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</div>
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<p>Line Number: 278</p>


</div>
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<h4>A PHP Error was encountered</h4>

<p>Severity: Warning</p>
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<p>Filename: hi/Rss.php</p>
<p>Line Number: 281</p>


</div><?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"><channel><atom:link href="http://api.indiatvnews.com/v3/hi/7fd9f0e714a11805d00bb64c9d8ca3bc/rssfeed/category/889/news" rel="self" type="application/rss+xml"/><title></title><link>https://www.indiatv.in/ </link><description></description><item>    <title>    <![CDATA[     सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा PM Modi और शी जिनपिंग का फर्जी Video, अपना चित्र भेंट करने वाला दावा निकला झूठा     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इस समय पीएम मोदी और शी जिनपिंग का एक फर्जी वीडियो वायरल हो रहा है। फैक्ट चेक में पीएम मोदी द्वारा जिनपिंग को अपना चित्र भेंट करने का दावा झूठा निकला।       ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/09/fake-video-1789213785.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फेक वीडियो वायरल। ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/@PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/09/fake-video-1789213785.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/09/fake-video-1789213785.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फेक वीडियो वायरल। 
                      <span class="copyright">Image Source : X/@PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को अपना स्वयं का चित्र (पोर्ट्रेट) उपहार में दिया। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को फर्जी करार दिया है।  </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2098698123279520233?s=20 "></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>क्या है वायरल दावे की सच्चाई </strong></h3>

<p>PIB Fact Check ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह गलत है। उन्होंने लिखा, “एक वीडियो ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अपना चित्र उपहार में दिया। PIBFactCheck  यह दावा फेक है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 12 अक्टूबर 2019 को महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी तस्वीर वाली पोर्सिलेन (चीनी मिट्टी का स्मृति चिह्न) की यादगार भेंट की थी।”</p>

<h3><strong>सच्ची घटना के बारे में जानें </strong></h3>

<p>वास्तविक घटना 2019 में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुई भारत-चीन अनौपचारिक शिखर बैठक की है। उस समय दोनों नेताओं ने उपहारों का आदान-प्रदान किया था। पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को कांचीपुरम स्टाइल का सिल्क और गोल्ड से बना विशेष पोर्ट्रेट भेंट किया, जिसमें चीनी राष्ट्रपति की तस्वीर थी। इसके जवाब में शी जिनपिंग ने पीएम मोदी को पोर्सिलेन का मेमेंटो दिया, जिसमें मोदी की तस्वीर उकेरी गई थी। </p>

<h3><strong>PIB ने शेयर ​की सही फोटो</strong></h3>

<p>PIB ने मूल वीडियो भी शेयर किया, जो 12 अक्टूबर 2019 का है। इसमें साफ दिखता है कि शी जिनपिंग मोदी को वह पोर्सिलेन मेमेंटो दे रहे हैं। वायरल क्लिप में घटना को उल्टा बताकर गलत कथा गढ़ी जा रही है। </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIB_India/status/1182921655732989952?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>ब्रिक्स समिट 2026 में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात</strong></h3>

<p>नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात हुई। <strong><a href="https://www.indiatv.in/india/national/xi-jinping-in-india-after-7-years-pm-modi-meeting-brics-summit-and-key-agenda-2026-09-12-1242733" target="_blank" title="शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं।">शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं।</a></strong> दोनों नेताओं ने भारत मंडपम में मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, सीमा प्रबंधन और सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों में थॉ की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद रहे। ब्रिक्स नेताओं ने वैश्विक चुनौतियों और ग्लोबल साउथ की भूमिका पर जोर दिया।  </p>

<p><em><strong>ये भी पढ़ें - </strong></em><br />
<strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-pib-debunks-ai-deepfake-claim-of-general-upendra-dwivedi-resignation-exposes-pakistan-propaganda-2026-07-02-1228666" target="_blank" title="पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की नई साजिश! जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम पर फैलाया गया फर्जी वीडियो ">पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की नई साजिश! जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम पर फैलाया गया फर्जी वीडियो </a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fake-video-of-pm-modi-and-xi-jinping-is-going-viral-the-claim-about-gifting-portrait-is-fake-2026-09-12-1242835     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fake-video-of-pm-modi-and-xi-jinping-is-going-viral-the-claim-about-gifting-portrait-is-fake-2026-09-12-1242835 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 17:21:51 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की नई साजिश! जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम पर फैलाया गया फर्जी वीडियो     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर भारत के पूर्व आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी के कथित इस्तीफे का फर्जी वीडियो वायरल किया जा रहा है। PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि यह AI से तैयार डीपफेक वीडियो है, जिसे पाकिस्तान समर्थित प्रोपेगेंडा अकाउंट्स ने फैलाया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/07/pib-debunks-ai-deepfake-claim-of-general-upendra-dwivedi-resignation-1782974257.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[पूर्व आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PIB]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/07/pib-debunks-ai-deepfake-claim-of-general-upendra-dwivedi-resignation-1782974257.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/07/pib-debunks-ai-deepfake-claim-of-general-upendra-dwivedi-resignation-1782974257.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      पूर्व आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
                      <span class="copyright">Image Source : PIB</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>नई दिल्ली: </strong>भारत के पूर्व आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी के इस्तीफे से जुड़ा एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी विरोध स्वरूप अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं और सेना की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंप रहे हैं। भारत सरकार की प्रेस सूचना ब्यूरो यानी कि PIB की फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।</p>

<h3><strong>AI की मदद से तैयार किया गया फर्जी वीडियो</strong></h3>

<p>PIB <a href="https://www.indiatv.in/topic/fact-check" target="_blank">फैक्ट चेक</a> के मुताबिक, यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI की मदद से तैयार किया गया डीपफेक है। इसे पाकिस्तान से जुड़े प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा जानबूझकर फैलाया जा रहा है, ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके और भारतीय सेना को लेकर झूठी कहानी बनाई जा सके। PIB ने स्पष्ट किया है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस्तीफे या विरोध से जुड़ा कोई बयान नहीं दिया है। वायरल वीडियो में उनके बयान के साथ छेड़छाड़ की गई है।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2072498586064195857"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>PIB ने साझा किया जनरल द्विवेदी का मूल वीडियो</strong></h3>

<p>फैक्ट चेक में बताया गया है कि भारतीय सेना में सेना प्रमुख का बदलाव पूरी तरह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है। यह बदलाव तय कार्यकाल पूरा होने और सेवा निवृत्ति के बाद स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है। इसमें किसी तरह का विवाद या विरोध शामिल नहीं है। PIB ने इस मामले में मूल वीडियो भी साझा किया है। ओरिजिनल वीडियो में जनरल उपेंद्र द्विवेदी किसी तरह के इस्तीफे की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने उत्तराधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए औपचारिक रूप से जिम्मेदारी सौंप रहे हैं।</p>

<p><strong>आप मूल वीडियो यहां देख सकते हैं:</strong></p>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/?start=1846" frameborder="0"></iframe></p>

<h3><strong>PIB ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील</strong></h3>

<p>मूल वीडियो में जनरल उपेंद्र द्विवेदी कहते हैं, 'आज मैं यह जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वह एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेतृत्वकर्ता हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं, प्रोफेशनलिज्म और संकल्प के साथ और भी बुलंदियों को छुएगी।' PIB ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे संदिग्ध वीडियो और संदेशों पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें। किसी भी संवेदनशील या महत्वपूर्ण जानकारी की सत्यता आधिकारिक स्रोतों से अवश्य जांचें।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-man-demands-gas-from-pm-narendra-modi-during-roadshow-viral-video-is-fake-know-truth-here-2026-04-01-1208350" target="_blank" title="Fact Check: क्या शख्स ने रोड शो के दौरान PM मोदी से की गैस न मिलने की शिकायत? जानें वायरल दावे का सच"><strong>Fact Check: क्या शख्स ने रोड शो के दौरान PM मोदी से की गैस न मिलने की शिकायत? जानें वायरल दावे का सच</strong></a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/central-government-women-work-from-home-scheme-promises-give-25000-every-month-viral-claim-is-fake-2026-02-21-1199417" target="_blank" title="Fact Check: 'केंद्र सरकार की महिला वर्क फ्रॉम होम योजना, हर महीने 25000 देने का वादा', जानिए वायरल दावे की सच्चाई"><strong>Fact Check: 'केंद्र सरकार की महिला वर्क फ्रॉम होम योजना, हर महीने 25000 देने का वादा', जानिए वायरल दावे की सच्चाई</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-pib-debunks-ai-deepfake-claim-of-general-upendra-dwivedi-resignation-exposes-pakistan-propaganda-2026-07-02-1228666     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-pib-debunks-ai-deepfake-claim-of-general-upendra-dwivedi-resignation-exposes-pakistan-propaganda-2026-07-02-1228666 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 12:11:30 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: सोशल मीडिया पर शेयर हो रही मां-बेटे की ये वाली तस्वीर फर्जी है, जानें पूरा सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'जबलपुर में हुए एक क्रूज हादसे के बाद एक मां अपने बेटे को पकड़े हुए थी और दोनों की डूबने से मौत हो गई।' आइये इस तस्वीर का सच जानते हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/05/untitled-2026-05-02t110342-1777700038.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/05/untitled-2026-05-02t110342-1777700038.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/05/untitled-2026-05-02t110342-1777700038.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'जबलपुर में हुए एक क्रूज हादसे के बाद एक मां अपने बेटे को पकड़े हुए थी और दोनों की डूबने से मौत हो गई।' हालांकि यह घटना सच है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर फर्जी है।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://x.com/annushreex/status/2050178007479071023?s=20" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'जबलपुर में हुए एक क्रूज हादसे के बाद एक मां अपने बेटे को पकड़े हुए थी और दोनों की डूबने से मौत हो गई।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://x.com/annushreex/status/2050178007479071023?s=20" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक फोटो भी शेयर की है। इस पोस्ट में एक महिला की गोद में छोटे बच्चे को देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि दोनों मां-बेटे हैं और दोनों की डूबने से मौत हो गई। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "कुछ दृश्य इंसान को अंदर तक तोड़ देते हैं… बरगी डैम की यह तस्वीर वैसी ही एक तस्वीर है। जब मैंने यह दृश्य देखी, सच में कुछ पल के लिए शब्द खत्म हो गए। आंखों में आंसू थे, और दिल बस यही सोच रही थी... एक मां आखिर मां ही होती है।"</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/05/untitled-2026-05-02t105104-1777699394.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>

<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए इसकी जांच की गई। वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर इसके AI-जनरेटेड होने का संदेह हुआ। वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इस तस्वीर को कई एआई डिटेक्शन टूल्स पर जांचा। इन टूल्स से मिले नतीजों में तस्वीर पूरी तरह वास्तविक नहीं पाई गई। जांच में संकेत मिले कि इमेज में डिजिटल एडिटिंग या एआई जनरेशन के एलिमेंट हो सकते हैं। यानी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ या उसे आर्टिफीशियल तरीके से तैयार किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। पड़ताल के अगले चरण में इस फोटो को एक अन्य AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर स्कैन किया। प्राप्त परिणामों के अनुसार, यह फोटो लगभग 96 प्रतिशत तक AI जनरेटेड पाया गया।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/05/untitled-2026-05-02t105147-1777699394.jpg"    /></p>

<p>जांच जारी रखते हुए, जब ऑनलाइन सर्च किया गया और आधिकारिक स्रोतों की जांच की गई। इस दौरान जबलपुर जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स के कलेक्टर जबलपुर अकाउंट पर इस वायरल तस्वीर को लेकर जारी एक <a href="https://x.com/jabalpurdm/status/2050157728182734851?s=20" target="_blank">स्पष्टीकरण</a> मिला। इस पोस्ट में प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा, “जबलपुर..यह फोटो एआई जनरेटेड है या अन्य किसी स्रोत की है। बरगी क्रूज दुर्घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।” यह आधिकारिक बयान इस बात की पुष्टि करता है कि वायरल तस्वीर को गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया जा रहा है।  </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/05/untitled-2026-05-02t105233-1777699394.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को जबलपुर में हुए क्रूज हादसे से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, जबकि पड़ताल में सामने आया कि वायरल फोटो असली नहीं, AI जनरेटेड है। ऐसे में फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। </p>

<h3><strong>क्या है मामला?</strong></h3>

<p>बता दें कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में 30 अप्रैल की शाम को हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। तेज तूफान के कारण एक क्रूज नौका पलटकर डूब गई, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई। क्रूज में सवार 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद से इस हादसे से जुड़ी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रहीं हैं। इसमें एक बेहद भावुक और विचलित कर देने वाली तस्वीर लगातार शेयर की जा रही थी, जिसमें एक महिला लाइफ जैकेट पहने पानी में दिखाई दे रही है और एक छोटा बच्चा उसके सीने से लिपटा हुआ है। हालांकि वायरल हो रही तस्वीर फर्जी है, लेकिन एक मां का उसके बेटे से लिपटा शव बरामद भी किया गया था। </p>

<p><strong>(Disclaimer: यह फैक्ट चेक मूल रूप से PTI द्वारा किया गया है, जिसे India TV ने पुन: प्रकाशित किया है।)</strong></p>

<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/jabalpur-boat-accident-horiffic-video-screaming-sealed-life-jackets-water-filling-in-cruise-boat-2026-05-02-1215765" target="_blank" title="चीख-पुकार, सीलबंद लाइफ जैकेट, क्रूज नाव में भरता पानी, जबलपुर नाव दुर्घटना का नया वीडियो आया सामने">चीख-पुकार, सीलबंद लाइफ जैकेट, क्रूज नाव में भरता पानी, जबलपुर नाव दुर्घटना का नया वीडियो आया सामने</a></strong></p>

<div>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/madhya-pradesh/madhya-pradesh-jabalpur-bargi-dam-cruise-accident-cm-mohan-yadav-took-strict-action-many-people-were-terminated-and-suspended-2026-05-01-1215678" target="_blank" title="जबलपुर क्रूज हादसा: CM मोहन यादव ने कर दी सख्त कार्रवाई, कई लोगों की सेवा समाप्त, एक का निलंबन भी हुआ">जबलपुर क्रूज हादसा: CM मोहन यादव ने कर दी सख्त कार्रवाई, कई लोगों की सेवा समाप्त, एक का निलंबन भी हुआ</a></strong></p>
</div>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/mother-die-hugging-her-son-in-bargi-dam-accident-know-truth-behind-viral-photo-2026-05-02-1215773     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/mother-die-hugging-her-son-in-bargi-dam-accident-know-truth-behind-viral-photo-2026-05-02-1215773 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 02 May 2026 10:58:09 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या शख्स ने रोड शो के दौरान PM मोदी से की गैस न मिलने की शिकायत? जानें वायरल दावे का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक शख्स ने रोड शो के दौरान PM मोदी से गैस न मिलने की शिकायत की है। आइए जानते हैं इस वायरल दावे का सच।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/04/pm-modi-gas-road-show-fake-news-1775055737.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/04/pm-modi-gas-road-show-fake-news-1775055737.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/04/pm-modi-gas-road-show-fake-news-1775055737.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में आज कल फेक न्यूज भी जमकर वायरल होती रहती हैं। ये फेक न्यूज किसी बड़ी घटना या आम लोगों से लेकर प्रधानमंत्री तक के लिए वायरल होते रहते हैं। इन झूठी खबरों को कुछ इस तरह के कंटेंट और विजुअल्स के साथ वायरल किया जाता है कि लोग आसानी से इस पर भरोसा कर लेते हैं और इसका शिकार हो जाते हैं। फेक न्यूज का एक ऐसा ही ताजा मामला भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर एक <a href="https://x.com/Imsafur20/status/2039276103454630257" target="_blank">वीडियो </a>को वायरल कर के दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी के रोड शो के दौरान उनसे एक शख्स ने गैस को लेकर सवाल किया है। हालांकि, फैक्ट चेक में ये दावा झूठा पाया गया है।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है दावा?</strong></h3>

<p>दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो का है। वीडियो में रोड शो के दौरान एक शख्स कहता है कि गैस नहीं मिल रहा है सर। सोशल मीडिया पर एक <a href="https://x.com/Imsafur20/status/2039276103454630257" target="_blank">यूजर </a>ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा- "गैस नहीं मिल रहा है अंकल, गैस नहीं मिल रहा है सर, grok बताओ क्या ये AI वीडियो तो नहीं है?" कई अन्य यूजर्स ने भी ऐसे ही दावे के साथ इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया है।</p>

<h3><strong>फर्जी निकला दावा</strong></h3>

<p>PIB ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये दावा पूरी तरह से फर्जी है। PIB ने ट्वीट कर के बताया- "सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो का है। यह दावा फर्जी है। यह वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोगी का नहीं, बल्कि उनके हमशक्ल का है। कृपया भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।"</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2039312797696442620"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<p><strong>ये भी पढे़ं- </strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/will-february-28-be-holiday-across-uttar-pradesh-know-government-order-viral-copy-reality-2026-02-27-1200924" target="_blank">28 फरवरी को उत्तर प्रदेश में नहीं रहेगी छुट्टी, वायरल हो रही सरकारी आदेश की फर्जी विज्ञप्ति</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-have-you-received-a-message-asking-you-to-redeem-sbi-rewards-know-truth-behind-the-viral-claim-2026-02-22-1199696" target="_blank">Fact Check: क्या आपके पास भी आया है SBI रिवार्ड रिडीम करने को लेकर मैसेज? हो जाएं सावधान; जान लें वायरल दावे का सच</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-man-demands-gas-from-pm-narendra-modi-during-roadshow-viral-video-is-fake-know-truth-here-2026-04-01-1208350     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-man-demands-gas-from-pm-narendra-modi-during-roadshow-viral-video-is-fake-know-truth-here-2026-04-01-1208350 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 20:44:15 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     28 फरवरी को उत्तर प्रदेश में नहीं रहेगी छुट्टी, वायरल हो रही सरकारी आदेश की फर्जी विज्ञप्ति     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सरकारी आदेश की फर्जी कॉपी कुछ शरारती बच्चों की तरफ से जारी की गई है। सरकार की असली कॉपी के साथ छेड़छाड़ करके फर्जी कॉपी बनाई गई है और लोगों को गुमराह किया जा रहा है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/yogi-1772212467.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल आदेश की कॉपी]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : VIRALCOPY SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/yogi-1772212467.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/yogi-1772212467.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल आदेश की कॉपी
                      <span class="copyright">Image Source : VIRALCOPY SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस कॉपी को शेयर करने के साथ दावा किया जा रहा है कि 28 फरवरी को पूरे उत्तर प्रदेश में छुट्टी रहेगी। हालांकि, ऐसा नहीं है। योगी सरकार ने शनिवार (28 फरवरी) को कार्यदिवस घोषित किया है। इसके बदले 3 मार्च को छुट्टी दी है। ऐसे में सभी कर्मचारियों को लगातार तीन दिन की छुट्टी मिलेगी। छुट्टियों से पहले सैलरी भी उनके खाते में आ जाएगी, ताकि वह होली का त्योहार मना सकें।</p>

<p>वायरल कॉपी में दावा किया गया है कि सरकार ने शनिवार (28 फरवरी) को भी सभी संस्थानों में छुट्टी कर दी है और कुल मिलाकर छुट्टी लगातार पांच दिन की हो गई है। वायरल दावे के अनुसार 28 फरवरी (शनिवार), 1 मार्च (रविवार), 2 मार्च से लेकर 4 मार्च तक होली की छुट्टी दी गई है। ऐसे में पांच दिन तक लगातार छुट्टी का दावा किया गया है। हालांकि, यह दावा गलत है। </p>

<h3><strong>फर्जी आदेश की वायरल कॉपी</strong></h3>

<p>सामान्य प्रशासन अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन की विज्ञप्ति दिनांक 27 फरवरी, 2026 द्वारा होली पर्व के पावन अवसर पर दिनांक 03 मार्च, 2026 (दिन मंगलवार) को निगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट, 1881 के अधीन घोषित सार्वजनिक अवकाश के कारण सामान्य कार्य दिवस के अतिरिक्त दिनांक 28 फरवरी, 2026 (दिन शनिवार) को प्रदेश में समस्त सरकारी कार्यालय/संस्थान/बैंक/कोषागार आदि खुले रखने का निर्णय लिया गया था।<br />
उक्त निर्णय के क्रम में यह सूचित किया जाता है कि दिनांक 28 फरवरी, 2026 (दिन शनिवार) की घोषित व्यवस्था निरस्त की जाती है। अतः प्रदेश के समस्त सरकारी कार्यालय/संस्थान/बैंक/कोषागार आदि दिनांक 28 फरवरी, 2026 को पूर्ववत अवकाश पर रहेंगे।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/02/yogi-viral-copy-1772213239.jpg"    /></p>

<h3><strong>क्या है हकीकत?</strong></h3>

<p>असलियत यह है कि योगी सरकार ने होली की छुट्टी तीन दिन के लिए दी है। इस वजह से शनिवार की छुट्टी खत्म कर दी गई है। शनिवार (28 फरवरी) को पूरे उत्तर प्रदेश में सभी सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे। इसके बदले कर्मचारियों को मंगलवार (3 मार्च) को छु्ट्टी मिलेगी। सरकार ने 2,3 और चार मार्च को होली की छुट्टी दी है। वहीं एक मार्च को रविवार की छुट्टी रहेगी। ऐसे में कर्मचारियों को कुल चार दिन की छुट्टी मिलेगी। </p>

<h3><strong>बुधवार को मनाई जाएगी होली</strong></h3>

<p>देशभर में होली का त्योहार 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा। होलिका दहन (छोटी होली) 3 मार्च 2026 (मंगलवार) की शाम को होगा। होली का त्योहार शांति और खुशहाली के साथ मनाया जाए। इसे लेकर योगी सरकार पूरी तरह तैयार है। संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस संबंध में दिशानिर्देश दे दिए गए हैं।</p>

<p>यह भी पढ़ें-</p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/was-lord-hanuman-seen-through-an-airplane-window-know-truth-behind-viral-video-2026-02-16-1198306">Fact Check: क्या हवाई जहाज की खिड़की से दिखे भगवान हनुमान? जानें वायरल वीडियो का सच</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/uttar-pradesh/holi-2026-cm-yogi-good-news-up-employees-now-monthly-salary-will-paid-in-advance-2026-02-27-1200798">सीएम योगी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को दी बड़ी खुशखबरी, होली में 3 दिन की छुट्टी, इस महीने पहले ही आ जाएगा वेतन</a></p>

<p> </p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/will-february-28-be-holiday-across-uttar-pradesh-know-government-order-viral-copy-reality-2026-02-27-1200924     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/will-february-28-be-holiday-across-uttar-pradesh-know-government-order-viral-copy-reality-2026-02-27-1200924 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 22:55:07 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या आपके पास भी आया है SBI रिवार्ड रिडीम करने को लेकर मैसेज? हो जाएं सावधान; जान लें वायरल दावे का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर SBI रिवॉर्ड्स रिडीम करने को लेकर एक मैसेज वायरल है। इसमें कहा गया है कि रिवार्ड्स को रिडीम करने के लिए APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करें। आइए इस खबर के जरिए इसकी सच्चाई को जानते हैं।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-19-1771764639.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सांकेतिक फोटो]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X @PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-19-1771764639.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-19-1771764639.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सांकेतिक फोटो
                      <span class="copyright">Image Source : X @PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>हर रोज सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर SBI के नाम से रिवार्ड को रिडीम करने को लेकर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें रिवॉर्ड्स रिडीम करने के लिए APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए कहा गया है। जब इस दावे की जांच की गई तो यह फेक निकला। </p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल? </strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर SBI के नाम से एक मैसेज वायरल हो रहा है। वायरल मैसेज में रिवॉर्ड्स रिडीम करने के लिए APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने बात कही गई है। मैसेज में लिखा है, "प्रिय वैल्यू कस्टमर, आपके SBI नेटबैंकिंग रिवॉर्ड पॉइंट्स (Rs 9980.00) आज ट्रांसफर कर दिए गए हैं। अब REWARD ऐप इंस्टॉल करके रिडीम करें और अपने अकाउंट में कैश डिपॉजिट के जरिए अपना रिवॉर्ड क्लेम करें। धन्यवाद, टीम - SBI"</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2025175969682915658?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई?</strong> </h3>

<p>वायरल मैसेज में किए गए दावे को को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह नोटिस पूर्ण रूप से फर्जी पाया गया। फैक्ट चेक में पाया गया कि SBI कभी भी SMS/WhatsApp पर लिंक या APK फाइलें नहीं भेजता है। ऐसे में लोगों सलाह दी जाती है कि कभी भी अनजान फाइलें डाउनलोड न करें या ऐसे लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही ये भी सलाह दी जाती है कि  वे किसी भी ऐसे ईमेल, लिंक, कॉल और SMS का जवाब न दें जिसमें आपसे फाइनेंशियल और सेंसिटिव जानकारी शेयर करने के लिए कहा गया हो। साथ ही सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-have-you-received-a-message-asking-you-to-redeem-sbi-rewards-know-truth-behind-the-viral-claim-2026-02-22-1199696     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-have-you-received-a-message-asking-you-to-redeem-sbi-rewards-know-truth-behind-the-viral-claim-2026-02-22-1199696 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 22 Feb 2026 18:22:07 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: 'केंद्र सरकार की महिला वर्क फ्रॉम होम योजना, हर महीने 25000 देने का वादा', जानिए वायरल दावे की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ यूट्यूब के वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार महिलाओं के लिए एक खास योजना लेकर आई है। इसका नाम 'महिला वर्क फ्रॉम होम योजना' है। दावा किया गया कि इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 25 हजार रुपये तक दिए जाएंगे। जानिए वायरल दावे की सच्चाई क्या है?    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-22-1771652965.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[महिला वर्क फ्रॉम होम योजना का दावा]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : YOUTUBE/BUDDHSEN92TECHOFFICIAL]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-22-1771652965.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-22-1771652965.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      महिला वर्क फ्रॉम होम योजना का दावा
                      <span class="copyright">Image Source : YOUTUBE/BUDDHSEN92TECHOFFICIAL</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया में कई तरह के फोटो और वीडियो वायरल होते हैं। इनमें से कई फोटो और वीडियो गलत दावों के साथ अपलोड किए जाते हैं। यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर भी भ्रामक जानकारी देने वाले वीडियो की भरमार हैं। कई यूट्यूब चैनल ऐसे प्रोग्राम या वीडियो बनाते हैं, जो जमीनी हकीकत से कोसो दूर हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे भी भ्रामक जानकारी वाले वीडियो के सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल</h3>

<p>सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर यूट्यूब का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिलाओं के लिए वर्क फ्रॉम होम योजना की बात कही गई है। यूट्यूब पर Buddhsen92TechOfficial नाम का एक चैनल है। करीब एक महीने पहले वीडियो अपलोड किया गया है। इस वीडियो में दावा किया गया कि केंद्र सरकार द्वारा  'महिला वर्क फ्रॉम होम योजना' के तहत महिलाओं को घर से काम करने का अवसर है। महिलाओं को प्रतिमाह 25,000 रुपये तक वेतन दिया जाएगा। </p>

<h3>नहीं लॉन्च की गई ऐसी कोई योजना</h3>

<p>इस वायरल वीडियो को महिलाएं काफी शेयर कर रही हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो के सत्यता की जांच की है। इंडिया टीवी ने पाया कि केंद्र सरकार ने 'महिला वर्क फ्रॉम होम योजना' को लॉन्च नहीं किया है। सरकार द्वारा ऐसा कोई नोटिफिकेशन नहीं जारी किया गया है। Buddhsen92TechOfficial नाम के चैनल ने मनगढ़ंत कहानी के आधार पर ये वीडियो बनाया है और उसे अपलोड किया है।</p>

<h3>पूरी तरह फर्जी है दावा</h3>

<p>वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के फैक्ट चेक ने कहा कि ये यूट्यूब चैनल Buddhsen92TechOfficial का दावा पूरी तरह फर्जी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि कृपया ऐसे लुभावने दावों के झांसे में न आएं। आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास कीजिए। </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2024788764623818811"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>महिलाओं को रहना होगा सतर्क</h3>

<p>यूट्यूब पर Buddhsen92TechOfficial नाम पर भ्रामक जानकारी से महिलाओं को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी तरह के झांसे में न आएं। यूट्यूब चैनल वीडियो पर ज्यादा व्यूज और लाइक पाने के लिए भ्रामक दावे करते हैं।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/central-government-women-work-from-home-scheme-promises-give-25000-every-month-viral-claim-is-fake-2026-02-21-1199417     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/central-government-women-work-from-home-scheme-promises-give-25000-every-month-viral-claim-is-fake-2026-02-21-1199417 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 11:23:10 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या हवाई जहाज की खिड़की से दिखे भगवान हनुमान? जानें वायरल वीडियो का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'हवाई जहाज की खिड़की से देखने पर भगवान हनुमान पहाड़ी पर टहलते हुए दिखे।'
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-42-1771239458.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक। ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-42-1771239458.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-42-1771239458.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक। 
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check:</strong> इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'हवाई जहाज की खिड़की से देखने पर भगवान हनुमान पहाड़ी पर टहलते हुए दिखे।'</p>
<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://www.instagram.com/reel/DUNV024jEjI/" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'हवाई जहाज की खिड़की से देखने पर भगवान हनुमान पहाड़ी पर टहलते हुए दिखे।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://www.instagram.com/reel/DUNV024jEjI/" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर की है। इस वीडियो में भगवान हनुमान को एक पहाड़ी के ऊपर टहलते हुए देखा जा सकता है। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "आज तो रियल में हनुमान जी के दर्शन हो गए।"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-43-1771239458.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>
<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर इसके AI-जनरेटेड होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो को AI डिटेक्शन टूल SIGHTENGINE पर स्कैन किया। टूल के विश्लेषण के अनुसार, यह वीडियो 63 प्रतिशत तक AI जनरेटेड होने की संभावना दर्शाता है। </p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-44-1771239458.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>
<p>India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को भगवान हनुमान के दर्शन से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, जबकि हमारी पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो असली नहीं, AI जनरेटेड है। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-a-misleading-ai-generated-video-about-the-india-us-trade-deal-is-going-viral-know-the-the-truth-behind-the-claims-2026-02-08-1196482" target="_blank">Fact check: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर AI जनरेटेड वीडियो वायरल, जानें लें दावे की सच्चाई</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/finance-minister-nimala-sitharaman-said-claim-fake-post-shared-online-2026-02-06-1196040" target="_blank">Fact Check: वित्त मंत्री बोलीं- 'कोई गरीब नहीं, सब दिखावा करते हैं, खूब सोना-चांदी खरीद रहे', जानें वायरल पोस्ट की हकीकत</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/was-lord-hanuman-seen-through-an-airplane-window-know-truth-behind-viral-video-2026-02-16-1198306     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/was-lord-hanuman-seen-through-an-airplane-window-know-truth-behind-viral-video-2026-02-16-1198306 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:32:01 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या केंद्र सरकार सभी बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये देगी? जान लें वायरल दावे का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बेरोजगारी भत्ता योजना को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिय पर वायरल है। इसमें दावा किया गया है कि सरकार रोजगार युवाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये देगी। आइए इस खबर के जरिए वायरल वीडियो के दावे के सच को जानते हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-18-1771161002.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X@PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-18-1771161002.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-18-1771161002.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : X@PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check:</strong> हर रोज सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह ₹2500 देगी। हालांक, जब इस दावे की जांच हुई तो सच कुछ और ही निकला। </p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब के एक चैनल 'Buddhsen92TechOfficial' का एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि "बेरोजगारी भत्ता योजना 2026" के तहत केंद्र सरकार द्वारा सभी बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह ₹2500/- दिए जाएंगे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आग की तरह फैल रहा है।</p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई?</strong></h3>

<p>यूट्यूब के 'Buddhsen92TechOfficial' चैनल के वायरल वीडियो में किए गए दावे को को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह नोटिस पूर्ण रूप से फर्जी पाया गया। फैक्ट चेक में पाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। ऐसे में अगर आपको ऐसे मैसेज मिलते हैं, तो जवाब न दें, पर्सनल डिटेल्स शेयर न करें, या कोई पेमेंट न करें। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी ऐसे ईमेल, लिंक, कॉल और SMS का जवाब न दें जिसमें आपसे फाइनेंशियल और सेंसिटिव जानकारी शेयर करने के लिए कहा गया हो। साथ ही सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें। </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-will-the-central-government-give-rs-2500-per-month-to-all-unemployed-youth-know-truth-behind-the-viral-claim-2026-02-15-1198096     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-will-the-central-government-give-rs-2500-per-month-to-all-unemployed-youth-know-truth-behind-the-viral-claim-2026-02-15-1198096 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 18:40:49 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: 'महिलाओं के लिए एक ऐसी योजना, आधार दिखाओ और मुफ्त में ले जाओ स्कूटी', जानिए वायरल VIDEO की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ फ्री में महिलाओं को स्कूटी दिए जाने का वादा करने वाला ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो को AI के माध्यम से बनाया गया है। कई लोग इस वीडियो को सही मानकर शेयर कर रहे हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/image-2026-02-14t122817-1771052307.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[पूरी तरह AI से बनाया गया वीडियो]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : ROUNAKKUMARTALKS/INSTAGRAM]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/image-2026-02-14t122817-1771052307.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/image-2026-02-14t122817-1771052307.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      पूरी तरह AI से बनाया गया वीडियो
                      <span class="copyright">Image Source : ROUNAKKUMARTALKS/INSTAGRAM</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया में कई तरह के फोटो और वीडियो वायरल होते हैं। इनमें से अधिकतर फोटो और वीडियो भ्रामक दावों के साथ वायरल किए जाते हैं। एआई के जमाने में फेक वीडियो की बाढ़ सी आ गई है। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक ऐसे ही वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करती है</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल</h3>

<p>इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पीएम ये कहते हुए दिखाई देते हैं कि केंद्र सरकार अब महिलाओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान करेगी। मुफ्त स्कूटी पाने के लिए महिलाओं को सिर्फ आधार कार्ड दिखाना होगा। इंस्टाग्राम पर ये वीडियो rounakkumartalks नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है।</p>

<p><blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://instagram.com/reel/DQ6R8DrE8DZ/?igsh=MThrMHU2NDFzdWVsYw==" data-instgrm-version="12" style="background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:500px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"></blockquote></p>

<h3>नहीं है ऐसी कोई योजना</h3>

<p>इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो के सत्यता की जांच की है। इंडिया टीवी ने पाया कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए ऐसी कोई योजना नहीं चलाई है, जिसमें आधार कार्ड दिखाकर स्कूटी दी जा रही हो। ये वीडियो पूरी तरह फर्जी है। इस वीडियो को AI की मदद से बनाया गया है।</p>

<h3>पूरी तरह AI से बनाया गया फर्जी वीडियो</h3>

<p>भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने वायरल वीडियो पर हैरान जताई है और लोगों से सावधान रहने की अपील की है। पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इंस्टाग्राम हैंडल ‘rounakkumartalks’ द्वारा साझा किए गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये AI वीडियो है। वीडियो में किया जा रहा दावा पूरी तरह फर्जी है।</p>

<h3>केंद्र सरकार की सभी योजनाओं की यहां से मिलेगी जानकारी</h3>

<p>पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। किसी भी जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट <a href="http://myscheme.gov.in">http://myscheme.gov.in</a> पर विजिट कीजिए।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2021908122579640732"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>साइबर अपराधों से रहें सावधान</h3>

<p>सोशल मीडिया में वायरल हो रहे इस तरह के वीडियो साइबर क्राइम का हिस्सा हैं। इन AI वीडियो के साथ एक लिंक भी शेयर किया जाता है। जिसमें क्लिक करने से आपके बैंक अकाउंट में जमा राशि पर साइबर अपराधियों की नजर रहती है और वह इसे हड़पने के लिए नए-नए तरीके निकालते हैं।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/show-aadhaar-and-get-your-scooter-scheme-for-women-fake-viral-ai-video-2026-02-14-1197790     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/show-aadhaar-and-get-your-scooter-scheme-for-women-fake-viral-ai-video-2026-02-14-1197790 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 12:24:20 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact check: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर AI जनरेटेड वीडियो वायरल, जानें लें दावे की सच्चाई      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact check: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर AI जनरेटेड वीडियो वायरल हो रहा है। जब इसमें किए गए दावे की जांच की गई तो वो भ्रामक निकला।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-17-1770550812.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X@PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-17-1770550812.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-17-1770550812.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : X@PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact check:</strong> रोजाना सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भ्रामक दावे के साथ AI जनरेटेड वीडियो वायरल हो रहा है। </p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि 'भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारतीय बाजार को अमेरिकी किसानों के लिए खोले जाने से भारतीय किसानों को नुकसान होगा।'</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2020422554843046038?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई? </strong></h3>

<p>वायरल वीडियो को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में वीडियो में किया गया दावा भ्रामक निकली। फैक्ट चेक में पाया गया कि वायरल AI-जनरेटेड वीडियो भ्रम फैलाने के उद्देश्य से प्रसारित किया जा रहा है। पीआईबी फैक्ट चेक में निकला कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में भारतीय कृषि, विशेषकर कृषि एवं डेयरी क्षेत्र के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। सभी मुख्य फसलें, मुख्य अनाज, फल और डेयरी उत्पाद सुरक्षित हैं और किसी भी ऐसे क्षेत्र के लिए बाजार नहीं खोला गया है, जो भारतीय किसानों के लिए नुकसानदेह हो सके। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी ऐसे ईमेल, लिंक, कॉल और SMS का जवाब न दें जिसमें आपसे फाइनेंशियल और सेंसिटिव जानकारी शेयर करने के लिए कहा गया हो। साथ ही सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-a-misleading-ai-generated-video-about-the-india-us-trade-deal-is-going-viral-know-the-the-truth-behind-the-claims-2026-02-08-1196482     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-a-misleading-ai-generated-video-about-the-india-us-trade-deal-is-going-viral-know-the-the-truth-behind-the-claims-2026-02-08-1196482 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 17:10:57 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'नेटबैंकिंग रिवॉर्ड पॉइंट्स पाने के लिए डाउनलोड करें APK फाइल', SBI के दावे के साथ वायरल हो रहा फर्जी मैसेज     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ ऑनलाइन ठगी के उद्देश्य से लोगों के मोबाइल पर ये मैसेज भेजा जा रहा है। जो कि पूरी तरह से फर्जी है। इस मैसेज में जरा सी भी सत्यता नहीं है। एसबीआई की ओर से ऐसा कोई मैसेज नहीं भेजा जाता है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-news-2-1770443274.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[SBI के नाम पर वायरल हो रहा ये SMS]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-news-2-1770443274.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-news-2-1770443274.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      SBI के नाम पर वायरल हो रहा ये SMS
                      <span class="copyright">Image Source : X/PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>स्मार्ट फोन के जमाने में मोबाइल पर कई तरह के मैसेज भेजे जाते हैं। इन मैसेजों में दी गई जानकारी सही या नहीं, इसको लेकर हमेशा संशय बना रहता है। स्मार्ट फोन यूजर की एक गलती आपको नुकसान पहुंचा सकती है। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही मैसेज के सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल</h3>

<p>सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में एक एसएमएस वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि ये मैसेज 'स्टेट बैंक ऑफ इंडिया' यानी SBI का है। इंगलिश भाषा में भेजे गए इस मैसेज में लिखा गया,<br />
'प्रिय वैल्यू कस्टमर, आपके SBI नेटबैंकिंग रिवॉर्ड पॉइंट्स (Rs 9980.00) आज ट्रांसफर कर दिए गए हैं। अब REWARD ऐप इंस्टॉल करके रिडीम करें और अपने अकाउंट में कैश डिपॉजिट के जरिए अपना रिवॉर्ड क्लेम करें।<br />
धन्यवाद<br />
टीम - SBI'</p>

<p>इसके साथ ही SBI REWARD27..apk नाम से  एक लिंक भी शेयर किया गया है। ये लिंक APK फाइल का है।</p>

<h3>SBI की ओर से नहीं भेजा जाता ऐसा मैसेज</h3>

<p>इस तरह के वायरल हो रहे मैसेज के सत्यता की जांच इंडिया टीवी के फैक्ट चेक टीम ने की है। SBI की ओर से रिवॉर्ड्स पाने के लिए APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए मैसेज भेजा गया है, जो कि ऑनलाइन फ्रॉडगिरी करने का नया तरीका है। एसबीआई की ओर से ऐसा कोई भी मैसेज नहीं भेजा जाता है। किसी भी तरह की APK फाइल न डाउनलोड करें और न ही उस पर क्लिक करें।</p>

<h3>न क्लिक करें लिंक पर</h3>

<p>भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि एसबीआई कभी भी SMS/WhatsApp पर लिंक या APK फाइल नहीं भेजता है। सावधान रहें कभी भी अनजान फाइलें डाउनलोड न करें या ऐसे लिंक पर क्लिक न करें।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2019725722362024031"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचें</h3>

<p>एसबीआई के नाम से वायरल हो रहा ये मैसेज पूरी तरह फर्जी है। इस मैसेज को ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से साइबर अपराधों की ओर से भेजा जा रहा है। जरा सी गलती आपके अकाउंट में मौजूद राशि को उड़ा देगी।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/viral-message-claim-from-sbi-ask-users-download-apk-file-get-net-banking-reward-points-is-fake-sms-2026-02-07-1196197     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/viral-message-claim-from-sbi-ask-users-download-apk-file-get-net-banking-reward-points-is-fake-sms-2026-02-07-1196197 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 11:27:26 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: वित्त मंत्री बोलीं- 'कोई गरीब नहीं, सब दिखावा करते हैं, खूब सोना खरीद रहे', जानें वायरल पोस्ट की हकीकत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: पोस्ट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हवाले से दावा किया जा रहा है कि देश में कोई गरीब नहीं है। सभी लोग जमकर सोना-चांदी खरीद रहे हैं। हालांकि, निर्मला सीतारमण ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/nirmala-sitaraman-fc-1770370027.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल पोस्ट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : FB/VIRALPOST]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/nirmala-sitaraman-fc-1770370027.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/nirmala-sitaraman-fc-1770370027.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल पोस्ट
                      <span class="copyright">Image Source : FB/VIRALPOST</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक वायरल हो रहा है, जिसमें केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हवाले से कहा गया है कि "हमारे देश में कोई गरीब नहीं है।" इसी पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि लोग केवल गरीब होने का दिखावा करते हैं। असल में सब खूब सोना-चांदी खरीद रहे हैं। कई पोस्ट में इस बयान को मंत्री की आधिकारिक टिप्पणी के रूप में प्रस्तुत किया गया है और इस पर लोगों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। कई यूजर गरीबी और आर्थिक असमानता पर सरकार के रुख की आलोचना कर रहे हैं।</p>
<p>जांच में पाया गया कि यह ग्राफिक पूरी तरह से गलत है। इसे एडिट करके बनाया गया है। असल में सीतारमण का बयान कुछ और था, जिसे बदल दिया गया। वित्त मंत्री ने असली बयान में रोजगार के बारे में जानकारी दी थी।</p>
<h3><strong>क्या है वायरल पोस्ट?</strong></h3>
<p><a href="https://www.instagram.com/p/DUN0KZOFWoN/">वायरल </a>पोस्ट एक फरवरी से ही अलग-अलग अकाउंट में शेयर किया जाने लगा था। इस पोस्ट में वित्त मंत्री के हवाले से कहा गया है कि देश में कोई गरीब नहीं है। सब नाटक करते हैं। लोग जमकर सोना-चांदी खरीद रहे हैं। पोस्ट में दावा किया गया है कि यह वित्त मंत्री का बयान है। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने यह जानकारी शेयर की। इस पर लोगों ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की और वित्त मंत्री पर ताने भी मारे।</p>
<h3><strong>जांच में क्या मिला?</strong></h3>
<p>पोस्ट देखने के बाद इसकी हकीकत पता करने के लिए गूगल में यही बात सर्च की गई तो किसी भी विश्वसनीय वेबसाइट पर यह जानकारी नहीं मिली। फोटो को रिवर्स इमेज सर्च करने पर कई पोस्ट ऐसे मिले। इसके साथ ही 30 जनवरी, 2026 की एक फेसबुक पोस्ट मिली, जिसमें वही फोटो थी। हालांकि, उस पर लिखा था, “भारत में 15 वर्ष से अधिक आयु के 562 मिलियन लोग कार्यरत हैं। निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री)” फोटो के ऊपरी दाएं कोने में 'मोलिटिक्स' देखा, जिसके बाद उसने एक विशेष कीवर्ड खोज की। खोज से हमें मोलिटिक्स की 30 जनवरी की एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिली, जिसमें वही तस्वीर थी लेकिन वित्त मंत्री का एक अलग बयान था। इसमें वित्त मंत्री के हवाले से कहा गया है, “भारत में 15 वर्ष से अधिक आयु के 562 मिलियन लोग कार्यरत हैं। निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री)” </p>
<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या मिला?</strong></h3>
<p>जांच में सामने आया कि निर्मला सीतारमण ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की थी। कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट इस दावे का समर्थन नहीं करती है। वायरल पोस्ट को एडिट किया गया है और ऐसा प्रतीत होता है कि इसे मूल रूप से मोलिटिक्स इंडिया द्वारा साझा की गई पोस्ट से बदला गया है। वायरल पोस्ट पूरी तरह से गलत है और गलत दावे के साथ शेयर की जा रही है। (इनपुट- पीटीआई)</p>
<p>यह भी पढ़ें-</p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/claim-of-cm-yogi-adityanath-becoming-prime-minister-is-fake-video-going-viral-2026-02-03-1195310">Fact Check: CM योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने का दावा फर्जी, VIDEO हो रहा वायरल</a></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/british-pm-keir-starmer-was-thrown-out-of-a-pub-by-a-man-know-truth-behind-viral-video-2026-02-02-1195035">Fact Check: ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर को शख्स ने पब से निकाला बाहर? जानें क्या है वायरल वीडियो का सच</a></p>
<p> </p>
<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/finance-minister-nimala-sitharaman-said-claim-fake-post-shared-online-2026-02-06-1196040     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/finance-minister-nimala-sitharaman-said-claim-fake-post-shared-online-2026-02-06-1196040 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:59:32 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: CM योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने का दावा फर्जी, VIDEO हो रहा वायरल     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने साल 2029 में देश का प्रधानमंत्री बनने का संकेत दिया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-1-1770105043.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-1-1770105043.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-1-1770105043.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong>Fact Check:</strong> सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो और पोस्ट को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान हो गया। कई बार ऐसे गलत फैक्ट्स खतरनाक हो जाता है। इन्हीं फेक दावों से आपको सावधान करने के लिए हम India TV फैक्ट चेक लेकर आते हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ही पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2029 में पीएम बनने का संकेत दिया है।</p>

<h3 class="rtejustify">क्या हो रहा है वायरल?</h3>

<p class="rtejustify">सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक <a href="https://www.youtube.com/shorts/mARnhx8gEVU">वीडियो</a> तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने साल 2029 में देश का प्रधानमंत्री बनने का संकेत दिया है।</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-4-1770105165.jpg"    /></p>

<h3 class="rtejustify">क्या है वायरल दावा?</h3>

<p class="rtejustify">फैक्ट चेक की पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत पाया गया है।<a href="https://www.youtube.com/watch?v=xz0uaHHrv5M"> यूट्यूब</a> और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जा रहे इस वीडियो में योगी आदित्यनाथ को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री बनने दीजिए, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी भारत का हिस्सा होगा।" वीडियो की स्क्रीन पर "Next PM 2029" का टेक्स्ट भी लिखा गया है, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि योगी आदित्यनाथ स्वयं के प्रधानमंत्री बनने और उसके बाद PoK वापस लेने की बात कर रहे हैं।</p>

<h3 class="rtejustify">पड़ताल में सामने आया सच</h3>

<p class="rtejustify">India TV फैक्ट चेक ने जब इस वीडियो की जांच की, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। वायरल क्लिप को मूल वीडियो से काट-छांट कर बनाया गया है। यह वीडियो 18 मई 2024 को महाराष्ट्र के पालघर में आयोजित एक चुनावी जनसभा का है। उस समय योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में प्रचार किया था।</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-2-1770105168.jpg"    /></p>

<p class="rtejustify">मूल वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, "मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने दीजिए, अगले छह महीने के भीतर <a href="https://www.aajtak.in/elections/lok-sabha-election-2024/story/yogi-adityanath-says-pok-will-be-part-of-india-within-six-months-after-modi-ji-become-pm-ntc-1946613-2024-05-18">पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर</a> भी भारत का हिस्सा होगा।" ### भ्रामक टेक्स्ट का खेल जांच में पाया गया कि शरारती तत्वों ने वीडियो से "मोदी जी को" और "तीसरी बार" जैसे शब्दों को हटाकर इसे इस तरह पेश किया जैसे योगी आदित्यनाथ खुद के प्रधानमंत्री बनने की बात कर रहे हों। साथ ही, "2029" का टेक्स्ट अलग से जोड़कर इसे भविष्य के दावे के रूप में प्रसारित किया गया।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/claim-of-cm-yogi-adityanath-becoming-prime-minister-is-fake-video-going-viral-2026-02-03-1195310     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/claim-of-cm-yogi-adityanath-becoming-prime-minister-is-fake-video-going-viral-2026-02-03-1195310 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 13:30:04 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर को शख्स ने पब से निकाला बाहर? जानें क्या है वायरल वीडियो का सच      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को पब से बाहर निकाल दिया गया।'
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-2026-02-02t093953-1770005563.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक। ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-2026-02-02t093953-1770005563.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-2026-02-02t093953-1770005563.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक। 
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को पब से बाहर निकाल दिया गया।'</p>
<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://x.com/ashokdanoda/status/2010712226144150013" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर को पब से बाहर निकाल दिया गया।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://x.com/ashokdanoda/status/2010712226144150013" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में शख्स को कीर स्टार्मर के साथ बहस करते हुए देखा जा सकता है। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "ये ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर को अपने पब से बाहर निकाल दिया! क्योंकि पब मालिक उनके दवारा काम करने से खुश नहीं था।"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-2026-02-02t094026-1770005563.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>
<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। हमने संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, इस दौरान हमें NBC News की वेबसाइट पर वायरल वीडियो मिला, जिसे 19 अप्रैल 2021 को पोस्ट किया था। NBC News की <a href="https://www.nbcnews.com/video/anti-lockdown-pub-landlord-screams-at-u-k-labour-party-leader-to-get-out-of-his-pub-110466117702" target="_blank">रिपोर्ट</a> के अनुसार,ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टार्मर को इंग्लैंड के शहर बाथ में लोगों से मुलाकात के दौरान एक पब के मालिक ने बाहर निकाल दिया। पब मालिक का कहना था कि स्टार्मर ने लॉकडाउन उपायों का पर्याप्त विरोध नहीं किया, जबकि उस समय पूरे ब्रिटेन में लॉकडाउन प्रतिबंध लागू थे। हमने यह भी जांचा कि वर्ष 2021 में ब्रिटेन का प्रधानमंत्री कौन था। जांच में स्पष्ट हुआ कि उस समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन थे, जबकि कीर स्टार्मर विपक्षी लेबर पार्टी के नेता के रूप में भूमिका निभा रहे थे। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो वर्ष 2021 का है, जब कीर स्टार्मर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि संसद में विपक्षी लेबर पार्टी के नेता के तौर पर कार्यरत थे।</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/02/untitled-2026-02-02t094134-1770005563.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>
<p>India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को कीर स्टार्मर के कार्यकाल के दौरान का बताकर वायरल किया जा रहा है जबकि घटना उस समय की है जब वह विपक्षी नेता हुआ करते थे। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-has-india-removed-education-and-food-from-the-cpi-inflation-calculation-know-the-truth-of-viral-claim-2026-02-01-1194924" target="_blank">Fact check: भारत ने CPI इन्फ्लेशन कैलकुलेशन से शिक्षा और फूड को हटा दिया है? जानें क्या है वायरल दावे का सच</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/notice-circulating-under-bsnl-name-claiming-sim-cards-blocked-within-24-hours-completely-fake-2026-01-31-1194683" target="_blank">Fact Check: '24 घंटे के अंदर ब्लॉक कर दिया जाएगा सिम कार्ड', BSNL के नाम से वायरल हो रहा नोटिस पूरी तरह फेक</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/british-pm-keir-starmer-was-thrown-out-of-a-pub-by-a-man-know-truth-behind-viral-video-2026-02-02-1195035     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/british-pm-keir-starmer-was-thrown-out-of-a-pub-by-a-man-know-truth-behind-viral-video-2026-02-02-1195035 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 09:46:49 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact check: भारत ने CPI इन्फ्लेशन कैलकुलेशन से शिक्षा और फूड को हटा दिया है? जानें वायरल दावे का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact check: भारत ने CPI इन्फ्लेशन कैलकुलेशन से शिक्षा और फूड को हटा दिया है, इस दावे के साथ कुछ सोशल माीडिया पोस्ट आग की तरह वायरल हो रहे हैं। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-1-1769950546.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X @PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-1-1769950546.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/02/fact-check-1-1769950546.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : X @PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact check:</strong> हर रोज सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया गया है कि भारत ने CPI महंगाई की गणना से खाने-पीने की चीज़ों और शिक्षा को हटा दिया है। जब इस दावे की जांच की गई तो सच कुछ और ही निकला। </p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल? </strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट बहुत तेज गति से वायर हो रही हैं। वायरल हो रहीं कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि भारत ने CPI (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) महंगाई की गणना से खाने-पीने की चीजों और शिक्षा को हटा दिया है। </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2017512518412079197?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई? </strong></h3>

<p>वायरल पोस्ट्स को लोकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह से फर्जी निकला। फैक्ट चेक में पाया गया कि फूड और शिक्षा CPI बास्केट के मुख्य घटक बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> </p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/education/budget-2026-what-is-the-orange-economy-mentioned-by-nirmala-sitharaman-estimated-to-create-millions-of-jobs-2026-02-01-1194875">क्या है 'ऑरेंज इकोनॉमी' जिसका बजट में हुआ जिक्र? लाखों रोजगार पैदा होने का अनुमान</a><br />
<a href="https://www.indiatv.in/education/bihar-board-class-12-exams-which-items-are-not-allowed-in-the-exam-hall-check-the-banned-list-2026-02-01-1194919">बिहार बोर्ड 12वीं कक्षी की परीक्षा: एग्जाम हॉल में किन आइटम्स को नहीं ले जा सकते? देख लें बैन लिस्ट</a></p>

<p> </p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-has-india-removed-education-and-food-from-the-cpi-inflation-calculation-know-the-truth-of-viral-claim-2026-02-01-1194924     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-has-india-removed-education-and-food-from-the-cpi-inflation-calculation-know-the-truth-of-viral-claim-2026-02-01-1194924 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 18:26:59 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: '24 घंटे के अंदर ब्लॉक कर दिया जाएगा सिम कार्ड', BSNL के नाम से वायरल हो रहा नोटिस पूरी तरह फेक     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बीएसएन के नाम से वायरल हो रहा नोटिस पूरी तरह फेक है। बीएसएन की ओर से ऐसी कोई नोटिस जारी नहीं की गई है। ये पूरी तरह धोखाधड़ी को लेकर किया गया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-news-1-1769870249.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[BSNL के नाम से वायरल हो रहा फर्जी नोटिस]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-news-1-1769870249.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-news-1-1769870249.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      BSNL के नाम से वायरल हो रहा फर्जी नोटिस
                      <span class="copyright">Image Source : X/PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया और स्मार्ट फोन के जमाने में भ्रामक मैसेज और वीडियो की भरमार है। लोगों के वॉट्सएप और मोबाइल पर भ्रामक एसएमएस और नोटिस भेजे जा रहे हैं। आमजन को इन नोटिस का पता लगाना मुश्किल हो गया है कि क्या सही और क्या गलत है? इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही भ्रामक मैसेज और नोटिस के सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल?</h3>

<p>लोगों के मोबाइल में एक खास नोटिस भेजा जा रहा है। दावा किया जरा है कि ये नोटिस बीएसएनल की तरफ से है। इस नोटिस में कहा गया है कि ग्राहक का KYC टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है। ग्राहक का सिम कार्ड भी 24 घंटे के अंदर ब्लॉक कर दिया जाएगा।</p>

<h3>BSNL ने नहीं जारी किया ऐसा कोई नोटिस</h3>

<p>बहुत से लोगों के पास इस तरह का नोटिस भेजा गया है। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस नोटिस के सत्यता की जांच की है। इंडियी टीवी की टीम ने चेक किया कि BSNL की तरफ से ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया है।</p>

<h3>पूरी तरह फेक है ये नोटिस</h3>

<p>भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने इस मामले में कहा कि सावधान यह नोटिस नकली है। इसके साथ ही पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'BSNL कभी भी ऐसे नोटिस नहीं भेजता है। अपनी पर्सनल और बैंक डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें।'</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2016496084437307797"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>साइबर क्राइम का नया पैटर्न</h3>

<p>बीएसएनल के नाम से वायरल हो रहा ये नोटिस पूरी तरह से धोखाधड़ी करने के लिए बनाया गया है। मोबाइल यूजर्स के पास ये नोटिस भेजकर उनके बैंक अकाउंट में सेंध लगाई जाती है। कुछ ही देर में साइबर अपराध से जुड़े लोग उनके अकाउंट से मोटी रकम निकाल लेते हैं। इसलिए ऐसे नोटिस और मैसेज से सावधान रहें और साइबर क्राइम पुलिस को सूचना दें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/notice-circulating-under-bsnl-name-claiming-sim-cards-blocked-within-24-hours-completely-fake-2026-01-31-1194683     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/notice-circulating-under-bsnl-name-claiming-sim-cards-blocked-within-24-hours-completely-fake-2026-01-31-1194683 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 20:14:30 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: लैंडिंग से 3 सेकेंड पहले गायब हो गया था रनवे? जान लें अजित पवार विमान हादसे के वायरल वीडियो की हकीकत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह अजित पवार के साथ हुए हादसे का है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लैंडिंग से ठीक पहले धुंध के कारण विमान के सामने कुछ भी दिखाई देना बंद हो जाता है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/ajit-pawar-plane-crash-fc-1769791879.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल वीडियो]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENGRAB]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/ajit-pawar-plane-crash-fc-1769791879.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/ajit-pawar-plane-crash-fc-1769791879.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल वीडियो
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENGRAB</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्लेन के कॉकपिस से रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह अजित पवार प्लेन क्रैश का है। यूजर्स का दावा है कि फुटेज में उसी विमान के अंतिम क्षण कैद हैं, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार कथित तौर पर चार अन्य लोगों के साथ यात्रा कर रहे थे। यह प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी।</p>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विमान के कॉकपिट के अंदर का दृश्य दिखाया गया है, जिसमें पायलट लैंडिंग के लिए तैयार हो रहा है, लेकिन भारी बारिश के कारण रनवे अचानक नजर से ओझल हो जाता है। हालांकि, फैक्ट चेक में यह दावा झूठा पाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े हालिया विमान हादसे से संबंधित नहीं है। बल्कि, यह 2013 का एक पुराना वीडियो है, जिसमें भारी बारिश के दौरान एक पायलट रनवे की ओर बढ़ रहा था, तभी रनवे अचानक नजर से ओझल हो गया, जिससे पायलट को लैंडिंग रद्द करनी पड़ी और गो-अराउंड करना पड़ा।</p>
<h3><strong>क्या है वायरल वीडियो?</strong></h3>
<p>एक इंस्टाग्राम हैंडल ने 29 जनवरी को एक <a href="https://www.youtube.com/shorts/t_UYiTEXd0w">वीडियो </a>शेयर किया, जिसमें विमान के कॉकपिट के अंदर के दृश्य दिखाए गए हैं। वीडियो में पायलट लैंडिंग के लिए आगे बढ़ रहा था, तभी भारी बारिश के कारण रनवे पूरी तरह से नजर से ओझल हो गया। यूजर ने दावा किया कि वीडियो उसी दुर्भाग्यपूर्ण विमान के आखिरी पलों को दिखाता है, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार कथित तौर पर चार अन्य लोगों के साथ यात्रा कर रहे थे। विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। वीडियो के साथ लिखा था, "बारामती विमान दुर्घटना: विमान दुर्घटना का वीडियो सामने आया। लैंडिंग से 3 सेकंड पहले रनवे गायब हो गया।"</p>
<h3><strong>जांच में क्या मिला?</strong></h3>
<p>जांच के दौरान कई सोशल मीडिया अकाउंट मिले, जिन्होंने इसी वीडियो को शेयर किया था। इसके साथ ही दावा किया गया था कि यह वीडियो उसी प्लेन का है, जिसमें अजित पवार सवार थे और यह प्लेन हादसे का शिकार हो गया था। हालांकि, वीडियो में प्लेन हादसे का शिकार होता दिखाई नहीं देता है। वीडियो के फ्रेम गूगल लेंस की मदद से सर्च करने पर पता चला कि यह 2013 का वीडियो है और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़ी किसी हालिया विमान दुर्घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।</p>
<h3><strong>क्या है हकीकत?</strong></h3>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में एक बोइंग बिजनेस जेट को भारी बारिश में उतरने का प्रयास करते हुए दिखाया गया है। विमान सीएटी आई इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) अप्रोच कर रहा था जब अचानक हुई बारिश ने डिसीजन हाइट पर दृश्यता को काफी कम कर दिया। रनवे कुछ पल के लिए नजर से ओझल हो जाने पर, पायलटों ने लैंडिंग रद्द कर दी और गो-अराउंड किया। मौसम सुधरने पर उन्होंने सुरक्षित लैंडिंग का प्रयास किया। रिपोर्ट में पूरे वीडियो का लिंक भी दिया गया था। यह वीडियो जून 2013 में अपलोड किया गया था।</p>
<h3><strong>फैक्ट चेक का नतीजा</strong></h3>
<p>फैक्ट चेक में पाया गया कि वायरल वीडियो 2013 का है और इसे इस लिहाज से रिकॉर्ड किया गया था कि बारिश के दौरान पायलट को लैंडिंग करने में क्या परेशानी होती है। इसका अजित पवार प्लेन क्रैश से कोई संबंध नहीं है। पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। (इनपुट-पीटीआई)</p>
<p>यह भी पढ़ें-</p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-cm-yogi-and-ravi-kishan-video-shared-in-the-name-of-ugc-protests-know-truth-of-viral-video-2026-01-29-1194265">Fact Check: सीएम योगी और रवि किशन ने UGC के खिलाफ की पदयात्रा? यहां जानिए इस वायरल Video का सच</a></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-did-sunny-deol-sunil-shetty-akshay-khanna-and-jackie-shroff-ate-together-in-desert-during-border-2-shoot-viral-photo-is-fake-2026-01-28-1193851">Fact Check: सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और जैकी श्रॉफ ने रेगिस्तान में साथ खाया खाना? जानें वायरल फोटो का सच</a></p>
<p> </p>
<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/ajit-pawar-plane-crash-viral-video-fake-claim-with-old-video-2026-01-30-1194480     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/ajit-pawar-plane-crash-viral-video-fake-claim-with-old-video-2026-01-30-1194480 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 22:24:41 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: सीएम योगी और रवि किशन ने UGC के खिलाफ की पदयात्रा? यहां जानिए इस वायरल Video का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ UGC के नए नियमों को लेकर यूपी से लेकर दिल्ली तक भयंकर सियासी बवाल हुआ है। इस बीच सीएम योगी और बीजेपी सांसद रवि किशन का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि दोनों नेता यूजीसी के नए नियमों का खुलकर विरोध कर रहे हैं।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-11-1769710555.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-11-1769710555.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-11-1769710555.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर के विभिन्न राज्यों में भारी विरोध हुआ और अब सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन कुछ लोगों के साथ पदयात्रा करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि दोनों नेता UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>

<p>हालांकि फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने 27 जनवरी 2026 को यह <strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DT_r37Skh74/?igsh=MXM3bWNwbjZhZTJ5bg%3D%3D">वायरल वीडियो</a></strong> को शेयर किया। इसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर से सांसद रवि किशन कुछ लोगों के साथ पदयात्रा करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो पर “UGC विरोध” लिखा हुआ है, जिसके आधार पर इसे UGC के खिलाफ प्रदर्शन से जोड़कर पेश किया जा रहा है। </p>

<p>एक अन्य फेसबुक यूजर ने 27 जनवरी 2026 को यही वीडियो पोस्ट किया और लिखा “माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और सांसद रवि किशन जी #UGC का किया खुलकर विरोध। अब आप लोगो कि बारी है।  #UGCrollback”।</p>

<h3><strong>पड़ताल:</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स के जरिए खोज की। हालांकि, इस दौरान हमें इस दावे की पुष्टि करने वाली कोई भी विश्वसनीय या प्रामाणिक मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। पड़ताल के अगले क्रम में हमने वायरल वीडियो से की-फ्रेम निकालकर उन्हें गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। जांच के दौरान यह वीडियो NBT Uttar Pradesh के X अकांउट पर मिला, जिसे 22 सितंबर 2025 को पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट के अनुसार, सीएम योगी ने 22 सितंबर 2025 को गोरखपुर की सड़कों पर पदयात्रा की। मॉल-दुकानों में जीएसटी की दरों में कटौती को लागू किए जाने के बारे में जानकारी ली।</p>

<p>इसके बाद हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, इस दौरान हमें दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 22 सितंबर 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट मिली जहां वायरल विजुअल मौजूद था। हमारी पड़ताल में स्पष्ट हो गया वायरल वीडियो का हाल में चल रहे UGC विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।</p>

<p>जांच में पता चला कि वीडियो उस समय का है, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर की सड़कों पर पदयात्रा पर निकले थे। इस दौरान गोरखपुर के सांसद रवि किशन भी उनके साथ मौजूद थे। पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय बाजारों, मॉल और दुकानों का दौरा किया और व्यापारियों से बातचीत कर GST की दरों में की गई कटौती के क्रियान्वयन को लेकर जानकारी ली थी।</p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>हमारी पड़ताल में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो सितंबर 2025 का है और इसे हालिया घटनाक्रम से जोड़कर गलत संदर्भ में शेयर किया जा रहा है। वायरल वीडियो का हाल में चल रहे UGC विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। अब यह साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हर वीडियो सच हो, यह जरूरी नहीं। फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-cm-yogi-and-ravi-kishan-video-shared-in-the-name-of-ugc-protests-know-truth-of-viral-video-2026-01-29-1194265     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-cm-yogi-and-ravi-kishan-video-shared-in-the-name-of-ugc-protests-know-truth-of-viral-video-2026-01-29-1194265 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 23:46:19 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और जैकी श्रॉफ ने रेगिस्तान में साथ खाया खाना? जानें सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अभिनेता सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और जैकी श्रॉफ की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें वे रेगिस्तान में साथ बैठकर खाना खा रहे हैं। हालांकि, फैक्ट चेक में इस तस्वीर का सच कुछ और ही सामने आया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-28t123934-1769584374.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-28t123934-1769584374.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-28t123934-1769584374.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>‘बॉर्डर 2’ बीते 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक <a href="https://www.instagram.com/p/DTRr5KHidnZ/?igsh=cmNjenRvczE3cm5v" target="_blank">तस्वीर </a>तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में अभिनेता सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और जैकी श्रॉफ एक साथ बैठकर खाना खाते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि एक महिला उन्हें खाना परोसती हुई दिखाई दे रही है। इस तस्वीर को सोशल मीडिया यूजर्स ‘बॉर्डर 2’ फिल्म की शूटिंग के दौरान का बताते हुए शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य फिल्म के सेट का है, जहां कलाकार शूटिंग के बीच भोजन करते नजर आ रहे हैं।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है दावा?</strong></h3>

<p>सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और जैकी श्रॉफ की रेगिस्तान में एक साथ बैठकर खाना खाते हुई तस्वीर काफी शेयर की जा रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <a href="https://www.instagram.com/p/DTRr5KHidnZ/?igsh=cmNjenRvczE3cm5v" target="_blank">इंस्टाग्राम </a>पर एक यूजर ने 9 जनवरी 2026 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा- "Border 2 के शूटिंग के दौरान।" </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-28t123823-1769584374.jpg"    /></p>

<h3><strong>पड़ताल:</strong></h3>

<p>सबसे पहले हमने गूगल पर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की स्टारकास्ट की जानकारी देखी। जांच में पता चला कि वायरल तस्वीर में दिख रहे कलाकारों के नाम फिल्म की आधिकारिक स्टारकास्ट में शामिल नहीं हैं। इसके बाद जब हमने तस्वीर को ध्यान से देखा, तो कलाकारों के चेहरे की बनावट अजीब और अस्वाभाविक लगी। चेहरे के भाव और आकार सामान्य नहीं दिखे। इसी वजह से हमें शक हुआ कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाई गई हो सकती है।</p>

<p>इसके बाद हमने वायरल तस्वीर को एआई जनरेटेड कंटेंट पहचानने वाले टूल HIVE Moderation पर स्कैन किया। जांच के नतीजों में सामने आया कि वायरल तस्वीर 95 प्रतिशत तक AI से बनाई गई है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-28t124010-1769584374.jpg"    /></p>

<p>पड़ताल के अगले चरण में हमने वायरल तस्वीर को एआई जनरेटेड कंटेंट पहचानने वाले टूल Undetectable AI पर स्कैन किया। वहां मिले नतीजों के अनुसार, वायरल तस्वीर AI से तैयार की गई है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-28t124029-1769584374.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>हमारी पड़ताल में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यूजर्स सनी देओल, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और जैकी श्रॉफ की AI जनरेटेड तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे है। लोगों को ऐसे किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। <strong>(इनपुट: भाषा)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.indiatv.in/fact-check/rss-chief-mohan-bhagwat-son-in-law-a-muslim-truth-of-viral-photo-2026-01-27-1193604" target="_blank"> </a></strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/rss-chief-mohan-bhagwat-son-in-law-a-muslim-truth-of-viral-photo-2026-01-27-1193604" target="_blank">Fact Check: RSS प्रमुख मोहन भागवत की बेटी-दामाद की तस्वीर, दावे की क्या है सच्चाई?</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/is-kaliya-naag-seen-in-yamuna-river-at-vrindavan-know-truth-behind-viral-video-2026-01-26-1193327" target="_blank">Fact Check: क्या वृंदावन में फिर आ गया द्वापर वाला कालिया नाग? जानें वायरल वीडियो का सच</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-did-sunny-deol-sunil-shetty-akshay-khanna-and-jackie-shroff-ate-together-in-desert-during-border-2-shoot-viral-photo-is-fake-2026-01-28-1193851     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-did-sunny-deol-sunil-shetty-akshay-khanna-and-jackie-shroff-ate-together-in-desert-during-border-2-shoot-viral-photo-is-fake-2026-01-28-1193851 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 12:52:51 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: RSS प्रमुख मोहन भागवत की बेटी-दामाद की तस्वीर, दावे की क्या है सच्चाई?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: वायरल पोस्ट में एक महिला और पुरुष की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये मोहन भागवत की बेटी और उनके मुस्लिम दामाद हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-1769500409.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-1769500409.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-1769500409.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong>Fact Check: </strong>सोशल मीडिया पर इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत को लेकर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल पोस्ट में एक महिला और पुरुष की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये मोहन भागवत की बेटी और उनके मुस्लिम दामाद हैं।</p>

<h3 class="rtejustify">क्या हो रहा है वायरल?</h3>

<p class="rtejustify">फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 17 जनवरी 2026 को एक यूजर ने <a href="https://www.facebook.com/photo.php?fbid=4200673353517245&set=gm.1409144747559114">तस्वीर शेयर</a> करते हुए लिखा, "RSS के प्रमुख नेता मोहन भागवत का दामाद एक मुस्लिम है... और वह चले हैं हिंदू राष्ट्र बनाने।"</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-1769500412.jpg"    /></p>

<h3 class="rtejustify">पड़ताल में खुला सच</h3>

<p class="rtejustify">India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि आरएसएस प्रमुख <a href="https://www.indiatoday.in/india/story/anand-mohan-gets-freed-from-jail-nitish-kumar-rajput-vote-bank-bihar-rjd-bjp-politics-2364418-2023-04-25">मोहन भागवत अविवाहित</a> हैं। संघ के पूर्व दिल्ली प्रांत प्रचार प्रमुख राजीव तुली ने स्पष्ट किया कि मोहन भागवत ने कभी विवाह नहीं किया है, इसलिए उनकी बेटी या दामाद होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।</p>

<h3 class="rtejustify">तस्वीर में कौन है? </h3>

<p class="rtejustify">गूगल लेंस और रिवर्स इमेज सर्च की मदद से पता चला कि वायरल तस्वीर में नजर आ रहे लोग मोहन भागवत के रिश्तेदार नहीं, बल्कि बिहार के चर्चित नेता आनंद मोहन और उनकी पत्नी लवली आनंद हैं।</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-design-1769500841.jpg"    /></p>

<p class="rtejustify">यह तस्वीर वर्ष 2023 और 2024 की कई मीडिया रिपोर्ट्स (जैसे इंडिया टुडे और ज़ी बिहार-झारखंड) में प्रकाशित हो चुकी है। असल में यह तस्वीर उस समय की है जब बाहुबली नेता आनंद मोहन की जेल से रिहाई को लेकर विवाद चल रहा था। लवली आनंद खुद भी राजनीति में सक्रिय रही हैं और 90 के दशक में बिहार की राजनीति में एक चर्चित चेहरा रही थीं।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/rss-chief-mohan-bhagwat-son-in-law-a-muslim-truth-of-viral-photo-2026-01-27-1193604     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/rss-chief-mohan-bhagwat-son-in-law-a-muslim-truth-of-viral-photo-2026-01-27-1193604 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 13:32:31 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या वृंदावन में फिर आ गया द्वापर वाला कालिया नाग? जानें वायरल वीडियो का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'वृंदावन में यमुना नदी में कालिया नाग देखने को मिला है।'
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-26t085640-1769398292.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-26t085640-1769398292.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-26t085640-1769398292.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check</strong>: इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'वृंदावन में यमुना नदी में कालिया नाग देखने को मिला है।'</p>
<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://www.instagram.com/reel/DTngN9FkoX0/?igsh=MTZvdTN1enI2NnFydA%3D%3D" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'वृंदावन में यमुना नदी में कालिया नाग देखने को मिला है।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://www.instagram.com/reel/DTngN9FkoX0/?igsh=MTZvdTN1enI2NnFydA%3D%3D" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर की है। इस वीडियो में नदी के अंदर कई फन वाले विशाल सांप को देखा जा सकता है। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "क्या कलयुग में भगवान ने फिर दिए दर्शन? वृंदावन से एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में नाव में बैठे श्रद्धालु उस वक्त दंग रह गए जब पानी के बीचों-बीच कई फन वाला एक विशाल सांप (शेषनाग जैसा) उभरता दिखाई दिया। ​भक्त इसे 'शेषनाग' और 'वासुकि नाग' का अवतार मानकर जयकारे लगा रहे हैं। आपकी इस पर क्या राय है? क्या यह प्रकृति का कोई संकेत है?"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-26t085950-1769398292.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>
<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर इसके AI-जनरेटेड होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो को AI डिटेक्शन टूल SIGHTENGINE पर स्कैन किया। जांच में सामने आया कि वायरल विजुअल 99 प्रतिशत तक AI-जनरेटेड है। </p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-26t090037-1769398292.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>
<p>India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को कालिया नाग से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, जबकि हमारी पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो असली नहीं, AI जनरेटेड है। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-a-letter-with-the-official-letterhead-and-signature-of-a-union-minister-is-going-viral-find-out-the-truth-behind-it-2026-01-25-1193242" target="_blank">Fact check: केंद्रीय मंत्री के आधिकारिक लेटरहेड और हस्ताक्षर वाला एक लेटर वायरल, जान लें इसका सच</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-fake-sms-going-viral-name-of-post-office-users-to-update-address-details-within-24-hours-2026-01-24-1193060" target="_blank">Fact Check: '24 घंटे के अंदर अपने एड्रेस की डिटेल्स करें अपडेट', पोस्ट ऑफिस के नाम पर वायरल हो रहा फर्जी SMS</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/is-kaliya-naag-seen-in-yamuna-river-at-vrindavan-know-truth-behind-viral-video-2026-01-26-1193327     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/is-kaliya-naag-seen-in-yamuna-river-at-vrindavan-know-truth-behind-viral-video-2026-01-26-1193327 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 26 Jan 2026 09:05:41 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact check: केंद्रीय मंत्री के आधिकारिक लेटरहेड और हस्ताक्षर वाला एक लेटर वायरल, जान लें इसका सच      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact check: सोशल मीडिया पर एक केंद्रीय मंत्री आधिकारिक लेटरहेड और हस्ताक्षर वाला एक फेक लेटर वायरल बहुत तेज गति से वायरल हो रहा है।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-checl-2-1769346083.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X @SARBANANDSONWAL]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-checl-2-1769346083.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-checl-2-1769346083.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : X @SARBANANDSONWAL</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact check: </strong>हर रोज सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के आधिकारिक लेटरहेड और जाली हस्ताक्षर वाला एक फर्जी पत्र वायरल हो रहा है। </p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल? </strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के आधिकारिक लेटरहेड और जाली हस्ताक्षर वाला एक फेक लेटर सर्कुलेट हो रहा है। लेटर में सब्जेक्ट लाइन में लिखा है, "असम में गंभीर जमीनी हालात और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तुरंत सुधार की जरूरत।"</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2013163472909980035?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई?</strong></h3>

<p>वायरल लेटर को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह नोटिस पूरी तरह से फर्जी निकला। फैक्ट चेक में पाया गया कि केंद्रीय मंत्री ने ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट भी मिला। पोस्ट में लिखा है, "मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ शरारती तत्व गलत इरादे से केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के ऑफिशियल लेटरहेड और नकली सिग्नेचर वाला एक जाली लेटर सर्कुलेट कर रहे हैं। यह एक गंभीर आपराधिक अपराध है जिसमें जालसाजी, पहचान छिपाना और सरकारी पहचान का गलत इस्तेमाल शामिल है, जिसका मकसद साफ तौर पर गलत जानकारी फैलाना और एक संवैधानिक अथॉरिटी को बदनाम करना है। इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है, और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अनुरोध किया गया है कि वे मामले की प्राथमिकता के आधार पर जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। यह लेटर और इसमें लिखी बातें पूरी तरह से नकली और मनगढ़ंत हैं।" </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/sarbanandsonwal/status/2013128070606311443?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<p>ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-a-letter-with-the-official-letterhead-and-signature-of-a-union-minister-is-going-viral-find-out-the-truth-behind-it-2026-01-25-1193242     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-a-letter-with-the-official-letterhead-and-signature-of-a-union-minister-is-going-viral-find-out-the-truth-behind-it-2026-01-25-1193242 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 18:29:30 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: '24 घंटे के अंदर अपने एड्रेस की डिटेल्स करें अपडेट', पोस्ट ऑफिस के नाम पर वायरल हो रहा फर्जी SMS      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ स्मार्ट फोन के जमाने में अब ठगी करना आसान हो गया है। लोगों के मोबाइल पर तरह-तरह के SMS भेजे जा रहे हैं। इन SMS के जरिए आपके बैंक अकाउंट में सेंध लगाने की कोशिश की जा रही है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-17-1769264717.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल हो रहा फर्जी मैसेज]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-17-1769264717.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-17-1769264717.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल हो रहा फर्जी मैसेज
                      <span class="copyright">Image Source : X/PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>स्मार्टफोन के जमाने में धोखाधड़ी के मामले बढ़ गए हैं। हर कोई व्यक्ति स्मार्टफोन का यूज कर रहा है। इन स्मार्टफोन का सहारा लेकर साइबर क्राइम से जुड़े ठग आपके मोबाइल में सेंधमारी कर रहे हैं। फोन पर कई तरह के SMS भेजे जाते हैं। इन पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही वायरल मैसेज के सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल</h3>

<p>स्मार्टफोन यूजर के मोबाइल पर एक SMS भेजा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि ये SMS इंडिया पोस्ट (भारतीय डाक) का है। इंडिया पोस्ट के साथ ही मैसेज पर लिखा है, 'आपका पैकेज वेयरहाउस में आ गया है और हमने दो बार डिलीवरी की कोशिश की लेकिन पते की अधूरी जानकारी के कारण ऐसा नहीं कर पाए। कृपया 48 घंटे के अंदर अपने पते की जानकारी अपडेट करें, नहीं तो आपका पैकेज वापस भेज दिया जाएगा। कृपया इस लिंक पर पता अपडेट करें.... अपडेट पूरा होने के बाद हम 24 घंटे के अंदर दोबारा डिलीवरी करेंगे।'</p>

<h3>साइबर ठगों तक पहुंच जाएगी आपकी सारी डिटेल</h3>

<p>इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल हो रहे मैसेज का फैक्ट चेक किया है। जो कि ठगी के लिए लोगों के मोबाइल पर ये मैसेज भेजा रहा है। मैसेज में दावा किया गया है कि इंडिया पोस्ट की टीम आपके सामान डिलीवर करने के लिए पता को अपेडट करना चाहती है। इंडिया टीवी ने अपनी जांच पड़ताल में पाया की इंडिया पोस्ट की तरफ से इस तरह के मैसेज नहीं भेजे जाते हैं। ये मैसेज पूरी तरह ठगी के लिए भेजा गया है। दिए गए लिंक पर क्लिक करने से आपके मोबाइल की गोपनीय जानकारियां, जैसे बैंक अकाउंट साइबर ठगों तक पहुंच जाएंगी। कुछ मिनटों में आपके अकाउंट से मोटी रकम उड़ा ली जाएगी। </p>

<h3>SMS के जरिए धोखाधड़ी</h3>

<p>इस वायरल हो रहे मैसेज के सत्यता की जांच भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक ने भी किया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि क्या आपको भी ऐसा SMS मिला है जिसमें बताया गया है कि आपका पैकेज वेयरहाउस में आ गया है, और आगे आपसे पैकेज वापस भेजे जाने से बचने के लिए 24 घंटे के अंदर अपने एड्रेस की डिटेल्स अपडेट करने के लिए कहा गया है।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2015028892600582261"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>पूरी तरह फर्जी है मैसेज</h3>

<p>पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा सावधान रहें, यह मैसेज फेक है। IndiaPost Office कभी भी सामान डिलीवर करने के लिए एड्रेस अपडेट करने के लिए ऐसे मैसेज नहीं भेजता है। से धोखे वाले लिंक पर कभी क्लिक न करें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-fake-sms-going-viral-name-of-post-office-users-to-update-address-details-within-24-hours-2026-01-24-1193060     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-fake-sms-going-viral-name-of-post-office-users-to-update-address-details-within-24-hours-2026-01-24-1193060 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 20:02:15 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: मोहम्मद सिराज ने स्टेडियम में पढ़ी नमाज, रोहित-कोहली ने बनाया वीडियो, जानिए वायरल दावे की हकीकत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ वायरल वीडियो में मोहम्मद सिराज नमाज पढ़ते नजर आ रहे हैं। वहीं, विराट कोहली, रोहित शर्मा समेत टीम के अन्य खिलाड़ी वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं। जांच में पाया गया कि यह तस्वीर फेक है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/siraj-namaz-1769192278.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मोहम्मद सिराज की वायरल फोटो]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : VIRALPHOTO]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/siraj-namaz-1769192278.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/siraj-namaz-1769192278.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मोहम्मद सिराज की वायरल फोटो
                      <span class="copyright">Image Source : VIRALPHOTO</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद सिराज की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें क्रिकेट स्टेडियम में नमाज पढ़ते हुए दिखाया गया है। इस तस्वीर को असली बताकर शेयर किया जा रहा है। यूजर्स ने दावा किया कि यह तस्वीर राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे वनडे मैच के दौरान ली गई थी। तस्वीर में कथित तौर पर सिराज मैदान पर नमाज पढ़ते हुए दिख रहे हैं, जबकि उनके साथी खिलाड़ी और कोच वीडियो बनाते हुए नजर आ रहे हैं। </p>
<p>जांच में पाया कि यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई थी और दर्शकों को गुमराह करने के लिए इसे असली बताकर शेयर किया गया था। तस्वीर शेयर करने के साथ झूठे दावे भी किए गए, जिनका भारतीय क्रिकेट टीम से कोई संबंध नहीं है।</p>
<h3><strong>क्या है वायरल फोटो?</strong></h3>
<p>एक <a href="https://www.facebook.com/photo/?fbid=122203908152559845&set=a.122147197130559845">यूजर </a>ने राजकोट के क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद सिराज की नमाज पढ़ते हुए एक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में कथित तौर पर मोहम्मद सिराज को मैदान पर नमाज पढ़ते हुए दिखाया गया है, जबकि उनके साथी खिलाड़ी वीडियो रिकॉर्ड करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो बनाने वाले खिलाड़ियों में रोहित शर्मा, विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह और श्रेयस अय्यर शामिल हैं। तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा गया, “विश्वास और शक्ति एक निर्णायक क्षण में एक साथ आते हैं। मोहम्मद सिराज ने राजकोट के सौराष्ट्र स्टेडियम में मैच से पहले नमाज के प्रति अटूट निष्ठा दिखाते हुए जुहर और अस्र की नमाज अदा की, जबकि विराट कोहली, रोहित शर्मा, गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर श्रद्धापूर्वक उनके साथ खड़े रहे। एक नया इतिहास रचा गया, विश्वास की जीत हुई, क्रिकेट ने आध्यात्मिकता को नमन किया।” </p>
<h3><strong>जांच में क्या मिला?</strong></h3>
<p>वायरल तस्वीर को गूगल लेंस के माध्यम से स्कैन करने पर कई सोशल मीडिया अकाउंट्स मिले, जिन्होंने इसी तरह के दावों के साथ यही तस्वीर साझा की थी। इस घटना से जुड़ी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों को खोजने के लिए गूगल पर विशेष कीवर्ड से सर्च किया गया। हालांकि, खोज में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जो तस्वीर की प्रामाणिकता की पुष्टि करती हो। यदि तस्वीर असली होती, तो मीडिया में इसकी व्यापक रूप से रिपोर्ट की जाती। डेस्क ने क्रिकेटर और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को भी विशेष कीवर्ड खोज के माध्यम से खंगाला ताकि यह पता चल सके कि क्या उनमें से किसी ने तस्वीर साझा की है। उनके आधिकारिक हैंडल्स पर ऐसी कोई तस्वीर नहीं मिली।</p>
<p>बारीकी से देखने पर मोहम्मद सिराज की जर्सी पर ड्रीम11 का लोगो देखा। भारतीय क्रिकेट टीम का स्पांसर अपोलो टायर हैं, जबकि इस फोटो में ड्रीम 11 का लोगो दिख रहा है। यह एप अब भारत में बैन हो चुका है। इसी से साफ हुआ कि फोटो एआई से बनी है। हाइव मॉडरेशन के जरिए पता चला कि इस में फोटो में एआई कंटेंट शामिल होने की संभावना 99.7 प्रतिशत है।</p>
<h3><strong>फैक्ट चेक का नतीजा</strong></h3>
<p>फैक्ट चेक में सामने आया की मोहम्मद सिराज की वायरल फोटो एआई की मदद से बनी हुई है। सिराज ने मैदान के बीच नमाज नहीं पढ़ी है और टीम के किसी खिलाड़ी ने ऐसी किसी घटना का वीडियो भी नहीं बनाया है। वायरल फोटो और उसके साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत हैं।</p>
<p>यह भी पढ़ें-</p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-aishwarya-rai-abhishek-bachchan-kedarnath-temple-selfie-know-truth-of-viral-photos-2026-01-22-1192578">Fact Check: पति अभिषेक संग ऐश्वर्या ने केदारनाथ में टेका मत्था, दनादन वायरल हुई सेल्फी, क्या है इसके पीछे की सच्चाई?</a></p>
<p> </p>
<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/mohammed-siraj-offering-namaz-at-cricket-stadium-ai-generated-image-shared-with-fake-claim-2026-01-23-1192878     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/mohammed-siraj-offering-namaz-at-cricket-stadium-ai-generated-image-shared-with-fake-claim-2026-01-23-1192878 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 23:51:45 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: पति अभिषेक संग ऐश्वर्या ने केदारनाथ में टेका मत्था, क्या है Viral Photo का सच?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर छाई हुई है। इसमें ऐश्वर्या और अभिषेक एक दूसरे के साथ पोज देते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में दोनों के पीछे केदारनाथ मंदिर भी दिखाई दे रहा है।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-1769089006.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-1769089006.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-1769089006.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>बॉलीवुड के सबसे चर्चित कपल ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन जितने लोकप्रिय फैंस के बीच है, उतनी ही उनकी तस्वीरें भी वायरल होती रहती हैं। दोनों जब भी साथ नजर आते हैं, उनकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर दनादन वायरल हो जाते हैं। अब एक बार फिर इस स्टार कपल की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई हैं जो कि काफी तेजी से वायरल हो रही हैं। इस तस्वीर की बात करें तो आप देख सकते हैं कि ऐश्वर्या और अभिषेक एक दूसरे के साथ पोज देते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में दोनों के पीछे केदारनाथ मंदिर साफ दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि दोनों केदारनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे हैं।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने 14 जनवरी 2026 को <strong><a href="https://x.com/TATUPREM5555/status/2011257853261275356">वायरल तस्वीर</a></strong> को शेयर करते हुए लिखा है, ''सभी अफवाहें खत्म जिन्दगी फिर से शुरू वैसे ये जोड़ी अच्छी है। काफी दिनों बाद दोनों के चेहरे पर मुस्कान है. कुछ ऐसा हुआ जो किसी को...'' </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fc-1-1769089551.jpg"    /></p>

<p>वहीं, एक अन्य यूजर ने फेसबुक पर <strong><a href="https://www.facebook.com/MDRafiSongs/posts/927008499650063?ref=embed_post">वायरल तस्वीर</a></strong> को शेयर करते हुए लिखा है, जिन्होंने हमें टूटा समझा, वो शिव की योजना नहीं समझ पाए। टूटे नहीं हैं, तपे हैं। कई यूजर्स ने इस तस्वीर को सच मानते हुए कपल को बधाइयां देना भी शुरू कर दिया।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/pic-nn-1769089557.jpg"    /></p>

<h3><strong>पड़ताल:</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर को गौर से देखने पर हमें इसके भ्रामक या फर्जी होने का शक हुआ। वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, इस दौरान हमें कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद हमने अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय के सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाला, लेकिन हमें उनके किसी भी आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर यह तस्वीर नहीं दिखी।</p>

<p>फिर हमने वायरल तस्वीर को एक अन्य AI डिटेक्शन टूल HIVE Moderation पर भी स्कैन किया। टूल से मिले परिणामों के अनुसार, यह तस्वीर 99% तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड पाई गई। यानी ये पूरी तरह से फेक इमेज हैं, जिसे डिजिटल तकनीक के जरिए बनाया गया है। </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-1769089742.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>हमारी पड़ताल में सामने आया कि अभिनेता अभिषेक बच्चन और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय की यह तस्वीर असली  नहीं AI जनरेटेड है। फिलहाल, ऐश्वर्या-अभिषेक की केदारनाथ वाली तस्वीर को लेकर हो रही चर्चाओं पर अब विराम लग चुका है। अब यह साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हर तस्वीर सच हो, यह जरूरी नहीं। फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-aishwarya-rai-abhishek-bachchan-kedarnath-temple-selfie-know-truth-of-viral-photos-2026-01-22-1192578     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-aishwarya-rai-abhishek-bachchan-kedarnath-temple-selfie-know-truth-of-viral-photos-2026-01-22-1192578 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 19:12:43 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: नेट प्रैक्टिस के दौरान ग्राउंड पर नमाज अदा करते दिखे मोहम्मद सिराज? यहां जानें वायरल फोटो की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद सिराज  नेट प्रैक्टिस के दौरान नमाज अदा कर रहे हैं और रोहित शर्मा, विराट कोहली और शुभमन गिल उनकी तस्वीर ले रहे हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-21t142821-1768986019.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-21t142821-1768986019.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-21t142821-1768986019.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज के मामले लगातार बढ़ते चले जा रहे हैं। अब AI ने इन फेक न्यूज की संख्या को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। अब ताजा मामला आया है भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाज मोहम्मद सिराज से जुड़ा हुआ। सोशल मीडिया पर एक <a href="https://www.facebook.com/photo/?fbid=814341948278092&set=a.119333821112245" target="_blank">तस्वीर </a>को जमकर शेयर किया जा रहा है जिसमें मोहम्मद सिराज  नेट प्रैक्टिस के दौरान नमाज अदा करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, जब तस्वीर की जांच की गई तो सच्चाई कुछ और ही निकली है।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर हो रही है, जिसमें क्रिकेटर मोहम्मद सिराज नेट प्रैक्टिस के दौरान नमाज अदा करते नजर आ रहे हैं। वहीं, तस्वीर में रोहित शर्मा, विराट कोहली और शुभमन गिल उनकी तस्वीर लेते हुए नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <a href="https://www.facebook.com/photo/?fbid=814341948278092&set=a.119333821112245" target="_blank">फेसबुक </a>पर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा- “राजकोट के सौराष्ट्र स्टेडियम में मोहम्मद सिराज ने नेट प्रैक्टिस के दौरान नमाज अदा करने के लिए कुछ क्षण निकाले, जो उनके धर्म के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है। एक महत्वपूर्ण मैच नजदीक आने पर, प्रार्थना का यह क्षण विशेष रूप से प्रभावशाली है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और शुभमन गिल द्वारा सिराज की इस भक्ति को देखने की तस्वीरें खेल और आध्यात्मिकता के खूबसूरत संगम की याद दिलाती हैं। यह क्षण अनुशासन, टीम वर्क और आस्था के मूल्यों को प्रदर्शित करता है।”</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-21t144024-1768986617.jpg"    /></p>

<h3><strong>पड़ताल:</strong></h3>

<p>वायरल तस्वीर को ध्यान से देखने पर हमें इसमें कुछ असामान्य और असंगत तत्व नजर आए, जिससे इसके एआई-जनरेटेड होने का संदेह हुआ।  इसके बाद हमने इस तस्वीर को AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर स्कैन किया। टूल से प्राप्त परिणामों के अनुसार, वायरल तस्वीर के 99 प्रतिशत तक एआई-जनरेटेड होने की संभावना पाई गई।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-21t143750-1768986617.jpg"    /></p>

<p>पड़ताल के अगले क्रम में हमने एक अन्य AI जनरेटेड टूल SIGTHENGINE पर स्कैन किया, जहां मिले रिजल्ट के अनुसार, वायरल तस्वीर 96 प्रतिशत AI जनरेटेड है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-21t143822-1768986617.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>फैक्ट चेक की जांच में क्रिकेटर मोहम्मद सिराज से जुड़ी तस्वीर जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वह भ्रामक साबित हुई है। इस तस्वीर को AI से बनाया गया है। वायरल तस्वीर असली नहीं AI जरेटेड है और यूजर्स इसे भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। <strong>(इनपुट: भाषा)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-500-notes-to-be-stoped-from-atms-by-march-2026-know-truth-behind-claim-2026-01-20-1191856" target="_blank"><strong> </strong>Fact Check: मार्च 2026 तक ATM से ₹500 के नोट हो जाएंगे बंद? जानें दावे की सच्चाई</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/pm-modi-seen-in-royal-attire-with-a-crown-on-his-head-know-truth-behind-viral-picture-2026-01-19-1191618" target="_blank">Fact Check: सिर पर मुकुट लगाकर राजसी वेशभूषा में आए PM मोदी? जानें वायरल तस्वीर का क्या है सच</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-picture-of-mohammed-siraj-offering-namaz-during-net-practice-is-ai-generated-know-truth-of-this-photo-2026-01-21-1192214     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-picture-of-mohammed-siraj-offering-namaz-during-net-practice-is-ai-generated-know-truth-of-this-photo-2026-01-21-1192214 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 14:34:13 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: मार्च 2026 तक ATM से ₹500 के नोट हो जाएंगे बंद? जानें दावे की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर हो रही है, जिसको शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि आरबीआई मार्च 2026 तक एटीएम से ₹500 के नोटों की आपूर्ति बंद कर देगा।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-10-1768884802.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल पोस्ट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-10-1768884802.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-10-1768884802.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल पोस्ट
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong>Fact Check:</strong> सोशल मीडिया के दौर में कई तरह के फर्जी कंटेंट वायरल हो जाते हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं होता है। ये फेक पोस्ट ऐसे कंटेंट के साथ शेयर किए जाते हैं कि लोग उसे सही मान लेते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बताया जा रहा है कि मार्च में एटीएम से 500 के नोट गायब हो जाएंगे। </p>

<h3 class="rtejustify">क्या हो रहा है वायरल?</h3>

<p class="rtejustify">इस पोस्ट को शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मार्च 2026 तक एटीएम से ₹500 के नोटों की आपूर्ति बंद कर देगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर <a href="https://www.facebook.com/100001019051291/posts/25807726208844661/?rdid=H9k3gcXh0tcyy2Vb#">2 जनवरी 2026</a> को एक यूजर ने एक न्यूज ग्राफिक्स शेयर किया। ग्राफिक्स में लिखा था, “भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मार्च 2026 तक एटीएम से ₹500 के नोटों की आपूर्ति बंद कर देगा।” यह <a href="https://www.facebook.com/100001019051291/posts/25807726208844661/?rdid=H9k3gcXh0tcyy2Vb#">पोस्ट</a> तेजी से वायरल हो गई और कई यूजर्स ने इसे सच मानकर शेयर करना शुरू कर दिया।</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fake-note-1768884171.jpg"    /></p>

<p class="rtejustify">हालांकि, इडिया टीवी फैक्ट चेक की जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी साबित हुआ है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि RBI ने ₹500 के नोटों को लेकर ऐसा कोई भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, जिसमें एटीएम से इन नोटों की आपूर्ति बंद करने की बात कही गई हो।</p>

<h3 class="rtejustify">जांच में क्या सामने आया?</h3>

<p class="rtejustify">वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स से सर्च किया गया। इस दौरान किसी भी विश्वसनीय मीडिया संस्थान की ओर से इस तरह की कोई खबर सामने नहीं आई। इसके बाद हमने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट और हालिया नोटिफिकेशन्स की जांच की। वहां भी ₹500 के नोटों को लेकर एटीएम से उनका प्रचलन बंद करने संबंधी कोई सूचना, आदेश या प्रेस रिलीज़ नहीं मिली।</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-8-1768883765.jpg"    /></p>

<h3 class="rtejustify">RBI की ओर से कोई घोषणा नहीं</h3>

<p class="rtejustify">जांच में यह साफ हो गया कि RBI ने न तो ₹500 के नोट बंद करने की घोषणा की है और न ही एटीएम से उनकी आपूर्ति रोकने को लेकर कोई योजना सार्वजनिक की है। वायरल पोस्ट में किया गया दावा बिना किसी आधिकारिक स्रोत के फैलाया गया है।</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-9-1768883767.jpg"    /></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-500-notes-to-be-stoped-from-atms-by-march-2026-know-truth-behind-claim-2026-01-20-1191856     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-500-notes-to-be-stoped-from-atms-by-march-2026-know-truth-behind-claim-2026-01-20-1191856 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 10:12:10 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: सिर पर मुकुट लगाकर राजसी वेशभूषा में आए PM मोदी? जानें वायरल तस्वीर का क्या है सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर पीएम मोदी एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में पीएम मोदी के सिर पर मुकुट है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। जानिए इस वायरल तस्वीर का सच क्या है?    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-19t101602-1768798702.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-19t101602-1768798702.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-19t101602-1768798702.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'पीएम मोदी किसी राजा की वेशभूषा में सिर पर मुकुट और हाथ में त्रिशूल लिए नजर आए।'</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://www.instagram.com/p/DTWudvwkctc/" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'पीएम मोदी किसी राजा की वेशभूषा में सिर पर मुकुट और हाथ में त्रिशूल लिए नजर आए।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://www.instagram.com/p/DTWudvwkctc/" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर भी शेयर की है। इस तस्वीर में पीएम मोदी को राजा की वेशभूषा में दिखाया गया है। उनके सिर पर मुकुट है और हाथों में त्रिशूल है। तस्वीर में पीएम मोदी सोने के आभूषणों में दिख रहे हैं। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "राजा की वेशभूषा में पीएम मोदी।"</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-19t101639-1768798702.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>

<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। गूगल पर खोजबीन के दौरान हमें नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर 10 जनवरी 2025 को प्रकाशित एक <a href="https://navbharattimes.indiatimes.com/state/gujarat/ahmedabad/pm-narendra-modi-rousing-welcome-somnath-temple-to-attend-somnath-swabhiman-parv-see-pictures/articleshow/126455406.cms?story=1" target="_blank">रिपोर्ट</a> मिली। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाथ में त्रिशूल लिए नजर आते हैं, लेकिन वह सामान्य वेशभूषा में हैं, न कि राजसी पोशाक में।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-19t101659-1768798701.jpg"    /></p>

<p>पड़ताल के अगले चरण में जांच के दौरान हमें भाजपा गुजरात के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पीएम मोदी की मूल तस्वीर मिली। इस तस्वीर को 11 जनवरी 2026 को पोस्ट किया गया था, जिसमें इसे सोमनाथ मंदिर का बताया गया है। संबंधित पोस्ट का <a href="https://www.instagram.com/p/DTVlb-9Da1V/#" target="_blank">लिंक</a> और उसका स्क्रीनशॉट नीचे देखा जा सकता है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-19t101719-1768798701.jpg"    /></p>

<p>वायरल तस्वीर को बारीकी से देखने पर हमें इसके एआई-जनरेटेड होने की आशंका हुई। इसके बाद हमने तस्वीर को AI डिटेक्शन टूल TruthScan पर स्कैन किया। टूल से मिले परिणामों के अनुसार, वायरल तस्वीर के 97 प्रतिशत तक AI जनरेटेड होने की संभावना जताई गई है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-19t101755-1768798700.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को पीएम मोदी की राजसी वेशभूषा से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, जबकि हमारी पड़ताल में सामने आया कि वायरल तस्वीर असली नहीं, AI जनरेटेड है। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।</p>

<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/bijnor-people-worshipping-dog-viral-video-real-incident-from-temple-2026-01-16-1191075" target="_blank">Fact Check: कुत्ते की पूजा कर रहे बिजनौर के लोग? जान लीजिए वायरल वीडियो की हकीकत</a></strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-british-pm-keir-starmer-pub-viral-video-is-old-2026-01-15-1190774" target="_blank">Fact Check: ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर के मुंह पर घूंसा मारा, पब से बाहर निकाला? यहां जानिए इस वायरल Video का पूरा सच</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/pm-modi-seen-in-royal-attire-with-a-crown-on-his-head-know-truth-behind-viral-picture-2026-01-19-1191618     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/pm-modi-seen-in-royal-attire-with-a-crown-on-his-head-know-truth-behind-viral-picture-2026-01-19-1191618 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 10:52:08 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: 'SBI यूजर्स को अपना आधार अपडेट करने के लिए डाउनलोड करनी होगी ये फाइल', जानिए वायरल मैसेज की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ मोबाइल का सहारा लेकर फ्रॉड करने के तरीके दिन पर दिन बदलते जा रहे हैं। लोगों के मोबाइल पर एक खास मैसेज भेजा जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि SBI यूजर्स को अपना आधार अपडेट करने के लिए एक फाइल डाउनलोड करनी होगा। जानिए वायरल दावे की सच्चाई क्या है?    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-16-1768661791.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल मैसेज का फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/THEOFFICIALSBI]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-16-1768661791.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-16-1768661791.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल मैसेज का फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : X/THEOFFICIALSBI</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया में कई तरह के फोटो, वीडियो और मैसेज वायरल होते हैं। इनमें से अधिकतर फोटो और वीडियो गलत दावों के साथ वायरल किए जाते हैं। मोबाइल पर भेजे जाने वाले मैसेज भी फ्रॉड का एक जरिया बन चुके हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही मैसेज, फोटो और वीडियो के सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल</h3>

<p>सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में एक मैसेज वायरल हो रहा है। ये मैसेज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की ओर से बताया जा रहा है। इस मैसेज में दावा किया गया कि एसबीआई यूजर्स को अपना आधार अपडेट करने के लिए एक APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करनी होगी। इसमें यह भी दावा किया गया है कि अगर आधार अपडेट नहीं किया गया, तो SBI YONO ऐप ब्लॉक हो जाएगा।</p>

<h3>पूरी तरह गलत है दावा</h3>

<p>इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल मैसेज के दावे की सत्यता जांच की है। पता किया गया क्या यह सच है कि अगर आप अपना आधार अपडेट नहीं करेंगे तो आपका SBI YONO ऐप ब्लॉक हो जाएगा? जांच में सामने आया है कि एसबीआई बैंक की तरफ से ऐसा कोई आदेश या नोटिस जारी नहीं किया गया है। मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करने का मैसेज वित्तीय धोखाधड़ी के चलते भेजा जा रहा है। लोगों को ऐसे मैसेज से सावधान रहना होगा। एसबीआई यूजर्स को अपना आधार अपडेट करने का दावा पूरी तरह गलत है।</p>

<h3>न डाउनलोड करें APK फाइल</h3>

<p>भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक टीम ने भी इस वायरल मैसेज के दावे को फर्जी बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कोई भी APK डाउनलोड न करें या पर्सनल, बैंकिंग, या आधार डिटेल्स शेयर न करें।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2011748717641285701"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>नहीं मांगी जाती ऐसी कोई जानकारी</h3>

<p>पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि एसबीआई बैंक ऐसी कोई जानकारी नहीं मांगता है। जरूरी कार्रवाई के लिए संदिग्ध मैसेज की रिपोर्ट <a href="mailto:report.phishing@sbi.co.in">report.phishing@sbi.co.in</a> पर करें। ऐसी धोखाधड़ी होने से खुद बचें और अन्य लोगों को भी बचाएं।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-sbi-user-download-apk-file-update-their-aadhaar-fake-viral-message-2026-01-17-1191311     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-sbi-user-download-apk-file-update-their-aadhaar-fake-viral-message-2026-01-17-1191311 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 20:34:27 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: कुत्ते की पूजा कर रहे बिजनौर के लोग? जान लीजिए वायरल वीडियो की हकीकत      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ वायरल वीडियो को शेयर करने के साथ दावा किया गया है कि कुत्ता मूर्ति की परिक्रमा कर रहा था और अब उस कुत्ते की ही पूजा अर्चना शुरू हो गई है। वीडियो में महिलाएं कुत्ते के सामने माता टेकते हुए भी दिखाई दे रही हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/bijnor-fc-1768573577.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[बिजनौर में कुत्ते की पूजा कर रहे लोग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : REPORTER INPUT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/bijnor-fc-1768573577.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/bijnor-fc-1768573577.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      बिजनौर में कुत्ते की पूजा कर रहे लोग
                      <span class="copyright">Image Source : REPORTER INPUT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check:</strong> सोशल मीडिया पर एक कुत्ते का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाएं कुत्ते के सामने माथा टेकते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो शेयर करने के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक कुत्ते की पूजा-अर्चना शुरू हो गई है, क्योंकि वह भगवान की मूर्तियों की परिक्रमा कर रहा था। जब वायरल वीडियो की जांच की गई तो यह सही पाया गया। यह वीडियो अंधविश्वास की पराकाष्ठा को दर्शाता है।</p>
<p>कुत्ते की पूजा का <a href="https://x.com/priyarajputlive/status/2012081086902452548">वीडियो </a>शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा कि बिजनौर में जो कुत्ता मूर्ति की परिक्रमा कर रहा था, अब उसकी पूजा पाठ शुरू हो गई है। देखिये महिलाएं कैसे इस कुत्ते के सामने मत्था टेक रही हैं।</p>
<p><div class="atmidvid"><div class="mtvidmb"><iframe src="https://www.indiatv.in/widgets/playervod?accountId=63bd2161756d5f000872bc0b&profile=ee1c1003868cb_vod&streamUrl=//vod-indiatv.akamaized.net/63bd2161756d5f000872bc0b/2026/01/ex201yeu/master.m3u8&posterImageUrl=//thumbs.indiatvnews.com/63bd2161756d5f000872bc0b/2026/01/medium_thumb/ex201yeu.jpg&pip=0&piv=0&autoplay="    allowfullscreen="true" webkitallowfullscreen="true" frameborder="0" msallowfullscreen="true" scrolling="no"></iframe></div></div>
<h3><strong>वायरल वीडियो में क्या?</strong></h3>
<p>वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर परिसर के एक कोने में कंबल रखा गया है, जिसमें कुत्ता आराम से बैठा हुआ है। पास में ही मिट्टी के एक बर्तन में दूध भी रखा हुआ है। कुत्ते के दूसरी तरफ एक आदमी गद्दे पर बैठा हुआ है। वह महंत की तरह काम कर रहा है और दर्शन करने आए लोगों को कुत्ते को छूने से मना कर रहा है। वीडियो में कई महिलाओं और बच्चों को देखा जा सकता है, जो लाइन में लगकर कुत्ते के पैर छूने पहुंच रहे हैं।</p>
<h3><strong>जांच में क्या मिला?</strong></h3>
<p>जांच के दौरान कुत्ते की पूजा से जुड़ी कई खबरें मिलीं। बिजनौर से रोहित त्रिपाठी ने इंडिया टीवी के लिए इस वीडियो की पुष्टि की। यह कुत्ता चार दिन से लगातार हनुमान और माता रानी की मूर्ति की परिक्रमा कर रहा था। ऐसे में लोगों ने उसे भैरव का रूप मानकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कुत्ते के बैठने के लिए बिस्तर लगा दिया और खाने-पीने के लिए दूध और अन्य सामान का भी इंतजाम कर रहे हैं। मामला नगीना तहसील के नंदपुर गांव का है। अब मंदिर के बाहर मेले जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों की टीम भी कुत्ते की जांच कर चुकी है और उनका कहना है कि कुत्ता पूरी तरह से ठीक है। </p>
<p><div class="atmidvid"><div class="mtvidmb"><iframe src="https://www.indiatv.in/widgets/playervod?accountId=63bd2161756d5f000872bc0b&profile=ee1c1003868cb_vod&streamUrl=//vod-indiatv.akamaized.net/63bd2161756d5f000872bc0b/2026/01/ex201yeu/master.m3u8&posterImageUrl=//thumbs.indiatvnews.com/63bd2161756d5f000872bc0b/2026/01/medium_thumb/ex201yeu.jpg&pip=0&piv=0&autoplay="    allowfullscreen="true" webkitallowfullscreen="true" frameborder="0" msallowfullscreen="true" scrolling="no"></iframe></div></div>
<h3><strong>फैक्ट चेक का नतीजा?</strong></h3>
<p>फैक्ट चेक में सामने आया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से सही है और उसके साथ किया जा रहा दावा भी सत्य है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक कुत्ता कई दिनों से भगवान की मूर्ति की परिक्रमा कर रहा था। ऐसे में लोगों ने अब कुत्ते की पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। (इनपुट- रोहित त्रिपाठी)</p>
<p>यह भी पढ़ें-</p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-british-pm-keir-starmer-pub-viral-video-is-old-2026-01-15-1190774">Fact Check: ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर के मुंह पर घूंसा मारा, पब से बाहर निकाला? यहां जानिए इस वायरल Video का पूरा सच</a></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-shopkeeper-rolling-out-bhaturas-on-his-stomach-and-frying-video-is-ai-generated-2026-01-14-1190427">Fact Check: अपने पेट पर भटूरे बेलकर कड़ाही में तल रहा है दुकानदार? यहां जानिए इस वायरल Video का सच</a></p>
<p> </p>
<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/bijnor-people-worshipping-dog-viral-video-real-incident-from-temple-2026-01-16-1191075     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/bijnor-people-worshipping-dog-viral-video-real-incident-from-temple-2026-01-16-1191075 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 20:12:04 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: ब्रिटेन के PM कीर स्टार्मर को पब से बाहर निकाला? यहां जानिए इस वायरल Video का पूरा सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को एक व्यक्ति ने अपने पब से बाहर निकाल दिया। कई यूजर्स इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-10-1768484562.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-10-1768484562.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-10-1768484562.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया के दौर में हर दिन कई फेक न्यूज और फेक वीडियो वायरल होते रहते हैं। इन वीडियो को इस तरीके से पेश किया जाता है कि कोई भी इसे सच मान ले और इसके जाल में फंस जाए। आम लोग इन फेक न्यूज और वीडियो पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं और इन्हें आगे फॉरवर्ड कर देते हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं फैक्ट चेक। फेक न्यूज का ताजा मामला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के एक वीडियो से जुड़ा है। </p>

<p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को एक व्यक्ति ने अपने पब से बाहर निकाल दिया। कई यूजर्स इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर 12 जनवरी 2026 को <strong><a href="https://x.com/ashokdanoda/status/2010712226144150013">वायरल वीडियो</a></strong> को शेयर करते हुए लिखा है,  “ये ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर को अपने पब से बाहर निकाल दिया! क्योंकि पब मालिक उनके दवारा काम करने से खुश नहीं था। अगर हमारे यहां प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री तो छोड़ो किसी मंत्री के PA को इस प्रकार निकाला होता तो क्या होता? पुलिस द्वारा गिरफ्तारी और बुलडोजर कारवाई या फिर NSA लगाकर जेल?”</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/ashokdanoda/status/2010712226144150013"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<p>वहीं, एक फेसबुक यूजर ने यही वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “एक पब मालिक ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को मुंह पर घूंसा मारा और उन्हें अपने पब से बाहर निकाल दिया, साथ ही उनकी नाकामियों को लेकर उनसे जमकर सवाल-जवाब किए। कीर स्टारमर चुपचाप सुनते रहे और चले गए। अगर भारत में कोई पार्षद के साथ भी ऐसा करने की हिम्मत करता, तो अगले दिन उसका पता ही नहीं चलता।“</p>

<p>वायरल वीडियो करीब 32 सेकंड का है जिसमें एक व्यक्ति अंग्रेजी में कीर स्टार्मर से कहते हुए सुनाई देता है कि वह पूरी जिंदगी लेबर पार्टी का समर्थक रहा है, लेकिन स्टार्मर अपने दायित्व निभाने में नाकाम रहे हैं। इसके बाद नाराज़गी जताते हुए वह व्यक्ति उन्हें अपने पब से बाहर चले जाने को कहता है। </p>

<h3><strong>पड़ताल:</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को गौर से देखने पर हमें इसके भ्रामक या फर्जी होने का शक हुआ। वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के की-फ्रेम निकालकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। जांच के दौरान हमें यही वीडियो एक <a href="https://x.com/StephenSumner15/status/1384118300154634251/">X अकाउंट</a> पर मिला, जिसे 19 अप्रैल 2021 को पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट में वायरल वीडियो से मेल खाते सभी दृश्य मौजूद थे, जिससे साफ हुआ कि यह फुटेज हालिया नहीं है।</p>

<p>इस वीडियो को शेयर करते हुए X यूजर ने लिखा था, "लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर की बाथ स्थित Raven पब की यात्रा काफ़ी हंगामेदार रही। चेतावनी: पब मालिक रॉड हम्फ्रीज़ द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है।"</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/factr-nn-1768484779.jpg"    /></p>

<p>वायरल दावे का सच जानने के बाद हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड से सर्च किया, तब हमें NBC News की वेबसाइट पर <a href="https://www.nbcnews.com/video/anti-lockdown-pub-landlord-screams-at-u-k-labour-party-leader-to-get-out-of-his-pub-110466117702">वायरल वीडियो</a> मिला, जिसे 19 अप्रैल 2021 को पोस्ट किया था। NBC News की रिपोर्ट के अनुसार,ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी के नेता सर कीर स्टार्मर को इंग्लैंड के शहर बाथ में लोगों से मुलाकात के दौरान एक पब के मालिक ने बाहर निकाल दिया। पब मालिक का कहना था कि स्टार्मर ने लॉकडाउन उपायों का पर्याप्त विरोध नहीं किया, जबकि उस समय पूरे ब्रिटेन में लॉकडाउन प्रतिबंध लागू थे।</p>

<p>पड़ताल के दौरान हमने यह भी जांचा कि वर्ष 2021 में ब्रिटेन का प्रधानमंत्री कौन था। जांच में साफ हुआ कि तब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन थे, जबकि कीर स्टार्मर विपक्षी लेबर पार्टी के नेता के रूप में भूमिका निभा रहे थे। इससे यह साबित होता है कि वायरल वीडियो उस समय का है, जब कीर स्टार्मर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री नहीं थे।</p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो वर्ष 2021 का है, जब कीर स्टार्मर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि संसद में विपक्षी लेबर पार्टी के नेता के तौर पर कार्यरत थे। यूजर्स इस वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-british-pm-keir-starmer-pub-viral-video-is-old-2026-01-15-1190774     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-british-pm-keir-starmer-pub-viral-video-is-old-2026-01-15-1190774 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 18:30:15 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: अपने पेट पर भटूरे बेलकर कड़ाही में तल रहा है दुकानदार? यहां जानिए इस वायरल Video का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दुकानदार अपने पेट पर गंदगी से भटूरे बना रहा है। हालांकि, जांच में इस दावे की सच्चाई कुछ और ही सामने आई है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-99-1768379303.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-99-1768379303.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-99-1768379303.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक शख्स अपने पेट पर भूटरे बेलकर उसे कड़ाही में डालकर तलते हुए नजर आ रहा, <a href="https://www.facebook.com/watch/?v=1210540007693287" target="_blank">वीडियो </a>को यूजर्स जमकर शेयर कर रहे हैं। हालांकि, फैक्ट चेक की जांच में वायरल दावा फर्जी पाया गया है। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो AI तकनीक से तैयार किया गया है, जिसे यूजर्स भ्रामक और गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है दावा?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स फेसबुक यूजर्स ने वायरल <a href="https://www.facebook.com/watch/?v=1210540007693287" target="_blank">वीडियो </a>को शेयर करते हुए लिखा, “नत्थुलाल के स्पेशल छोले भटूरे।” वहीं, कई अन्य यूजर्स भी ऐसे ही दावों के साथ पेट भटूरे बनाने के वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर कर रहे हैं।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-98-1768379303.jpg"    /></p>

<h3><strong>पड़ताल:</strong></h3>

<p>वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स से सर्च किया, लेकिन इस दौरान हमें कोई भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। वायरल वीडियो को गौर से देखने पर हमें इसमें कई विसंगतियां नजर आईं, जिससे इसके एआई-जनरेटेड होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल HIVE Moderation पर स्कैन किया। वहां मिले नतीजों के अनुसार, यह वायरल वीडियो 97 प्रतिशत तक एआई-जनरेटेड पाया गया।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-97-1768379303.jpg"    /></p>

<p>इसके अलावा, हमने वायरल वीडियो को एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल Sightengine पर भी स्कैन किया। वहां मिले परिणामों के अनुसार, यह वीडियो 99 प्रतिशत तक एआई-जनरेटेड पाया गया।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-96-1768379303.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>

<p>फैक्ट चेक के तहत की गई हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो AI तकनीक से तैयार किया गया है, जिसे यूजर्स भ्रामक और गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। <strong>(इनपुट: भाषा)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/news-of-arrest-of-6-indians-in-iran-turns-out-to-be-fake-iranian-ambassador-denies-2026-01-12-1189866" target="_blank">Fact Check: क्या ईरान हिंसा में गिरफ्तार हुए 6 भारतीय नागरिक? ईरानी राजदूत ने किया खंडन</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/monkey-appeared-engrossed-during-aarti-at-hanuman-temple-know-truth-behind-viral-video-2026-01-13-1190100" target="_blank">Fact Check: हनुमान मंदिर में आरती के दौरान भक्ति में लीन दिखा बंदर? जानें वायरल वीडियो का क्या है सच</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-shopkeeper-rolling-out-bhaturas-on-his-stomach-and-frying-video-is-ai-generated-2026-01-14-1190427     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-shopkeeper-rolling-out-bhaturas-on-his-stomach-and-frying-video-is-ai-generated-2026-01-14-1190427 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Jan 2026 14:01:59 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: हनुमान मंदिर में आरती के दौरान भक्ति में लीन दिखा बंदर? जानें वायरल वीडियो का क्या है सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'हनुमान मंदिर में आरती के दौरान एक बंदर भक्ति में लीन दिखा।'
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-13t112245-1768283739.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक। ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-13t112245-1768283739.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-13t112245-1768283739.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक। 
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'हनुमान मंदिर में आरती के दौरान एक बंदर भक्ति में लीन दिखा।'</p>
<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://www.facebook.com/reel/1261813845766976" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'हनुमान मंदिर में आरती के दौरान एक बंदर भक्ति में लीन दिखा।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://www.facebook.com/reel/1261813845766976" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में हनुमान आरती के दौरान बंदर को ताली बजाते हुए भक्ति में लीन अवस्था में दिखाया गया है। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "इस वायरल वीडियो में हनुमान जी की आरती में एक बंदर भक्ति में लीन देखा गया है।"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-13t112332-1768283739.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>
<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। वायरल वीडियो को ध्यान से देखा, तो इसमें हमें कई त्रुटियां नजर आईं, जिसके बाद हमें इसके एआई-जनरेटेड होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर स्कैन किया। टूल के अनुसार, यह वीडियो 97 प्रतिशत एआई-जनरेटेड निकला।</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-13t112402-1768283739.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>
<p>India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को मंदिर में आरती के दौरान बंदर की भक्ति में लीनता से जोड़कर वायरल किया जा रहा था, जबकि हमारी पड़ताल में सामने आया कि वायरल वीडियो असली नहीं, AI जनरेटेड है। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/news-of-arrest-of-6-indians-in-iran-turns-out-to-be-fake-iranian-ambassador-denies-2026-01-12-1189866" target="_blank">Fact Check: क्या ईरान हिंसा में गिरफ्तार हुए 6 भारतीय नागरिक? ईरानी राजदूत ने किया खंडन</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-have-you-received-a-notice-in-the-name-of-trai-then-be-careful-know-the-truth-2026-01-11-1189709" target="_blank">Fact Check: क्या आपको TRAI के नाम से मिला है नोटिस? तो हो जाएं सावधान; जाव लें सच्चाई</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/monkey-appeared-engrossed-during-aarti-at-hanuman-temple-know-truth-behind-viral-video-2026-01-13-1190100     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/monkey-appeared-engrossed-during-aarti-at-hanuman-temple-know-truth-behind-viral-video-2026-01-13-1190100 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 11:28:45 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या ईरान हिंसा में गिरफ्तार हुए 6 भारतीय नागरिक? ईरानी राजदूत ने किया खंडन     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने उन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने प्रदर्शनों के सिलसिले में 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/iran-1-1768205035.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[ईरान के तेहरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PTI]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/iran-1-1768205035.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/iran-1-1768205035.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      ईरान के तेहरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर
                      <span class="copyright">Image Source : PTI</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong>Fact Check:</strong> ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर चल रही एक खबर ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने उन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने प्रदर्शनों के सिलसिले में 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है।</p>

<h3 class="rtejustify">सोशल मीडिया पर क्या था दावा?</h3>

<p class="rtejustify">हाल ही में सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुई थी। इस पोस्ट में दावा किया गया था कि ईरानी सुरक्षा बलों ने एक 'सेल' का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिक शामिल थे। पोस्ट के अनुसार, ये विदेशी नागरिक अपने ईरानी सहयोगियों के साथ मिलकर देश में अशांति फैलाने की गतिविधियों में लिप्त थे।</p>

<p class="rtejustify"><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2010413924638924812"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3 class="rtejustify">ईरानी राजदूत की प्रतिक्रिया</h3>

<p class="rtejustify">राजदूत मोहम्मद फथाली ने इस खबर पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "पूरी तरह से गलत" करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा, "ईरान के घटनाक्रमों के बारे में कुछ विदेशी X खातों पर प्रसारित की जा रही खबरें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं सभी संबंधित लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही समाचार प्राप्त करें।"</p>

<h3 class="rtejustify">ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक 544 लोगों की मौत</h3>

<p class="rtejustify">ईरान में विरोध प्रदर्शनों का दौर पिछले दो हफ्तों से जारी है। मानवाधिकार संगठनों और समाचार एजेंसियों के अनुसार, स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' (HRANA) के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हिंसा में अब तक कुल 544 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी बताए जा रहे हैं।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/news-of-arrest-of-6-indians-in-iran-turns-out-to-be-fake-iranian-ambassador-denies-2026-01-12-1189866     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/news-of-arrest-of-6-indians-in-iran-turns-out-to-be-fake-iranian-ambassador-denies-2026-01-12-1189866 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:37:24 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या आपको TRAI के नाम से मिला है नोटिस? तो हो जाएं सावधान; जाव लें सच्चाई      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: क्या आपको भी TRAI की तरफ से होने का दावा करने वाला कोई नोटिस मिला है। आइए इस खबर के जरिए इसकी सच्चाई को जानते हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-3-1768135584.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सांकेतिक फोटो]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X @PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-3-1768135584.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-3-1768135584.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सांकेतिक फोटो
                      <span class="copyright">Image Source : X @PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>हर रोज सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ वायरल होता ही रहता है। कभी कोई फोटो या कभी कोई वीडियो, वायरल होती रहती है। इसमें कई तो फर्जी होती हैं, जिनका सच से कोई नाता ही नहीं होता। इसके अलावा टेक्स्ट मैसेज भी वायरल होते हैं, जिनमें कई को तो गलत दावों के साथ शेयर किया जाता है। इन मैसेज में दी गई जानकारी भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे हीTRAI की तरफ से होने का दावा करने वाला एक नोटिस गलत दावे के साथ खूब वायरल हो रहा है, जिसमें मोबाइल टावर लगाने के लिए ₹20,000 जमा करने को कहा गया है। जब इसकी जांत की गई तो सच कुछ और ही निकला। </p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल? </strong></h3>

<p>TRAI की तरफ से होने का दावा करने वाला कोई नोटिस वायरल हो रहा है। इसमें मोबाइल टावर लगाने के लिए ₹20,000 जमा करने को कहा गया है। </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2009229318912987238?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई? </strong></h3>

<p>वायरल नोटिस को लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने फैक्ट चेक किया है। पीआईबी द्वारा किए गए फैक्ट चेक में यह नोटिस पूरी तरह से फर्जी पाया गया। फैक्ट चेक में पाया गया कि TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) ऐसे लेटर कभी जारी नहीं करता। अगर आपको ऐसे मैसेज मिलते हैं, तो जवाब न दें, पर्सनल डिटेल्स शेयर न करें, या कोई पेमेंट न करें। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी ऐसे ईमेल, लिंक, कॉल और SMS का जवाब न दें जिसमें आपसे फाइनेंशियल और सेंसिटिव जानकारी शेयर करने के लिए कहा गया हो। साथ ही सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सावधान रहें। किसी भी खबर को शेयर करने या उसपर भरोसा करने पहले हमेशा आधिकारिक सोर्सेज से उसको वेरिफाई अवश्य कर लें। साथ ही, केंद्र सरकार से जुड़ी किसी भी प्रामाणिक जानकारी या विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आधिकारिक जानकारी हेतु ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong> </p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/education/which-is-the-smallest-state-in-india-most-people-would-not-know-goa-2026-01-11-1189689">भारत का सबसे छोटा राज्य कौन सा है? जान लें; अधिकतर को नहीं होगा पता</a></p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-have-you-received-a-notice-in-the-name-of-trai-then-be-careful-know-the-truth-2026-01-11-1189709     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-have-you-received-a-notice-in-the-name-of-trai-then-be-careful-know-the-truth-2026-01-11-1189709 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 18:16:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: 'नए साल पर बड़ा तोहफा, सरकार ने 3 महीने का रिचार्ज किया फ्री', पीएम मोदी का AI जनरेटेड वीडियो वायरल     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: वायरल वीडियो को सच मानकर सोशल मीडिया में इसे शेयर किया जा रहा है। पीएम मोदी का ये वीडियो AI जनरेटेड है। पीएम मोदी द्वारा ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-14-1768056047.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल हो रहा फर्जी वीडियो]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INSTAGRAM/BEVUU_TECH ]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-14-1768056047.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-14-1768056047.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल हो रहा फर्जी वीडियो
                      <span class="copyright">Image Source : INSTAGRAM/BEVUU_TECH </span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर कई तरह के फोटो और वीडियो वायरल होते हैं। इनमें से कई फोटो और वीडियो भ्रामक दावों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जाते हैं। AI के जमाने में भ्रामक वीडियो की भरमार आ गई है। वायरल वीडियो में क्या सही है और क्या गलत है? लोगों के लिए इसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम वायरल हो रहे भ्रामक वीडियो के सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल</h3>

<p>सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पीएम मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पीएम मोदी मुफ्त रिचार्ज दिए जाने की घोषणा कर रहे हैं। इंस्टाग्राम पर ये वायरल वीडियो bevuu_tech नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसमें पीएम मोदी को कहते हुए सुना जा सकता है, 'आज रात 12 बजे से नए साल आने के अवसर पर सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। अब सभी लोगों का 3 महीने का रिचार्ज बिल्कुल फ्री कर दिया गया है।'</p>

<h3>AI जनरेटेड है वीडियो</h3>

<p>इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो के सत्यता की जांच की है। इंस्टाग्राम पर bevuu_tech नाम से बने अकाउंट पर पीएम मोदी से जुड़े किए वीडियो डाले गए हैं। इन वीडियो को AI तकनीक के माध्यम से जनरेट किया गया है। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी की आवाज AI के माध्यम से डाली गई है। इसके साथ ही टीम ने पता किया कि सरकार ने 3 महीने का फ्री में मोबाइल रिचार्ज करने का ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है। </p>

<h3>पीएम मोदी ने नहीं की ऐसी कोई घोषणा</h3>

<p>इस वायरल वीडियो पर भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने कहा कि ये एक स्कैम है। ये पूरी तरह फर्जी है। ये वीडियो AI तकनीक से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2009235224195162504"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>ऐसे वीडियो को न करें फॉरवर्ड</h3>

<p>पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस तरह के AI तकनीक से बनाए गए वीडियो से सतर्क रहना होगा। साथ ही अपील करते हुए कहा कि लुभावने दावों के झांसे में न आएं और ऐसे वीडियो को आगे फॉर्वर्ड न करें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/new-year-gift-government-provides-3-months-of-free-recharge-pm-modi-ai-generated-video-viral-2026-01-10-1189528     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/new-year-gift-government-provides-3-months-of-free-recharge-pm-modi-ai-generated-video-viral-2026-01-10-1189528 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 20:17:42 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: चलती मेट्रो का टूट गया दरवाजा और गिर पड़ा यात्री? यहां जानिए इस वायरल Video का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मेट्रो के गेट के पास खड़ा शख्स दरवाजा टूटने के बाद अचानक नीचे गिर जाता है। हालांकि, फैक्ट चेक में इस दावे की सच्चाई कुछ और ही सामने आई है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-84-1767775262.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-84-1767775262.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-84-1767775262.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स मेट्रो के गेट के पास खड़ा है। इसी दौरान चलती मेट्रो के गेट पर लगा शीशा अचानक से टूट जाता है और उसके पास खड़ा आदमी उससे टकराते हुए गेट के साथ बाहर गिरता नजर आता है। <a href="https://x.com/kamaal81115/status/2007744959492075979" target="_blank">वीडियो </a>को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि मेट्रो के गेट के पास खड़े होने के कारण उस शख्स की जान चली गई। आइए जानते हैं कि क्या है इस दावे की सच्चाई।</p>

<h3><strong>दावा</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) 4 जनवरी 2025 को वायरल <a href="https://x.com/kamaal81115/status/2007744959492075979" target="_blank">वीडियो </a>को शेयर करते हुए लिखा, “ये वीडियो देखो। जिसमें एक आदमी मेट्रो मे अचानक गिर जाता हैं। इस भाई के साथ आख़िर हुआ क्या होगा।” वहीं, एक अन्य यूजर ने इंस्टाग्राम पर समान दावे के साथ वायरल वीडियो को शेयर किया है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-85-1767775262.jpg"    /></p>

<h3><strong>पड़ताल</strong></h3>

<p>वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें इसके AI-जनरेटेड होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो को AI डिटेक्शन टूल Aurigin AI पर स्कैन किया। वहां मिले परिणामों के अनुसार, वायरल वीडियो 99 प्रतिशत तक AI-जनरेटेड पाया गया।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-87-1767775262.jpg"    /></p>

<p>पड़ताल के अगले क्रम में हमने वायरल वीडियो को hive moderation पर स्कैन किया, जहां मिले रिजल्ट के अनुसार, वायरल वीडियो 99 प्रतिशत AI जनरेटेड है। मामला साफ था कि वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है और यूजर्स भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-88-1767775262.jpg"    /></p>

<h3><strong>Fact Check में क्या निकला?</strong></h3>

<p>फैक्ट चेक की जांच में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये दावा फर्जी साबित हुआ। हमारी पड़ताल में सामने आया कि मेट्रो से जुड़ा ये वायरल वीडियो AI-जनरेटेड है। यूजर्स इस वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। <strong>(इनपुट: भाषा)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/did-javed-akhtar-support-nitish-kumar-on-hijab-controversy-know-what-is-truth-behind-viral-video-2026-01-06-1188384" target="_blank">Fact Check: क्या जावेद अख्तर ने हिजाब विवाद पर नीतीश कुमार का समर्थन किया, वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है?</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/did-cm-yogi-leave-stage-after-defense-minister-rajnath-singh-arrived-know-truth-2026-01-05-1188112" target="_blank">Fact Check: क्या राजनाथ सिंह से नाराज चल रहे CM योगी? जानें क्या है मंच छोड़कर जाने का पूरा सच</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-door-break-of-moving-metro-train-and-passenger-fall-viral-video-is-ai-generated-2026-01-07-1188700     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-door-break-of-moving-metro-train-and-passenger-fall-viral-video-is-ai-generated-2026-01-07-1188700 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 14:13:23 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या जावेद अख्तर ने हिजाब विवाद पर नीतीश कुमार का समर्थन किया,  वायरल वीडियो की सच्चाई क्या है?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जावेद अख्तर ने हिजाब विवाद को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया कदम का समर्थन किया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/javed-akhtar-1767681223.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/javed-akhtar-1767681223.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/javed-akhtar-1767681223.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong>Fact Check:</strong> आज के सोशल मिडिया दौर में सूचनाओं का प्रवाह जितना तेज हुआ है, भ्रामक जानकारियों का खतरा भी उतना ही बढ़ गया है। अब सोशल मडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है, जो समाज के लिए अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक भी साबित हो सकता है। इन्हीं भ्रामक दावों की सच्चाई आप तक पहुंचाने के लिए India TV फैक्ट चेक लेकर आता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने हिजाब विवाद को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया कदम का समर्थन किया है।</p>

<h3 class="rtejustify">क्या हो रहा है वायरल?</h3>

<p class="rtejustify">सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर को हिजाब और चेहरा ढकने की परंपरा पर टिप्पणी करते देखा जा सकता है। इस <a href="https://x.com/ArvindSinghUp/status/2001158490870689870">वीडियो</a> को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि जावेद अख्तर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचे जाने की घटना का समर्थन किया है।</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-7-1767681224.jpg"    /></p>

<h3 class="rtejustify">वायरल वीडियो में दावा?</h3>

<p class="rtejustify">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स पर 17 दिसंबर 2025 के आस-पास एक <a href="https://x.com/ArvindSinghUp/status/2001158490870689870">वीडियो क्लिप</a> शेयर की गई। यूजर ने कैप्शन में लिखा, "नीतीश कुमार ने जो किया सही किया, चेहरा ढकने की क्या ज़रूरत- जावेद अख़्तर।" इस पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जावेद अख्तर ने नीतीश कुमार के हालिया विवादित कदम को सही ठहराया है।</p>

<h3 class="rtejustify">जांच और सच्चाई</h3>

<p class="rtejustify">India TV ने जब इस दावे की पड़ताल की, तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ी घटना 15 दिसंबर 2025 को पटना में एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान हुई थी। वहीं, जावेद अख्तर का<a href="https://www.youtube.com/watch?v=QRU4TeRYKus"> वायरल वीडियो</a> 29 नवंबर 2025 का है यानी यह घटना होने से करीब दो सप्ताह पहले का है।</p>

<p class="rtejustify">गूगल रिवर्स इमेज सर्च और की-फ्रेम विश्लेषण के जरिए पता चला कि यह <a href="https://www.youtube.com/watch?v=QRU4TeRYKus">क्लिप 'SOA Literary Festival' </a>के एक सत्र की है। 29 नवंबर को यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस मूल वीडियो में जावेद अख्तर एक महिला के सवाल का जवाब दे रहे थे। वीडियो में जावेद अख्तर ने किसी नेता या विशेष घटना का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने सामाजिक दृष्टिकोण से शालीन कपड़ों और चेहरा ढकने की अनिवार्यता पर सामान्य वैचारिक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, "महिला के चेहरे में ऐसा क्या है जो आपत्तिजनक माना जाए? यह एक तरह का सामाजिक दबाव है।"</p>

<p class="rtejustify"><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/sfdfdf-1767681227.jpg"    /></p>

<p class="rtejustify">जांच में यह भी सामने आया कि जावेद अख्तर ने 18 दिसंबर को अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार का समर्थन करने के बजाय, इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा माफी मांगे जाने का जिक्र किया था।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/did-javed-akhtar-support-nitish-kumar-on-hijab-controversy-know-what-is-truth-behind-viral-video-2026-01-06-1188384     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/did-javed-akhtar-support-nitish-kumar-on-hijab-controversy-know-what-is-truth-behind-viral-video-2026-01-06-1188384 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 12:06:12 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या राजनाथ सिंह से नाराज चल रहे CM योगी? जानें क्या है मंच छोड़कर जाने का पूरा सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आते ही सीएम योगी उठकर चले गए।'
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-05t071352-1767584104.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक। ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-05t071352-1767584104.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-05t071352-1767584104.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक। 
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check: </strong>इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आते ही सीएम योगी उठकर चले गए।'</p>
<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://x.com/parmanandyadavv/status/2004102631208476724?s=20" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आते ही सीएम योगी उठकर चले गए।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://x.com/parmanandyadavv/status/2004102631208476724?s=20" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में एक तरफ राजनाथ बैठते हुए दिख रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सीएम योगी वहां से उठकर जाते हुए दिख रहे हैं। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "माननीय श्री राजनाथ सिंह जी को आते ही मुख्यमंत्री माननीय योगी जी मंच छोड़कर के चले गए।"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-05t071421-1767584103.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>
<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। इसके लिए हमने वीडियो में दिख रहे पोस्टर से पता लगाया कि दोनों नेता 'एकल काव्य पाठ' में एक साथ शामिल हुए थे, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर 24 दिसंबर, 2025 को लखनऊ में आयोजित किया गया था। </p>
<p>काफी खोजबीन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इस कार्यक्रम की <a href="https://www.youtube.com/watch?v=-3LxB40Wb6Y" target="_blank">पूरी वीडियो</a> रिकॉर्डिंग मिली। 53 मिनट और 50 सेकंड के इस फुटेज को देखने पर पता चला कि राजनाथ सिंह और सीएम योगी कार्यक्रम के अधिकांश समय तक एक-दूसरे के बगल में बैठे थे और आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दिए। दोनों नेताओं ने सभा को संबोधित भी किया। लगभग 45:54 के समय पर योगी आदित्यनाथ फुटेज से गायब हो गए, जिससे पता चलता है कि वे उस समय कार्यक्रम से चले गए थे - न कि राजनाथ सिंह के मंच पर आने के तुरंत बाद।</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/01/untitled-2026-01-05t071532-1767584103.jpg"    /></p>
<p>इसके अलावा, कवि कुमार विश्वास के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 26 दिसंबर, 2025 को अपलोड किया गया एक <a href="https://www.youtube.com/watch?v=0P1FnpbfvaM&t=541s" target="_blank">छोटा वीडियो</a> भी मिला। वीडियो में, 8:35 मिनट पर, सीएम योगी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ संक्षिप्त बातचीत के बाद विनम्रतापूर्वक मंच से जाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।</p>
<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>
<p>India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को राजनाथ सिंह के आने के बाद सीएम योगी के जाने से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, जबकि सीएम योगी, राजनाथ सिंह के आने के तुरंत बाद मंच से नहीं हटे थे। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/central-government-giving-free-scooters-motorcycles-and-bicycles-fake-claim-viral-in-instagram-2026-01-03-1187802" target="_blank">Fact Check: फ्री में स्कूटी, मोटरसाइकिल और साइकिल दे रही मोदी सरकार! जानिए वायरल दावे की सच्चाई</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/peacock-offering-garland-to-lord-ram-ai-video-shared-with-false-claim-2026-01-01-1187302" target="_blank">Fact Check: मोर ने भगवान राम को चढ़ाई माला? जान लें वायरल वीडियो की हकीकत</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/did-cm-yogi-leave-stage-after-defense-minister-rajnath-singh-arrived-know-truth-2026-01-05-1188112     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/did-cm-yogi-leave-stage-after-defense-minister-rajnath-singh-arrived-know-truth-2026-01-05-1188112 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 09:09:42 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या केंद्र सरकार सच में दे रही एक तोला सोना मुफ्त? जानें वायरल दावे का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। आइए इस खबर के जरिए वायरल दावे के सच को जानते हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-16-1767531240.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : @PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-16-1767531240.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-16-1767531240.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : @PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check:</strong> रोजाना न जाने कितनी ही वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं।  इनमें से अधिकतर फोटो और वीडियो गलत दावों के साथ अपलोड और शेयर किए जाते हैं। AI के जमाने में सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म डीपफेक वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। कई मैसेज, आर्टिकल भी वायरल हो होते हैं, जिनमें दी गई डिटेल भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि जिन घरों में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है, उन्हें आधार कार्ड के जरिए एक तोला सोना मुफ्त दिया जा रहा है। जब इस दावे की जांच की गई तो सच्चाई कुछ और ही निकली। </p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल? </strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर "sanjay_annu_sahu" नामक अकाउंट द्वारा साझा किया गया पीएम मोदी का एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि जिन घरों में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है, उन्हें आधार कार्ड के ज़रिए एक तोला सोना मुफ्त दिया जा रहा है। </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2007742460517380285?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में किए गए दावे को लेकर लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने फैक्ट चेक किया। फैक्ट चेक में यह दावा फर्जी निकला। फैक्ट चेक में पाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह वीडियो AI तकनीक से तैयार किया गया (AI-generated) है और इसे गलत उद्देश्य से फैलाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसी किसी भी योजना की कोई घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सतर्क रहें और ऐसे लुभावने दावों के झांसे मे न आएं। इसके अलावा जनसामान्य के मध्य दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे ऐसे कंटेंट को बिलकुल भी आगे शेयर न करें। केंद्र सरकार से संबंधित प्रामाणिक जानकारी हेतु आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें और इसके लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-is-the-central-government-really-giving-away-one-tola-of-gold-for-free-know-the-truth-behind-the-viral-claim-2026-01-04-1188014     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-is-the-central-government-really-giving-away-one-tola-of-gold-for-free-know-the-truth-behind-the-viral-claim-2026-01-04-1188014 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 04 Jan 2026 18:24:38 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: फ्री में स्कूटी, मोटरसाइकिल और साइकिल दे रही मोदी सरकार! जानिए वायरल दावे की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: फ्री में स्कूटी, मोटरसाइकिल और साइकिल दिए जाने के वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में पीएम मोदी के भी वीडियो दिखाई दे रहे हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-13-1767450366.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फ्री में स्कूटी और मोटर साइकिल देने का दावा]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INSTAGRAM/TODAY_DEAL7]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-13-1767450366.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/fact-check-13-1767450366.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फ्री में स्कूटी और मोटर साइकिल देने का दावा
                      <span class="copyright">Image Source : INSTAGRAM/TODAY_DEAL7</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया में कई तरह के फोटो और वीडियो वायरल होते हैं। इनमें से अधिकतर फोटो और वीडियो गलत दावों के साथ अपलोड और शेयर किए जाते हैं। AI के जमाने में सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म डीपफेक वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही भ्रामक और फेक वीडियो के सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल?</h3>

<p>सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म में today_deal7 नाम का एक अकाउंट है। इस अकाउंट में कई रील डाली गई हैं। इनमें से ज्यादातर रील और वीडियो भ्रामक जानकारी के साथ अपलोड की गई हैं। इस इंस्टाग्राम चैनल के प्रोफाइल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनेक वीडियो का उपयोग कर फ्री स्कूटी, फ्री मोटरसाइकिल, फ्री साइकिल और फ्री रिचार्ज जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रचार कर रही है।</p>

<p><blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://instagram.com/reel/DS7pbAIjx5G/?igsh=cHBxazhrcm0wZWh2" data-instgrm-version="12" style="background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:500px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"></blockquote></p>

<h3> AI जनरेटेड डीपफेक वीडियो</h3>

<p>इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने today_deal7 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट के वीडियो का फैक्ट चेक किया गया है। today_deal7 नाम के अकाउंट में 188 पोस्ट डाली गई हैं। अकाउंट के 74 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स है। इस इंस्टाग्राम अकाउंट में ज्यादातर AI जनरेटेड वीडियो अपलोड किए गए गए हैं। इसमें पीएम मोदी और अन्य नेताओं को फ्री में स्कूटी, फ्री में मोटरसाइकिल और फ्री में मोबाइल का रिचार्ज का ऐलान करते हुए दिखाया गया है। </p>

<h3>सरकार ने नहीं की है ऐसी कोई घोषणा</h3>

<p>इस इंस्टाग्राम अकाउंट के फेक वीडियो को लेकर भारत सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने फैक्ट चेक कर कहा कि यह AI-जनरेटेड फर्जी वीडियो हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी किसी भी योजना की घोषणा नहीं की है।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2007055053149155352"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>फर्जी कंटेंट के झांसे में न आएं</h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि कृपया सतर्क रहें। ऐसे सनसनीखेज और फर्जी कंटेंट के झांसे में न आएं तथा इन्हें फॉरवर्ड न करें। किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा करने से पहले जरूर सोचना चाहिए</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/central-government-giving-free-scooters-motorcycles-and-bicycles-fake-claim-viral-in-instagram-2026-01-03-1187802     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/central-government-giving-free-scooters-motorcycles-and-bicycles-fake-claim-viral-in-instagram-2026-01-03-1187802 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 03 Jan 2026 20:06:51 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: बजरंग दल ने बांग्लादेश में कर दिया बड़ा धमाका? जान लें क्या है वायरल वीडियो की हकीकत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: वायरल वीडियो में किसी शहर में रात के समय धमाका होता हुआ देखा जा सकता है। इसके साथ लिखा गया है कि बांग्लादेश में बम धमाका हो चुका है। इसके साथ ही जय बजरंग दल लिखा गया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/2-jan-fact-check-1767376840.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : VIRALVIDEOSCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/2-jan-fact-check-1767376840.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/2-jan-fact-check-1767376840.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
                      <span class="copyright">Image Source : VIRALVIDEOSCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में किसी जगह पर जोरदार धमाका देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि बजरंग दल ने बांग्लादेश में बड़ा धमाका कर दिया है। वीडियो के साथ जय श्री राम भी लिखा गया है। वीडियो शेयर करने वाले कई लोगों ने दावा किया है कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार के विरोध में बजरंग दल ने हथियार लेकर बांग्लादेश में घुसने की चेतावनी दी है। हालांकि, यह वीडियो पूरी तरह से गलत है और भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।</p>

<h3><strong>क्या है वायरल वीडियो?</strong></h3>

<p>इंस्टाग्राम पर एक <a href="https://www.instagram.com/reel/DSxMc5bDVS_/">यूजर </a>ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर वायरल दावे के मुताबिक राष्ट्रीय बजरंग दल ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सीमा पार करने की धमकी दी है। हालिया विरोध प्रदर्शनों में संगठन ने चेतावनी जारी की कि अगर हिंसा नहीं रुकी तो शास्त्रों के बजाय हथियार लेकर बांग्लादेश में प्रवेश करेंगे। हो गया बांग्लादेश मे बॉम्ब ब्लास्ट भाइयों"</p>

<h3><strong>जांच में क्या मिला?</strong></h3>

<p>जांच के दौरान वीडियो के स्क्रीनग्रैब लेकर गूगल में सर्च किया गया को कई वीडियो मिले, जो इसी दावे के साथ शेयर किए गए थे। इस दौरान सात सितंबर का भी एक वीडियो मिला। हालांकि, तब ऐसा कोई दावा नहीं किया गया था। हालांकि, इससे साफ हो गया कि वीडियो पुराना है। इस दौरान कमेंट में रूस-यूक्रेन का जिक्र मिला, जब इससे जुड़े कीवर्ड के साथ सर्च किया गया तो सामने आया कि यह वीडियो यूक्रेन का हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी कि वीडियो यूक्रेन का है, लेकिन इसे 14 जून को यूक्रेन के नाम से शेयर किया गया था। इससे यह तो साफ है कि वीडियो पुराना है। ऐसे में इसके बांग्लादेश से जुड़े होने की कोई संभावना नहीं है।</p>

<h3><strong>फैक्ट चेक का नतीजा</strong></h3>

<p>फैक्ट चेक में सामने आया कि पुराना वीडियो गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। यह वीडियो पहली बार जून 2025 में सामने आया था। इसके बाद इसे कई बार शेयर किया गया। अब इसे बांग्लादेश में बजरंग दल के धमाके के दावे के साथ शेयर किया जा रहा है, लेकिन ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। बजरंग दल या बांग्लादेश की तरफ से भी ऐसे किसी धमाके के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। वायरल वीडियो पुराना है और उसके साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह फर्जी है।</p>

<p>यह भी पढ़ें-</p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/peacock-offering-garland-to-lord-ram-ai-video-shared-with-false-claim-2026-01-01-1187302">Fact Check: मोर ने भगवान राम को चढ़ाई माला? जान लें वायरल वीडियो की हकीकत</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-security-guard-saving-child-from-falling-under-lift-viral-video-is-ai-generated-2025-12-31-1187111">Fact Check: गार्ड ने लिफ्ट के नीचे गिरने से बच्चे को बचाया? यकीन करने से पहले जान लें Video की सच्चाई</a></p>

<p> </p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/bajrang-dal-carry-out-bombing-in-bangladesh-know-viral-video-reality-2026-01-02-1187605     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/bajrang-dal-carry-out-bombing-in-bangladesh-know-viral-video-reality-2026-01-02-1187605 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 23:31:44 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: मोर ने भगवान राम को चढ़ाई माला? जान लें वायरल वीडियो की हकीकत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: वायरल वीडियो में एक मोर नजर आता है, जो अपनी चोंच से माला उठाकर भगवान राम को अर्पित करता है। इस वीडियो को कई लोगों ने गलत दावे के साथ शेयर किया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/ram-mandir-mor-1-1767274861.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/VIRALVIDEOSCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/ram-mandir-mor-1-1767274861.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/01/ram-mandir-mor-1-1767274861.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
                      <span class="copyright">Image Source : X/VIRALVIDEOSCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर एक मोर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मोर को भगवान राम के चरणों में एक माला अर्पित करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो शेयर करने वाले कई लोगों ने दावा किया है कि मोर ने भगवान राम को माला अर्पित की और लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए। इस वीडियो में लोगों को जय श्री राम का जयकारा लगाते हुए भी सुना जा सकता है। हालांकि, जांच करने पर पाया गया कि यह वीडियो फर्जी है और इसके साथ किया जा रहा दावा भी पूरी तरह से गलत है।</p>
<h3><strong>क्या है वायरल वीडियो?</strong></h3>
<p>मोर के माला चढ़ाने का <a href="https://www.facebook.com/abcnews24x7live/videos/2171605836579820/">वीडियो</a> शेयर करते हुए एक्स पर एक पेज ने दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर में मोर ने भगवान राम को फूलों की माला अर्पित की। इसके साथ ही वीडियो भी शेयर किया, जिसमें मोर माला चढ़ाते हुए दिख रहा है। माला लाल रंगे फूल और हरे पत्तों से बनी हुई है। वहीं, कई लोग अपने फोन में इस नजारे को कैद करते हुए भी देखे जा सकते हैं।</p>
<h3><strong>जांच में क्या मिला?</strong></h3>
<p>वायरल वीडियो की जांच में सामने आया कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। इसे 29 नवंबर को शेयर किया गया था। शेयर करने वाले अकाउंट ने यह जानकारी भी दी थी कि यह वीडियो असली नहीं हैं। इसे सोरा एआई की मदद से बनाया गया है। सोरा एक ऐसा टूल है, जिसे सिर्फ शब्दों से कमांड देने पर वह वीडियो बनाकर दे देता है। इसके अलावा भी इस वीडियो को दूसरे चैनल में देखा गया, जहां अक्सर एआई के जरिए बनाए गए वीडियो शेयर किए जाते हैं। जांच के दौरान पाया गया कि वीडियो का 90 फीसदी हिस्सा एआई की मदद से बनाया गया है।</p>
<h3><strong>फैक्ट चेक का नतीजा</strong></h3>
<p>फैक्ट चेक में पाया गया की मोर के भगवान राम को माला चढ़ाने का वीडियो पूरी तरह फेक है। ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। इस वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भी गलत है। वीडियो एआई की मदद से बनाया गया था। इसे कई लोगों ने गलत दावे के साथ शेयर किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-security-guard-saving-child-from-falling-under-lift-viral-video-is-ai-generated-2025-12-31-1187111">Fact Check: गार्ड ने लिफ्ट के नीचे गिरने से बच्चे को बचाया? यकीन करने से पहले जान लें Video की सच्चाई</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/modi-government-giving-free-mobile-phones-to-women-and-students-know-truth-behind-claim-2025-12-30-1186829">Fact Check: क्या महिलाओं और छात्रों को सरकार दे रही मुफ्त मोबाइल? जानें दावे का असली सच</a></strong></p>
<p> </p>
<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/peacock-offering-garland-to-lord-ram-ai-video-shared-with-false-claim-2026-01-01-1187302     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/peacock-offering-garland-to-lord-ram-ai-video-shared-with-false-claim-2026-01-01-1187302 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 19:13:45 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: गार्ड ने लिफ्ट के नीचे गिरने से बच्चे को बचाया? यकीन करने से पहले जान लें Video की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: गार्ड ने लिफ्ट के नीचे गिरने से बच्चे को बचाया? यकीन करने से पहले जान लें Video की सच्चाई    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-71-1767201279.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : SCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-71-1767201279.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-71-1767201279.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक।
                      <span class="copyright">Image Source : SCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी दिनों से वायरल हो रहा है जिसमें एक बच्चा लिफ्ट के पास जाता दिखता है और इसमें गिरने वाला होता है। इसी दौरान वहां बगल में बैठा सिक्योरिटी गार्ड बच्चे को देख लेता है और उसे पीछे खींच कर बचा लेता है। अब सोशल मीडिया पर यूजर्स इस <a href="https://x.com/thenewsbasket/status/2003857762913235020?s=20" target="_blank">वीडियो </a>को जमकर शेयर कर रहे हैं। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि गार्ड ने समय रहते पैर दबाकर बच्चे को पकड़ लिया, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, फैक्ट चेक की जांच में वायरल वीडियो असली नहीं AI जनरेटेड साबित हुआ है।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा है दावा?</strong></h3>

<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने 24 दिसंबर 2025 को वायरल <a href="https://x.com/thenewsbasket/status/2003857762913235020?s=20" target="_blank">वीडियो </a>को शेयर करते हुए यूजर्स ने लिखा, “सिक्योरिटी गार्ड पैर दबाकर बच्चों को पकड़ने गया, वरना बहुत बड़ा हादसा हो जाता।” </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-72-1767201279.jpg"    /></p>

<p>वहीं, एक अन्य यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <a href="https://www.instagram.com/reel/DSp_GWUiDvJ/" target="_blank">इंस्टाग्राम </a>पर 24 दिसंबर को वायरल वीडियो को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-73-1767201279.jpg"    /></p>

<h3><strong>पड़ताल</strong></h3>

<p>पड़ताल के अगले क्रम में हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम निकालकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान हमें hero0f.life के  इंस्टाग्राम पर वायरल <a href="https://www.instagram.com/p/DSharyyDymx/" target="_blank">वीडियो </a>मिला, जिसे 21 दिसंबर 2025 को पोस्ट किया गया था।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-74-1767201278.jpg"    /></p>

<p>वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान हमने hero0f.life नाम के इंस्टाग्राम प्रोफाइल को स्कैन किया। जांच में सामने आया कि इस अकाउंट के बायो में साफ तौर पर लिखा है कि इस पेज पर AI से बनाए गए वीडियो पोस्ट किए जाते हैं। Hero0f.life पेज को और गहराई से स्कैन करने पर हमें इस अकाउंट पर इसी तरह के कई अन्य मिलते-जुलते वीडियो भी मिले।</p>

<p>इन सभी वीडियो की थीम, विज़ुअल स्टाइल और प्रस्तुति एक जैसी है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये क्लिप्स वास्तविक घटनाएं नहीं, बल्कि एआई की मदद से तैयार किया गया कंटेंट हैं।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-75-1767201278.jpg"    /></p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-76-1767201278.jpg"    /></p>

<p>पड़ताल के अगले चरण में हमने वायरल वीडियो को एआई-जनरेटेड कंटेंट की पहचान करने वाले टूल Sightengine पर स्कैन किया। टूल से मिले नतीजों के अनुसार, यह वीडियो 96 प्रतिशत तक एआई-जनरेटेड होने की संभावना दर्शाता है।</p>

<p> </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-77-1767201278.jpg"    /></p>

<p>इसके अलावा, वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल Undetectable AI पर भी जांचा गया। टूल के विश्लेषण में भी यह वीडियो एआई-जनरेटेड पाया गया।</p>

<p> </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-78-1767201278.jpg"    /></p>

<p>पड़ताल के अंतिम चरण में हमने वायरल वीडियो को एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल Illuminarty AI पर भी स्कैन किया। टूल से प्राप्त परिणामों के अनुसार, यह वीडियो 88 प्रतिशत तक एआई-जनरेटेड पाया गया।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-79-1767201278.jpg"    /></p>

<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या सामने आया?</strong></h3>

<p>फैक्ट चेक की जांच में सामने आया है कि लिफ्ट के पास बच्चे को सिक्योरिटी गार्ड द्वारा बचाने का जो वीडियो वायरल हो रहा है वह असली नहीं बल्कि  AI जनरेटेड है। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।<strong> (इनपुट: भाषा)</strong></p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-security-guard-saving-child-from-falling-under-lift-viral-video-is-ai-generated-2025-12-31-1187111     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-security-guard-saving-child-from-falling-under-lift-viral-video-is-ai-generated-2025-12-31-1187111 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 23:04:39 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या महिलाओं और छात्रों को सरकार दे रही मुफ्त मोबाइल? जानें दावे का असली सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: इन दिनों एक सूचना फैलाई जा रही है कि भारत सरकार 'प्रधानमंत्री फ्री मोबाइल योजना' के तहत सभी महिलाओं और कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को मुफ्त मोबाइल फोन दे रही है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-6-1767104126.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दावा फर्जी पाया गया।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : FACT CHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-6-1767104126.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-6-1767104126.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दावा फर्जी पाया गया।
                      <span class="copyright">Image Source : FACT CHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong>Fact Check: </strong>सोशल मीडिया के दौर में कई तरह की फर्जी सूचनाएं फैलाई जाती हैं, जिसकी वजह से कई लोग ठगी के शिकार हो जाते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं।</p>

<p class="rtejustify">हाल ही में यूट्यूब पर ‘Tech with Vermaji’ नामक चैनल द्वारा एक दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार 'प्रधानमंत्री फ्री मोबाइल योजना' के तहत सभी महिलाओं और कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को मुफ्त मोबाइल फोन दे रही है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे की पड़ताल की है और इसे पूरी तरह से फर्जी बताया है।</p>

<h3 class="rtejustify">पड़ताल में क्या निकला?</h3>

<p class="rtejustify">PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार ऐसी किसी भी योजना का संचालन नहीं कर रही है। यूट्यूब वीडियो में किया जा रहा दावा भ्रामक और धोखाधड़ी के उद्देश्य से बनाया गया है। ऐसे फर्जी दावों से सतर्क रहें और केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।</p>

<p class="rtejustify"><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2005915350970613811?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3 class="rtejustify">इन बातों का रखें खास ख्याल</h3>

<p class="rtejustify">ऐसे फर्जी वीडियो अक्सर आपसे लिंक पर क्लिक करवाकर आपकी निजी जानकारी या बैंक डिटेल्स चुराने की कोशिश करते हैं। किसी भी सरकारी योजना की पुष्टि हमेशा संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या india.gov.in पर जाकर ही करें। व्हाट्सएप या यूट्यूब पर आने वाले हर लुभावने ऑफर को सच न मानें।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/modi-government-giving-free-mobile-phones-to-women-and-students-know-truth-behind-claim-2025-12-30-1186829     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/modi-government-giving-free-mobile-phones-to-women-and-students-know-truth-behind-claim-2025-12-30-1186829 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 19:47:59 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: इंडोनेशिया की बाढ़ में बह रहे बाघ को हाथी ने किया रेस्क्यू? जानें वायरल वीडियो का क्या है सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'इंडोनेशिया के सुमात्रा में आई बाढ़ के बीच एक बाघ बह रहा था, जिसे हाथी ने रेस्क्यू किया।'
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-56-1767018455.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक। ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-56-1767018455.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-56-1767018455.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक। 
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check:</strong> इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'इंडोनेशिया के सुमात्रा में आई बाढ़ के बीच एक बाघ बह रहा था, जिसे हाथी ने रेस्क्यू किया।'</p>
<h3><strong>क्या हो रहा है वायरल?</strong></h3>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक <a href="https://www.facebook.com/reel/1200787784713820" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया जा रहा है कि 'इंडोनेशिया के सुमात्रा में आई बाढ़ के बीच एक बाघ बह रहा था, जिसे हाथी ने रेस्क्यू किया' सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक यूजर ने अपनी <a href="https://www.facebook.com/reel/1200787784713820" target="_blank">पोस्ट</a> में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में हाथी के द्वारा बाघ को रेस्क्यू करते हुए देखा जा सकता है। यूजर ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "सुमात्रा में अचानक आई बाढ़ के दौरान हाथी तेज बहाव में बह रहे एक बाघ को बचाते हुए।"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-58-1767018455.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक</strong></h3>
<p>चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर इसके एआई-जनरेटेड होने की आशंका हुई। इसके बाद हमने वीडियो को Hive Moderation पर स्कैन किया, जहां प्राप्त परिणामों के अनुसार यह वीडियो 94 प्रतिशत तक AI-जनरेटेड पाया गया।</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/untitled-57-1767018455.jpg"    /></p>
<h3><strong>फैक्ट चेक में क्या निकला?</strong></h3>
<p>India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को हाथी द्वारा बाघ के रेस्क्यू किए जाने से जोड़कर वायरल किया जा रहा है, जबकि यह वीडियो एआई से एडिट किया गया है। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-bihar-muslim-women-hijabs-stripped-beaten-with-chairs-bangladesh-video-shared-with-false-claim-2025-12-26-1185898" target="_blank">Fact Check: बिहार में मुस्लिम महिलाओं का हिजाब उतारकर कुर्सियों से पीटा? जान लें वायरल वीडियो की हकीकत</a></strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/video-of-biryani-being-made-using-drain-water-goes-viral-know-truth-of-claim-2025-12-23-1185379" target="_blank">Fact Check: नाले के पानी से बिरयानी बनाने का वीडियो वायरल, जानें दावे की सच्चाई</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/elephant-rescues-a-tiger-swept-away-in-floods-in-indonesia-know-truth-behind-viral-video-2025-12-29-1186601     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/elephant-rescues-a-tiger-swept-away-in-floods-in-indonesia-know-truth-behind-viral-video-2025-12-29-1186601 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 20:02:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: क्या केंद्र सरकार द्वारा फोन कॉल और व्हाट्सएप के नए संचार नियम किए जा रहे लागू? जानें वायरल दावे का सच     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: केंद्र सरकार द्वारा फोन कॉल और व्हाट्सएप के नए संचार नियम किए जा रहे, इस दावे के साथ एक लेख सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-2-1766924441.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैक्ट चेक]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X @PIBFACTCHECK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-2-1766924441.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-2-1766924441.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैक्ट चेक
                      <span class="copyright">Image Source : X @PIBFACTCHECK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>Fact Check:</strong> सोशल मीडिया हर रोज न जाने कितने ही वीडियोज और फोटोज वायरल होते रहते हैं। कुछ का सच से कोई नाता ही नहीं होता है। इसके अलावा कई बार कई मैसेज, आर्टिकल भी वायरल हो होते हैं, जिनमें बहुत से गलत दावों के साथ शेयर किए जाते हैं। इनमें दी गई डिटेल भ्रामक एवं गलत भी होती है। ऐसे ही सोशल मीडिया पर एक लेख की फोटो बहुत वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा फोन कॉल्स और सोशल मीडिया ऐप्स(व्हाट्सएप) के लिए 'नए संचार नियम' लागू किए जा रहे हैं। हालांकि, जब इस वायरल दावे की जांच की गई तो सच कुछ और ही निकला।</p>

<h3><strong>क्या हो रहा वायरल?</strong> </h3>

<p>सोशल मीडिया पर एक लेख की तस्वीर आग की तरह वायरल है। इसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा फोन कॉल और व्हाट्सएप के नए संचार नियम किए जा रहे हैं। इस दावे के साथ लेख की फोटो बहुत तेजी से वायरल हो रही है।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2004483635286786545?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैसे पता लगी सच्चाई? </strong></h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लेख में किए गए दावे को लेकर लेकर प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने फैक्ट चेक किया, जिसमें यह दावा फर्जी निकला। फैक्ट चेक में पाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसे कोई नियम लागू नहीं किए गए हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी सभी झूठी व गलत या भ्रामक जानकारी से सतर्क रहें और ऐसे लुभावने दावों के झांसे मे न आएं। इसके अलावा जनसामान्य के मध्य दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे ऐसे कंटेंट को बिलकुल भी आगे शेयर न करें। केंद्र सरकार से संबंधित प्रामाणिक जानकारी हेतु आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें और इसके लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर ही विजिट करें।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/education/naukri/bsf-recruitment-500-vacancies-can-10th-grade-pass-candidates-apply-know-it-here-2025-12-28-1186361">BSF में 500 से ज्यादा पदों पर भर्ती, क्या 10वीं पास भी कर सकते हैं आवेदन?</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-is-central-government-implementing-new-communication-rules-for-phone-calls-and-whatsapp-know-truth-of-viral-claim-2025-12-28-1186369     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-is-central-government-implementing-new-communication-rules-for-phone-calls-and-whatsapp-know-truth-of-viral-claim-2025-12-28-1186369 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 17:51:17 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: 10वीं पास विद्यार्थियों को फ्री में लैपटॉप देगी मोदी सरकार! जानिए क्या है वायरल दावे की सच्चाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: 10वीं पास विद्यार्थियों को केंद्र सरकार द्वारा फ्री में लैपटॉप दिए जाने का दावा यूट्यूब के एक चैनल में किया गया है। जानिए इस वायरल दावे फैक्ट चेक क्या है?    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-9-1766819761.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[विद्यार्थियों को फ्री में लैपटॉप दिए जाने का दावा]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : YOUTUBE/EARNBYJONY21]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-9-1766819761.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-9-1766819761.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      विद्यार्थियों को फ्री में लैपटॉप दिए जाने का दावा
                      <span class="copyright">Image Source : YOUTUBE/EARNBYJONY21</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म में कई तरह के फोटो, वीडियो और टेक्स मैसेज वायरल होते हैं। इनमें से कई फोटो और वीडियो भ्रामक दावों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में डाले जाते हैं। इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ऐसे ही वायरल वीडियो और भ्रामक दावों वाले पोस्ट की सत्यता की जांच करती है।</p>

<h3>क्या हो रहा वायरल</h3>

<p>यूट्यूब प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी का नया अड्डा बन गया है। EarnByJony21 नाम के यूट्यूब चैनल में एक वीडियो डाला गया है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 'वन स्टूडेंट- वन लैपटॉप योजना' के तहत सभी 10वीं पास विद्यार्थियों को फ्री में लैपटॉप दिया जाएगा। </p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-10-1766820309.jpg"    /></p>

<h3>फर्जी है पूरा दावा</h3>

<p>इंडिया टीवी की फैक्ट चेक टीम ने इस वायरल वीडियो के सत्यता की जांच की है। गूगल में कीवर्ड और इमेज सर्च करके देखा गया तो ऐसी किसी प्रकार की जानकारी सरकार की ओर साझा नहीं की गई है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की संस्था प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने कहा कि EarnByJony21 यूट्यूब चैनल के वीडियो में जो दावा किया जा रहा है कि वह फर्जी है।</p>

<h3>सरकार नहीं चला रही कोई ऐसी स्कीम</h3>

<p>पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में 'वन स्टूडेंट- वन लैपटॉप' स्कीम नहीं चलाई जा रही है।' इसके साथ ही पीआईबी फैक्ट चेक ने एक सरकारी पत्र का लिंक भी शेयर किया है।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2003407916955799759"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>सरकार की ओर से जारी किया गया पत्र</h3>

<p>अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद (AICTE) के पत्र में कहा कि  AICTE के संज्ञान में आया है कि कुछ सोशल मीडिया/वेबसाइट ऐसी योजनाओं के बारे में फर्जी जानकारी फैला रही हैं, जो AICTE से संबंधित नहीं हैं। AICTE के सक्षम प्राधिकारी ने इस संबंध में बहुत गंभीरता से संज्ञान लिया है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-1766820599.jpg"    /></p>

<h3>ऐसी जानकारी को करें नजरअंदाज</h3>

<p>इस पत्र में कहा गया कि इसलिए सभी AICTE से अप्रूव्ड संस्थानों और छात्रों को निर्देश दिया जाता है कि कृपया इस तरह की जानकारी को नजरअंदाज करें और सही जानकारी AICTE की वेबसाइट- httpS:l/<a href="http://www.aicte-india.org/">www.aicte-india.org/</a> से वेरिफाई करें या 011-29581000 और 29581050 पर कॉल करें। इसके अलावा यदि कोई ऐसी फर्जी जानकारी संज्ञान में आती है तो इसकी सूचना तुरंत AICTE को दी जाए। फर्जी दावा करने वाले लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-modi-government-give-free-laptops-to-students-who-passed-10th-grade-fake-claim-viral-2025-12-27-1186092     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-modi-government-give-free-laptops-to-students-who-passed-10th-grade-fake-claim-viral-2025-12-27-1186092 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 12:51:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Fact Check: बिहार में मुस्लिम महिलाओं का हिजाब उतारकर कुर्सियों से पीटा? जान लें वायरल वीडियो की हकीकत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Fact Check: वायरल वीडियो में कुछ लोग दो महिलाओं को कुर्सियों से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। ये महिलाएं बुरका पहने हुए हैं, लेकिन मारपीट के दौरान उनका हिजाब उतरा हुआ है। वीडियो शेयर करने वाले लोगों ने इसे बिहार का बताया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-3-1766736276.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/VIRALVIDEOSCREENSHOT]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-3-1766736276.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2025/12/fact-check-3-1766736276.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
                      <span class="copyright">Image Source : X/VIRALVIDEOSCREENSHOT</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति दो महिलाओं के साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। यह व्यक्ति महिलाओं को प्लास्टिक की कुर्सियों से पीट रहा है और सामने बड़ी भीड़ मौजूद है। यूजर्स ने दावा किया कि यह घटना भारत में हुई है और दो मुस्लिम महिलाओं को हिजाब उतारने के बाद कुर्सियों से पीटा गया। वीडियो में एक व्यक्ति दो महिलाओं को बार-बार प्लास्टिक की कुर्सी से पीटता हुआ दिख रहा है और एक महिला के जमीन पर गिरने के बाद भी वह पीटता रहता है।</p>
<p>फैक्ट चेक के दौरान पाया गया कि यह वीडियो भारत का नहीं है। असली वीडियो बांग्लादेश के चटगांव का है। इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।</p>
<h3><strong>वायरल वीडियो में क्या दावा किया?</strong></h3>
<p>एक <a href="https://x.com/KhalsaVision_/status/2001988259828912617?s=20">यूजर </a>ने 19 दिसंबर को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें एक व्यक्ति दो महिलाओं को प्लास्टिक की कुर्सियों से पीट रहा है और सामने बड़ी भीड़ मौजूद है। यूजर ने दावा किया कि यह घटना भारत में हुई है और दो मुस्लिम महिलाओं को हिजाब उतारने के बाद पीटा गया। वीडियो शेयर करने के साथ लिखा गया, “नीतीश कुमार की विरासत। हिजाब हटाने के बाद दो और मुस्लिम महिलाओं को कुर्सियों से पीटा गया।”</p>
<h3><strong>जांच में क्या मिला?</strong></h3>
<p>जब <a href="https://x.com/shalini_sh99/status/2002313774917714116?s=20">वायरल वीडियो </a>की पड़ताल शुरू की गई तो बांग्लादेश के अखबार प्रोथोम आलो की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 18 दिसंबर, 2025 को पब्लिश की गई थी। यह घटना पिछले सप्ताह की शुरुआत में बांग्लादेश के चटगांव में हुई थी। घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है, लेकिन रिपोर्ट में बांग्लादेशी पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यह घटना चटगांव के सीआरबी इलाके में स्थित विजय मेला में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने कहा, “घटना के बाद दो महिलाएं चौकी पर आईं और मौखिक शिकायत दर्ज कराई। बाद में वहां कोई नहीं मिला। उस दिन कई दुकानों पर झगड़ा हुआ था, जहां लोगों की भीड़ थी।”</p>
<h3><strong>फैक्ट चेक का नतीजा</strong></h3>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो सही है, लेकिन यह बिहार का नहीं है। वीडियो बांग्लादेश का है और घटना हाल फिलहाल की है, जो एक मेले में हुई थी। इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह से फर्जी है। बिहार में किसी भी मुस्लिम महिला के साथ मारपीट या हिजाब उतारने की कोई घटना नहीं हुई है।</p>
<p>यह भी पढ़ें-</p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-pm-modi-demand-nitish-kumar-resignation-hijab-controversy-know-viral-video-reality-2025-12-25-1185712">Fact Check: मुस्लिम महिला का हिजाब खींचने पर PM मोदी ने नीतीश कुमार से मांग लिया इस्तीफा? जानें वायरल वीडियो की सच्चाई</a></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/fact-check/video-of-biryani-being-made-using-drain-water-goes-viral-know-truth-of-claim-2025-12-23-1185379">Fact Check: नाले के पानी से बिरयानी बनाने का वीडियो वायरल, जानें दावे की सच्चाई</a></p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-bihar-muslim-women-hijabs-stripped-beaten-with-chairs-bangladesh-video-shared-with-false-claim-2025-12-26-1185898     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/fact-check/fact-check-bihar-muslim-women-hijabs-stripped-beaten-with-chairs-bangladesh-video-shared-with-false-claim-2025-12-26-1185898 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 13:37:15 +0530</pubDate>     </item></channel></rss>