट पर नेम प्लेट लगाने से पहले जान लें ये 5 वास्तु नियम, ये टिप्स ला सकते हैं सकारात्मक ऊर्जा </a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-23-october-2026-ka-panchang-shukrawar-pradosh-vrat-puja-muhurat-rahukal-aur-sunrise-sunset-time-2026-10-22-1249962     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-23-october-2026-ka-panchang-shukrawar-pradosh-vrat-puja-muhurat-rahukal-aur-sunrise-sunset-time-2026-10-22-1249962 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 20:37:46 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     21 अक्टूबर को चंद्रमा-राहु की युति से बनेगा ग्रहण दोष, मन-भावनाओं पर पड़ सकता है असर, जानें दोष कम करने के उपाय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ 21 अक्टूबर को चंद्रमा और राहु की युति बनने जा रही है। ज्योतिष के अनुसार, इसका असर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ सकता है। जानिए चंद्र ग्रहण दोष के संभावित प्रभाव और चंद्रमा व राहु से जुड़े विशेष उपाय।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/puja-pxl-3-1792506569.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[राहु और चंद्रमा के मिलन का ज्योतिषीय प्रभाव]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PINTEREST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/puja-pxl-3-1792506569.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/puja-pxl-3-1792506569.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      राहु और चंद्रमा के मिलन का ज्योतिषीय प्रभाव
                      <span class="copyright">Image Source : PINTEREST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि राहु भ्रम और अप्रत्याशित घटनाओं से जुड़ा है। <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-chandra-graham-dosh-21-october-2026-teen-rashiyan-aarthik-mamlon-ko-lekar-rahain-satark-2026-10-19-1249599"><strong>21 अक्टूबर 2026 की सुबह चंद्रमा और राहु की युति बनेगी</strong></a>। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इसे चंद्र ग्रहण दोष कहा जाता है। इस युति के प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके प्रभाव और दोष को शांत करने के लिए बताए गए उपाय।</p>
<p><strong>चंद्रमा-राहु की युति</strong></p>
<p>21 अक्टूबर की सुबह करीब 7 बजे चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में राहु पहले से विराजमान हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में चंद्र ग्रहण दोष कहा जाता है। मान्यता है कि कुंडली में चंद्रमा और राहु की स्थिति के अनुसार इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है।</p>
<p><strong>चंद्रमा-राहु युति के सकारात्मक प्रभाव</strong></p>
<p>ज्योतिष अनुसार, चंद्रमा-राहु की युति व्यक्ति को जीवन की परिस्थितियों को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित कर सकती है। इस दौरान फैसले लेने से पहले उनके संभावित परिणामों पर विचार करने और तर्क के आधार पर निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लंबे समय के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिल सकती है।</p>
<p><strong>चंद्रमा-राहु युति के नकारात्मक प्रभाव</strong></p>
<p>चंद्रमा-राहु की युति के नकारात्मक प्रभावों में बेचैनी, चिंता, भावनात्मक अस्थिरता और निर्णय लेने में भ्रम जैसी स्थितियां शामिल मानी जाती हैं। कुछ मान्यताओं में इसे अनिद्रा और सिरदर्द जैसी परेशानियों से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, इन लक्षणों को केवल ग्रहों की स्थिति से जोड़ना उचित नहीं है। लगातार परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।</p>
<p><strong>चंद्रमा के अशुभ प्रभाव कम करने के उपाय</strong></p>
<ul><li>चंद्रमा के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए भगवान शिव की पूजा, माता की सेवा और जल व दूध का दान करें।</li>
<li>इसके अलावा 'ऊं चंद्राय नमः' मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। साथ ही सफेद चीजें दान करने से मन की शांति के लिए सकारात्मक वातावरण बनता है।</li>
</ul><p><strong>ये उपाय दूर करेंगे राहु के नकारात्मक प्रभाव</strong></p>
<ul><li>राहु के प्रभाव को शांत करने के लिए ऊं रां राहवे नमः मंत्र का जाप, मां दुर्गा और भगवान भैरव की पूजा तथा सरस्वती आराधना करने की मान्यता है। </li>
<li>शनिवार को जरूरतमंदों की सेवा करना और तिल, नारियल व उड़द की दाल का दान करना भी उपायों में शामिल है। </li>
<li>गोमेद या मोती जैसे रत्न ज्योतिषीय सलाह के बिना धारण नहीं करने चाहिए।</li>
</ul><p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-dhanishtha-nakshatra-upay-ganesh-mantra-shami-puja-daan-jane-jivan-ki-pareshaniya-dur-karne-ke-tarike-2026-10-20-1249929" title="धनिष्ठा नक्षत्र में इन उपायों से दूर होंगी जीवन की परेशानियां? गणेश मंत्र से लेकर शमी आराधना तक जानें खास उपाय"><strong>धनिष्ठा नक्षत्र में इन उपायों से दूर होंगी जीवन की परेशानियां? गणेश मंत्र से लेकर शमी आराधना तक जानें खास उपाय  </strong> </a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-chandra-rahu-yuti-se-21-october-2026-ko-chandra-yog-ka-shubh-ashubh-prabhav-jane-dosh-kam-karne-ke-upay-2026-10-20-1249959     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-chandra-rahu-yuti-se-21-october-2026-ko-chandra-yog-ka-shubh-ashubh-prabhav-jane-dosh-kam-karne-ke-upay-2026-10-20-1249959 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 19:59:46 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     धनिष्ठा नक्षत्र में इन उपायों से दूर होंगी जीवन की परेशानियां? गणेश मंत्र से लेकर शमी आराधना तक जानें खास उपाय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ धनिष्ठा नक्षत्र में कई विशेष उपाय बताए गए हैं। इन उपायों से जीवन की कई परेशानियों से राहत मिलने की मान्यता है। ये उपाय जातक को वैवाहिक जीवन, नौकरी और संतान से जुड़ी समस्याओं से राहत दिला सकते हैं। जानिए धनिष्ठा नक्षत्र में किए जाने वाले कुछ उपायों के बारे में। 

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/puja-pxl-1792493750.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[धनिष्ठा नक्षत्र के उपाय]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PEXELS]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/puja-pxl-1792493750.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/puja-pxl-1792493750.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      धनिष्ठा नक्षत्र के उपाय
                      <span class="copyright">Image Source : PEXELS</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>21 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि है। बुधवार को शाम 7 बजकर 48 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग रहेगा। इस दिन से पंचक भी शुरू होने जा रहा है। धनिष्ठा नक्षत्र में कुछ विशेष उपाय करना शुभ फलदायी माना जाता है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस नक्षत्र में शमी के वृक्ष की पूजा, भगवान गणेश की उपासना और कुछ विशेष चीजों का दान करने से जीवन की विभिन्न समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। तो फिर चलिए जानते हैं धनिष्ठा नक्षत्र में किए जाने वाले कुछ विशेष उपायों के बारे में। <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-21-october-2026-ka-panchang-budhwar-ko-itne-baje-se-shuru-hogi-ekadashi-tithi-jane-shubh-muhurat-aur-rahukal-ka-samay-2026-10-20-1249895" target="_blank"><strong>21 अक्टूबर का पूरा पंचांग आप यहां देख सकते हैं</strong></a>। </p>
<ul><li>आज शुभ फलों की प्राप्ति के लिए सुबह स्नान आदि के बाद शमी के वृक्ष की पूजा-अर्चना करनी चाहिए। साथ ही शमी के वृक्ष से संबंधित किसी भी चीज को क्षति न पहुंचें, इस बात का ध्यान रखना चाहिए।</li>
<li>अगर जीवन में खुशहाली पाना चाहते हैं, जिंदगी को ताजगी से भर देना चाहते हैं, तो शमी के वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाएं और दोनों हाथ जोड़कर वृक्ष को प्रणाम करें। साथ ही पूरे दिन में जब भी मौका मिले, तो ढोल या मृदंग पर बजाया गया संगीत जरूर सुनें। अगर आपको खुद बजाना आता है, तो आज जरूर बजाएं।</li>
<li>अगर आप ऑफिस में सीनियर्स या बॉस के साथ अपने रिश्ते को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं, तो आज के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर सबसे पहले गणेश भगवान के चरणों में प्रणाम करें। वहीं, भगवान के सामने आसन बिछाकर बैठ जाएं और इस मंत्र 'श्री गणेशाय नमः' का 21 बार जप करें।</li>
<li>अगर आप अपने वैवाहिक जीवन को मिठास से भर देना चाहते हैं, तो आज के दिन गणेश जी की पूजा के समय हल्दी में थोड़ा सा घी मिलाकर भगवान के मस्तक पर तिलक लगाएं और उनके सामने घी का दीपक भी जलाएं।</li>
<li>अगर आप किसी भी तरह की मुसीबत से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आज आपको श्री गणेश की उपासना करनी चाहिए। साथ ही उनके वक्रतुण्ड मंत्र 'वक्र तुण्डाय हुं' का जप करें। इस मंत्र का 21 बार जप करें और गणेश जी को नारियल अर्पित करें।</li>
<li>अगर आप अपने और संतान के स्वास्थ्य के लिए परेशान रहते हैं, तो दोनों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए घर में कुत्ता पालें। ऐसा न कर सकें, तो कुत्ते को रोटी खिलाएं।</li>
<li>अगर कुछ दिनों से नौकरी से संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, तो आज घी, पिसी हुई शक्कर और सफेद तिल मिलाकर लड्डू बनाएं और भगवान गणेश को भोग लगाएं। अगर लड्डू न बना पाएं, तो सफेद तिल, घी और पिसी शक्कर मंदिर में दान कर दें।</li>
<li>अगर संतान आपकी नहीं मानती और वह हर काम में अपनी मनमानी चलाती है, तो अपनी संतान को अपने फेवर में करने के लिए और संतान से संबंधित अन्य शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए किसी मंदिर या धर्मस्थल पर कंबल का दान करें। अगर कंबल काले और सफेद रंग का हो, तो और भी अच्छा है। ऐसा करने से संतान आपके फेवर में होगी।</li>
<li>अगर आप अपनी भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज स्नान आदि के बाद आपको भगवान श्री गणेश की उपासना करनी चाहिए। साथ ही श्री गणेश के इस 'गं गणपतये नमः' मंत्र का जप करें। इस मंत्र का एक माला यानी 108 बार जप करें और फिर भगवान को दूर्वा की गांठ अर्पित करनी चाहिए।</li>
<li>अगर आपके दाम्पत्य संबंधों की खुशहाली में कोई तीसरा अड़चनें डाल रहा है, तो उससे अपना पीछा छुड़ाने के लिए आज के दिन एक मुट्ठी मसूर की दाल लें और उसे अपने जीवनसाथी के हाथों से सात बार स्पर्श कराएं। इसके बाद दाल को साफ बहते जल में प्रवाहित कर दें।</li>
</ul><p>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</p>
<p>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-what-to-do-with-grown-barley-jau-know-the-right-niyam-and-remedies-2026-10-20-1249744" title="नवरात्रि समाप्त होने के बाद जौ का क्या करना चाहिए? यहां जानें सही नियम और उपाय">नवरात्रि समाप्त होने के बाद जौ का क्या करना चाहिए? यहां जानें सही नियम और उपाय </a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-dhanishtha-nakshatra-upay-ganesh-mantra-shami-puja-daan-jane-jivan-ki-pareshaniya-dur-karne-ke-tarike-2026-10-20-1249929     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-dhanishtha-nakshatra-upay-ganesh-mantra-shami-puja-daan-jane-jivan-ki-pareshaniya-dur-karne-ke-tarike-2026-10-20-1249929 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 16:30:49 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     22 अक्टूबर 2026 का पंचांग: गुरुवार को रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ 22 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि एकादशी और गुरुवार का दिन है । एकादशी तिथि गुरुवार को दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 22 अक्टूबर 2026 का पूरा पंचांग।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-2-1792487660.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[गुरुवार का पंचांग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-2-1792487660.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-2-1792487660.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      गुरुवार का पंचांग
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>22 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि एकादशी और गुरुवार का दिन है । एकादशी तिथि गुरुवार को दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। 22 अक्टूबर को रात 11 बजकर 40 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा। साथ ही गुरुवार को रात 8 बजकर 49 मिनट तक शतभिषा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 22 अक्टूबर को पंचक और पापांकुशा <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-october-2026-last-ekadashi-vrat-kab-hai-21-ya-22-know-the-right-date-and-shubh-muhurat-papankusha-ekadashi-significance-2026-10-13-1248525" target="_blank" title="अक्टूबर की आखिरी एकादशी 21 को है या 22 को? यहां दूर करें कंफ्यूजन, नोट कर लें सटीक तारीख और मुहूर्त">एकादशी </a>व्रत है। तो आइए ऐसे में आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं गुरुवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। </p>

<h3><strong>22 अक्टूबर 2026 का पंचांग</strong></h3>

<ul>
	<li>आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि- 22 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 49 मिनट तक</li>
	<li>वृद्धि योग- 22 अक्टूबर 2026 को रात 11 बजकर 40 मिनट तक</li>
	<li>शतभिषा नक्षत्र- 22 अक्टूबर 2026 को रात 8 बजकर 49 मिनट तक</li>
	<li>22 अक्टूबर 2026 विशेष- पापांकुशा एकादशी</li>
</ul>

<h3><strong>22 अक्टूबर 2026 का शुभ समय</strong></h3>

<ul>
	<li>ब्रह्म मुहूर्त- 04:45 ए एम से 05:35 ए एम</li>
	<li>प्रातः संध्या- 05:10 ए एम से 06:26 ए एम</li>
	<li>अभिजित मुहूर्त- 11:43 ए एम से 12:28 पी एम</li>
	<li>विजय मुहूर्त- 01:58 पी एम से 02:44 पी एम</li>
	<li>गोधूलि मुहूर्त- 05:45 पी एम से 06:10 पी एम</li>
	<li>सायाह्न संध्या- 05:45 पी एम से 07:01 पी एम</li>
	<li>अमृत काल- 01:18 पी एम से 02:58 पी एम</li>
</ul>

<h3><strong>राहुकाल का समय</strong></h3>

<ul>
	<li>दिल्ली- दोपहर 01:30 से दोपहर 02:55 तक</li>
	<li>मुंबई- दोपहर 01:50 से दोपहर बाद 03:17 तक</li>
	<li>चंडीगढ़- दोपहर 01:31 से दोपहर 02:56 तक</li>
	<li>लखनऊ- दोपहर 01:16 से दोपहर 02:41 तक</li>
	<li>भोपाल- दोपहर 01:31 से दोपहर 02:57 तक</li>
	<li>कोलकाता- दोपहर 12:47 से दोपहर 02:13 तक</li>
	<li>अहमदाबाद- दोपहर 01:50 से दोपहर बाद 03:16 तक</li>
	<li>चेन्नई- दोपहर 01:21 से दोपहर 02:50 तक</li>
</ul>

<h3><strong>सूर्योदय-सूर्यास्त का समय </strong></h3>

<ul>
	<li>सूर्योदय- सुबह 06:25 बजे </li>
	<li>सूर्यास्त- शाम 05:44 बजे</li>
</ul>

<h3><strong>पापांकुशा एकादशी व्रत महत्व</strong></h3>

<p>हर एकादशी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आश्विन शुक्ल पक्ष की ये एकादशी सबका कल्याण करने वाली बतायी गई है। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। कहते हैं आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और व्रत करने से जीवन में वैभव की प्राप्ति होती है। साथ ही मनचाही इच्छाओं की पूर्ति होती है और घर में पैसों की बढ़ोतरी होती है।</p>

<p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-mount-of-mercury-in-palmistry-ke-sanket-hathheli-mein-budh-parvat-kholta-hai-buddhi-bani-career-ke-raaz-2026-10-19-1248871" target="_blank" title="हथेली में बुध पर्वत खोलता है बुद्धि और वाणी के राज, सामुद्रिक शास्त्र से जानें किन क्षेत्रों में दिला सकता है सफलता">हथेली में बुध पर्वत खोलता है बुद्धि और वाणी के राज, सामुद्रिक शास्त्र से जानें किन क्षेत्रों में दिला सकता है सफलता</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-22-october-2026-ka-panchang-guruwar-ko-rakha-jayega-papankusha-ekadash-ka-vrat-jane-shubh-muhurat-aur-rahukaal-ka-samay-2026-10-21-1249915     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-22-october-2026-ka-panchang-guruwar-ko-rakha-jayega-papankusha-ekadash-ka-vrat-jane-shubh-muhurat-aur-rahukaal-ka-samay-2026-10-21-1249915 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 14:57:27 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     बुधवार को इतने बजे से शुरू होगी एकादशी तिथि, साथ ही लगने वाले हैं पंचक, जानें मुहूर्त और राहुकाल का समय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बुधवार को दशमी तिथि बुधवार को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। 21 अक्टूबर से पंचक भी शुरू होने वाले हैं। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 21 अक्टूबर 2026 का पूरा पंचांग।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-01t230826-1792482909.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[बुधवार का दैनिक पंचांग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-01t230826-1792482909.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-01t230826-1792482909.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      बुधवार का दैनिक पंचांग
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>21 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष की उदया तिथि दशमी और बुधवार का दिन है। दशमी तिथि बुधवार को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी। 21 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 48 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा 21 अक्टूबर से <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-panchak-niyam-these-panchak-is-very-inauspicious-never-do-these-things-during-this-time-january-2026-panchak-date-and-timing-2026-01-20-1191962" target="_blank" title=" ये पंचक होते हैं सबसे ज्यादा अशुभ, इन बातों का रखें खास ध्यान">पंचक</a></strong> शुरू हो रहे हैं। तो आइए ऐसे में आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। </p>
<h3><strong>21 अक्टूबर 2026 का पंचांग</strong></h3>
<ul><li>आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि- 21 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी</li>
<li>धनिष्ठा नक्षत्र- 21 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजकर 48 मिनट तक</li>
<li>21 अक्टूबर 2026 विशेष- पंचक आरंभ</li>
</ul><h3><strong>21 अक्टूबर 2026 का शुभ समय</strong></h3>
<ul><li>ब्रह्म मुहूर्त- 04:44 ए एम से 05:35 ए एम</li>
<li>प्रातः संध्या- 05:10 ए एम से 06:25 ए एम</li>
<li>अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं</li>
<li>विजय मुहूर्त- 01:59 पी एम से 02:44 पी एम</li>
<li>गोधूलि मुहूर्त- 05:46 पी एम से 06:11 पी एम</li>
<li>सायाह्न संध्या- 5:46 पी एम से 07:02 पी एम</li>
</ul><h3><strong>राहुकाल का समय</strong></h3>
<ul><li>दिल्ली- दोपहर 12:06 से दोपहर 01:31 तक</li>
<li>मुंबई- दोपहर 12:23 से दोपहर 01:50 तक</li>
<li>चंडीगढ़- दोपहर 12:07 से दोपहर 01:32 तक</li>
<li>लखनऊ- दोपहर पहले 11:51 से दोपहर 01:16 तक</li>
<li>भोपाल- दोपहर 12:05 से दोपहर 01:31 तक</li>
<li>कोलकाता- दोपहर पहले 11:21 से दोपहर 12:48 तक</li>
<li>अहमदाबाद- दोपहर 12:24 से दोपहर बाद 01:50 तक</li>
<li>चेन्नई- दोपहर पहले 11:53 से दोपहर 01:22 तक</li>
</ul><h3><strong>सूर्योदय-सूर्यास्त का समय </strong></h3>
<ul><li>सूर्योदय- सुबह 06:25 बजे </li>
<li>सूर्यास्त- शाम 05:45 बजे</li>
</ul><h3><strong>पंचक के बारे में</strong></h3>
<p>21 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर पंचक शुरू हो रहे हैं। आपको बता दें कि धनिष्ठा एक पंचक नक्षत्र ह । धनिष्ठा से लेकर रेवती तक के पांच नक्षत्रों को पंचक नक्षत्र कहा जाता है। पंचक की श्रेणी में धनिष्ठा पहला पंचक है, इसलिए आज पंचक है।पंचक के दौरान घर में लकड़ी का कार्य नहीं कराना चाहिए और न ही लकड़ी इकट्ठी करनी चाहिए। अगर आप यह कार्य इस समय करेंगे तो अच्छा नहीं माना जाता। अतः 25 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 22 मिनट तक आपको इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-october-2026-last-ekadashi-vrat-kab-hai-21-ya-22-know-the-right-date-and-shubh-muhurat-papankusha-ekadashi-significance-2026-10-13-1248525" target="_blank" title="अक्टूबर की आखिरी एकादशी 21 को है या 22 को? यहां दूर करें कंफ्यूजन, नोट कर लें सटीक तारीख और मुहूर्त">अक्टूबर की आखिरी एकादशी 21 को है या 22 को? यहां दूर करें कंफ्यूजन, नोट कर लें सटीक तारीख और मुहूर्त</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-21-october-2026-ka-panchang-budhwar-ko-itne-baje-se-shuru-hogi-ekadashi-tithi-jane-shubh-muhurat-aur-rahukal-ka-samay-2026-10-20-1249895     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-21-october-2026-ka-panchang-budhwar-ko-itne-baje-se-shuru-hogi-ekadashi-tithi-jane-shubh-muhurat-aur-rahukal-ka-samay-2026-10-20-1249895 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 13:37:04 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Ayudha Puja 2026: आज शस्त्र-वाहन पूजन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त क्या रहेगा? जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूजा विधि     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ दशहरा के दिन देश के कई राज्यों में शस्त्र पूजा का विशेष महत्व है। इस परंपरा के तहत वाहनों और आजीविका के दौरान काम आने वाले औजारों और उपकरणों की पूजा करने का विधान है, जिसे आयुध पूजा भी कहा जाता है।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1792476029.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[आयुध पूजा 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1792476029.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1792476029.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      आयुध पूजा 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>विजयादशमी के दिन आयुध पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन कार्यक्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले औजारों, मशीनों, वाहनों, शस्त्रों और व्यावसायिक उपकरणों की पूजा करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन वाहनों और आजीविका के दौरान काम आने वाले औजारों, उपकरणों की पूजा करने से कार्यक्षेत्र में प्रगति होती है, दुर्घटनाओं से बचाव होता है और व्यापार में तरक्की के योग बनते हैं। तो आइए जानते हैं कि आज आयुध पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। साथ ही जानिए पूजा विधि स्टेप-बाय-स्टेप।</p>

<h3><strong>आयुध पूजा 2026 शुभ मुहूर्त</strong></h3>

<p>इस साल 20 अक्टूबर 2026 को आयुध पूजा की जाएगी। अस्त्र-शस्त्रों की पूजा के लिए विजय मुहूर्त को सबसे उत्तम माना जाता है। विजय मुहूर्त का आरंभ आज दोपहर 1 बजकर 59 मिनट पर और समाप्त दोपहर 2 बजकर 45 मिनट पर होगा। वहीं अपराह्न पूजा का मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।</p>

<h3><strong>आयुध पूजा विधि स्टेप-बाय-स्टेप</strong></h3>

<ul>
	<li>पूजा शुरू करने से पहले अपने सभी शस्त्रों, औजारों, गाड़ियों या व्यावसायिक मशीनों की अच्छे से सफाई कर लें।</li>
	<li>पूजन स्थल और अपने सभी उपकरणों पर थोड़ा गंगाजल छिड़ककर शुद्ध कर लें।</li>
	<li>इसके बाद सभी औजारों, <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-vijayadashami-par-kyu-karte-hai-shastra-puja-jane-iss-dussehra-parampara-ki-dharmik-manyata-2026-10-17-1249489" target="_blank" title="दशहरे पर शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा क्यों की जाती है? जानिए इस परंपरा के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता">शस्त्रों </a></strong>और वाहनों पर हल्दी, कुमकुम (रोली) और चंदन से तिलक लगाएं।</li>
	<li>फिर वाहनों पर स्वास्तिक का शुभ चिह्न बनाएं।</li>
	<li>उपकरणों और वाहनों पर गेंदे के फूलों की माला पहनाएं।</li>
	<li>सभी औजारों और गाड़ियों के स्टीयरिंग/हैंडल पर रक्षासूत्र (कलावा) बांधें।</li>
	<li>अब धूप, दीप जलाकर मां दुर्गा, भगवान राम और विश्वकर्मा जी का ध्यान करें।</li>
	<li>भगवान को फल, मिठाई और नारियल चढ़ाएं।</li>
	<li>वाहन पूजन के अंत में वाहन के सामने से एक साबुत नारियल घुमाकर फोड़ें। </li>
</ul>

<h3><strong>आयुध पूजा मंत्र</strong></h3>

<ol>
	<li>शस्त्र देवता पूजनम्, रक्षा कर्ता पूजनम्' </li>
	<li>ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥</li>
</ol>

<h3><strong>शस्त्र पूजा से जुड़ी पौराणिक कथा</strong></h3>

<p>पौराणिक कथा के अनुसार,  नौ दिनों तक चले भंयकर युद्ध के बाद मां दुर्गा  ने महिषासुर के बीच राक्षस का वध किया था। इसके बाद में सभी देवी-देवताओं ने मिलकर उनके शस्त्रों की पूजा की थी। वहीं दूसरी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  रभगवान राम ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले और युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए पहले मां अपराजिता और अपने अस्त्रों-शस्त्रों की पूजा की थी। जिसके बाद ही विजयादशमी पर रावण का वध करके लंका पर विजय हासिल किया था। </p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-puja-vidhi-shubh-muhurat-ravan-dahan-timing-vidhi-mantra-katha-aarti-know-every-information-2026-10-20-1249843" target="_blank" title=" दशहरा की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और रावण दहन की टाइमिंग, जानें सबकुछ यहां">Dussehra 2026 Live: दशहरा की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और रावण दहन की टाइमिंग, जानें सबकुछ यहां</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/festivals-ayudha-puja-2026-know-date-shubh-muhurat-significance-and-step-by-step-puja-vidhi-2026-10-20-1249875     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/festivals-ayudha-puja-2026-know-date-shubh-muhurat-significance-and-step-by-step-puja-vidhi-2026-10-20-1249875 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 11:52:07 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Dussehra 2026 Live:  दशहरा की पूजा विधि से लेकर रावण दहन के मुहूर्त तक, यहां जानिए सबकुछ     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आज जीत का प्रतीक विजयदशमी यानी दशहरा का त्योहार भी मनाया जाएगा। पुराणों के अनुसार रावण पर भगवान श्री राम की जीत के उपलक्ष्य में विजयदशमी का ये त्योहार मनाया जाता है। तो आइए जानते हैं दशहरा पूजा विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-20t070707-1792460294.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दशहरा 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-20t070707-1792460294.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-20t070707-1792460294.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दशहरा 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार पूरे देशभर में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार, इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी माना जाता है। विजयादशमी को महिषासुर नामक दानव पर देवी दुर्गा की विजय के रूप में भी मनाया जाता है। विजयादशमी को दशहरा अथवा दसरा के नाम से भी जाना जाता है। नेपाल में दशहरा को दशैं के रूप में मनाया जाता है। दशहरा के दिन शमी पूजा, अपराजिता पूजा भी किया जाता है। दशहरा के दिन भगवान राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण जी और बजरंगबली की पूजा-अर्चना करना अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना जाता है। आज के दिन श्री राम की आराधना करने से घर-परिवार में सुख-समृ्द्धि का वास रहता है और खुशहाली, संपन्नता बनी रहती है। तो आइए जानते हैं दशहरा के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।</p>

<h3><strong>दशहरा (विजयादशमी) 2026 पूजा का शुभ समय</strong></h3>

<p>पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा। दशमी तिथि समाप्त 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 14 मिनट से दोपहर 3 बजे तक रहेगा।</p>

<h3><strong>दशहरा 2026 के दिन रावन दहन का मुहूर्त</strong></h3>

<p>दशहरा के दिन हर साल  रावण का पूतला जलाया जाता है, जिसे <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-ravan-dahan-time-2026-ravan-kab-jalega-delhi-up-pune-lucknow-mein-ravan-ka-putla-jalane-ka-sahi-samay-2026-10-19-1249716" target="_blank" title=" इस साल रावण दहन कब किया जाएगा? जान लें दिल्ली, यूपी समेत अपने शहर की सही टाइमिंग">रावण दहन </a></strong>कहते हैं। आज यानी 20 अक्टूबर को सूर्यास्त के बाद रावण दहन किया जाएगा। 20 अक्टूबर  की शाम को सूर्यास्त के बाद लगभग शाम 05:45 बजे से रात 08:30 बजे के बीच देश के विभिन्न रामलीला मैदानों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। बता दें कि स्थानीय रामलीला मैदान समितियों के कार्यक्रमों के अनुसार भी पुतला दहन का समय निर्धारित होता है, इसलिए रावण दहन देखने जाने से पहले अपने शहर के आयोजन की सही जानकारी जरूर लें।</p>

<h3><strong>दशहरा पूजा विधि</strong></h3>

<ul>
	<li>दशहरा के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ-सुथरे शुभ रंगों वाले कपड़े पहने लें</li>
	<li>इसके बाद पूजा स्थान पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। </li>
	<li>फिर विधि विधान भगवान की पूजा करें।</li>
	<li>साथ ही मां दुर्गा का भी पूजन करें। </li>
	<li>देवी-देवताओं को रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य चढ़ाएं।</li>
	<li>इसके बाद हवन और आरती करें।</li>
	<li>फिर पूजा के बाद सभी में प्रसाद बांट दें।</li>
	<li>इसके बाद शाम में रावण दहन करें।</li>
</ul>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-vijaya-dashami-ke-din-karein-bhagwan-ram-ki-aarti-aur-chalisa-ka-path-har-kam-me-milegi-safalta-dur-honge-sabhi-sankat-2026-10-19-1249734" target="_blank" title="विजयादशमी के दिन करें भगवान राम की आरती और चालीसा का पाठ, हर कार्य में मिलेगी सफलता और दूर होंगे सभी संकट">विजयादशमी के दिन करें भगवान राम की आरती और चालीसा का पाठ, हर कार्य में मिलेगी सफलता और दूर होंगे सभी संकट</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-puja-vidhi-shubh-muhurat-ravan-dahan-timing-vidhi-mantra-katha-aarti-know-every-information-2026-10-20-1249843     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-puja-vidhi-shubh-muhurat-ravan-dahan-timing-vidhi-mantra-katha-aarti-know-every-information-2026-10-20-1249843 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 07:34:52 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     नवरात्रि समाप्त होने के बाद जौ का क्या करना चाहिए? यहां जानें सही नियम और उपाय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ नवरात्रि समाप्त होने के बाद बोए गए जौ को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति में रहते हैं।  शास्त्रों में नवरात्रि के जौ को सुख, समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक माना गया है। इसलिए नवरात्रि समाप्त होने के बाद इसे सही नियमों के अनुसार ही विसर्जित करना चाहिए। तो यहां जानिए नवरात्रि के बाद जौ का क्या करना चाहिए।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-20-oct-2026-09-53-am-200-1792472936.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[नवरात्रि के बाद जौ का क्या करें]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-20-oct-2026-09-53-am-200-1792472936.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-20-oct-2026-09-53-am-200-1792472936.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      नवरात्रि के बाद जौ का क्या करें
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>नवरात्रि के पहले दिन देवी मां का आह्वान कर के कलश स्थापना और अखंड ज्योत जलाया जाता है। इसके साथ ही जौ बोने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में जौ बोना अत्यंत ही शुभ माना जाता है। <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-navratri-me-jau-or-jware-kyu-boye-jate-hain-janiye-sahi-niyam-aur-inse-jude-shubh-ashubh-sanket-2026-10-10-1248071" target="_blank" title="नवरात्रि में क्यों बोए जाते हैं जौ? जानिए सही नियम और इनसे जुड़े शुभ-अशुभ संकेत">जौ का रंग कई बातों का संकेत देता है</a></strong>। जौ का अच्छे से लंबा और सीधा बढ़ना, हरे भरे जौ धन लाभ और आर्थिक समृद्धि का संकेत देता है। वहीं काले, पीले और छोटे आकार के जौ आर्थिक हानि के संकेत देते हैं। नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक जौ की भी पूजा की जाती है। लेकिन बहुत से लोग नवरात्रि के बाद असमंजस में रहते हैं कि अब जौ का क्या करना है। तो आइए जानते हैं कि नवरात्रि समाप्त होने के बाद जौ का क्या करना चाहिए। </p>

<h3><strong>पवित्र जल में प्रवाहित करें</strong></h3>

<p>नवरात्रि के दसवें यानी आखिरी दिन  देवी दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा करें और कलश, जौ को भी दीया दिखाएं। इसके बाद देवी मां से जाने अनजाने में हुई गलती के लिए माफी क्षमा प्रार्थना करें। इसके बाद सम्मान भाव और श्रद्धापूर्वक जौ को उठाएं और उसे किसी पवित्र नदी या साफ तालाब में विसर्जित कर दें।</p>

<h3><strong>पेड़ के पास रख दें</strong></h3>

<p>अगर आपके आसपास कोई नदी, तालाब नहीं है तो जौ को पीपल या बरगद पेड़ के नीचे भी रख सकते हैं।  इसके अलावा आप इन्हें घर के किसी बड़े गमले की मिट्टी में भी मिला सकते हैं ताकि वे खाद बन जाएं।</p>

<h3><strong>कुछ जौ तिजोरी में रखें</strong></h3>

<p>जौ की कुछ सुंदर और हरी-भरी सुंदर पत्तियों को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन वाले स्थान पर रखें। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से धन-धान्य में बरकत होती है। </p>

<h3><strong>मुख्य द्वार पर टांग दें</strong></h3>

<p>कुछ जौ लेकर उसे कलावे या मौली से बांधकर घर के मुख्य द्वार पर टांग दें। इस उपाय को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बुरी शक्तियां दूर रहती हैं।</p>

<h3><strong>कान के पीछे जौ रखने की परंपरा</strong></h3>

<p>कई जगहों पर दशमी तिथि के दिन घर के पुरुष सदस्य और बच्चे कुछ जौ के तिनकों को अपने कान के पीछे रखते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है। इसके अलावा माना जाता है कि ऐसा करने से घर में धन का आगमन होता है।</p>

<h3><strong>इन बातों का रखें ध्यान</strong></h3>

<ul>
	<li>जौ को कभी भी कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। </li>
	<li>जौ मां भगवती का प्रसाद है, इसे ऐसे स्थान पर विसर्जित करें जहां किसी के पैर न पड़ें।</li>
	<li>जौ को हमेशा बहते हुए और स्वच्छ जल में ही प्रवाहित करें।</li>
	<li>अगर कुछ समझ नहीं आ रहा है तो अपने घर के गमले या बगीचे की मिट्टी में ही इन्हें दबा दें।</li>
</ul>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-ravan-dahan-time-2026-ravan-kab-jalega-delhi-up-pune-lucknow-mein-ravan-ka-putla-jalane-ka-sahi-samay-2026-10-19-1249716" target="_blank" title=" इस साल रावण दहन कब किया जाएगा? जान लें दिल्ली, यूपी समेत अपने शहर की सही टाइमिंग">Ravan Dahan Time 2026: इस साल रावण दहन कब किया जाएगा? जान लें दिल्ली, यूपी समेत अपने शहर की सही टाइमिंग</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-what-to-do-with-grown-barley-jau-know-the-right-niyam-and-remedies-2026-10-20-1249744     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-what-to-do-with-grown-barley-jau-know-the-right-niyam-and-remedies-2026-10-20-1249744 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 14:54:37 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     विजयादशमी के दिन करें भगवान राम की आरती और चालीसा का पाठ, हर कार्य में मिलेगी सफलता और दूर होंगे सभी संकट     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ विजयादशमी के दिन राम चालीसा का पाठ जरूर करें। इसके साथ विजयादशमी की पूजा राम जी की आरती के साथ संपन्न करें। ऐसा करने से व्यक्ति को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1-1792397341.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[भगवान राम की स्तुति और आरती]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PEXELS]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1-1792397341.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1-1792397341.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      भगवान राम की स्तुति और आरती
                      <span class="copyright">Image Source : PEXELS</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>हिंदू धर्म में विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व को अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध किया जाता था। विजयादशमी के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-dussehra-2026-offer-these-special-bhog-to-lord-ram-on-vijaya-dashami-to-bring-wealth-and-prosperity-2026-10-19-1249710" target="_blank" title="विजयादशमी पर भगवान श्रीराम को लगाएं इन खास चीजों का भोग, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि">भगवान श्रीराम </a></strong>की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। विजयादशमी के दिन श्रीराम चालीसा का पाठ और रघुनंदन जी आरती भी जरूर करें। ऐसा करने से जातक को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।</p>

<h3><strong>श्री राम चालीसा</strong></h3>

<p><strong>॥ चौपाई ॥</strong></p>

<p>श्री रघुबीर भक्त हितकारी।सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥</p>

<p>निशि दिन ध्यान धरै जो कोई।ता सम भक्त और नहीं होई॥</p>

<p>ध्यान धरें शिवजी मन मांही।ब्रह्मा, इन्द्र पार नहीं पाहीं॥</p>

<p>दूत तुम्हार वीर हनुमाना।जासु प्रभाव तिहुं पुर जाना॥</p>

<p>जय, जय, जय रघुनाथ कृपाला।सदा करो संतन प्रतिपाला॥</p>

<p>तुव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला।रावण मारि सुरन प्रतिपाला॥</p>

<p>तुम अनाथ के नाथ गोसाईं।दीनन के हो सदा सहाई॥</p>

<p>ब्रह्मादिक तव पार न पावैं।सदा ईश तुम्हरो यश गावैं॥</p>

<p>चारिउ भेद भरत हैं साखी।तुम भक्तन की लज्जा राखी॥</p>

<p>गुण गावत शारद मन माहीं।सुरपति ताको पार न पाहिं॥</p>

<p>नाम तुम्हार लेत जो कोई।ता सम धन्य और नहीं होई॥</p>

<p>राम नाम है अपरम्पारा।चारिहु वेदन जाहि पुकारा॥</p>

<p>गणपति नाम तुम्हारो लीन्हो।तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हो॥</p>

<p>शेष रटत नित नाम तुम्हारा।महि को भार शीश पर धारा॥</p>

<p>फूल समान रहत सो भारा।पावत कोऊ न तुम्हरो पारा॥</p>

<p>भरत नाम तुम्हरो उर धारो।तासों कबहूं न रण में हारो॥</p>

<p>नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा।सुमिरत होत शत्रु कर नाशा॥</p>

<p>लखन तुम्हारे आज्ञाकारी।सदा करत सन्तन रखवारी॥</p>

<p>ताते रण जीते नहिं कोई।युद्ध जुरे यमहूं किन होई॥</p>

<p>महालक्ष्मी धर अवतारा।सब विधि करत पाप को छारा॥</p>

<p>सीता राम पुनीता गायो।भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो॥</p>

<p>घट सों प्रकट भई सो आई।जाको देखत चन्द्र लजाई॥</p>

<p>जो तुम्हरे नित पांव पलोटत।नवो निद्धि चरणन में लोटत॥</p>

<p>सिद्धि अठारह मंगलकारी।सो तुम पर जावै बलिहारी॥</p>

<p>औरहु जो अनेक प्रभुताई।सो सीतापति तुमहिं बनाई॥</p>

<p>इच्छा ते कोटिन संसारा।रचत न लागत पल की बारा॥</p>

<p>जो तुम्हरे चरणन चित लावै।ताकी मुक्ति अवसि हो जावै॥</p>

<p>सुनहु राम तुम तात हमारे।तुमहिं भरत कुल पूज्य प्रचारे॥</p>

<p>तुमहिं देव कुल देव हमारे।तुम गुरु देव प्राण के प्यारे॥</p>

<p>जो कुछ हो सो तुमहिं राजा।जय जय जय प्रभु राखो लाजा॥</p>

<p>राम आत्मा पोषण हारे।जय जय जय दशरथ के प्यारे॥</p>

<p>जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरुपा।नर्गुण ब्रहृ अखण्ड अनूपा॥</p>

<p>सत्य सत्य जय सत्यव्रत स्वामी।सत्य सनातन अन्तर्यामी॥</p>

<p>सत्य भजन तुम्हरो जो गावै।सो निश्चय चारों फल पावै॥</p>

<p>सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं।तुमने भक्तिहिं सब सिधि दीन्हीं॥</p>

<p>ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरुपा।नमो नमो जय जगपति भूपा॥</p>

<p>धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा।नाम तुम्हार हरत संतापा॥</p>

<p>सत्य शुद्ध देवन मुख गाया।बजी दुन्दुभी शंख बजाया॥</p>

<p>सत्य सत्य तुम सत्य सनातन।तुम ही हो हमरे तन-मन धन॥</p>

<p>याको पाठ करे जो कोई।ज्ञान प्रकट ताके उर होई॥</p>

<p>आवागमन मिटै तिहि केरा।सत्य वचन माने शिव मेरा॥</p>

<p>और आस मन में जो होई।मनवांछित फल पावे सोई॥</p>

<p>तीनहुं काल ध्यान जो ल्यावै।तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै॥</p>

<p>साग पत्र सो भोग लगावै।सो नर सकल सिद्धता पावै॥</p>

<p>अन्त समय रघुबर पुर जाई।जहां जन्म हरि भक्त कहाई॥</p>

<p>श्री हरिदास कहै अरु गावै।सो बैकुण्ठ धाम को पावै॥</p>

<p><strong>॥ दोहा ॥</strong></p>

<p>सात दिवस जो नेम कर,पाठ करे चित लाय।<br />
हरिदास हरि कृपा से,अवसि भक्ति को पाय॥<br />
राम चालीसा जो पढ़े,राम चरण चित लाय।<br />
जो इच्छा मन में करै,सकल सिद्ध हो जाय॥</p>

<h3><strong>भगवान श्री राम की आरती</strong></h3>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन,हरण भवभय दारुणम्।</p>

<p>नव कंज लोचन, कंज मुख करकंज पद कंजारुणम्॥</p>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन...॥</p>

<p>कन्दर्प अगणित अमित छवि,नव नील नीरद सुन्दरम्।</p>

<p>पट पीत मानहुं तड़ित रूचि-शुचिनौमि जनक सुतावरम्॥</p>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन...॥</p>

<p>भजु दीनबंधु दिनेशदानव दैत्य वंश निकन्दनम्।</p>

<p>रघुनन्द आनन्द कन्द कौशलचन्द्र दशरथ नन्द्नम्॥</p>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन...॥</p>

<p>सिर मुकुट कुंडल तिलकचारू उदारु अंग विभूषणम्।</p>

<p>आजानुभुज शर चाप-धर,संग्राम जित खरदूषणम्॥</p>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन...॥</p>

<p>इति वदति तुलसीदास,शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।</p>

<p>मम हृदय कंज निवास कुरु,कामादि खल दल गंजनम्॥</p>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन...॥</p>

<p>मन जाहि राचेऊ मिलहिसो वर सहज सुन्दर सांवरो।</p>

<p>करुणा निधान सुजानशील सनेह जानत रावरो॥</p>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन...॥</p>

<p>एहि भाँति गौरी असीससुन सिय हित हिय हरषित अली।</p>

<p>तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनिमुदित मन मन्दिर चली॥</p>

<p>श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन...॥</p>

<h3><strong>राम जी के मंत्र</strong></h3>

<ol>
	<li>ॐ श्री रामचन्द्राय नमः।</li>
	<li> ॐ श्री रामाय नमः॥</li>
	<li>ॐ रां रामाय नमः।</li>
	<li>श्री रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।</li>
	<li>श्री राम, जय राम, जय जय राम।</li>
</ol>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-upay-do-these-astro-remedies-on-vijaya-dashami-for-wealth-happiness-and-success-2026-10-19-1249720" target="_blank" title="दशहरा के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि और कार्यों में मिलेगी तरक्की">दशहरा के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि और कार्यों में मिलेगी तरक्की</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-vijaya-dashami-ke-din-karein-bhagwan-ram-ki-aarti-aur-chalisa-ka-path-har-kam-me-milegi-safalta-dur-honge-sabhi-sankat-2026-10-19-1249734     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-vijaya-dashami-ke-din-karein-bhagwan-ram-ki-aarti-aur-chalisa-ka-path-har-kam-me-milegi-safalta-dur-honge-sabhi-sankat-2026-10-19-1249734 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 14:13:37 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Dussehra 2026 Shubh Muhurat: दशहरा पूजा का शुभ मुहूर्त कब से कब तक? जानें शहर अनुसार सही टाइमिंग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सनातन धर्म में दशहरा यानी विजयादशमी पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। यह त्योहार हर साल आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन की पूजा दोपहर के समय की जाती है। यहां आप जानेंगे दशहरा पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/dussehra-2026-shubh-muhurat-1-1792398739.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दशहरा पूजा मुहूर्त और विधि]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/dussehra-2026-shubh-muhurat-1-1792398739.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/dussehra-2026-shubh-muhurat-1-1792398739.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दशहरा पूजा मुहूर्त और विधि
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Dussehra 2026 Shubh Muhurat And Vidhi: </strong>दशहरा पर्व को विजयादशमी और दसेरा के नाम से भी जाना जाता है। <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-vijayadashami-par-kyu-karte-hai-shastra-puja-jane-iss-dussehra-parampara-ki-dharmik-manyata-2026-10-17-1249489" target="_blank" title="दशहरे पर शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा क्यों की जाती है? जानिए इस परंपरा के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता">दशहरा के दिन अपराह्न (दोपहर) के समय शमी पूजा</a></strong>, अपराजिता पूजा और सीमा उल्लंघन जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं। इसके अलावा, इस दिन आयुध पूजा (शस्त्र पूजन) भी की जाती है। प्राचीन काल में यह पूजा राजशाही और क्षत्रियों के लिए मुख्य मानी जाती थी। आपको बता दें कि दशहरा का दिन वर्ष के उन साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में से एक है, जब किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य और नए काम की शुरुआत बिना पंचांग या मुहूर्त देखे की जा सकती है। इस दिन दोपहर में पूजा-अर्चना करने के बाद शाम को रावण दहन का आयोजन किया जाता है। चलिए, अब जानते हैं दशहरा पूजा का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि।</p>

<h3><strong>दशहरा पूजा मुहूर्त 2026</strong></h3>

<ul>
	<li>विजय मुहूर्त - 01:59 PM से 02:45 PM</li>
	<li>अपराह्न पूजा का समय - 01:14 PM से 03:30 PM</li>
	<li>दशमी तिथि प्रारम्भ - अक्टूबर 20, 2026 को 12:50 PM बजे</li>
	<li>दशमी तिथि समाप्त - अक्टूबर 21, 2026 को 02:11 PM बजे</li>
	<li>श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ - अक्टूबर 19, 2026 को 03:38 PM बजे</li>
	<li>श्रवण नक्षत्र समाप्त - अक्टूबर 20, 2026 को 06:02 PM बजे</li>
</ul>

<h3>दशहरा पूजा मुहूर्त शहर अनुसार</h3>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>शहर</strong></td>
			<td><strong>विजय मुहूर्त</strong></td>
			<td><strong>अपराह्न पूजा का समय</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>नई दिल्ली</td>
			<td>01:59 PM से 02:45 PM</td>
			<td>01:14 PM से 03:30 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>नोएडा</td>
			<td>01:59 PM से 02:44 PM</td>
			<td>01:14 PM से 03:30 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>गुरुग्राम </td>
			<td>02:00 PM से 02:46 PM</td>
			<td>01:15 PM से 03:31 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>लखनऊ</td>
			<td>01:45 PM से 02:31 PM</td>
			<td>12:59 PM से 03:16 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>पटना</td>
			<td>01:29 PM से 02:14 PM</td>
			<td>12:43 PM से 03:00 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>जयपुर </td>
			<td>02:06 PM से 02:51 PM</td>
			<td>01:20 PM से 03:37 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>मुंबई</td>
			<td>02:19 PM से 03:06 PM</td>
			<td>01:33 PM से 03:53 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>पुणे</td>
			<td>02:16 PM से 03:02 PM</td>
			<td>01:29 PM से 03:49 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>अहमदाबाद</td>
			<td>02:20 PM से 03:06 PM</td>
			<td>01:34 PM से 03:52 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>कोलकाता</td>
			<td>01:17 PM से 02:03 PM</td>
			<td>12:30 PM से 02:49 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>बेंगलुरु</td>
			<td>02:02 PM से 02:49 PM</td>
			<td>01:15 PM से 03:37 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>हैदराबाद</td>
			<td>01:57 PM से 02:44 PM</td>
			<td>01:11 PM से 03:31 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>चेन्नई</td>
			<td>01:51 PM से 02:39 PM</td>
			<td>01:04 PM से 03:26 PM</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>चंडीगढ़</td>
			<td>02:00 PM से 02:46 PM</td>
			<td>01:15 PM से 03:31 PM</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<h3><strong>दशहरा पूजा विधि</strong></h3>

<ul>
	<li>पूजा स्थान पर भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें। फिर विधि विधान भगवान की पूजा करें।</li>
	<li>साथ ही मां दुर्गा का भी पूजन करें। </li>
	<li>देवी-देवताओं को रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प और नैवेद्य चढ़ाएं।</li>
	<li>इसके बाद हवन और आरती करें।</li>
	<li>फिर पूजा के बाद सभी में प्रसाद बांट दें।</li>
	<li>इसके बाद शाम में रावण दहन करें।</li>
</ul>

<h3><strong>दशहरा पर अपराजिता पूजा की विधि</strong></h3>

<ul>
	<li>जिस स्थान पर पूजा करनी है वहां चंदन के लेप के साथ अष्टदल चक्र बनाएं।</li>
	<li>इसके बाद संकल्प लें कि देवी अपराजिता की पूजा आप अपने परिवार की खुशहाली के लिए कर रहे हैं।</li>
	<li>फिर अष्टदल चक्र के बीच में अपराजिताय नमः मंत्र के साथ देवी अपराजिता का आह्वान करें।</li>
	<li>इसके बाद मां जया को दायीं तरफ क्रियाशक्त्यै नमः मंत्र के साथ आह्वान करें।</li>
	<li>वहीं बायीं ओर मां विजया का उमायै नमः मंत्र के साथ आह्वान करें।</li>
	<li>इसके बाद अपराजिताय नमः, जयायै नमः और विजयायै नमः मन्त्रों के साथ विधि विधान से पूजन करें।</li>
	<li>अंत में देवी से प्रार्थना करें कि हे मां मैनें यह पूजा पूरी श्रद्धा से और अपनी क्षमता के अनुसार संपूर्ण की है। कृपया मेरी पूजा स्वीकार करें।</li>
	<li>फिर इस मंत्र के साथ 'हारेण तु विचित्रेण भास्वत्कनकमेखला। अपराजिता भद्ररता करोतु विजयं मम।' पूजा का विसर्जन करें।</li>
</ul>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-upay-do-these-astro-remedies-on-vijaya-dashami-for-wealth-happiness-and-success-2026-10-19-1249720" target="_blank" title="दशहरा के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि और कार्यों में मिलेगी तरक्की">दशहरा के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि और कार्यों में मिलेगी तरक्की</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-shubh-muhurat-puja-vidhi-in-hindi-dussehra-puja-ka-time-city-wise-2026-10-19-1249728     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-shubh-muhurat-puja-vidhi-in-hindi-dussehra-puja-ka-time-city-wise-2026-10-19-1249728 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 14:03:32 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     दशहरा के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि और कार्यों में मिलेगी तरक्की     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान राम की पूजा के साथ ही इन विशेष उपायों को करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए दशहरा के दिन किए जाने वाले खास उपायों के बारे में।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1792394904.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दशहरा के उपाय]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1792394904.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1792394904.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दशहरा के उपाय
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>20 अक्टूबर 2026 को जीत का प्रतीक 'विजयादशमी' का पर्व मनाया जायेगा। पुराणों के अनुसार रावण पर भगवान श्री राम की जीत के उपलक्ष्य में विजयदशमी का ये त्योहार मनाया जाता है।विजयदशमी के दिन अपराजिता की पूजा करने का भी विधान है। इसके अलावा इस दिन शमी की पूजा का भी विधान है। शमी की पूजा करने से गक ताम में सफलता मिलती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। विजयादशमी को दशहरा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन इन विशेष उपायों को करने  से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं दशहरा के दिन किए जाने वाले खास उपायों के बारे में। वहीं हिंदू धर्म में<strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-why-spotting-the-neelkanth-bird-on-vijaya-dashami-is-considered-so-auspicious-know-its-significance-2026-10-19-1249691" target="_blank" title=" दशहरा पर क्यों माना जाता है नीलकंठ पक्षी के दर्शन को बेहद शुभ? जानिए यह किस बात का होता है संकेत"> दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी का दिखना भी शुभ संकेत माना गया है</a></strong>।</p>
<h3><strong>दशहरा के दिन करें ये अचूक उपाय</strong></h3>
<p> </p>
<ul><li>
<p> अगर आप अपने विचारों को मजबूत करना चाहते हैं, तो दशहरा के दिन आपको चांदी का छोटा-सा हाथी लाकर घर में रखना चाहिए।</p>
</li>
<li>
<p>अगर आप अपने जीवन में हर तरह के सुख-साधन पाना चाहते हैं, तो दशहरा के दिन मंदिर में सिंघाड़े का आटा दान करें।</p>
</li>
<li>
<p>अगर आप अपने आत्मविश्वास में वृद्धि करना चाहते हैं, तो दशहरा के दिन सरसों के तेल की शीशी मंदिर में दान करें। </p>
</li>
<li>
<p>अगर आपके परिवार की खुशियां कहीं गुम हो गई हैं, तो दशहरा एक सफेद चंदन को घिसकर उसका पेस्ट बनाएं और उस चन्दन के पेस्ट से परिवार के सब लोगों के माथे पर चंदन का टीका लगाएं। </p>
</li>
<li>
<p> अगर आप अपने करियर में नए मुकाम हासिल करना चाहते हैं, तो दशहरा के दिन एक चुटकी सरसों के दाने लेकर बहते जल में प्रवाहित करें।</p>
</li>
<li>
<p> अगर आप कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे हैं तो दशहरा स्नान आदि के बाद चंदन की खुशबू वाली एक धूपबत्ती अपने घर के मंदिर में जलाएं।</p>
</li>
<li>
<p> अगर आप अपने व्यक्तित्व को अत्यंत आकर्षक और मजबूत बनाना चाहते हैं, तो दशहरा के दिन आपको मंदिर में कच्चा, जटा वाला नारियल दान करना चाहिए।</p>
</li>
<li>
<p>अगर आप नौकरी में अपना मनचाहा प्रमोशन कराना चाहते हैं तो दशहरा के दिन सिंघाड़े के आटे की रोटियां बनाएं। और उन रोटियों पर दो मूली रखकर मंदिर में दान कर दें।</p>
</li>
<li>
<p>अगर आप अपनी स्मरण शक्ति को तेज करना चाहते हैं, तो दशहरा के दिन रात को सोते समय अपने सिरहाने चंदन का टुकड़ा रख कर सोएं और सुबह उठकर उस चंदन के टुकड़े को किसी धार्मिक स्थल या मंदिर में दान कर दें।</p>
</li>
<li>
<p>अगर आप नई भाषाएं सीखना चाहते हैं, तो दशहरा के दिन आपको शमी के पेड़ की उपासना करनी चाहिए और हाथ जोड़कर प्रणाम करना चाहिए। अगर आपको कहीं आसपास शमी का पेड़ ना मिले, तो उसकी फोटो देखकर प्रणाम करें।</p>
</li>
</ul><p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-dussehra-2026-offer-these-special-bhog-to-lord-ram-on-vijaya-dashami-to-bring-wealth-and-prosperity-2026-10-19-1249710" target="_blank" title="विजयादशमी पर भगवान श्रीराम को लगाएं इन खास चीजों का भोग, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि">विजयादशमी पर भगवान श्रीराम को लगाएं इन खास चीजों का भोग, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-upay-do-these-astro-remedies-on-vijaya-dashami-for-wealth-happiness-and-success-2026-10-19-1249720     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-upay-do-these-astro-remedies-on-vijaya-dashami-for-wealth-happiness-and-success-2026-10-19-1249720 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 13:26:24 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Ravan Dahan Time 2026: इस साल रावण दहन कब किया जाएगा? जान लें दिल्ली, यूपी समेत अपने शहर की सही टाइमिंग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ रावण दहन मुख्य रूप से सूर्यास्त के बाद किया जाता है। पंचांग में इसका कोई एक निश्चित समय नहीं होता। बता दें इस साल रावण दहन 20 अक्टूबर को किया जाएगा। जानिए शहर अनुसार रावण दहन की संभावित टाइमिंग।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ravan-dahan-time-2026-1792394162.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[रावण दहन मुहूर्त 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ravan-dahan-time-2026-1792394162.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ravan-dahan-time-2026-1792394162.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      रावण दहन मुहूर्त 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Ravan Dahan 2026 Timing: </strong>दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार देश में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन नवरात्रि पर्व का समापन होता है और शाम में जगह-जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है। कई जगह इस त्योहार को आयूध पूजा के रूप में भी मनाया जाता है। तो वहीं इस दिन <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-durga-visarjan-2026-date-time-puja-vidhi-durga-visarjan-kaise-kare-2026-10-19-1249693" target="_blank" title=" दुर्गा विसर्जन कब और कैसे किया जाएगा? जान लें सही डेट, मुहूर्त और विधि">दुर्गा विसर्जन</a></strong> भी किया जाता है। श्रद्धालु नवरात्रि के पावन अवसर पर घर लाई गई माता की प्रतिमाओं का विजयादशमी के दिन विधि विधान विसर्जन करते हैं। ज्योतिष शास्त्र अनुसार दशहरा को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है यानी एक ऐसा दिन जब सभी तरह के मांगलिक कार्य बिना मुहूर्त देखे संपन्न किये जा सकते हैं। चलिए अब जान लेते हैं दशहरा पर रावण दहन का मुहूर्त क्या रहने वाला है। यहां हम आपको दिल्ली, लखनऊ, पूणे समेत सभी प्रमुख शहरों में रावण जलाने की सही टाइमिंग बताएंगे। </p>

<h3><strong>रावण कब जलेगा 2026</strong></h3>

<p>इस साल रावण दहन 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को किया जाएगा। रावण दहन के लिए सूर्यास्त के बाद का समय सबसे उत्तम माना जाता है। हालांकि, विभिन्न शहरों में सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर होने के कारण रावण दहन की टाइमिंग में भी शहर के अनुसार थोड़ा बहुत अंतर देखने को मिलता है। इसके अलावा, स्थानीय रामलीला मैदान समितियों के कार्यक्रमों के अनुसार भी पुतला दहन का समय निर्धारित होता है, इसलिए रावण दहन देखने जाने से पहले अपने शहर के आयोजन की सही जानकारी जरूर लें। वहीं, जो लोग अपने घर के आसपास मिलकर रावण दहन करेंगे, उनके लिए आगे हम इसकी टाइमिंग की जानकारी दे रहे हैं।</p>

<h3><strong>रावण दहन मुहूर्त 2026 </strong></h3>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>शहर</strong></td>
			<td><strong>राज्य</strong></td>
			<td><strong>रावण दहन समय 2026</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>नई दिल्ली</td>
			<td>दिल्ली</td>
			<td>शाम 05:48 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>लखनऊ</td>
			<td>उत्तर प्रदेश</td>
			<td>शाम 05:35 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>नोएडा</td>
			<td>उत्तर प्रदेश</td>
			<td>शाम 05:47 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>गाजियाबाद</td>
			<td>उत्तर प्रदेश</td>
			<td>शाम 05:47 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>कानपुर</td>
			<td>उत्तर प्रदेश</td>
			<td>शाम 05:38 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>वाराणसी</td>
			<td>उत्तर प्रदेश</td>
			<td>शाम 05:26 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>जयपुर</td>
			<td>उत्तर प्रदेश</td>
			<td>शाम 05:54 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>भोपाल</td>
			<td>मध्य प्रदेश</td>
			<td>शाम 05:51 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>मुंबई</td>
			<td>महाराष्ट्र</td>
			<td>शाम 06:12 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>पटना</td>
			<td>बिहार</td>
			<td>शाम 05:18 बजे के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>पुणे</td>
			<td>महाराष्ट्र</td>
			<td>शाम 06:30 के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>कोलकाता</td>
			<td>पश्चिम बंगाल</td>
			<td>शाम 05:07 के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>हैदराबाद</td>
			<td>तेलंगाना</td>
			<td>शाम 05:21 के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>बेंगलुरु</td>
			<td>कर्नाटक</td>
			<td>शाम 05:58 के बाद</td>
		</tr>
		<tr>
			<td>चेन्नई</td>
			<td>तमिलनाडु</td>
			<td>शाम 05:47 के बाद</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-dussehra-2026-offer-these-special-bhog-to-lord-ram-on-vijaya-dashami-to-bring-wealth-and-prosperity-2026-10-19-1249710" target="_blank" title="विजयादशमी पर भगवान श्रीराम को लगाएं इन खास चीजों का भोग, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि">विजयादशमी पर भगवान श्रीराम को लगाएं इन खास चीजों का भोग, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-ravan-dahan-time-2026-ravan-kab-jalega-delhi-up-pune-lucknow-mein-ravan-ka-putla-jalane-ka-sahi-samay-2026-10-19-1249716     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-ravan-dahan-time-2026-ravan-kab-jalega-delhi-up-pune-lucknow-mein-ravan-ka-putla-jalane-ka-sahi-samay-2026-10-19-1249716 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 13:04:07 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     विजयादशमी पर भगवान श्रीराम को लगाएं इन खास चीजों का भोग, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ विजयादशमी के दिन भगवान राम की विधिपूर्वक पूजा करने और उनके प्रिय भोग अर्पित करने से व्यक्ति को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। तो यहां जानिए कि विजयादशमी के दिन प्रभु राम को क्या भोग लगाना चाहिए।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-45-1792391825.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[विजयादशमी पर भगवान राम को चढ़ाएं ये भोग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PEXELS]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-45-1792391825.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-45-1792391825.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      विजयादशमी पर भगवान राम को चढ़ाएं ये भोग
                      <span class="copyright">Image Source : PEXELS</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान राम की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि विजयादशमी के दिन प्रभु राम की आराधना करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी दिन <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-vijaydashmi-par-bhagwan-ram-ke-5-mantron-ka-jap-karna-shubh-aatmvishwas-or-ekagrta-me-hogi-vridhi-2026-10-18-1249548" target="_blank" title="विजयदशमी पर भगवान राम के 5 मंत्रों का जप करना शुभ, आत्मविश्वास और एकाग्रता में होगी वृद्धि">भगवान राम </a></strong>ने रावण का वध किया था। ऐसे में विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। विजयादशमी के दिन कौशल्या नंदन को इन खास चीजों का भोग लगाने से घर-परिवार में संपन्नता, खुशहाली और शांति का वास होता है। तो आइए जानते हैं कि विजयादशमी के दिन प्रभु श्रीराम को किन खास चीजों का भोग लगाना चाहिए।</p>
<h3><strong>केसर वाली खीर</strong></h3>
<p>विजयादशमी के दिन भगवान राम को केसर वाली खीर का भोग अवश्य लगाएं। भोग लगाने के बाद इस प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटें।</p>
<h3><strong>पंचामृत</strong></h3>
<p>विजयादशमी के दिन रघुनंदन को पंचामृत भी जरूर अर्पित करें। दूध, दही, घी, शहद और चीनी से मबने पंचामृत में तुलसी दल रखें और फिर प्रभु राम को चढ़ाएं।</p>
<h3><strong>बूंदी के लड्डू </strong></h3>
<p>विजयादशमी के दिन भगवान राम सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ शुद्ध घी से बने बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। ऐसा करने से प्रभु राम अति प्रसन्न होते हैं और जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।</p>
<h3><strong>फल </strong></h3>
<p>विजयादशमी के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम को केला, सेब, अनार या अन्य मौसमी फल का भोग भी लगा सकते हैं। फल अर्पित करते समय मन में प्रभु का स्मरण करें।</p>
<h3><strong>इन बातों का रखें ध्यान</strong></h3>
<ul><li>अगर भोग घर पर बना रहे हैं तो शुद्धता और सात्विकता का ध्यान रखें। </li>
<li>तामसिक चीजें जैसे- प्याज, लहसुन को भोग से दूर रखें। इसमें स्पर्श भी न होने दें।</li>
<li>भगवान राम की पूजा और भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें। बिना तुलसी के राम जी की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है।</li>
<li>प्रभु राम के साथ ही हनुमान जी की पूजा अवश्य करें।</li>
</ul><h3><strong>विजयादशमी पूजा का समय</strong></h3>
<ul><li>दशमी तिथि प्रारंभ - अक्टूबर 20, 2026 को 12:50 पी एम बजे</li>
<li>दशमी तिथि समाप्त - अक्टूबर 21, 2026 को 02:11 पी एम बजे</li>
<li>विजय मुहूर्त - 02:19 पी एम से 03:06 पी एम</li>
<li>अपराह्न पूजा का समय - 01:33 पी एम से 03:53 पी एम</li>
</ul><p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-vijayadashami-par-kyu-karte-hai-shastra-puja-jane-iss-dussehra-parampara-ki-dharmik-manyata-2026-10-17-1249489" target="_blank" title="दशहरे पर शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा क्यों की जाती है? जानिए इस परंपरा के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता">दशहरे पर शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा क्यों की जाती है? जानिए इस परंपरा के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/festivals-dussehra-2026-offer-these-special-bhog-to-lord-ram-on-vijaya-dashami-to-bring-wealth-and-prosperity-2026-10-19-1249710     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/festivals-dussehra-2026-offer-these-special-bhog-to-lord-ram-on-vijaya-dashami-to-bring-wealth-and-prosperity-2026-10-19-1249710 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 12:35:09 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Durga Mata Ki Aarti Lyrics: महानवमी और दुर्गा विसर्जन पर करें मां दुर्गा की आरती, देखें जय अंबे गौरी के लिरिक्स     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ दुर्गा माता की आरती शुद्ध देसी घी या कपूर से करनी चाहिए। आरती समाप्त होने के बाद दीपक की ज्योति पर दोनों हथेलियां सेंककर उन्हें अपने मस्तक, आंख, कान और मुख पर स्पर्श करना चाहिए।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/durga-mata-ki-aarti-lyrics-1792389767.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दुर्गा माता की आरती]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/durga-mata-ki-aarti-lyrics-1792389767.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/durga-mata-ki-aarti-lyrics-1792389767.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दुर्गा माता की आरती
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Durga Mata Ki Aarti Lyrics PDF: </strong>नवरात्रि की महानवमी 19 अक्टूबर 2026 को है तो दशमी 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। दशमी तिथि पर भक्त माता <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-durga-visarjan-2026-date-time-puja-vidhi-durga-visarjan-kaise-kare-2026-10-19-1249693" target="_blank" title=" दुर्गा विसर्जन कब और कैसे किया जाएगा? जान लें सही डेट, मुहूर्त और विधि">दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन</a></strong> करते हैं। विसर्जन से पहले माता की विधि विधान पूजा करके उनकी आरती उतारी जाती है। इस दिन माता दुर्गा की जय अंबे गौरी आरती को करने का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं दुर्गा जी की आरती करने से पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त हो जाता है और घर में सुख-शांति आती है। माता की आरती शुद्ध घी या कपूर के दीपक से करनी चाहिए। चलिए अब जानते हैं मां दुर्गा आरती के लिरिक्स।</p>
<h3><strong>दुर्गा माता की आरती लिरिक्स</strong></h3>
<ul><li>जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी।</li>
<li>तुमको निशिदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>माँग सिन्दूर विराजत,टीको मृगमद को।</li>
<li>उज्जवल से दोउ नैना,चन्द्रवदन नीको॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>कनक समान कलेवर,रक्ताम्बर राजै।</li>
<li>रक्तपुष्प गल माला,कण्ठन पर साजै॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>केहरि वाहन राजत,खड्ग खप्परधारी।</li>
<li>सुर-नर-मुनि-जन सेवत,तिनके दुखहारी॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>कानन कुण्डल शोभित,नासाग्रे मोती।</li>
<li>कोटिक चन्द्र दिवाकर,सम राजत ज्योति॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>शुम्भ-निशुम्भ बिदारे,महिषासुर घाती।</li>
<li>धूम्र विलोचन नैना,निशिदिन मदमाती॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>चण्ड-मुण्ड संहारे,शोणित बीज हरे।</li>
<li>मधु-कैटभ दोउ मारे,सुर भयहीन करे॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>ब्रहमाणी रुद्राणीतुम कमला रानी।</li>
<li>आगम-निगम-बखानी,तुम शिव पटरानी॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>चौंसठ योगिनी मंगल गावत,नृत्य करत भैरूँ।</li>
<li>बाजत ताल मृदंगा,अरु बाजत डमरु॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>तुम ही जग की माता,तुम ही हो भरता।</li>
<li>भक्तन की दुःख हरता,सुख सम्पत्ति करता॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>भुजा चार अति शोभित,वर-मुद्रा धारी।</li>
<li>मनवान्छित फल पावत,सेवत नर-नारी॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>कन्चन थाल विराजत,अगर कपूर बाती।</li>
<li>श्रीमालकेतु में राजत,कोटि रतन ज्योति॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
<li>श्री अम्बेजी की आरती,जो कोई नर गावै।</li>
<li>कहत शिवानन्द स्वामी,सुख सम्पत्ति पावै॥</li>
<li>जय अम्बे गौरी</li>
</ul><h3><strong>आरती के लिए क्या सामग्री चाहिए?</strong></h3>
<ul><li>शुद्ध देसी घी का दीपक (आप कपूर से भी आरती कर सकते हैं)</li>
<li>दीपक में रुई की बत्ती </li>
<li>कपूर</li>
<li>लौंग (घी के साथ लौंग भी प्रज्वलित कर सकते हैं)</li>
<li>ताजे फूल और पुष्प</li>
<li>अक्षत </li>
<li>धूप या अगरबत्ती</li>
<li>जल से भरी तांबे की छोटी लुटिया </li>
<li>घंटी और शंख</li>
</ul><h3><strong>दुर्गा माता की आरती करने की सही विधि</strong></h3>
<ul><li>आरती की थाली को माता की प्रतिमा के सामने घड़ी की सुई की दिशा में 'ॐ' की आकृति बनाते हुए घुमाना चाहिए।</li>
<li>सबसे पहले माता के चरणों में 4 बार, नाभि पर 2 बार, मुख मंडल पर 1 बार और फिर पूरे शरीर पर 7 बार आरती घुमाएं।</li>
<li>आरती के बाद, जलती हुई जोत या कपूर के ऊपर से हाथ फेरकर अपनी आंखों और मस्तक पर लगाएं।</li>
<li>आरती धीमी गति से और पूर्ण श्रद्धा-भाव से गाई जानी चाहिए।</li>
<li>आरती खत्म होने के बाद थाल में रखे हुए पुष्प को माता के चरणों में समर्पित करें।</li>
<li>आरती के अंत में भगवान का ध्यान करते हुए यह मंत्र बोलें- कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि॥</li>
<li>आरती के बाद सभी में प्रसाद बांट दें।</li>
</ul><p><a href="https://getapi.indiatvnews.com/doc/durga-mata-ki-aarti.pdf" target="_blank" title="download-pdf">Durga Mata Ki Aarti PDF Download</a></p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-vrat-paran-2026-date-time-vidhi-navratri-vrat-kab-khole-navami-ya-dashami-par-2026-10-19-1249672" target="_blank" title=" नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा 19 या 20 अक्टूबर, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि">Navratri Vrat Paran 2026: नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा 19 या 20 अक्टूबर, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-durga-mata-ki-aarti-lyrics-pdf-jai-ambe-gauri-maiya-jai-shyama-gauri-lyrics-mahanavami-durga-visarjan-aarti-2026-10-19-1249700     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-durga-mata-ki-aarti-lyrics-pdf-jai-ambe-gauri-maiya-jai-shyama-gauri-lyrics-mahanavami-durga-visarjan-aarti-2026-10-19-1249700 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:47:04 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     मंगलवार को मनाया जाएगा विजयादशमी (दशहरा) का पर्व, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ मंगलवार को नवमी तिथि आज दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, उसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। मंगलवार को विजयादशमी का त्योहार मनाया जाएगा। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 20 अक्टूबर 2026 का पूरा पंचांग।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1-1792389012.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मंगलवार का दैनिक पंचांग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1-1792389012.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/2026-1-1792389012.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मंगलवार का दैनिक पंचांग
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>20 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और मंगलवार का दिन है। नवमी तिथि मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, उसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। 20 अक्टूबर को नवमी तिथि में हवनादि किया जायेगा साथ ही 20 अक्टूबर को जीत का प्रतीक 'विजयादशमी' का त्योहार मनाया जायेगा। विजयादशमी को <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-vijayadashami-par-kyu-karte-hai-shastra-puja-jane-iss-dussehra-parampara-ki-dharmik-manyata-2026-10-17-1249489" target="_blank" title="दशहरे पर शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा क्यों की जाती है? जानिए इस परंपरा के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता">दशहरा</a></strong> के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही मंगलवार को शाम 6 बजकर 2 मिनट तक श्रवण नक्षत्र रहेगा। आइए ऐसे में आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं मंगलवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। </p>

<h3><strong>20 अक्टूबर 2026 का पंचांग</strong></h3>

<ul>
	<li>आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि- 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, उसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी</li>
	<li>श्रवण नक्षत्र- 20 अक्टूबर को  शाम 6 बजकर 2 मिनट तक</li>
	<li>20 अक्टूबर विशेष-  विजयादशमी (दशहरा)</li>
</ul>

<h3><strong>विजयादशमी पूजा का समय</strong></h3>

<p>पंचांग के अनुसार,  आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर होगा। दशमी तिथि का समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा। पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 19 मिनट से दोपहर 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। वहीं अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1 बजकर 33 मिनट से दोपहर 3 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।</p>

<h3><strong>राहुकाल का समय</strong></h3>

<ul>
	<li>दिल्ली- दोपहर 02:56 से शाम 04:21 तक</li>
	<li>मुंबई- दोपहर बाद 03:18 से शाम 04:45 तक</li>
	<li>चंडीगढ़- दोपहर 02:57 से शाम 04:22 तक</li>
	<li>लखनऊ- दोपहर 02:42 से शाम 04:08 तक</li>
	<li>भोपाल- दोपहर 02:58 से शाम 04:24 तक</li>
	<li>कोलकाता- दोपहर 02:14 से दोपहर बाद 03:41 तक</li>
	<li>अहमदाबाद- दोपहर बाद 03:17 से शाम 04:43 तक</li>
	<li>चेन्नई- दोपहर 02:50 से शाम 04:19 तक</li>
</ul>

<h3><strong>सूर्योदय-सूर्यास्त का समय </strong></h3>

<ul>
	<li>सूर्योदय- सुबह 06:24 बजे </li>
	<li>सूर्यास्त- शाम 05:46 बजे</li>
</ul>

<h3><strong>विजयादशमी पर्व का महत्व</strong></h3>

<p>मंगलवार को जीत का प्रतीक 'विजयदशमी' का त्योहार भी मनाया जायेगा । पुराणों के अनुसार रावण पर भगवान श्री राम की जीत के उपलक्ष्य में विजयादशमी का ये त्योहार मनाया जाता है। आपको बता दें कि विजयादशमी साल की तीन सबसे शुभ तिथियों में से एक है। अन्य दो तिथियां चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा और कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा है। विजयादशमी का दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिये बहुत अच्छा माना जाता है। कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या लेखनी का काम शुरू करना चाहते हैं तो यह दिन बहुत ही शुभ है।</p>

<p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-why-spotting-the-neelkanth-bird-on-vijaya-dashami-is-considered-so-auspicious-know-its-significance-2026-10-19-1249691" target="_blank" title=" दशहरा पर क्यों माना जाता है नीलकंठ पक्षी के दर्शन को बेहद शुभ? जानिए यह किस बात का होता है संकेत">Dussehra 2026: दशहरा पर क्यों माना जाता है नीलकंठ पक्षी के दर्शन को बेहद शुभ? जानिए यह किस बात का होता है संकेत</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-20-october-2026-ka-panchang-mangalwar-ko-manaya-jayega-vijayadashami-or-dussehra-ka-parv-jane-shubh-muhurat-aur-rahukaal-ka-samay-2026-10-19-1249699     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-20-october-2026-ka-panchang-mangalwar-ko-manaya-jayega-vijayadashami-or-dussehra-ka-parv-jane-shubh-muhurat-aur-rahukaal-ka-samay-2026-10-19-1249699 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:45:22 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Durga Visarjan 2026: दुर्गा विसर्जन कब और कैसे किया जाएगा? जान लें सही डेट, मुहूर्त और विधि      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ दुर्गा विजर्सन नवरात्रि की दशमी तिथि को किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन माता अपने मायके से विदा लेकर कैलाश पर्वत लौट जाती हैं। जानिए इस साल दुर्गा विसर्जन कब किया जाएगा और इसका शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/durga-visarjan-2026-1792387324.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दुर्गा विसर्जन 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/durga-visarjan-2026-1792387324.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/durga-visarjan-2026-1792387324.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दुर्गा विसर्जन 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Durga Visarjan 2026: </strong>दुर्गा विसर्जन एक निश्चित शुभ काल में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, उस दिन विसर्जन मान्य होता है जब विजयादशमी तिथि प्रात:काल या अपराह्न काल में व्याप्त हो। 20 अक्टूबर को दशमी तिथि दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर यानी अपराह्न काल में लग जाएगी। ऐसे में दुर्गा माता की प्रतिमाओं का विसर्जन 20 अक्टूबर को ही किया जाएगा। कई श्रद्धालु <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-vrat-paran-2026-date-time-vidhi-navratri-vrat-kab-khole-navami-ya-dashami-par-2026-10-19-1249672" target="_blank" title=" नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा 19 या 20 अक्टूबर, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि">नवरात्रि व्रत का पारण</a></strong> दुर्गा विसर्जन के बाद ही करते हैं। दुर्गा विसर्जन के दिन माता की मूर्तियों को समुद्र, नदी या जलाशय पर ले जाया जाता है और पूरे विधि से माता की प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया जाता है। जानिए इस साल दुर्गा विसर्जन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।  </p>
<h3><strong>दुर्गा विसर्जन शुभ मुहूर्त 2026</strong></h3>
<ul><li>दुर्गा विसर्जन - 20 अक्टूबर 2026</li>
<li>दुर्गा विसर्जन मुहूर्त - 01:14 PM से 03:30 PM</li>
<li>दशमी तिथि प्रारम्भ - अक्टूबर 20, 2026 को 12:50 PM बजे</li>
<li>दशमी तिथि समाप्त - अक्टूबर 21, 2026 को 02:11 PM बजे</li>
<li>श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ - अक्टूबर 19, 2026 को 03:38 PM बजे</li>
<li>श्रवण नक्षत्र समाप्त - अक्टूबर 20, 2026 को 06:02 PM बजे</li>
</ul><h3><strong>दुर्गा विसर्जन विधि और नियम</strong></h3>
<ul><li>दुर्गा विसर्जन के दिन सबसे पहले माता की विधि विधान पूजा की जाती है। </li>
<li>विसर्जन से पहले देवी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाकर मां को प्रणाम करें।</li>
<li>माता को फूल, अक्षत, सिंदूर, लाल चुनरी और नारियल चढ़ाएं।</li>
<li>साथ ही हलवा, पूड़ी, खीर, नारियल और फल का भोग लगाएं।</li>
<li>माता रानी की आरती करें और उनसे पूजा में हुई भूल-चूक की क्षमा प्रार्थना करें।</li>
<li>फिर जल से भरा कलश लेकर देवी को विदा दें।</li>
<li>इसके बाद माता की प्रतिमा को जल में विसर्जित कर दें।</li>
<li>यदि आप घर के मंदिर में रखी गई प्रतिमा की ही पूजा कर रहे हैं तो ऐसे में आप उसी प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराकर वहीं पर माता की विदाई कर दें। </li>
<li>विसर्जन के समय देवी से प्रार्थना करें कि कि वे अगले वर्ष फिर से पधारें और सब पर कृपा बनाए रखें।</li>
</ul><h3><strong>दुर्गा विसर्जन मंत्र</strong></h3>
<p>मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करते समय ये मंत्र बोलें:</p>
<ul><li>“नमस्तेऽस्तु महादेवि महा मायि सुरेश्वरि। ख्यातं यत् त्वं प्रसन्ना च प्रसन्नं सर्वतो भव॥”</li>
<li>"गच्च गच्च परं स्थाना, स्वस्थानं गच्च देवि च। पुनरागमनायाथ सर्वमंगलमस्तु ते॥"</li>
</ul><p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-kalash-visarjan-kab-hai-janiye-kalash-visarjan-ka-shubh-muhurat-vidhi-and-niyam-2026-10-19-1249662" target="_blank" title=" 19 या 20 अक्टूबर, कब किया जाएगा कलश विसर्जन? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और विधि">Navratri 2026 Kalash Visarjan: 19 या 20 अक्टूबर, कब किया जाएगा कलश विसर्जन? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और विधि</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-durga-visarjan-2026-date-time-puja-vidhi-durga-visarjan-kaise-kare-2026-10-19-1249693     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-durga-visarjan-2026-date-time-puja-vidhi-durga-visarjan-kaise-kare-2026-10-19-1249693 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:09:33 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     दशहरा पर क्यों माना जाता है नीलकंठ पक्षी के दर्शन को बेहद शुभ? जानिए यह किस बात का होता है संकेत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना बड़ा ही शुभ माना जाता है। कहते हैं नीलकंठ पक्षी के दर्शन से आपके सभी बिगड़े काम सही हो जाते हैं और आपके जीवन में सुख समृद्धि भी आती है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-46-1792386566.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दशहरा पर नीलकंठ दिखने का महत्व]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PIXABAY]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-46-1792386566.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-46-1792386566.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दशहरा पर नीलकंठ दिखने का महत्व
                      <span class="copyright">Image Source : PIXABAY</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>20 अक्टूबर 2026 को दशहरा यानी विजयादशमी का त्यौहार पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। विजयादशमी के दिन भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और बजरंगबली की पूजा की जाती है। इसके अलावा दशहरे के दिन कई तरह की धार्मिक परंपराएं और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। दशहरा के दिन नीलकंठ पक्षी का दिखना अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना जाता है।  विजयादशमी यानी दशहरा के दिन यदि नीलकंठ पक्षी किसी घर की छत, आंगन या आसपास दिखाई दे जाए तो इसे  शुभ संकेत माना जाता है। माना जाता है कि दशहरा के दिन नीलकंठ के दर्शन से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।</p>

<h3><strong>दशहरा पर नीलकंठ पक्षी दिखने का क्या मतलब होता है?</strong></h3>

<p>दशहरा के पावन अवसर पर नीलकंठ पक्षी का दिखना अत्यंत ही शुभ संकेत माना जाता है। अगर इस दिन आपको कहीं नीलकंठ के दर्शन हो जाए तो समझिए आप बहुत ही भाग्यशाली हैं। नीलकंठ पक्षी का दिखना सुख-समृद्धि में वृद्धि का संकेत होता है। इसके अलावा नीलकंठ का दिखना कार्यों में सफलता मिलने का भी संकेत देती है। शास्त्रों के अनुसार, दशहरा पर नीलकंठ के दर्शन मात्र से व्यक्ति के अनजाने में हुए पाप कट जाते हैं और घर में खुशहाली आती है। </p>

<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने नीलकंठ पक्षी का रूप धारण कर भगवान श्रीराम को विजय का आशीर्वाद दिया था। यही वजह है कि दशहरे के पावन पर्व पर नीलकंठ के दर्शन करना बेहद शुभ और मंगलकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि दशहरे के दिन नीलकंठ के दर्शन होने से जातक पर भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। यही वजह है कि दशहर के दिन लोग इस पक्षी के दर्शन को सौभाग्य और मंगल का संकेत मानते हैं।</p>

<h3><strong>नीलकंठ पक्षी के दर्शन होने पर करें इस मंत्र का जाप</strong></h3>

<p>अगर आपको <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-vijayadashami-par-kyu-karte-hai-shastra-puja-jane-iss-dussehra-parampara-ki-dharmik-manyata-2026-10-17-1249489" target="_blank" title="दशहरे पर शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा क्यों की जाती है? जानिए इस परंपरा के पीछे क्या है धार्मिक मान्यता">दशहरा</a></strong> के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन हो जाए तो इस खास मंत्र का जाप जरूर करें। मंत्र है-'कृत्वा नीराजनं राजा बालवृद्धयं यता बलम्। शोभनम खंजनं पश्येज्जलगोगोष्ठसंनिघौ।।नीलग्रीव शुभग्रीव सर्वकामफलप्रद। पृथ्वियामवतीर्णोसि खञ्जरीट नमोस्तु तो।।' </p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-vrat-paran-2026-date-time-vidhi-navratri-vrat-kab-khole-navami-ya-dashami-par-2026-10-19-1249672" target="_blank" title=" नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा 19 या 20 अक्टूबर, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि">Navratri Vrat Paran 2026: नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा 19 या 20 अक्टूबर, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-why-spotting-the-neelkanth-bird-on-vijaya-dashami-is-considered-so-auspicious-know-its-significance-2026-10-19-1249691     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-dussehra-2026-why-spotting-the-neelkanth-bird-on-vijaya-dashami-is-considered-so-auspicious-know-its-significance-2026-10-19-1249691 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 11:02:08 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा 19 या 20 अक्टूबर, नोट कर लें सही तारीख, मुहूर्त और विधि     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ नवरात्रि व्रत का पारण अष्टमी, नवमी और दशमी किसी भी तिथि पर किया जा सकता है। लेकिन आपके यहां जो भी परंपरा है आप उसी के अनुसार यह व्रत पूर्ण करें। चलिए आपको बताते हैं नवरात्रि व्रत पारण की सही डेट और मुहूर्त।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/navratri-vrat-paran-1-1792379751.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[नवरात्रि व्रत पारण 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/navratri-vrat-paran-1-1792379751.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/navratri-vrat-paran-1-1792379751.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      नवरात्रि व्रत पारण 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Shardiya Navratri Paran 2026:</strong> कहते हैं कोई भी व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब उसका विधि विधान से पारण किया जाए। यही बात नवरात्रि व्रत पर भी लागू होती है। नवरात्रि व्रत का पारण कोई अष्टमी तिथि पर <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-kanya-pujan-vidhi-shubh-muhurat-samagri-list-bhog-gifts-ashtami-navami-kanjak-pujan-ka-tarika-2026-10-17-1249009" target="_blank" title=" अष्टमी और नवमी पर कैसे करें कन्या पूजन? नोट करें शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री और स्टेप-बाय-स्टेप पूरी विधि">कन्या पूजन</a></strong> के बाद कर लेता है तो कोई नवमी तिथि पर करता है। वहीं जो लोग पूरे नौ दिनों तक माता रानी के व्रत रखते हैं वो अमूमन दशमी तिथि पर इस व्रत को खोलते हैं। लेकिन आपके यहां जो भी परंपरा है आप उसी के अनुसार इस व्रत का पारण करें। चलिए जानते हैं नवरात्रि व्रत का पारण कब और कैसे करना चाहिए। इसके लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेंगे।</p>
<h3><strong>नवरात्रि व्रत का पारण कब है 2026</strong></h3>
<ul><li>नवरात्रि व्रत का पारण 19 और 20 अक्टूबर दोनों दिन है। अगर आप नवमी तिथि पर व्रत खोलते हैं तो आप 19 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 51 मिनट से लेकर 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 तक के बीच में कभी भी व्रत खोल सकते हैं। वहीं जो लोग दशमी तिथि पर ये व्रत खोलते हैं वे 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट के बाद कभी भी इस व्रत को खोल सकते हैं। </li>
<li>कुछ लोग नवरात्रि व्रत का पारण अष्टमी या नवमी पर कन्या पूजन के बाद करते हैं। अगर आप भी ऐसे ही करते हैं तो 19 अक्टूबर को हवन और कन्या पूजन के बाद आप अपना व्रत खोल सकते हैं। </li>
</ul><h3><strong>नवरात्रि व्रत पारण विधि</strong></h3>
<ul><li>नवरात्रि व्रत के पारण से पहले माता दुर्गा की विधि विधान पूजा करें।</li>
<li>इसके बाद माता रानी का हवन करें।</li>
<li>फिर विधि विधान से कन्या पूजन करें।</li>
<li>इसके बाद माता रानी को चढ़ाए गए भोग हलवा, चना और पूरी को ग्रहण करके अपना व्रत खोल लें।</li>
</ul><h3>कलश विसर्जन कब करना है?</h3>
<p>कलश विसर्जन कोई नवमी तिथि पर करता है तो कोई दशमी पर। आपके यहां जिस भी दिन <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-kalash-visarjan-kab-hai-janiye-kalash-visarjan-ka-shubh-muhurat-vidhi-and-niyam-2026-10-19-1249662" target="_blank" title=" 19 या 20 अक्टूबर, कब किया जाएगा कलश विसर्जन? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और विधि">कलश विसर्जित</a></strong> किया जाता है आप उसी के अनुसार ये कार्य करें। अगर नवमी तिथि पर कलश विसर्जन करना चाहते हैं तो 19 अक्टूबर की सुबह 10 बजकर 51 मिनट से लेकर 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 तक के बीच में कभी भी कलश विसर्जन किया जा सकता है। अगर दशमी पर इस कार्य को करना चाहते हैं तो 20 अक्टूबर की दोपहर 12 बजकर 50 मिनट के बाद कभी भी कलश विसर्जित कर सकते हैं।</p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-havan-vidhi-mantra-sahit-pdf-ashtami-navami-hawan-samagri-list-ghar-par-havan-chandi-home-kaise-kare-2026-10-17-1249220" target="_blank" title=" अष्टमी-नवमी पर खुद कैसे करें हवन? जानिए सही मंत्र, संपूर्ण सामग्री और स्टेप-बाय-स्टेप विधि">नवरात्रि हवन विधि मंत्र सहित PDF: अष्टमी-नवमी पर खुद कैसे करें हवन? जानिए सही मंत्र, संपूर्ण सामग्री और स्टेप-बाय-स्टेप विधि</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-vrat-paran-2026-date-time-vidhi-navratri-vrat-kab-khole-navami-ya-dashami-par-2026-10-19-1249672     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-vrat-paran-2026-date-time-vidhi-navratri-vrat-kab-khole-navami-ya-dashami-par-2026-10-19-1249672 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 08:57:16 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     नवरात्रि के नौंवे दिन जरूर पढ़ें मां सिद्धिदात्री से जुड़ी पौराणिक कथा, पूरी होगी हर मनोकामना     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ नवरात्रि का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। देवी मां के इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करने से भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तो आइए यहां पढ़िए सिद्धिदात्री माता से जुड़ी पौराणिक कथा।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-44-1792374375.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मां सिद्धिदात्रि से जुड़ी पौराणिक कथा]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-44-1792374375.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-44-1792374375.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मां सिद्धिदात्रि से जुड़ी पौराणिक कथा
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आज यानी कि 19 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि नौवां और आखिरी दिन है। नवरात्रि की नवमी तिथि को महानवमी कहा जाता है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री माता की पूजा-अर्चना की जाती है। मां दुर्गा की नौवीं और अलौकिक शक्ति की उपासना करने से सिद्धियों की प्राप्ति होती है। 'सिद्धि' का अर्थ है अलौकिक शक्तियां और 'दात्री' का अर्थ है देने वाली। मार्केण्डेय पुराण के अनुसार, अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्रकाम्य, ईशित्व और वशित्व, कुल आठ सिद्धियां हैं, जो कि <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-last-day-karein-maa-siddhidatri-ki-aarti-puri-hogi-sabhi-manokamnayein-2026-10-18-1249563" target="_blank" title="शारदीय नवरात्रि आखिरी दिन करें देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आरती, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं">मां सिद्धिदात्री </a></strong>की पूजा से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। देवी मां की पूजा के साथ ही महानवमी के दिन कन्या पूजन का भी विधान है। आज के दिन लोग छोटी-छोटी बच्चियों को भोजन कराते हैं जिसे कंजक पूजा भी कहते हैं। तो आइए जानते हैं सिद्धिदात्री माता से जुड़ी पौराणिक कथा।</p>

<h3><strong>सिद्धिदात्री माता का स्वरूप</strong></h3>

<p>मां सिद्धिदात्री लाल रंग के वस्त्र धारण किए हुए कमल के फूल पर विराजमान रहती हैं। मां सिद्धिदात्री की चार भुजाएं हैं और उनके दाहिनी ओर वाले हाथ में कमल पुष्प और ऊपर वाले हाथ में शंख है। देवी के बाईं तरफ नीचे वाले हाथ में गदा और ऊपर के हाथ में चक्र सुशोभित है। मां सिद्धिदात्री लाल रंग के वस्त्र धारण करती हैं।</p>

<h3><strong>मां सिद्धिदात्री से जुड़ी पौराणिक कथा</strong></h3>

<p>पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,  सृष्टि के आरंभ में चारों ओर अंधकार फैला था और सृष्टि का निर्माण बाकी था। तब भगवान शिव ने शक्ति की सर्वोच्च देवी आदि शक्ति की कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर आदिशक्ति दो रूपों में प्रकट हुईं। उनका एक रूप मां सिद्धिदात्री का था। मां सिद्धिदात्री की कृपा से ही भगवान शिव को आठों सिद्धियां जैसे अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व प्राप्त हुईं।</p>

<p>माता की कृपा से भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हो गया और आधा शिव रूप में ही रहा, उसी समय से वो अर्धनारीश्वर कहलाने लगे। यह इस बात का प्रतीक है कि शिव और शक्ति एक दूसरे के बिना अधूरे हैं और सृष्टि का संचालन दोनों के एक साथ मिलने से ही होता है।</p>

<h3><strong>मां सिद्धिदात्री प्रिय भोग, फूल और रंग</strong></h3>

<p>मां सिद्धिदात्री काले चने, पूड़ी,  खीर और हलवे का प्रसाद अत्यंत प्रिय है। नवमी के दिन यही भोजन कन्याओं को भी खिलाया जाता है। देवी को चंपा, कमल या गुड़हल का फूल अर्पित करें इससे परिवार में खुशहाली आएगी। साथ ही मां सिद्धिदात्री की पूजा में गुलाबी रंग बहुत शुभ माना गया है। गुलाबी रंग प्रेम और नारीत्व का प्रतीक है।</p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-somwar-ko-itne-baje-se-shuru-ho-jayegi-navami-tithi-jane-navratri-maha-navami-puja-ka-shubh-muhurat-2026-10-18-1249546" target="_blank" title="सोमवार को इतने बजे से शुरू हो जाएगी नवमी तिथि, जानें नवरात्रि महानवमी पूजा का शुभ मुहूर्त">सोमवार को इतने बजे से शुरू हो जाएगी नवमी तिथि, जानें नवरात्रि महानवमी पूजा का शुभ मुहूर्त</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-9th-day-story-read-here-maa-siddhidatri-mythology-story-in-hindi-2026-10-19-1249663     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-9th-day-story-read-here-maa-siddhidatri-mythology-story-in-hindi-2026-10-19-1249663 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 07:43:30 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Navratri 2026 Kalash Visarjan: 19 या 20 अक्टूबर, कब किया जाएगा कलश विसर्जन? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और विधि     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ नवरात्रि पर्व का समापन कलश विसर्जन के साथ होता है। श्रद्धालु नवरात्रि के पहले दिन स्थापित किया गया कलश नवमी या दशमी में अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार विसर्जित करते हैं। चलिए जानते हैं इस साल कलश विसर्जन कब किया जाएगा। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/navratri-kalash-visarjan-1792374424.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[नवरात्रि कलश विसर्जन मुहूर्त 2026]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/navratri-kalash-visarjan-1792374424.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/navratri-kalash-visarjan-1792374424.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      नवरात्रि कलश विसर्जन मुहूर्त 2026
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Navratri 2026 Kalash Visarjan: </strong>नवरात्रि पर्व अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और 20 अक्टूबर को इस त्योहार का समापन हो जाएगा। नवरात्रि के अंतिम चरण में श्रद्धालु कलश विसर्जन यानी घट विसर्जन करते है। जिस तरह से नवरात्रि के पहले दिन इस कलश की विधि विधान से स्थापना की जाती है। ठीक वैसे ही नवरात्रि के अंतिम दिन पर इस कलश को नियम के साथ विसर्जित कर दिया जाता है। आमतौर पर कलश विसर्जन कोई नवमी के दिन करता है तो कोई दशमी पर। इस साल इसे लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है। चलिए जानते हैं पंचांग और ज्योतिष अनुसार शारदीय नवरात्रि 2026 में कलश विसर्जन किस दिन किया जाएगा और इसकी विधि क्या है।</p>

<h3><strong>कलश विसर्जन कब है 2026</strong></h3>

<p>शास्त्रों के अनुसार, कलश विसर्जन और बोए गए जवारों का विसर्जन सामान्यतः दशमी तिथि के दिन किया जाता है। इसलिए कलश और जवारे का विसर्जन 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को यानी <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/festivals-dussehra-2026-date-october-20-or-21-kab-hai-vijayadashami-and-ravan-dahan-shubh-muhurat-2026-10-16-1249309" target="_blank" title=" विजयादशमी कब मनाई जाएगी 20 या 21 अक्टूबर? जानें रावण दहन का शुभ मुहूर्त">विजयादशमी</a></strong> के दिन करना शास्त्रसम्मत और उत्तम है। लेकिन कुछ स्थानों पर लोग अपनी पारिवारिक परंपरा या स्थानीय मान्यताओं के अनुसार नवमी के दिन हवन के तुरंत बाद भी कलश का विसर्जन कर देते हैं, लेकिन पंचांगीय और दशमी की मुख्य तिथि के लिहाज से 20 अक्टूबर का दिन इसके लिए निर्धारित है। </p>

<h3><strong>कलश विसर्जन मुहूर्त 2026</strong></h3>

<p>20 अक्टूबर 2026 को दशमी तिथि दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर लग जाएगी। ऐसे में आप दशमी तिथि लगने पर कलश का विसर्जन कर सकते हैं। अगर कलश विसर्जन और दुर्गा विसर्जन के सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो दोपहर 01:14 से 03:30 तक का समय इसके लिए सबसे शुभ माना गया है। इसके अलावा जो लोग नवमी के दिन यानी 19 अक्टूबर 2026 को कलश विसर्जन करना चाहते हैं वे हवन पूजन और कन्या पूजन के बाद कभी भी इस कार्य को कर सकते हैं।</p>

<h3><strong>कलश विसर्जन विधि और नियम</strong></h3>

<ul>
	<li>कलश विसर्जन से पहले सुबह स्नान करके मां दुर्गा की षोडशोपचार पूजा करें, उनकी आरती उतारें और नौ दिनों तक पूजा में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना करें।   </li>
	<li>इसके बाद कलश के पास जो जौ या जवारे बोए गए हैं, उनका पूजन करें।</li>
	<li>फिर थोड़े से जवारे परिवार के सभी सदस्यों के कान या सिर पर आशीर्वाद के रूप में रखें।</li>
	<li>इसके बाद इस मंत्र को बोलते हुए “गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थानं परमेश्वरी, पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च।” कलश उठाएं। कलश में भरे हुए पवित्र जल को आम या अशोक के पत्तों की मदद से घर के कोने-कोने में छिड़कें। कहते हैं इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति आती है।</li>
	<li>फिर बचे हुए जल को तुलसी के पौधे या किसी पवित्र स्थान पर अर्पित कर सकते हैं।</li>
	<li>इसके बाद कलश के ऊपर रखे नारियल को प्रसाद के रूप में परिवार में बांट दें।</li>
	<li>फिर कलश में रखा सिक्का और सुपारी आप अपने पास रख सकते हैं या किसी मंदिर में दान कर सकते हैं।</li>
	<li>कलश के नीचे रखे चावल या गेहूं के दानों को पक्षियों को खाने को दिया जा सकता है या गरीबों में दान कर सकते हैं।</li>
	<li>इसके बाद उगे जवारों को ससम्मान किसी नदी में या जलाशय में प्रवाहित कर देना चाहिए या फिर किसी पवित्र वृक्ष के नीचे रख देना चाहिए।   </li>
	<li>इस बात का ध्यान रखें कि यदि आपके क्षेत्र या परिवार में कलश विसर्जन की परंपरा अलग है तो आप अपने स्थानीय पुरोहित के निर्देशानुसार भी इस प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं।</li>
</ul>

<h3><strong>कलश विसर्जन मंत्र</strong></h3>

<p>कलश विसर्जन के समय मंत्र का उच्चारण करना बेहद शुभ माना जाता है। “गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थानं परमेश्वरी, पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च।”</p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-kanya-pujan-vidhi-shubh-muhurat-samagri-list-bhog-gifts-ashtami-navami-kanjak-pujan-ka-tarika-2026-10-17-1249009" target="_blank" title="शारदीय नवरात्रि आखिरी दिन करें देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आरती, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं">शारदीय नवरात्रि आखिरी दिन करें देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आरती, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-kalash-visarjan-kab-hai-janiye-kalash-visarjan-ka-shubh-muhurat-vidhi-and-niyam-2026-10-19-1249662     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-kalash-visarjan-kab-hai-janiye-kalash-visarjan-ka-shubh-muhurat-vidhi-and-niyam-2026-10-19-1249662 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 07:38:32 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     21 अक्टूबर की सुबह चंद्र-राहु की युति से बनेगा ग्रहण दोष, 3 राशियां आर्थिक मामलों को लेकर रहें सतर्क     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ चंद्रमा 21 अक्टूबर की सुबह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और राहु के साथ युति बनाएंगे। इस युति के चलते ग्रहण दोष बनेगा। किन राशियों को इस दोष के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-10-1792326174.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[ग्रहण दोष ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-10-1792326174.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-10-1792326174.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      ग्रहण दोष 
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>चंद्रमा 21 अक्टूबर की सुबह कुंभ राशि में गोचर करेंगे। चंद्रमा का यह गोचर सुबह 7 बजे होगा। राहु पहले से ही कुंभ राशि में हैं इसलिए चंद्रमा और राहु के बीच युति होगी जिससे चंद्र ग्रहण दोष या योग बनेगा। इस योग के चलते राशिचक्र की कुछ राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। आज हम आपको इन्हीं राशियों के बारे में जानकारी देंगे। </p>

<h3><strong>कर्क राशि</strong></h3>

<p>कर्क राशि वालों ग्रहण दोष आपकी राशि से अष्टम भाव में बनेगा जोकि आपके त्रिक भाव में से एक है। इस भाव में चंद्रमा की स्थिति अच्छी नहीं कही जाती। आपको गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, वो आपका काम बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसके साथ ही शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले दो बार सोचें। सट्टेबाजी के चक्कर में फंसेंगे तो आपको नुक्सान हो सकता है। करियर से जुड़ा कोई भी फैसला बिना घर वालों की सलाह के न लें। गुप्त बातों को दूसरों से साझा करने से भी आपको बचना होगा। उपाय के तौर पर शिवलिंग पर जल आपको अर्पित करना चाहिए। </p>

<h3><strong>कन्या राशि </strong></h3>

<p>कन्या राशि वालों चंद्र-राहु का ग्रहण योग आपके छठे भाव में बनेगा जोकि शत्रु और रोग का भाव कहा जाता है। आपके विरोधी सक्रिय हो सकते हैं इसलिए आपको सतर्कता बरतनी होगी। बेवजह के खर्चे बढ़ सकते हैं जिससे आपका आर्थिक पक्ष डगमगाएगा। गलती से भी इस दौरान किसी को उधार न दें पैसा फंस सकता है। सेहत को लेकर भी सतर्कता कन्या राशि के लोगों को बरतनी चाहिए। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी सावधाान रहें। उपाय के तौर पर कन्या वालों को गणेश भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए। </p>

<h3><strong>मीन राशि</strong></h3>

<p>मीन वालों ग्रहण योग आपकी राशि से द्वादश भाव में बनेगा। द्वादश भाव को हानि का कारक माना जाता है इसलिए आपको बेहद सचेत रहने की सलाह दी जाती है। किसी भी स्थिति में जमापूंजी को खर्च ना करें वरना वित्तीय स्थिति बिगड़ सकती है। कारोबारियों को धन का लेन-देन किसी विश्वासपात्र को पास रखकर ही करना चाहिए। सेहत को लेकर भी सतर्कता बरतें बाहर का तला-भुना भोजन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। उपाय के तौर पर <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-3-powerful-shiv-mantras-to-chant-daily-in-sawan-maas-for-mahadev-blessings-and-positivity-2026-08-04-1235339" target="_blank" title="महादेव को अतिप्रिय हैं ये 3 शक्तिशाली शिव मंत्र, सावन में रोज जाप करने से चमक सकती है किस्मत!">शिव मंत्रों का जप </a>आपको करना चाहिए। </p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/vastu-tips-puja-vastu-niyam-flowers-to-avoid-offering-vishnu-ji-aur-maa-durga-ko-arpit-na-kare-ye-phool-2026-10-16-1249305" target="_blank" title="भगवान विष्णु और मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये फूल, कौन से पुष्प माने गए हैं वर्जित, जानें पूजा के वास्तु नियम">भगवान विष्णु और मां दुर्गा को भूलकर भी न चढ़ाएं ये फूल, कौन से पुष्प माने गए हैं वर्जित, जानें पूजा के वास्तु नियम</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-chandra-graham-dosh-21-october-2026-teen-rashiyan-aarthik-mamlon-ko-lekar-rahain-satark-2026-10-19-1249599     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-chandra-graham-dosh-21-october-2026-teen-rashiyan-aarthik-mamlon-ko-lekar-rahain-satark-2026-10-19-1249599 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 17:53:15 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     19 अक्टूबर 2026 का पंचांग: सोमवार को महानवमी के साथ ही नवरात्रि की समाप्ति, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ 19 अक्टूबर को महानवमी है और साथ ही इस दिन धृति योग भी रहेगा। चंद्रमा सोमवार के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में संचार करेंगे। तो आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए 19 अक्टूबर 2026 का पूरा पंचांग।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-8-1792318800.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[पंचांग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-8-1792318800.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-8-1792318800.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      पंचांग
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>19 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है जोकि सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी और उसके बाद नवमी लग जाएगी। सोमवार के दिन कई लोग अष्टमी का पूजन भी करेंगे वहीं 10 बजकर 52 मिनट के बाद नवमी पूजा भी की जा सकती है। यानि आज अष्टमी और नवमी तिथियां दोनों ही रहेंगी। जो लोग नवमी तिथि का व्रत रख रहे हैं और कन्या पूजन करना चाहिए हैं उनको 10:52 के बाद ही कन्या पूजन करना चाहिए। आइए ऐसे में आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं सोमवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय। </p>

<p><strong>19 अक्टूबर 2026 का पंचांग</strong></p>

<ul>
	<li>आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि- 19 सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी और उसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी</li>
	<li>धृति योग- 19 अक्टूबर को रात 12 बजकर 35 मिनट तक</li>
	<li>उत्तराषाढ़ा नक्षत्र - 19 दोपहर दोपहर बाद 3 बजकर 39 मिनट तक</li>
	<li>19 अक्टूबर विशेष-  शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि, माता सिद्धिदात्री की पूजा, ,कन्या पूजन (कुछ लोग अष्टमी की पूजा भी 19 अक्टूबर को करेंगे)</li>
</ul>

<h3><strong>19 अक्टूबर 2026 का शुभ समय</strong></h3>

<ul>
	<li>ब्रह्म मुहूर्त- 04:45 ए एम से 05:35 ए एम</li>
	<li>प्रातः संध्या- 05:10 ए एम से 06:25 ए एम</li>
	<li>अभिजित मुहूर्त- 11:46 ए एम से 12:32 पी एम</li>
	<li>गोधूलि मुहूर्त- 05:53 पी एम से 06:18 पी एम</li>
	<li>सायाह्न संध्या- 05:53 पी एम से 07:09 पी एम</li>
</ul>

<h3><strong>राहुकाल का समय</strong></h3>

<ul>
	<li>दिल्ली- सुबह 07:50 से सुबह 09:15 तक</li>
	<li>मुंबई- सुबह 08:02 से सुबह 09:29 तक</li>
	<li>चंडीगढ़- सुबह 07:53 से सुबह 09:18 तक</li>
	<li>लखनऊ- सुबह 07:34 से सुबह 09:00 तक</li>
	<li>भोपाल- सुबह 07:46 से सुबह 09:12 तक</li>
	<li>कोलकाता- सुबह 07:02 से सुबह 08:28 तक</li>
	<li>अहमदाबाद- सुबह 08:05 से सुबह 09:31 तक</li>
	<li>चेन्नई- सुबह 07:28 से सुबह 08:57 तक</li>
</ul>

<h3><strong>सूर्योदय-सूर्यास्त का समय </strong></h3>

<ul>
	<li>सूर्योदय- सुबह 06:24 बजे </li>
	<li>सूर्यास्त- शाम 05:48 बजे</li>
</ul>

<h3><strong>नवरात्रि नवमी पूजा महत्व</strong></h3>

<p>नवरात्रि के नवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। देवी की पूजा करने से भक्तों को सिद्धियों की प्राप्ति होती है और साथ ही माता भक्तों की मनोकामनाओं को भी पूरा करती है। सुख-समृद्धि और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव भी <a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-somwar-ko-itne-baje-se-shuru-ho-jayegi-navami-tithi-jane-navratri-maha-navami-puja-ka-shubh-muhurat-2026-10-18-1249546" target="_blank" title="सोमवार को इतने बजे से शुरू हो जाएगी नवमी तिथि, जानें नवरात्रि महानवमी पूजा का शुभ मुहूर्त">माता सिद्धिदात्री की पूजा </a>करने से आते हैं। सिद्धिदात्री की पूजा के साथ ही नवमी पर कन्या पूजन किया जाता है और नौ दिन के नवरात्रि व्रत समाप्त होते हैं। </p>

<p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-vijaydashmi-par-bhagwan-ram-ke-5-mantron-ka-jap-karna-shubh-aatmvishwas-or-ekagrta-me-hogi-vridhi-2026-10-18-1249548" target="_blank" title="विजयदशमी पर भगवान राम के 5 मंत्रों का जप करना शुभ, आत्मविश्वास और एकाग्रता में होगी वृद्धि">विजयदशमी पर भगवान राम के 5 मंत्रों का जप करना शुभ, आत्मविश्वास और एकाग्रता में होगी वृद्धि</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-19-october-2026-ka-panchang-navratri-navami-puja-know-muhurat-and-rahukal-time-2026-10-18-1249585     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-19-october-2026-ka-panchang-navratri-navami-puja-know-muhurat-and-rahukal-time-2026-10-18-1249585 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 16:52:18 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     लव राशिफल: सोमवार का दिन मिथुन-सिंह वालों के लिए रह सकता है चुनौतीपूर्ण, लव लाइफ में पैदा हो सकती हैं दूरियां      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आज के दिन चंद्रमा की शत्रु राशि मकर में स्थिति कुछ राशियों की लव लाइफ के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकती है। सभी 12 राशियों के प्रेम जीवन के लिए आज का दिन कैसा रहेगा, आइए जानते हैं विस्तार से।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-7-1792316202.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[लव राशिफल ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-7-1792316202.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-7-1792316202.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      लव राशिफल 
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आज 19 अक्टूबर के दिन चंद्रमा मकर राशि में संचार। मकर राशि, शनि ग्रह की राशि है जोकि चंद्रमा के शत्रु हैं। ऐसे में चंद्रमा की स्थिति के चलते कुछ राशियों को प्रेम जीवन में संभलकर रहना होगा। खासकर मिथुन और सिंह वालों को। हालांकि कर्क-कन्या सहित कुछ राशियों को अच्छे परिणाम भी प्रेम जीवन में मिल सकते हैं। आइए ऐसे में जान लेते हैं सभी 12 राशियों का लव <a href="https://www.indiatv.in/rashifal"><strong>राशिफल</strong></a>।</p>

<h3><strong>मेष</strong></h3>

<p>लव पार्टनर के साथ संवाद बनाए रखें, आज छोटी सी गलतफहमी तनाव का कारण बन सकती है। शांत रहकर स्थिति संभाली जा सकती है।</p>

<h3><strong>वृषभ</strong></h3>

<p>इस राशि के सिंगल लोग आज के दिन मिंगल कर सकते हैं। वहीं जो लोग पहले से ही प्रेम संबंध हैं वो पार्टनर के साथ सामंजस्य बनाकर आगे बढ़ेंगे। </p>

<h3><strong>मिथुन</strong></h3>

<p>आज का दिन आपको लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अष्टम भाव में बैठे चंद्रमा के कारण गलतफमियां लव लाइफ में पैदा हो सकती हैं, सतर्क रहें। </p>

<h3><strong>कर्क</strong></h3>

<p>आज का दिन आपके लिए सुख और शांति से भरा रहेगा। पार्टनर का सहयोग आपको जीवन के हर क्षेत्र में मिल सकता है। </p>

<h3><strong>सिंह </strong></h3>

<p>सिंह राशि वालों को आज के दिन पार्टनर के साथ बातचीत के दौरान शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए, वरना जीवन में चुनौतियां पैदा हो सकती है। किसी तीसरे के बात को सुनकर पार्टनर के बारे में गलत राय न बनाएं। </p>

<h3><strong>कन्या</strong></h3>

<p>आपकी लव लाइफ के लिए दिन अनुकूल है। आज रिश्तों में आयी खटास को आप दूर कर सकते हैं। </p>

<h3><strong>तुला</strong></h3>

<p>तुला राशि वालों आप प्रेम जीवन में सुखद बदलाव देख सकते हैं। कुछ लोगों को पार्टनर से सरप्राइज गिफ्ट भी मिल सकता है। </p>

<h3><strong>वृश्चिक </strong></h3>

<p>आज आप पार्टनर से भावनात्मक रूप से जुड़ाव महसूस करेंगे। अपनी परेशानियों को पार्टनर के साथ साझा कर सकते हैं। </p>

<h3><strong>धनु </strong></h3>

<p>रिश्ते में किसी तीसरे की दखलअंदाजी टकराव का कारण बन सकती है। पार्टनर के साथ बातचीत करके स्थिति को संभालने की कोशिश करें।</p>

<h3><strong>मकर </strong></h3>

<p>भावुकता आज आप पर हावी हो सकती है। कुछ लोग पार्टनर के साथ अपने दिल के दर्द साझा कर सकते हैं। </p>

<h3><strong>कुंभ</strong></h3>

<p>लव लाइफ के लिहाज से दिन मिलाजुला साबित हो सकता है। शाम के समय पार्टनर से घंटों बात आप कर सकते हैं। ।</p>

<h3><strong>मीन </strong></h3>

<p>प्रेम संबंधों में आज के दिन अनुकूल बदलाव आ सकते हैं। कुछ प्रेमी/प्रेमिका प्रेम संबंध को शादी के बंधन में बांधने का प्रयास कर सकते हैं। </p>

<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>

<p><a class="शारदीय नवरात्रि आखिरी दिन करें देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आरती, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं" href="https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-last-day-karein-maa-siddhidatri-ki-aarti-puri-hogi-sabhi-manokamnayein-2026-10-18-1249563" target="_blank">शारदीय नवरात्रि आखिरी दिन करें देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आरती, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-19-october-2026-monday-love-rashifal-aaj-ka-prem-rashifal-mesh-to-meen-all-12-zodiac-signs-love-horoscope-2026-10-19-1249574     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-19-october-2026-monday-love-rashifal-aaj-ka-prem-rashifal-mesh-to-meen-all-12-zodiac-signs-love-horoscope-2026-10-19-1249574 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 15:36:26 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     शारदीय नवरात्रि आखिरी दिन करें देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आरती, पूरी होगी सभी मनोकामनाएं     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ नवरात्रि का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित है। इस दिन माता रानी की पूजा-अर्चना करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आरती और मंत्रों का जाप भी जरूर करें।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-4-1792311983.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[शारदीय नवरात्रि- नौवां दिन]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PEXELS]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-4-1792311983.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-4-1792311983.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      शारदीय नवरात्रि- नौवां दिन
                      <span class="copyright">Image Source : PEXELS</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>शारदीय नवरात्रि का नौवां और अंतिम दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की उपासना करने से सभी प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा भी भक्त सच्चे मन से माता रानी की पूजा और आरती करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा का सिद्धिदात्री स्वरूप अत्यंत दिव्य और मनमोहक माना गया है। मां श्वेत वस्त्रों से अलंकृत रहती है और उनका वाहन सिंह है। मां की अराधना से भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होती है। अगर आप भी मां सिद्धिदात्री की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो नवरात्रि के नौवें दिन  आरती जरूर करें।</p>
<h3><strong>॥ आरती देवी सिद्धिदात्री जी की ॥</strong></h3>
<p> </p>
<p>जय सिद्धिदात्री माँ तू सिद्धि की दाता।तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता॥</p>
<p>तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि॥</p>
<p>कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम॥</p>
<p>तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।तू जगदम्बे दाती तू सर्वसिद्धि है॥</p>
<p>रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो॥</p>
<p>तू सब काज उसके करती है पूरे।कभी काम उसके रहे ना अधूरे॥</p>
<p>तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया॥</p>
<p>सर्वसिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली॥</p>
<p>हिमाचल है पर्वत जहाँ वास तेरा।महा नन्दा मन्दिर में है वास तेरा॥</p>
<p>मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता॥</p>
<h3><strong>मां सिद्धिदात्री की  पूजा मंत्र</strong></h3>
<ol><li>ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः॥</li>
<li>या देवी सर्वभूतेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥</li>
<li>सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥</li>
<li>सर्वभूता यदा देवी स्वर्गमुक्ति प्रदायिनी। त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तयः।।</li>
</ol><h3><strong>मां सिद्धिदात्री का स्वरूप</strong></h3>
<p>देवी सिद्धिदात्री कमल पुष्प पर विराजमान हैं और वह सिंह की सवारी करती हैं। देवी मां को चतुर्भुज रूप में दर्शाया गया है। उनके एक दाहिने हाथ में गदा, दूसरे दाहिने हाथ में चक्र, एक बायें हाथ में कमल पुष्प तथा दूसरे बायें हाथ में शंख सुशोभित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के आरम्भ में भगवान रुद्र ने सृजन के उद्देश्य से आदि-पराशक्ति की आराधना की थी। मान्यताओं के मुताबिक, र, देवी आदि-पराशक्ति का कोई निश्चित रूप अथवा आकर नहीं था। आदि-पराशक्ति, जो शक्ति की सर्वोच्च देवी हैं, भगवान शिव के वाम अङ्ग से सिद्धिदात्री के रूप में प्रकट हुई हैं।</p>
<p><strong>(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)</strong></p>
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<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-somwar-ko-itne-baje-se-shuru-ho-jayegi-navami-tithi-jane-navratri-maha-navami-puja-ka-shubh-muhurat-2026-10-18-1249546" target="_blank" title="सोमवार को इतने बजे से शुरू हो जाएगी नवमी तिथि, जानें नवरात्रि महानवमी पूजा का शुभ मुहूर्त">सोमवार को इतने बजे से शुरू हो जाएगी नवमी तिथि, जानें नवरात्रि महानवमी पूजा का शुभ मुहूर्त</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-last-day-karein-maa-siddhidatri-ki-aarti-puri-hogi-sabhi-manokamnayein-2026-10-18-1249563     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-last-day-karein-maa-siddhidatri-ki-aarti-puri-hogi-sabhi-manokamnayein-2026-10-18-1249563 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 14:14:29 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     नवरात्रि की अष्टमी-नवमी तिथि के दिन जरूर करें ये उपाय, देवी मां के आशीर्वाद से दूर होंगे सारे विघ्न-बाधाएं     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोमवार को नवरात्रि की अष्टमी और नवमी दोनों तिथि रहेगी। इस दिन इन खास उपायों को करने से जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं और देवी भगवती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-3-1792309079.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[नवरात्रि के उपाय]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PEXELS]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-3-1792309079.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/19-25-2026-3-1792309079.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      नवरात्रि के उपाय
                      <span class="copyright">Image Source : PEXELS</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>18 अक्टूबर 2026 को अष्टमी और नवमी तिथि दोनों ही रहेगी। सोमवार को आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी, उसके बाद <strong><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-shardiya-navratri-2026-somwar-ko-itne-baje-se-shuru-ho-jayegi-navami-tithi-jane-navratri-maha-navami-puja-ka-shubh-muhurat-2026-10-18-1249546" target="_blank" title="सोमवार को इतने बजे से शुरू हो जाएगी नवमी तिथि, जानें नवरात्रि महानवमी पूजा का शुभ मुहूर्त">नवमी तिथि</a></strong> शुरू हो जाएगी। नवरात्रि के आठवें दिन को महाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। अष्टमी तिथि में मां दुर्गा की आठवीं शक्ति माता महागौरी की उपासना की जाती है।  वहीं नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा की नवीं शक्ति मां सिद्धिदात्री उपासना की जाती है। मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से व्यक्ति को हर प्रकार की सिद्धि प्राप्त होती है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि अष्टमी-नवमी तिथि के शुभ संयोग में कौनसे विशेष उपाय करने चाहिए।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप अपने दांपत्य रिश्ते में सुख बनाये रखना चाहते हैं, तो उसके लिये सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद देवी मां को सफेद पुष्पों की पुष्पांजलि चढ़ानी चाहिए। इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आपको मनचाहे वर या वधू पाने में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है तो सोमवार के दिन आपको देवी दुर्गा को इलायची का भोग लगाना चाहिए। साथ ही देवी के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप अपने बिजनेस में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, अपने बिजनेस को दूर-दराज तक फैलाना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद दुर्गा मां की विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए, कपूर से उनकी आरती करनी चाहिए और उसके बाद हलवे और उबले हुये चने का भोग लगाना चाहिए।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप सुंदर, स्वस्थ काया और परम सुख की प्राप्ति करना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर देवी दुर्गा जी को प्रणाम करना चाहिए। साथ ही दुर्गा जी के इस मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- देहि सौभाग्य मारोग्यं देहि मे परमं सुखम् रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषों जहि।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आपको किसी चीज़ का भय बना रहता है या आपको कोई नया काम शुरू करने से डर लगता है तो सोमवार के दिन आपको देवी दुर्गा के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-<br />
जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्ति हारिणी। जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोस्तु ते।।</p>
<p><strong>- </strong>अगर पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य को लेकर आपको कुछ परेशानी झेलनी पड़ रही है तो सोमवार के दिन आपको मां दुर्गा को किसी भी पांच फलों का भोग लगाना चाहिए। साथ ही इस मंत्र का 5 बार जप करना चाहिए। मंत्र है- ऊँ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप अपने जीवन की गति को सुगम बनाना चाहते हैं, अपने जीवन को खुशियों से भरना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको देवी मां के मंदिर में जाकर उनके निमित वस्त्र भेंट करने का संकल्प लें और जब जब मौका मिले तब मां के मंदिर जाकर वस्त्र भेंट कर दें और साथ ही माता को कच्चे नारियल की गिरी का भोग लगायें।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप अपने बच्चों के करियर को बेहतर गति देना चाहते हैं, आप चाहते हैं कि आपके बच्चे खूब तरक्की करें तो सोमवार के दिन आपको देवी दुर्गा के आगे घी का दीपक जलाना चाहिए और देवी जी के इस खास मंत्र का 11 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- या देवी सर्व भूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः।।</p>
<p><strong>-</strong> अगर आपके परिवार में किसी प्रकार की परेशानी चल रही है, जिससे आपके घर की सुख-शांति गायब हो गई है तो इससे छुटकारा पाने के लिये सोमवार के दिन आपको 2 कपूर और 12 लौंग लेकर एक गोबर के कंडे या उपले पर जलानी चाहिए।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं तो इसके लिये सोमवार के दिन आपको स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर देवी दुर्गा की विधि-पूर्वक धूप-दीप आदि से पूजा करनी चाहिए और पूजा के समय ही एक एकाक्षी नारियल लेकर, उस पर सात बार मौली लपेटकर देवी मां के सामने रखना चाहिए। पूजा के बाद उस एकाक्षी नारियल को वहां से उठाकर अपनी तिजोरी या<br />
अपनी पैसों वाली अलमारी में रख लें।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप अपने जीवन में देवी मां की कृपा बनाये रखना चाहते हैं, अपने कामों में परिवार का सहयोग बनाये रखना चाहते हैं तो सोमवार के दिन आपको किसी छोटी कन्या में मां दुर्गा का ध्यान करते हुए आशीर्वाद लेना चाहिए और उसको भेंट स्वरूप कुछ न कुछ देना चाहिए।</p>
<p><strong>- </strong>अगर आप चाहते हैं कि आपकी सारी परेशानियों का हल चुटकियों में निकल जाये और आपको खूब धन-धान्य की प्राप्ति हो, इसके लिये सोमवार के दिन आपको देवी दुर्गा जी के सामने कपूर जलना चाहिए और साथ की इस मंत्र का 5 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- सर्वा बाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥</p>
<p><strong>(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)</strong></p>
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<p><a href="https://www.indiatv.in/religion/news-kanya-pujan-mythology-story-in-hindi-read-here-kanya-puja-story-history-2026-10-18-1249516" target="_blank" title="बिना कंजक खिलाएं अधूरा माना जाता है नवरात्रि का व्रत, यहां जानिए कन्या पूजन से जुड़ी पौराणिक कथा">बिना कंजक खिलाएं अधूरा माना जाता है नवरात्रि का व्रत, यहां जानिए कन्या पूजन से जुड़ी पौराणिक कथा</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-ashtami-navami-tithi-ke-din-jarur-karein-ye-upay-devi-maa-ke-ashirwad-se-dur-honge-sari-pareshani-2026-10-18-1249555     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/religion/news-navratri-2026-ashtami-navami-tithi-ke-din-jarur-karein-ye-upay-devi-maa-ke-ashirwad-se-dur-honge-sari-pareshani-2026-10-18-1249555 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 13:36:14 +0530</pubDate>     </item></channel></rss>