<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"><channel><atom:link href="http://api.indiatvnews.com/v3/hi/7fd9f0e714a11805d00bb64c9d8ca3bc/rssfeed/category/93/news" rel="self" type="application/rss+xml"/><title>Health News in Hindi: Disease, Nutrition &amp; Home Remedies</title><link>https://www.indiatv.in/health</link><description>Health News Hindi: Read about the Daily Health Tips, Disease Symptoms, Nutrition &amp; Home Remedies in Hindi for Mens, Womens &amp; Kids Health Problems at India TV Hindi</description><item>    <title>    <![CDATA[     डायबिटीज के मरीज अमरूद खाते समय न करें ये 2 गलतियां, एक्सपर्ट ने बताया क्यों है जानना ज़रूरी?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमरूद सेहत के लिए फायदेमंद फल माना जाता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को इसे खाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। चलिए जानते हैं क्या? 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-22t184301-1792674805.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डायबिटीज में अमरूद खाने के फायदे]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-22t184301-1792674805.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-22t184301-1792674805.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डायबिटीज में अमरूद खाने के फायदे
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमरूद एक ऐसा फल है जो पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। खासकर, इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है (12 से 24 के बीच) जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देता है, इसलिए यह फल डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फल अमृत समान है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। लेकिन क्या आप इसे खाने का सही तरीका जानते हैं? वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट <a href="https://linkedin.com/in/leema09/?isSelfProfile=false" target="_blank">लीमा महाजन</a> अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर बता रही हैं कि डायबिटीज के मरीज जब भी अमरूद खाएं तो उन्हें कौन सी दो गलतियों को करने से बचना चाहिए?</p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/health/how-to-eat-guava-leaf-to-control-diabetes-guava-leaves-tea-for-diabetics-2024-07-04-1057682" target="_blank">डायबिटीज में क्या है अमरूद खाने का सही तरीका?</a></p>

<ul>
	<li>
	<p><strong>पके हुए अमरूद को छीलकर न खाना: </strong>लीमा महाजन के मुताबिक, कई बार डायबिटीज के मरीजों को जानकारी नहीं होती और वो पके हुए अमरूद को बिना छिले ही खा लेते हैं। ऐसा करने से आपका ब्लड शुगर बढ़ सकता है क्योंकि कच्चे अमरूद की तुलना में पके हुए अमरूद के छिलके में काफी मात्रा में शुगर होता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>अमरूद के साथ लगीं पत्तियों को फेंक देना</strong>: लीमा महाजन कहती हैं कि अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और अमरूद खाने जा रहे हैं तो उसके साथ लगी पत्तियों को न फेंकें। कई स्टडीज के मुताबिक, अगर आप अमरूद की दस से बारह पत्तियों की चाय दिन में दो बार पीते हैं तो इससे फास्टिंग शुगर और पोस्ट मील शुगर दोनों ही तेजी से कंट्रोल होता है। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि भले ही डायबिटीज के मरीज अमरूद का सेवन कर सकते हैं लेकिन इस बीमारी में कोई भी फल सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। एक दिन में मीडियम आकार का अमरूद खाना आपके लिए पर्याप्त है। </p>
	</li>
</ul>

<h3>अमरूद खाने के अन्य फायदे:</h3>

<ul>
	<li>
	<p><strong>इम्यूनिटी करता है बूस्ट:</strong> अमरूद में संतरे से भी ज्यादा विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स होता है, जो कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में फायदेमंद माना जाता है. </p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>हार्ट हेल्थ:</strong> अमरूद में भरपूर मात्रा में पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉलको कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>त्वचा और बाल:</strong> अमरूद में मौजूद विटामिन सी  और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा पर झुर्रियां, कील-मुंहासों को कम करते हैं और त्वचा में चमक लाते हैं।</p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>isclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><a href="https://www.indiatv.in/health/an-expert-explains-why-women-should-include-dill-leaves-in-their-diet-highlighting-several-excellent-benefits-2026-10-20-1249965" target="_blank" title="एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे"><strong>एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे</strong></a></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/diabetic-patients-should-avoid-these-2-mistakes-when-eating-guava-expert-explains-why-it-is-important-to-know-2026-10-22-1250364     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/diabetic-patients-should-avoid-these-2-mistakes-when-eating-guava-expert-explains-why-it-is-important-to-know-2026-10-22-1250364 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 19:03:13 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     डॉ. सौम्या स्वामीनाथन की चेतावनी, ज़हरीली हवा से रुक रहा बच्चों के फेफड़ों का विकास, सीखने की क्षमता भी हो रही कम     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण और जहरीली हवा के बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर बेहद गंभीर चेतावनी दी है। चलिए जानते हैं उन्होंने क्या कहा है।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-6-1792666679.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डॉ. सौम्या स्वामीनाथन की चेतावनी, ज़हरीली हवा से रुक रहा बच्चों के फेफड़ों का विकास]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : ANI]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-6-1792666679.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-6-1792666679.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डॉ. सौम्या स्वामीनाथन की चेतावनी, ज़हरीली हवा से रुक रहा बच्चों के फेफड़ों का विकास
                      <span class="copyright">Image Source : ANI</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक और एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन की चेयरपर्सन, डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने चेतावनी दी है कि उत्तर भारत में बढ़ता प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है, खासकर शिशुओं और बच्चों के लिए। बच्चों पर वायु प्रदूषण के असर के बारे में बात करते हुए, डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि बच्चों के विकसित हो रहे फेफड़े, दिमाग, दिल और ब्लड वेसल्स उन्हें प्रदूषित हवा के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाती हैं।</p>
<h3><strong>WHO की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक की चेतावनी</strong></h3>
<p>उन्होंने कहा, "पूरे उत्तर भारत में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्थिति तक पहुंच गया है, जिसका असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। छोटे बच्चे और शिशु इसके प्रति अधिक संवेदनशील हैं, क्योंकि उनके फेफड़े, दिमाग, दिल और ब्लड वेसल्स अभी भी विकसित हो रही हैं। वायु प्रदूषण उनके फेफड़ों के विकास को रोक रहा है और सीखने की क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है। पार्टिकुलेट मैटर (PM) के संपर्क में आने की गंभीरता को रेखांकित करते हुए स्वामीनाथन ने आगे कहा, 24 घंटों के दौरान 22 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की मात्रा में PM सांस के जरिए अंदर जाना, एक सिगरेट पीने के बराबर माना जाता है।</p>
<p>उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब गुरुवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी रही। सरकारी AQI डैशबोर्ड के अनुसार, सुबह 10:31 बजे यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 299 दर्ज किया गया। वहीं, हवा की गुणवत्ता पर नज़र रखने वाले निजी प्लेटफॉर्म IQAir ने सुबह 9:30 बजे AQI 242 दर्ज किया। राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी अधिक बना रहा। पटपड़गंज में AQI 298, ITO में 280, डिफेंस कॉलोनी में 261, आनंद विहार और अक्षरधाम में 237-237, रोहिणी में 226, शाहदरा में 225 और देवली में 203 दर्ज किया गया।</p>
<h3><strong>दिल्ली में लागू हुआ ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान</strong></h3>
<p>हवा की गुणवत्ता खराब होने के बीच, 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) ने दिल्ली-NCR में तत्काल प्रभाव से 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (GRAP) के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली का दैनिक औसत AQI 20 अक्टूबर को 179 था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बढ़कर 244 हो गया। इसके चलते अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पहला चरण लागू करना पड़ा। CAQM ने बताया कि यह फैसला वायु गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा और भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमानों के आधार पर लिया गया है। इन पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में दिल्ली का AQI 'खराब' (poor) श्रेणी में रहने की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वर्गीकरण के अनुसार, 201 से 300 के बीच का AQI 'खराब' श्रेणी में आता है, जबकि 301 से 400 के बीच की रीडिंग को 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया है। इस बीच, लखनऊ में अधिकारियों ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं, जिसके तहत नगर निगम प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव कर रहा है। CPCB के अनुसार, शहर के लालबाग इलाके में AQI 223 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/sea-buckthorn-superfood-pm-modi-also-consumes-it-know-its-benefits-and-vitamin-content-2026-10-22-1250261" target="_blank" title="सी बकथॉर्न सुपरफूड, पीएम मोदी भी करते हैं इसका सेवन, जानें फायदे और विटामिन">सी बकथॉर्न सुपरफूड, पीएम मोदी भी करते हैं इसका सेवन, जानें फायदे और विटामिन</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/dr-soumya-swaminathan-warns-that-toxic-air-is-stunting-lung-development-in-children-while-also-impairing-their-memory-and-learning-capacity-2026-10-22-1250329     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/dr-soumya-swaminathan-warns-that-toxic-air-is-stunting-lung-development-in-children-while-also-impairing-their-memory-and-learning-capacity-2026-10-22-1250329 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:28:17 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     सी बकथॉर्न सुपरफूड, पीएम मोदी भी करते हैं इसका सेवन, जानें फायदे और विटामिन     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सेहतमंद रहना है तो डाइट में सी बकथॉर्न सुपरफूड को शामिल कर लें। प्रधानमंत्री मोदी भी इसके फायदों का जिक्र कर चुके हैं। ये हिमालय में पाई जाने वाली एक पीले रंग के बेरीज होती हैं जो 200 से अधिक पोषक तत्वों का भंडार हैं। जान लें सी बकथॉर्न के फायदे और विटामिन।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/sea-buckthorn-benefit-22-10-2026-1792647527.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सी बकथॉर्न सुपरफूड]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/sea-buckthorn-benefit-22-10-2026-1792647527.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/sea-buckthorn-benefit-22-10-2026-1792647527.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सी बकथॉर्न सुपरफूड
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सी बकथॉर्न (Hippophae rhamnoides) एक खास औषधीय पौधा है, जो अपने पोषक तत्वों और सेहत को फायदा पहुंचाने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। यह एक झाड़ी जैसा छोटा पेड़ होता है, जो एलैग्नेसी (Elaeagnaceae) फैमिली का प्लांट है। सी बकथॉर्न में कई तरह के पोषक तत्व और बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं। इनमें विटामिन, कैरोटिनॉयड्स, पॉलीफेनॉल्स, फैटी एसिड और फाइटोस्टेरॉल शामिल हैं। ये तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में अलग-अलग तरीकों से मदद कर सकते हैं।</p>
<p><a href="https://pmc.ncbi.nlm.nih.gov/articles/PMC9763470/" target="_blank">नेशनल लाइब्रेरी मेडिसिन</a> के रिसर्च के मुताबिक, सी बकथॉर्न में एंटीऑक्सीडेंट, सूजन कम करने और हानिकारक सूक्ष्मजीवों से लड़ने वाले गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा, इस पौधे में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने, मोटापे से बचाव, त्वचा की सेहत सुधारने और लिवर और दिमाग को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। कुछ अध्ययनों में इसके कैंसर और वायरल संक्रमण से जुड़े संभावित फायदों पर भी शोध किया गया है। हालांकि, इन सभी फायदों के लिए अभी और रिसर्च किए जा रहे हैं।</p>
<h3><strong>सी बकथॉर्न में 200 से ज्यादा पोषक तत्व</strong></h3>
<p>सी बकथॉर्न में लगभग 200 तरह के पोषक तत्व और बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें विटामिन C एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। इसके अलावा, इसमें कैरोटिनॉयड्स और पॉलीफेनॉल्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। खासतौर पर फेनोलिक एसिड और फ्लेवोनॉयड्स इसके प्रमुख तत्व हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। सी बकथॉर्न में फैटी एसिड, फाइटोस्टेरॉल, ऑर्गेनिक एसिड, अमीनो एसिड और मिनरल्स भी मौजूद होते हैं। ये सभी पोषक तत्व इसकी पौष्टिकता और सेहत से जुड़े फायदे पहुंचाने में अहम हैं।</p>
<h3><strong>सी बकथॉर्न में पोषक तत्व</strong></h3>
<p><strong>विटामिन और मिनरल्स-</strong> सी बकथॉर्न विटामिन C का अच्छा स्रोत है। इसमें विटामिन A, E, B6, B12 और नियासिन के साथ कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं।</p>
<p><strong>कार्बोहाइड्रेट- </strong>इसमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और अन्य शुगर मौजूद होती हैं। ग्लूकोज इसकी प्रमुख शुगर है।</p>
<p><strong>ऑर्गेनिक एसिड- </strong>सी बकथॉर्न में साइट्रिक एसिड, मैलिक एसिड, टार्टरिक एसिड और सक्सिनिक एसिड जैसे कई कार्बनिक अम्ल पाए जाते हैं।</p>
<p><strong>अमीनो एसिड- </strong>इसमें 17 तरह के अमीनो एसिड पाए गए हैं, जिनमें 7 जरूरी अमीनो एसिड शामिल हैं। ये शरीर में प्रोटीन बनाने और सामान्य शारीरिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं।</p>
<h3><strong>सी बकथॉर्न के बायोएक्टिव कंपाउंड</strong></h3>
<p><strong>कैरोटिनॉयड्स-</strong> ये सी बकथॉर्न को नारंगी-पीला रंग देते हैं। इनमें बीटा-कैरोटीन प्रमुख है, जो शरीर में विटामिन A बनाने में मदद करता है। ल्यूटिन और जियाजैंथिन आंखों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण हैं।</p>
<p><strong>पॉलीफेनॉल्स- </strong>ये एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले कंपाउंड हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।</p>
<p><strong>फ्लेवोनॉयड्स-</strong> ये पॉलीफेनॉल्स का एक समूह हैं। इन पर डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों के जोखिम से जुड़े संभावित फायदों को लेकर शोध किया गया है।</p>
<h3><strong>सी बकथॉर्न के फायदे </strong></h3>
<ol><li><strong>एंटीऑक्सीडेंट गुण-</strong> कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।</li>
<li><strong>सूजन कम करने में मदद- </strong>इसमें मौजूद कुछ कंपाउंड में सूजन कम करने वाले गुण पाए गए हैं।</li>
<li><strong>हृदय स्वास्थ्य- </strong>कुछ तत्व कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी जोखिमों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।</li>
<li><strong>त्वचा की देखभाल- </strong>त्वचा की नमी और उसकी सुरक्षा बनाए रखने में मदद कर सकता है।</li>
<li><strong>लिवर और मस्तिष्क की सुरक्षा- </strong>शुरुआती शोध में इसके संभावित सुरक्षात्मक प्रभावों का अध्ययन किया गया है।</li>
<li><strong>संक्रमण से लड़ने की क्षमता-</strong> इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीवायरल गुणों की संभावना भी देखी गई है।</li>
</ol><p>हालांकि सी बकथॉर्न में पोषक तत्वों और बायोएक्टिव कंपाउंड की मात्रा उसकी किस्म, फल के पकने, मौसम, उगाने की जगह और प्रोसेसिंग के तरीके के अनुसार बदल सकती है।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>
<p><a href="https://www.indiatv.in/health/only-walk-is-not-enough-diabetes-patients-should-definitely-practice-lymphatic-stimulation-how-to-improve-lymphatic-circulation-2026-10-21-1250070" target="_blank" title="वॉक ही काफी नहीं है, डायबिटीज के मरीज को जरूर करनी चाहिए लिम्फिंग, लिम्फैटिक सर्कुलेशन कैसे करें">वॉक ही काफी नहीं है, डायबिटीज के मरीज को जरूर करनी चाहिए लिम्फिंग, लिम्फैटिक सर्कुलेशन कैसे करें</a></p>
</td>
</tr></tbody></table><p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/sea-buckthorn-superfood-pm-modi-also-consumes-it-know-its-benefits-and-vitamin-content-2026-10-22-1250261     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/sea-buckthorn-superfood-pm-modi-also-consumes-it-know-its-benefits-and-vitamin-content-2026-10-22-1250261 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 11:09:06 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     क्या बच्चों को भी हो सकता है गठिया? जानें जुवेनिइल आर्थराइटिस के लक्षण     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ गठिया केवल वयस्कों या बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि बच्चों को भी हो सकता है। लेकिन सवाल ये है कि इसके लक्षण क्या होते हैं और कारण क्या है। यहां जान लें। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-4-1792603576.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[क्या बच्चों को भी हो सकता है गठिया? जानें जुवेनिइल आर्थराइटिस के लक्षण]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-4-1792603576.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-4-1792603576.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      क्या बच्चों को भी हो सकता है गठिया? जानें जुवेनिइल आर्थराइटिस के लक्षण
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
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                  </figure><p>गठिया यानी आर्थराइटिस को आमतौर पर बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन यह बच्चों को भी प्रभावित कर सकती है। बच्चों में होने वाले गठिया के सबसे प्रमुख प्रकारों में से एक है जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस जो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में होने वाला एक प्रकार है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों में सूजन पैदा करने लगती है, जिससे दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-bimlesh-dhar-pandey-709" target="_blank">डॉ. बिमलेश धर पांडे, निदेशक, रूमेटोलॉजी, फोर्टिस, नोएडा</a></strong> बता रहे हैं इसके लक्षण। </p>
<p><strong>बच्चों में गठिया के लक्षण क्या हैं</strong><br />
बच्चों में गठिया के लक्षण अक्सर सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। यदि किसी बच्चे को सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न, घुटनों या टखनों में सूजन, लगातार दर्द, लंगड़ाकर चलना या हाथ-पैर हिलाने में परेशानी हो रही है, तो इन लक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। छोटे बच्चे हमेशा अपने दर्द को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाते। ऐसे में माता-पिता को बच्चे की एक्टिविटी में बदलाव, खेलने में रुचि कम होने या बार-बार गोद में उठाए जाने की मांग जैसे संकेतों पर भी ध्यान देना चाहिए।</p>
<p><strong>बच्चों में गठिया के कारण</strong><br />
बच्चों में गठिया का कोई एक निश्चित कारण नहीं है। जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस में आनुवंशिक और प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़े कारक भूमिका निभा सकते हैं। यह जरूरी नहीं कि बच्चे को गठिया केवल परिवार में किसी सदस्य को यह बीमारी होने के कारण ही हो। समय पर पहचान और उपचार बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि जोड़ों में सूजन या अकड़न लंबे समय तक बनी रहती है, तो बाल रोग विशेषज्ञ या पीडियाट्रिक रूमेटोलॉजिस्ट से संपर्क करना जरूरी है। बचाव के लिए बच्चे के लक्षणों, शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट तथा इमेजिंग की मदद ली जाती है। इसके उपचार में दवाएं, फिजियोथेरेपी और नियमित निगरानी शामिल हो सकती हैं। सही समय पर उपचार से सूजन को नियंत्रित करने, जोड़ों को नुकसान से बचाने और बच्चे की सामान्य वृद्धि एवं गतिविधियों को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। बच्चों में लगातार जोड़ों के दर्द को केवल बढ़ती उम्र या खेलकूद का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/drink-these-to-keep-your-liver-healthy-and-strong-they-can-help-flush-toxins-out-of-your-body-2026-10-21-1250156" target="_blank" title="लिवर को हेल्दी और मजबूत रखने के लिए पिएं ये ड्रिंक्स, शरीर से टॉक्सिन निकालने में कर सकती हैं मदद">लिवर को हेल्दी और मजबूत रखने के लिए पिएं ये ड्रिंक्स, शरीर से टॉक्सिन निकालने में कर सकती हैं मदद</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/can-children-also-develop-arthritis-learn-about-the-symptoms-of-juvenile-arthritis-2026-10-21-1250193     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/can-children-also-develop-arthritis-learn-about-the-symptoms-of-juvenile-arthritis-2026-10-21-1250193 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 22:56:57 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     लिवर को हेल्दी और मजबूत रखने के लिए पिएं ये ड्रिंक्स, शरीर से टॉक्सिन निकालने में कर सकती हैं मदद     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आप भी अपने लिवर को डिटॉक्स कर हेल्दी रखना चाहते हैं तो अपनी डाइट रूटीन में इन ड्रिंक्स को ज़रूर शामिल करें। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-21t191730-1792590472.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[लिवर को हेल्दी रखने वाली ड्रिंक्स]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC/ UNSPLASH ]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-21t191730-1792590472.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-21t191730-1792590472.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      लिवर को हेल्दी रखने वाली ड्रिंक्स
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC/ UNSPLASH </span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आपके लिवर को किसी 'डिटॉक्स' की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन कुछ पेय पदार्थों में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और ऐसे प्लांट कंपाउंड होते हैं, जो फैटी लिवर, लिवर के कामकाज को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। डबल बोर्ड-सर्टिफाइड फिजिशियन और इंटरनल मेडिसिन और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एक्सपर्ट <a href="https://brainhealthrevolutionsummit.com/speaker/joseph-salhab-do/" target="_blank">डॉ. जोसेफ सलहब</a> ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर यह बताया है कि <a href="https://www.indiatv.in/gallery/health-what-to-drink-to-clean-liver-2025-10-03-1166679" target="_blank">हेल्दी लिवर के लिए आप किन ड्रिंक्स का सेवन कर सकते हैं।</a></p>

<h3>ये ड्रिंक्स लिवर के लिए हैं फायदेमंद </h3>

<ul>
	<li>
	<p><strong>चिया सीड्स ड्रिंक:</strong> 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स को लगभग पानी में मिलाएं और रातभर भिगोकर रख दें। सुबह इसमें नींबू मिलाएं और सेवन करें। चिया से फाइबर मिलता है, जो आंतों के गुड़ बैक्टीरिया को पोषण देता है। नींबू से विटामिन C मिलता है, जो कोलेजन बनाने और ऊतकों की मरम्मत में मदद करता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>ब्लूबेरी केफिर स्मूदी: </strong>ब्लूबेरी में एंथोसायनिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जबकि केफिर से प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स मिलते हैं। ये आंतों के माइक्रोबायोम और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाने में मददगार हो सकते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>अनार और अदरक का जूस:</strong> अनार में भरपूर मात्रा में पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। वहीं, अदरक में जिंजरोल्स होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>कॉफी और कोको: </strong>लिवर की सेहत के लिए कॉफी पर सबसे ज़्यादा रिसर्च हुई है। इसे पीने से लिवर फाइब्रोसिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर का ख़तरा कम हो सकता है। कोको मिलाने से इसमें एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फ्लेवेनॉल्स जुड़ जाते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>तरबूज और अदरक का जूस:</strong> तरबूज में लाइकोपीन, विटामिन C और काफी मात्रा में पानी होता है। वहीं, अदरक में ऐसे प्लांट कंपाउंड होते हैं जो मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>शहद के साथ ग्रीन टी</strong>: ग्रीन टी में EGCG जैसे कैटेचिन होते हैं। फैटी लिवर की बीमारी में इनके संभावित फायदों पर काफी रिसर्च हुई है। स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद मिला लें।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>पुदीने के साथ ब्लैक टी:</strong> ब्लैक टी में थियाफ्लेविन्स और अन्य पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं। वहीं, पुदीना बिना अतिरिक्त चीनी के इसमें बढ़िया स्वाद जोड़ देता है।</p>
	</li>
</ul>

<p>इन ड्रिंक्स को आप लिवर के लिए फायदेमंद डाइट में शामिल कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि चीनी का सेवन कम रखें, साबुत और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों पर ध्यान दें, नियमित व्यायाम करें और अपनी मेटाबॉलिक हेल्थ को अच्छा बनाए रखें।</p>

<p><blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://instagram.com/p/DepEBmPNUcd/" data-instgrm-version="12" style="background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:500px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"></blockquote></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><a href="https://www.indiatv.in/health/an-expert-explains-why-women-should-include-dill-leaves-in-their-diet-highlighting-several-excellent-benefits-2026-10-20-1249965" target="_blank" title="एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे"><strong>एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे</strong></a></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/drink-these-to-keep-your-liver-healthy-and-strong-they-can-help-flush-toxins-out-of-your-body-2026-10-21-1250156     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/drink-these-to-keep-your-liver-healthy-and-strong-they-can-help-flush-toxins-out-of-your-body-2026-10-21-1250156 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 19:23:45 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     बार बार आता है मिर्गी का दौरा, इसे कैसे कंट्रोल करें, डॉक्टर ने बताया      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बार-बार मिर्गी का दौरा आना एक ऐसी स्थिति है जिसमें डॉक्टर की सलाह, नियमित दवा और लाइपस्टाइल में कुछ खास सावधानियों को बरतने की जरूरत होती है। न्यूरोलॉजिस्ट बता रहे हैं इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-1-1792589119.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[बार बार आता है मिर्गी का दौरा, इसे कैसे कंट्रोल करें, डॉक्टर ने बताया ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-1-1792589119.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-1-1792589119.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      बार बार आता है मिर्गी का दौरा, इसे कैसे कंट्रोल करें, डॉक्टर ने बताया 
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी में असामान्य बदलाव के कारण बार बार दौरे पड़ सकते हैं। दौरे के दौरान व्यक्ति कुछ समय के लिए बेहोश हो सकता है, शरीर में अकड़न आ सकती है या हाथ पैरों में झटके लग सकते हैं। कुछ मामलों में व्यक्ति कुछ देर के लिए आसपास की गतिविधियों से अनजान हो जाता है। मिर्गी को लेकर जागरूकता की कमी के कारण कई बार मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में लोग इसके इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-nishant-yagnick-12056" target="_blank">डॉक्टर निशांत याग्निक, वरिष्ठ सलाहकार न्यूरो सर्जरी, फोर्टिस मानेसर</a></strong> ने बताया है कि मिर्गी के दौरे को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है और ये क्यों आता है। </p>
<p><strong>क्यों आता है बार बार मिर्गी का दौरा</strong><br />
बार बार दौरे पड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। दवाएं नियमित रूप से न लेना, पर्याप्त नींद की कमी, शराब का सेवन और कुछ मरीजों में तेज चमकती रोशनी जैसे कारक दौरे को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, हर मरीज में दौरे के कारण और उन्हें बढ़ाने वाले कारक अलग हो सकते हैं। यदि दवा लेने के बावजूद दौरे आते रहते हैं, तो न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना जरूरी है। दवा की खुराक में बदलाव या दूसरी दवा की जरूरत का निर्णय मेडिकल जांच के आधार पर किया जाता है।</p>
<p>यदि किसी को दौरा पड़ता है तो उसे सुरक्षित स्थिति में रखना होगा कुछ नरम चीज़ें उसके सिर के नीचे रखी जानी चाहिए और उसके शरीर से सभी कठोर चीज़ें हटा दी जानी चाहिए। ऐसी स्थिती में किसी को भी बलपूर्वक मरीज़ को पकड़ना नहीं चाहिए ना ही उसके मुंह में चम्मच या उंगलियां डालनी चाहिए। पानी और दवाएं बलपूर्वक मरीज़ को नहीं दी जानी चाहिए। यदि दौरा पड़ने के बाद मरीज़ बेहोश नहीं होता है या दौरे लगातार हो रहे हैं या दौरा 5 मिनट से ज़्यादा लंबा चल रहा है या सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है या मरीज़ के लिए यह पहला दौरा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। </p>
<p><strong>क्या मिर्गी का इलाज संभव है? </strong><br />
पिटार्क का इलाज किया जा सकता है और वास्तव में अधिकतर लोगों को अपने पिटार्क को सही दवाओं के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ मामलों में जब दवा लेने के बाद भी बहुत सुधार नहीं होता है तो सर्जिकल विधियों जैसे दूसरे उपायों का विचार किया जा सकता है। सही दवाएं, अच्छी नींद और दूसरी मेडिकल सहायता से जोखिमों से बचा जा सकता है। मिर्गी का इलाज संभव है और उचित दवाओं से अधिकांश मरीजों में दौरे नियंत्रित किए जा सकते हैं। कुछ मरीजों में दवाओं से पर्याप्त लाभ न मिलने पर विशेष जांच के बाद सर्जरी या अन्य ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है। नियमित दवा, पर्याप्त नींद और मेडिकल निगरानी से जटिलताओं का जोखिम कम किया जा सकता है। समय पर उपचार और लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसे ठीक करने में मदद मिल सकती है। </p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/how-healthy-is-it-to-add-ghee-lemon-or-cinnamon-to-black-coffee-doctor-rates-whats-beneficial-and-what-could-be-harmful-2026-10-21-1250073" target="_blank" title="ब्लैक कॉफी में घी, नींबू या दालचीनी मिलाना है कितना सही? डॉक्टर ने रेटिंग देकर बताया क्या है फायदेमंद और क्या नुकसानदायक?">ब्लैक कॉफी में घी, नींबू या दालचीनी मिलाना है कितना सही? डॉक्टर ने रेटिंग देकर बताया क्या है फायदेमंद और क्या नुकसानदायक?</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/epileptic-seizures-keep-recurring-how-can-they-be-controlled-a-doctor-explains-2026-10-21-1250150     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/epileptic-seizures-keep-recurring-how-can-they-be-controlled-a-doctor-explains-2026-10-21-1250150 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 18:55:35 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ब्लैक कॉफी में घी नींबू या दालचीनी मिलाना है कितना सही? डॉक्टर ने बताया क्या है फायदेमंद और क्या नुकसानदायक?      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आजकल ब्लैक कॉफ़ी के साथ कई कॉम्बिनेशन का सेवन करते हैं, ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि कौन सा है ज़्यादा फायदेमंद है और कौन सा नुकसानदायक?

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-21t124345-1792566846.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[ब्लैक कॉफी]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-21t124345-1792566846.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-21t124345-1792566846.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      ब्लैक कॉफी
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>ब्लैक कॉफी ड्रिंक सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। आजकल लोग ज़्यादा बेनिफिट्स के लिए उसमें घी या नीम्बू मिलाकर सेवन करते हैं। लेकिन क्या वाकई इन चीजों का कॉम्बिनेशन शरीर को ज़्यादा फायदा देता है? <a href="https://drshubhamvatsya.com/" target="_blank">डॉक्टर शुभम वत्स</a> रेटिंग देकर बता रहे हैं कि <a href="https://www.indiatv.in/health/why-to-drink-a-cup-of-black-coffee-amazing-health-benefits-2026-02-21-1199477" target="_blank">ब्लैक कॉफी पीने के फायदे </a>साथ ही कौन सा कॉम्बिनेशन है ज़्यादा लाभकारी है और कौन सा हानिकारक?</p>

<h3>ब्लैक कॉफी के साथ कौन सा कॉम्बिनेशन है फायदेमंद और कौन सा नुकसानदायक? </h3>

<ul>
	<li>
	<p>ब्लैक कॉफी: डॉक्टर शुभम वत्स कहते हैं कि सिर्फ ब्लैक कॉफी ड्रिंक सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है I अगर आप इसमें चीनी और दूध नहीं मिलाते हैं तो कई फायदे मिल सकते हैं। यह ड्रिंक मेटाबॉलिज़्म को फ़ास्ट करती है जिससे वजन कंट्रोल करना आसान होता है साथ ही लिवर भी हेल्दी होता है। डॉक्टर ने इसे दस में दस नंबर दिए हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p>ब्लैक कॉफी के साथ शुगर: डॉक्टर शुभम वत्स के मुताबिक़, ब्लैक कॉफी में चीनी मिलाने से इसके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। चीनी की वजह से ब्लड शुगर और मोटापा बढ़ सकता है। उन्होंने इस ड्रिंक को दस में से चार नंबर दिया है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>ब्लैक कॉफी के साथ दूध: डॉक्टर शुभम वत्स कहते हैं कि अगर आप ब्लैक कॉफी में दूध मिलाकर पीते हैं तो इससे आपको प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। लेकिन अगर आप लैक्टोज इन्टॉलरेंट हैं तो यह नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टर ने इसे दस में आठ नंबर पर रखा है</p>
	</li>
	<li>
	<p>ब्लैक कॉफी के साथ घी: ब्लैक कॉफी में घी मिलाकर पीने से कुछ ख़ास फायदा नहीं होता है। सोशल मीडिया पर इस बुलेट कॉफी कॉम्बिनेशन का खूब क्रेज है लेकिन यह सिर्फ कॉफी को क्रीमी बनाता है उससे ज़्यादा कुछ नहीं। डॉक्टर ने इसे दस में से छह नंबर दिए हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p>ब्लैक कॉफी के साथ दालचीनी: ब्लैक कॉफी के साथ दालचीनी मिलाकर पीने से सेहत को खूब फायदे मिल सकते हैं। हालांकि, यह मेटाबॉलिज़्म को तेज करता है लेकिन इसे फैट बर्नर ड्रिंक समझने की भूल नहीं करना चाहिए। डॉक्टर ने इसे दस में से नौ नंबर दिए हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p>ब्लैक कॉफी के साथ नींबू: ब्लैक कॉफी के साथ नींबू का रस मिलाकर पीना भी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे एंटी ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी मिल सकता है। लेकिन अगर आपको एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत है तो आपके लिए यह कॉम्बिनेशन हानिकारक हो सकता है। डॉक्टर ने इसे दस में से आठ नंबर दिया है</p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><a href="https://www.indiatv.in/health/an-expert-explains-why-women-should-include-dill-leaves-in-their-diet-highlighting-several-excellent-benefits-2026-10-20-1249965" target="_blank" title="एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे"><strong>एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे</strong></a></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/how-healthy-is-it-to-add-ghee-lemon-or-cinnamon-to-black-coffee-doctor-rates-whats-beneficial-and-what-could-be-harmful-2026-10-21-1250073     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/how-healthy-is-it-to-add-ghee-lemon-or-cinnamon-to-black-coffee-doctor-rates-whats-beneficial-and-what-could-be-harmful-2026-10-21-1250073 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 13:14:56 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     वॉक ही काफी नहीं है, डायबिटीज के मरीज को जरूर करनी चाहिए लिम्फिंग, लिम्फैटिक सर्कुलेशन कैसे करें     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आप रोजाना सिर्फ वॉक करते हैं तो ये काफी नहीं है, इससे लोवर बॉडी की एक्सरसाइज तो हो जाती है लेकिन शरीर के ऊपरी हिस्से का ब्लड सर्कुलेशन अच्छा नहीं हो पाता है। इसलिए लिम्फिंग को जरूरी माना जाता है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/lymphatic-circulation-21-10-2026-1792567647.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[लिम्फैटिक सर्कुलेशन]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/lymphatic-circulation-21-10-2026-1792567647.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/lymphatic-circulation-21-10-2026-1792567647.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      लिम्फैटिक सर्कुलेशन
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अगर आप सिर्फ वॉक करते हैं तो ये काफी नहीं है। आपको वॉक के अलावा अपने लिम्फैटिक सर्कुलेशन में सुधार पर भी ध्यान देना चाहिए, जिसे लसीका प्रवाह (लिम्फिंग) के नाम से जाना जाता है। नॉर्मल सर्कुलेशन में ज्यादातर खून हार्ट तक पहुंच जाता है, लेकिन दस प्रतिशत खून शरीर के ऊपरी भाग और धड़ में ही रह जाता है, जिससे हानिकारक सूजन और इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ जाता है। इस रुके हुए खून या लिक्विड को निकालने और इंसुलिन के स्तर को कम करने के लिए लिम्फैटिक सर्कुलेशन जरूरी है। </p>
<h3><strong>सिर्फ वॉक ही काफी नहीं है, करें लिम्फैटिक सर्कुलेशन</strong></h3>
<p><a href="https://www.freedomfromdiabetes.org/about-us" target="_blank">डॉक्टर प्रमोद त्रिपाठी</a> के मुताबिक,  'लिम्फिंग' का मतलब है लिम्फैटिक सर्कुलेशन (लसीका परिसंचरण) को एक्टिव करना। एक डायबिटिक को इसे एक्टिव रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि हार्ट से आर्टरीज प्योर ब्लड को शरीर के अंगों तक ले जाती हैं और वेन्स उसे वापस लाती हैं। लेकिन वेन्स केवल 90% खून ही वापस ला पाती हैं। बाकी 10% खून गर्दन के आसपास, बगल में, पीठ और धड़ के हिस्सों में फंसा रह जाता है। ज्यादातर डायबिटिक लोगों का धड़ बड़ा होता है। अगर आप सिर्फ पैदल चलते हैं, तो आप अपने शरीर के निचले हिस्से को ही सक्रिय कर रहे होते हैं। लेकिन अगर आप अपने धड़ वाले हिस्से को सिकोड़ते या हिलाते हैं, तो वहां फंसा हुआ 10% खून आगे बढ़ने लगता है। यह फंसा हुआ खून शरीर में सूजन पैदा करता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है। इसलिए इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करके इंसुलिन के स्तर को घटाने के लिए 'लिम्फिंग' बहुत जरूरी है। </p>
<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>
<h3><strong>मालिश, वॉर्मअप और <a href="https://www.indiatv.in/gallery/lifestyle-what-are-the-benefits-of-practicing-surya-namaskar-2026-07-28-1233986" target="_blank" title="सूर्य नमस्कार करने से कौन से फायदे मिलते हैं?">सूर्य नमस्कार से मिलेगा फायदा</a></strong></h3>
<p>अब सवाल यह है कि लिम्फैटिक सर्कुलेशन को कैसे सक्रिय करें, जिससे ब्लड वापस हार्ट तक पहुंच सके, फिल्टर हो सके और बेहतर तरीके से पूरे शरीर में घूम सके। इसके लिए आप तीन चीजें कर सकते हैं। पहली है मसाज। हर हफ्ते पूरे शरीर की तेल मालिश करवाएं। ये बहुत आरामदायक है और आपकी उम्र भी बढ़ा सकती है। दूसरी चीज है- वार्म-अप और एक्सरसाइज शुरू करना, तीसरी चीज है- 'चेयर सूर्य नमस्कार' या खड़े होकर किए जाने वाले 'सूर्य नमस्कार' का अभ्यास करना। </p>
<h3><strong>पीठ को आगे पीछे झुकाने से होगा फायदा</strong></h3>
<p>जब आप अपनी पीठ को आगे-पीछे झुकाते हैं, तो आप अपने शरीर के सबसे गहरे स्तरों पर काम कर रहे होते हैं। इससे आपका लिम्फैटिक सर्कुलेशन सक्रिय हो जाता है। जैसे ही यह सर्कुलेशन बेहतर होता है, शरीर में सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होने लगता है, जिससे डायबिटीज को रिवर्स करने में मदद मिलती है। इसलिए अपनी 'लिम्फिंग' को बेहतर बनाने की कोशिश करें। कम से कम एक दिन छोड़कर ऐसा जरूर करें।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/wake-up-with-sore-throat-and-cold-pollution-could-be-the-cause-consider-consuming-these-things-2026-10-21-1250010" target="_blank" title="सुबह उठते ही गले में खराश और जुकाम की शिकायत रहती है, कोल्ड नहीं प्रदूषण का हो सकता है असर, इन चीजों का करें सेवन">सुबह उठते ही गले में खराश और जुकाम की शिकायत रहती है, कोल्ड नहीं प्रदूषण का हो सकता है असर, इन चीजों का करें सेवन</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table><p>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/only-walk-is-not-enough-diabetes-patients-should-definitely-practice-lymphatic-stimulation-how-to-improve-lymphatic-circulation-2026-10-21-1250070     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/only-walk-is-not-enough-diabetes-patients-should-definitely-practice-lymphatic-stimulation-how-to-improve-lymphatic-circulation-2026-10-21-1250070 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 12:57:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     सुबह उठते ही गले में खराश और जुकाम की शिकायत रहती है, कोल्ड नहीं प्रदूषण का हो सकता है असर, इन चीजों का करें सेवन      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ क्या सुबह उठते ही आपको गले में खराश, हल्की खांसी और छींक आने लगती हैं। ये एलर्जी और सर्दी के अलावा प्रदूषण का भी असर हो सकता है। इस बदलते मौसम में गले और नाक को ठीक रखना है तो अभी से ये उपाय करना शुरू कर दें। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pollution-effects-21-10-2026-1792547869.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सुबह एलर्जी और प्रदूषण का असर]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pollution-effects-21-10-2026-1792547869.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pollution-effects-21-10-2026-1792547869.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सुबह एलर्जी और प्रदूषण का असर
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>इस बार दिवाली से पहले ही सुबह शाम हल्की ठंडक होने लगी है। सर्दी बढ़ते ही मौसम में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगता है। दिल्ली एनसीआर हर साल लोगों को यही मुसीबत झेलनी पड़ती है। लेकिन इस बार नवंबर से पहले ही मौसम बदलने लगा है। जिसकी वजह से लोगों को सुबह हल्की <a href="https://www.indiatv.in/health/what-to-do-when-you-have-a-sore-throat-foods-beneficial-to-consume-for-immediate-relief-2026-04-04-1209135" target="_blank" title="गले में खराश होने पर क्या करना चाहिए, किन चीजों का सेवन करना फायदेमंद, तुरंत मिल सकता है आराम">गले में खराश </a>महसूस होने लगी है। सुबह उठकर हल्के जुकाम की शिकायत रहती है। ये बदलते मौसम और प्रदूषण दोनों का असर है। ऐसे में आपको कुछ चीजों का ख्याल रखना चाहिए।</p>
<p>हवा में छोटे-छोटे कण सांस से लंग्स में, लंग्स से ब्लड में और ब्लड से पूरे शरीर में और फिर सभी अंगों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं। जिसकी वजह से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। प्रदूषण के कारण लंग्स,आंख, ब्रेन पर बुरा असर पड़ता है।</p>
<h3><strong>एलर्जी दूर करने का असरदार उपाय</strong></h3>
<p><a href="https://divyayoga.com/trustees/swami-ramdev-ji/" target="_blank">स्वामी रामदेव</a> ने बताया कि जिन लोगों को एलर्जी की समस्या रहती है। सुबह उठकर गले और नाक में परेशानी महसूस होती है। झींकें आती हैं और गले में खराश लगती है उन्हें एक पाउडर बनाकर रख लेना चाहिए और इसका सेवन पूरी सर्दी करना चाहिए। आपको इसके लिए 100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम कालीमिर्च, 50 ग्राम शक्कर मिलाकर पाउडर बनाना है। इस पाउडर को 1 गिलास दूध में 1 चम्मच डालकर उबाल लें। इस दूध को दिन में कम से कम 1 बार जरूर पी लें।</p>
<h3><strong>कच्ची हल्दी वाला दूध पीएं</strong></h3>
<p>अगर ये नहीं कर सकते तो रोजाना दूध में कच्ची हल्दी पकाकर पीएं। इस दूध में आप थोड़ा शिलाजीत मिला लें। इस दूध को पीने से लंग्स हेल्दी रहेंगे और आप सर्दियों में सेहतमंद रहेंगे। इसके अलावा बेसन की रोटी, मुलेठी और भुना चना जरूर खाएं। </p>
<h3><strong>फेफड़ों को प्रदूषण से बचाने के लिए मुलेठी उबालकर पीएं</strong></h3>
<p>स्वामी रामदेव ने बताया कि प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा फेफड़ों पर होता है। फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए आप श्वासारि क्वाथ पीएं। इसके अलावा मुलेठी उबालकर पी सकते हैं। रोजाना मसाला टी पीने से भी फायदा मिलेगा। </p>
<h3><strong>गले में एलर्जी होने पर नमक के पानी से गरारे करें</strong></h3>
<p>जिन लोगों को गले में एलर्जी की समस्या रहती है वो नमक के पानी से गरारा करें। इसके अलावा बादाम तेल से नस्यम करें। मुलेठी खाने से गले को आराम मिलता है और एलर्जी की समस्या दूर होती है। अलावा सोते वक्त तलवों पर गर्म सरसों का तेल लगाएं इससे आराम मिलेगा। साथ ही नाभि में सरसों का तेल डाल दें। नाक में सरसों का तेल डालने से भी राहत मिलेगी।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/older-generations-have-been-drinking-milk-for-years-why-then-doctors-advise-against-it-know-till-what-age-consume-milk-2026-10-20-1249889" target="_blank" title="बड़े बुजुर्ग सालों से दूध पीते आ रहे हैं, फिर अब दूध पीने को मना क्यों करते हैं डॉक्टर, किस उम्र तक दूध पीना चाहिए?">बड़े बुजुर्ग सालों से दूध पीते आ रहे हैं, फिर अब दूध पीने को मना क्यों करते हैं डॉक्टर, किस उम्र तक दूध पीना चाहिए?</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table><p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/wake-up-with-sore-throat-and-cold-pollution-could-be-the-cause-consider-consuming-these-things-2026-10-21-1250010     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/wake-up-with-sore-throat-and-cold-pollution-could-be-the-cause-consider-consuming-these-things-2026-10-21-1250010 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 07:28:15 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     खाने के बाद आपको भी होती है गैस और ब्लोटिंग? एसिडिटी से राहत के लिए डॉक्टर ने बताए कुछ बेहतरीन नुस्खे     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आपको भी खाना खाने के बाद एसिडिटी, सीने में जलन या डकार की समस्या होती है तो आइए डॉक्टर से जानते हैं कि इससे राहत पाने के लिए कौन-से उपाय अपनाए जा सकते हैं?
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-20-oct-2026-11-51-pm-2151-1792520491.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[खाने के बाद गैस और ब्लोटिंग के उपाय]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-20-oct-2026-11-51-pm-2151-1792520491.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-20-oct-2026-11-51-pm-2151-1792520491.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      खाने के बाद गैस और ब्लोटिंग के उपाय
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>कई बार खाना खाने के बाद पेट में गैस बन जाती है जिससे भारीपन महसूस होने लगता है। यह स्थिति तब और भी खतरनाक हो जाती है जब और गैस के साथ सीने में जलन, खट्टी डकार आने लगे। अगर आपको भी रह रहकर इस समस्या का सामना करना पड़ता है तो यह लेख आपके लिए है। पुणे स्थित इनामदार मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल की इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट और जनरल फिजिशियन <a href="https://www.practo.com/pune/doctor/shalini-nikhil-salunke-general-physician" target="_blank">डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंखे </a>ने अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर बताया है कि <a href="https://www.indiatv.in/health/black-salt-and-ajwain-churna-best-home-remedy-for-gas-acidity-bloating-get-instant-relief-2024-07-11-1059194" target="_blank">किन चीजों का सेवन करने से एसिडिटी और ब्लोटिंग से राहत मिल सकती है</a>? तो चलिए जानते हैं वे कौन सी चीजें हैं?</p>
<h3>गैस और ब्लोटिंग से राहत पाने के लिए आज़माए ये नुस्खे</h3>
<ul><li>
<p>अदरक का पानी: अदरक का पानी पाचन संबंधी परेशानी कम करने में मदद कर सकता है। इसे बनाने के लिए एक कप पानी में अदरक के कुछ टुकड़े डालकर उबालें और गुनगुना होने पर पिएं।</p>
</li>
<li>
<p>सौंफ का पानी: सौंफ का इस्तेमाल पाचन संबंधी समस्याओं में किया जाता है। इसे बनाने के लिए एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबालें, फिर छानकर पिएं।</p>
</li>
<li>
<p>केला: केला फाइबर का अच्छा स्रोत है और इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसमें मौजूद फाइबर मल त्याग को नियमित रखने में मदद करता है।</p>
</li>
<li>
<p>जीरे का पानी: जीरे का पानी कुछ लोगों को पेट के भारीपन में राहत महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसे बनाने के लिए एक कप पानी में आधा चम्मच जीरा डालकर उबालें और छानकर पिएं।</p>
</li>
<li>
<p> कैमोमाइल टी: कैमोमाइल टी एक हर्बल चाय है, जिसे पीने से आराम महसूस हो सकता है। कुछ लोग इसे खाने के बाद होने वाले पेट के भारीपन और पाचन संबंधी परेशानी में आजमाते हैं।</p>
</li>
</ul><p>इसके अलावा गैस और ब्लोटिंग से राहत पाने के लिए धीरे-धीरे खाएं, भोजन के बाद 10–15 मिनट हल्की सैर करें और खाने के तुरंत बाद न लेटें साथ ही रात को 7 बजे से पहले खाना खाएं।</p>
<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>
<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
<div>
<div>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><a href="https://www.indiatv.in/health/an-expert-explains-why-women-should-include-dill-leaves-in-their-diet-highlighting-several-excellent-benefits-2026-10-20-1249965" target="_blank" title="एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे"><strong>एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे</strong></a></p>
</td>
</tr></tbody></table></div>
</div>
</div>
</div>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/do-you-also-experience-gas-and-bloating-after-eating-doctor-shares-some-tips-for-relief-from-acidity-2026-10-20-1249990     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/do-you-also-experience-gas-and-bloating-after-eating-doctor-shares-some-tips-for-relief-from-acidity-2026-10-20-1249990 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 23:58:33 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या नहीं? डॉक्टर ने रैंकिंग देकर बताया कौन-सी चीज है फायदेमंद?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आपका भी फैटी लिवर बढ़ा हुआ है तो ऐसे में अपने खानपान का खासतौर पर ध्यान दें। डॉक्टर बता रहे हैं कि इस समस्या में कौन से फूड्स फायदेमंद है और कौन से हानिकारक     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-20t224156-1792516337.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या नहीं]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-20t224156-1792516337.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-20t224156-1792516337.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैटी लिवर में क्या खाएं और क्या नहीं
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>इन दिनों फैटी लिवर की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह खराब खानपान और बिगड़ी लाइफस्टाइल है। ऐसे में आपका लिवर हेल्दी रहे इसलिए ज़रूरी है कि सबसे पहले अपनी डाइट अच्छी करें। <a href="https://ayurvedicexpert.com/online-consultation-dr-saleem-zaidi/" target="_blank">डॉक्टर सलीम ज़ैदी </a>अलग-अलग फूड्स को रैंकिंग देकर बता रहे हैं कि <a href="https://www.indiatv.in/health/these-juices-can-help-reverse-a-fatty-liver-doctor-explains-which-drinks-are-beneficial-2026-10-15-1249054" target="_blank">फैटी लिवर में कौन से फूड्स फायदेमंद हैं </a>और कौन से नुकसानदायक?</p>

<h3>फैटी लिवर में क्या है फायदेमंद और क्या नुकसानदायक?</h3>

<ul>
	<li>
	<p><strong>पैकेज्ड फ्रूट जूस:</strong> डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं कि अगर आप फैटी लिवर की समस्या से परेशान हैं तो अपनी डाइट में पैकेज्ड फ्रूट जूस को बिल्कुल भी शामिल न करें। उनका कहना है कि फल को जूस की बजाय साबुत खाना ज़्यादा फायदेमंद है क्योंकि फलों में फाइबर मिलता है। वहीं, पैकेज्ड वाले फ्रूट जूस में शुगर का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा होता है। ज़्यादा मात्रा में चीनी का सेवन आपके लिवर में फैट जमा कर सकता है और आप नॉन अल्कॉहलिक फैटी लिवर के शिकार हो सकते हैं साथ ही इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ता है जिससे टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है। डॉक्टर ने इसलिए पैकेज्ड जूस को दस में से एक नंबर दिया है</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>सफेद चावल और मैदा: </strong>डॉक्टर सलीम जैदी सफेद चावल और मैदा को दस में से तीन नंबर पर रखते हैं। उनके मुताबिक, फैटी लिवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए चावल, मैदा, बिस्किट जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स का सेवन ज़हर समान हैं। इन फूड्स में पोषक तत्व नहीं के बराबर होते हैं और इनका ज्यादा सेवन ब्लड शुगर के साथ वजन को भी बढ़ाता है, जिससे फैटी लिवर की परेशानी और भी तेजी से बढ़ सकती है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>दही और छाछ</strong>: डॉक्टर सलीम ज़ैदी के मुताबिक़, दही और छाछ का सेवन फैटी लिवर में अमृत समान है। दरअसल, दही और छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स गट और लिवर के बीच का कनेक्शन ठीक करते हैं। इसलिए डॉक्टर ने इन दोनों देरी फूड्स को दस में से आठ नंबर दिया है</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>हल्दी वाला दूध</strong>: डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं कि हल्दी वाला दूध लिवर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। दरअसल हल्दी में करक्यूमिन होता है जो आपके लिवर एंज़ाइम को नार्मल कर फैटी लिवर को रिवर्स कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ज़्यादा फायदे के लिए इसमें चुटकीभर काली मिर्च भी ज़रूर मिलाएं। डॉक्टर ने इसे दस में से नौ नंबर दिया है</p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

<div>
<div>
<div>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p> </p>

			<p><a href="https://www.indiatv.in/health/an-expert-explains-why-women-should-include-dill-leaves-in-their-diet-highlighting-several-excellent-benefits-2026-10-20-1249965" target="_blank" title="एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे"><strong>एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे</strong></a></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
</div>
</div>
</div>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/what-should-you-eat-and-avoid-if-you-have-fatty-liver-doctor-ranks-various-food-items-2026-10-20-1249978     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/what-should-you-eat-and-avoid-if-you-have-fatty-liver-doctor-ranks-various-food-items-2026-10-20-1249978 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 23:00:05 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     एक्सपर्ट ने बताया महिलाओं को डाइट में सोया साग क्यों शामिल करना चाहिए? गिनाए कई बेहतरीन फायदे      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आप बढ़ती उम्र के साथ अपने शरीर को हेल्दी रखना चाहती हैं तो अपनी डाइट में सोया साग को ज़रूर शामिल करें। एक्सपर्ट बता रही हैं इसके बेहतरीन फायदे     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-20t204804-1792509564.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[महिलाओं के लिए सोया साग के फायदे]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-20t204804-1792509564.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-20t204804-1792509564.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      महिलाओं के लिए सोया साग के फायदे
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>महिलाओं की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए डाइट में सोया साग को ज़रूर शामिल करना चाहिए। वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट <a href="https://linkedin.com/in/leema09/?isSelfProfile=false" target="_blank">लीमा महाजन </a>अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर कहती हैं कि सोया साग में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो 11 साल की लड़की से लेकर 70 साल की महिला तक के लिए फायदेमंद है। चलिए जानते हैं वे फायदे कौन से हैं और क्या है सेवन का सही तरीका?</p>

<h3>महिलाओं की डाइट में क्यों जरूरी है सोया साग?</h3>

<ul>
	<li>
	<p><strong>पीरियड्स में फायदेमंद</strong>: लीमा महाजन कहती हैं कि सोया साग में आयरन काफी मात्रा में पाया जाता है। इसमें 6.6 तक आयरन होता है जो खून की कमी को दूर करने में मददगार है। पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर से ब्लड लॉस होता है, जिससे आयरन का स्तर गिर सकता है। ऐसे में सोया साग का सेवन शरीर को जरूरी पोषण देता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>इंसुलिन रेजिस्टेंस:</strong> अगर आपको डायबिटीज, इंसुलिन रेजिस्टेंस या फिर पीसीओएस है तो इस साग का सेवन ज़रूर करें। दरसल, इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड इंसुलिन के सिग्नल और मेटाबोलिज्म को बेहतर करती है</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>पीरियड्स क्रैम्प्स:</strong> लीमा महाजन कहती हैं कि अगर आपको <a href="https://www.indiatv.in/health/why-do-some-women-experience-more-period-pain-know-how-to-protect-yourself-2025-11-01-1173065" target="_blank">पीरियड्स में बहुत ज़्यादा दर्द</a> या ऐंठन की समस्या होती है तो अपनी डाइट में सोया साग या फिर इसके सीड्स को शामिल करें और चटनी बनाकर खाएं। आप इसके चाय का भी सेवन कर सकते हैं। यह दर्द कंट्रोल करने में मददगार है क्योंकि इसमें एंटीस्पास्मोडिक कंपाउंड होते हैं जो मसल्स को रिलैक्स करते हैं</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>पोस्टपार्टम में फायदेमंद:</strong> अगर आप कंसीव करने की योजना बना रही हैं या हाल ही में मां बनी हैं, तो डाइट में सोया साग शामिल कर सकती हैं। इसमें आयरन के साथ फोलिक एसिड से भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. डिलीवरी के बाद इसका सेवन मां की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायक होता है</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>मेनोपॉज में फायदेमंद:</strong> जो महिलाएं अपने मेनोपॉज फेज़ में हैं उनके लिए भी सोया साग का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह एस्ट्रोजन लेवल को सपोर्ट करता है और हड्डियों को भी मजबूत बनाता है</p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

<div>
<div>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
</div>
</div>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/an-expert-explains-why-women-should-include-dill-leaves-in-their-diet-highlighting-several-excellent-benefits-2026-10-20-1249965     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/an-expert-explains-why-women-should-include-dill-leaves-in-their-diet-highlighting-several-excellent-benefits-2026-10-20-1249965 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 21:00:14 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     बड़े बुजुर्ग सालों से दूध पीते आ रहे हैं, फिर अब दूध पीने को मना क्यों करते हैं डॉक्टर, किस उम्र तक दूध पीना चाहिए?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ दूध हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर को कैल्शियम देने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, आजकल कई बार लोगों को दूध न पीने की सलाह दी जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उम्र बढ़ने के साथ दूध पीना नुकसानदायक हो जाता है और आखिर किस उम्र तक दूध पीना फायदेमंद रहता है?    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/avoid-milk-after-age-20-10-2026-1792480811.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[किस उम्र तक दूध पीना चाहिए? ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/avoid-milk-after-age-20-10-2026-1792480811.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/avoid-milk-after-age-20-10-2026-1792480811.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      किस उम्र तक दूध पीना चाहिए? 
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>दादी नानी दूध, दही और घी खाने पर सबसे ज्यादा जोर देती हैं। पीढ़ियों से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक भारत नें सभी दूध पीते आ रहे हैं। दूध सिर्फ बच्चों का आहार नहीं है बल्कि इसे बड़े भी खूब पीते हैं। लेकिन अब एक उम्र के बाद डॉक्टर दूध न पीने की सलाह देते हैं। बहुत सारे लोग हैं जो गाय भैंस का दूध पीने से बचते हैं। आइये डॉक्टर से जानते हैं क्या सिर्फ बच्चों को दूध पीना चाहिए?</p>
<p><a href="https://www.drakhileshyadav.com/" target="_blank">डॉक्टर अखिलेश यादव</a> (डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट, मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली) ने बताया, हड्डियों की मजबूती के लिहाज से दूध किसी एक उम्र तक सीमित नहीं है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो हड्डियों के विकास, उनकी मजबूती और मांसपेशियों के स्वास्थ्य में मदद करते हैं। बचपन और किशोरावस्था में हड्डियों का विकास तेजी से होता है, इसलिए इस दौरान पर्याप्त कैल्शियम और प्रोटीन लेना विशेष रूप से जरूरी है। बच्चों को उम्र के अनुसार संतुलित आहार के साथ दूध दिया जा सकता है। हालांकि, एक साल से कम उम्र के शिशुओं में गाय या भैंस का दूध मुख्य रूप से देने से बचना चाहिए। इस उम्र में मां का दूध या फॉर्मूला मिल्क पिलाना अच्छा होता है।</p>
<h3><strong>बड़े लोगों को कब तक दूध पीना चाहिए?</strong></h3>
<p>वयस्कों और बुजुर्गों के लिए भी दूध उपयोगी हो सकता है। बढ़ती उम्र में हड्डियों का घनत्व कम होने और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ने के कारण कैल्शियम और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, केवल दूध पीने से हड्डियों की सभी समस्याओं से बचाव नहीं किया जा सकता। इसके साथ विटामिन डी, नियमित व्यायाम, धूप में उचित समय बिताना और संतुलित आहार भी महत्वपूर्ण हैं।</p>
<h3><strong>किसे दूध नहीं पानी चाहिए?</strong></h3>
<p>कुछ लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस, दूध से एलर्जी या पाचन संबंधी समस्याओं के कारण <a href="https://www.indiatv.in/health/milk-isnt-healthy-for-everyone-doctor-reveals-when-you-should-avoid-it-2026-07-16-1231588" target="_blank" title="हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है दूध, डॉक्टर से जानें किन कंडीशन में करें परहेज?">दूध पीने में परेशानी</a> हो सकती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार लैक्टोज-फ्री दूध या अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का विकल्प चुना जा सकता है।</p>
<h3><strong>किस उम्र तक दूध पीना चाहिए? </strong></h3>
<p>इसलिए दूध पीने की कोई निश्चित ऊपरी उम्र नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को दूध से परेशानी नहीं होती, तो वह अपनी पोषण संबंधी जरूरतों के हिसाब से जीवन भर इसका सेवन कर सकता है। जरूरी यह है कि दूध को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए और उम्र, स्वास्थ्य के साथ व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार सही मात्रा का चुनाव किया जाए।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>
<p><a href="https://www.indiatv.in/health/how-to-strengthen-children-bones-and-which-symptoms-is-dangerous-to-ignore-know-from-pediatrician-2026-10-19-1249725" target="_blank" title="बच्चों को हड्डियों को कैसे मजबूत बनाएं, किन लक्षणों को नजरअंदाज करना है खतरनाक, पीडियाट्रिक्स से जानें">बच्चों को हड्डियों को कैसे मजबूत बनाएं, किन लक्षणों को नजरअंदाज करना है खतरनाक, पीडियाट्रिक्स से जानें</a></p>
</td>
</tr></tbody></table><p>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/older-generations-have-been-drinking-milk-for-years-why-then-doctors-advise-against-it-know-till-what-age-consume-milk-2026-10-20-1249889     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/older-generations-have-been-drinking-milk-for-years-why-then-doctors-advise-against-it-know-till-what-age-consume-milk-2026-10-20-1249889 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 20 Oct 2026 12:51:26 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     जोड़ों की सेहत के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 फूड्स, दर्द और अकड़न में मिल सकती है राहत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ युर्वेदिक हेल्थ कोच डिंपल जांगड़ा 5 फूड्स बारे में बता रही हैं जो जोड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-19-oct-2026-11-53-pm-9629-1792434209.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[जोड़ों की सेहत ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-19-oct-2026-11-53-pm-9629-1792434209.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-19-oct-2026-11-53-pm-9629-1792434209.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      जोड़ों की सेहत 
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अगर आप भी आर्थराइटिस या जॉइंट में दर्द की समस्या से परेशान हैं तो, सूजन और अकड़न की समस्या को बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में आपको अपनी दवाओं के साथ डाइट में कुछ ऐसे फूड्स को शामिल करना चाहिए जो आपके जोड़ों के दर्द को कम कर सके। कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्व हड्डियों और जोड़ों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आयुर्वेदिक हेल्थ कोच <a href="https://www.pranabydimple.com/team" target="_blank">डिंपल जांगड़ा</a>,  <a href="https://www.indiatv.in/lifestyle/recipes/joint-pain-remedies-anti-inflammatory-foods-to-eat-in-hindi-2023-04-05-948993" target="_blank">जोड़ों की सेहत के लिए फूड्स </a>के बारे में बता रही हैं जो फायदेमंद हो सकते हैं।</p>

<h3>जोड़ों की सेहत के लिए 5 फूड्स</h3>

<ul>
	<li>
	<p>हल्दी वाला दूध: हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। हल्दी वाला दूध संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>तिल के बीज या तेल: तिल में कैल्शियम, हेल्दी फैट और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। कैल्शियम हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। तिल के तेल का इस्तेमाल मालिश के लिए रूप से किया जाता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>अदरक का पानी: अदरक में जिंजरॉल जैसे यौगिक होते हैं, जिनमें सूजन-रोधी गुण पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में अदरक से दर्द में थोड़ी राहत मिलने की संभावना सामने आई है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>मेथी के बीज: मेथी के बीजों में फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। इन्हें भिगोकर या खाने में मिलाकर लिया जा सकता है। मेथी के बीजों का जेल जैसा मिश्रण जोड़ों को आराम देने के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>अखरोट और अलसी के बीज: अखरोट और अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक प्रकार, अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) पाया जाता है। इन्हें डाइट में शामिल करना संपूर्ण सेहत के लिए अच्छा है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>गर्म तिल के तेल और लहसुन से मालिश: गर्म तिल के तेल में लहसुन मिलाकर घुटनों की मालिश करना एक पारंपरिक घरेलू तरीका है। हल्की मालिश से कुछ लोगों को अस्थायी आराम महसूस हो सकता है। हालांकि, अगर इसके बाद भी जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या अकड़न रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। </p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

<div>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
</div>

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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/include-these-5-foods-in-your-diet-for-joint-health-they-may-help-provide-relief-from-pain-and-stiffness-2026-10-19-1249829     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/include-these-5-foods-in-your-diet-for-joint-health-they-may-help-provide-relief-from-pain-and-stiffness-2026-10-19-1249829 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 23:59:00 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     डायबिटीज में क्या खाना सही और किससे करना चाहिए परहेज? डॉक्टर ने रैंकिंग देकर बताया     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ कई बार हेल्दी समझकर खाई जाने वाली चीजें भी ब्लड शुगर पर असर डाल सकती हैं। ऐसे में सही फूड्स का चुनाव करना और उनकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-19t234553-1792433774.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डायबिटीज में क्या खाना चाहिए]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-19t234553-1792433774.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-19t234553-1792433774.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डायबिटीज में क्या खाना चाहिए
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>डायबिटीज के मरीजों के लिए खानपान का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि खाने-पीने की चीजें ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं। ऐस में अक्सर इसके मरीजों के मन में सवाल रहता है कि डायबिटीज होने पर कौन-से फूड्स खाना फायदेमंद है और किन चीजों से परहेज करना चाहिए। <a href="https://ayurvedicexpert.com/online-consultation-dr-saleem-zaidi/" target="_blank">डॉक्टर सलीम ज़ैदी </a>ने अलग-अलग फूड्स को रैंकिंग दी है और बताया है कि डायबिटीज में कौन-से विकल्प बेहतर हैं और किन चीजों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए।</p>

<h3><a href="https://www.indiatv.in/lifestyle/recipes/diabetic-patients-should-consume-these-low-glycemic-breakfast-in-morning-to-control-blood-sugar-levels-in-hindi-2026-04-01-1208154" target="_blank">डायबिटीज में क्या खाना सही </a>और किससे करना चाहिए परहेज?</h3>

<ul>
	<li>
	<p><strong>अंडा और पनीर</strong>: अंडा और पनीर खाने से शुगर बिल्कुल भी नहीं बढ़ता है डॉक्टर सलीम ने इन फूड्स को दस में से दस नंबर दिए हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>दही</strong>: डॉक्टर सलीम कहते हैं कि दही में मौजूद प्रोटीन और फैट शुगर एब्ज़ोर्प्शन को स्लो करते हैं इसलिए उन्होंने उसे दस में से आठ नंबर दिए हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>ओट्स</strong>: डॉक्टर सलीम के मुताबिक, ओट्स भी डायबिटीज में बेहद फायदेमंद माना जाता है। लेकिन, अगर आप फ्लेवर वाले या इंस्टेंट ओट्स का सेवन करते हैं तो फायदे की जगह आपको नुकसान हो सकता है। इसलिए वो ज़्यादा फायदे के लिए प्लेन ओट्स के सेवन की सलाह देते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>केला और गेहूं की रोटी</strong> : केला वैसे तो हेल्दी फल है लेकिन शुगर के मरीजों के लिए इसका सेवन ज़्यादा फायदेमंद नहीं है क्योंकि यह ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है। वहीं, गेहूं की रोटी भी चावल से ज़्यादा फायदेमंद है लेकिन ये भी आपके ब्लड शुगर को बढ़ा सकती है। डॉक्टर सलीम ने दोनों फूड्स को दस में से पांच नंबर दिया है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>ब्राउन ब्रेड:</strong> डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं कि ब्राऊन ब्रेड ज़्यादातर रिफाइंड आटा यानी मैदे से ही बनाया जाता है। इसमें ब्राउन कलर मिलाया जाता है जो तेजी से आपके शुगर को स्पाइक कर सकता है। डॉक्टर ने इसे दस में से चार नंबर दिया है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>तरबूज</strong>: डॉक्टर सलीम ज़ैदी के मुताबिक़, तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है। हालांकि, इसमें पाने की मात्रा भी ज़्यादा है इसलिए कभी कभार इसका थोड़ा सेवन किया जा सकता है। डॉक्टर ने इसे दस में से चार नंबर दिया है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>सफेद चावल और आम: </strong>डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं कि चावल और आम का सेवन डायबिटीज के मरीजों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इन दोनों को डॉक्टर ने दस में से इन नंबर दिया है।</p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
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		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-19-oct-2026-10-59-pm-2661-1792430997.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सेहत के लिए नुकसानदायक आदतें]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-19-oct-2026-10-59-pm-2661-1792430997.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-19-oct-2026-10-59-pm-2661-1792430997.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सेहत के लिए नुकसानदायक आदतें
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर ऐसी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेते हैं, जो धीरे-धीरे सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासकर सुबह के समय हम अक्सर कई ऐसी गलतियां कर देते हैं जो जाने अनजाने हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है। गैस्ट्रोलॉजिस्ट <a href="https://www.saurabhsethimd.com/about" target="_blank">डॉक्टर सौरभ सेठी </a>बता रहे हैं आपको किन गलतियों को करने से बचना चाहिए खासकर सुबह के समय</p>
<h3><a href="https://www.indiatv.in/health/these-3-habits-are-harming-your-health-you-must-be-doing-these-habits-too-know-their-side-effects-2025-09-15-1162680" target="_blank">ये आदतें शरीर को पहुंचा सकती हैं नुकसान</a></h3>
<ul><li>
<p>नाश्ते से पहले कॉफी पीना: रात में नींद पूरी न होने के बाद स्ट्रॉन्ग ब्लैक कॉफी पीने से, ग्लूकोज ड्रिंक लेने पर ब्लड शुगर का स्तर लगभग 50% तक बढ़ जाता है। अगर रात में नींद ठीक से नहीं आई है, तो सुबह कॉफी पीने से पहले नाश्ता कर लें। यह खास तौर पर तब जरूरी है जब आप अपना ब्लड शुगर कंट्रोल कर रहे हों।</p>
</li>
<li>
<p>खाली पेट विटामिन D लेना: मरीजों पर की गई एक स्टडी में देखा गया कि फैट में घुलने वाले विटामिन D को दिन के सबसे बड़े भोजन (मुख्य भोजन) के साथ लेने पर, 2-3 महीनों के बाद शरीर में इसका स्तर लगभग 57% तक बढ़ गया। विटामिन D को ऐसे भोजन के साथ लें जिसमें कुछ हेल्दी फैट मौजूद हो।</p>
</li>
<li>
<p>नाश्ते के बाद एसिड रिफ्लक्स की गोली लेना: 'अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी' के अनुसार, एसिड को बेहतर तरीके से कंट्रोल करने के लिए ज्यादातर PPI (एसिड कम करने वाली दवाएं) भोजन से 30-60 मिनट पहले लेनी चाहिए। अगर आप दिन में एक बार ली जाने वाली सामान्य PPI ले रहे हैं, तो इसे नाश्ते से 30-60 मिनट पहले लें (जब तक कि डॉक्टर ने कुछ और न कहा हो)।</p>
</li>
<li>
<p>अंडे खाने से पहले टोस्ट खाना: टाइप 2 डायबिटीज वाले 11 वयस्कों पर की गई एक स्टडी में पाया गया कि कार्ब्स (जैसे टोस्ट) से पहले प्रोटीन और सब्जियां खाने से, ब्लड शुगर का स्तर 30 मिनट में 29% और 60 मिनट में 37% तक कम हो गया। सबसे पहले अंडे या प्रोटीन से भरपूर अन्य चीजें खाएं; टोस्ट को सबसे आखिर में खाएं।</p>
</li>
<li>
<p>कॉफी के साथ थायराइड की गोली लेना: कॉफी, 'लेवोथायरोक्सिन' (थायराइड की दवा) के अवशोषण को काफी कम कर सकती है, जिससे दवा का असर कम हो सकता है। लेवोथायरोक्सिन को खाली पेट, सादे पानी के साथ लें। इसके बाद नाश्ता करने के लिए 30-60 मिनट का इंतजार करें। कॉफी पीने से पहले कम से कम 60 मिनट का गैप रखना सबसे अच्छा है।</p>
</li>
<li>
<p>बहुत ज़्यादा गर्म चाय या कॉफी पीना: लगभग 50,000 वयस्कों पर की गई एक स्टडी से पता चला है कि रोज़ाना 60°C या उससे ज़्यादा गर्म तापमान पर कम से कम 700 ml चाय पीने से कैंसर का ख़तरा लगभग 90% तक बढ़ सकता है। कुछ भी पीने से पहले, उसे इतना ठंडा होने दें कि वह पीने के लिए आरामदायक तापमान पर आ जाए।</p>
</li>
</ul><p><blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://instagram.com/reel/DeriAISjGrV/?obrf=MXZyNWFmdXduZW40Zg%3D%3D" data-instgrm-version="12" style="background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:500px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"></blockquote></p>
<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
</td>
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    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kids-bone-health-19-10-2026-1792397241.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[बच्चों की हड्डियों को कैसे मजबूत बनाएं]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kids-bone-health-19-10-2026-1792397241.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/kids-bone-health-19-10-2026-1792397241.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      बच्चों की हड्डियों को कैसे मजबूत बनाएं
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आजकल माता पिता बच्चों की लंबाई पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन लंबाई हड्डियों के विकास से जुड़ी हुई होती है। बच्चों का हेल्दी डेवलपमेंट सिर्फ उनकी लंबाई और वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ों का सही विकास भी उतना ही जरूरी है। बचपन में <a href="https://www.indiatv.in/gallery/health-what-should-be-eaten-to-strengthen-bones-2025-10-11-1168413" target="_blank" title="हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए क्या खाना चाहिए?">हड्डियों का मजबूत होना </a>आगे चलकर बेहतर शारीरिक क्षमता और स्वस्थ जीवन की नींव रखता है। हालांकि, कई बार माता-पिता बच्चों के पैरों में दर्द, चलते समय लंगड़ाने, बार-बार गिरने या फिजिकल एक्टिविटी से बचने जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। विश्व बाल अस्थि और जोड़ दिवस 2019 के मौके पर डॉक्टर से जानते हैं कि बच्चों की हड्डियों को कैसे मजबूत बनाया जाए।</p>
<h3><strong>बच्चों में हड्डियों का विकास क्यों है महत्वपूर्ण?</strong></h3>
<p>बचपन ये लेकर युवा अवस्था तक हड्डियों के बनने और मजबूती होने का अहम चरण है। इस वक्त शरीर में हड्डियों का विकास तेजी से होता है। इसके लिए शरीर में भरपूर कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन और बैलेंस डाइट लेना जरूरी है। अच्छी डाइट शरीर को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है। इसके अलावा दौड़ना, खेलना, कूदना और उम्र के हिसाब से शारीरिक गतिविधियां हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में मदद करती हैं।</p>
<p><a href="https://www.blkmaxhospital.com/doctor/Dr-Vivek-Jain" target="_blank">पीडियाट्रिक्स डॉक्टर विवेक जैन</a> (चेयरपर्सन, पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट डेवलपमेंट एवं प्रिंसिपल डायरेक्टर, बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली) के अनुसार, बच्चों के शारीरिक विकास के दौरान उनकी हड्डियों और जोड़ों की सेहत पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। सही पोषण, धूप में रहना, नियमित खेलकूद और समय-समय पर बच्चे की जांच से हड्डियों के बेहतर विकास को बढ़ाया जा सकता है।</p>
<h3><strong>ये लक्षण हो सकते हैं खतरनाक</strong></h3>
<p>अगर बच्चों में हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याएं आ रही हैं तो उन्हें नजरअंदाज न करें। लगातार दर्द बने रहना, जोड़ों में सूजन, चलने में परेशानी, लंगड़ाना, हाथ-पैरों की गतिविधियों में कमी या किसी अंग के आकार या बनावट में कोई फर्क दिखे तो ऐसे में बच्चे को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर बच्चा बार-बार किसी काम को करने से बच रहा है या पहले की तुलना में कम सक्रिय है तो इसका कारण हड्डियों में दर्द या शारीरिक परेशानी भी हो सकती है। हालांकि हल्का दर्द कोई गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, लेकिन लगातार बने रहने वाला दर्द, सूजन या चलने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें। अगर बच्चा अचानक से चलना बंद कर दे, तेज दर्द हो या जोड़ों में सूजन के साथ बुखार आए तो डॉक्टर से मिलें।</p>
<h3><strong>सही पोषण से मजबूत बनेंगी हड्डियां</strong></h3>
<p>बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए खाने में दूध, दही, पनीर, रागी, तिल, दालें और दूसरे हेल्दी भोजन को शामिल करें। शरीर में विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, इसलिए इसकी पर्याप्त मात्रा का होना जरूरी है। बच्चों में विटामिन डी या कैल्शियम की कमी होने पर जांच कराएं और उसके हिसाब से ही डॉक्टर की सलाह पर बच्चों को सही सप्लीमेंट दें। बच्चों को खुद से कोई दवा न खिलाएं। बच्चों को फोन और टीवी से दूर रखें और ज्यादा से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी कराएं। इससे हड्डियां मजबूत होंगी और मांसपेशियों में भी ताकत आएगी।</p>
<h3><strong>बढ़ती उम्र के साथ सही निगरानी भी जरूरी</strong></h3>
<p>बच्चों में कुछ हड्डी और जोड़ से जुड़ी समस्याएं जन्म से भी हो सकती हैं, जबकि कुछ विकास के दौरान सामने आती हैं। पैरों का असामान्य रूप से मुड़ना, चाल में बदलाव, पैरों की लंबाई में स्पष्ट अंतर या शारीरिक विकास में असामान्यता दिखने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। इसी तरह, खेलकूद के दौरान लगी चोट को केवल सामान्य दर्द समझकर लंबे समय तक टालना भी उचित नहीं है।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/what-happens-if-you-eat-one-garlic-clove-every-day-doctor-explains-its-amazing-benefits-and-the-right-way-to-consume-it-2026-10-18-1249612" target="_blank" title="रोजाना एक लहसुन खाने से क्या होता है, डॉक्टर ने गिनाए कई बेहतरीन फायदे और सेवन का सही तरीका">रोजाना एक लहसुन खाने से क्या होता है, डॉक्टर ने गिनाए कई बेहतरीन फायदे और सेवन का सही तरीका</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table><p>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/how-to-strengthen-children-bones-and-which-symptoms-is-dangerous-to-ignore-know-from-pediatrician-2026-10-19-1249725     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/how-to-strengthen-children-bones-and-which-symptoms-is-dangerous-to-ignore-know-from-pediatrician-2026-10-19-1249725 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 13:45:52 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     रोजाना एक लहसुन खाने से क्या होता है, डॉक्टर ने गिनाए कई बेहतरीन फायदे और सेवन का सही तरीका      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ लहसुन का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। अगर, आप रोजाना एक कच्चा लहसुन खाते हैं तो आपको कई बेहतरीन फायदे मिल सकते हैं 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-18-oct-2026-06-20-pm-9831-1792327849.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[रोजाना लहसुन खाने के फायदे]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-18-oct-2026-06-20-pm-9831-1792327849.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-18-oct-2026-06-20-pm-9831-1792327849.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      रोजाना लहसुन खाने के फायदे
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>भारतीय किचन में लहसुन का इस्तेमाल दाल से लेकर सब्जी का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजाना लहसुन की एक कली खाने से सेहत को कई फायदे मिल सकते हैं? डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं कि लहसुन में एलिसिन जैसे सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जो हाई ब्लड प्रेशर और बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, लहसुन में मौजूद कुछ यौगिक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में भी भूमिका निभा सकते हैं। आइए जानते हैं रोजाना एक <a href="https://www.indiatv.in/health/what-happens-if-you-eat-raw-garlic-on-an-empty-stomach-in-the-morning-for-30-days-kachcha-lehsun-khane-ke-fayde-2026-02-24-1200054" target="_blank">लहसुन खाने के फायदे </a>और इसके सेवन का सही तरीका।</p>

<h3>रोजाना एक लहसुन खाने से मिलते हैं ये फायदे</h3>

<ul>
	<li><strong>हाई ब्लड प्रेशर होता है कंट्रोल:</strong> हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए लहसुन का सेवन कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद एलिसिन ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से बीपी की समस्या है।</li>
	<li>
	<p><strong>बैड कोलेस्ट्रॉल होता है कंट्रोल</strong>: डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं कि लहसुन दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इसका नियमित सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल दस से पन्दरह प्रतिशत ड्राप होता है। दरअसल, लहुसन का सेवन ब्लड प्रेशर कंट्रोल कर, रक्त संचार को बेहतर करने में मदद करता है जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>इम्यून सिस्टम होता है बूस्ट: </strong>लहसुन में सल्फर यौगिकों के साथ कुछ एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। लहसुन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को लेकर कुछ शुरुआती अध्ययन हुए हैं, लेकिन इस बात के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं कि रोजाना एक कली खाने से संक्रमण से बचाव निश्चित रूप से होता है। इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है।</p>
	</li>
</ul>

<h3>लहसुन खाने का सही तरीका क्या है?</h3>

<p>डॉक्टर सलीम ज़ैदी कहते हैं कि लहसुन को छीलकर उसे कुचल लेंऔर फिर दस मिनट तक ऐसे ही रखें। ऐसा करने से एलिसिन बनने की प्रक्रिया को मदद मिल सकती है और यह आपके लिए ज़्यादा फायदेमंद हो सकता है।</p>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/what-happens-if-you-eat-one-garlic-clove-every-day-doctor-explains-its-amazing-benefits-and-the-right-way-to-consume-it-2026-10-18-1249612     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/what-happens-if-you-eat-one-garlic-clove-every-day-doctor-explains-its-amazing-benefits-and-the-right-way-to-consume-it-2026-10-18-1249612 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 18:58:05 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     छह महीने तक के शिशुओं के फूड को लेकर FSSAI सख्त, पोषण उत्पादों में ऐडेड शुगर और फ्रुक्टोज मिलाने पर प्रतिबंध      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[  भारतीय खाद्य सुरक्षा and मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शिशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक कड़ा कदम उठाया है। नए प्रस्ताव के तहत, 6 महीने तक के शिशुओं के लिए तैयार किए जाने वाले पोषण उत्पादों और फूड में एडेड शुगर और फ्रुक्टोज के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-14-1792229726.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[छह महीने तक के शिशुओं के फूड को लेकर FSSAI सख्त, पोषण उत्पादों में ऐडेड शुगर और फ्रुक्टोज मिलाने पर प्रतिबंध का प्रस्ताव]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-14-1792229726.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-14-1792229726.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      छह महीने तक के शिशुओं के फूड को लेकर FSSAI सख्त, पोषण उत्पादों में ऐडेड शुगर और फ्रुक्टोज मिलाने पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने छह महीने तक के शिशुओं के लिए बनाए जाने वाले पोषण उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य पोषण मानकों को मजबूत करना और शिशुओं को शुरुआती उम्र में ही एडेड शुगर के संपर्क में आने से बचाना है। यह प्रस्ताव 'खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) संशोधन विनियम, 2026' के मसौदे का हिस्सा है, जिसे 16 अक्टूबर को भारत के गजट ऑफ इंडिया में प्रकाशित किया गया था।</p>

<p>इस संशोधन का उद्देश्य मौजूदा नियामक ढांचे को मजबूत करना है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिशुओं के पोषण संबंधी उत्पाद उनकी उम्र के हिसाब से जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा करें, खासकर जीवन के पहले छह महीनों के दौरान। खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 के अंतर्गत, जन्म से लेकर 24 महीने तक के बच्चों के लिए बनाए गए विभिन्न प्रकार के शिशु खाद्य उत्पादों के लिए पोषण संरचना, गुणवत्ता और सुरक्षा मानक निर्धारित किए गए हैं।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-15-1792229844.jpg"    /></p>

<p><strong>6 महीने तक के बच्चों के लिए बने उत्पादों पर बैन</strong><br />
मौजूदा नियमों में लैक्टोज और ग्लूकोज पॉलिमर को कार्बोहाइड्रेट के पसंदीदा स्रोत के रूप में पहचाना गया है, जबकि जरूरत पड़ने पर सुक्रोज और फ्रुक्टोज को भी कार्बोहाइड्रेट के स्रोत के तौर पर, एक तय सीमा के भीतर, मिलाने की अनुमति दी गई है। प्रस्तावित संशोधन में छह महीने तक की उम्र के शिशुओं के लिए बने उत्पादों पर एक विशेष प्रतिबंध लगाया गया है।</p>

<p><strong>क्यों लगाया जा रहा है प्रतिबंध</strong><br />
FSSAI के अनुसार, जीवन के पहले छह महीने स्वस्थ विकास और ग्रोथ के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इस दौरान सही पोषण मिलना जरूरी है। प्रस्तावित प्रतिबंध का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिशुओं के पोषण उत्पादों में बिना किसी अनावश्यक अतिरिक्त शर्करा के, सभी आवश्यक पोषक तत्व मौजूद हों। इस उपाय का उद्देश्य उन जन-स्वास्थ्य चिंताओं को दूर करना भी है जो कम उम्र में एडेड शुगर के सेवन से जुड़ी हैं। इनमें बचपन के मोटापे और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार आहार संबंधी जोखिम कारक भी शामिल हैं। यह पहल सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी उन स्थापित सिफारिशों के अनुरूप है, जो जीवन के पहले छह महीनों के दौरान केवल स्तनपान कराने की वकालत करती हैं।</p>

<p><strong>60 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव दें हितधारक</strong><br />
पोषण संबंधी मानकों को सख्त बनाकर, FSSAI का उद्देश्य निर्माताओं को ऐसे फॉर्मूलेशन तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो छोटे शिशुओं की पोषण संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता दें और साथ ही खान-पान के उचित तरीकों को बढ़ावा दें। प्रस्तावित संशोधन में खाद्य नियामक का विज्ञान-आधारित मानकों, जिम्मेदार उत्पाद निर्माण और निवारक पोषण पर जोर भी दिखाई देता है, जो बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। मसौदा अधिसूचना को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दिया गया है। इसमें हितधारकों को आमंत्रित किया गया है कि वे ऑफिशियल गजट अधिसूचना के सार्वजनिक होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत करें। FSSAI प्रस्तावित संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले, परामर्श अवधि के दौरान प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की जांच करेगा।</p>

<p><strong>(Report:PIB)</strong></p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/what-condition-could-a-headache-accompanied-by-dizziness-indicate-learn-about-the-causes-and-when-it-is-necessary-to-be-cautious-2026-10-17-1249360" target="_blank" title="सिरदर्द के साथ चक्कर आना किस बीमारी का हो सकता है संकेत? जानिए कारण और कब सतर्क होना है जरूरी">सिरदर्द के साथ चक्कर आना किस बीमारी का हो सकता है संकेत? जानिए कारण और कब सतर्क होना है जरूरी</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/fssai-takes-a-strict-stance-on-food-for-infants-up-to-six-months-old-proposes-a-ban-on-the-addition-of-sugar-and-fructose-to-nutritional-products-2026-10-17-1249392     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/fssai-takes-a-strict-stance-on-food-for-infants-up-to-six-months-old-proposes-a-ban-on-the-addition-of-sugar-and-fructose-to-nutritional-products-2026-10-17-1249392 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 15:05:54 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     सिरदर्द के साथ चक्कर आना किस बीमारी का हो सकता है संकेत? जानिए कारण और कब सतर्क होना है जरूरी     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सिरदर्द को अक्सर एक आम समस्या माना जाता है। कई बार इसके साथ चक्कर आना जैसी समस्याएं भी होने लगती है। लेकिन सिरदर्द के साथ हर बार चक्कर आना एक आम समस्या नहीं होती। ऐसे में चलिएजानते हैं कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-11-1792218526.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सिरदर्द के साथ चक्कर आना किस बीमारी का हो सकता है संकेत?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-11-1792218526.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-11-1792218526.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सिरदर्द के साथ चक्कर आना किस बीमारी का हो सकता है संकेत?
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सिरदर्द और चक्कर आना ऐसी समस्याएं हैं, जिन्हें अक्सर लोग थकान, कमजोरी या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर ये दोनों लक्षण एक साथ दिखाई दें या बार-बार महसूस हों, तो इनके पीछे कई स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह माइग्रेन, शरीर में पानी की कमी या ब्लड प्रेशर में बदलाव का संकेत हो सकता है, जबकि कुछ स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-jyoti-bala-sharma-1767" target="_blank">डॉ. ज्योति बाला शर्मा, निदेशक, न्यूरोलॉजी, फोर्टिस, नोएडा</a></strong> बता रही हैं कि कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। </p>
<p><strong>माइग्रेन हो सकता है एक कारण</strong><br />
माइग्रेन केवल तेज सिरदर्द तक सीमित नहीं है। कुछ लोगों को इसके साथ चक्कर आने, संतुलन बनाने में परेशानी, मतली और रोशनी या तेज आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं। इसे वेस्टिबुलर माइग्रेन कहा जाता है।</p>
<p><strong>ब्लड प्रेशर और शरीर में पानी की कमी</strong><br />
ब्लड प्रेशर कम होने पर अचानक खड़े होते समय चक्कर आ सकते हैं। वहीं, शरीर में पानी की कमी होने से सिरदर्द, थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। लंबे समय तक भोजन न करना या ब्लड शुगर कम होना भी ऐसे लक्षणों का कारण बन सकता है।</p>
<p><strong>कान से जुड़ी समस्याएं और एनीमिया</strong><br />
कान के अंदर में संतुलन से जुड़ी समस्याओं के कारण चक्कर आ सकते हैं। इसके अलावा, शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया होने पर कमजोरी, थकान और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। कुछ लोगों में इसके साथ चक्कर भी आते हैं।</p>
<p><strong>कब डॉक्टर से संपर्क करें?</strong><br />
यदि सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, या उसके साथ बोलने में परेशानी, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, देखने में बदलाव, बेहोशी अथवा चलने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये स्ट्रोक या अन्य गंभीर समस्याओं के संकेत हो सकते हैं।</p>
<p><strong>क्या सावधानियां बरतें?</strong><br />
पर्याप्त पानी पिएं, नियमित भोजन करें और पर्याप्त नींद लें। यदि सिरदर्द और चक्कर बार-बार आते हैं, लंबे समय तक बने रहते हैं या उनकी तीव्रता बढ़ रही है, तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। लक्षणों के आधार पर डॉक्टर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन या अन्य जरूरी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। याद रखें, सिरदर्द और चक्कर आने का सटीक कारण केवल लक्षणों के आधार पर निर्धारित नहीं किया जा सकता। सही समय पर जांच और सही उपचार से गंभीर समस्याओं से बचने में मदद मिल सकती है।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/do-your-hands-go-numb-while-you-sleep-at-night-never-ignore-this-here-are-the-possible-reasons-why-2026-10-17-1249348" target="_blank" title="रात में सोते समय सुन्न हो जाते हैं हाथ? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ये कारण">रात में सोते समय सुन्न हो जाते हैं हाथ? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ये कारण</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/what-condition-could-a-headache-accompanied-by-dizziness-indicate-learn-about-the-causes-and-when-it-is-necessary-to-be-cautious-2026-10-17-1249360     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/what-condition-could-a-headache-accompanied-by-dizziness-indicate-learn-about-the-causes-and-when-it-is-necessary-to-be-cautious-2026-10-17-1249360 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 11:58:59 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     रात में सोते समय सुन्न हो जाते हैं हाथ? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ये कारण     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आपको सोते समय अचानक हाथ सुन्न होने, झनझनाहट महसूस होने या हाथ में चींटियां चलने जैसा एहसास होता है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। अक्सर यह समस्या सोने की गलत पोजीशन के कारण होती है, लेकिन लंब समय तक ऐसा होना गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है। चलिए जानते हैं।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-9-1792213643.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[रात में सोते समय सुन्न हो जाते हैं हाथ? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ये कारण]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-9-1792213643.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-9-1792213643.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      रात में सोते समय सुन्न हो जाते हैं हाथ? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ये कारण
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>रात में सोते समय हाथों का सुन्न होना, झनझनाहट होना या सुईयां चुभने जैसा महसूस होना एक आम समस्या लग सकती है। कई बार हम सोचते हैं कि यह सिर्फ गलत पोजीशन में सोने के कारण हुआ है और इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार हो, तो इसे नज़रअंदाज करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। हर बार ऐसा होना शरीर के अंदर छिपी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-sunil-agrawal-13849" target="_blank">डॉ. सुनील अग्रवाल, कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी, फोर्टि, ग्रेटर नोएडा</a></strong> बता रहे हैं कि ऐसा क्यों होता है। </p>
<p><strong>1. सोते समय हाथ सुन्न होने का मुख्य कारण क्या है?</strong><br />
जब हम सोते समय एक ही करवट में लंबे समय तक रहते हैं या हाथ को सिर के नीचे दबाकर सोते हैं, तो हाथ की नसों पर दबाव पड़ सकता है। इससे नसों के सामान्य कामकाज में अस्थायी रुकावट आती है और हाथ सुन्न महसूस होने लगता है। आमतौर पर हाथ की पोजीशन बदलने और कुछ देर हाथ हिलाने से यह परेशानी ठीक हो जाती है।</p>
<p><strong>2. क्या यह सर्वाइकल या गर्दन की समस्या हो सकती है?</strong><br />
डॉक्टर के मुताबिक यह सर्वाइकल या गर्दन की समस्या हो सकती है। गर्दन की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क में बदलाव या नस पर दबाव पड़ने के कारण गर्दन से हाथ तक दर्द, झनझनाहट या सुन्नपन हो सकता है। यदि हाथ सुन्न होने के साथ गर्दन में दर्द, कंधे में खिंचाव या उंगलियों में कमजोरी भी महसूस होती है, तो डॉक्टर सें जांच करवाना जरूरी है।</p>
<p><strong>3. क्या डायबिटीज के कारण भी हाथ सुन्न होते हैं?</strong><br />
डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इसके अलावा, कलाई में नस दबने की समस्या, जिसे कार्पल टनल सिंड्रोम कहते हैं, के कारण भी विशेष रूप से रात में हाथ और उंगलियां सुन्न हो सकती हैं। यह समस्या अक्सर अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा उंगली में अधिक महसूस होती है।</p>
<p><strong>4. हाथ सुन्न होने पर क्या करना चाहिए?</strong></p>
<ul><li>सोते समय हाथ को शरीर के नीचे दबाकर न रखें।</li>
<li>गर्दन और हाथ को आरामदायक स्थिति में रखें।</li>
<li>लंबे समय तक कोहनी मोड़कर सोने से बचें।</li>
<li>यदि समस्या बार-बार होती है, तो न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लें।</li>
<li>डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएँ या विटामिन सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।</li>
</ul><p><strong>5. कब तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?</strong><br />
यदि अचानक एक हाथ सुन्न होने के साथ चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा हो जाए, बोलने में परेशानी हो, हाथ-पैर में कमजोरी या संतुलन बिगड़ने लगे, तो यह स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हाथ का सुन्नपन लगातार बना रहे या बार-बार हो, तो भी जांच करवाएं।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/struggling-with-bloating-these-everyday-habits-could-be-the-reason-behind-your-problem-2026-10-16-1249271" target="_blank" title="क्या आप भी पेट फूलने की समस्या से हैं परेशान? कहीं रोजाना की ये आदतें तो नहीं हैं ज़िम्मेदार?">क्या आप भी पेट फूलने की समस्या से हैं परेशान? कहीं रोजाना की ये आदतें तो नहीं हैं ज़िम्मेदार?</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/do-your-hands-go-numb-while-you-sleep-at-night-never-ignore-this-here-are-the-possible-reasons-why-2026-10-17-1249348     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/do-your-hands-go-numb-while-you-sleep-at-night-never-ignore-this-here-are-the-possible-reasons-why-2026-10-17-1249348 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 10:37:42 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने के अलावा क्या दिमाग भी होता है प्रभावित, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर?      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ डेंगू को आमतौर पर बुखार, शरीर में दर्द और प्लेटलेट्स कम होने से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में यह दिमाग और नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-11-1792169618.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डेंगू के लक्षण]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH ]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-11-1792169618.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-11-1792169618.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डेंगू के लक्षण
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH </span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>डेंगू को आमतौर पर तेज बुखार, शरीर में दर्द और प्लेटलेट्स कम होने वाली बीमारी के रूप में जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गंभीर मामलों में डेंगू का असर दिमाग और नर्वस सिस्टम पर भी पड़ सकता है? कुछ मरीजों में भ्रम, बेहोशी, दौरे और मानसिक स्थिति में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। आखिर डेंगू किस तरह दिमाग को प्रभावित करता है और इसके लक्षणों को कैसे पहचानें? इस बारे में पीएसआरआई अस्पताल की वरिष्ठ सलाहकार, पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नीतू जैन बता रही हैं कि डेंगू का दिमाग पर क्या असर पड़ सकता है और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</p>
<h3><a href="https://www.indiatv.in/gallery/health-what-are-the-5-earliest-visible-symptoms-of-dengue-fever-2025-08-04-1153903" target="_blank">डेंगू होने पर दिखते हैं ये लक्षण</a></h3>
<p>डेंगू होने पर हैं कुछ मरीजों में दिमाग के काम करने के तरीके में बदलाव देखने को मिल सकता है। मरीज को भ्रम होना, बहुत ज्यादा नींद आना, बेचैनी, बेहोशी या दौरे पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, हर डेंगू मरीज में ऐसा नहीं होता। यह समझना जरूरी है कि डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या कम होना ही बीमारी की गंभीरता का एकमात्र संकेत नहीं है। अगर मरीज को तेज सिरदर्द के साथ भ्रम, असामान्य व्यवहार, बार-बार उल्टी, दौरे या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। इन लक्षणों को सामान्य बुखार या कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</p>
<h3>किन कारणों से ऐसा होता है?</h3>
<p>डेंगू के दौरान दिमाग पर असर पड़ने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में वायरस सीधे दिमाग को प्रभावित कर सकता है, जबकि गंभीर संक्रमण के कारण शरीर में होने वाले बदलाव, लिवर की गड़बड़ी, ब्लड शुगर का कम होना या शरीर में सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी इसकी वजह बन सकता है। गंभीर मामलों में दिमाग तक खून की पर्याप्त आपूर्ति न होना भी एक कारण हो सकता है</p>
<h3>क्या कहती हैं डॉक्टर?</h3>
<p>डेंगू के मरीजों की नियमित निगरानी जरूरी है। डॉक्टर मरीज की चेतना के स्तर, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, प्लेटलेट्स और अन्य जरूरी जांचों के आधार पर इलाज तय करते हैं। समय पर पहचान और सही इलाज से गंभीर जटिलताओं का जोखिम कम किया जा सकता है।</p>
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<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
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<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table></div>
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                    <figcaption>
                      पेट फूलने की समस्या के कारण
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH </span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अगर खाना खाने के बाद पेट में गैस बनने लगती हैं और ब्लोटिंग की समस्या होने लगती है तो इसके पीछे आपकी रोजाना की कुछ आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं।  <a href="https://www.saurabhsethimd.com/" target="_blank">गैस्ट्रॉलॉजिस्ट सौरभ सेठी</a> कहते हैं कि लगातार पेट फूलने की परेशानी न केवल असहज महसूस कराती है, बल्कि आपके कामकाज को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में वह बता रहे हैं कि <a href="https://www.indiatv.in/gallery/health-doctor-reveals-5-biggest-reason-of-gas-bloating-and-acidity-2025-11-21-1177721" target="_blank">किन आदतों से पेट फूलने की समस्या बढ़ सकती है</a> और उनसे बचने के लिए क्या करना चाहिए।</p>
<h3>ये आदतें हो सकती हैं ब्लोटिंग के ज़िम्मेदार</h3>
<ul><li>
<p>दिन भर शुगर-फ्री गम चबाना: कई शुगर-फ्री गम में सॉर्बिटोल होता है, जो एक प्रकार का शुगर अल्कोहल है। यह आपकी आंतों में पानी खींच सकता है और गैस व पेट फूलने का कारण बन सकता है। दो सप्ताह तक शुगर-फ्री गम और मिंट खाना बंद करके देखें।</p>
</li>
<li>
<p>लैक्टोज इनटॉलरेंस होने पर दूध पीना: उम्र बढ़ने के साथ-साथ कई लोगों में लैक्टेज एंजाइम का प्रोडक्शन कम हो जाता है। बिना पचा हुआ लैक्टोज आंतों के बैक्टीरिया द्वारा फर्मेंट होकर गैस पैदा कर सकता है। इसलिए दो सप्ताह तक लैक्टोज-फ्री दूध पीकर देखें कि लक्षणों में सुधार होता है या नहीं।</p>
</li>
<li>
<p>भारी और ऑयली फूड्स का सेवन: बहुत ज़्यादा ऑयली फूड्स आंतों की गति और गैस को कंट्रोल करने की क्षमता को प्रभावित करके पेट फूलने की समस्या को बढ़ा सकते हैं, खासकर आईबीएस से पीड़ित लोगों में। इसलिए ज़्यादा ऑयली खाने से बचें और उसकी जगह ग्रिल्ड प्रोटीन और पकी हुई सब्जियां खाएं।</p>
</li>
<li>
<p>खाने के बाद बैठ जाना: अगर आप खाना खाने के बाद तुरतं बैठ जाते हैं तो यह भी ब्लोटिंग की एक वजह हो सकती है।खाने के बाद 10-15 मिनट तक चलने से पेट फूलना, डकार आना और पेट की तकलीफ में सुधार होता है इसलिए खाना खाने के बाद 10-15 मिनट तक टहलें।</p>
</li>
<li>
<p>कब्ज को नज़रअंदाज़ करना: डॉक्टर सौरभ शेट्टी कहती हैं कि कब्ज से पीड़ित 2,203 मरीजों पर किए गए एक स्टडी में, लगभग 92% ने पेट फूलने की शिकायत की। इसलिए कभी भी शौच की इच्छा को नज़रअंदाज़ न करें। </p>
</li>
<li>
<p>जल्दी-जल्दी खाना: खाना खाते समय अक्सर लोग हवा ज़्यादा निगल लेते हैं, जिससे पेट फूलने और डकार लेने की समस्या बढ़ जाती है। इसलिए धीरे-धीरे खाएं, छोटे-छोटे निवाले लें और अच्छी तरह चबाएं।</p>
</li>
</ul><p><blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://instagram.com/doctor.sethi/reel/DehO6txj2nU/" data-instgrm-version="12" style="background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:500px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"></blockquote></p>
<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
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<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/struggling-with-bloating-these-everyday-habits-could-be-the-reason-behind-your-problem-2026-10-16-1249271     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/struggling-with-bloating-these-everyday-habits-could-be-the-reason-behind-your-problem-2026-10-16-1249271 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 19:00:28 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     डायबिटीज के मरीजों को शराब पीनी चाहिए या नहीं? लिवर स्पेशलिस्ट से जानें इससे कैंसर का खतरा कितना बढ़ता है     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ डायबिटीज एक खतरनाक बीमारी है जो शरीर में दूसरे अंगों जैसे लिवर, किडनी और हार्ट के फंक्शन को प्रभावित करती है। शुगर के मरीज को शराब पीनी चाहिए या नहीं पीनी चाहिए और इससे कैंसर का खतरा कितना बढ़ता है। आइये इसके बारे में लिवर स्पेशलिस्ट से जानते हैं।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/alcohol-in-diabetes-16-10-2026-1792120675.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डायबिटीज में शराब पीना]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/alcohol-in-diabetes-16-10-2026-1792120675.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/alcohol-in-diabetes-16-10-2026-1792120675.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डायबिटीज में शराब पीना
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>शराब सेहत के लिए खतरनाक है, इसका सीधा असर लिवर पर पड़ता है। लंबे समय में <a href="https://www.indiatv.in/health/do-you-also-think-alcohol-only-harms-the-liver-doctor-reveals-it-has-an-adverse-effect-on-these-organs-as-well-2026-07-08-1229839" target="_blank" title="क्या आप भी सोचते हैं कि शराब सिर्फ लिवर को नुकसान पहुंचाती है, डॉक्टर ने बताया इन अंगों पर भी होता है बुरा असर">शराब का सेवन फैटी लिवर </a>से होते हुए लिवर सिरोसिस और फिर लिवर कैंसर का खतरा बढ़ाता है। एक आम स्वस्थ आदमी को भी शराब से सिर्फ और सिर्फ नुकसान ही होता है। लेकिन अगर आपको डायबिटीज जैसी बीमारी है तो शराब का सेवन पैंक्रियाज को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे शरीर में इंसुलिन बनाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज के मरीजों को शराब पीनी चाहिए या नहीं, अगर पी रहे हैं तो कोई सुरक्षित सीमा है?</p>
<h3><strong>डायबिटीज में शराब पीना</strong></h3>
<p><a href="https://www.practo.com/delhi/doctor/dr-shiv-kumar-sarin-gastroenterologist" target="_blank">लिवर स्पेशलिस्ट डॉक्टर शिव कुमार सरीन</a> ने अपनी किताब ओन योर बॉडी में बताया है कि, हेल्थ चेकअप्स के लिए आए, 40 से 80 साल की आयु के 504,546 लोगों पर किए गए एक बड़े रिसर्च में पाया गया है कि लिवर कैंसर का हेपेटाइटिस-बी और सी के इन्फेक्शन से काफी संबंध होता है। यह पाया गया है कि शराब का 20 गैलन प्रति वर्ष सेवन, 50, 50-59, 60-69, 70-80 साल की आयु के लोगों में कैंसर के खतरे को क्रमश: 6,8, 16 और 30 प्रतिशत बढ़ा सकता है।</p>
<h3><strong>डायबिटीज में शराब पीने से कैंसर का खतरा</strong></h3>
<p>दूसरे रिसर्च में भी पाया गया है कि जैसे 'हेल्थ 2000' और 'FINRISK 1992-2012' में भाग लेने वाले लोगों के डेटाबेस से पता चलता है कि शराब के सेवन से हार्ट डिसीज का खतरा भले ही थोड़ा कम होता हो, लेकिन इसका संबंध इसके सेवन की डोज के हिसाब से एडवांस्ड लिवर डिसीज और कैंसर के खतरों से बराबर बना रहता है। वास्तव में, शराब का ही एक अंश, एसीटैल्डिहाइड, लिवर, मुंह की कैविटी, फूड पाइप, पेट, पैनक्रियाज, प्रोस्टेट और फोमेल ब्रेस्ट में कैंसर के खतरे को बढ़ाने का काम करता है। कहने का मतलब है कि डायबिटीज के रोगी को शराब से परहेज करना जरूरी है।</p>
<h3><strong>शराब की कोई सीमा नहीं</strong></h3>
<p>डॉक्टर सरीन ने साफ लिखा है कि डायबिटीज के रोगियों सहित किसी भी व्यक्ति के लिए शराब पीने की कोई सुरक्षित सीमा नहीं होती, लेकिन डायबिटीज के रोगियों के लिए शराब का नियमित सेवन घाव पर नमक छिड़कने जैसा होता है। इससे फैटी लिवर और लिवर फाइब्रोटिक की समस्याएं बढ़ सकती हैं। समय के साथ हेपेटाइटिस भी हो सकता है। </p>
<h3><strong>डायबिटीज के रोगियों के लिए खतरनाक है शराब</strong></h3>
<p>ऐसे में अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो जान लें कि इससे ब्लड शुगर का स्तर भी प्रभावित हो सकता है। खासकर इंसुलिन या कुछ ऐसी दवाएं लेने वाले लोगों में शराब पीने से ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक कम होने यानी हाइपोग्लाइसीमिया का जोखिम बढ़ सकता है। यह स्थिति कई बार शराब पीने के कई घंटे बाद भी हो सकती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को शराब से परहेज करना बेहतर है। अगर कोई व्यक्ति शराब पीता है, तो उसे अपनी दवाओं, ब्लड शुगर और लिवर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/how-to-reduce-fatty-liver-sgpt-and-ggpt-levels-what-to-eat-to-help-things-under-control-2026-10-15-1248912" target="_blank" title="फैटी लिवर, SGPT और GGPT को कैसे कम करें, जानिए क्या खाना चाहिए, जिससे कंट्रोल में आने लगें चीजें">फैटी लिवर, SGPT और GGPT को कैसे कम करें, जानिए क्या खाना चाहिए, जिससे कंट्रोल में आने लगें चीजें</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table><p>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/should-diabetes-patients-consume-alcohol-find-know-from-liver-specialist-how-much-alcohol-increases-the-risk-of-cancer-2026-10-16-1249135     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/should-diabetes-patients-consume-alcohol-find-know-from-liver-specialist-how-much-alcohol-increases-the-risk-of-cancer-2026-10-16-1249135 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 08:48:29 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     इन तीन चीजों में होता है बहुत ज़्यादा विटामिन सी, डॉक्टर ने दी डाइट में शामिल करने की सलाह     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आमतौर पर लोग विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए नींबू का सेवन करते हैं, लेकिन इनके अलावा भी कई खाद्य पदार्थ विटामिन C से भरपूर होते हैं। डॉक्टर ने ऐसे ही तीन फूड्स को डाइट में शामिल करने की सलाह दी है, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिल सके     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-15-oct-2026-07-29-pm-8714-1792072800.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[विटामिन C से भरपूर फूड्स]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-15-oct-2026-07-29-pm-8714-1792072800.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-15-oct-2026-07-29-pm-8714-1792072800.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      विटामिन C से भरपूर फूड्स
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>विटामिन C शरीर को स्वस्थ रखने, इम्यूनिटी को सपोर्ट करने और त्वचा की सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर जब भी विटामिन C की बात आती है, तो सबसे पहले नींबू का ख्याल आता है। लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं, जिनमें भरपूर मात्रा में यह जरूरी पोषक तत्व पाया जाता है। साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक और एमबीबीएस, एमडी <a href="https://saaol.com/about-dr-bimal" target="_blank">डॉक्टर बिमल छाजेर</a> ने अपने यूट्यूब वीडियो में बताया कि <a href="https://www.indiatv.in/health/vitamin-c-for-immunity-top-5-foods-that-are-richest-in-vitamin-c-and-must-be-consumed-daily-for-immunity-boost-in-hindi-786606" target="_blank">डाइट में विटामिन C शामिल करने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए</a>। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वे तीन चीजें और इन्हें खाने से सेहत को क्या फायदे मिल सकते हैं।</p>

<h3>इन तीनों चीजों में होता है बहुत ज़्यादा विटामिन सी </h3>

<ul>
	<li>
	<p>सी बकथॉर्न: सी बकथॉर्न नारंगी फल के रूप में जाना जाता है इसमें विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि सौ ग्राम सी बकथॉर्न में लगभग 200 मिलीग्राम से 900 मिलीग्राम विटामिन C पाया जाता है। इसके अलावा इसमें विटामिन E, कैरोटीनॉयड और फ्लेवोनोइड भी पाए जाते हैं। आप इसका सेवन जूस के रूप में कर सकते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p>आंवला: जब भी बात विटामिन सी की आए तो आंवले का नाम सबसे पहले आता है। 100 ग्राम ताजे आंवले में लगभग 470 से 600 मिलीग्राम विटामिन C पाया जाता है। वहीं, आंवले में संतरे की तुलना में लगभग 10 से 20 गुना अधिक विटामिन C होता है। साथ ही इसमें पोलीफिनोल्स भी पाया जाता है। आप इसका सेवन, जूस के रूप में कर सकते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p>संतरा: 100 ग्राम संतरा में लगभग आपको 50 मिलीग्राम विटामिन C पाया जाता है। हालांकि, इसमें आंवला से कम विटामिन सी पाया जाता है।लेकिन अच्छी बता यह है कि आप संतरे का सेवन आसानी से कर सकते हैं जबकि आप आंवला नहीं खा सकते हैं। </p>
	</li>
</ul>

<h3>विटामिन सी की कमी कैसे होगी पूरी?</h3>

<p>अगर आप एक दिन में दो संतरा और एक आंवला खाते हैं तो एक दिन के विटामिन सी की मात्रा पूरी हो सकती है। इन दोनों को मिलाकर आपके शरीर को लगभग 400 मिलीग्राम या उससे अधिक विटामिन सी प्राप्त होता है, जो आपकी पूरे दिन की जरूरत को आसानी से पूरा कर देता है</p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/these-three-foods-are-very-rich-in-vitamin-c-doctors-recommend-including-them-in-your-diet-2026-10-15-1249060     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/these-three-foods-are-very-rich-in-vitamin-c-doctors-recommend-including-them-in-your-diet-2026-10-15-1249060 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 19:32:36 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     फैटी लिवर को रिवर्स करने में मदद कर सकते हैं ये जूस, डॉक्टर ने बताया कौन से ड्रिंक्स हैं फायदेमंद?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आपका फैटी लिवर भी बढ़ा हुआ है तो अपनी डाइट में डॉक्टर द्वारा बताए गए इन कुछ डिटॉक्स ड्रिंक्स को शामिल कर सकते हैं। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-15t183915-1792069785.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैटी लिवर के लिए जूस]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-15t183915-1792069785.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-15t183915-1792069785.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैटी लिवर के लिए जूस
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आजकल खराब लाइफस्टाइल और डाइट के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आपका लिवर हेल्दी हो इसलिए डाइट में सही बदलाव करना बेहद जरूरी है। कुछ हेल्दी ड्रिंक्स और जूस संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर लिवर की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं। <a href="https://drshubhamvatsya.com/" target="_blank">डॉक्टर शुभम वत्स </a>से जानते हैं कि <a href="https://www.indiatv.in/health/claims-to-cure-fatty-liver-in-just-14-days-drink-this-desi-drink-on-empty-stomach-in-the-morning-know-how-to-make-it-2025-09-03-1160013" target="_blank">फैटी लिवर की समस्या में कौन-से ड्रिंक्स फायदेमंद हो सकते हैं</a> और इन्हें डाइट में शामिल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p> </p>
<h3>फैटी लिवर को कंट्रोल करने में इन जूस का सेवन है फायदेमंद</h3>
<ul><li>
<p><strong>आंवला का जूस:</strong> आंवले का जूस विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर हैं जो लिवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और और सूजन से बचाने में मदद करते हैं। यह लिवर को नेचुरली डिटॉक्स करता है और लिपिड मेटाबॉलिज़्म को बढ़कर लिवर के फैट को कम करने में मदद करते है। इतना ही नहीं आंवले का जूस पीने से स्किन और हेयर की हेल्थ भी बेहतर होती है। बढ़ती उम्र में भी त्वचा ग्लो करती है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>ग्रीन टी</strong>: ग्रीन टी ड्रिंक का सेवन भी फैटी लिवर में फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद कैटेचिन इजीसीजी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो फैटी लिवर की समस्या में काफी मददगार माना जाता है। डॉक्टर शुभम वत्स कहते हैं कि इजीसीजी लिवर सेल्स में एक्स्ट्रा फैट को जमा होने से रोकने और उसे बर्न करने में मदद करता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>नींबू का पानी</strong>: सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी पीने से लिवर नेचुरल डिटॉक्स होता है। यह शरीर से वेटसेज को आसानी से निकालने में मदद करते हैं। इसके साथ ही डाइजेशन बेहतर होता है और बॉडी को हाइड्रेशन के साथ साथ विटामिन सी भी मिलता है।</p>
</li>
<li>
<p><strong>ब्लैक कॉफी</strong>: डॉक्टर शुभम वत्स कहते हैं कि फैटी लिवर में बिना चीनी वाला ब्लैक कॉफी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड और कैफीन  लिवर के सूजन और फाइब्रोसिस के रिस्क को तेजी से कम करने में मदद करते हैं।</p>
</li>
<li>
<p><strong>छाछ</strong>: छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स फैटी लिवर ही कंट्रोल नहीं करता है बल्कि गट हेल्थ भी बेहतर करता है। इसमें भुना हुआ जीरा मिलाकर पीने से पाचन भी बेहतर होता है। </p>
</li>
</ul><p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>
<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table></div>
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<p> </p>
<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/these-juices-can-help-reverse-a-fatty-liver-doctor-explains-which-drinks-are-beneficial-2026-10-15-1249054     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/these-juices-can-help-reverse-a-fatty-liver-doctor-explains-which-drinks-are-beneficial-2026-10-15-1249054 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 19:05:52 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     दांतों की झनझनाहट को कैसे दूर करें, क्या घरेलू नुस्खे से इसे ठीक किया जा सकता है?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ दातों में तेज झनझनाहट होना आज के समय में बहुत कॉमन प्रॉब्लम हो गई है। कई लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसे में कुछ लोग घरेलू उपाय के जरिए दांतों की झनझनाहट को दूर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या ये संभव है। चलिए जानते हैं।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-2-1792062882.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दांतों की झनझनाहट को कैसे दूर करें, क्या घरेलू नुस्खे से इसे ठीक किया जा सकता है?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-2-1792062882.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-2-1792062882.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दांतों की झनझनाहट को कैसे दूर करें, क्या घरेलू नुस्खे से इसे ठीक किया जा सकता है?
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>दांतों में झनझनाहट या संवेदनशीलता एक आम समस्या है। इसमें ठंडा, गर्म, मीठा या खट्टा खाने-पीने पर दांतों में अचानक तेज़ झनझनाहट या दर्द महसूस होता है। इसकी वजह से लोगों को खाने पीने में काफी दिक्कत होती है। कई लोग इसे आम समस्या समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन सही देखभाल और समय पर डेंटिस्ट की सलाह से इसे ठीक किया जा सकता है। वहीं कुछ लोग घरेलू नुस्खे अपनाकर इसे ठीक करना चाहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इसे घरेलू नुस्खे के जरिए ठीक किया जा सकता है। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-rajeev-arora-1129" target="_blank">डॉ. राजीव अरोड़ा, दंत विज्ञान डॉक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद </a></strong>बता रहे हैं इसके कारण और क्या इसे घरेलू उपाय से दूर किया जा सकता है या नहीं। </p>
<h3><strong>दांतों में झनझनाहट के प्रमुख कारण</strong></h3>
<ul><li>दांतों की बाहरी परत का घिसना।</li>
<li>मसूड़ों का पीछे हटना, जिससे दांतों की जड़ें खुल जाती हैं।</li>
<li>बहुत ज़ोर से ब्रश करना या कठोर ब्रश का इस्तेमाल।</li>
<li>कैविटी, दांत में दरार या मसूड़ों की बीमारी।</li>
<li>बार-बार खट्टे खाद्य पदार्थों और अम्लीय पेय पदार्थों का सेवन।</li>
</ul><h3>झनझनाहट दूर करने के घरेलू उपाय</h3>
<ul><li>सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल करें: मुलायम ब्रिसल वाले ब्रश से हल्के हाथों से दिन में दो बार ब्रश करें।</li>
<li>संवेदनशील दांतों वाला टूथपेस्ट यूज करें: पोटैशियम नाइट्रेट या स्टैनस फ्लोराइड से भरपूर टूथपेस्ट नियमित रूप से इस्तेमाल करने से संवेदनशीलता कम हो सकती है।</li>
<li>बहुत गर्म या ठंडी चीज़ों से बचें: जब तक समस्या कम न हो, अत्यधिक गर्म, ठंडे, मीठे और खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें। </li>
<li>खट्टा खाने के बाद कुल्ला करें: अगर आपने कुछ खट्टी चीजों का सेवन किया है तो उसके बाद सादे पानी से कुल्ला करें। अम्लीय चीज़ें खाने के तुरंत बाद ब्रश न करें, लगभग 30–60 मिनट तक का गैप रखें।</li>
<li>फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें: इससे इनेमल मजबूत करने और दांतों में सड़न का खतरा घटाने में मदद मिलती है।</li>
<li>ध्यान दें: नमक, नींबू, कोयला या बेकिंग सोडा को दांतों पर रगड़ने से बचें। ये इनेमल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। घरेलू उपाय लक्षण कम कर सकते हैं, लेकिन हर कारण का इलाज नहीं हैं।</li>
</ul><h3><strong>डेंटिस्ट को कब दिखाएं?</strong></h3>
<p>यदि झनझनाहट लगातार बनी रहे, तेज़ दर्द हो, एक ही दांत में परेशानी हो, या सूजन और बुखार हो, तो डेंटिस्ट से जांच कराएं। कैविटी या दांत में दरार होने पर फिलिंग अथवा अन्य उपचार की आवश्यकता हो सकती है।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/how-to-reduce-fatty-liver-sgpt-and-ggpt-levels-what-to-eat-to-help-things-under-control-2026-10-15-1248912" target="_blank" title="फैटी लिवर, SGPT और GGPT को कैसे कम करें, जानिए क्या खाना चाहिए, जिससे कंट्रोल में आने लगें चीजें">फैटी लिवर, SGPT और GGPT को कैसे कम करें, जानिए क्या खाना चाहिए, जिससे कंट्रोल में आने लगें चीजें</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/how-can-tooth-sensitivity-be-relieved-can-it-be-treated-with-home-remedies-2026-10-15-1249026     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/how-can-tooth-sensitivity-be-relieved-can-it-be-treated-with-home-remedies-2026-10-15-1249026 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 16:45:31 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     फैटी लिवर, SGPT और GGPT को कैसे कम करें, जानिए क्या खाना चाहिए, जिससे कंट्रोल में आने लगें चीजें     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ खराब लाइफस्टाइल का असर फैटी लिवर के रूप में सामने आने लगा है। अनहेल्दी चीजें खाने से लिवर में सूजन आने लगती है, जिससे फैटी लिवर, SGPT और GGPT हाई होने की समस्या बढ़ जाती है। जानिए इन्हें कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/fatty-liver-sgpt-ggpt-15-10-2026-1792029608.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फैटी लिवर, एसजीपीटी-जीजीपीटी कैसे कंट्रोल करें]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/fatty-liver-sgpt-ggpt-15-10-2026-1792029608.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/fatty-liver-sgpt-ggpt-15-10-2026-1792029608.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फैटी लिवर, एसजीपीटी-जीजीपीटी कैसे कंट्रोल करें
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>शरीर का सबसे बड़ा और मजबूत अंग हमारा लिवर होता है। लेकिन जब जरूरत से ज्यादा खराब चीजें लाइफस्टाइल में शामिल होने लगें तो लिवर की सेहत भी प्रभावित होने लगती है। इन दिनों महानगरों में रहने वाले लोगों में फैटी लिवर की समस्या सबसे ज्यादा होने लगी है। फैटी लिवर को आम बीमारी मानना खतरनाक है क्योंकि जैसे-जैसी इसकी स्टेज बढ़ती है ये लिवर को बीमार करने लगता है।<a href="https://www.saurabhsethimd.com/" target="_blank"> गैस्ट्रॉलॉजिस्ट सौरभ सेठी </a>के मुताबिक,  ज्यादा शराब पीना, फैटी चीजें खाना और फिकिल एक्टिविटी नहीं करने से लिवर की सेहत पर भी असर पड़ता है। इससे लिवर टेस्ट कराने पर SGPT और GGPT बढ़ने और <a href="https://www.indiatv.in/health/what-can-be-done-to-reverse-fatty-liver-doctors-share-simple-and-effective-methods-2026-09-09-1242320" target="_blank" title="फैटी लिवर को रिवर्स करने के लिए क्या करें? डॉक्टर ने बताए आसान और असरदार तरीके">फैटी लिवर</a> जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में अगर आप लिवर को हेल्दी रखना चाहते हैं तो खाने-पीने और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ बातों का ख्याल जरूर रखें।</p>

<h3><strong>लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?</strong></h3>

<p><strong>फाइबर वाली चीजें खाएं-</strong> लिवर के लिए फाइबर सबसे बेहतरीन काम करता है। डाइट में फाइबर रिच चीजें शामिल करें, इसके लिए खूब सारा सलाद खाएं। हाई फाइबर वाली चीजों से पेट हेल्दी रहता है और वजन कम होता है। इससे लिवर पर प्रेशर कम पड़ता है। सलाद खाने से बॉडी डिटॉक्स होती है और शरीर में जमा हो रहे टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं।</p>

<p><strong>तेल मसाला कम खाएं-</strong> लिवर की सेहत पर ज्यादा तेल और मसालेदार खाने से बुरा असर पड़ता है। इसलिए रोजाना में कम ऑयली और डीप फ्राइड चीजें खाने से आपको बचना चाहिए। आप उबली हुई या फिर रोस्ट की गई चीजें खाएं। पूरी पराठा ज्यादा न खाएं और सब्जी पकाने में भी कम तेल का इस्तेमाल करें।</p>

<p><strong>भरपूर पानी पीएं- </strong>लिवर फंक्शन को बेहतर बनाने के लिए दिनभर में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीएं। शरीर में भरपूर पानी की मात्रा का होना जरूरी है। इससे बॉडी नेचुरली डिटॉक्स होती है और खराब पदार्थ टॉयलेट के जरिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं।</p>

<p><strong>एक्सरसाइज करें- </strong>शरीर को स्वस्थ रखने में डाइट जितना अहम रोल प्ले करती है उससे कहीं ज्यादा आपका वर्कआउट जरूरी है। लिवर हो या कोई दूसरा अंग, फैट सबसे बड़ा दुश्मन है। लिवर को हेल्दी रखने के लिए रोजाना कोई न कोई फिटनेस एक्टिविटी जरूर करें। खाने के के बाद वॉक और रोज 40-45 मिनट की इंटेंस एक्सरसाइज जरूर करें। इससे लिवर स्वस्थ रहेगा।</p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/these-5-things-are-boon-for-platelets-they-will-help-platelet-counts-rise-rapidly-during-dengue-2026-10-14-1248673" target="_blank" title="प्लेटलेट्स के लिए पंचामृत हैं ये 5 चीजें, डेंगू में तेजी से बढ़ने लगेंगी Platelets">प्लेटलेट्स के लिए पंचामृत हैं ये 5 चीजें, डेंगू में तेजी से बढ़ने लगेंगी Platelets</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/how-to-reduce-fatty-liver-sgpt-and-ggpt-levels-what-to-eat-to-help-things-under-control-2026-10-15-1248912     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/how-to-reduce-fatty-liver-sgpt-and-ggpt-levels-what-to-eat-to-help-things-under-control-2026-10-15-1248912 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 07:32:54 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     घुटनों पर कितना भारी पड़ता है बढ़ता वजन? डॉक्टर बता रहे हैं आर्थराइटिस से बचाव में कितना कारगर है वेट मैनेजमेंट     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बढ़ता वजन घुटनों के जोड़ों पर दबाव बढ़ा सकता है, जिससे दर्द और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है।  ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि  वेट मैनेजमेंट किस तरह घुटनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने और आर्थराइटिस के जोखिम से बचाव में मदद कर सकता है।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-9-1792000757.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[घुटनों में दर्द]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-9-1792000757.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-9-1792000757.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      घुटनों में दर्द
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>घुटने हमारे शरीर के वजन को संभालने और चलने, उठने-बैठने जैसी गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं। जब वजन बढ़ता है, तो घुटनों के जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव भी बढ़ जाता है। खासकर चलते समय, सीढ़ियां चढ़ते-उतरते और कुर्सी से उठते समय घुटनों को अधिक भार सहना पड़ता है। पीएसआरआई अस्पताल में निदेशक और वरिष्ठ सलाहकार <a href="https://psrihospital.com/dr-gaurav-prakash-bhardwaj/" target="_blank">डॉ गौरव प्रकाश भारद्वाज, </a>कहते हैं कि लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर जोड़ों में दर्द, अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि <a href="https://www.indiatv.in/health/how-to-prevent-arthritis-pain-and-reduce-the-risk-of-arthritis-2024-09-05-1073201" target="_blank">आर्थराइटिस को कंट्रोल </a>करने के लिए वजन कम करना क्यों है ज़रूरी?</p>

<h3>क्या वजन कम करने से आर्थराइटिस का खतरा कम हो सकता है?</h3>

<p>डॉ गौरव प्रकाश भारद्वाज, कहते हैं कि वजन कम करने से घुटनों पर पड़ने वाले मैकेनिकल दबाव कम होता है और दर्द को को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन कम करने से हर व्यक्ति में आर्थराइटिस को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, क्योंकि उम्र, आनुवंशिक कारण, पुरानी चोट और जोड़ों की स्थिति भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।</p>

<h3>आर्थराइटिस के मरीजों के लिए कितना वजन कम करना फायदेमंद है?</h3>

<p>अगर किसी व्यक्ति का वजन अधिक है और उसे घुटनों में दर्द या ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या है, तो 5 से 10 प्रतिशत तक वजन कम करना फायदेमंद हो सकता है। इससे घुटनों पर पड़ने वाला दबाव कम करने, दर्द में राहत पाने और चलने-फिरने की क्षमता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। </p>

<h3>घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?</h3>

<p>डॉ गौरव प्रकाश भारद्वाज, कहते हैं कि घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए हेल्दी डाइट, फिजिकल एक्टिविटी और वजन कंट्रोल करना जरूरी है। जिन लोगों को घुटनों में दर्द रहता है, वे डॉक्टर की सलाह से व्यायाम, शुरू कर सकते हैं। साथ ही, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे रहने से बचना चाहिए। अगर घुटनों में लगातार दर्द, सूजन, अकड़न या चलने में परेशानी हो रही है, तो इसे केवल बढ़ते वजन का असर समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/how-much-strain-does-excess-weight-put-on-the-knees-doctors-explain-the-effectiveness-of-weight-management-in-preventing-arthritis-2026-10-14-1248886     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/how-much-strain-does-excess-weight-put-on-the-knees-doctors-explain-the-effectiveness-of-weight-management-in-preventing-arthritis-2026-10-14-1248886 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 23:32:41 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     लूज मोशन होने पर क्या खाना है फायदेमंद? डॉक्टर ने बताए डाइट में शामिल करने वाले फूड्स     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आपको भी लूज़ मोशन की समस्या हो जाए तो ऐसी स्थिति में डाइट का ख़ास ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि इस दौरान आपको क्या खाना चाहिए? 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-14t185643-1791984422.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[लूज मोशन में क्या खाना चाहिए]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-14t185643-1791984422.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-14t185643-1791984422.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      लूज मोशन में क्या खाना चाहिए
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>लूज मोशन यानी दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है और इससे बॉडी में कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है। इस दौरान खानपान का बेहद खास ख्याल रखना जरूरी होता है, क्योंकि सही डाइट से शरीर को रिकवर होने में मदद मिल सकती है। डॉक्टर <a href="https://drshubhamvatsya.com/" target="_blank">शुभम वत्स </a>से जानते हैं कि <a href="https://www.indiatv.in/gallery/health-what-food-should-eat-when-suffering-from-diarrhea-loose-motion-to-soothe-the-stomach-2026-04-20-1212811" target="_blank">लूज मोशन होने पर डाइट में किन फूड्स को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है</a> और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।</p>

<h3>लूज मोशन होने पर क्या खाना चाहिए?</h3>

<ul>
	<li>
	<p><strong>केला:</strong> डॉक्टर शुभम वत्स कहते हैं कि केला में प्रचुर मात्रा में सॉल्युबल फाइबर यानी घुलनशील फाइबर होता है जो लूज़ स्टूल यानी दस्त की स्थिति में उसे बांधने और ठोस रूप देने में मदद करता है। साथ ही पोटेशियम भी प्रोवाइड करता है जो डायरिया में बहुत ज़्यादा लूज़ होता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>चावल</strong>: अगर आपको लूज़ मोशन हो रहा है तो अपनी डाइट में सफेद चावल को शामिल करें। डॉक्टर शुभम वत्स कहते हैं कि प्लेन राइस में लो फाइबर होता हैं और ये आसानी से पचने में सहायक होते हैं जिससे इरिटेडेड गट पर जेंटली काम करते हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>दही:</strong> अगर आप डेरी प्रोडक्ट्स का सेवन करते हैं तो लूज़ मोशन होने पर अपनी डाइट में दही को ज़रूर शामिल करें। दरअसल, दही के प्रोबायोटिक्स गट माइक्रोबायोम को सपोर्ट करने में मदद करते हैं। लेकिन डायरिया होने पर दही में चीनी मिलाकर या स्वीटनर का इस्तेमाल न करें वरना आपको कोई फायदा नहीं होगा।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>नारियल का पानी</strong>: डायरिया या लूज़ मोशन होने पर अपनी डाइट में नारियल का पानी ज़रूर शामिल करें। इसमें मौजूद पोटेशियम और तरल पदार्थ शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।  हालांकि, अगर लूज मोशन ज्यादा हो रहे हैं, तो नारियल पानी को ओआरएस का विकल्प न समझें। दस्त के दौरान शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए ओआरएस का घोल ज्यादा जरूरी है।</p>
	</li>
	<li>
	<p><strong>खिचड़ी</strong>: लूज मोशन होने पर चावल और मूंग दाल से बनी हल्की खिचड़ी खाना फायदेमंद हो सकता है। खिचड़ी आसानी से पच जाती है इससे आपको कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन मिलता है और पेट पर दबाव भी नहीं पड़ता है </p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/what-is-beneficial-to-eat-during-loose-motions-doctor-shared-foods-to-include-in-diet-2026-10-14-1248830     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/what-is-beneficial-to-eat-during-loose-motions-doctor-shared-foods-to-include-in-diet-2026-10-14-1248830 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 19:21:18 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     थायराइड के मरीजों के लिए कौन-से फूड्स हैं हेल्दी और कौन-से अनहेल्दी? एक्सपर्ट ने रैंकिंग देकर बताया     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ थायराइड होने पर खानपान का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन बता रही हैं थायराइड के मरीजों के लिए कौन से फूड्स बेहतर हैं?     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-14t182252-1791982402.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[थायराइड के मरीजों की डाइट]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-14t182252-1791982402.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-14t182252-1791982402.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      थायराइड के मरीजों की डाइट
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>थायराइड होने पर कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि किन चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए और किनसे दूरी बनानी चाहिए। वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर बता रही हैं कि थायराइड के मरीजों के लिए कौन से फूड्स बेहतर विकल्प हैं और कौन से नुकसानदायक साथ ही उन्होंने इन्हें रैंक भी दिया है।</p>

<h3>थायराइड में कौन-से फूड्स हैं हेल्दी और कौन-से अनहेल्दी?</h3>

<h3> </h3>

<h3> </h3>

<ul>
	<li>
	<p>गेहूं: अगर आपको ऑटोइम्यून थायरॉयड है तो भूलकर भी गेहूं के आटे को अपनी डाइट में न शामिल करें। गेहूं और उसमें मौजूद ग्लूटेन थायराइड के मरीजों  के लिए ट्रिगर का काम कर सकते हैं। लीमा महाजन ने इसे दसवें नंबर पर रखा है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>धनिया के बीज का पानी: लीमा महाजन ने धनिया के बीज को नौवें नंबर पर रखा है। उनके मुताबिक़, थायराइड में धनिया के बीज का पानी बहुत ज़्यादा फायदेमंद नहीं है। यह सिर्फ सोशल मीडिया पर हिट है लेकिन इसके सेवन से थायराइड कंट्रोल करने में कुछ ख़ास मदद नहीं मिलती है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>मिलेट्स : मिलेट्स को लीमा महाजन ने थायराइड के मरीजों के लिए आठ नंबर पर रखा है। उनके मुताबिक़ यह बहुत ज़्यादा फायदेमंद नही है। खासकर बाजरा  का सेवन करने से बचना चाहिए। रागी और ज्वार भी हफ़्ते में सिर्फ़ 2 बार लें। मिलेट के साथ अपनी डाइट में प्रोटीन, फ़ाइबर और आयोडीन से भरपूर चीज़ें ज़रूर लें।</p>
	</li>
	<li>
	<p>गोभी और ब्रोकोली: लीमा महाजन ने गोभी और ब्रोकोली को नंबर सात पर रखा है। वो कहती हैं कि यह दोनों सब्जियां थायराइड में उतनी बुरी नहीं है जितना लोग समझते है।दरअसल, यह दोनों सब्जियां लिवर को डीटॉस्क करने में मदद करती हैं जो थायराइड हार्मोन के एक्टिवेशन के लिए जरूरी है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>ब्राज़ील नट्स: लीमा महाजन कहती हैं कि ब्राज़ील नट्स में सेलेनियम बहुत ज़्यादा होता है, जो T4 को T3 में बदलने में मदद करता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि इन्हें मुट्ठी भर न खाएं बल्कि एक या दो ही खाएं। उन्होंने इसे छटवें नंबर पर रखा है. </p>
	</li>
	<li>
	<p>अंडा: लीमा महाजन ने अंडा खासकर उसकी जर्दी को पांचवें नंबर पर रखा है। इससे आयोडीन और सेलेनियम मिलता है, जो थायरॉयड हार्मोन बनाने और T4 को T3 में बदलने के लिए ज़रूरी हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p>प्रोबायोटिक और फर्मेंटेड फूड्स: लीमा महाजन ने प्रोबायोटिक और फर्मेंटेड फूड्स को नंबर चार पर रखा है। उनके मुताबिक़, ये फूड्स गट हेल्थ और ओवरऑल न्यूट्रिशन में मदद करते हैं। दही, या दूसरे फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ शामिल करें जो आपको सूट करते हों।</p>
	</li>
	<li>
	<p>प्रोबायोटिक और फर्मेंटेड फूड्स: लीमा महाजन ने प्रोबायोटिक और फर्मेंटेड फूड्स को नंबर चार पर रखा है। उनके मुताबिक़, ये फूड्स गट हेल्थ और ओवरऑल न्यूट्रिशन में मदद करते हैं। दही, या दूसरे फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ शामिल करें जो आपको सूट करते हों।</p>
	</li>
	<li>
	<p>कद्दू के बीज: लीमा महाजन कहती हैं कि थायराइड के मरीजों को कद्दू के बीज का सेवन ज़रूर करना चाहिए। उन्होंने इसे तीसरे नंबर पर रखा है। उनके अनुसार इसमें जिंक और मैग्नीशियम पाए जाते हैं जो थायरॉइड को कंट्रोल करने में मददगार हैं।</p>
	</li>
	<li>
	<p>आयोडीन युक्त नमक: आयोडीन युक्त नमक को लीमा महाजन ने दूसरे नंबर पर रखा है। वो कहती हैं कि थायरॉइड को हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है, इसलिए आपके दैनिक नमक में आयोडीन होना आदर्श है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>कलौंजी:  लीमा महाजन ने कलौंजी को पहले नंबर पर रखा है। वो कहती हैं कि 8 सप्ताह तक प्रतिदिन 2 ग्राम कलौंजी के सेवन से टीएसएच, टी3 और एंटी-टीपीओ के स्तर में सुधार देखा गया</p>
	</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/which-foods-are-healthy-and-which-are-unhealthy-for-thyroid-patients-expert-ranks-2026-10-14-1248817     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/which-foods-are-healthy-and-which-are-unhealthy-for-thyroid-patients-expert-ranks-2026-10-14-1248817 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 18:33:57 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     दर्द न होना भी हो सकता है खतरे की घंटी, जानिए क्यों देर से पहचान में आते हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर शरीर में कोई गंभीर बीमारी पल रही है, तो वह दर्द या किसी बड़ी तकलीफ के रूप में सामने आएगी। लेकिन ब्रेस्ट कैंसर के मामले में यह धारणा पूरी तरह गलत और खतरनाक साबित हो सकती है। जान लें इसके लक्षण क्या हैं। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-24-1791978044.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[दर्द न होना भी हो सकता है खतरे की घंटी, जानिए क्यों देर से पहचान में आते हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-24-1791978044.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-24-1791978044.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      दर्द न होना भी हो सकता है खतरे की घंटी, जानिए क्यों देर से पहचान में आते हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण?
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत में स्तन कैंसर से पीड़ित 60% महिलाओं में इस बीमारी का पता गंभीर अवस्था में चलता है। इस स्थिति में इलाज काफी मुश्किल हो जाता है और बीमारी के ठीक होने की संभावना काफी कम हो जाती है। ज़्यादातर मरीज़ों के मामले में सबसे दुखद बात यह है कि उन्हें स्तन में गांठ महसूस तो होती है, लेकिन वे यह सोचकर उसे नज़रअंदाज़ कर देती हैं कि इसमें कोई खतरा नहीं है, क्योंकि इसमें दर्द नहीं होता। लेकिन यह सबसे बड़ी गलतफहमियों में से एक है, जिसे दूर करना बेहद जरूरी है। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-rajat-bajaj-oncology-300" target="_blank">रजत बजाज, डायरेक्टर और यूनिट हेड, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, फोर्टिस नोएडा</a></strong> बता रहे हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या होते हैं और कब इसे नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं डॉक्टर</strong><br />
स्तन में कैंसर की शुरुआती गांठ में लगभग हमेशा दर्द नहीं होता है। भारत में हमें ऐसा मानने की आदत हो गई है कि दर्द का मतलब खतरा है। अगर किसी महिला को अपने स्तन या बगल में बिना दर्द वाली सूजन महसूस होती है, तो उसे नजरअंदाज न करें और इसे खतरनाक स्तर तक पहुंचने से पहले ही रोकें।</p>
<p><strong>भारतीय महिलाएं डॉक्टर के पास इतनी देर से क्यों जाती हैं? </strong></p>
<ul><li><strong>परिवार को पहले रखने की आदत: </strong>आमतौर पर भारतीय महिलाएं अपने परिवार की रीढ़ होती है। वह हमेशा अपने परिवार और घर के कामों को प्राथमिकता देती है। इस हद तक कि वह हर समय अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ करती रहती है।</li>
<li><strong>शर्म और झिझक:</strong> हमारे पारंपरिक समाज में स्तनों के बारे में खुलकर बात नहीं की जाती। इस विषय पर बात करने में झिझक और हिचकिचाहट के कारण महिलाएं अपने शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में अपने पति या यहां तक कि परिवार की दूसरी महिलाओं से भी बात नहीं कर पाती हैं।</li>
<li><strong>जागरूकता की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का आभाव:</strong> ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली कई महिलाओं को स्तनों की स्वयं जांच करने के बुनियादी तरीकों की जानकारी नहीं होती है। उन्हें बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं, जैसे मैमोग्राम जांच केंद्र भी उपलब्ध नहीं होते हैं, खासकर दूर-दराज़ के इलाकों में।</li>
</ul><p><strong>डॉक्टर की अपील</strong><br />
आपके परिवार की सेहत आपकी सेहत पर निर्भर करती है। इसलिए महिलाओं को अपनी सेहत को नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए। हमेशा अपने लिए समय निकालें और हर महीने माहवारी खत्म होने के बाद सिर्फ पांच मिनट निकालकर आईने के सामने अपने स्तनों की जांच करें। स्तन में किसी नई, सख्त गांठ, स्तन के आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा में बदलाव या निप्पल से किसी असामान्य स्राव पर ध्यान दें। अगर आपको बिना दर्द वाली गांठ महसूस होती है, तो घबराएं नहीं और इसे छिपाएं भी नहीं। अपने प्रियजनों को इसके बारे में बताएं और तुरंत कैंसर विशेषज्ञ से मिलें। समय पर इसका इलाज कराने से जान बचाई जा सकती हैं। </p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/do-you-experience-sharp-pain-in-the-soles-of-your-feet-right-after-waking-up-find-out-what-condition-this-could-signal-2026-10-13-1248623" target="_blank" title="सुबह उठते ही होती है पैर के तलवे में तेज दर्द? तो जान लें किस बीमारी का हो सकता है संकेत">सुबह उठते ही होती है पैर के तलवे में तेज दर्द? तो जान लें किस बीमारी का हो सकता है संकेत</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/the-absence-of-pain-can-also-be-a-warning-sign-find-out-why-breast-cancer-symptoms-often-go-undetected-for-so-long-2026-10-14-1248799     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/the-absence-of-pain-can-also-be-a-warning-sign-find-out-why-breast-cancer-symptoms-often-go-undetected-for-so-long-2026-10-14-1248799 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 17:11:27 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     प्लेटलेट्स के लिए पंचामृत हैं ये 5 चीजें, डेंगू में तेजी से बढ़ने लगेंगी Platelets      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ डेंगू में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगती हैं। ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक जड़ी बूटी और खान-पान में बदलाव करके कम हो रही प्लेटलेट्स को बढ़ाया जा सकता है। स्वामी रामदेव ने बताया प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या खाएं।


    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/platelete-increse-14-10-2026-1791943499.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/platelete-increse-14-10-2026-1791943499.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/platelete-increse-14-10-2026-1791943499.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>डेंगू बुखार, मलेरिया और चिकनगुनिया में तेजी से प्लेटलेट्स कम होते हैं। डेंगू में सबसे ज्यादा असर प्लेटलेट्स पर ही होता है। मरीज की प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगती हैं। इसीलिए डेंगू में हर दिन मरीज के प्लेटलेट्स पर नजर रखी जाती है। अगर सही समय पर इलाज न मिले तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। हालांकि दवाओं के साथ अच्छी डाइट से प्लेटलेट्स में सुधार किया जा सकता है। आयुर्वेद में ऐसी कई चीजें हैं जिनसे प्लेटलेट्स बढ़ने लगते हैं। आइये स्वामी रामदेव से जानते हैं कि प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए और कौन सी चीजों से प्लेटलेट्स तेजी बढ़ने लगते हैं।</p>

<h3><strong>प्लेटलेट्स बढ़ाने के उपाय</strong></h3>

<p>प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए लौकी के जूस में शहद मिलाकर पीने से फायदा होता है। आप नाश्ते में अनार और अंजीर खा सकते हैं। इन दोनों चीजों में प्लेटलेट्स में सुधार आता है। इसके अलावा व्हीटग्रास जूस, एलोवेरा जूस, गिलोय का जूस, पपीते के पत्तों का जूस, कीवी और कद्दू के बीज खाने से भी प्लेटलेट्स बढ़ते हैं। आप इन चीजों को सेवन करेंगे तो हफ्तेभर में आपके प्लेटलेट्स बढ़ने लगेंगे। गिलोय की दवा खा सकते हैं या फिर जल्दी असर के लिए ताजा गिलोय का इस्तेमाल करेंगे तो तेजी से फायदा होगा।   </p>

<h3><a href="https://www.indiatv.in/health/what-should-your-diet-be-like-if-you-have-dengue-know-what-to-eat-and-what-to-avoid-in-hindi-2025-09-21-1164234" target="_blank" title="डेंगू होने पर कैसी होनी चाहिए आपकी डाइट? जानें क्या खाएं और क्या न खाएं?"><strong>डेंगू में क्या पीना चाहिए?</strong></a></h3>

<p>डेंगू होने पर मरीज को खूब पानी पीना चाहिए। आप रोज एक-दो नारियल पानी पीएं। तुलसी के पत्ते उबालकर उसका पानी पीएं। पपीते के पत्ते का रस बनाकर पीने से फायदा मिलेगा। बुखार उतारने के लिए गिलोय का रस पीएं और उल्टियों को रोकने के लिए अनार का जूस फायदेमंद होता है।</p>

<h3><strong>डेंगू में प्लेटलेट बढ़ाने वाले फल</strong></h3>

<p>डेंगू के मरीज को कीवी खाने की सलाह दी जाती है। कीवी में विटामिन सी पाया जाता है। जो शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। कीवी में फाइबर काफी होता है जिससे इसे पचाना आसान होता है। कीवी प्लेटलेट्स को बढ़ाने में भी मदद करता है। रोज 1 अनार खाने या अनार का जूस पीने से भी प्लेटलेट्स और शरीर में रेड ब्लड सेल्स बढ़ाने में मदद मिलती है। शरीर में खून और हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए अनार फायदेमंद माना जाता है। कच्चा और पका पपीता भी प्लेटलेट्स बढ़ाता है। इसके अलावा सेब, संतरा और अमरूद जैसे फल खाने से प्लेटलेट्स बढ़ने लगते हैं। </p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/world-arthritis-day-2026-arthritis-is-not-merely-sign-of-aging-know-symptoms-and-how-to-improve-joint-health-2026-10-12-1248294" target="_blank" title="गठिया सिर्फ उम्र बढ़ने की निशानी नहीं, लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, वरना बिगड़ सकती है जोड़ों की सेहत">गठिया सिर्फ उम्र बढ़ने की निशानी नहीं, लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, वरना बिगड़ सकती है जोड़ों की सेहत</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p> </p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/these-5-things-are-boon-for-platelets-they-will-help-platelet-counts-rise-rapidly-during-dengue-2026-10-14-1248673     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/these-5-things-are-boon-for-platelets-they-will-help-platelet-counts-rise-rapidly-during-dengue-2026-10-14-1248673 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 07:40:14 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     सुबह उठते ही होती है पैर के तलवे में तेज दर्द? तो जान लें किस बीमारी का हो सकता है संकेत      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सुबह सोकर उठते ही जैसे ही आप अपना पहला कदम ज़मीन पर रखते हैं, तो एड़ी या तलवे में सुई चुभने जैसा तेज़ दर्द होता है? अगर हां, तो यहां जान लें किस बीमारी की चपेट में हैं आप। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-20-1791903314.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सुबह उठते ही होती है पैर के तलवे में तेज दर्द? तो जान लें किस बीमारी का हो सकता है संकेत ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-20-1791903314.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-20-1791903314.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सुबह उठते ही होती है पैर के तलवे में तेज दर्द? तो जान लें किस बीमारी का हो सकता है संकेत 
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सुबह बिस्तर से उठते ही पैर के तलवे में तेज दर्द होना और पहले कुछ कदम चलने में परेशानी महसूस करना एक आम समस्या है। कई लोग इसे थकान या ज्यादा चलने का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है, तो इसके पीछे कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण हो सकते हैं। समय रहते इसकी वजह जानना जरूरी है, ताकि समस्या गंभीर होने से पहले सही इलाज शुरू किया जा सके।  <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-monu-singh-11935" target="_blank">डॉ. मोनू सिंह, निदेशक आर्थोपेडिक्स, फोर्टिस अस्पताल, मानेसर</a></strong> बता रहे हैं कि ये किस बीमारी का संकेत हो सकते हैं। </p>
<p><strong>1. प्लांटर फैसिआइटिस हो सकता है प्रमुख कारण</strong><br />
सुबह उठते ही एड़ी या तलवे में दर्द होने की सबसे आम वजह प्लांटर फैसिआइटिस है। इसमें पैर के तलवे में मौजूद मोटे टिशू, जो एड़ी को पंजों से जोड़ते हैं, में सूजन या जलन हो सकती है। लंबे समय तक बैठने या सोने के बाद जब व्यक्ति पहला कदम रखता है, तो दर्द ज्यादा महसूस हो सकता है। कुछ देर चलने के बाद दर्द कम हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक खड़े रहने से दोबारा बढ़ सकता है।</p>
<p><strong>2. एड़ी में स्पर या दूसरी समस्याएं</strong><br />
एड़ी की हड्डी के पास अतिरिक्त हड्डी का उभार, जिसे हील स्पर कहते हैं, कुछ लोगों में दर्द का कारण हो सकता है। हालांकि, हील स्पर होने का मतलब यह नहीं कि दर्द जरूर होगा। इसके अलावा, गलत फिटिंग वाले जूते, लंबे समय तक खड़े रहना और पैरों पर ज्यादा दबाव पड़ना भी दर्द की वजह बन सकते हैं।</p>
<p><strong>3. क्या यह गठिया या नसों की समस्या का संकेत है?</strong><br />
अगर तलवे में दर्द के साथ सूजन, लालिमा या जोड़ों में अकड़न भी हो, तो गठिया जैसी स्थितियों की जांच जरूरी है। वहीं, दर्द के साथ झनझनाहट, जलन या सुन्नपन महसूस होना नसों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों में भी नसों को नुकसान पहुंचने के कारण पैरों में ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।</p>
<p><strong>दर्द से राहत पाने के लिए क्या करें?</strong><br />
आरामदायक और अच्छी सपोर्ट वाले जूते पहनें। सुबह बिस्तर से उठने से पहले पंजों और पिंडलियों की हल्की स्ट्रेचिंग करें। तलवे पर ठंडी सिकाई करने से भी राहत मिल सकती है। यदि दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए या चलने में परेशानी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/what-home-remedies-can-be-used-to-easily-clear-phlegm-accumulated-in-the-throat-a-doctor-explains-2026-10-13-1248614" target="_blank" title="गले में जमे कफ को किन घरेलू उपाय के जरिए आसानी से निकाला जा सकता है? डॉक्टर ने बताया">गले में जमे कफ को किन घरेलू उपाय के जरिए आसानी से निकाला जा सकता है? डॉक्टर ने बताया</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/do-you-experience-sharp-pain-in-the-soles-of-your-feet-right-after-waking-up-find-out-what-condition-this-could-signal-2026-10-13-1248623     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/do-you-experience-sharp-pain-in-the-soles-of-your-feet-right-after-waking-up-find-out-what-condition-this-could-signal-2026-10-13-1248623 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 20:26:15 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     गले में जमे कफ को किन घरेलू उपाय के जरिए आसानी से निकाला जा सकता है? डॉक्टर ने बताया      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, कफ होना आम है। लेकिन कई बार कफ की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि इनसे छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में डॉक्टर ने बताया है कि कैसे कुछ घरेलू उपाय अपनाकर कफ से छुटकारा पाया जा सकता है। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-18-1791899087.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[गले में जमे कफ को किन घरेलू उपाय के जरिए आसानी से निकाला जा सकता है? डॉक्टर ने बताया ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-18-1791899087.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-18-1791899087.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      गले में जमे कफ को किन घरेलू उपाय के जरिए आसानी से निकाला जा सकता है? डॉक्टर ने बताया 
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>गले में कफ जमा होने की समस्या अक्सर सर्दी, वायरल इंफेक्शन, एलर्जी या नाक से निकलने वाले बलगम के गले तक पहुंचने के कारण होती है। इससे बार बार गला साफ करने की जरूरत महसूस हो सकती है। कुछ लोगों को खांसी, गले में खराश या बलगम अटका होने जैसा महसूस भी होता है। ज्यादातर मामलों में यह समस्या कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन लगातार कफ बने रहने पर इसके कारण की पहचान जरूरी है। कफ सांस की नलियों में मौजूद धूल, बाहरी कणों और संक्रमण से जुड़े पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। हालांकि, जब बलगम गाढ़ा हो जाता है, तो उसे बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है। लेकिन कुछ घरेलू उपाय के जरिए इसे आसानी से निकाला जा सकता है।<strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-rahul-sharma-5111" target="_blank"> डॉ. राहुल शर्मा, डायरेक्टर - पल्मोनोलॉजी और क्रिटिकल केयर, फोर्टिस, नोएडा</a></strong> कुछ आसानी घरेलू उपाय के बारे में बता रहे हैं जिसकी मदद से कफ को आसानी से कम किया जा सकता है। </p>
<p><strong>पर्याप्त पानी पिएं: </strong>कफ को बाहर निकालने का सबसे आसान तरीका है कि दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। इससे बलगम पतला रखने में मदद मिलती है और उसे खांसकर बाहर निकालना आसान हो सकता है। गुनगुने पानी या गर्म पेय से गले को आराम भी मिल सकता है।</p>
<p><strong>नमक वाले पानी से गरारा करें:</strong> इसके लिए एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर गरारे करने से गले की खराश और असहजता कम हो सकती है। इस पानी को निगले नहीं। </p>
<p><strong>शहद का सेवन:</strong> गुनगुने पानी में थोड़ा शहद मिलाकर पीने से खांसी और गले की जलन में राहत मिल सकती है। हालांकि, एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए।</p>
<p><strong>कमरे में नमी बनाए रखें:</strong> साफ ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल या गर्म शॉवर से बने नम वातावरण में कुछ समय बिताने से बलगम ढीला होने में मदद मिल सकती है। उबलते पानी के बर्तन से सीधे भाप लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा और सांस की नलियों में जलने का खतरा रहता है।</p>
<p><strong>धूम्रपान, धूल और प्रदूषण से दूरी: </strong>धूम्रपान, धूल और प्रदूषण की वजह से गले और सांस की नलियों में जलन बढ़ती है जिससे कफ की समस्या और भी गंभीर हो जाती है। </p>
<p><strong>कब डॉक्टर के पास जाएं</strong><br />
यदि कफ दो सप्ताह से अधिक बना रहे, खांसी लगातार बढ़े, बुखार या सीने में दर्द हो और बलगम में खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सांस लेने में गंभीर परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क किए बिना दवा न लें।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/eating-kuttu-atta-during-navratri-expert-explains-when-it-can-become-dangerous-and-land-you-in-the-hospital-2026-10-13-1248597" target="_blank" title="नवरात्रि में आप भी खा रहे हैं कुट्टू का आटा तो पहुंच सकते हैं हॉस्पिटल, जानें इसका सेवन कब हो जाता है खतरनाक?">नवरात्रि में आप भी खा रहे हैं कुट्टू का आटा तो पहुंच सकते हैं हॉस्पिटल, जानें इसका सेवन कब हो जाता है खतरनाक?</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/what-home-remedies-can-be-used-to-easily-clear-phlegm-accumulated-in-the-throat-a-doctor-explains-2026-10-13-1248614     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/what-home-remedies-can-be-used-to-easily-clear-phlegm-accumulated-in-the-throat-a-doctor-explains-2026-10-13-1248614 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 19:15:03 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     नवरात्रि में आप भी खा रहे हैं कुट्टू का आटा तो पहुंच सकते हैं हॉस्पिटल, जानें इसका सेवन कब हो जाता है खतरनाक?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ नवरात्रि में लोग कुट्टू के आटे से बनी चीजों का सेवन करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ स्थितियों में इसका सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है?     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-13t164101-1791889888.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[कुट्टू का आटा खाने के नुकसान]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-13t164101-1791889888.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-2026-10-13t164101-1791889888.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      कुट्टू का आटा खाने के नुकसान
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>नवरात्रि में कई लोग पहले और आखिरी दिन व्रत रखते हैं तो वहीं कई लोग पूरे नौ दिनों तक व्रत रखते हैं तो कई लोग सिर्फ। व्रत के दौरान ज़्यादातर लोग कुट्टू के आटे से बनी पूरी, फुल्के, चीला या रोटी खाना पसंद करते हैं। यही वजह है कि कुट्टू के आटे को व्रत वाला आटा भी कहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं यह व्रत वाला आटा आपकी सेहत के लिए कुछ स्थितियों में नुकसानदायक भी हो सकता है। नवरात्रि में कुट्टू का आटा खाने के बाद अक्सर कई लोगों की तबियत खराब होने की खबरे आने लगती है। इसलिए इसका सेवन करने से पहले आपको कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। वेट लॉस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट <a href="https://linkedin.com/in/leema09/?isSelfProfile=false" target="_blank">लीमा महाजन </a>अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर बता रही हैं कि यह  आपकी सेहत के लिए कब नुकसादायक हो सकता है?</p>
<h3>कुट्टू का आटा है सेहत के लिए फायदेमंद </h3>
<p>लीमा महाजन कहती हैं कि कुट्टू के आटे में ग्लूटेन नहीं होता है, इसलिए ग्लूटेन से एलर्जी या संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए भी इसका सेवन एक अच्छा विकल्प है। साथ ही पीसीओएस, थायराइड और बैड कोलेस्ट्राल कंट्रोल करने के लिए एक्सपर्ट भी इस आटे को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन इसे खाने के पहले आपको कुछ ज़रूरी बातों का ज़रूर ध्यान रखना चाहिए।</p>
<h3>कुट्टू का आटा खाने से पहले बरतें ये सावधानी </h3>
<p>लीमा महाजन कहती हैं कि कुट्टू का आटा अपनी डाइट में शामिल करने से पहले आपको कुछ बातों पर ज़रूर ध्यान देना चाहिए। इसे कभी भी ज़्यादा मात्रा में न खरीदें। दरअसल, यह हेल्दी फैट से भरपूर होता है इसलिए यह जल्दी खराब होता है। साथ ही यह मॉइस्चर ज़्यादा अब्सॉर्ब करता है। कुट्टू का आटा खरीदने से पहले उसका एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें। साथ ही इसके आटे को एयर टाइट कंटेनर में बंद कर के हमेशा फ्रिज में ही रखें  साथ ही मार्केट में मिलने वाले कुट्टू के आटे से बनी किसी भी रेसिपी को खाने से बचें। इसके अलावा यह भी जान सकते हैं कि <a href="https://www.indiatv.in/health/buckwheat-flour-or-ragi-flour-which-is-more-beneficial-for-health-kuttu-ka-aata-ya-ragi-ka-aata-sehat-ke-liye-kya-jyada-faydemand-2026-03-24-1206335" target="_blank">कुट्टू का आटा या रागी का आटा, सेहत के लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद होता है?</a></p>
<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>
<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table></div>
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<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/eating-kuttu-atta-during-navratri-expert-explains-when-it-can-become-dangerous-and-land-you-in-the-hospital-2026-10-13-1248597     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/eating-kuttu-atta-during-navratri-expert-explains-when-it-can-become-dangerous-and-land-you-in-the-hospital-2026-10-13-1248597 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 18:03:20 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचानें?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द बहुत कॉमन हो चुका है। लेकिन एक सवाल जो कई लोगों के मन में रहता है वो है कि माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचान सकते हैं। चलिए जानते हैं।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-13-1791818476.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचानें?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-13-1791818476.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-13-1791818476.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के बीच के अंतर को कैसे पहचानें?
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सिरदर्द एक आम समस्या है, जो थकान, तनाव, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी या अन्य कारणों से हो सकती है। हालांकि, हर सिरदर्द सामान्य नहीं होता। ये <strong><a href="https://www.indiatv.in/health/what-are-the-best-home-remedies-for-migraine-does-dehydration-cause-of-headache-know-causes-of-migraines-2026-04-08-1209884" target="_blank" title="माइग्रेन के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचार क्या हैं, क्या पानी की कमी से सिर दर्द होता है, जानिए माइग्रेन के कारण">माइग्रेन </a></strong>भी हो सकता है। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें सिरदर्द के साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। दोनों के बीच अंतर पहचानना जरूरी है, ताकि सही समय पर उचित उपचार किया जा सके। लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन के बीच का अंतर कैसे पहचानें। इस सवाल का जवाब डॉ संकल्प मोहन, वरिष्ठ सलाहकार- न्यूरोलॉजी, फोर्टिस अस्पताल मानेसर बता रहे हैं कैसे फर्क बता करें। </p>
<p><strong>कैसे पहचानें दोनों के बीच का अंतर</strong><br />
सिरदर्द का सबसे आम रूप तनाव है जो आपको आपके सिर के दोनों तरफ दबाव या कसाव का अहसास देता है। सामान्य सिरदर्द में ऐसा लगता है जैसे किसी ने आपके सिर के चारों ओर एक कसा हुआ बंधन बांध दिया हो। दर्द का लेवल आम तौर पर बहुत गंभीर नहीं होता है और नियमित रोजाना की एक्टिविटी के बाद भी बढ़ता नहीं है। अन्य लक्षणों में गर्दन और कंधे के मांसपेशियों का कसाव होता है।</p>
<p>हालांकि माइग्रेन का दर्द आमतौर पर सिर के किसी एक हिस्से में और धड़कन की तरह महसूस होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह सिर के दोनों तरफ भी हो सकता है। इस स्थिति में होने वाला दर्द इतना तीव्र होता है कि उसे सहन करना बेहद मुश्किल हो जाता है। किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि जैसे चलना-फिरना या काम करने पर यह दर्द और अधिक बढ़ जाता है। दर्द के साथ-साथ मरीज़ को उल्टी या मितली आना, बुखार, तेज रोशनी और आवाज़ के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता बढ़ जाता है। </p>
<p><strong>कब करें डॉक्टर से संपर्क</strong><br />
माइग्रेन केवल एक साधारण सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित करने वाली समस्या है। माइग्रेन के कारण रोगियों को काम करने में, अध्ययन करने में, सोने में, सामाजिक जीवन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2021 में माइग्रेन तंत्रिका संबंधी विकारों के सबसे बड़े कारणों में से एक था, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। सिरदर्द बार-बार और अधिक तीव्रता के साथ आ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गंभीर सिरदर्द जो अचानक आते हैं,बोलने में कठिनाई, किसी भी शरीर के हिस्से में कमज़ोरी, धुंधली दृष्टि, बुखार या नज़र में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। </p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/diabetic-patients-observing-the-navratri-fast-should-keep-these-points-in-mind-to-prevent-blood-sugar-levels-from-rising-2026-10-12-1248379" target="_blank" title="नवरात्रि‍ व्रत में डायबिटीज के मरीज इन बातों का रखें ध्यान? नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल">नवरात्रि‍ व्रत में डायबिटीज के मरीज इन बातों का रखें ध्यान? नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/how-to-distinguish-between-a-migraine-and-a-common-headache-2026-10-12-1248433     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/how-to-distinguish-between-a-migraine-and-a-common-headache-2026-10-12-1248433 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 20:52:21 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     नवरात्रि‍ व्रत में डायबिटीज के मरीज इन बातों का रखें ध्यान? नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ डायबिटीज के मरीजों को नवरात्रि के व्रत के दौरान अपने खान-पान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। क्योंकि व्रत के दौरान कई बार लोगों का ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो जाता है और कई लोगों का बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में डॉयबिटीज के मरीजों को कुछ बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-6-1791801426.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[नवरात्रि‍ व्रत में डायबिटीज के मरीज इन बातों का रखें ध्यान? नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-6-1791801426.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-6-1791801426.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      नवरात्रि‍ व्रत में डायबिटीज के मरीज इन बातों का रखें ध्यान? नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर लेवल
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>नवरात्रि की शुरुआत कल से हो गई है। त्योहार के इस खास मौके पर लोग व्रत रखते हैं, लेकिन डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित मरीजों के लिए व्रत रखते समय अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखना एक बड़ी चुनौती हो सकता है। इस दौरान खान-पान में बदलाव, भोजन करने के समय में अंतर और दवाइयों के समय में बदलाव के कारण ब्लड शुगर का स्तर प्रभावित हो सकता है। हालांकि, कुछ सावधानियां बरतकर त्योहार का आनंद लेते हुए अपनी सेहत का भी ध्यान रखा जा सकता है। ऐसे में <strong><a href="https://www.linkedin.com/in/archana-s-68521447/" target="_blank">डॉ अर्चना एस, क्लिनिकल डायटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटिक एजुकेटर, किम्स हॉस्पिटल</a></strong> बता रही हैं कि नवरात्रि व्रत के दौरान डायबिटीज के मरीजों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। </p>
<p><strong>खान-पान का खास ध्यान रखें</strong><br />
व्रत रखने का मतलब यह नहीं है कि फल, आलू, साबूदाना, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजों का असीमित मात्रा में सेवन किया जाए। इन खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जिससे ज्यादा खाने पर ब्लड शुगर का लेवल बढ़ सकता है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें और अपने भोजन में प्रोटीन व फाइबर से भरपूर चीजों को भी शामिल करें।</p>
<p><strong>डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक भूखे न रहें</strong><br />
लंबे समय तक कुछ न खाने से ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम होने यानी हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ सकता है। यह जोखिम विशेष रूप से उन लोगों में अधिक होता है, जो इंसुलिन या ऐसी डायबिटीज की दवाइयां लेते हैं जिनसे ब्लड शुगर कम हो सकता है। व्रत रखने से पहले अपने एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें। टाइप-1 डायबिटीज, बार-बार ब्लड शुगर कम होने, अनियंत्रित डायबिटीज या डायबिटीज से जुड़ी अन्य खतरों से पीड़ित लोगों को व्रत के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<p><strong>ब्लड शुगर की नियमित जांच करें</strong><br />
व्रत के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा बार ब्लड शुगर की जांच करें, खासकर यदि आप इंसुलिन या ऐसी दवाइयां लेते हैं जिनसे शुगर कम होने का खतरा रहता है। पसीना आना, हाथ कांपना, चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज होना, बहुत ज्यादा भूख लगना या भ्रम की स्थिति जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें।<br />
यदि ब्लड शुगर का लेवल 70 mg/dL से कम हो जाए, तो डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार का पालन करें। आमतौर पर इसके लिए 15 ग्राम तेजी से असर करने वाले कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाता है और 15 मिनट बाद दोबारा ब्लड शुगर की जांच की जाती है।</p>
<p><strong>शरीर में पानी की कमी न होने दें</strong><br />
यदि डॉक्टर ने तरल पदार्थों के सेवन पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है, तो व्रत के दौरान जब भी भोजन या पानी लेने की अनुमति हो, तो पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। एनर्जी के लिए मीठे फलों के जूस, शरबत या अधिक मीठी लस्सी पर निर्भर न रहें, क्योंकि इनसे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।</p>
<p><strong>दवाइयों में अपनी मर्जी से बदलाव न करें</strong><br />
डॉक्टर की सलाह के बिना इंसुलिन या डायबिटीज की दवाइयों की खुराक कम न करें, उन्हें छोड़ें नहीं और न ही उनके समय में बदलाव करें। व्रत के दौरान खान-पान और ब्लड शुगर के लेवल को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर आपकी दवाइयों की खुराक में जरूरी बदलाव कर सकते हैं।</p>
<p><strong>व्रत खोलते समय सावधानी बरतें</strong><br />
लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत अधिक खाना न खाएं। व्रत खोलते समय संतुलित आहार लें और अधिक कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें एक ही बार में ज्यादा मात्रा में खाने से बचें। सबसे जरूरी बात यह है कि व्रत के कारण सेहत से समझौता न करें। यदि बहुत ज्यादा भूख या प्यास लगने, ब्लड शुगर कम या अधिक होने, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत व्रत तोड़ दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें। </p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/world-arthritis-day-2026-arthritis-is-not-merely-sign-of-aging-know-symptoms-and-how-to-improve-joint-health-2026-10-12-1248294" target="_blank" title="गठिया सिर्फ उम्र बढ़ने की निशानी नहीं, लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, वरना बिगड़ सकती है जोड़ों की सेहत">गठिया सिर्फ उम्र बढ़ने की निशानी नहीं, लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, वरना बिगड़ सकती है जोड़ों की सेहत</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/diabetic-patients-observing-the-navratri-fast-should-keep-these-points-in-mind-to-prevent-blood-sugar-levels-from-rising-2026-10-12-1248379     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/diabetic-patients-observing-the-navratri-fast-should-keep-these-points-in-mind-to-prevent-blood-sugar-levels-from-rising-2026-10-12-1248379 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 16:07:59 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     गठिया सिर्फ उम्र बढ़ने की निशानी नहीं, लक्षण दिखते ही कराएं इलाज, वरना बिगड़ सकती है जोड़ों की सेहत     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ विश्व गठिया दिवस 2026: गठिया अब बुढ़ापे की बीमारी नहीं है, बल्कि कम उम्र के लोगों में भी घुटनों से जुड़ी समस्याएं तेजी से पनप रही है। अगर जोड़ों को सही रखना है तो  समय पर जांच, नियमित व्यायाम और सही इलाज जरूरी है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/arthritis-problem-young-12-10-2026-1791769801.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[युवाओं में गठिया रोग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/arthritis-problem-young-12-10-2026-1791769801.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/arthritis-problem-young-12-10-2026-1791769801.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      युवाओं में गठिया रोग
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>गठिया कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि जोड़ों को प्रभावित करने वाली कई बीमारियों का ग्रुप है। इनमें ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटॉइड आर्थराइटिस मुख्य हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ों की संरचना धीरे-धीरे प्रभावित होती है। यह समस्या घुटनों, कूल्हों और हाथों के जोड़ों में देखी जाती है। वहीं, रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से जोड़ों पर हमला करने लगती है। इससे सूजन, दर्द और समय के साथ जोड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। गठिया केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, यह युवाओं को भी प्रभावित कर सकता है।</p>

<p>घुटनों में लगातार दर्द, सुबह उठने पर <a href="https://www.indiatv.in/health/how-to-relieve-morning-joint-stiffness-find-out-from-a-doctor-why-knees-get-stiff-at-night-2026-08-24-1239051" target="_blank" title="सुबह जोड़ों की अकड़न कैसे दूर करें, डॉक्टर से जानिए क्यों रात में जाम हो जाते हैं घुटने">जोड़ों में अकड़न</a> और सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी को अक्सर बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा मानकर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये लक्षण गठिया के संकेत भी हो सकते हैं। समय पर पहचान और सही इलाज नहीं मिलने से चलने-फिरने की क्षमता और रोजमर्रा के कामकाज करना भी मुश्किल हो सकता है। लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल 12 अक्टूबर को विश्व गठिया दिवस मनाया जाता है।</p>

<h3><strong>जोड़ों के दर्द और अकड़न को न करें नजरअंदाज</strong></h3>

<p><a href="https://www.maxhealthcare.in/doctor/dr-akhilesh-yadav" target="_blank">डॉक्टर अखिलेश यादव </a>(निदेशक ऑर्थोपेडिक्स एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट, मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली) ने बताया कि समय पर जांच होने से गठिया के प्रकार की पहचान कर सही इलाज शुरू किया जा सकता है। रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शुरुआती इलाज जोड़ों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है।</p>

<h3><strong>जोड़ों को मजबूत कैसे बनाएं</strong></h3>

<p><strong>व्यायाम करें-</strong> गठिया से पीड़ित कई लोग दर्द बढ़ने के डर से फिजिकल एक्टिविटी बंद कर देते हैं। हालांकि सही एक्सरसाइज और फिजियोथेरेपी आपको दर्द में राहत पहुंचा सकती है। आप अपनी क्षमता के अनुसार पैदल चलना, स्विमिंग और साइकिल चलाना जोड़ों को एक्टिव रख सकता है। जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम उपयोगी साबित होते हैं। हालांकि तेज दर्द में जबरदस्ती व्यायाम करने से बचना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।</p>

<p><strong>वजन कंट्रोल रखें-</strong> घुटनों और कूल्हों के गठिया में वजन नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है। अधिक वजन के कारण इन जोड़ों पर दबाव बढ़ता है, जिससे दर्द और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ सकती है। संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत के अनुसार धीरे-धीरे वजन कम करना जोड़ों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।</p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td>
			<p><a href="https://www.indiatv.in/health/troubled-by-back-pain-for-several-days-it-could-be-sign-of-these-underlying-health-issues-doctor-shares-preventive-measures-2026-10-11-1248276" target="_blank" title="कई दिनों से पीठ दर्द से हैं परेशान? शरीर में इन बीमारियों का हो सकता है संकेत, डॉक्टर ने बताए बचाव के उपाय">कई दिनों से पीठ दर्द से हैं परेशान? शरीर में इन बीमारियों का हो सकता है संकेत, डॉक्टर ने बताए बचाव के उपाय</a></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/world-arthritis-day-2026-arthritis-is-not-merely-sign-of-aging-know-symptoms-and-how-to-improve-joint-health-2026-10-12-1248294     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/world-arthritis-day-2026-arthritis-is-not-merely-sign-of-aging-know-symptoms-and-how-to-improve-joint-health-2026-10-12-1248294 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 07:22:14 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कई दिनों से पीठ दर्द से हैं परेशान? शरीर में इन बीमारियों का हो सकता है संकेत, डॉक्टर ने बताए बचाव के उपाय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ कई दिनों से लगातार पीठ दर्द होना कुछ मामलों में यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय इसके कारणों को समझना जरूरी है। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-6-1791741296.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[लगातार पीठ दर्द]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-6-1791741296.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/befunky-collage-6-1791741296.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      लगातार पीठ दर्द
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अगर आपको पिछले कुछ दिनों से लगातार पीठ दर्द की समस्या हो रही है तो इस स्थिति को नज़रअंदाज़ न करें। दरअसल, लगातार पीठ दर्द कई तरह की अंदरूनी समस्याओं का संकेत हो सकता है। नई दिल्ली, स्थित बीएलके मैक्स हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं हेड और ऑर्थो स्पाइन सर्जन, <a href="https://www.blkmaxhospital.com/doctor/puneet-girdhar" target="_blank">डॉ. पुनीत गिरधर</a> बता रहे हैं कि लम्बे समय से पीठ दर्द होने पर किन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और इससे बचाव के उपाय क्या हैं?</p>

<h3><a href="https://www.indiatv.in/gallery/health-why-does-severe-pain-arise-in-the-back-and-waist-know-its-causes-2025-05-06-1132933" target="_blank">लगातार पीठ दर्द के कारण</a></h3>

<ul>
	<li>
	<p>मांसपेशियों या लिगामेंट में खिंचाव: भारी सामान उठाने, अचानक अजीब तरह से हिलने-डुलने या गिरने से पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी के लिगामेंट में खिंचाव आ सकता है। अगर आपकी शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है, तो पीठ पर लगातार खिंचाव से मांसपेशियों में दर्दनाक ऐंठन हो सकती है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>उभरी हुई डिस्क: आपकी रीढ़ की हड्डी में डिस्क हड्डियों के बीच कुशन का काम करती हैं। कभी-कभी, डिस्क के अंदर का नरम पदार्थ बाहर निकल सकता है या फट सकता है और नस पर दबाव डाल सकता है, जिससे दर्द होता है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>ऑस्टियोआर्थराइटिस: ऑस्टियोआर्थराइटिस पीठ के निचले हिस्से को प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में, रीढ़ की हड्डी में गठिया के कारण स्पाइनल कॉर्ड के आस-पास की जगह कम हो सकती है, इस स्थिति को स्पाइनल स्टेनोसिस कहते हैं।</p>
	</li>
</ul>

<h3>क्या हैं बचाव के उपाय</h3>

<p>ज़्यादा वज़न होने से पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। अगर आपका वज़न ज़्यादा है, तो वज़न कम करने से पीठ दर्द से बचा जा सकता है इसलिए रोजाना एक्सरसाइज़ करें। एरोबिक गतिविधियाँ आपकी पीठ की ताकत को बढ़ाती हैं और मांसपेशियों को बेहतर ढंग से काम करने में मदद कर सकती हैं। इसलिए ऐसी एक्सरसाइज़ पर ध्यान दें जो आपकी कोर मांसपेशियों को मज़बूत बनाती हैं।</p>

<h3>कब जाएं डॉक्टर के पास?</h3>

<p>अगर आपको पीठ में बहुत तेज़ दर्द हो रहा है जो आराम करने पर भी ठीक नहीं हो रहा है। दर्द एक या दोनों पैरों में नीचे की ओर फैल रहा हो, खासकर अगर दर्द घुटने के नीचे तक जा रहा हो। दर्द के कारण एक या दोनों पैरों में कमज़ोरी, सुन्नपन या झुनझुनी महसूस हो रही हो। दर्द के साथ-साथ बिना किसी स्पष्ट कारण के वज़न कम हो रहा हो। दर्द के साथ ब्लैडर या आंतों से जुड़ी समस्याएँ भी हों।</p>

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<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/troubled-by-back-pain-for-several-days-it-could-be-sign-of-these-underlying-health-issues-doctor-shares-preventive-measures-2026-10-11-1248276     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/troubled-by-back-pain-for-several-days-it-could-be-sign-of-these-underlying-health-issues-doctor-shares-preventive-measures-2026-10-11-1248276 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 23:26:36 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     CPR कब देना चाहिए और कब नहीं? जानें जान बचाने का सही तरीका     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ जब किसी को हार्ट अटैक आता है तो उसे तुरंत सीपीआर देने की सलाह दी जाती है। लेकिन सवाल ये है कि सीपीआऱ कब देना चाहिए औ कब नहीं देना चाहिए।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-1791619384.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[CPR कब देना चाहिए और कब नहीं? जानें जान बचाने का सही तरीका]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-1791619384.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-1791619384.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      CPR कब देना चाहिए और कब नहीं? जानें जान बचाने का सही तरीका
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>कार्डियक अरेस्ट यानी हृदय गति रुकने की स्थिति अचानक उत्पन्न हो सकती है। ऐसे समय में सही कदम उठाना किसी की जान बचा सकती है। कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जो हृदय के प्रभावी ढंग से ब्लड पंप न कर पाने या धड़कन रुक जाने की स्थिति में मस्तिष्क और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों तक ब्लड पहुंचाने में मदद करती है। हालांकि, यह जानना भी जरूरी है कि CPR कब देना चाहिए और इसे सही तरीके से कैसे दिया जाए। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-malarvizhi-sanjeevi-13911" target="_blank">डॉ. मलरविझी संजीवी,हेड, इमरजेंसी मेडिसिन विभाग, फोर्टिस हॉस्पिटल, बन्नेरघट्टा रोड, बेंगलुरु</a></strong> बता रहे हैं सीपीआर देने का सही तरीका।</p>
<p><strong>CPR कब देना चाहिए?</strong><br />
यदि कोई व्यक्ति अचानक गिर जाए, आवाज देने और कंधे पर हल्के से थपथपाने पर कोई प्रतिक्रिया न दे और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत CPR शुरू करना चाहिए। ध्यान रखें कि कभी-कभी व्यक्ति की सांसें अनियमित हो सकती हैं या वह हांफता हुआ दिखाई दे सकता है। ऐसी सांसों को सामान्य नहीं मानना चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आसपास का वातावरण सुरक्षित है। इसके बाद व्यक्ति की पल्स जांचें। तुरंत आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर कॉल करें या किसी अन्य व्यक्ति से मदद के लिए फोन करने और उपलब्ध होने पर ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) लाने को कहें। मेडिकल सहायता आने का इंतजार करते हुए CPR शुरू करने में देरी न करें।</p>
<p>वयस्क व्यक्ति को CPR देते समय एक हाथ की हथेली का निचला हिस्सा छाती के बीचोंबीच रखें और दूसरे हाथ को उसके ऊपर रखें। अपनी कोहनियों को सीधा रखते हुए छाती पर जोर से और तेजी से दबाव डालें। एक मिनट में 100 से 120 बार छाती दबाने की कोशिश करें। हर बार छाती को लगभग 5 से 6 सेंटीमीटर तक दबाएं और दबाव छोड़ने के बाद उसे सामान्य स्थिति में वापस आने दें। यदि आप प्रशिक्षित हैं और मुंह से सांस देने में सहज हैं, तो 30 बार छाती दबाने के बाद दो बार रेस्क्यू ब्रीद्स यानी कृत्रिम सांस दें। यदि आप ऐसा करने में प्रशिक्षित नहीं हैं या सहज महसूस नहीं करते, तो केवल छाती दबाकर CPR देना भी मददगार है।</p>
<p><strong>CPR कब नहीं देना चाहिए?</strong><br />
यदि व्यक्ति होश में है, प्रतिक्रिया दे रहा है और सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे CPR देने की जरूरत नहीं होती। ऐसी स्थिति में उसकी परेशानी को पहचानें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की मदद लें। यदि कोई व्यक्ति बेहोश है, लेकिन सामान्य रूप से सांस ले रहा है और उसकी नाड़ी मौजूद है, तो छाती पर दबाव नहीं डालना चाहिए। तुरंत आपातकालीन सहायता बुलाएं और उसकी सांसों पर लगातार नजर रखें। यदि कोई चोट या अन्य बाधा नहीं है और ऐसा करना सुरक्षित है, तो उसे करवट के बल रिकवरी पोजिशन में लिटाया जा सकता है, ताकि सांस लेने में परेशानी न हो।</p>
<p>यदि किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक का संदेह है, लेकिन वह होश में है और सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे CPR देने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उसे तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। यदि उसकी स्थिति बिगड़ जाए, वह बेहोश हो जाए और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर दे, तो तुरंत CPR शुरू करें।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/trouble-with-clearing-your-bowels-in-the-morning-learn-simple-remedies-from-a-gastroenterologist-2026-10-09-1247911" target="_blank" title="सुबह पेट साफ न होने की समस्या? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय">सुबह पेट साफ न होने की समस्या? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/when-should-cpr-be-given-and-when-not-learn-the-correct-life-saving-technique-2026-10-10-1248040     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/when-should-cpr-be-given-and-when-not-learn-the-correct-life-saving-technique-2026-10-10-1248040 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 13:33:55 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     सुबह पेट साफ न होने की समस्या? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ कई लोग पेट न साफ होने की समस्या से परेशान रहते हैं। इसके लिए लोग कई तरह की दवाओं का सेवन करते हैं और घरेलू उपाय भी अपनाते हैं लेकिन इससे भी आराम नहीं मिलता। ऐसे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट कुछ आसान उपाय के बारे में बता रहे हैं जिससे इससे छुटकारा पाया जा सकता है। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-24-1791543450.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सुबह पेट साफ न होने की समस्या? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-24-1791543450.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-24-1791543450.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सुबह पेट साफ न होने की समस्या? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें आसान उपाय
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>सुबह पेट साफ न होना, मल त्याग में परेशानी होना या शौच के दौरान जोर लगाना कब्ज के लक्षण हो सकते हैं। लेकिन कई लोग इसकी वजह से काफी परेशान रहते हैं। पेट साफ करने के लिए लोग कई तरह की दवाओं का भी सहारा लेते हैं। लेकिन फिर भी इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल पाता। ऐसे में <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-abhijeet-ranjan-5474" target="_blank">डॉ अभिजीत रंजन - वरिष्ठ सलाहकार, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (हेपेटोलॉजी) फोर्टिस अस्पताल मानेसर</a></strong> बता रहे हैं कि इससे कैसे छुटकारा पाया जाए। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं डॉक्टर </strong><br />
गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट के अनुसार, इसके सामान्य कारणों में भोजन में फाइबर की कमी, पर्याप्त पानी न पीना, शारीरिक गतिविधि कम होना और अनियमित दिनचर्या शामिल हैं।</p>
<p><strong>सुबह पेट आसानी से साफ करने के लिए क्या करें?</strong><br />
सुबह उठकर पानी पीना और नाश्ते के बाद शौचालय जाने की आदत डालना मददगार हो सकता है। भोजन के बाद आंतों की गतिविधि बढ़ती है, जिससे मल त्याग करना आसान हो सकता है। शौच के दौरान अधिक जोर लगाने से बचें और शरीर की स्वाभाविक जरूरत को न टालें।</p>
<p><strong>खानपान में क्या बदलाव करें?</strong><br />
कब्ज से बचने के लिए पपीता, अमरूद, हरी सब्जियां, दालें, ओट्स और साबुत अनाज जैसे फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं। इसके अलावा पर्याप्त पानी पिएं और रोजाना 20 से 30 मिनट पैदल चलें। ये आदतें मल को नरम रखने और आंतों की गतिविधि बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।</p>
<p><strong>कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?</strong><br />
यदि कब्ज लगातार बनी रहती है या घरेलू उपायों से ठीक नहीं होती, तो गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह लें। मल में खून आने, तेज पेट दर्द, उल्टी या पेट फूलने के साथ मल और गैस बिल्कुल न निकलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ध्यान रखें कि हर व्यक्ति का शौच करने का समय अलग हो सकता है। जरूरी यह है कि मल त्याग आसान हो और उसमें दर्द या अत्यधिक जोर न लगाना पड़े।</p>
<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें: </strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/why-bones-weaken-after-menopause-know-reasons-and-how-to-maintain-strong-bone-2026-10-08-1247752" target="_blank" title="मेनोपॉज के बाद क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? डॉक्टर से जानें कारण और बोन हेल्थ मजबूत रखने के तरीके">मेनोपॉज के बाद क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? डॉक्टर से जानें कारण और बोन हेल्थ मजबूत रखने के तरीके</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table><p> </p>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/trouble-with-clearing-your-bowels-in-the-morning-learn-simple-remedies-from-a-gastroenterologist-2026-10-09-1247911     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/trouble-with-clearing-your-bowels-in-the-morning-learn-simple-remedies-from-a-gastroenterologist-2026-10-09-1247911 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 16:28:13 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     नींद में बड़बड़ाना, सिर्फ एक आम आदत या किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ आपने नींद में बड़बड़ाते कई लोगों को देखा होगा। इसे कई लोग गंभीर बीमारी का संकेत मानते हैं लेकिन क्या सच में नींद में बड़बड़ाना किसी बीमारी का संकेत है या ये नॉर्मल बात है। चलिए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-23-1791539800.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[नींद में बड़बड़ाना, सिर्फ एक आम आदत या किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत?]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-23-1791539800.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-23-1791539800.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      नींद में बड़बड़ाना, सिर्फ एक आम आदत या किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत?
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>नींद में बोलना या बड़बड़ाना एक आम समस्या है, जिसे मेडिकल भाषा में ‘सोमनिलोकी’ कहा जाता है। इसमें व्यक्ति सोते समय कुछ शब्द बोल सकता है, अधूरे वाक्य कह सकता है या कभी-कभी जोर से चिल्ला भी सकता है। अक्सर व्यक्ति को सुबह उठने पर याद नहीं रहता कि उसने रात में क्या कहा था। आमतौर पर यह समस्या गंभीर नहीं होती, लेकिन यदि यह बार-बार हो या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई दें, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-sameer-bhargava-14363" target="_blank">डॉ. समीर भार्गव, मनोचिकित्सक, FMRI गुरुग्राम</a></strong> बता रहे कि ये नॉर्मल है या किसी बीमारी का संकेत। </p>
<p><strong>नींद में बड़बड़ाने के क्या कारण हो सकते हैं?</strong><br />
साइकेट्रिस्ट के अनुसार, नींद में बड़बड़ाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। मानसिक तनाव, चिंता, नींद की कमी और अनियमित डेली रूटीन इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। जब व्यक्ति अधिक तनाव में होता है या किसी बात को लेकर लगातार सोचता रहता है, तो उसकी नींद प्रभावित हो सकती है। इसका असर कभी-कभी नींद के दौरान बोलने के रूप में भी दिखाई देता है। इसके अलावा, बुखार, कुछ दवाओं का असर, शराब का सेवन और नींद से जुड़ी अन्य समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं। बच्चों में नींद के दौरान बड़बड़ाना सामान्य है और उम्र बढ़ने के साथ यह कम भी हो सकता है।<br />
क्या यह किसी मानसिक बीमारी का संकेत है?</p>
<p>नींद में बड़बड़ाने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति किसी मानसिक बीमारी से पीड़ित है। हालांकि, यदि इसके साथ लगातार चिंता, उदासी, चिड़चिड़ापन, डर या व्यवहार में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना सही है। कुछ मामलों में नींद में बोलना अन्य नींद संबंधी विकारों के साथ भी हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि व्यक्ति सोते समय चिल्लाता है, हाथ-पैर चलाता है, डरकर उठ जाता है या अपने सपनों के अनुसार शारीरिक गतिविधियाँ करता है, तो इसकी जाँच जरूरी हो सकती है। इसके अलावा, यदि खर्राटों के साथ साँस रुकने जैसी समस्या हो, तो स्लीप एपनिया की संभावना पर भी ध्यान देना चाहिए।</p>
<p><strong>नींद में बड़बड़ाने से बचने के लिए क्या करें?</strong><br />
इस समस्या को कम करने के लिए रोजाना पर्याप्त नींद लेना और सोने-जागने का समय नियमित रखना जरूरी है। वयस्कों को आमतौर पर प्रतिदिन सात से नौ घंटे की नींद लेनी चाहिए। सोने से पहले मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करना, कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में करना और तनाव कम करने के लिए ध्यान या गहरी सांस लेने जैसे अभ्यास करना भी मददगार हो सकता है।</p>
<p><strong>कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?</strong><br />
यदि नींद में बड़बड़ाने की समस्या अचानक शुरू हो, बार-बार होने लगे, नींद की गुणवत्ता प्रभावित करे या इसके साथ चिल्लाना, हिंसक गतिविधियां, चोट लगना अथवा दिन में अत्यधिक नींद आना जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर साइकेट्रिस्ट या नींद संबंधी विकारों के विशेषज्ञ आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं। नींद में बड़बड़ाना हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। सही दिनचर्या, पर्याप्त नींद और तनाव पर नियंत्रण से इसमें सुधार हो सकता है। हालांकि, लगातार बने रहने वाले या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई देने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>ये भी पढ़ें:</td>
</tr><tr><td>
<p><a href="https://www.indiatv.in/health/cancer-medicines-to-become-cheaper-patients-will-get-70-lower-prices-government-takes-major-decision-2026-10-09-1247834" target="_blank" title="कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती, 70 प्रतिशत तक कम कीमत पर मरीजों को मिलेंगी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला">कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती, 70 प्रतिशत तक कम कीमत पर मरीजों को मिलेंगी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला</a></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/talking-in-ones-sleep-just-a-common-habit-or-an-early-sign-of-a-serious-illness-2026-10-09-1247900     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/talking-in-ones-sleep-just-a-common-habit-or-an-early-sign-of-a-serious-illness-2026-10-09-1247900 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 15:28:54 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती, 70 प्रतिशत तक कम कीमत पर मरीजों को मिलेंगी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ कैंसर के मरीजों को बड़ी राहत देते हुए केन्द्र सरकार ने दवाओं की कीमत में कटौती की है। सरकान ने गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30% तक सीमित करने का फैसला लिया है। जिससे कुछ दवाओं की कीमत में 70% तक कमी आ सकती है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/cancer-medicine-09-10-2026-1791522299.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[कैंसर की दवाएं सस्ती]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/cancer-medicine-09-10-2026-1791522299.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/cancer-medicine-09-10-2026-1791522299.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      कैंसर की दवाएं सस्ती
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>केंद्र सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतें कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिससे कैंसर के मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार के नए फैसले के मुताबिक, अब सूची से बाहर की कैंसर दवाओं की बिक्री पर मुनाफे का मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत तय किया जाएगा। यानि ट्रेड मार्जिन 30% तक सीमित करने का फैसला लिया है। इससे दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आने और मरीजों को हर साल करीब 2500 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है। सरकार के मुताबिक, कुछ कैंसर दवाओं की कीमतें सप्लाई के दौरान कई गुना तक बढ़ जाती हैं। नए फैसले से दवाओं की कीमतों में मनमानी बढ़ोतरी पर रोक लगेगी।</p>

<h3><strong>कौन सी दवाओं को पर लागू होगा नियम</strong></h3>

<p>नए नियम की सूची विशेषज्ञ समिति तैयार करेगी। यह नियम ब्रांडेड, जेनेरिक, देश में बनी और विदेश से आयात की गई दवाओं पर लागू होगा। सरकार ने दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कंपनियों को मौजूदा उत्पादन स्तर बरकरार रखने का भी निर्देश दिया है। नए नियम के बाद कैंसर की महंगी दवाओं की कीमतों में भी गिरावट आएगी। जिससे आप आदमी पर बोझ हल्का होगा।</p>

<h3><strong>2019 में सरकार ने उठाया था कदम</strong></h3>

<p>सरकार की ओर से कहा गया है कि यह फैसला 2019 में किए गए हस्तक्षेप का अगला स्टेप है। उस समय 526 ब्रांड की कैंसर दवाओं को लेकर किए गए कदम से सालाना करीब 984 करोड़ रुपये की बचत होने की बात सामने आई थी। अब नए फैसले के जरिए गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को सीमित कर सरकार ने मरीजों के लिए इलाज को अधिक किफायती बनाने पर जोर दिया है। माना जा रहा है कि इस फैसल के बाद मरीजों को हर साल करीब 2500 करोड़ रुपये का फायदा हो सकता है।</p>

<h3><strong>सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल</strong></h3>

<p>आपको बता दें हाल ही में <a href="https://www.indiatv.in/health/this-is-carnage-supreme-court-furious-over-10-fold-hike-in-cancer-drug-prices-by-private-hospitals-2026-09-30-1246110" target="_blank" title="कैंसर की दवाओं की कीमत 10 गुना बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, निजी अस्पतालों की मनमानी पर उठाए सवाल">सुप्रीम कोर्ट ने कैंसर की दवाओं की बढ़ी कीमतों </a>और उनमें प्राइवेट अस्पतालों के द्वारा लिए जा रहे भारी मार्जिन को लेकर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने सरकार को कैंसरी की दवाओं पर एक सीमित मार्जिन रखने का आदेश दिया था, जिससे आम आदमी पर दवाओं के खर्चे का बोझ कम किया जा सके।</p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td>
			<p><a href="https://www.indiatv.in/health/this-is-carnage-supreme-court-furious-over-10-fold-hike-in-cancer-drug-prices-by-private-hospitals-2026-09-30-1246110" target="_blank">'यह तो लूट है' कैंसर की दवाओं की कीमत 10 गुना बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, निजी अस्पतालों की मनमानी पर उठाए सवाल</a></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p>  </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/cancer-medicines-to-become-cheaper-patients-will-get-70-lower-prices-government-takes-major-decision-2026-10-09-1247834     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/cancer-medicines-to-become-cheaper-patients-will-get-70-lower-prices-government-takes-major-decision-2026-10-09-1247834 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 10:41:40 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     मेनोपॉज के बाद क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? डॉक्टर से जानें कारण और बोन हेल्थ मजबूत रखने के तरीके     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ मेनोपॉज के बाद महिलाओं की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और बोन डेंसिटी घटने लगती है। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि ऐसा क्यों होता है और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए क्या करें?
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-08-oct-2026-07-26-pm-1513-1791467833.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मेनोपॉज के बाद हड्डियां कमजोर होने के कारण]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : UNSPLASH]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-08-oct-2026-07-26-pm-1513-1791467833.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-08-oct-2026-07-26-pm-1513-1791467833.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मेनोपॉज के बाद हड्डियां कमजोर होने के कारण
                      <span class="copyright">Image Source : UNSPLASH</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>मेनोपॉज़ आमतौर पर महिलाओं में 45 से 55 साल की उम्र के बीच होता है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजन जैसे रिप्रोडक्टिव हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिसका असर महिलाओं की सेहत पर कई तरह से पड़ सकता है। खासकर इसका सबसे ज़्यादा असर महिलाओं की हड्डियों पर पड़ता है। <strong>नई दिल्ली स्थित आकाश हेल्थकेयर में डायरेक्टर और हेड - डिपार्टमेंट ऑफ़ ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट, <a href="https://aakashhealthcare.com/dr-aashishchaudhry" target="_blank">डॉ. आशीष चौधरी </a></strong>बता रहे हैं कि ऐसा क्यों होता है और आपको कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए?</p>
<h3>मेनोपॉज़ हड्डियों की सेहत को कैसे प्रभावित करता है?</h3>
<p>डॉक्टर आशीष चौधरी कहते हैं कि जैसे-जैसे मेनोपॉज़ नज़दीक आता है महिलाओं में एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है जिससे हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, और यह प्रक्रिया मेनोपॉज़ के बाद भी जारी रहती है। <a href="https://www.indiatv.in/health/osteoporosis-day-2025-in-osteoporosis-bones-become-hollow-know-how-to-increase-bone-density-naturally-2025-10-19-1170383" target="_blank">एस्ट्रोजन की कमी ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ाती है</a>, जिसमें हड्डियाँ कमज़ोर और कम घनत्व वाली हो जाती हैं और आसानी से टूट जाती हैं। मेनोपॉज़ के बाद शुरुआती पाँच सालों में महिलाएँ अपनी बोन मास का लगभग 10% हिस्सा खो देती हैं, जिसके बाद हड्डी का नुकसान धीरे-धीरे कम हो जाता है।</p>
<h3>हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?</h3>
<p>हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए अपनी डाइट में कैल्शियम से भरपूर फूड्स जैसी डेयरी प्रोडक्ट्स, बादाम, ब्रोकली,सैल्मन मछली, सार्डिन और टोफू जैसे खाद पदार्थ को शामिल करें। 19 से 50 साल की उम्र की महिलाओं के लिए रोज़ाना 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम लेने की सलाह दी जाती है। अगर आपको अपने खाने से काफ़ी कैल्शियम नहीं मिल रहा है, तो सप्लीमेंट्स के लिए डॉक्टर से बात करें। इसके अलावा शारीरिक गतिविधि को डेली रूटीन में शामिल करें। पैदल चलना, जॉगिंग करना और सीढ़ियाँ चढ़ना - ये सभी 'वेट-बेयरिंग' (वज़न उठाने वाली) एक्सरसाइज़ हैं जो मज़बूत हड्डियाँ बनाने में मदद कर सकती हैं</p>
<h3>विटामिन D कम न होने दें</h3>
<p>कैल्शियम के अलावा, यह पक्का करें कि विटामिन D का लेवल भी सही हो। कैल्शियम को सोखने के लिए आपके शरीर को विटामिन D की ज़रूरत होती है। इसके अलाव सैल्मन, ट्राउट, व्हाइटफ़िश और टूना जैसी तैलीय मछलियाँ विटामिन D के बेहतरीन स्रोत हैं। मशरूम, अंडे और दूध व अनाज जैसे फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी विटामिन D के अच्छे स्रोत हैं। धूप भी शरीर में विटामिन D बनाने में मदद करती है।</p>
<p><strong>isclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>
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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table></div>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/why-bones-weaken-after-menopause-know-reasons-and-how-to-maintain-strong-bone-2026-10-08-1247752     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/why-bones-weaken-after-menopause-know-reasons-and-how-to-maintain-strong-bone-2026-10-08-1247752 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 19:30:07 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कंप्यूटर, लैपटॉप पर काम करने वालों के लिए 20,20,20 का नियम, आंखो में होने वाली इन बीमारियों से बच सकते हैं      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ World Sight Day 2026: पिछले कुछ सालों में बच्चों और युवाओं को आंखों से जुड़ी बीमारियां काफी ज्यादा होने लगी हैं। इसकी वजह लंबे समय तक स्क्रीन टाइम को भी माना जा रहा है। कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करने वालों को ये 20-20-20 का रूल जरूर अपनाना चाहिए। वर्ल्ड साइट डे पर जानें कैसे करें आंखों की देखभाल।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/eye-care-tips-exercise-08-10-2026-1791446638.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[आंखों के देखभाल का आसान तरीका]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/eye-care-tips-exercise-08-10-2026-1791446638.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/eye-care-tips-exercise-08-10-2026-1791446638.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      आंखों के देखभाल का आसान तरीका
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आंखों में नजर से जुड़ी समस्या जब तक नहीं होती, हम रोजाना की दिनचर्या में इन पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में आंखों से जुड़ी समस्याएं जिस तेजी से बढ़ी हैं, बच्चों और युवाओं को अपनी आंखों की खास देखभाल करने की जरूरत है। इससे प्रिवेंटेबल ब्लाइंडनेस को रोका जा सकता है। इसके लिए आंखों की नियमित जांच, आंखों के लिए खराब स्थितियों और समय पर सही इलाज की जानकारी जरूरी है।</p>
<p>आंखों की रोशनी बचाने के लिए कुछ आसान लेकिन नियमित आदतें भी जरूरी हैं। युवाओं को नियमित रूप से आंखों की पूरी जांच करानी चाहिए, भले ही उन्हें किसी तरह की परेशानी महसूस न हो। <a href="https://www.centreforsight.net/doctor/prof-dr-mahipal-s-sachdev-padma-shri-awardee" target="_blank">डॉक्टर महिपाल सिंह सचदेव (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स)</a> के मुताबिक, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, परिवार में ग्लूकोमा या आंखों से जुड़ी दूसरी बीमारी का इतिहास होने पर ज्यादा नियमित जांच की जरूरत हो सकती है। बच्चों की भी नजर की जांच कराना जरूरी है, खासकर अगर उन्हें बार-बार सिरदर्द होता है, पढ़ने में परेशानी होती है, वे बार-बार आंखें मलते हैं, आंखें सिकोड़कर देखते हैं या स्कूल में बोर्ड देखने में दिक्कत होती है। खेल के दौरान या मशीनरी और केमिकल के साथ काम करते समय सही आई प्रोटेक्शन पहनने से आंखों में होने वाली गंभीर चोटों से बचाव किया जा सकता है।</p>
<h3><strong>आंखों के लिए जरूरी 20,20,20 नियम</strong></h3>
<p>अगर आप लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते हैं, डिजिटल स्क्रीन पर समय बिताते हैं तो आंखों को आराम देना भी जरूरी है। रोजमर्रा की दिनचर्या में आई केयर को शामिल करना जरूरी है। इसके लिए आप 20-20-20 नियम अपना सकते हैं। इससे डिजिटल आई स्ट्रेन को कम करने में मदद मिल सकती है। इस नियम में आपको हर 20 मिनट में करीब 20 फीट दूर किसी चीज को 20 सेकंड तक देखना होता है। पर्याप्त रोशनी, स्क्रीन को आंखों से सही दूरी पर रखना, बार-बार पलकें झपकाना और पूरी नींद लेना भी आंखों को आराम देने में मदद कर सकता है।</p>
<h3><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/prevention-of-blindness-week-2023-major-causes-of-eye-problems-in-india-by-expert-in-hindi-2023-04-05-948854" target="_blank" title="60% से ज्यादा भारतीयों में है आंखों की ये बीमारी, खुद डॉक्टर से जानें क्या है कारण">आंखों में होने वाली बीमारी</a> और उनके कारण</strong></h3>
<p>प्रिवेंटेबल ब्लाइंडनेस की शुरुआत हमेशा किसी गंभीर या साफ दिखाई देने वाली आंखों की बीमारी से नहीं होती। कैटरेक्ट, ग्लूकोमा, डायबिटिक आई डिजीज, नजर का नंबर, कॉर्निया से जुड़ी बीमारियां और रेटिना से जुड़ी कुछ बीमारियां धीरे-धीरे नजर को प्रभावित कर सकती हैं। कैटरेक्ट दुनिया भर में नजर कमजोर होने के ऐसे प्रमुख कारणों में से एक है, जिसका इलाज संभव है। कैटरेक्ट के अलावा ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारियों में भी समय पर पहचान बेहद जरूरी है। ये बीमारियां लंबे समय तक बिना किसी साफ लक्षण के बढ़ सकती हैं। ग्लूकोमा ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाकर नजर को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है, वहीं डायबिटीज रेटिना की नसों को नुकसान पहुंचाकर नजर को कमजोर कर सकती है। </p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/sadhguru-advice-to-frequent-eaters-explains-the-link-between-eating-and-digestion-how-to-naturally-cleanse-the-body-2026-10-08-1247601" target="_blank" title="बार-बार खाने वालों को सद्गुरु ने दी सीख, बताया खाने और पाचन का संबंध, शरीर की प्राकृतिक सफाई कैसे करें">बार-बार खाने वालों को सद्गुरु ने दी सीख, बताया खाने और पाचन का संबंध, शरीर की प्राकृतिक सफाई कैसे करें</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/the-20-20-20-rule-for-those-working-on-computers-and-laptops-you-can-avoid-these-eye-conditions-2026-10-08-1247673     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/the-20-20-20-rule-for-those-working-on-computers-and-laptops-you-can-avoid-these-eye-conditions-2026-10-08-1247673 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 13:35:34 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     इस बीमारी से हुई नाना पाटेकर की मौत, बचना हो जाता है मुश्किल, जान लें क्या करना चाहिए?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ शानदार एक्टर नाना पाटेकर की अचानक मौत से हर कोई सदमे में है। एक्टर को आज सुबह आनन-फानन में अस्पताल ले जाता गया, जहां डॉक्टर उन्हें नहीं बचा पाए। डॉक्टर ने बताया कैसे हुई नाना पाटेकर की मौत।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nana-patekar-death-reason-08-10-2026-1791427241.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[किस बीमारी से हुई नाना पाटेकर की मौत]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nana-patekar-death-reason-08-10-2026-1791427241.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nana-patekar-death-reason-08-10-2026-1791427241.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      किस बीमारी से हुई नाना पाटेकर की मौत
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह 5:20 बजे निधन हो गया। नाना पाटेकर अपने घर पर थे जहां उन्हें ज़बरदस्त कार्डियक अरेस्ट आया, परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन नाना पाटेकर को बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर शेखर सालकर (प्रमुख, ऑन्कोलॉजी विभाग, मणिपाल अस्पताल) ने बताया कि 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद नाना पाटेकर को बचाया नहीं जा सका। कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई। </p>

<h3><strong>कार्डियक अरेस्ट से हुई नाना पाटेकर की मौत</strong></h3>

<p>आपका बता दें कार्डियक अरेस्ट काफी गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। <a href="https://www.maxhealthcare.in/doctor/dr-balbir-singh" target="_blank">डॉक्टर बलबीर सिंह (चेयरमैन, कार्डियक साइंस, मैक्स हॉस्पिटल)</a> के मुताबिक जब कोई मौत सोते-सोते हो जोए तो उसका कारण एरिथमिया होता है। जब कोई मौत डांस करते, जिम करते, साइकिल चलाते या कोई भी एक्टिविटी करते हुए अचानक से गिर जाएं और मौत हो जाए तो ऐसा लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम की वजह से होता है। साथ ही जेनेटिक सिंड्रोम की वजह से भी दिल की धड़कने रुक जाती हैं। खराब कॉलेस्ट्रल बढ़ने की वजह से कई बार लोगों की मौत हो जाती है। इसके लिए हर किसी को हाई सेंसिटिविटी सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्ट करना चाहिए। किसी की हार्ट हिस्ट्री अगर हार्ट संबंधी होती है तो उसका असर सीधा होता है।</p>

<h3><a href="https://www.indiatv.in/gallery/health-difference-between-heart-attack-and-cardiac-arrest-symptoms-in-5-points-2026-08-03-1235032" target="_blank" title="हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों में क्या है अंतर, 5 पॉइंट में समझिए"><strong>कार्डियक अरेस्ट क्या है</strong></a></h3>

<p>हार्ट अचानक और अप्रत्याशित रूप से ब्लड पंप करना बंद कर देता है, तो मरीज में कार्डियक अरेस्ट होता है। और इसकी वजह से ब्रेन और दूसरे अंगों में खून की सप्लाई रुक जाती है या कम हो जाती है। कुछ अर्यथमिया (arrhythmias), जिनमें ह्रदय से शरीर में खून जाना पूरी तरह से बंद हो जाती है, कार्डियक अरेस्ट के कारण बन सकते हैं। कार्डियक अरेस्ट में अचानक से दिल की धड़कन बंद हो जाती है। ऐसी स्थिति में मरीज का ब्लड प्रेशर और पल्स एकदम रुक जाती है। कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक से ज्यादा खरतनाक स्थिति है। कार्डियक अरेस्ट से जान जाने का खतरा कहीं ज्यादा होता है।</p>

<h3><strong>सीपीआर देकर बचाई जा सकती है जान</strong></h3>

<p>हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में सीपीआर देकर मरीज की जान बचाई जा सकती है। सीपीआर देने के लिए पहले अपने बाएं हाथ को आगे की ओर सीधा करें। अब उसके ऊपर अपना दायां हाथ रखें और दाएं हाथ की उंगलियों को अंदर की ओर करते हुए बंद कर लें। अब मरीज के छाती में बीच में हथेलियों के दबाते हुए तेज और धीरे दवाब डालें। आपको 100 से 120 टाइम ऐसा करना है। आपको लगातार एक रिदम के साथ ऐसा करना है। चेस्ट कंप्रेशन के बाद रुकें और मरीज को मुंह से सीपीआर देने की कोशिश करें। आपको बिना रुके 30 सेकेंड के लिए मरीज कुछ देर के लिए सांस देनी है। स्टडीज में सामने आया है कि अगर मरीज को कार्डियक अरेस्ट आने के 5 मिनट के अंदर सही तरीके से सीपीआर दिया जाए और हॉस्पिटल पहुंचाया जाए तो जान बच सकती है।</p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/sadhguru-advice-to-frequent-eaters-explains-the-link-between-eating-and-digestion-how-to-naturally-cleanse-the-body-2026-10-08-1247601" target="_blank" title="बार-बार खाने वालों को सद्गुरु ने दी सीख, बताया खाने और पाचन का संबंध, शरीर की प्राकृतिक सफाई कैसे करें">बार-बार खाने वालों को सद्गुरु ने दी सीख, बताया खाने और पाचन का संबंध, शरीर की प्राकृतिक सफाई कैसे करें</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/nana-patekar-death-causes-disease-cardiac-arrest-survival-is-difficult-find-out-what-needs-to-be-done-2026-10-08-1247606     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/nana-patekar-death-causes-disease-cardiac-arrest-survival-is-difficult-find-out-what-needs-to-be-done-2026-10-08-1247606 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 08:12:55 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     बार-बार खाने वालों को सद्गुरु ने दी सीख, बताया खाने और पाचन का संबंध, शरीर की प्राकृतिक सफाई कैसे करें     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने बार-बार खाने वालों को सीख दी है। सद्गुरु ने बताया कैसे आंतों को स्वस्थ रखा जा सकता है। हेल्दी गट के लिए किन बातों का ख्याल रखना जरूरी है।       ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/sadhguru-eating-08-10-2026-1791425526.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सद्गुरु की बार-बार खाने वालों को सीख]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/sadhguru-eating-08-10-2026-1791425526.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/sadhguru-eating-08-10-2026-1791425526.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सद्गुरु की बार-बार खाने वालों को सीख
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आयुर्वेद में समय के हिसाब से खाने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि दो खाने के बीच अच्छा गैप होना चाहिए, जिससे खाना आसानी से पच जाए। अगर आप भी खाने पीने की शौकीन हैं और दिनभर कुछ न कुछ खाते रहते हैं तो सद्गुरु, जग्गी वासुदेव जी की सीख पर अमल करना चाहिए। सद्गुरु ने बताया कि शरीर की नेचुरल क्लीनिंग के लिए खाने और पाचन के बीच का संबंध समझना जरूरी है। उन्होंने बताया कि क्यों योग विज्ञान खाने के बीच लंबा अंतराल रखने और बीच-बीच में स्नैक्स न खाने की सलाह देता है।</p>

<h3><strong>सद्गुरु ने बार-बार खाने वालों को सीख</strong></h3>

<p>सद्गुरु ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि जो लोग बार-बार कुछ खाते रहते हैं उन्हें अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। सद्गुरु के मुताबिक जब पेट में पाचन की प्रक्रिया चल रही होती है, तो सेल के स्तर पर शरीर की सफाई लगभग रुक जाती है। इसलिए, अगर आप दिन भर खाते रहते हैं, तो सेल्स में अशुद्धियां लंबे समय तक बनी रहती हैं, जिससे समय के साथ कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं।</p>

<h3><strong>आंतों से मल पूरी तरह से बाहर नहीं निकल पाता</strong></h3>

<p>अगर आप लगातार खाते रहते हैं तो इससे आंतों में फंसे मल को बाहर निकलने की प्रक्रिया भी ठीक से नहीं हो पाती, क्योंकि बेकार पदार्थ एक बार में नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर कोलन में आते रहते हैं। अगर कोलन साफ नहीं है, तो आप खुद ही मुसीबतें बुला रहे हैं। योग में कहा जाता है कि गंदी बड़ी आंत (कोलन) और मानसिक परेशानियों का सीधा संबंध होता है।</p>

<h3><strong>बड़ी आंत को साफ रखना है जरूरी</strong></h3>

<p>आयुर्वेद और सिद्ध जैसी भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में, मरीज की बीमारी चाहे जो भी हो, सबसे पहले <a href="https://www.indiatv.in/health/know-from-baba-ramdev-best-ways-to-improve-digestion-system-in-hindi-2025-01-13-1104926" target="_blank" title="कमजोर पाचन तंत्र है कई गंभीर बीमारियों की जड़">पाचन तंत्र</a> की सफ़ाई की जाती है क्योंकि ज्यादातर समस्याएं गंदी बड़ी आंत के कारण हो सकती हैं। आजकल लोग जिस तरह का खाना खा रहे हैं, उसे देखते हुए कोलन यानि बड़ी आंत को साफ रखना उनके लिए एक बड़ी चुनौती है।</p>

<h3><strong>दिन में 2 बार भरपेट खाना काफी है</strong></h3>

<p>लेकिन मान लीजिए कि आप दिन में सिर्फ दो बार भरपेट खाना खाते हैं और बीच में कुछ नहीं खाते या अगर आप बहुत ज्यादा एक्टिव रहते हैं तो बीच में कोई फल खा सकते हैं। तो इससे आपका कोलन हमेशा साफ रहेगा।</p>

<p><blockquote class="instagram-media" data-instgrm-captioned data-instgrm-permalink="https://instagram.com/p/DeMQEqak_PQ/?img_index=6&stkn=MTM2YjAzZDlrMWEwMQ%3D%3D" data-instgrm-version="12" style="background:#FFF; border:0; border-radius:3px; box-shadow:0 0 1px 0 rgba(0,0,0,0.5),0 1px 10px 0 rgba(0,0,0,0.15); margin: 1px; max-width:500px; min-width:326px; padding:0; width:99.375%; width:-webkit-calc(100% - 2px); width:calc(100% - 2px);"></blockquote></p>

<h3><strong>एक बार खाने के बाद 6 घंटे तक नहीं खाएं</strong></h3>

<p>योग की पद्धति में, हम कहते हैं कि एक बार खाना खाने और अगली बार खाने के बीच कम से कम छह से आठ घंटे का अंतर होना चाहिए। अगर ऐसा करना मुमकिन न हो, तो दो खाने के बीच कम से कम पांच घंटे का अंतर तो जरूरी है ही। इससे कम समय का अंतर रखने का मतलब है कि आप खुद के लिए ही मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।</p>

<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/recurrent-acidity-is-not-just-gas-it-could-be-caused-by-h-pylori-bacteria-in-stomach-how-to-know-2026-10-07-1247370" target="_blank" title="बार-बार होने वाली एसिडिटी सिर्फ गैस नहीं, पेट में हो सकता है ये बैक्टीरिया, ऐसे पता करें">बार-बार होने वाली एसिडिटी सिर्फ गैस नहीं, पेट में हो सकता है ये बैक्टीरिया, ऐसे पता करें</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/sadhguru-advice-to-frequent-eaters-explains-the-link-between-eating-and-digestion-how-to-naturally-cleanse-the-body-2026-10-08-1247601     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/sadhguru-advice-to-frequent-eaters-explains-the-link-between-eating-and-digestion-how-to-naturally-cleanse-the-body-2026-10-08-1247601 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 07:38:32 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     रात में बार-बार खुल जाती है नींद? गहरी और अच्छी नींद के लिए सोने से पहले खाएं ये चीजें, एक्सपर्ट ने दिया सुझाव      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अगर आपको रात के समय जल्दी नींद नहीं आती है तो सोने से पहले इन कुछ चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें इससे आपकी नींद की क्वालिटी में सुधार हो सकता है     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-07-oct-2026-11-20-pm-1804-1791395431.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[गहरी नींद के उपाय]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-07-oct-2026-11-20-pm-1804-1791395431.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mixcollage-07-oct-2026-11-20-pm-1804-1791395431.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      गहरी नींद के उपाय
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अगर आप भी रात के समय सोने के लिए बिस्तर पर जाते हैं लेकिन नींद आसानी से नहीं आती है या रात के समय कई बार नींद टूटी है तो यह लेख आपके लिए है। दरअसल, दिन भर का तनाव और स्ट्रेस शरीर में कोर्टिसोल जैसे हॉर्मोन के स्तर को प्रभावित करता है जिसका असर नींद पर भी पड़ता है। वहीं, कई बार रात के समय हेवी खाना भी नींद में खलल डाल सकता है। ये दोनों चीजें मिलकर आपकी नींद की क्वालिटी को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में रात के खाने में क्या और कितना खाया जाए, इस पर ध्यान देना जरूरी है। डॉक्टर <a href="https://www.practo.com/pune/doctor/shalini-nikhil-salunke-general-physician" target="_blank">शालिनी सिंह सालुंखे </a>बता रही हैं कि रात में किन चीजों का सेवन करने से नींद को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं।</p>

<h3><a href="https://www.indiatv.in/lifestyle/features/what-should-you-eat-at-night-for-better-sleep-expert-reveals-foods-to-have-before-bed-2026-09-26-1245564" target="_blank">अच्छी नींद के लिए सोने से पहले क्या खाएं?</a></h3>

<ul>
	<li>
	<p>केला: केला में पोटेशियम और मैग्निशयम सही मात्रा में पाया जाता है जो आपके मांशपेशियों और दिमाग को रिलैक्स करता है जिससे कोर्टिसोल का स्तर नेचुरली कम होता है और नींद अच्छी आती है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>चेरी: चेरी नेचुरली आपकी बॉडी में मेलाटोनिन हॉर्मोन को बढ़ाता है जिससे नींद की क्वैलति बेहतर होती है। इसके नियमित सेवन से न सिर्फ नींद जल्दी आती है, बल्कि रात में बार-बार आँख खुलने की समस्या भी कम होती है और नींद की क्वालिटी बेहतर होती है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>ओट्स: रात को सोने से पहले ओट्स का सेवन करने से नींद अच्छी और गहरी आ सकती है। दरअसल, इसमें प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन नामक नींद का हॉर्मोन और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो दिमाग में सेरोटोनिन को बढ़ाते हैं और कोर्टिसोल को कंटोल करने में मदद करते हैं। इससे मन शांत होता है और नींद जल्दी आती है।</p>
	</li>
	<li>
	<p>गर्म दूध: अगर आपको रात के समय जल्दी नींद नहीं आती है तो गर्म गर्म दूध सोने से पहले पिएं। गर्म दूध पीने से कोर्टिसोल का स्तर कम होता है और दिमाग शांत होता है जिससे नींद बेहतर आती है</p>
	</li>
	<li>बादाम और चेरी: आप रात को सोने से पहले अगर बादाम खाते हैं तब भी आपको बढ़िया नींद आ सकती है। वहीं , विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर कीवी भी गहरी नींद लाने में फायदेमंद मानी जाती है।</li>
</ul>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/" frameborder="0"></iframe></p>

<div>
<p><strong>Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)</strong></p>

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<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1">
	<tbody>
		<tr>
			<td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
		</tr>
		<tr>
			<td>
			<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/ozempic-has-become-cheaper-but-can-anyone-take-it-to-lose-weight-what-are-the-side-effects-know-from-doctor-2026-10-02-1246507" target="_blank" title="ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते हैं?">ओज़ेम्पिक दवा सस्ती हो गई, लेकिन क्या पतला होने के लिए इसे कोई भी ले सकता है, क्या नुकसान हैं, डॉक्टर से जानते है</a></strong></p>
			</td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
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    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/do-you-wake-up-repeatedly-at-night-eat-these-things-before-sleeping-for-deep-and-good-sleep-expert-suggested-2026-10-07-1247583     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/do-you-wake-up-repeatedly-at-night-eat-these-things-before-sleeping-for-deep-and-good-sleep-expert-suggested-2026-10-07-1247583 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 23:34:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     हाइट के हिसाब से कितना होना चाहिए वेट? डॉक्टर ने बताया      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ स्वस्थ रहने और लाइफस्टाइल की बीमारियों से बचने के लिए शरीर का वजन उसकी लंबाई के अनुपात में होना बेहद जरूरी है। ऐसे में डॉक्टर बता रहे हैं कि हाइट के हिसाब से आपका वेट कितना होना चाहिए। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-3-1791392200.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[हाइट के हिसाब से कितना होना चाहिए वेट? डॉक्टर ने बताया ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : MAGNIFIC]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-3-1791392200.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/add-a-heading-3-1791392200.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      हाइट के हिसाब से कितना होना चाहिए वेट? डॉक्टर ने बताया 
                      <span class="copyright">Image Source : MAGNIFIC</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>हेल्दी और फिट रहने के लिए बीमारियों से बचे रहना बेहद जरूरी है। आज के समय में ज्यादातर बीमारियों का कारण मोटापा है। ऐसे में वजन को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी माना जाता है। बढ़े हुए वजन से परेशान लोगों को अक्सर नहीं पता होता है कि उनकी हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए। आपने भी डॉक्टर्स को ये कहते सुना होगा कि हाइट के हिसाब से आपका वेट ज्यादा है इसे कम करने की जरूरत है। ऐसे में सवाल उठता है कि हाइट के हिसाब किसी भी व्यक्ति का वेट कितना होना चाहिए। <strong><a href="https://www.fortishealthcare.com/doctors/dr-anupam-biswas-4700" target="_blank">डॉ. अनुपम बिस्वास, सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्रिनोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा</a></strong> बता रहे हैं आपकी हाइट के हिसाब से कितना होना चाहिए वेट। </p>
<p><strong>कितना होना चाहिए वेट</strong><br />
एक व्यक्ति का परफेक्ट वज़न केवल तौल के पैमाने से मापे गए वज़न पर ही निर्भर नहीं होता है। हाइट, उम्र, शरीर में मांसपेशियों और फैट की मात्रा और कमर की चर्बी सभी ऐसे कारक हैं जिन्हें एक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बात करते समय ध्यान में रखना ज़रूरी है। फिर भी एक व्यक्ति के हाइट के मुताबिक उसका परफेक्ट वज़न जानने के लिए बॉडीमास इंडेक्स मापना जरूरी है। BMI (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) यह जानने का एक आसान तरीका है कि आपकी लंबाई के हिसाब से आपका वजन सही है या नहीं। इसे निकालने का तरीका है अपनी लंबाई (मीटर में) को खुद उसी से गुणा करें (जैसे 1.65 * 1.65 = 2.72)। अब अपने वजन (किलोग्राम) को इस संख्या से भाग दें (जैसे 60/2.72 = 22)।</p>
<p>इससे यह निष्कर्ष निकलता है की 5'5" (150 सेंटीमीटर) हाइट वाले इंसान का वजन 42-56 किलोग्राम के बीच होना चाहिए। , 5'6" (155 सेंटीमीटर) हाइट वाले व्यक्ति का वजन 44-60 किलोग्राम के बीच होना चाहिए । 5'7" (160 सेंटीमीटर) लंबाई वाले व्यक्ति का वजन 47-64 किलोग्राम के बीच होना चाहिए , 5'8" (165 सेंटीमीटर) लंबाई वाले व्यक्ति का वजन 50-68 किलोग्राम के बीच होना चाहिए और 5'9" (170 सेंटीमीटर) लंबाई वाले व्यक्ति का वजन 53-72 किलोग्राम के बीच होना चाहिए। यह केवल एक अनुमान है और हर व्यक्ति का वज़न थोड़ा अलग हो सकता है। केवल एक व्यक्ति के सामान्य बीएमआई रेंज को देखना भारत में स्वास्थ्य जोखिमों का निर्धारण करने के लिए पर्याप्त नहीं है। भारतीयों और दक्षिण एशियाई लोगों में कम BMI होने पर भी पेट और कमर के आसपास फैट जमा होने का जोखिम अधिक रहता है। इसके कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों जैसी मेटाबॉलिक समस्याएं कम वजन पर भी पनप सकती हैं।</p>
<p>चाहे वजन अत्यधिक कम हो या बहुत ज्यादा—दोनों ही स्थितियां सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। जब शरीर का वजन जरूरत से बहुत कम होता है, तो शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। इसकी वजह से शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों के प्रोटीन का इस्तेमाल करने लगता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। वहीं शरीर में स्टैमिना की कमी महसूस होती है और दैनिक कार्यों में जल्दी थकावट आती है। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने से बार-बार इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जबकि शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने पर मेटाबॉलिज्म बिगड़ने लगता है और कई गंभीर बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। जैसे शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर बढ़ता है। दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। लिवर में अतिरिक्त फैट जमा होने से लिवर का कामकाज प्रभावित होता है।</p>
<table border="1" cellpadding="1" cellspacing="1"><tbody><tr><td><strong>ये भी पढ़ें:</strong></td>
</tr><tr><td>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/health/what-are-the-most-common-symptoms-of-a-heart-attack-what-should-be-done-before-going-to-the-hospital-if-someone-suffers-a-heart-attack-2026-10-07-1247526" target="_blank" title="हार्ट अटैक के सबसे कॉमन लक्षण क्या हैं? किसी को अटैक आए तो अस्पताल जाने से पहले क्या करना चाहिए?">हार्ट अटैक के सबसे कॉमन लक्षण क्या हैं? किसी को अटैक आए तो अस्पताल जाने से पहले क्या करना चाहिए?</a></strong></p>
</td>
</tr></tbody></table>    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/health/what-should-your-weight-be-based-on-your-height-the-doctor-explains-2026-10-07-1247558     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/health/what-should-your-weight-be-based-on-your-height-the-doctor-explains-2026-10-07-1247558 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 22:26:57 +0530</pubDate>     </item></channel></rss>