<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"><channel><atom:link href="http://api.indiatvnews.com/v3/hi/7fd9f0e714a11805d00bb64c9d8ca3bc/rssfeed/subcategory/83/news" rel="self" type="application/rss+xml"/><title>US News in Hindi, अमेरिका समाचार, US Breaking News Live, अमेरिका न्यूज़ इन हिंदीी</title><link>https://www.indiatv.in/world/us</link><description>US News in Hindi: Get America Hindi News, America Breaking News Live, अमेरिका न्यूज़ इन हिंदी, US Latest News and Updates in Hindi</description><item>    <title>    <![CDATA[     ट्रंप ने कैसे छोड़ी अटलांटिक महासागर का नाम 'ट्रंप ओशन' रखने की जिद? खुद बताई अंदर की बात     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ ट्रंप अटलांटिक ओशन और पैसिफिक ओशन का नाम बदलने की फिराक में थे। इसको लेकर उन्होंने Google के सीईओ से भी बात की थी। लेकिन ट्रंप ने ये जिद क्यों छोड़ दी, इसका खुलासा उन्होंने खुद किया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-2-1792688578.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप अटलांटिक महासागर का नाम बदलने की सोच रहे थे।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-2-1792688578.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-2-1792688578.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप अटलांटिक महासागर का नाम बदलने की सोच रहे थे।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप अब दुनिया के दूसरे सबसे बड़े Ocean अटलांटिक महासागर का नाम बदलना चाहते हैं। ट्रंप चाहते हैं कि अटलांटिक के बजाय इसका नाम ट्रंप ओशन किया जाए। नाम बदलने के लिए उन्होंने गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बात की और कहा कि गूगल मैप्स पर अटलांटिक को ट्रंप ओशन के नाम से शो किया जाए। लेकिन सुंदर पिचाई ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। सुंदर पिचाई ने कहा कि वो ऐसा नहीं कर सकते। महासागर अलग होते हैं। वो कई देशों से जुड़े होते हैं इसलिए, उनका किसी एक देश के नेता के नाम करना ठीक नहीं होगा।</p>

<p><strong>प्रशांत महासागर का नाम भी बदलना चाहते हैं ट्रंप</strong></p>

<p>दिलचस्प है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ये राज खुद खोला। साउथ कैरोलाइना की एक रैली में ट्रंप ने कहा कि सुंदर पिचाई के मना करने के बाद उन्होंने फिलहाल तो अटलांटिक महासागर का नाम बदलने का इरादा छोड़ दिया है। लेकिन, उन्होंने रैली में ये भी कहा कि अटलांटिक के साथ साथ वो दुनिया के सबसे बड़े ओशन, प्रशांत महासागर का नाम भी अमेरिकन ओशन रखना चाहते हैं।</p>

<p><strong>ट्रंप और सुंदर में क्या बातचीत हुई?</strong></p>

<p>ट्रंप ने कहा, 'मैंने एक प्रतिभाशाली व्यक्ति सुंदर पिचाई से बात की। वह पूरी गूगल कंपनी को लीड करते हैं। गूगल के Co-founder सर्गेई ब्रिन और सुंदर, दोनों ही बेहद प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं।' मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ अमेरिका' करने के अपने निर्णय पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे अब भी खाड़ी के नाम को लेकर परेशान हैं। मैंने कहा, सुंदर, मैं अटलांटिक महासागर के बारे में सोच रहा हूं। क्या आप यह कर सकते हैं?'</p>

<p><strong>नाम बदलने में यहां फंस गया पेच</strong></p>

<p>फिर पिचाई के रिएक्शन का जिक्र करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि गूगल सीईओ ने उन्हें बताया था कि महासागरों का मामला अलग है, क्योंकि वे कई देशों तक फैले हुए हैं। पिचाई ने उनसे इस विचार को आगे नहीं बढ़ाने का आग्रह किया। ट्रंप ने कहा, 'इसलिए, शायद मैं इस विचार को छोड़ दूंगा।'</p>

<p><strong>दुनिया के और किसी ओशन नहीं देंगे ट्रंप या अमेरिका का नाम</strong></p>

<p>ट्रंप का कहना है कि उन्हें अटलांटिक और प्रशांत महासागर दोनों ही पसंद हैं क्योंकि दोनों अमेरिका से जुड़े हुए हैं, इसलिए वो दुनिया के किसी और महासागर को ट्रंप या अमेरिका नाम नहीं देंगे। उनका ये इरादा सिर्फ पैसिफिक और अटलांटिक ओशन के लिए है। इससे पहले, हाल में <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-very-soon-gas-will-become-even-cheaper-than-before-in-us-2026-10-18-1249640" target="_blank">ट्रंप ने बड़ा दावा किया था कि बहुत जल्द ईरान का युद्ध खत्म होगा</a>।</p>

<p><strong>(इनपुट- भाषा)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-very-soon-gas-will-become-even-cheaper-than-before-in-us-2026-10-18-1249640" target="_blank">"लोग नहीं जानते कि मेरे फैसले का मतलब क्या है", जानिए अब ऐसा क्यों बोले डोनाल्ड ट्रंप?</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-atlantic-ocean-renaming-trump-ocean-sundar-pichai-google-maps-2026-10-22-1250390     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-atlantic-ocean-renaming-trump-ocean-sundar-pichai-google-maps-2026-10-22-1250390 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 22:37:42 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका की मुस्लिम सांसद इल्हान उमर को लग रहा डर! घर पर छापेमारी के बाद बदलेंगी ठिकाना     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने आव्रजन दस्तावेजों में कथित धोखाधड़ी की जांच के तहत घर पर संघीय एजेंसियों की छापेमारी के बाद सुरक्षा चिंताओं के चलते वॉशिंगटन स्थित अपना घर छोड़ने का फैसला किया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ilhan-omar-1792666713.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी सांसद इल्हान उमर।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ilhan-omar-1792666713.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ilhan-omar-1792666713.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी सांसद इल्हान उमर।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन: </strong><a href="https://www.indiatv.in/world/us" target="_blank">अमेरिका</a> की मुस्लिम सांसद इल्हान उमर ने अपने वॉशिंगटन डीसी स्थित घर को छोड़ने का फैसला किया है। पिछले सप्ताह संघीय एजेंसियों ने उनके घर पर छापेमारी की थी। इल्हान उमर का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद उनके घर को लेकर लोगों का बढ़ा ध्यान उन्हें डर लग रहा है। बुधवार को एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। यह तलाशी उनके परिवार के आव्रजन दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी की जांच के बीच ली गई थी।</p>

<h3><strong>परिवार के आव्रजन दस्तावेजों में धोखाधड़ी की जांच</strong></h3>

<p>जांच की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर न्यूज एजेंसी AP को बताया कि संघीय अधिकारी इल्हान उमर के परिवार के आव्रजन दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी की जांच कर रहे हैं। जांच के सिलसिले में उनके कुछ रिश्तेदारों को ग्रैंड जूरी के सामने पेश होने से जुड़े समन भी जारी किए गए हैं। घर की तलाशी के बाद अपने पहले इंटरव्यू में इल्हान उमर ने कहा,</p>

<blockquote>
<p>'मुझे पूरा भरोसा है कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।'</p>
</blockquote>

<p>वह मिनेसोटा से डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रगतिशील विचारधारा वाली सांसद हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वह लगातार आलोचना करती रही हैं और खुद भी ट्रंप के निशाने पर रही हैं। ट्रंप कई मौकों पर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग कर चुके हैं।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ilhan-omar-home-federal-search-1792666713.jpg"    /></p>

<h3><strong>सुबह 6 बजे दरवाजा खटखटाने पहुंचे जांच अधिकारी</strong></h3>

<p>इल्हान उमर ने MS NOW को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह सुबह करीब 6 बजे उठीं, तो होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के जांच अधिकारी उनके दरवाजे पर जोर-जोर से दस्तक दे रहे थे। अधिकारियों के पास तलाशी का वारंट था। उमर के मुताबिक, जांच अधिकारी करीब 4 से 5 घंटे तक घर में रहे और इस दौरान 17 सामान अपने कब्जे में ले गए। इल्हान उमर के मुताबिक, अधिकारियों ने जिन 17 चीजों को जब्त किया, उनमें फोन, नोटबुक, सोमाली भाषा में बच्चों की एक किताब और एक पुराना कैमरा भी शामिल था। उन्होंने बताया कि यह कैमरा उनके पति को गिफ्ट में मिला था।</p>

<h3><strong>न्याय विभाग ने जांच के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी</strong></h3>

<p>उमर ने कहा कि जांच अधिकारी तलाशी के दौरान दखल दे रहे थे, लेकिन उनका व्यवहार विनम्र था। वे जब्त किए गए सामान का रिकॉर्ड रख रहे थे और बाकी चीजों को उनकी जगह पर वापस रख रहे थे। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में अब तक बहुत कम जानकारी सार्वजनिक की है। विभाग ने केवल इतना कहा है कि यह एक आपराधिक जांच है। अधिकारियों ने जांच के आधार या आरोपों के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच इल्हान उमर के परिवार के आव्रजन दस्तावेजों में संभावित धोखाधड़ी से जुड़ी है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ilhan-omar-home-search-1792666713.jpg"    /></p>

<h3><strong>12 साल की उम्र में अमेरिका आई थीं इल्हान उमर</strong></h3>

<p>इल्हान उमर का जन्म सोमालिया में हुआ था। वह 12 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका आई थीं। उनके परिवार को शरण मिलने के बाद वे अमेरिका पहुंचे थे। 5 साल बाद सन 2000 में उमर अमेरिकी नागरिक बन गईं। इंटरव्यू में उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए जांच पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा,</p>

<blockquote>
<p>'मेरा मानना है कि 12 साल की एक बच्ची पर यह आरोप लगाने के लिए कि उसने अमेरिका आने के लिए आव्रजन सेवाओं को धोखा देने की इतनी चतुराई से साजिश रची, बहुत बड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी। मुझे यकीन है कि कई 12 साल के बच्चे समझदार होते हैं, लेकिन यह बात कुछ ज्यादा ही बड़ी छलांग लगाने जैसी लगती है।'</p>
</blockquote>

<h3><strong>चुनाव से ठीक पहले तलाशी के समय पर उठे सवाल</strong></h3>

<p>इल्हान उमर के घर पर हुई तलाशी की अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक सांसदों ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस कार्रवाई के समय पर भी सवाल उठाए हैं। यह तलाशी 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से कुछ सप्ताह पहले हुई है। इन चुनावों से तय होगा कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। अमेरिका में न्याय विभाग ने ऐतिहासिक रूप से चुनाव से ठीक पहले उम्मीदवारों के खिलाफ जांच से जुड़ी ऐसी खुली कार्रवाई करने से परहेज किया है। इसी वजह से इस तलाशी के समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।</p>

<h3><strong>मिनियापोलिस के इलाके से फिर चुनाव लड़ रही हैं उमर</strong></h3>

<p>इल्हान उमर मिनेसोटा के ऐसे चुनावी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी का मजबूत जनाधार है। वह आगामी चुनाव में फिर से सांसद बनने के लिए मैदान में हैं और उनके अपनी सीट बरकरार रखने की उम्मीद है। घर की तलाशी और उसके बाद सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। <strong>(AP से इनपुट्स के साथ)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/world/us/trump-reacts-as-abdul-el-sayed-wins-michigan-democratic-senate-primary-calls-it-great-news-for-republicans-2026-08-06-1235711" target="_blank" title="अमेरिका में मुस्लिम उम्मीदवार की जीत पर खुश हुए ट्रंप, कहा- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'">अमेरिका में मुस्लिम उम्मीदवार की जीत पर खुश हुए ट्रंप, कहा- 'यह तो हमारे लिए अच्छी खबर है'</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/ilhan-omar-to-leave-washington-home-after-federal-raid-amid-immigration-fraud-investigation-2026-10-22-1250332     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/ilhan-omar-to-leave-washington-home-after-federal-raid-amid-immigration-fraud-investigation-2026-10-22-1250332 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:32:42 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- दोनों देश समझौते के काफी करीब, अलग तरह की होगी डील     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता (India US Trade Deal) पहले से अलग होगा। दोनों देश समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-21t084839-1792552745.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-21t084839-1792552745.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-21t084839-1792552745.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन:</strong> भारत और अमेरिका ट्रेड डील (व्यापार समझौता) के काफी करीब पहुंच चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह समझौता पहले किए गए समझौतों से काफी अलग होगा। मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब पहुंच गए हैं। </p>

<p>एक सवाल के जवाब में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'वे (भारत) समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं। यह समझौता अब तक किए गए हमारे समझौतों से काफी अलग होगा।'</p>

<h3>भारत दौरे पर हैं विदेश मंत्री मार्को रुबियो </h3>

<p>ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।</p>

<h3>डील जल्द फाइनल हो सकती है-रूबियो</h3>

<p>मार्को रुबियो ने मंगलवार को एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि दोनों पक्ष एग्रीमेंट को फाइनल करने के करीब हैं, बस कुछ ही मुद्दों पर बात होनी बाकी है। उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि हम बिना किसी एग्रीमेंट के जितना करीब हो सकते हैं, उतने करीब हैं। मुझे लगता है कि कुछ ही चीजें बाकी हैं जिन्हें पूरा करना है।” रुबियो ने उम्मीद जताई कि बाकी मुद्दे जल्द ही सुलझ जाएंगे, जिससे ट्रेड डील की घोषणा का रास्ता साफ हो जाएगा। और शायद इसके बाद दोनों देशों के नेता इस पर साइन कर सकते हैं।</p>

<h3>पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से की थी मुलाकात</h3>

<p>वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में व्यापार समझौते की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए मिल्वॉकी और वाशिंगटन में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी। बता दें कि भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने की फरवरी में घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में शुल्क संबंधी नीतियों में बदलाव के कारण इस समझौते पर आगे भी बातचीत करनी पड़ी।</p>

<h3>अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बोले- अहम मुद्दे सुलझे, जल्द लागू होगी डील</h3>

<p>भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि दोनों देशों ने इससे जुड़े अहम मसलों को हल कर लिया है और जल्द ही इस समझौते को जमीन पर उतारने वाले हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी बातचीत को लेकर उम्मीद जताई है, और कहा है कि दोनों पक्ष इस पर अंतिम फैसला लेकर इसे लागू करेंगे। हालांकि इन नेताओं के बयानों से एक बात तो तय लग रही है कि डील होगी। लेकिन ट्रंप का यह कहना कि पहले से अलग तरह की डील होगी, इसकी अंतिम शर्तों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।</p>

<p>बता दें कि पिछले हफ्ते <a href="https://www.indiatv.in/world/us/trump-waives-russia-oil-sanctions-big-relief-to-india-after-threat-of-a-100-per-cent-tariff-2026-10-17-1249333" target="_blank" title="डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को दी बड़ी राहत, रूस के तेल प्रतिबंधों में छूट, 100% टैरिफ का खतरा टला">ट्रंप प्रशासन ने भारत एक बड़ी राहत दी थी। ट्रंप ने रूस से जुड़े निर्यात पर लगने वाले कई प्रतिबंधों और शुल्कों (टैरिफ) को हटा दिया</a>। ये प्रतिबंध और शुल्क एक ऐसे कानून के तहत लागू होने वाले थे, जिस पर ट्रंप ने पिछले महीने ही हस्ताक्षर किए थे। शुक्रवार की देर रात जारी एक कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने कहा, "मैं 'ग्राहम एक्ट' (Graham Act) के तहत लगाए गए इन प्रतिबंधों और शुल्कों को लागू करने से छूट दे रहा हूं। मैंने कांग्रेस को एक प्रमाण पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि इस समय ऐसी छूट देना संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।"</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/us/who-will-succeed-trump-in-2028-us-presidential-election-support-for-j-d-vance-remains-undisclosed-leaving-suspense-2026-10-21-1250006" target="_blank" title="2028 में ट्रंप का उत्तराधिकारी कौन? जेडी वेंस को समर्थन देने पर नहीं खोले पत्ते, सस्पेंस बरकरार">2028 में ट्रंप का उत्तराधिकारी कौन? जेडी वेंस को समर्थन देने पर नहीं खोले पत्ते, सस्पेंस बरकरार</a></p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/india-us-trade-deal-pretty-close-donald-trump-says-deal-to-be-much-different-2026-10-21-1250022     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/india-us-trade-deal-pretty-close-donald-trump-says-deal-to-be-much-different-2026-10-21-1250022 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 08:49:33 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'मंदिर में गोलीबारी की साजिश की जांच 'हेट क्राइम' मानकर करें', 100 से अधिक सांसदों ने FBI निदेशक को लिखा पत्र      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के 100 से अधिक सांसदों ने FBI निदेशक काश पटेल से इलिनोइस के एक हिंदू मंदिर में हुई सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की जांच 'फेडरल हेट क्राइम' (नफरत से प्रेरित अपराध) के तौर पर करने करने की मांग की है।  

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mangal-2-1792551113.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी जांच एजेंसी FBI]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : ANI/FILE]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mangal-2-1792551113.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mangal-2-1792551113.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी जांच एजेंसी FBI
                      <span class="copyright">Image Source : ANI/FILE</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिका के 100 से ज़्यादा सांसदों ने FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इलिनोइस के एक हिंदू मंदिर में हुई सामूहिक गोलीबारी की कोशिश की जांच एक 'फेडरल हेट क्राइम' (नफरत से प्रेरित अपराध) के तौर पर की जाए। उन्होंने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली ऑनलाइन धमकियों से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में भी जवाब मांगा है।</p>

<p><strong>श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हमले की साजिश की जांच की मांग</strong></p>

<p>कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में सांसदों का ये पत्र शिकागो के पास <a href="https://www.indiatv.in/world/us/man-arrested-in-united-states-for-plotting-an-attack-to-hindu-place-of-worship-in-aurora-area-illinois-2026-10-15-1248933">ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में एक 19 साल के बंदूकधारी द्वारा गोलीबारी करने की कोशिश</a> के कुछ दिनों बाद आया है। बंदूक (शॉटगन) जाम हो जाने के कारण उसकी योजना नाकाम हो गई थी, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई थी। कांग्रेस के 105 सदस्यों (जिनमें चार अमेरिकी सीनेटर भी शामिल हैं) के इस पत्र में ट्रंप प्रशासन के बयानों की भी आलोचना की गई है। इसमें कहा गया है कि इन बयानों ने नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों को जायज ठहराने का काम किया है। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम भी शामिल हैं।</p>

<p><strong>पत्र में दिया गया है ये हवाला</strong></p>

<p>उन्होंने 'डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी' (गृह सुरक्षा विभाग) की एक पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें एक सिख व्यक्ति की तस्वीर के साथ ये संदेश था: "हमारी सड़कों से हट जाओ, तुम्हें गाड़ी चलानी नहीं आती, मिस्टर सिंह।" इसके अलावा, उन्होंने 'डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन' (शिक्षा विभाग) की एक पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें "मेक कॉलेज फुटबॉल ग्रेट अगेन" लिखा था। ये पोस्ट तब आई थी जब टेक्सास के एक रिपब्लिकन ने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के फुटबॉल मैच में दक्षिण एशियाई लोगों के शामिल होने पर शिकायत की थी।</p>

<p>20 अक्टूबर को लिखे गए पत्र में सांसदों ने कहा, "हमें इस बात की भी गहरी चिंता है कि प्रशासन की ओर से आए संदेशों ने इन समुदायों के प्रति नफरत को कम करने के बजाय उसे और बढ़ाने का काम किया है। सांसदों ने कहा कि नस्लीय नफरत, धार्मिक संदर्भ और बड़े पैमाने पर हिंसा की तैयारियों का ये मिला-जुला रूप एक व्यापक संघीय प्रतिक्रिया की मांग करता है। सांसदों ने ये जानने की कोशिश की कि क्या एफबीआई अरोरा मामले में संभावित नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रह की जांच कर रही है, क्या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या दूसरे व्यक्तियों ने कथित साजिश को बढ़ावा दिया है और पूजा घरों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/CongressmanRaja/status/2112583562226553165"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<p><strong>पत्र में सितंबर 2026 की रिपोर्ट का दिया हवाला</strong></p>

<p>उन्होंने सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें जनवरी 2025 और जून 2026 के बीच एक्स पर 5,42,000 से अधिक दक्षिण एशियाई विरोधी घृणित पोस्ट की पहचान की गई, जनवरी 2024 से जून 2026 तक मासिक मात्रा लगभग 240 प्रतिशत बढ़ गई। </p>

<p>कार्नेगी एंडोमेंट सर्वेक्षण में ये भी पाया गया कि 48 प्रतिशत भारतीय अमेरिकी उत्तरदाताओं को 2025 की शुरुआत के बाद से बहुत या कुछ हद तक अक्सर अपने समुदाय को लक्षित करने वाले नस्लवादी पोस्ट का सामना करना पड़ा, जबकि चार में से एक ने कहा कि उन्हें अपशब्द कहा गया है। </p>

<p> इनपुट- पीटीआई</p>

<p>ये भी पढ़ेंः <a href="https://www.indiatv.in/world/us/raja-krishnamoorthi-recalls-foiled-hindu-temple-attack-plot-says-jammed-gun-helped-save-his-family-2026-10-17-1249422" target="_blank" title="‘बंदूक जाम हो गई, मेरा परिवार बच निकला’, हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश याद कर भावुक हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति">‘बंदूक जाम हो गई, मेरा परिवार बच निकला’, हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश याद कर भावुक हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/more-than-hundred-us-lawmakers-seek-hate-crime-probe-into-illinois-temple-attack-2026-10-21-1250017     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/more-than-hundred-us-lawmakers-seek-hate-crime-probe-into-illinois-temple-attack-2026-10-21-1250017 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 08:31:50 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ट्रंप का उत्तराधिकारी कौन? जेडी वेंस को समर्थन देने पर नहीं खोले पत्ते, सस्पेंस बरकरार     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का उत्तराधिकारी कौन होगा, इस पर ट्रंप ने सस्पेंस बना दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जबकि एक साल पहले उन्होंने कहा कि जेडी वेंस में उन्हें अपने उत्तराधिकारी की संभावनाएं नजर आती हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-21t071224-1792546970.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-21t071224-1792546970.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-21t071224-1792546970.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वाशिंगटन:</strong> अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2028 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने उत्तराधिकारी के नाम पर सस्पेंस कायम कर दिया है। इससे पहले वे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस में अपने उत्तराधिकारी की झलक देखते थे और उन्हें अपना सबसे पसंदीदा बताते भी थे। ट्रंप से रिपोर्टर्स ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में जेडी वेंस को उम्मीदवार बनाने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने समर्थन देने पर खुलकर कुछ नहीं कहा। ट्रंप ने सिर्फ इतना कहा-इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जबकि इससे पहले पिछले साल उन्होंने कहा था- मुझे लगता है कि इसकी पूरी संभावना है कि वेंस मेरे उत्तराधिकारी हो सकते हैं। वहीं, फ्रांस की दक्षिणपंथी नेता मरीने ले पेन को समर्थन देने के सवाल पर भी उन्होंने अपने विकल्प खुले रखे।</p>

<h3>अभी बात करना जल्दबाजी होगी</h3>

<p>ट्रंप ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उपराष्ट्रपित जेडी वेंस को अपना उत्तराधिकारी बनाने के सवाल पर फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं देकर यह जाहिर कर दिया है कि उनके मन में कुछ और विचार चल रहा है। हालांकि ट्रंप ने जेडी वेंस की तारीफ करते हुए उन्हें प्रतिभाशाली और अच्छा इंसान बताया लेकिन कहा कि अभी इस बारे में बात करना जल्दबाजी होगी। </p>

<h3>ट्रंप ने वेंस की तारीफ की</h3>

<p>व्हाइट हाउस में जब ट्रंप से यह सवाल किया गया कि क्या वह 2028 में राष्ट्रपति चुनाव में वेंस की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे। इस पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने और वेंस ने इस पर कभी चर्चा नहीं की है। ट्रंप ने केवल इतना कहा-'वह बहुत प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं और बहुत अच्छे इंसान भी हैं। लेकिन अभी बहुत जल्दी है। हमें पहले मध्यावधि चुनाव से गुजरना है। उसके बाद देखेंगे कि क्या होता है।' बता दें कि इससे पहले एक इंटरव्यू में जेडी वेंस ने कहा था कि उन्होंने अभी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फैसला नहीं किया है। हालांकि अगर वह चुनाव लड़ते हैं तो उम्मीद है कि ट्रंप उनका समर्थन करेंगे।</p>

<p>बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल संकेत दिया था कि <a href="https://www.indiatv.in/world/us/trump-suddenly-announced-his-successor-after-starting-tariff-war-in-the-world-2025-08-06-1154406" target="_blank" title="दुनिया में टैरिफ वार छेड़ने के बाद ट्रंप ने अचानक घोषित किया अपना उत्तराधिकारी, अमेरिका में बढ़ी हलचल">उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस उनके मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) आंदोलन के “सबसे संभावित” उत्तराधिकारी हो सकते हैं</a>। हालांकि ट्रम्प ने यह भी रहा था कि उत्तराधिकारियों के बारे में बात करना “बहुत जल्दी” है, लेकिन वेंस निश्चित रूप से “बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और इस समय वे शायद सबसे पसंदीदा हैं। </p>

<h3>फ्रांस को लेकर क्या कहा?</h3>

<p>वहीं फ्रांस से जुड़े सवाल पर ट्रंप का कहना था इमिग्रेशन पॉलिसी के चलते वहां हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। अगर इसी तरह से हालात बिगड़ते रहे तो यूरोप का अस्तित्व नहीं बचेगा। साथ ही उन्होंने फ्रांस की दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को समर्थन देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। ट्रंप से जब यह पूछा गया कि क्या वह अगले साल होनेवाले फ्रांस राष्ट्रपति चुनाव में ले पेन का समर्थन करेंगे? इस पर ट्रंप ने कहा कि वे व्यक्तिगत तौर पर उन्हें नहीं जानते हैं और कभी मिले भी नहीं। हालांकि उन्होंने ले पेने को फ्रांस में कंजर्वेटिव विचारों की आवाज भी बताया।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/paris-will-soon-become-muslim-city-donald-trump-slams-emmanuel-macron-immigration-policies-france-riots-curfews-2026-10-20-1249839" target="_blank" title="'जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा पेरिस, मैंने पहले ही चेताया था', फ्रांस में हिंसा पर ट्रंप ने मैक्रों को घेरा">'जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा पेरिस, मैंने पहले ही चेताया था', फ्रांस में हिंसा पर ट्रंप ने मैक्रों को घेरा</a></p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/who-will-succeed-trump-in-2028-us-presidential-election-support-for-j-d-vance-remains-undisclosed-leaving-suspense-2026-10-21-1250006     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/who-will-succeed-trump-in-2028-us-presidential-election-support-for-j-d-vance-remains-undisclosed-leaving-suspense-2026-10-21-1250006 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 21 Oct 2026 07:16:24 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     VIDEO: अमेरिका में 170 फीट की ऊंचाई से गिरकर एयरफोर्स जवान की मौत, स्टेडियम में मौजूद थे 23 हजार लोग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के सैन एंटोनियो स्थित अलामोडोम स्टेडियम में फुटबॉल मैच से पहले फास्ट-रोपिंग प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी वायुसेना के एक जवान करीब 170 फीट की ऊंचाई से गिर गए और उनकी मौत हो गई।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/footaball-1-1792412266.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फास्ट-रोपिंग प्रदर्शन के दौरान ऊंचाई से गिरकर एयरफोर्स जवान की मौत]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/@MLFOOTBALL]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/footaball-1-1792412266.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/footaball-1-1792412266.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फास्ट-रोपिंग प्रदर्शन के दौरान ऊंचाई से गिरकर एयरफोर्स जवान की मौत
                      <span class="copyright">Image Source : X/@MLFOOTBALL</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong><a href="https://www.indiatv.in/world/us" target="_blank" title="https://www.indiatv.in/world/us">अमेरिका</a></strong> के सैन एंटोनियो स्थित अलामोडोम स्टेडियम में फुटबॉल मैच से पहले सैन्य प्रदर्शन के दौरान एक अमेरिकी वायुसेना के जवान की मौत हो गई। जवान करीब 170 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गए। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान टेक्निकल सार्जेंट इयान पैटरसन के रूप में हुई है।</p>

<p class="rtejustify">यह हादसा शनिवार को यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास एट सैन एंटोनियो (यूटीएसए) और नेवी के बीच फुटबॉल मैच से पहले आयोजित फास्ट-रोपिंग प्रदर्शन के दौरान हुआ। यह कार्यक्रम सशस्त्र बलों और पूर्व सैनिकों के सम्मान में आयोजित ‘सैल्यूट टू आर्म्ड फोर्सेज एंड वेटरन्स’ समारोह का हिस्सा था।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>रस्सी के सहारे नीचे उतरते समय हुआ हादसा</strong></h3>

<p class="rtejustify">रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन में चार सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान इयान पैटरसन रस्सी के सहारे नीचे उतर रहे थे, तभी उन्होंने नियंत्रण खो दिया और ऊंचाई से नीचे गिर गए। वह 6वीं कॉम्बैट ट्रेनिंग स्क्वाड्रन की डिटैचमेंट-2 इकाई में तैनात थे और टैक्टिकल एयर कंट्रोल पार्टी (TACP) प्रशिक्षक के रूप में काम कर रहे थे। नेलिस एयर फोर्स बेस के मुताबिक, पैटरसन मूल रूप से जॉर्जिया के फोर्ट स्टीवर्ट के रहने वाले थे। उन्होंने अमेरिकी वायुसेना में 15 वर्षों तक सेवा दी थी।</p>

<p class="rtejustify"><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/MLFootball/status/2111630561928515623"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3 class="rtejustify"><strong>मैदान पर करीब 10 मिनट तक चला उपचार</strong></h3>

<p class="rtejustify">हादसे के बाद मैदान पर ही घायल जवान को करीब 10 मिनट तक चिकित्सा सहायता दी गई। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। सैन एंटोनियो एक्सप्रेस-न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जवान को ले जाने से पहले यूटीएसए के कर्मचारियों ने उनके चारों ओर घेरा बना लिया था।</p>

<p class="rtejustify">प्रत्यक्षदर्शी एड्रियन कोरी ने केएसएटी को बताया कि हादसे के बाद स्टेडियम में मौजूद दर्शक शांत हो गए और बैंड ने भी प्रस्तुति रोक दी। घटना के चलते मैदान पर चल रही गतिविधियां कुछ समय के लिए ठप हो गईं।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>170 फीट ऊंची छत से किया जा रहा था प्रदर्शन</strong></h3>

<p class="rtejustify">अलामोडोम स्टेडियम का स्वामित्व सैन एंटोनियो शहर के पास है। इसकी छत जमीन से करीब 170 फीट ऊंची है। शनिवार को यूटीएसए और नेवी के बीच मुकाबला देखने के लिए स्टेडियम में लगभग 23,297 दर्शक मौजूद थे। प्रदर्शन में शामिल सैन्यकर्मी एयर कॉम्बैट कंट्रोलर के तौर पर प्रशिक्षण ले रहे थे। इस भूमिका में हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे उतरने और 100 फीट से अधिक ऊंचाई से तेजी से नीचे आने जैसी तकनीकों का अभ्यास शामिल होता है।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>हादसे के बावजूद खेल रहा जारी</strong></h3>

<p class="rtejustify">घटना के बावजूद यूटीएसए रोडरनर्स और नेवी मिडशिपमेन के बीच फुटबॉल मैच जारी रखा गया। मुकाबले में यूटीएसए ने नेवी को 38-34 से हराया।</p>

<p class="rtejustify">अमेरिकन कॉन्फ्रेंस ने जवान की मौत पर दुख जताते हुए उनके परिवार, दोस्तों और 57वीं विंग के सहयोगियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कॉन्फ्रेंस के मुताबिक, मैच के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों, अलामोडोम प्रबंधन, स्थानीय अधिकारियों और कमिश्नर टिम पर्नेटी के साथ एक कार्यसमूह ने बैठक की। इसमें उपलब्ध जानकारी की समीक्षा की गई और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हुई। कॉन्फ्रेंस ने कहा कि अपने नियमों और दोनों विश्वविद्यालयों के सहयोग से मैच जारी रखने का निर्णय लिया गया। वहीं, हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।</p>

<p class="rtejustify"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/us/a-private-jet-skids-off-runway-and-hits-fence-in-las-vegas-airport-2026-10-19-1249688" target="_blank" title="अमेरिका के लास वेगास एयरपोर्ट पर हादसा, रनवे से आगे निकल गया विमान, बाउंड्री से जा टकराया"><strong>अमेरिका के लास वेगास एयरपोर्ट पर हादसा, रनवे से आगे निकल गया विमान, बाउंड्री से जा टकराया</strong></a></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/us/fire-broke-near-military-base-in-canada-during-training-exercise-leaving-many-soldiers-dead-and-injured-2026-10-19-1249684" target="_blank" title="कनाडा में चल रहा था युद्ध अभ्यास, तभी सैन्य अड्डे के पास लगी भीषण आग, 4 सैनिकों की मौत, 39 घायल"><strong>कनाडा में चल रहा था युद्ध अभ्यास, तभी सैन्य अड्डे के पास लगी भीषण आग, 4 सैनिकों की मौत, 39 घायल</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-air-force-soldier-dies-after-falling-from-170-feet-before-football-match-in-stadium-during-demonstration-2026-10-19-1249773     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-air-force-soldier-dies-after-falling-from-170-feet-before-football-match-in-stadium-during-demonstration-2026-10-19-1249773 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 17:49:17 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका के लास वेगास एयरपोर्ट पर हादसा, रनवे से आगे निकल गया विमान, बाउंड्री से जा टकराया     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ लास वेगास एयरपोर्ट पर एक प्राइवेट जेट उड़ान भरने के दौरान फिसलकर रनवे से आगे निकल गया। इसके बाद विमान एयरपोर्ट की बाउंड्री से टकरा गया। हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-68-1792387034.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[लास वेगास एयरपोर्ट पर हुआ हादसा।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-68-1792387034.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-68-1792387034.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      लास वेगास एयरपोर्ट पर हुआ हादसा।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>लास वेगास: </strong>अमेरिका के लास वेगास एयरपोर्ट पर एक हादसा हो गया है। यहां रविवार सुबह 11 बजे एक प्राइवेट जेट उड़ान भर रहा था। इसी दौरान वह <a href="https://www.indiatv.in/world/asia/nepal-plane-skids-off-the-runway-watch-video-2026-01-03-1187619" target="_blank">रनवे से फिसलकर आगे निकल गया</a>। विमान आगे निकलकर एयरपोर्ट की बाउंड्री से टकरा गया। हालांकि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। एयरपोर्ट की तरफ से इस हादसे की जानकारी दी गई। हालांकि ये हादसे क्यों हुआ इस बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद संघीय विमानन प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए निर्धारित उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। जिस विमान के साथ यह हादसा हुआ, उसकी पहचान डसॉल्ट फाल्कन 50 के रूप में की गई है। </p>

<h3><strong>उड़ान भरने के दौरान रनवे से फिसल गया विमान</strong></h3>

<p>अधिकारियों ने बताया कि लास वेगास के मुख्य एयरपोर्ट पर निर्धारित उड़ान भरने के दौरान एक निजी जेट रनवे के अंत से बाहर निकल गया और एयरपोर्ट की बाउंड्री से टकरा गया। एयरपोर्ट की प्रवक्ता मोनिका बर्ताकी ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे (स्थानीय समयानुसार) हैरी रीड इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई इस दुर्घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि डसॉल्ट फाल्कन 50 विमान रनवे से बाहर क्यों निकला? वहीं इस घटना के बाद निरीक्षण के लिए दो रनवे बंद कर दिए गए और संघीय विमानन प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए निर्धारित उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया, जिससे देरी हुई।</p>

<h3><strong>हादसे में कोई हताहत नहीं</strong></h3>

<p>न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, डसॉल्ट फाल्कन 50 विमान, जिसका टेल नंबर N200SG था, रविवार सुबह लगभग 11 बजे रनवे 1L से उड़ान भरने की कोशिश कर रहा था, तभी वह रनवे से फिसल गया और एयरपोर्ट की बाउंड्री से टकरा गया। एयरपोर्ट ने बताया, "लगभग 11 बजे, उड़ान भरने के दौरान, एक सामान्य विमानन विमान लास वेगास (LAS) के रनवे 1L से फिसल गया और बाहरी बाड़ से टकरा गया। फिलहाल किसी के घायल होने की कोई जानकारी नहीं है।" बता दें कि अगस्त तक, लास वेगास एयरपोर्ट पर 370,000 से अधिक उड़ानें और 2026 में अब तक 34 मिलियन से अधिक यात्री आ चुके हैं। (इनपुट- एपी)</p>

<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>

<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/world/us/fire-broke-near-military-base-in-canada-during-training-exercise-leaving-many-soldiers-dead-and-injured-2026-10-19-1249684" target="_blank" title="कनाडा में चल रहा था युद्ध अभ्यास, तभी सैन्य अड्डे के पास लगी भीषण आग, 4 सैनिकों की मौत, 39 घायल">कनाडा में चल रहा था युद्ध अभ्यास, तभी सैन्य अड्डे के पास लगी भीषण आग, 4 सैनिकों की मौत, 39 घायल</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/a-private-jet-skids-off-runway-and-hits-fence-in-las-vegas-airport-2026-10-19-1249688     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/a-private-jet-skids-off-runway-and-hits-fence-in-las-vegas-airport-2026-10-19-1249688 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 10:43:28 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     कनाडा में चल रहा था युद्ध अभ्यास, तभी सैन्य अड्डे के पास लगी भीषण आग, 4 सैनिकों की मौत, 39 घायल     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ कनाडा में सैन्य अभ्यास के दौरान हुए हादसे में प्रिंसेस पेट्रीसियाज कैनेडियन लाइट इन्फैंट्री की तीसरी बटालियन की चार्ली कंपनी के सैनिक शामिल थे। बताया गया कि करीब 84 सैनिकों को दो समूहों में बांटकर अत्यधिक गहन युद्ध अभ्यास कराया जा रहा था।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/canada-1792384775.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[सैन्य अड्डे के पास लगी आग]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AFP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/canada-1792384775.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/canada-1792384775.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      सैन्य अड्डे के पास लगी आग
                      <span class="copyright">Image Source : AFP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में एक सैन्य अड्डे पर युद्ध अभ्यास के दौरान<a href="https://www.indiatv.in/delhi/a-massive-fire-broke-out-in-a-delhi-restaurant-panicked-people-jumped-but-were-rescued-by-the-crowd-below-2026-10-14-1248854" target="_blank"><strong> तेजी से फैली आग </strong></a>की चपेट में आने से चार सैनिकों की मौत हो गई। 39 घायल हो गए। घायलों में 19 की हालत गंभीर है। मेजर जनरल वेड रटलैंड ने रविवार को बताया कि सैन्य अधिकारियों को आग लगने की जानकारी कई घंटे पहले ही मिल गई थी। हालांकि, उन्हें लगा कि आग पर पर्याप्त हद तक काबू पा लिया गया है। इसलिए अभ्यास जारी रखा जा सकता है। लेकिन अचानक हवा का रुख बदलने से आग तेजी से सैनिकों की ओर बढ़ने लगी। </p>

<h3>36 सेकंड के अंदर आग तेजी से फैली</h3>

<p>रटलैंड ने एडमंटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हवा का रुख बदलने से पहले आग एक किलोमीटर दूर थी। आग का 36 सेकंड में एक किलोमीटर तक फैलना सामान्य बात नहीं है।'' उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद एक कमांडर के अनुसार सैनिकों को पहले कहीं आग दिखाई नहीं दे रही थी, लेकिन एक मिनट से भी कम समय में आग उनके ठीक सामने थी और वे लपटों में घिर गए। शनिवार को आग उस समय लगी, जब 'प्रिंसेस पेट्रीसियास कनैडियन लाइट इन्फैंट्री' की तीसरी बटालियन की चार्ली कंपनी के सैनिक अत्यधिक गहन युद्ध अभ्यास कर रहे थे। करीब 84 सैनिकों को दो समूहों में बांटा गया था। </p>

<h3>आग दूसरे अभ्यास क्षेत्र में फैली</h3>

<p>एक समूह ग्रेनेड चलाने के अभ्यास वाले क्षेत्र में था, जबकि दूसरा दुश्मन के काल्पनिक ठिकानों पर हमले का अभ्यास कर रहा था। आग दूसरे अभ्यास क्षेत्र में फैली। रटलैंड ने कहा कि जांचकर्ता अभी यह पता नहीं लगा पाए हैं कि घास में आग किस वजह से लगी। उन्होंने बताया कि बटालियन संकटों से निपटने के लिए तत्काल तैनाती की तैयारी कर रही थी। </p>

<h3>19 घायलों की हालत गंभीर</h3>

<p>इसके अलावा अगले वसंत में लातविया में तैनात कनाडाई सैनिकों की मदद के लिए भी मिशन की तैयारी की जा रही थी। अल्बर्टा प्रांत प्रमुख डेनियल स्मिथ ने बताया कि 39 लोगों का इलाज किया जा रहा है। एक्यूट केयर अल्बर्टा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सायह जेल्के ने कहा कि 19 की हालत गंभीर है, आठ की हालत स्थिर है और 12 अन्य को भी सामान्य उपचार दिया जा रहा है। </p>

<p>स्मिथ ने कहा कि कुछ लोगों को गंभीर रूप से झुलसने के कारण कई सप्ताह या महीनों तक गहन उपचार की जरूरत पड़ सकती है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना को देश की धरती पर शांतिकाल में सेना के साथ हुई सबसे गंभीर त्रासदियों में से एक बताया। </p>

<h3> सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का आदेश</h3>

<p>उन्होंने देशभर में संघीय सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने का आदेश दिया। कार्नी ने कहा कि मृतक सैनिकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है। प्रभावित लोगों में नियमित सैन्य बलों के जवानों के अलावा रिजर्व सैनिक और कनाडा के विभिन्न सैन्य अड्डों पर तैनात जवान भी शामिल हैं। </p>

<p>अल्बर्टा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि घायलों को वेनराइट से चार अस्पतालों में भेजा गया। इनमें एडमंटन के यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा अस्पताल और रॉयल एलेक्जेंड्रा अस्पताल, कैलगरी का फुटहिल्स मेडिकल सेंटर और रेड डियर रीजनल अस्पताल शामिल हैं। (एपी के इनपुट के साथ)</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/bomb-threat-tel-aviv-vienna-flight-forces-emergency-landing-bulgaria-2026-10-19-1249674" target="_blank" title="तेल अवीव से वियना जा रहे विमान में बम की धमकी से मचा हड़कंप, बुल्गारिया में इमरजेंसी लैंडिग"><strong>तेल अवीव से वियना जा रहे विमान में बम की धमकी से मचा हड़कंप, बुल्गारिया में इमरजेंसी लैंडिग</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/fire-broke-near-military-base-in-canada-during-training-exercise-leaving-many-soldiers-dead-and-injured-2026-10-19-1249684     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/fire-broke-near-military-base-in-canada-during-training-exercise-leaving-many-soldiers-dead-and-injured-2026-10-19-1249684 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 19 Oct 2026 10:12:01 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ट्रंप का बड़ा दावा- "बहुत जल्द खत्म होगा ईरान युद्ध, अमेरिका में पहले से भी सस्ती होगी गैस"     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों को सही ठहराया। वहीं, ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-2-1792346121.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PTI]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-2-1792346121.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-2-1792346121.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : PTI</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध जल्द समाप्त होने का दावा किया है। शनिवार को केंटकी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध 'बहुत जल्द' खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष समाप्त होने के बाद अमेरिका में गैस की कीमतें पहले के मुकाबले भी कम हो जाएंगी।</p>

<p class="rtejustify">रैली के दौरान ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी सैन्य हमलों का जिक्र करते हुए उन्हें जरूरी कार्रवाई बताया। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से ईरान की परमाणु क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक तेहरान उनका इस्तेमाल कर सकता है।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>ईरान बोला- सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म होना जरूरी</strong></h3>

<p class="rtejustify">इस बीच, <strong><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/iran-saeed-khatibzadeh-calls-for-end-to-war-on-all-fronts-israel-lebanon-conflict-2026-10-17-1249432" target="_blank" title="https://www.indiatv.in/world/asia/iran-saeed-khatibzadeh-calls-for-end-to-war-on-all-fronts-israel-lebanon-conflict-2026-10-17-1249432">ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी मोर्चों पर जारी संघर्ष समाप्त करना जरूरी है।</a></strong> उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी क्षेत्र में लड़ाई जारी रहती है, तो इससे व्यापक संघर्ष लंबा खिंच सकता है।</p>

<p class="rtejustify">ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, खतीबजादेह ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि ईरान और अमेरिका के बीच जून के मध्य में हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन में लेबनान का मुद्दा भी शामिल था।</p>

<p class="rtejustify">खतीबजादेह बुधवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने लेबनान की संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों से मुलाकात को सकारात्मक बताया।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>अमेरिका और इजरायल पर समझौता तोड़ने का आरोप</strong></h3>

<p class="rtejustify">ईरानी उप विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि ईरान और लेबनान पर हमले करके दोनों देशों ने समझौते की भावना को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से युद्धविराम कराने और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई रोकने के प्रयास ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सके हैं। खतीबजादेह ने कहा कि इजरायल पर भरोसा नहीं किया जा सकता और अमेरिका की जिम्मेदारी है कि वह अपने सहयोगी को सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए राजी करे। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध बताते हुए दावा किया कि वॉशिंगटन ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता को खत्म करने में सफल नहीं हुआ है।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार होने का दावा</strong></h3>

<p class="rtejustify">खतीबजादेह ने कहा कि ईरान ने गंभीर संघर्ष का सामना किया है और अपनी संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और अमेरिका के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।</p>

<p class="rtejustify">ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि आईएईए की 15 से अधिक रिपोर्टों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के अनुपालन की पुष्टि की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया था। खतीबजादेह के मुताबिक, ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन उस पर युद्ध थोपा गया तो वह उसका जवाब देगा।</p>

<p class="rtejustify">(इनपुट- ANI)</p>

<p class="rtejustify"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/us/jd-vance-clarified-indentured-servants-remark-h1b-workers-i-love-my-indian-in-laws-2026-10-18-1249593" target="_blank"><strong>"भारतीय सास-ससुर से प्यार है", H-1B कर्मचारियों को 'बंधुआ मजदूर' कहने पर घिरे JD वेंस ने दी सफाई</strong></a></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/flydubai-captain-smit-machchhar-recalls-copilot-attack-cockpit-incident-2026-10-18-1249583" target="_blank" title="'मुझे को-पायलट पर जरा सा भी शक नहीं था, अगर पहले से पता होता तो', कैप्टन स्मित मच्छर ने याद किया फ्लाईदुबई कांड"><strong>'मुझे को-पायलट पर जरा सा भी शक नहीं था, अगर पहले से पता होता तो', कैप्टन स्मित मच्छर ने याद किया फ्लाईदुबई कांड</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-very-soon-gas-will-become-even-cheaper-than-before-in-us-2026-10-18-1249640     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-very-soon-gas-will-become-even-cheaper-than-before-in-us-2026-10-18-1249640 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 23:28:02 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     "भारतीय सास-ससुर से प्यार है", H-1B कर्मचारियों को 'बंधुआ मजदूर' कहने पर घिरे JD वेंस ने दी सफाई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ जेडी वेंस ने H-1B कर्मचारियों को 'बंधुआ मजदूर' कहने वाले अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने भारतीय मूल के सास-ससुर से प्यार है। वेंस ने कहा कि अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों का स्वागत होना चाहिए, लेकिन अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों की रक्षा करना भी जरूरी है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/jd-vance-1792323841.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PTI]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/jd-vance-1792323841.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/jd-vance-1792323841.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
                      <span class="copyright">Image Source : PTI</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify"><strong><a href="https://www.indiatv.in/world/us" target="_blank" title="https://www.indiatv.in/world/us">अमेरिका</a></strong> के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा विवाद के बीच, विदेशी कर्मचारियों को 'इंडेंचर्ड सर्वेंट' (बंधुआ मजदूर) कहने वाले अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी बयानबाजी सही नहीं रही हो सकती है। हालांकि, उन्होंने अपने इमिग्रेशन रुख का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका को विदेशी कामगारों का स्वागत करने के साथ अपने नागरिकों और कर्मचारियों के हितों की भी रक्षा करनी चाहिए।</p>

<p class="rtejustify">वेंस ने अपने भारतीय मूल के सास-ससुर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उनसे प्यार है। उन्होंने कहा, "मैं अपनी सास और ससुर से प्यार करता हूं, जो दक्षिण भारत से अमेरिका आए थे। उनकी बेटी का जन्म अमेरिका में हुआ और वह अब अमेरिका की सेकेंड लेडी हैं। मुझे उन पर गर्व है और मैं उनसे बहुत प्यार करता हूं।" वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की हैं।</p>

<p class="rtejustify">उनकी यह सफाई ऐसे समय आई है, जब विदेशी पेशेवरों, खासकर भारतीय आईटी कर्मचारियों, के लिए अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों को लेकर विवाद चल रहा है। इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने वेंस की टिप्पणी को 'अनुचित और बेहद आपत्तिजनक' बताया था।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>"अमेरिकी कर्मचारी को हटाकर विदेशी को नौकरी देना उचित नहीं"</strong></h3>

<p class="rtejustify">जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका की इमिग्रेशन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे देश में योगदान देने के इच्छुक लोगों का स्वागत हो, लेकिन इससे अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार पर प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई बड़ी कंपनी यह दावा करके विदेशी अकाउंटेंट को नौकरी देती है कि उसे स्थानीय स्तर पर उपयुक्त कर्मचारी नहीं मिल रहा, जबकि उसी कंपनी में पहले से काम कर रहे अमेरिकी अकाउंटेंट को नौकरी से निकाल दिया जाता है, तो यह उचित नहीं है। वेंस के मुताबिक, "जब आप ऐसा करते हैं और पहले से नौकरी कर रहे अकाउंटेंट को निकाल देते हैं, तो यह निष्पक्षता नहीं है। यह न तो अप्रवासी के लिए अच्छा है और न ही अमेरिकी कर्मचारी के लिए।" उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अप्रवासियों को खारिज करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि इमिग्रेशन सिस्टम अमेरिकी हितों के अनुरूप काम करे।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>'इंडेंचर्ड सर्वेंट' शब्द पर क्यों हुआ विवाद?</strong></h3>

<p class="rtejustify">जेडी वेंस ने इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी कंपनियों से घरेलू कर्मचारियों को प्राथमिकता देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि कंपनियों को अमेरिकी कर्मचारियों की जगह ऐसे विदेशी कामगारों को लाना बंद करना चाहिए, जिन्हें उन्होंने' इंडेंचर्ड सर्वेंट' बताया था।</p>

<p class="rtejustify">इस शब्द का ऐतिहासिक संदर्भ विवाद की प्रमुख वजह बना। इंडेंचर्ड सर्वेंट ऐसे श्रमिकों को कहा जाता था, जो एक निश्चित अवधि तक काम करने के अनुबंध से बंधे होते थे। कई मामलों में उन्हें सीमित स्वतंत्रता और शोषणकारी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था।</p>

<p class="rtejustify">भारत के इतिहास में इस शब्द का विशेष महत्व है। 19वीं और 20वीं सदी की शुरुआत में बड़ी संख्या में भारतीयों को ब्रिटिश उपनिवेशों में मजदूरी के लिए भेजा गया था। इनमें मॉरीशस, फिजी, कैरेबियाई क्षेत्र और दक्षिण अफ्रीका जैसे स्थान शामिल थे।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर भी विवाद</strong></h3>

<p class="rtejustify">यह विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया से जुड़ी कुछ फाइलिंग पर लगाई गई रोक के बीच सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट, कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, एचसीएल और कैपजेमिनी जैसी कंपनियां इस विवाद के दायरे में आई हैं। PERM यानी परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का शुरुआती चरण है। इस प्रक्रिया के तहत नियोक्ता पात्र विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास दिलाने के लिए प्रायोजन कर सकते हैं। इस घटनाक्रम ने अमेरिका में भारतीय पेशेवरों की भूमिका और विदेशी प्रतिभाओं पर निर्भर कंपनियों की नीतियों को लेकर बहस तेज कर दी है।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>"सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक भावना जरूरी"</strong></h3>

<p class="rtejustify">वेंस ने अपने इमिग्रेशन रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका में 'सामाजिक एकजुटता और सामुदायिक भावना' बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि बहुत कम समय में बड़ी संख्या में लोग किसी देश में आते हैं, तो इससे समुदायों की जनसांख्यिकी और सांस्कृतिक संरचना में बड़े बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके कुछ पड़ोसी और परिचित ऐसे हैं, जिन्हें अपने इलाके में अपनी भाषा बोलने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिलता।</p>

<p class="rtejustify">वेंस ने कहा कि यह किसी समुदाय की आलोचना नहीं है, बल्कि अमेरिकी नागरिकों की यह इच्छा अनुचित नहीं मानी जानी चाहिए कि वे ऐसे लोगों के साथ अपने समुदाय में रहें, जिनके साथ उनकी कुछ समानताएं हों। उन्होंने दोहराया कि इमिग्रेशन व्यवस्था में ऐसे लोगों का स्वागत होना चाहिए, जो देश में योगदान दे सकें, लेकिन अप्रवासियों के आने की रफ्तार भी ऐसी होनी चाहिए कि अमेरिका के समुदायों में होने वाले बदलावों को लेकर चिंताओं पर ध्यान दिया जा सके।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>भारत ने जताई थी कड़ी आपत्ति</strong></h3>

<p class="rtejustify">वेंस के बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। मंत्रालय ने कहा था कि इस तरह का वर्णन अनुचित है और अमेरिका की अर्थव्यवस्था एव नवाचार के क्षेत्र में भारतीय पेशेवरों के योगदान की अनदेखी करता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका में भारतीय पेशेवर उच्च शिक्षित और कुशल हैं एवं वहां की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। भारत ने भारतीय आईटी कंपनियों से जुड़ी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पर रोक को लेकर भी चिंता जताई थी। नई दिल्ली का कहना था कि इस तरह के प्रतिबंध भारत और अमेरिका के बीच साझा महत्वाकांक्षाओं और सहयोग की भावना के अनुरूप नहीं हैं।</p>

<p class="rtejustify"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-soon-describes-strikes-on-nuclear-sites-as-major-success-2026-10-18-1249506" target="_blank" title="डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द होगा खत्म, बोले- अमेरिकी नागरिकों को मिलेगी सस्ते पेट्रोल की सौगात"><strong>डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द होगा खत्म, बोले- अमेरिकी नागरिकों को मिलेगी सस्ते पेट्रोल की सौगात</strong></a></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/us/raja-krishnamoorthi-recalls-foiled-hindu-temple-attack-plot-says-jammed-gun-helped-save-his-family-2026-10-17-1249422" target="_blank" title="‘बंदूक जाम हो गई, मेरा परिवार बच निकला’, हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश याद कर भावुक हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति"><strong>‘बंदूक जाम हो गई, मेरा परिवार बच निकला’, हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश याद कर भावुक हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/jd-vance-clarified-indentured-servants-remark-h1b-workers-i-love-my-indian-in-laws-2026-10-18-1249593     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/jd-vance-clarified-indentured-servants-remark-h1b-workers-i-love-my-indian-in-laws-2026-10-18-1249593 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 17:15:00 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     "लोग नहीं जानते कि मेरे फैसले का मतलब क्या है", जानिए अब ऐसा क्यों बोले डोनाल्ड ट्रंप?     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले पर अमेरिकी सांसदों ने सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया है कि इससे रूस पर दबाव कम होगा, जबकि ट्रंप ने इसे अमेरिका और दुनिया के हित में बताया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1792313593.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1792313593.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1792313593.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए कानून के तहत रूस को व्यापक प्रतिबंधों से छूट देने के अपने फैसले की कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने इसे 'अच्छा फैसला' बताया और कहा कि लोगों को अभी यह नहीं पता कि इसका वास्तव में क्या मतलब है। ट्रंप ने शनिवार शाम मियामी स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में पत्रकारों से कहा, "आपमें से कई लोगों को अभी यह नहीं पता कि मेरा फैसला क्या है लेकिन आप समझ जाएंगे।" उन्होंने कहा, "यह बहुत अच्छा फैसला है और देश के लिए अच्छा साबित होगा। मुझे लगता है कि यह दुनिया के लिए भी अच्छा होगा।" </p>

<h3>भारत समेत 5 बड़े देशों पर 100% शुल्क लगाने के प्रावधान में छूट </h3>

<p>ट्रंप ने शुक्रवार को एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत रूस को नए प्रतिबंध कानून 'ग्राहम अधिनियम' से छूट दी गई। अमेरिकी संसद ने पिछले महीने इस कानून को मंजूरी दी थी। <a href="https://www.indiatv.in/world/us/trump-waives-russia-oil-sanctions-big-relief-to-india-after-threat-of-a-100-per-cent-tariff-2026-10-17-1249333" target="_blank"><strong>इस आदेश के तहत रूस से तेल व गैस खरीदने वाले चीन और भारत समेत पांच सबसे बड़े देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रावधान से भी छूट दी गई है।</strong></a> आदेश में कहा गया कि ये छूट तब तक लागू रहेंगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, आवश्यकता के अनुसार वित्त मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि से परामर्श करने के बाद यह तय नहीं कर लेते कि आगे कोई कार्रवाई करना उचित है।</p>

<h3>ट्रंप के फैसले की आलोचना</h3>

<p>रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के ट्रंप के फैसले की रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के नेताओं ने आलोचना की है। दोनों दलों के सांसदों ने पिछले महीने मिलकर 'लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' को भारी बहुमत से पारित किया था। दक्षिण कैरोलाइना की रिपब्लिकन सांसद डार्लिन ग्राहम ने रूस को प्रतिबंध कानून से छूट देने के ट्रंप के फैसले की आलोचना की। इस कानून को उनके भाई लिंडसे ग्राहम ने आगे बढ़ाया था और इसका नाम भी उन्हीं के नाम पर रखा गया है। लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया है। डार्लिन ग्राहम ने कहा, "निजी तौर पर, मैं युद्ध समाप्त कराने और गैस की कीमतें कम करने के लिए रूस पर दबाव बनाने का विकल्प चुनती, क्योंकि मुझे (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन और रूस पर भरोसा नहीं है।" </p>

<h3>रूसी तानाशाह के सामने झुक रहा ट्रंप प्रशासन- थॉम टिलिस</h3>

<p>उत्तरी कैरोलाइना के रिपब्लिकन सांसद थॉम टिलिस ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के फैसले को 'बेहद गैर-जिम्मेदाराना' बताया। टिलिस ने कहा, "सीनेट में 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित कानून को लागू करने की बात राष्ट्रपति और उनके सलाहकारों को समझ में क्यों नहीं आती?" उन्होंने कहा, "यह अक्षम्य है कि यह प्रशासन उस रूसी तानाशाह के सामने झुक रहा है जिसने यूक्रेन पर अवैध रूप से हमला किया।" </p>

<h3>ईरान के साथ युद्ध करना चाहिए समाप्त- थॉम टिलिस</h3>

<p>टिलिस ने कहा कि यदि ट्रंप वास्तव में ऊर्जा की कीमतें कम करना चाहते हैं, तो उन्हें ईरान के साथ युद्ध समाप्त करना चाहिए, जिसे ईंधन की कीमतें बढ़ने का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को इसके बजाय व्लादिमीर पुतिन पर कोई एहसान नहीं करना चाहिए। टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा, "लिंडसे इस फैसले से बेहद नाराज होते।" उन्होंने दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम का जिक्र करते हुए यह बात कही, जिन्होंने इस गर्मी में अपनी मृत्यु से पहले विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया था। (एपी के इनपुट के साथ)</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-soon-describes-strikes-on-nuclear-sites-as-major-success-2026-10-18-1249506" target="_blank" title="डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द होगा खत्म, बोले- अमेरिकी नागरिकों को मिलेगी सस्ते पेट्रोल की सौगात"><strong>डोनाल्ड ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द होगा खत्म, बोले- अमेरिकी नागरिकों को मिलेगी सस्ते पेट्रोल की सौगात</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/people-dont-know-what-my-decision-means-find-out-why-donald-trump-said-this-2026-10-18-1249567     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/people-dont-know-what-my-decision-means-find-out-why-donald-trump-said-this-2026-10-18-1249567 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 14:32:31 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ट्रंप का दावा, ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द होगा खत्म, बोले- अमेरिकी नागरिकों को मिलेगी सस्ते पेट्रोल की सौगात     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ ट्रंप ने अपने भाषण में ईरानी ठिकानों के खिलाफ पहले किए गए सैन्य हमलों का जिक्र किया। इन अभियानों को तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को बेअसर करने के लिए एक आवश्यक कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-1792291771.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-1792291771.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-1792291771.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/america-will-not-attack-iran-strait-of-hormuz-will-be-fully-open-informed-donald-trump-2026-08-02-1234822" target="_blank"><strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ जारी युद्ध ‘बहुत जल्द’ समाप्त हो जाएगा। </strong></a>उन्होंने उम्मीद जताई कि संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। केंटुकी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी सैन्य हमलों का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों ने ईरान की परमाणु क्षमताओं को कमजोर कर दिया है।</p>

<p>ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करना सही फैसला था और इसके जवाब में कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, क्योंकि वह उनका इस्तेमाल कर सकता है।</p>

<h3>ईरान ने सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने की मांग की</h3>

<p>दूसरी ओर, ईरान ने क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सभी मोर्चों पर संघर्ष समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी क्षेत्र में लड़ाई जारी रहती है, तो इससे व्यापक संघर्ष लंबा खिंच सकता है।</p>

<p>ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, खतीबजादेह ने लेबनान में इजरायल के सैन्य अभियान को समाप्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लेबनान का मुद्दा ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत के प्रमुख विषयों में शामिल रहा है।</p>

<p>खतीबजादेह बुधवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने संसद अध्यक्ष नबीह बेरी, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों को अच्छा बताया। उनका कहना था कि लेबनान और व्यापक लेवांत क्षेत्र में जारी घटनाक्रम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और वहां संघर्ष समाप्त करना जरूरी है।</p>

<h3>अमेरिका और इजरायल पर समझौते के उल्लंघन का आरोप</h3>

<p>ईरानी उप विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान तथा लेबनान के खिलाफ हमले करके इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लेबनान में युद्ध समाप्त कराने और युद्धविराम सुनिश्चित करने के अमेरिकी प्रयास सफल नहीं हुए हैं। खतीबजादेह ने यह भी कहा कि इजरायल अपने वादों का पालन नहीं करेगा और उसे रोकने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। हालांकि, इन आरोपों और समझौते से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।</p>

<h3>ईरान बोला- संप्रभुता की रक्षा जारी रखेंगे</h3>

<p>ईरानी अधिकारी ने अमेरिका के सैन्य अभियान को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गैरकानूनी बताते हुए दावा किया कि वाशिंगटन ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली और जवाबी हमले करने की क्षमता को पूरी तरह खत्म करने में सफल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और अपनी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करता रहेगा। खतीबजादेह ने यह भी कहा कि तेहरान अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और अमेरिका की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के अनुपालन के समर्थन में एजेंसी की 15 से अधिक रिपोर्टों का हवाला दिया।</p>

<h3>होर्मुज स्ट्रेट खोलने की पेशकश</h3>

<p>ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने की पेशकश भी की। तेहरान ने कहा कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन उस पर थोपा गया कोई भी संघर्ष स्वीकार नहीं करेगा और उसका मुकाबला करेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग पर तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ सकता है। ऐसे में ट्रंप का युद्ध जल्द समाप्त होने और अमेरिकी पेट्रोल की कीमतें घटने का दावा ऊर्जा बाजार के लिए भी अहम है।</p>

<p>फिलहाल, युद्ध समाप्त होने को लेकर ट्रंप के दावे के बावजूद क्षेत्र में स्थायी शांति की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच सैन्य कार्रवाई रुकती है या नहीं और बातचीत के जरिए विवादों का समाधान निकल पाता है या नहीं। (इनपुट-ANI)</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/iran-saeed-khatibzadeh-calls-for-end-to-war-on-all-fronts-israel-lebanon-conflict-2026-10-17-1249432" target="_blank" title="'सभी फ्रंट पर जंग खत्म हुए बिना मध्य-पूर्व में नहीं रुकेगा युद्ध', ईरान ने अमेरिका को वॉर्निंग"><strong>'सभी फ्रंट पर जंग खत्म हुए बिना मध्य-पूर्व में नहीं रुकेगा युद्ध', ईरान ने अमेरिका को वॉर्निंग</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-soon-describes-strikes-on-nuclear-sites-as-major-success-2026-10-18-1249506     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-claim-war-with-iran-will-end-soon-describes-strikes-on-nuclear-sites-as-major-success-2026-10-18-1249506 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 18 Oct 2026 08:24:30 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ‘बंदूक जाम हो गई, मेरा परिवार बच निकला’, हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश याद कर भावुक हुए अमेरिकी सांसद     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इलिनॉय के औरोरा स्थित हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश को याद किया। उन्होंने बताया कि घटना के समय उनका परिवार मंदिर में मौजूद था और हमलावर की बंदूक जाम होने से कई लोगों की जान बच गई। उन्होंने नफरत के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/raja-krishnamoorthi-1-1792236556.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति, औरोरा स्थित हिंदू मंदिर और आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/raja-krishnamoorthi-1-1792236556.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/raja-krishnamoorthi-1-1792236556.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति, औरोरा स्थित हिंदू मंदिर और आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिका में भारतीय समुदाय को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की साजिश को याद करते हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि इलिनॉय के औरोरा स्थित हिंदू मंदिर में जब हमले की कोशिश हुई, तब उनका परिवार भी वहां मौजूद था। कृष्णमूर्ति ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि हमलावर की बंदूक कैसे जाम हुई और उनका परिवार समेत दूसरे लोग कैसे बच निकले। उन्होंने इस घटना को नफरत के खिलाफ आवाज उठाने के अपने जीवन के उद्देश्य से भी जोड़ा।</p>

<h3><strong>‘मुझे नहीं पता बंदूक कैसे जाम हुई और हम कैसे बच निकले’</strong></h3>

<p>राजा कृष्णमूर्ति ने घटना को याद करते हुए कहा,</p>

<blockquote>
<p>'मुझे नहीं पता कि हमलावर की बंदूक कैसे जाम हो गई। मुझे नहीं पता कि मेरा परिवार और दूसरे लोग कैसे बच निकले। मुझे यह भी नहीं पता कि मैं वहां कैसे मौजूद था। लेकिन मेरा मानना है कि इसके पीछे एक उद्देश्य था, ताकि मैं यहां आकर नफरत के खिलाफ बोल सकूं। अब यह मेरे जीवन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक बन गया है।'</p>
</blockquote>

<h3><strong>19 साल के युवक पर हमले की साजिश रचने का आरोप</strong></h3>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/illinois-hindu-temple-mass-shooting-plot-foiled-after-gun-jams-at-last-moment-19-year-old-alexandros-paporakis-arrested-2026-10-15-1249044" target="_blank" title=" भगवान का दरबार और भक्तों का जमावड़ा, तबाही मचाने की थी साजिश, लेकिन आखिरी वक्त पर बंदूक ही हो गई जाम">इस मामले में 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं।</a> आरोप है कि उसने शिकागो के पास औरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाई थी। इस मंदिर में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग पूजा-अर्चना करने आते हैं। हालांकि जब उसने गोलीबारी की कोशिश की तो उसकी बंदूक जाम हो गई। मामले में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/10/raja-krishnamoorthi-recalls-foiled-hindu-temple-attack-plot-1792236574.jpg"    /></p>

<h3><strong>‘नफरत के खिलाफ हम सबको एकजुट होना होगा’</strong></h3>

<p>इससे पहले राजा कृष्णमूर्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए घटना पर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा,</p>

<blockquote>
<p>'रविवार को मैं और मेरा परिवार औरोरा स्थित अपने हिंदू मंदिर में पूजा कर रहे थे, तभी एक श्वेत वर्चस्ववादी ने भारतीय अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कोशिश की। मैं उन लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने इस त्रासदी को रोकने में मदद की। लेकिन हमें उस नफरत का मुकाबला करने के लिए एकजुट होना होगा, जिसने इतने निर्दोष लोगों की जान खतरे में डाल दी।'</p>
</blockquote>

<h3><strong>‘हिंसा की धमकियों को नजरअंदाज नहीं कर सकते’</strong></h3>

<p>कृष्णमूर्ति ने इस कथित साजिश को बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि औरोरा के हिंदू मंदिर में भारतीय अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कोशिश किए जाने से वह स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि घटना के समय उनका परिवार भी मंदिर में मौजूद था। यह हमला पिछले रविवार को करने की कोशिश की गई थी। सांसद ने आरोपी के सहकर्मियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की भी सराहना की। उन्होंने चेतावनी दी कि नफरत से प्रेरित हिंसा की धमकियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/CongressmanRaja/status/2110730618581520749"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>अमेरिकी सांसदों ने FBI और न्याय विभाग से कार्रवाई की मांग की</strong></h3>

<p>शुक्रवार को अमेरिकी इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष रो खन्ना और रिच मैककॉर्मिक ने भी सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश की निंदा की। दोनों सांसदों ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और संघीय जांच ब्यूरो (FBI) से मामले में कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिंदू अमेरिकियों और भारतीय अमेरिकियों के खिलाफ बढ़ती धमकियों और नफरत को गंभीरता से लेने की जरूरत है। दोनों सांसदों ने मांग की कि मामले की संभावित संघीय घृणा अपराध के तौर पर जांच की जाए और सबूतों के आधार पर सभी जरूरी आरोप लगाए जाएं।</p>

<h3><strong>भारत ने जताई चिंता, भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील</strong></h3>

<p>अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश के मामले पर भारत ने भी गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा,</p>

<blockquote>
<p>'यह स्पष्ट रूप से हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। साथ ही, यह घटना अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत से जुड़े अपराधों और नस्लीय भेदभाव के बढ़ते मामलों को भी उजागर करती है।'</p>
</blockquote>

<p>जायसवाल ने कहा कि घटना के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से की गई कार्रवाई पर भारत ने ध्यान दिया है। उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह अपने देश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।<strong> (ANI से इनपुट्स के साथ)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/world/us/man-arrested-in-united-states-for-plotting-an-attack-to-hindu-place-of-worship-in-aurora-area-illinois-2026-10-15-1248933" target="_blank" title="अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, आरोपी अरेस्ट; राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद">अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, आरोपी अरेस्ट; राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/raja-krishnamoorthi-recalls-foiled-hindu-temple-attack-plot-says-jammed-gun-helped-save-his-family-2026-10-17-1249422     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/raja-krishnamoorthi-recalls-foiled-hindu-temple-attack-plot-says-jammed-gun-helped-save-his-family-2026-10-17-1249422 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 17:02:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[      डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को दी बड़ी राहत, रूस के तेल प्रतिबंधों में छूट, 100% टैरिफ का खतरा टला     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ी राहत दी है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि रूसी तेल खरीदने पर भारत पर कोई टैरिफ नहीं लगाया जाएगा।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/modi-trump-1-1792206446.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[ट्रंप ने रूसी तेल पर लगाए प्रतिबंध में ढील दी]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : FILE PHOTO (PTI)]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/modi-trump-1-1792206446.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/modi-trump-1-1792206446.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      ट्रंप ने रूसी तेल पर लगाए प्रतिबंध में ढील दी
                      <span class="copyright">Image Source : FILE PHOTO (PTI)</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>भारत के लिए एक बड़ी राहत की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से जुड़े निर्यात पर लगने वाले कई प्रतिबंधों और शुल्कों (टैरिफ) को हटा दिया है। ये प्रतिबंध और शुल्क एक ऐसे कानून के तहत लागू होने वाले थे, जिस पर <a href="https://www.indiatv.in/world/us/american-president-donald-trump-signs-sanctioning-russia-and-iran-act-know-what-next-2026-09-19-1244056">ट्रंप ने पिछले महीने ही हस्ताक्षर किए थे</a>। शुक्रवार की देर रात जारी एक कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने कहा, "मैं 'ग्राहम एक्ट' (Graham Act) के तहत लगाए गए इन प्रतिबंधों और शुल्कों को लागू करने से छूट दे रहा हूं। मैंने कांग्रेस को एक प्रमाण पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि इस समय ऐसी छूट देना संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।" हालांकि, इस आदेश के तहत रूस से जुड़े शुल्कों को केवल अभी के लिए रोका गया है। इसका मतलब यह है कि अगर ट्रंप चाहें, तो भविष्य में इन्हें फिर से लागू कर सकते हैं।<br />
<br />
<strong>क्या था प्रावधान, ट्रंप ने क्यों किया था टैरिफ का ऐलान</strong><br />
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' नामक कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत ट्रंप को 30 दिन का समय दिया गया था कि वे रूसी कच्चे तेल के शीर्ष पांच खरीदारों, चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अज़रबैजान  से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएं। साथ ही, इसमें कई रूसी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने और रूस से अमेरिका में आयात होने वाले ऊर्जा उत्पादों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान था। एक महीने की यह समय-सीमा कल यानी 18 अक्टूबर को समाप्त होने वाली थी।</p>

<p><strong>क्या है ग्राहम एक्ट?</strong><br />
लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026, इस कानून का उद्देश्य उन वित्तीय संसाधनों को कम करना था जो यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को जारी रखने में मदद कर रहे हैं। इसमें रूसी अधिकारियों, बैंकों, ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं और मास्को के सैन्य अभियानों का समर्थन करने वाली विदेशी इकाइयों को निशाना बनाया गया था।</p>

<p>इस कानून ने ट्रंप को उन देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार दिया, जो रूस के साथ व्यापार करते हैं, ताकि रूसी तेल और गैस पर उनकी निर्भरता को कम किया जा सके। इसके अलावा, इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूसी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध भी शामिल थे। इससे रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का रास्ता साफ हो जाता, जिससे भारत और चीन सहित 10 देशों पर खतरा मंडराने लगता।<br />
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<strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/us/us-russian-oil-purchase-ukraine-starlink-starshield-restrictions-trump-musk-2026-10-15-1249091">अमेरिका ने यूक्रेन को दिया डबल झटका! मस्क की कंपनी ने कम कर दी इंटरनेट की स्पीड, मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल हुई ठप</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/trump-waives-russia-oil-sanctions-big-relief-to-india-after-threat-of-a-100-per-cent-tariff-2026-10-17-1249333     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/trump-waives-russia-oil-sanctions-big-relief-to-india-after-threat-of-a-100-per-cent-tariff-2026-10-17-1249333 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 08:44:10 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     डोनाल्ड ट्रंप ने केटी जकारिया को सिर्फ 5 दिन में ही प्रेस सेक्रेटरी पद से क्यों हटाया? सामने आई वजह     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा व्हाइट हाउस में किए गए हालिया फेरबदल ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को काम संभालने के महज पांच दिन बाद ही पद से हटा दिया गया।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-14-1792205347.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केटी ज़कारिया ]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AFP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-14-1792205347.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-14-1792205347.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केटी ज़कारिया 
                      <span class="copyright">Image Source : AFP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वाशिंगटनः </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को नौकरी से निकाल दिया। उन्हें इस पद पर आए अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ था। केटी महज पांच दिन ही प्रेस सचिव रहीं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ज़कारिया को पद से हटा दिया गया है। उनके कार्यकाल की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। केटी की कानूनी योग्यताओं पर सवाल उठाए गए और मीडिया के सामने उनके व्यवहार की काफी आलोचना भी हुई।</p>

<p>यह घटना नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले हुई है। ऐसे समय में जब ट्रम्प अपने प्रशासन की उपलब्धियों को उजागर करना चाहते हैं और रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने में मदद करना चाहते हैं। </p>

<p><strong>ट्रंप ने केटी को पद से हटाने का दिया था संकेत</strong></p>

<p>शुक्रवार को ट्रंप ने संकेत दिया था कि उन्होंने ज़कारिया से इस पद पर बने रहने के बारे में फिर से सोचने के लिए कहा था। व्हाइट हाउस से वीकेंड ट्रिप पर निकलते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि मैंने उनसे कहा है कि मुझे लगता है कि आपके लिए खुश रहना ज्यादा बेहतर है और मुझे नहीं लगता कि आप इस तरह के काम में कभी खुश रह पाएंगी। इस तरह के काम में कुछ भी आसान नहीं होता। </p>

<p><strong>प्रेस सचिव केटी ज़कारिया को क्यों हटाया गया</strong></p>

<p>व्हाइट हाउस पोडियम पर प्रेस सचिव केटी ज़कारिया की मीडिया ब्रीफिंग काफी खराब रही।  इसकी काफी आलोचना हुई। ज़कारिया का छोटा सा कार्यकाल एक मुश्किल भरी पहली ब्रीफिंग के बाद खत्म हुआ। जब केटी से  पूछा गया कि उन्होंने 'बार एग्जाम' (वकालत की परीक्षा) कहां से पास की है, तो उन्होंने उलझा देने वाला जवाब दिया। ट्रम्प के अपने सलाहकारों ने यह सब काफी हैरानी और परेशानी के साथ देखा। उनकी कानूनी योग्यताओं पर सवाल उठे और खुद राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से उन पर अविश्वास जताया। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को पुष्टि की कि ज़कारिया इस पद से हट रही हैं। इससे पहले ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से सुझाव दिया था कि उन्हें इस नौकरी के बारे में फिर से सोचना चाहिए। ट्रम्प के एक सलाहकार ने   बताया कि वह अगले कुछ दिनों में व्हाइट हाउस छोड़ देंगी। </p>

<p>ये भी पढ़ेंः <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-iran-mother-of-all-bombs-moab-strike-options-rules-out-nuclear-weapons-2026-10-16-1249277" target="_blank" title="तो क्या ईरान पर 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' मारने जा रहे ट्रंप? बातों-बातों में दिया संकेत">तो क्या ईरान पर 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' मारने जा रहे ट्रंप? बातों-बातों में दिया संकेत</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/trump-fires-katie-zacharia-after-less-than-a-week-as-white-house-press-secretary-2026-10-17-1249326     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/trump-fires-katie-zacharia-after-less-than-a-week-as-white-house-press-secretary-2026-10-17-1249326 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 17 Oct 2026 07:56:42 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     तो क्या ईरान पर 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' मारने जा रहे ट्रंप? बातों-बातों में दिया संकेत      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ ट्रंप की बातों से इशारा मिल रहा है कि अमेरिका, ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और परमाणु स्थलों पर 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' का इस्तेमाल कर सकता है। जानिए ट्रंप ने ऐसा क्या कहा है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-iran-1-1792160407.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप ने 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' को एटमी हथियार मानने से इनकार किया।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PTI (फाइल फोटो)]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-iran-1-1792160407.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-iran-1-1792160407.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप ने 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' को एटमी हथियार मानने से इनकार किया।
                      <span class="copyright">Image Source : PTI (फाइल फोटो)</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे टकराव के बीच, ईरान के विरुद्ध एटम बम के प्रयोग की संभावना को खारिज कर दिया है। साथ ही, उन्होंने अमेरिका के सैनिकों को तैनात करने में भी कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि, अमेरिकी सेना अब ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और परमाणु सुविधाओं पर नए हमले के विकल्प जरूर तैयार कर रही है, जिसमें 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' का इस्तेमाल करना भी शामिल हो सकता है।</p>
<p><strong>'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' एटमी हथियार नहीं- ट्रंप</strong></p>
<p>एक इंटरव्यू में 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' पर बात करते हुए ट्रंप ने साफ किया कि जिस हथियार की चर्चा हो रही है, वह परमाणु हथियार नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अपने टारगेट हासिल करने के लिए अमेरिका को परमाणु हथियारों की मदद लेने की कोई जरूरत नहीं है। ट्रंप ने कहा, 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स परमाणु हथियार नहीं है। यह बिल्कुल भी एटमी हथियार नहीं है। मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स बस एक बहुत बड़ा बम है, लेकिन यह परमाणु बम नहीं है। मैं इस युद्ध में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करूंगा। हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं है।'</p>
<p><strong>ईरान में सैनिक तैनात करने के बारे में नहीं सोच रहे ट्रंप</strong></p>
<p>हालांकि, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे ईरान में ग्राउंड लेवल पर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती करेंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया, 'मैं ऐसा कुछ नहीं सोच रहा हूं।' गौरतलब है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिकन आर्मी ईरान के खिलाफ हमले के और ज्यादा विकल्पों की तैयारी कर रही है। इनमें एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और परमाणु सुविधाओं पर संभावित हमले शामिल हैं। यह सबकुछ ऐसे वक्त में हो रहा है जब मिडिल-ईस्ट के संघर्ष की दिशा और बातचीत के माध्यम से किसी समझौते की संभावना को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।</p>
<p><strong>मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट का इस्तेमाल कर सकता है अमेरिका</strong></p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, मिलिट्री प्लानिंग की जानकारी रखने वाले अफसरों के हवाले से बताया कि ट्रंप ने सेना को हमले के और ऑप्शन तैयार करने का निर्देश दिए हैं। इनमें GBU-43/B 'मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट' (MOAB) का प्रयोग भी शामिल हो सकता है, जिसे खासतौर से ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर और परमाणु स्थलों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पहले, हाल में <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-warns-houthi-rebels-saudi-attacks-hints-turkey-role-yemen-2026-10-14-1248880" target="_blank" title="सऊदी पर हमलों से गुस्साए ट्रंप, हूती को दे दी वॉर्निंग; बोले- 'एर्दोगन वही करेंगे जो मैं कहूंगा'">ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को वॉर्निंग दी थी</a>। उन्होंने कहा था कि एर्दोगन वही करेंगे जो मैं कहूंगा</p>
<p><strong>(इनपुट- ANI)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-iran-has-no-oil-left-no-economy-it-is-ruined-strong-dollar-strait-of-hormuz-2026-10-07-1247364" target="_blank" title="'न तेल, न इकोनॉमी.. कुछ नहीं बचा, ईरान बर्बाद हो गया', डोनाल्ड ट्रंप का दावा">'न तेल, न इकोनॉमी.. कुछ नहीं बचा, ईरान बर्बाद हो गया', डोनाल्ड ट्रंप का दावा</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-iran-mother-of-all-bombs-moab-strike-options-rules-out-nuclear-weapons-2026-10-16-1249277     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-iran-mother-of-all-bombs-moab-strike-options-rules-out-nuclear-weapons-2026-10-16-1249277 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 19:56:17 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका के प्राइमरी स्कूल में 16 साल के लड़के ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की मौत      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के ओरेगन में एक स्कूल में हुई गोलीबारी के बाद कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। बेंड पुलिस की प्रवक्ता शीला मिलर ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि संदिग्ध की मौत हो चुकी है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2-1792116053.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[घटनास्थल पर जांच करता पुलिस अधिकारी]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2-1792116053.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2-1792116053.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      घटनास्थल पर जांच करता पुलिस अधिकारी
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका के ओरेगन राज्य के बेंड शहर में प्राइमरी स्कूल में 16 साल के एक लड़के ने गोलीबारी की। गोली लगने से तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक टीचर भी शामिल है। वहीं, जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी मारा गया। बेंड पुलिस चीफ माइक क्रांट्ज़ ने बताया कि गोलीबारी की सूचना मिलने के कुछ ही मिनटों बाद, पुलिस को संदिग्ध व्यक्ति स्कूल के अंदर मृत मिला। </p>

<p><strong>टीचर और तीन मासूम बच्चों की मौत</strong></p>

<p>बेंड पुलिस चीफ क्रांट्ज़ ने बताया कि मारे गए तीन बच्चों की उम्र 5, 8 और 11 साल थी। 7 साल का एक और बच्चा और 54 साल के एक टीचर घायल हो गए, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, हमलावर बेंड का ही रहने वाला था। उसने स्कूल के बंद दरवाज़ों पर गोली चलाकर अंदर जबरन प्रवेश किया। पुलिस प्रवक्ता शीला मिलर ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के कुछ ही देर बाद, हमलावर को गोली लगी और वह स्कूल के अंदर ही गिर गया।</p>

<p>क्रांट्ज़ ने बताया कि दोपहर 1 बजे से ठीक पहले 911 पर पहली कॉल आई। यह कॉल 'सिल्वर रेल एलिमेंट्री' स्कूल के बाहर एक गाड़ी में बैठे व्यक्ति ने की थी, जिसने बताया कि किसी ने लंबी बंदूक से उस पर गोली चलाई है। पुलिस के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। </p>

<p><strong>गोली लगने से हमलावर की भी मौत</strong></p>

<p>बेंड पुलिस की प्रवक्ता शीला मिलर ने बताया कि गुरुवार दोपहर 12:59 बजे अधिकारियों को सूचना मिली कि 'सिल्वर रेल एलिमेंट्री' स्कूल में गोलीबारी हुई है। मिलर ने बताया कि पुलिस के पहुंचने के कुछ ही देर बाद हमलावर को गोली लगी और वह स्कूल के अंदर ही गिर गया। यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि उसे पुलिस ने गोली मारी, वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने, या उसने खुद को गोली मार ली। घटना के बाद स्कूल को बंद कर दिया गया।</p>

<p>ओरेगन शिक्षा विभाग के अनुसार, पोर्टलैंड से 100 मील (160 किलोमीटर) दूर दक्षिण-पूर्व में स्थित बेंड के इस स्कूल में पिछले साल 459 छात्र नामांकित थे। इस स्कूल में किंडरगार्टन से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चे पढ़ते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले <a href="https://www.indiatv.in/world/us/man-arrested-in-united-states-for-plotting-an-attack-to-hindu-place-of-worship-in-aurora-area-illinois-2026-10-15-1248933">अमेरिका के एक हिंदू मंदिर में हमले की बड़ी साजिश नाकाम हुई थी। </a></p>

<p>इनपुट- एपी</p>

<p>ये भी पढ़ेंः <a href="https://www.indiatv.in/world/us/illinois-hindu-temple-mass-shooting-plot-foiled-after-gun-jams-at-last-moment-19-year-old-alexandros-paporakis-arrested-2026-10-15-1249044" target="_blank" title=" भगवान का दरबार और भक्तों का जमावड़ा, तबाही मचाने की थी साजिश, लेकिन आखिरी वक्त पर बंदूक ही हो गई जाम">Inside Story: भगवान का दरबार और भक्तों का जमावड़ा, तबाही मचाने की थी साजिश, लेकिन आखिरी वक्त पर बंदूक ही हो गई जाम</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/five-people-including-children-dead-after-shooting-at-oregon-elementary-school-2026-10-16-1249125     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/five-people-including-children-dead-after-shooting-at-oregon-elementary-school-2026-10-16-1249125 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 16 Oct 2026 07:40:09 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका ने यूक्रेन को दिया डबल झटका! मस्क की कंपनी ने कम कर दी इंटरनेट की स्पीड, मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल ठप     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ रूस से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को अमेरिका ने एक के बाद एक दो बड़े झटके दे दिए हैं। अमेरिका ने पहले रूस से डीजल की डील की और अब एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने यूक्रेन में इंटरनेट की स्पीड एकदम कम कर दी है। इससे मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल ठप हो गए हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/us-russia-oil-deal-1792084680.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[ट्रंप और मस्क की कंपनी के फैसलों से यूक्रेन मुश्किल में है।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP (फाइल फोटो)]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/us-russia-oil-deal-1792084680.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/us-russia-oil-deal-1792084680.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      ट्रंप और मस्क की कंपनी के फैसलों से यूक्रेन मुश्किल में है।
                      <span class="copyright">Image Source : AP (फाइल फोटो)</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका ने यूक्रेन को डबल झटका दे दिया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को बीच मझधार में छोड़कर रूस के साथ डील कर ली है। अमेरिका ने खुद रूस से तेल खरीदने का ऐलान कर दिया है। अभी तक अमेरिका कहता था कि जो देश रूस से ऑयल खरीदते हैं, वो एक तरह से यूक्रेन के खिलाफ रूस को युद्ध में फंडिंग करते हैं। लेकिन अब खरीददारों की लिस्ट में अमेरिका खुद शामिल हो गया है।</p>
<p><strong>स्टारलिंक ने यूक्रेन में कम कर दी इंटरनेट की स्पीड</strong></p>
<p>यूक्रेन को दूसरा झटका एलन मस्क ने दिया है। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने यूक्रेन में इंटरनेट स्पीड को एकदम कम कर दिया है। इंटरनेट स्पीड कम होने से यूक्रेन युद्ध में बेहद कमजोर हो गया है। इंटरनेट स्पीड कम होने से मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल ठप हो गए हैं। इनका इस्तेमाल यूक्रेनी ड्रोन को हमले के लिए गाइड करने और एयर डिफेंस सिस्टम में होता है। मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल ठप पड़ने से यूक्रेन के लिए रूस के अंदर ड्रोन हमले करना और रूसी ड्रोन हमलों को रोकना दोनों मुश्किल हो गया है। अब यूक्रेन ना रूस पर हमला कर सकता है, ना खुद पर होने वाले हमले रोक सकता है।</p>
<p><strong>अमेरिका की इस गद्दारी से तबाह होंगी हजारों जिंदगियां</strong></p>
<p>हालांकि, जब जेलेंस्की ने इसकी शिकायत एलन मस्क से की तो उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि SpaceX की मिलिट्री सैटेलाइट सर्विस 'स्टारशील्ड' पर उन्होंने नहीं बल्कि अमेरिका के प्रेसिडेंट ने लगाई है। ये उनके ही अधिकार क्षेत्र में आता है। अमेरिका के इस धोखे से जेलेंस्की भड़के हुए हैं, लेकिन वो कुछ कर नहीं सकते। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका की इस गद्दारी से हजारों जिंदगियां तबाह होंगी। ट्रंप ये जानते हैं, इसके बावजूद उन्होंने ये फैसला लिया है।</p>
<p><strong>ये सच में बहुत बड़ा धोखा है- जेलेंस्की</strong></p>
<p>जेलेंस्की ने कहा कि ये सच में बहुत बड़ा धोखा है। ये बहुत मुश्किल समय है। वो यूक्रेन को बचाना चाहते हैं, लेकिन इंटरनेट को एक तरह से बंद कर दिया गया है। ये समझना मुश्किल है कि वो ऐसा फैसला कैसे कर सकते हैं। ये बहुत बड़ी गलती है। इससे हजारों लोगों को बड़ा नुकसान होगा।</p>
<p><strong>दूसरों पर टैरिफ लगाकर खुद रूस से तेल खरीद रहे ट्रंप</strong></p>
<p>सारी दुनिया हैरान है कि जिन जेलेंस्की को और यूक्रेन को ट्रंप लगातार सपोर्ट कर रहे थे, अमेरिका अचानक उनके खिलाफ हो गया है। जिस रूस से तेल खरीदने के कारण, ट्रंप भारत और चीन जैसे मुल्कों से नाराज हो गए थे, टैरिफ लगा दिया था, अब उसी रूस से ट्रंप खुशी-खुशी तेल खरीद रहे हैं। अमेरिका ने अपनी बातों से इतनी जल्दी-जल्दी पलटने वाला लीडर पहले कभी नहीं देखा। जान लें कि <a href="https://www.indiatv.in/world/europe/russian-strikes-zaporizhzhia-ukraine-20-killed-three-children-2026-10-10-1248121" target="_blank" title="ट्रंप से डीजल की डील के बाद रूस ने बोला बड़ा हवाई हमला, यूक्रेन बोला- मार डाले हमारे 20 लोग">ट्रंप से डीजल की डील के बाद रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला किया था</a>, जिसमें 20 लोगों के मार डालने का दावा किया गया था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/trump-says-ukraine-should-elect-new-president-announces-major-russian-diesel-deal-2026-10-10-1248127" target="_blank" title="'यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए', ट्रंप ने जेलेंस्की पर बोला सीधा हमला, वजह भी बताई">'यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए', ट्रंप ने जेलेंस्की पर बोला सीधा हमला, वजह भी बताई</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-russian-oil-purchase-ukraine-starlink-starshield-restrictions-trump-musk-2026-10-15-1249091     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-russian-oil-purchase-ukraine-starlink-starshield-restrictions-trump-musk-2026-10-15-1249091 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 22:54:50 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'अमेरिका में 13 लोगों को गोलियों से भूनने वाले निदाल की मौत की सजा की नहीं होगी LIVE स्ट्रीमिंग', ट्रंप का ऐलान     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में 13 लोगों को गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारने वाले निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग अब नहीं होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा कर दी है। साथ ही, ओबामा प्रशासन की नाकामी को भी याद किया।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1-1792080202.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की LIVE स्ट्रीमिंग नहीं होगी।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1-1792080202.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1-1792080202.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की LIVE स्ट्रीमिंग नहीं होगी।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका में 13 लोगों को गोलियों से भूनकर मार डालने वाले खूंखार निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग अब नहीं की जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दी। ट्रंप ने ये भी बताया कि ओबामा के कार्यकाल में FBI ने निदाल और यमनी-अमेरिकी कट्टरपंथी मौलवी अनवर अल-अवलाकी के बीच हुई बातचीत को पकड़ लिया था। इसके बावजूद उसे रोकने की कार्रवाई नहीं की गई थी। जानें ट्रंप ने और क्या-क्या कहा।</p>
<p><strong>ट्रंप ने किया ओबामा प्रशासन की नाकामयाबी का जिक्र</strong></p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया, 'निदाल मलिक हसन, जो अमेरिकी सेना में मेजर था और बाद में देशद्रोही बन गया, एक बहुत ही बुरा और दुष्ट इंसान है। उसने 13 लोगों की जान ले ली, जिनमें एक प्रेग्नेंट महिला सैनिक भी शामिल थी। इस घटना में उस महिला और उसके अजन्मे बेटे, दोनों की मौत हो गई। इसके अलावा, उसने 32 अन्य निर्दोष लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बराक हुसैन ओबामा के कार्यकाल में, FBI ने हसन और यमनी-अमेरिकी कट्टरपंथी मौलवी अनवर अल-अवलाकी के बीच हुए इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन को पकड़ा था। FBI की टेररिज्म टास्क फोर्स ने जब इसकी जांच की, तो उनका निष्कर्ष था कि हसन के ईमेल से कोई खतरा नहीं है। ओबामा प्रशासन के इस आकलन को बाद में एक बड़ी खुफिया नाकामयाबी माना गया।'</p>
<p><strong>नहीं होगी निदाल की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग</strong></p>
<p>ट्रंप ने आगे लिखा, 'इन सब बातों के बावजूद, मुझे लगता है कि अगर इस मृत्युदंड की सजा को सबके लिए स्ट्रीम किया जाता, तो यह विश्व को दिखाने का एक कड़ा संदेश हो सकता था कि अमेरिका आतंकवादियों और हसन जैसे नीच लोगों से कैसे निपटता है। लेकिन, कई लोग शायद उसे मरते हुए नहीं देखना चाहेंगे, चाहे वह स्ट्रीमिंग के माध्यम से हो या किसी और माध्यम से। उसे तय वक्त पर फायरिंग स्क्वॉड के जरिए मौत की सजा दी जाएगी, लेकिन इस घटना की स्ट्रीमिंग नहीं की जाएगी। हां, पीड़ितों के परिवार के करीबी सदस्य चाहें तो खुद वहां मौजूद रहकर इस सजा को देख सकते हैं। वे इंसाफ होते देखने के हकदार हैं।'</p>
<p><strong>निदाल ने 'अल्लाह हू अकबर' का नारा लगाते हुए चलाई थीं गोलियां</strong></p>
<p>गौरतलब है कि आगामी 3 दिसंबर को निदाल मलिक हसन को मौत की सजा दी जानी है और इसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी होनी थी। साल 2009 में निदाल टेक्सास मिलिट्री बेस पर फोर्ट हुड की एक मेडिकल बिल्डिंग में घुसा था, जहां अमेरिकी सैनिक अपना मेडिकल चेकअप करा रहे थे। तब <a href="https://www.indiatv.in/world/us/nidal-malik-hasan-fort-hood-shooter-execution-firing-squad-december-3-2026-10-10-1248116" target="_blank" title="अमेरिका में जिस मनोचिकित्सक की मौत की सजा की होगी 'LIVE स्ट्रीमिंग', वह हॉस्पिटल में 'अल्लाह हू अकबर' बोलते हुए घुसा था और मार डाले थे 13 लोग">निदाल मलिक हसन ने 'अल्लाह हू अकबर' का नारा लगाते हुए लेजर-साइट वाली हैंडगन से गोलियों की बौछार कर दी थी</a>। इस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/john-bolton-warns-iran-threat-to-india-middle-east-europe-economic-corridor-imec-2026-09-24-1245027" target="_blank" title="ट्रंप प्रशासन को इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर पर अमेरिका के पूर्व NSA ने ही कोसा, पॉलिसी पर यूं उठाए सवाल">ट्रंप प्रशासन को इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर पर अमेरिका के पूर्व NSA ने ही कोसा, पॉलिसी पर यूं उठाए सवाल</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-nidal-malik-hasan-execution-will-not-be-live-streamed-2026-10-15-1249078     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-nidal-malik-hasan-execution-will-not-be-live-streamed-2026-10-15-1249078 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 21:39:16 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     Inside Story: भगवान का दरबार और भक्तों का जमावड़ा, तबाही मचाने की थी साजिश, लेकिन आखिरी वक्त पर बंदूक ही हो गई जाम     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के इलिनॉय में 19 साल के युवक पर हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की साजिश रचने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह मंदिर हमला करने के लिए पहुंचा था लेकिन बंदूक जाम होने की वजह से गोलीबारी नहीं कर पाया।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/illinois-hindu-temple-aurora-shooting-plot-alexandros-paporakis-1792068927.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को वक्त रहते ही पकड़ लिया गया।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/@FBICHICAGO/@HAMP_ALLEN]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/illinois-hindu-temple-aurora-shooting-plot-alexandros-paporakis-1792068927.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/illinois-hindu-temple-aurora-shooting-plot-alexandros-paporakis-1792068927.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को वक्त रहते ही पकड़ लिया गया।
                      <span class="copyright">Image Source : X/@FBICHICAGO/@HAMP_ALLEN</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>न्यूयॉर्क: </strong>अमेरिका के इलिनॉय में 19 साल के युवक पर हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की साजिश रचने का आरोप है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, सैकड़ों कारतूस और बंदूक लेकर 11 अक्टूबर को मंदिर पहुंचा एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस हमले की योजना बना रहा था। उसने कथित तौर पर हथियार से गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन बंदूक जाम हो गई। इसके बाद वह तेजी से घर लौट गया। <a href="https://www.indiatv.in/world/us/man-arrested-in-united-states-for-plotting-an-attack-to-hindu-place-of-worship-in-aurora-area-illinois-2026-10-15-1248933" target="_blank" title="अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, आरोपी अरेस्ट; राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद">पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसके घर से राइफल, भरी हुई मैगजीन, सैकड़ों कारतूस और हमले में इस्तेमाल होने वाले दूसरे सामान बरामद किए गए हैं</a>।</p>
<h3><strong>19 साल के युवक पर आतंकवादी धमकी देने का आरोप</strong></h3>
<p>यह मामला अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा इलाके में स्थित एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की साजिश से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, पैलेटाइन गांव के रहने वाले 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। उस पर आतंकवादी धमकी देने और गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की जांच पैलेटाइन पुलिस ने माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग के साथ मिलकर की। अधिकारियों को संभावित सामूहिक गोलीबारी की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई थी। पुलिस ने युवक को उसके घर से निकलते समय हिरासत में लिया।</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/RT_India_news/status/2110599046125552058"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><strong>कैसे सामने आई मंदिर पर हमले की साजिश?</strong></h3>
<p>पुलिस के मुताबिक, 11 अक्टूबर को माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग को टैको बेल में पापोराकिस के साथ काम करने वाले एक शख्स द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर साजिश के बारे में पता चला। उस शख्स ने पुलिस को बताया था कि उसे पापोराकिस की ओर से कुछ ऐसे मैसेज मिले हैं, जिनसे किसी बड़े हमले की आशंका पैदा हुई। जांचकर्ताओं के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर एक दस्तावेज भी साझा किया था, जिसमें सामूहिक गोलीबारी की योजना का जिक्र था। इसके साथ उसने राइफल, राइफल की मैगजीन, बुलेटप्रूफ सुरक्षा उपकरण और बाकी चीजों की तस्वीरें भी साझा की थीं।</p>
<h3><strong>घर से राइफल और सैकड़ों कारतूस बरामद</strong></h3>
<p>युवक को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने अदालत से मिले तलाशी वारंट के आधार पर उसके घर की तलाशी ली। इस दौरान जांचकर्ताओं को एक राइफल, कई भरी हुई राइफल मैगजीन और सैकड़ों अतिरिक्त कारतूस मिले। इसके अलावा सुरक्षा उपकरण और कुछ अन्य सामान भी बरामद किया गया, जिन्हें जांच के लिए अहम माना जा रहा है। पुलिस को एक ऐसा टैक्टिकल वेस्ट भी मिला, जिसमें शरीर को गोलियों से बचाने के लिए कवच लगा था। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा देखने को मिली है।</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/arunpudur/status/2110607703932559816"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><strong>भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का जिक्र</strong></h3>
<p>इस मामले की जांच में अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी FBI ने भी मदद की। FBI के जांचकर्ताओं ने युवक के इलेक्ट्रॉनिक संदेशों और उसके नाम से तैयार किए गए एक दस्तावेज की जांच की। इस दस्तावेज का शीर्षक था, 'Why I Fought: A.K.A.: (Aurora Shooter’s Manifesto)'। पुलिस के मुताबिक, दस्तावेज में श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचारों से जुड़े बयान थे। इसमें दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का भी जिक्र था।</p>
<h3><strong>इलाके के हिंदू मंदिरों को किया गया सतर्क</strong></h3>
<p>संभावित हमले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले हिंदू धार्मिक स्थलों से संपर्क किया। अधिकारियों ने उन्हें मिली जानकारी से अवगत कराया, ताकि वे सतर्क रह सकें। पुलिस का कहना है कि समय रहते सूचना साझा करने और अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल से संदिग्ध की पहचान कर उसे गिरफ्तार करने में मदद मिली। पुलिस ने इस मामले में एक गंभीर खतरे को समय रहते रोकने की दिशा में कार्रवाई की।</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/DcWalaDesi/status/2110544368826286261"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><strong>आरोपी को फिलहाल हिरासत में रखने का आदेश</strong></h3>
<p>पापोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने का एक आरोप लगाया गया है, जिसे क्लास-X श्रेणी का गंभीर अपराध बताया गया है। इसके अलावा उस पर गैरकानूनी तरीके से हथियार रखने का भी आरोप है। बुधवार को हुई हिरासत संबंधी सुनवाई के दौरान जज ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया। फिलहाल मामले की विस्तार से जांच की जा रही है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/india/national/india-concern-aurora-illinois-hindu-temple-alleged-mass-shooting-plot-mea-demands-action-2026-10-15-1249036" target="_blank" title="अमेरिका के हिंदू मंदिर में Mass Shooting की साजिश से भारत चिंतित, विदेश मंत्रालय ने की एक्शन की मांग">अमेरिका के हिंदू मंदिर में Mass Shooting की साजिश से भारत चिंतित, विदेश मंत्रालय ने की एक्शन की मांग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/illinois-hindu-temple-mass-shooting-plot-foiled-after-gun-jams-at-last-moment-19-year-old-alexandros-paporakis-arrested-2026-10-15-1249044     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/illinois-hindu-temple-mass-shooting-plot-foiled-after-gun-jams-at-last-moment-19-year-old-alexandros-paporakis-arrested-2026-10-15-1249044 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 18:26:58 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम, आरोपी अरेस्ट; राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में एक 19 साल के युवक को इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू पूजा स्थल पर हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।     ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-6-1792035065.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[आरोपी की फाइल फोटो]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PTI]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-6-1792035065.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-6-1792035065.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      आरोपी की फाइल फोटो
                      <span class="copyright">Image Source : PTI</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन:</strong> <a href="https://www.indiatv.in/world/us">अमेरिका</a> में हिंदू मंदिर पर हमले की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है। मंदिर पर हमले की साजिश करने वाला युवक गिरफ्तार कर लिया गया है। युवक इलिनोइस में हिंदू मंदिर पर हमले की योजना बना रहा था। उसके पास से अत्याधुनिक राइफल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया गया है।</p>

<p><strong>भारतीय मूल के लोगों से नफरत करता है आरोपी  </strong></p>

<p>जानकारी के अनुसार, इलिनोइस राज्य के औरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम की गई। स्थानीय पुलिस ने हमले की साजिश रचने के आरोप में 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया और पुलिस अधिकारियों को उसके पास से एक पत्र मिला है, जिसमें श्वेत वर्चस्ववादी विचारधारा व्यक्त की गई है। इस पत्र में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख है।</p>

<p>यह गिरफ्तारी नवरात्रि के साथ हिंदू त्योहारों के मौसम की शुरुआत के बीच हुई है और ओहियो के रिचमंड हाइट्स में श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ के ठीक दो हफ्ते बाद हुई है। आरोपी को पापोरकिस को बुधवार को रोलिंग मीडोज में कुक काउंटी थर्ड म्युनिसिपल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया गया, जहां एक जज ने उसे हिरासत में लेने का आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होनी है।</p>

<p><strong>कैसे साजिश हुई नाकाम</strong></p>

<p>पुलिस ने पैलेटाइन के आरोपी टैको बेल कैशियर पापोराकिस के खिलाफ जांच तब शुरू की जब एक दूसरे व्यक्ति ने उसके खिलाफ मास शूटिंग की योजना बनाने की रिपोर्ट की। पुलिस ने कहा कि पापोराकिस ने एक डॉक्यूमेंट शेयर किया था जिसमें मास शूटिंग करने के कथित प्लान के बारे में बताया गया था, साथ ही एक राइफल, राइफल मैगज़ीन, बॉडी आर्मर और दूसरे टैक्टिकल इक्विपमेंट और एक्सेसरीज़ की तस्वीरें भी थीं। </p>

<p><strong>आतंकी हमले की धमकी देने का आरोप</strong></p>

<p>पुलिस ने कहा, "जांच के दौरान यह पता चला है कि आरोपी रविवार, 11 अक्टूबर को हमला करने का प्लान बना रहा था। हालांकि वह उस दिन हमला नहीं किया। इन्वेस्टिगेटर्स ने कहा कि पापोराकिस ने रविवार को दिन में पहले एक साथ काम करने वाले को फोन किया था और कहा था कि उसकी बंदूक जाम हो गई है।</p>

<p>आरोपी पापोराकिस पर आतंकवादी धमकी देने और गैर-कानूनी हथियार रखने का एक-एक आरोप लगाया गया है, जिसमें 16 इंच से कम बैरल वाली एक राइफल शामिल है। पैलेटाइन पुलिस डिपार्टमेंट ने कहा कि वह FBI के साथ मिलकर काम कर रहा है क्योंकि जांच अभी भी जारी है।</p>

<p>इनपुट- पीटीआई</p>

<p>ये भी पढ़ेंः <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-warns-houthi-rebels-saudi-attacks-hints-turkey-role-yemen-2026-10-14-1248880" target="_blank" title=" सऊदी पर हमलों से गुस्साए ट्रंप, हूती को दे दी वॉर्निंग; बोले- 'एर्दोगन वही करेंगे जो मैं कहूंगा'">सऊदी पर हमलों से गुस्साए ट्रंप, हूती को दे दी वॉर्निंग; बोले- 'एर्दोगन वही करेंगे जो मैं कहूंगा'</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/man-arrested-in-united-states-for-plotting-an-attack-to-hindu-place-of-worship-in-aurora-area-illinois-2026-10-15-1248933     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/man-arrested-in-united-states-for-plotting-an-attack-to-hindu-place-of-worship-in-aurora-area-illinois-2026-10-15-1248933 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 09:07:40 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     बाघ के साथ खेलते दिखे डोनाल्ड ट्रंप! कहा-प्रकृति से खिलवाड़ ना करें, वीडियो पर उठ रहे सवाल     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ ट्रम्प ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया, जो स्पष्ट रूप से एआई तकनीक से बनाया गया है। इस वीडियो में ट्रंप एक बाघ को वश में करते और उसके साथ खेलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो पर सवाल उठ रहे हैं। जानें वजह...    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-19-1792030990.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप के वीडियो पर उठे सवाल]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-19-1792030990.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-19-1792030990.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप के वीडियो पर उठे सवाल
                      <span class="copyright"></span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-warns-houthi-rebels-saudi-attacks-hints-turkey-role-yemen-2026-10-14-1248880">राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वे एक बाघ के साथ खेलते हुए दिखाई दे रहे हैं</a>; इससे पहले उन्होंने एक फुटेज पोस्ट की थी जिसमें यूके में एक बाघ द्वारा एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करते हुए दिखाया गया था। मंगलवार को ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर अपने फ़ॉलोअर्स के साथ उस जानलेवा हमले का 41 सेकंड का वीडियो शेयर किया और कैप्शन में लिखा, "कभी भी प्रकृति से छेड़छाड़ न करें!"</p>

<p><strong>बाघ के साथ खेलते दिखे ट्रंप, हो रही आलोचना</strong><br />
व्हाइट हाउस के 'रैपिड रिस्पॉन्स 47' अकाउंट ने X पर एक फ़ुटेज शेयर किया। इसके बाद ट्रंप ने AI से बने ऐसे क्लिप पोस्ट किए। फिर उन्होंने एक और AI वीडियो पोस्ट किया जिसमें वे 'द लायन स्लीप्स टूनाइट' गाने की धुन पर एक मुस्कुराते हुए बाघ के साथ कुश्ती करते और दोस्ती करते नज़र आ रहे थे। इन पोस्ट्स की ऑनलाइन आलोचना हुई, जिसमें ट्रंप के कुछ समर्थक भी शामिल थे। एक यूज़र ने राष्ट्रपति की समझ पर सवाल उठाते हुए लिखा: "मैं उनका बहुत बड़ा समर्थक हूं, लेकिन मुझे यह पोस्ट पसंद नहीं आया। सबकी अपनी-अपनी पसंद होती है।"</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/gardnerakayla/status/2110214306839363806?s=20"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<p><strong>किसने की ट्रंप के वीडियो की आलोचना</strong><br />
दरअसल, UK के एक वाइल्डलाइफ़ पार्क में बाघ के हमले में मारे गए 23 साल के युवक के परिवार ने लोगों से अपील की है कि वे इस हमले से जुड़े परेशान करने वाले वीडियो या तस्वीरें शेयर न करें। यह अपील तब की गई जब US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना का फ़ुटेज पोस्ट किया और बाद में उस बाघ के अजीबोगरीब AI-जनरेटेड क्लिप भी शेयर किए। उत्तरी इंग्लैंड में डोनकास्टर के पास यॉर्कशायर वाइल्डलाइफ़ पार्क में बाघ के बाड़े में घुसने के बाद शनिवार को विलियम चैपमैन की मौत हो गई और उनके परिवार ने कहा कि उनकी मौत से जुड़े वीडियो और दूसरी चीज़ें फैलने से उन्हें इस बेहद मुश्किल समय में "बहुत ज़्यादा तकलीफ़" हो रही है।</p>

<p><strong>परिवार ने आपत्तिजनक ऑनलाइन पोस्ट के ख़िलाफ़ अपील</strong><br />
मंगलवार की देर रात जारी एक ऑनलाइन श्रद्धांजलि संदेश में, चैपमैन के परिवार ने उन्हें "होनहार, मिलनसार और आकर्षक नौजवान" बताया, जो "कई सालों से गंभीर मानसिक बीमारी" से जूझ रहे थे। परिवार ने कहा, "बेहद आपत्तिजनक मीडिया कंटेंट को पब्लिश करने और फैलाने से उन्हें इस बहुत ही नाज़ुक समय में बहुत ज़्यादा तकलीफ़ हो रही है। हम लोगों से ऐसा न करने की अपील करते हैं।"</p>

<p><strong>ट्रंप की पोस्ट पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया</strong><br />
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर पियर्स मॉर्गन ने भी ट्रंप की आलोचना की है। उन्होंने ट्रंप के उस AI-जनरेटेड वीडियो को "बेहद भद्दा" बताया है जिसमें वह एक बाघ से लड़ते हुए दिख रहे हैं। मॉर्गन ने लिखा, "यह बहुत ही बेस्वाद और बुरा है। इसे हटा दें, प्रेसिडेंट @realDonaldTrump।"</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/north-korea-testing-submarine-launched-cruise-missiles-kim-jong-un-tension-for-us-and-south-korea-2026-10-15-1248929">अब पनडुब्बी से दागी जाने वाली क्रूज मिसाइलों का परीक्षण, किम जोंग उन ने अमेरिका और साउथ कोरिया की बढ़ाई टेंशन</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-president-donald-trump-is-seen-playing-with-a-tiger-video-is-raising-questions-2026-10-15-1248914     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-president-donald-trump-is-seen-playing-with-a-tiger-video-is-raising-questions-2026-10-15-1248914 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 15 Oct 2026 07:59:48 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     सऊदी पर हमलों से गुस्साए ट्रंप, हूती को दे दी वॉर्निंग; बोले- 'एर्दोगन वही करेंगे जो मैं कहूंगा'     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ सऊदी अरब पर अटैक्स से डोनाल्ड ट्रंप तिलमिला गए हैं। ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को कड़ी चेतावनी दे दी है। इतना ही नहीं, ट्रंप ने ये भी कहा कि उन्हें लगता है कि एर्दोगन वही करेंगे जो वह कहेंगे।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-houthi-warning-1791999630.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को दी चेतावनी।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP (फाइल फोटो)]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-houthi-warning-1791999630.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-houthi-warning-1791999630.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को दी चेतावनी।
                      <span class="copyright">Image Source : AP (फाइल फोटो)</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब पर हमलों को लेकर यमन के हूती विद्रोहियों को वॉर्निंग दी है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि क्या उन्होंने इस ग्रुप पर हमला करने का निर्णय किया है, लेकिन ये जरूर कहा कि अगर अमेरिका, तुर्की की मदद चाहेगा, तो तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन वही करेंगे जो मैं कहूंगा, क्योंकि पश्चिम एशिया में टेंशन बढ़ रही है। इस दौरान, ट्रंप ने हूती विद्रोहियों के कामों को बहुत बुरा कहा। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने हूती के खिलाफ मिलिट्री एक्शन का निर्णय किया है, तो उन्होंने कहा कि हूती बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं।</p>
<p><strong>क्या हूती के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल होगा तुर्की?</strong></p>
<p>वहीं, हूती विद्रोहियों पर एक्शन की बात पर ट्रंप ने संकेत दिया कि वह यमन से जुड़ी कोशिशों में शामिल होने के लिए रेसेप तैयप एर्दोगन से कह सकते हैं। ट्रंप ने कहा, "मैं शायद ऐसा करूं। जैसा कि आप जानते हैं, वह मेरे बहुत अच्छे फ्रेंड हैं और मैं शायद ऐसा करूं। मैं तुर्की के राष्ट्रपति का बहुत सम्मान करता हूं।" जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में तुर्की को शामिल करना चाहते हैं, तो ट्रंप ने यह बात कही। ट्रंप ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि एर्दोगन वही करेंगे जो मैं उनसे कहूंगा।"</p>
<p><strong>ट्रंप ने ईरान को बताया ''फेल हो चुका देश''</strong></p>
<p>इस दौरान, ट्रंप ने ईरान का भी जिक्र किया और कहा कि वह "फेल हो चुका देश" है। साथ ही, ट्रंप ने ये भी इशारा किया कि वह जल्द ही अपने अगले कदमों को लेकर फैसला करेंगे। ट्रंप ने आगे कहा, "ईरान एक फेल हो चुका देश है। उनकी कोई इकोनॉमी नहीं है, वहां महंगाई की दर 300 फीसदी है और उनके पास पैसे नहीं हैं। ईरान अपने सैनिकों को पैसे नहीं दे पा रहा है। ईरान किसी को भी पैसे नहीं दे रहा है। ईरान के बारे में हम बहुत जल्द कोई निर्णय करेंगे।" हालांकि, जब ट्रंप से तेल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा कंट्रोल है और होर्मुज से बहुत अधिक तेल आ रहा है।"</p>
<p><strong>हूती का अरामको की फैसिलिटी पर मिसाइल से हमला</strong></p>
<p>गौरतलब है कि ट्रंप की तरफ से ये स्टेटमेंट सऊदी अरब पर जारी हूती हमलों और सऊदी के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को दी गई धमकियों के बीच आए हैं। इस बीच, हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी में अरामको की सुविधाओं को "सही निशाना" बताया। <a href="https://www.indiatv.in/world/asia/saudi-arabia-houthi-tensions-aramco-oil-depot-missile-attack-2026-10-14-1248866" target="_blank" title="सऊदी और हूती में फिर बढ़ा तनाव! विद्रोहियों ने दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल कंपनी पर मिसाइल से किया हमला">हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से अरामको को निशाना बनाया</a>।</p>
<p><strong>(इनपुट- ANI)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/asia/pakistan-reaffirms-commitment-to-saudi-arabia-security-amid-houthi-attacks-makkah-joint-defence-agreement-2026-10-14-1248759" target="_blank" title="हूती हमलों के बीच सऊदी अरब के समर्थन में आया पाकिस्तान, शहबाज शरीफ ने दिया सुरक्षा का भरोसा">हूती हमलों के बीच सऊदी अरब के समर्थन में आया पाकिस्तान, शहबाज शरीफ ने दिया सुरक्षा का भरोसा</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-warns-houthi-rebels-saudi-attacks-hints-turkey-role-yemen-2026-10-14-1248880     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-warns-houthi-rebels-saudi-attacks-hints-turkey-role-yemen-2026-10-14-1248880 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 23:14:30 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     OpenAI के कॉन्फ्रेंस रूम में सऊदी के नागरिक ने लगाया ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, ऐसे चुरा रहा था सेंसिटिव जानकारी     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में सऊदी अरब का एक नागरिक पकड़ा गया है, जो OpenAI में इंजीनियर था। उसने कंपनी की सेंसिटिव बातचीत को रिकॉर्ड करने के लिए एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में एक सीक्रेट ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया था।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/fbi-arrest-1791987225.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिका में सेंसिटिव जानकारी चुराते हुए पकड़ा गया सऊदी का नागरिक।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PEXELS (प्रतीकात्मक फोटो)]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/fbi-arrest-1791987225.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/fbi-arrest-1791987225.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिका में सेंसिटिव जानकारी चुराते हुए पकड़ा गया सऊदी का नागरिक।
                      <span class="copyright">Image Source : PEXELS (प्रतीकात्मक फोटो)</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने बताया कि सऊदी अरब के 35 साल के एक नागरिक को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च और डिप्लॉयमेंट कंपनी OpenAI में इंजीनियर के रूप में काम करता था। आरोप है कि उसने कंपनी के एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में एक सीक्रेट ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया था ताकि संवेदनशील बातचीत को चुपके से रिकॉर्ड कर सके।</p>
<p><strong>चुपचाप रिकॉर्ड कर रहा था कंपनी के लोगों की बातचीत</strong></p>
<p>FBI की तरफ से जारी की गई प्रेस रिलीज के मुताबिक, अब्दुल रहमान अलफोजान को 9 अक्टूबर को अरेस्ट किया गया था और फिर मंगलवार को उसे फेडरल कोर्ट में पेश किया गया। उसके ऊपर बातचीत को सुनने या रिकॉर्ड करने के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक या किसी अन्य डिवाइस का प्रयोग करने या ऐसा करने के प्रयास करने का आरोप लगाया गया है।</p>
<p><strong>टॉयलेट पेपर में छिपाकर लगाया था रिकॉर्डिंग डिवाइस</strong></p>
<p>शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अब्दुल रहमान अलफोजान ने सैन फ़्रांसिस्को में OpenAI की एक इमारत के एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में, टेलीविजन के पीछे की तरफ USB पोर्ट में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस को छिपा दिया था। यह डिवाइस टॉयलेट पेपर में छिपाकर वहां रखा गया था। इसे OpenAI के कर्मचारियों ने 30 सितंबर के आसपास खोजा और पाया कि इसमें मौजूद डेटा एन्क्रिप्टेड था।</p>
<p><strong>OpenAI से जुड़ी सेंसिटिव जानकारी करना चाहता था हासिल</strong></p>
<p>FBI डायरेक्टर काश पटेल के मुताबिक, माना जा रहा है कि इस डिवाइस का उद्देश्य कंपनी की एडवांस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेंसिटिव जानकारी हासिल करना था। काश पटेल ने कहा, 'आज सामने आई शिकायत के मुताबिक, अब्दुल रहमान अलफोजान पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी की सुपर इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के बारे में सेंसिटिव बातचीत को चुपके से रिकॉर्ड करने के लिए अपने एम्प्लॉयर के एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम में एक गुप्त रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपाया था।'</p>
<p><strong>कई बार कॉन्फ्रेंस रूम के पास देखा गया था अल्फोजान</strong></p>
<p>FBI ने बताया कि एग्जीक्यूटिव कॉन्फ्रेंस रूम का प्रयोग अक्सर बहुत गोपनीय तकनीक, कमर्शियल और स्ट्रैटेजिक इन्फॉर्मेंशन पर चर्चा के लिए किया जाता था, जिसमें प्रोप्राइटरी रिसर्च, प्रोडक्ट प्लान, बिजनेस-डेवलपमेंट के मौके, कंपनी की तकनीकी प्रगति, सरकारी जुड़ाव और कमर्शियल संबंध शामिल थे। शिकायत के मुताबिक, CCTV फुटेज में रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने से पहले कई बार अल्फोजान को कॉन्फ्रेंस रूम के पास देखा गया था, जबकि उन्हें वहां होने वाली मीटिंग्स में शामिल होने या वहां जाने का कोई हक नहीं था। इससे पहले, <a href="https://www.indiatv.in/world/us/the-fbi-has-added-goldy-brar-to-its-list-of-the-10-most-wanted-fugitives-and-announced-a-reward-of-up-to-1-million-dollar-2026-09-29-1245911" target="_blank" title="गोल्डी बराड़ को FBI ने 10 मोस्ट वांटेड भगोड़ों की लिस्ट में शामिल किया, 10 लाख डॉलर तक का इनाम देने की भी घोषणा">गोल्डी बराड़ को FBI ने 10 मोस्ट वांटेड भगोड़ों की लिस्ट में शामिल किया</a> था।</p>
<p><strong>(इनपुट- ANI)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/fbi-launches-operation-hard-ball-against-the-lawrence-bishnoi-gang-50000-dollar-reward-announced-for-goldy-brar-2026-07-08-1229860" target="_blank" title="अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ FBI ने चलाया 'Operation Hard Ball', गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित">अमेरिका में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ FBI ने चलाया 'Operation Hard Ball', गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/fbi-arrests-saudi-arabia-national-allegedly-installing-hidden-audio-recorder-openai-office-2026-10-14-1248842     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/fbi-arrests-saudi-arabia-national-allegedly-installing-hidden-audio-recorder-openai-office-2026-10-14-1248842 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 19:59:11 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'सरकार या संस्था की आलोचना गलत नहीं, लेकिन...', हार्वर्ड के 44 भारतीय विद्वानों ने जारी किया बयान     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े 44 भारतीय विद्वानों और पेशेवरों ने संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बिना ठोस सबूत आरोप लगाने पर चिंता जताई। उन्होंने लोकतंत्र में आलोचना को जरूरी बताते हुए तथ्यों, कानूनी प्रक्रिया और संस्थागत गरिमा के सम्मान पर जोर दिया।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/44-indian-harvard-scholars-raise-concerns-over-attacks-on-india-constitutional-institutions-1791975781.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[हार्वर्ड यूनिवर्सिटी।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/44-indian-harvard-scholars-raise-concerns-over-attacks-on-india-constitutional-institutions-1791975781.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/44-indian-harvard-scholars-raise-concerns-over-attacks-on-india-constitutional-institutions-1791975781.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      हार्वर्ड यूनिवर्सिटी।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>नई दिल्ली: </strong>हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े 44 भारतीय विद्वानों और पेशेवरों ने भारत की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ चलाए जा रह कैंपेन पर चिंता जताई है। बुधवार को जारी बयान में उन्होंने चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय और संसद जैसी संस्थाओं पर सवाल उठाने के तरीके पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन बिना ठोस सबूत के आरोप लगाकर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करना अच्छी बात नहीं है।</p>
<h3><strong>'संवैधानिक अधिकारियों को चोर बताना गलत'</strong></h3>
<p>'संवैधानिक जिम्मेदारी, कानून का राज और संस्थागत ईमानदारी' शीर्षक से जारी बयान में हस्ताक्षर करने वालों ने खुद को भारत के चिंतित नागरिक बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतंत्र है। ऐसे में देश को 'घेराबंदी' में बताने और संवैधानिक अधिकारियों को 'चोर' या 'समझौता कर चुके' कहने जैसी भाषा गंभीर चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा कमजोर करने की कोशिशों को लेकर सवाल खड़े होते हैं।</p>
<h3><strong>'सरकार की आलोचना गलत नहीं, लेकिन...'</strong></h3>
<p>हार्वर्ड से जुड़े इन लोगों ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार या किसी संस्था की आलोचना करना गलत नहीं है। हालांकि, संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जाने वाले आरोपों के पीछे ठोस सबूत होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बयान जिम्मेदारी की भावना से जारी किया गया है। ऐसे समय में चुप रहने का मतलब उदासीनता नहीं समझा जाना चाहिए। हस्ताक्षर करने वालों में वकील, नीति विशेषज्ञ, सरकारी सेवाओं से जुड़े लोग, वैज्ञानिक और शिक्षाविद शामिल हैं।</p>
<h3><strong>हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के नाम के इस्तेमाल पर भी चिंता</strong></h3>
<p>बयान में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के नाम के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया गया। हस्ताक्षरकर्ताओं ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई, जिनमें कहा गया कि उचित अनुमति के बिना किसी राजनीतिक अभियान को विश्वसनीय दिखाने के लिए हार्वर्ड का नाम इस्तेमाल किया गया। हालांकि, बयान में इस इस्तेमाल से जुड़े किसी व्यक्ति या अभियान का नाम नहीं बताया गया। हस्ताक्षरकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी यूनिवर्सिटी के नाम का इस्तेमाल उसकी इजाजत के बिना नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<h3><strong>'तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी'</strong></h3>
<p>हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापक आरोप लगाना और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना सबूत, उचित कानूनी प्रक्रिया और संस्थागत जवाबदेही की जगह नहीं ले सकता। उनके अनुसार, किसी भी कार्रवाई पर सवाल उठाने के लिए तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है।</p>
<h3><strong>'पदों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए'</strong></h3>
<p>बयान में कहा गया कि सरकारी कर्मचारियों और उनके पदों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। हस्ताक्षरकर्ताओं ने जोर दिया कि संविधान, कानून का राज और नागरिक स्वतंत्रताओं का सम्मान हर समय होना चाहिए, न कि केवल तब, जब ये बातें किसी के राजनीतिक हितों के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक मूल्यों को चुनिंदा तरीके से अपनाना सही नहीं है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि इसमें व्यक्त विचार केवल हस्ताक्षर करने वालों के व्यक्तिगत विचार हैं, इन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h3><strong>कौन-कौन हैं बयान पर हस्ताक्षर करने वाले?</strong></h3>
<p>44 हस्ताक्षरकर्ताओं की सूची में हार्वर्ड के अलग-अलग स्कूलों से जुड़े भारतीयों के नाम शामिल हैं। इनमें हार्वर्ड मेडिकल स्कूल से एके राघवन, अभिज्ञान सत्यम और अर्जुनवीर शर्मा; हार्वर्ड केनेडी स्कूल से अभिषेक एम, बानू नागराजन, भव्या बिश्नोई, दीपांशु अग्रवाल, दिव्या द्विवेदी, जया अवस्थी, डॉ. यश अगल्गांवकर और करिश्मा नायर शामिल हैं। हार्वर्ड लॉ स्कूल से अधित्य श्रीनिवासन और अल्मास लोकखंडवाला के नाम हैं, जबकि हार्वर्ड एक्सटेंशन स्कूल से आदित्य कुलश्रेष्ठ शामिल हैं। अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं में राजत सेठी और कई दूसरे भारतीय विद्वान व पेशेवर शामिल हैं। बता दें कि इसके पहले <a href="https://www.indiatv.in/india/national/124-former-civil-servants-back-election-commission-defend-sir-and-question-vote-rigging-claims-2026-10-10-1248094" target="_blank" title="https://www.indiatv.in/india/national/124-former-civil-servants-back-election-commission-defend-sir-and-question-vote-rigging-claims-2026-10-10-1248094">चुनाव आयोग के समर्थन में उतरे 124 पूर्व अफसरों ने खुला पत्र जारी किया था</a>। <strong>(ANI से इनपुट्स के साथ)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/india/politics/42-former-judges-write-an-open-letter-and-warn-against-attempts-to-undermine-election-commission-2026-10-08-1247702" target="_blank" title="42 पूर्व जजों ने उठाया बड़ा कदम, खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी">42 पूर्व जजों ने उठाया बड़ा कदम, खुला पत्र लिखकर चुनाव आयोग को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ चेतावनी दी</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/44-indian-harvard-scholars-raise-concerns-over-attacks-on-india-constitutional-institutions-2026-10-14-1248789     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/44-indian-harvard-scholars-raise-concerns-over-attacks-on-india-constitutional-institutions-2026-10-14-1248789 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 16:38:13 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     तुर्की के तट पर मिला 4700 साल पुराना डूबा हुआ जहाज़, लदे थे मिट्टी के बर्तन, सामने आई चौंकाने वाली बात     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ तुर्की के समुद्री तट पर दुनिया का सबसे पुराना जहाज मिला है, जिसकी उम्र करीब 4700 साल बताई जा रही है। इसपर मिट्टी के बर्तन लदे थे, जिनमें कुछ ऐसी चीजों का पता चला है, जो सुरक्षित और चौंकाने वाली हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/oldest-ship-1791970522.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[तुर्की के तट पर मिला सबसे पुराना जहाज]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/oldest-ship-1791970522.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/oldest-ship-1791970522.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      तुर्की के तट पर मिला सबसे पुराना जहाज
                      <span class="copyright"></span>
                    </figcaption>
                  </figure><p> </p>
<p>तुर्की के तट पर <a href="https://www.indiatv.in/world">दुनिया का सबसे पुराना डूबा हुआ जहाज़</a> मिला है। पुरातत्वविदों ने इस जहाज की उम्र 4,400 से 4,700 साल के बीच बताई है, जब ग्रेट पिरामिड बनाया जा रहा था। सबसे बड़े आश्चर्य की बात है कि जहाज़ का लकड़ी का ढांचा तो नहीं बचा, लेकिन उसमें रखे मिट्टी के बर्तन समुद्र की तलहटी में पड़े मिले और हैरानी की बात यह है कि कुछ बर्तनों में अभी भी उनमें रखी चीज़ों के निशान मौजूद हैं। जहाज़ को खोजने वाले पुरातत्वविदों का कहना है कि यह लगभग 10 मीटर लंबा था और भूमध्य सागर में सामान ले जाने वाला एक व्यापारिक जहाज़ था।</p>
<p><strong>कैसे डूबा होगा जहाज</strong><br />
समुद्र के रास्ते यात्रा करना खतरनाक था, खासकर केकोवा द्वीप के आसपास, जहां तेज़ लहरों और हवाओं ने कई जहाज़ों को डुबो दिया है। इस इलाके में सैकड़ों जहाज़ों के मलबे पड़े हैं, और मेडिटेरेनियन आर्कियोलॉजी एसोसिएशन उन्हें खोजने और उन पर रिसर्च करने में माहिर है। इस डूबे हुए जहाज़ और उसमें लदे सामान से प्राचीन दुनिया में होने वाले व्यापार के बारे में भी जानकारी मिल रही है। पुरातत्वविदों का कहना है कि इस जहाज़ ने भूमध्य सागर के पूर्वी तट के पास कहीं से अपनी यात्रा शुरू की थी। उनका मानना ​​है कि यह जहाज़ या तो प्राचीन शहर ट्रॉय या फिर क्रीट में रहने वाले मिनोअन लोगों के लिए सामान ले जा रहा था।</p>
<p><strong>जहाज नहीं, ये टाइम कैप्सूल की तरह है</strong><br />
जहाज का मलबा तुर्की के अंताल्या में केकोवा द्वीप के किनारे के पास है। इसकी चीज़ें पानी के नीचे एक ढलान पर बिखरी हुई हैं, जो लहरों से बस 30 मीटर नीचे है। वहां पत्थर के तीन बड़े लंगर और 30 से ज़्यादा मिट्टी के बर्तन (जिन्हें 'एम्फोरा' कहा जाता है) मिले हैं। पुरातत्वविदों का कहना है कि, "यह डूबा हुआ जहाज़ समुद्र की तलहटी में एक टाइम कैप्सूल की तरह है।"</p>
<p>चूंकि जहाज़ की लकड़ी का कोई भी हिस्सा नहीं बचा था, इसलिए रेडियोकार्बन डेटिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके इसकी उम्र का पता नहीं लगाया जा सका। रेडियोकार्बन डेटिंग से ऑर्गेनिक चीज़ों में कार्बन के एक रूप को मापा जाता है। इसके बजाय, पुरातत्वविदों ने एम्फोरा (मिट्टी के बर्तनों) के आकार का विश्लेषण किया। क्योंकि समय के साथ मिट्टी के बर्तन बनाने के तरीके बदलते रहे हैं, इसलिए अलग-अलग तरह के बर्तन अलग-अलग दौर से जुड़े होते हैं।</p>
<p><strong>डूबा जहाज कांस्य युग का है</strong><br />
केकोवा के मिट्टी के बर्तन खास तरह के हैं - इनमें दो हैंडल, बीच में एक उभार और नीचे का हिस्सा सपाट है। यह डिज़ाइन मिस्र और मध्य पूर्व में मिले उन एम्फोरा से मेल खाता है, जिनके बारे में पता है कि वे 4,400 से 4,700 साल पुराने हैं। सजावट के तरीकों की तुलना करने पर पता चलता है कि यह डूबा हुआ जहाज़ शुरुआती कांस्य युग (Early Bronze Age) का है। </p>
<p>अभियान के गोताखोर उन बर्तनों को सतह पर लाए; पानी के नीचे हज़ारों साल रहने के बाद अब उन्हें सावधानी से संरक्षित किया जा रहा है। इन एम्फोरा (मिट्टी के बड़े जार) के मिलने के बाद उनकी जांच की गई। कुछ जार साबुत थे और उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि उनमें अभी भी गाढ़ा, चमकदार अवशेष बचा हुआ था। दिख रहे बचे अवशेष सिर्फ़ दाग-धब्बों जैसा नहीं था, इसमें रखी हुई चीज काफ़ी मात्रा में बची हुई थी।</p>
<p><strong>मिट्टी के बर्तनों में क्या ले जाया जा रहा था</strong><br />
अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन एम्फोरा में असल में क्या ले जाया जा रहा था। कहा जा रहा है कि, यह जैतून का तेल हो सकता है, वाइन हो सकती है या पेड़ों की राल (रेज़िन) हो सकती है। या हो सकता है कि अवशेष असल में जार के दोबारा इस्तेमाल का नतीजा हो। मेरा मतलब है, ये जार बहुत बड़े होते हैं - ये ऐसी चीज़ें नहीं हैं जिन्हें बस कहीं भेज दिया जाए और फिर कभी न देखा जाए। लोग पहुंचने पर इन जार को खाली कर देते होंगे और शायद कई-कई सालों तक इनका इस्तेमाल करते होंगे।</p>
<p>हम ऐसे पहले इंसान हैं जिन्होंने 5,000 साल बाद इन चीज़ों को छुआ है। हम हमेशा उन नाविकों के बारे में सोचते हैं... उन लोगों के बारे में जिन्होंने एम्फोरा (मिट्टी के बर्तन) बनाए और जिन्होंने उन्हें अपने कंधों पर उठाकर जहाज़ तक पहुंचाया, और उन औरतों के बारे में जो अपने पतियों का इंतज़ार कर रही थीं, लेकिन बदकिस्मती से वे कभी वापस नहीं लौट पाए। </p>
<p><strong>डोकॉस और ब्लैक सी में मिले डूबे पुराने जहाज </strong><br />
इस जहाज़ के मलबे पर तुर्की के संस्कृति मंत्रालय का अधिकार है। मंत्रालय के मंत्री मेहमत नूरी एरसोय ने कहा कि जो चीज़ें बरामद की गई हैं, उन्हें अंताल्या में बनने वाले नए मेडिटेरेनियन अंडरवाटर आर्कियोलॉजी म्यूज़ियम में दिखाया जाएगा, जब वह आने वाले महीनों में खुलेगा। केकोवा में मिली खोज अब दुनिया के सबसे पुराने डूबे हुए जहाजों की लिस्ट में सबसे ऊपर है। इससे पहले, यह रिकॉर्ड दक्षिणी ग्रीस के एक द्वीप, डोकॉस के तट पर मिले डूबे हुए जहाज के नाम था, जो लगभग 4,200 साल पुराना है। सबसे पुराना ज्ञात डूबा हुआ जहाज, जिसकी कुछ लकड़ी अभी भी सुरक्षित है, बुल्गारिया के तट के पास ब्लैक सी में मिला था। यह लगभग 2,400 साल पुराना है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/pakistan-1-5-million-children-face-online-sexual-abuse-study-2026-10-14-1248739">पाकिस्तान में हर 16 में से एक इंटरनेट इस्तेमाल करने वाला बच्चा यौन शोषण का शिकार, स्टडी में खुलासा</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/4-700-year-old-shipwreck-found-off-turkish-coast-laden-with-pottery-startling-details-revealed-2026-10-14-1248768     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/4-700-year-old-shipwreck-found-off-turkish-coast-laden-with-pottery-startling-details-revealed-2026-10-14-1248768 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 14 Oct 2026 15:09:42 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'तुम आतंकवादी, यहां क्यों आए?', न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर मुहम्मद यूनुस का विरोध     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ बांग्लादेश की पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनूस को बांग्लादेशी प्रवासियों ने आतंकवादी और हजारों लोगों की मौत का दोषी मानते हुए नारेबाजी की। यह घटना न्यूयॉर्क के जेकेएफ एयरपोर्ट पर हुई।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/muhammad-yunus-1791877513.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[मुहम्मद युनूस]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/muhammad-yunus-1791877513.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/muhammad-yunus-1791877513.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      मुहम्मद युनूस
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर बांग्लादेश की पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनूस को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश के प्रवासियों ने उन्हें आतंकवादी बताया और वापस लौटने को कहा। प्रवासियों ने मोहम्मद युनूस को हजारों लोगों की मौत का जिम्मेदार भी बताया।</p>

<h3>वीडियो में क्या दिखा?</h3>

<p>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मोहम्मद यूनुस को व्हीलचेयर पर बैठे हुए दिखाया गया है। एक शख्स उन्हें लेकर जा रहा है। इसी बीच कुछ लोग उनके पास आए चिल्ला-चिल्लाकर बोलने लगे। वीडियो में एक शख्स की आवाज साफ तौर पर सुनाई दे रही है। वह मोहम्मद यूनुस को आतंकवादी बोल रहा है। उसने कहा- 'तुम आतंकवादी हो, तुम यहां क्यों आए? तुम वापस जाओ।'</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/Ekattor_71/status/2109831913641071037"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>हजारों लोगों की हत्या का आरोप</h3>

<p>उसने आरोप लगाए लगाया कि यूनुस ने बांग्लादेश में हजारों लोगों की हत्या करवाई, पुलिसकर्मियों की मौत के जिम्मेदार हैं, करीब दो लाख लोगों को गिरफ्तार कराया और लोकतंत्र को नष्ट किया। कुछ लोग 'वापस जाओ' के नारे भी लगा रहे थे। सुरक्षा कारणों से उन्हों तुरंत एयरपोर्ट से बाहर ले जाया गया। हालांकि इस घटना पर यूनुस और उनके प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है।</p>

<h3>अंतरिम सरकार छोड़ने के बाद पहली विदेश यात्रा </h3>

<p>जानकारी के मुताबिक यह घटना सोमवार को हुई। यूनुस अंतरिम सरकार छोड़ने के बाद पहली बार विदेश यात्रा पर थे। कुछ रिपोर्ट्स में आरोप लगाने वालों को अवामी लीग से जुड़ा नेता बताया गया है, जिनकी गतिविधियां बांग्लादेश में प्रतिबंधित हैं, हालांकि उनकी पहचान की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। </p>

<p>हालांकि इस दौरान यूनुस को बिल्कुल शांत देखा गया। व्हीलचेयर पर बैठे वे आगे बढ़ते रहे, जबकि आरोप लगाने वाले उनका पीछा करते नजर आए। यह घटना बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक हालात और प्रवासी समुदाय में यूनुस के कार्यकाल को लेकर मौजूद असंतोष को दर्शाती है।</p>

<h3>यूनुस पर लग चुका है गबन का भी आरोप </h3>

<p>बता दें कि पूर्व में बांग्लादेश की अदालत  20 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक राशि के गबन मामले में मोहम्मद यूनुस और 13 अन्य पर आरोप भी तय कर चुकी है। गरीब लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की मदद करने के लिए सूक्ष्म ऋण की शुरुआत करने के लिए वर्ष 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित यूनुस ने खुद को निर्दोष बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अधिकारी उन्हें और उनके अन्य सहयोगियों को 'परेशान' कर रहे हैं। उन्होंने किसी भी भ्रष्टाचार में शामिल होने से इनकार किया भी किया था। </p>

<p>ढाका के विशेष न्यायाधीश सैयद अराफात हुसैन ने खचाखच भरी अदालत में यूनुस के गैर-लाभकारी ‘ग्रामीण टेलीकॉम’ पर लगे आरोपों को हटाने संबंधी याचिकाओं को खारिज कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने यूनुस और अन्य लोगों पर ‘ग्रामीण टेलीकॉम’ के श्रमिक कल्याण कोष से करीब 20 लाख अमेरिकी डॉलर का गबन करने का आरोप लगाया गया था।</p>

<p>बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस के कार्यकाल में कट्टरपंथी ताकतों ने <a href="https://www.indiatv.in/world/asia/bangladesh-atrocities-on-hindus-continue-many-temples-set-on-fire-know-details-here-2025-12-29-1186634" target="_blank" title="बांग्लादेश में हिंदुओं पर जुल्म जारी, कट्टरपंथियों ने कई मंदिरों में लगाई आग, पुलिस नहीं उठा रही कदम">भारत के खिलाफ नफरत फैला कर लगातार हिन्दुओं को निशाना बनाया</a>। हिंदुओं के घरों जलाया गया। मंदिरों पर हमले हुए।  बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में हज़ारों दंगाइयों की भीड़ ने हिंदुओं की बस्ती पर अटैक किया और मंदिर को जला दिया था।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/asia/pakistan-army-firing-on-imran-khan-supporters-in-khyber-pakhtunkhwa-people-protesting-against-shehbaz-sharif-2026-10-12-1248457" target="_blank" title="पाकिस्तान में शहबाज शरीफ ने प्रदर्शनकारियों पर क्यों चलवाईं गोलियां? खैबर पख्तूनख्वा में लोग सड़कों पर">पाकिस्तान में शहबाज शरीफ ने प्रदर्शनकारियों पर क्यों चलवाईं गोलियां? खैबर पख्तूनख्वा में लोग सड़कों पर</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/protest-against-muhammad-yunus-bangladeshi-immigrants-new-york-airport-people-chanted-you-terrorist-go-back-2026-10-13-1248531     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/protest-against-muhammad-yunus-bangladeshi-immigrants-new-york-airport-people-chanted-you-terrorist-go-back-2026-10-13-1248531 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 13 Oct 2026 13:15:58 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका, कोर्ट ने टैक्सपेयर्स के लाखों डॉलर से चल रहे TV विज्ञापन रद्द करने का दिया आदेश     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ न्यूयॉर्क की अदालत ने ‘कॉमन कॉज’ समेत अन्य समूहों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम रोक लगाई। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि प्रशासन राजनीतिक संदेशों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी धन का गैर-कानूनी इस्तेमाल कर रहा है।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-1791770582.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-1791770582.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/trump-1791770582.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका में एक फेडरल जज ने <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-major-statement-an-energy-ceasefire-has-been-reached-amidst-the-russia-ukraine-war-both-sides-have-agreed-2026-10-11-1248252" target="_blank"><strong>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप </strong></a>के प्रशासन को टैक्सपेयर्स के पैसे से चलाए जा रहे बाकी सभी टीवी विज्ञापनों को रद्द करने का आदेश दिया है। रविवार रात जारी इस आदेश में उन विज्ञापनों पर रोक लगाई गई है, जिन्हें चुनौती देने वाले समूहों ने सरकारी धन का गैर-कानूनी इस्तेमाल बताया था।</p>

<h3>शेष विज्ञापनों को किया जाए रद्द</h3>

<p>न्यूयॉर्क की अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज जेनिफर एल. रोचोन ने इस मामले में गैर-पक्षपाती संस्था ‘कॉमन कॉज’ समेत अन्य समूहों की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रशासन के खिलाफ अंतरिम रोक का आदेश जारी किया। जज ने निर्देश दिया कि रविवार रात प्रसारित होने वाले विज्ञापनों समेत सभी शेष विज्ञापनों को रद्द किया जाए।</p>

<h3>करदाताओं के लाखों डॉलर किए जा रहे खर्च</h3>

<p>याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि ट्रंप प्रशासन अपने राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देने के लिए करदाताओं के लाखों डॉलर खर्च कर रहा है और यह सरकारी धन का गैर-कानूनी इस्तेमाल है। इसी आधार पर इन विज्ञापनों को चुनौती दी गई थी।</p>

<h3>ट्रंप प्रशासन ने कहा- जल्द समाप्त होने वाला है विज्ञापन अभियान</h3>

<p>वहीं, ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा गया था कि विज्ञापन अभियान जल्द ही समाप्त होने वाला है। हालांकि, जज ने शेष विज्ञापनों को रद्द करने का निर्देश दिया। इस आदेश से प्रशासन के विज्ञापन अभियान पर तत्काल प्रभाव पड़ने की संभावना है।</p>

<h3>यह संघीय कानून का उल्लंघन</h3>

<p>गृह सुरक्षा विभाग ने विज्ञापनों के लिए करदाताओं के 20 मिलियन डॉलर खर्च किए। कानूनी विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह संघीय कानून का उल्लंघन है। इसके तहत कांग्रेस द्वारा आवंटित धन का उपयोग "प्रचार या प्रोपेगेंडा" के लिए नहीं किया जाना चाहिए, और संभवतः अन्य कानूनों का भी उल्लंघन है।</p>

<h3>व्हाइट हाउस ने इसे बताया जनसेवा संदेश</h3>

<p>कोर्ट के आदेश पर व्हाइट हाउस ने इन विज्ञापनों का बचाव करते हुए इन्हें जनसेवा संदेश बताया है, जो पिछली सरकारों द्वारा विभिन्न नीतियों को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के समान हैं। लेकिन हाल के विज्ञापन पिछले कई जनसेवा संदेशों से इस मायने में भिन्न हैं कि इनका उद्देश्य आम जनता को विशिष्ट सरकारी कार्यक्रमों से लाभ पहुंचाना नहीं है।</p>

<p>(एपी की रिपोर्ट)</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: </strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-major-statement-an-energy-ceasefire-has-been-reached-amidst-the-russia-ukraine-war-both-sides-have-agreed-2026-10-11-1248252" target="_blank"><strong>डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- "रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच हुआ एनर्जी सीजफायर, दोनों पक्ष सहमत"</strong></a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-administration-court-orders-cancellation-tv-ads-funded-by-hundreds-thousands-of-taxpayer-dollars-2026-10-12-1248295     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-administration-court-orders-cancellation-tv-ads-funded-by-hundreds-thousands-of-taxpayer-dollars-2026-10-12-1248295 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 12 Oct 2026 07:36:37 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- "रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच हुआ एनर्जी सीजफायर, दोनों पक्ष सहमत"      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है और उन्होंने बताया है कि दोनों देशों के बीच एनर्जी सीजफायर हो गया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1791729867.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP/FILE]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1791729867.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1791729867.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : AP/FILE</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वाशिंगटन:</strong> रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने'ट्रुथ सोशल' हैंडल पर पोस्ट किया, "अभी से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में एनर्जी सीजफायर (ऊर्जा के मामले में युद्ध-विराम) लागू हो गया है। दोनों पक्ष इस पर सहमत हो गए हैं। इसे न तोड़ें! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2109289425222152682"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर का क्या मतलब है?</h3>

<p>एनर्जी सीजफायर का मतलब ये है कि रूस और यूक्रेन के बीच एक सीमित, आपसी समझौता हुआ है, जिसके तहत दोनों देश, एक-दूसरे के ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचे पर हमले नहीं करेंगे। यह पूरी तरह से युद्धविराम नहीं है, सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक ही सीमित मामला है। </p>

<p>अगर सरल भाषा में समझें तो इसका सीधा मतलब ये है कि यूक्रेन की तरफ से रूस की तेल रिफाइनरियों, तेल भंडारण, गैस सुविधाओं और अन्य ऊर्जा निर्यात संबंधी ठिकानों पर ड्रोन/मिसाइल हमले नहीं होंगे। वहीं रूस की तरफ से यूक्रेन की बिजली ग्रिड, पावर प्लांट, हीटिंग सिस्टम, सबस्टेशन, पेट्रोल पंप और अन्य ऊर्जा सुविधाओं पर हमले बंद कर दिए जाएंगे।</p>

<p>चूंकि ये पूरी तरह युद्धविराम नहीं है, इसलिए ये नहीं कहा जा सकता है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम हुआ है। इसके विपरीत ये कहा जा सकता है कि रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर यानी ऊर्जा मामलों में युद्धविराम हुआ है। बाकी युद्ध यथावत चलता रहेगा।</p>

<h3>लंबे समय से चल रहा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध</h3>

<p>गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है। ऐसे में दोनों ही देश एक-दूसरे के ऊर्जा से जुड़े ढांचे पर निशाना साधते रहे हैं। अगर ऊर्जा के ढांचों पर ये हमले नियमित रहे तो इसका असर रूस के ईंधन उत्पादन और निर्यात को नुकसान के रूप में दिखाई देता है, जिससे वैश्विक कीमतें भी प्रभावित होती हैं। वहीं रूस द्वारा यूक्रेन की बिजली-हीटिंग व्यवस्था को नष्ट करके सर्दियों में दबाव कायम किया जा सकता है।</p>

<p>अब देखना ये होगा कि ट्रंप के इस बयान के बाद रूस और यूक्रेन की तरफ से क्या आधिकारिक बयान आता है और दोनों देश कब तक एनर्जी सीजफायर पर कायम रहते हैं।</p>

<p>बता दें कि हाल ही में खबर सामने आई थी कि <a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/trump-putin-russia-diesel-deal-zelensky-criticizes-us-sanctions-relief-2026-10-10-1248001" target="_blank" title="ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, रूस से डीजल खरीदने की डील, भड़के जेलेंस्की">ट्रंप ने बड़ा यू-टर्न लिया और रूस से डीजल खरीदने की डील की</a>। इससे जेलेंस्की भड़क गए थे।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/trump-says-ukraine-should-elect-new-president-announces-major-russian-diesel-deal-2026-10-10-1248127" target="_blank" title="'यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए', ट्रंप ने जेलेंस्की पर बोला सीधा हमला, वजह भी बताई">'यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए', ट्रंप ने जेलेंस्की पर बोला सीधा हमला, वजह भी बताई</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-major-statement-an-energy-ceasefire-has-been-reached-amidst-the-russia-ukraine-war-both-sides-have-agreed-2026-10-11-1248252     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-major-statement-an-energy-ceasefire-has-been-reached-amidst-the-russia-ukraine-war-both-sides-have-agreed-2026-10-11-1248252 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 11 Oct 2026 20:08:24 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए', ट्रंप ने जेलेंस्की पर बोला सीधा हमला, वजह भी बताई     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए यूक्रेन में नया राष्ट्रपति चुनने की सलाह दी है। वहीं, रूस से लाखों टन डीजल खरीदने के उनके फैसले पर यूक्रेन ने नाराजगी जताई है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-volodymyr-zelenskyy-1791654001.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-volodymyr-zelenskyy-1791654001.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-volodymyr-zelenskyy-1791654001.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन/कीव:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए कहा है कि अब यूक्रेन को नया नेता चुनना चाहिए, जो रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए समझौता कर सके। दूसरी ओर, ट्रंप ने रूस से लाखों टन डीजल खरीदने का भी ऐलान किया है। यूक्रेन ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रूस को ऊर्जा से होने वाली कमाई बढ़ाने का मौका मिलेगा, जिससे वह युद्ध के लिए हथियार खरीद सकेगा। इसी बीच, यूक्रेन में रूसी हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है।</p>
<h3><strong>ट्रंप बोले, 'जेलेंस्की समझौता नहीं कर पा रहे'</strong></h3>
<p>व्हाइट हाउस में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा,</p>
<blockquote><p>'मेरा सुझाव है कि उन्हें ऐसा नया नेता चुनना चाहिए, जो समझौता कर सके। किसी वजह से जेलेंस्की ऐसा कभी नहीं करते।'</p>
</blockquote>
<p>ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर वह 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता।उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने की कोई वजह नहीं थी। ट्रंप ने कहा कि यह अक्षमता के कारण शुरू हुआ।</p>
<h3><strong>'यूक्रेन अपना 30 प्रतिशत इलाका खो चुका है'</strong></h3>
<p>जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन अपने करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र को खो चुका है और दोनों पक्षों के बीच 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा युद्ध था, जो कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था। इसलिए अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनने का समय आ गया है।</p>
<h3><strong>'रूस ने प्रतिबंधों में राहत का जवाब बम गिराकर दिया'</strong></h3>
<p>ट्रंप के डीजल समझौते की घोषणा के एक दिन बाद शनिवार को यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई। यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, रूसी बमों ने रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया। मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल थे और कम से कम 18 लोग घायल हुए। राजधानी कीव में भी दिन के समय मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 4 लोग घायल हो गए।  यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,</p>
<blockquote><p>'आज रूस ने डीजल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने के लिए धन्यवाद जताते हुए जापोरिज्जिया की रिहायशी इमारतों पर 5 ग्लाइड बम गिराए। इन हमलों से पता चलता है कि रूस प्रतिबंधों में किसी भी ढील को युद्ध जारी रखने और शहरों पर बम गिराते रहने की इजाजत के रूप में देखता है।'</p>
</blockquote>
<h3><strong>रूस से कितना डीजल खरीदेगा अमेरिका?</strong></h3>
<p><a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/trump-putin-russia-diesel-deal-zelensky-criticizes-us-sanctions-relief-2026-10-10-1248001" target="_blank" title="ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, रूस से डीजल खरीदने की डील, भड़के जेलेंस्की">ट्रंप ने शुक्रवार को रूस से डीजल खरीदने के समझौते का ऐलान किया</a>। यह फैसला रूस के खिलाफ अमेरिकी दबाव और ऊर्जा प्रतिबंधों की पिछली नीति से बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ट्रंप ने यह कदम अमेरिका में बढ़ती ईंधन कीमतों को काबू करने और मध्यावधि चुनावों से पहले राहत देने के मकसद से उठाया है। ट्रंप के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से अधिक डीजल देगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 'तुरंत उसके बाद' 10 लाख टन डीजल की सप्लाई होगी। उन्होंने आगे कहा कि 'कम समय के भीतर' रूस अतिरिक्त 30 लाख टन डीजल भी देगा।</p>
<h3><strong>कीव में लोगों ने जताई नाराजगी</strong></h3>
<p>यूक्रेन की राजधानी कीव के इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर मारे गए सैनिकों के स्मारक के पास जुटे लोगों ने डीजल समझौते पर नाराजगी जताई। 26 वर्षीय ओलेक्जेंडर पेट्रेंको ने कहा,</p>
<blockquote><p>'ट्रंप ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखाया है। उन्हें हालात, गोलाबारी या हमारे घरों की तबाही की परवाह नहीं है। उन्हें सिर्फ तेल, ईंधन की कीमतों और इस बात की चिंता है कि अमेरिकियों को कितना पैसा देना पड़ रहा है।'</p>
</blockquote>
<p>पेट्रेंको ने कहा कि ट्रंप बाजार को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि जल्द ही अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं। वहीं एक अन्य शख्स ने कहा कि ट्रंप लंबे समय से पुतिन के साथ काम कर रहे हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/world/europe/russian-strikes-zaporizhzhia-ukraine-20-killed-three-children-2026-10-10-1248121" target="_blank" title="ट्रंप से डीजल की डील के बाद रूस ने बोला बड़ा हवाई हमला, यूक्रेन बोला- मार डाले हमारे 20 लोग">ट्रंप से डीजल की डील के बाद रूस ने बोला बड़ा हवाई हमला, यूक्रेन बोला- मार डाले हमारे 20 लोग</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/trump-says-ukraine-should-elect-new-president-announces-major-russian-diesel-deal-2026-10-10-1248127     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/trump-says-ukraine-should-elect-new-president-announces-major-russian-diesel-deal-2026-10-10-1248127 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 23:13:03 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका में अंधाधुंध फायरिंग से दहला पेंसिल्वेनिया, 2 बच्चों समेत 8 की मौत; हमलावर भी मारा गया     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के एरी शहर में अंधाधुंध गोलीबारी में 2 बच्चों और हमलावर समेत 9 लोगों की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फिलहाल आम लोगों को कोई खतरा नहीं है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pennsylvania-mass-shooting-1791652537.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर जांच पड़ताल की है।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pennsylvania-mass-shooting-1791652537.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/pennsylvania-mass-shooting-1791652537.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर जांच पड़ताल की है।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>एरी: </strong>अमेरिका के पेंसिल्वेनिया राज्य के एरी शहर में अंधाधुंध गोलीबारी की घटना में 2 बच्चों और हमलावर समेत कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार शाम हुई इस घटना के बाद कई घंटों तक तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी करने वाला संदिग्ध भी मृत पाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसने खुद को गोली मार ली थी। अधिकारियों ने कहा है कि अब आम लोगों के लिए कोई खतरा नहीं है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं।</p>
<h3><strong>गोलीबारी की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस</strong></h3>
<p>CBS न्यूज ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे पुलिस को पेरी स्ट्रीट पर एक हथियारबंद व्यक्ति के गोली चलाने की सूचना मिली। चश्मदीदों के मुताबिक, गोली चलाने के बाद वह एक घर के अंदर चला गया था। सूचना मिलते ही कानून प्रवर्तन अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहां सड़क पर 2 महिलाओं के शव मिले। इसके बाद पुलिस ने घर के अंदर तलाशी ली, जहां गोलीबारी के अन्य पीड़ित भी मिले।</p>
<h3><strong>घर के अंदर मृत मिला संदिग्ध हमलावर</strong></h3>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, गोलीबारी का संदिग्ध भी घर के अंदर मृत पाया गया। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि उसने खुद को गोली मारकर जान दी। हालांकि, अधिकारियों ने घटना और संदिग्ध के बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की है। शहर प्रशासन ने बताया कि गोलीबारी में 8 लोगों की मौत हुई है और हमलावर भी मारा गया। हमलावर को मिलाकर इस घटना में कुल 9 लोगों की जान गई है।</p>
<h3><strong>'अपने करियर में ऐसा कुछ नहीं देखा'</strong></h3>
<p>एरी के पुलिस प्रमुख रिक लोराह ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने एक स्थानीय न्यूज चैनल से कहा,</p>
<blockquote><p>'अपने 28 साल से ज्यादा के करियर में मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा है। मुझे नहीं लगता कि एरी शहर ने कभी इतनी जानों का नुकसान और इतनी तबाही देखी है, जितनी हमने अभी देखी है।'</p>
</blockquote>
<p>पुलिस प्रमुख के बयान से घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने गोलीबारी के पीछे की वजह और संदिग्ध के मकसद को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।</p>
<h3><strong>गवर्नर ने मेयर को मदद का भरोसा दिया</strong></h3>
<p>पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने शनिवार को कहा कि उन्होंने एरी की मेयर डारिया डेव्लिन को अपने प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग देने की पेशकश की है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पीड़ितों और प्रभावित लोगों की मदद में जुटा है। एरी शहर पेंसिल्वेनिया के प्रमुख शहर पिट्सबर्ग से करीब 117 मील यानी 188 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोलीबारी की इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है। बता दें कि <a href="https://www.indiatv.in/world/us/a-deadly-domestic-dispute-in-louisiana-left-eight-children-dead-ranging-in-age-from-1-to-14-2026-04-19-1212732" target="_blank" title="लुइसियाना में घरेलू झगड़े में भीषण गोलीबारी, 8 बच्चों की मौत, 1 से 14 साल तक थी उम्र">अप्रैल में अमेरिका के लुइसियाना में घरेलू झगड़े में भीषण गोलीबारी हुई थी जिसमें 8 बच्चों की मौत हो गई थी</a>। <strong>(AP से इनपुट्स के साथ)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/world/us/five-people-shoot-at-verginia-state-university-police-investigating-case-2026-08-15-1237542" target="_blank" title="अमेरिका की वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में फायरिंग, संदिग्धों ने 5 लोगों को मारी गोली">अमेरिका की वर्जीनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में फायरिंग, संदिग्धों ने 5 लोगों को मारी गोली</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/pennsylvania-mass-shooting-9-dead-including-two-children-and-gunman-2026-10-10-1248122     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/pennsylvania-mass-shooting-9-dead-including-two-children-and-gunman-2026-10-10-1248122 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 22:47:54 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका में जिस मनोचिकित्सक की मौत की सजा की होगी 'LIVE स्ट्रीमिंग', उसने 'अल्लाह हू अकबर' बोलते मार डाले थे 13 लोग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में निदाल मलिक हसन को इसी साल दिसंबर में मौत की सजा दी जाएगी और उसकी LIVE स्ट्रीमिंग भी की जाएगी। निदाल मलिक हसन ने 13 लोगों को गोलियां बरसाकर मार डाला।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1791650520.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[निदाल मलिक की मौत की सजा की 'LIVE स्ट्रीमिंग' की जाएगी।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP (फाइल फोटो)]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1791650520.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1791650520.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      निदाल मलिक की मौत की सजा की 'LIVE स्ट्रीमिंग' की जाएगी।
                      <span class="copyright">Image Source : AP (फाइल फोटो)</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका में दिसंबर के महीने में ऐसे शख्स को फांसी दी जाएगी जिसने टेक्सास मिलिट्री बेस के हॉस्पिटल में घुसकर 13 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। ये शख्स हमला करते वक्त अल्लाह हू अकबर के नारे लगा रहा था। U.S. आर्मी के कार्यवाहक सेक्रेटरी एडम टेले ने बताया कि टेक्सास के फोर्ट हुड में 2009 में हुई गोलीबारी में 13 लोगों की हत्या के दोषी निदाल मलिक हसन को इसी साल 3 दिसंबर को फायरिंग स्क्वाड के जरिए मौत की सजा दी जाएगी। वहीं, पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निदाल मलिक हसन को मौत की सजा देने की मंजूरी दे दी है। ये भी दिलचस्प है कि अमेरिकी सेना ने 1961 के बाद से किसी को भी मौत की सजा नहीं दी है।</p>

<p><strong>सेना में मनोचिकित्सक था निदाल</strong></p>

<p>बता दें कि टेक्सास मिलिट्री बेस में 13 लोगों की हत्या अंजाम देने वाला निदाल मलिक हसन खुद सेना में मनोचिकित्सक के रूप में काम करता था। निदाल मलिक हसन 2009 में फोर्ट हुड की एक मेडिकल बिल्डिंग में घुसा, जहां अमेरिकी सैनिक अपना मेडिकल चेकअप करवा रहे थे। तब निदाल मलिक हसन ने "अल्लाह हू अकबर" का नारा लगाया और लेजर-साइट वाली हैंडगन से गोलियों की बौछार शुरू कर दी। इस गोलीकांड में 13 लोग मारे गए, जबकि 30 से ज्यादा जख्मी हो गए।</p>

<p><strong>निदाल ने खुद को बचाने की कोशिश भी नहीं की</strong></p>

<p>ट्रायल के दौरान, निदाल मलिक हसन ने बताया कि उसने इस घटना को सिर्फ इसलिए अंजाम दिया कि क्योंकि <a href="https://www.indiatv.in/world/us/nidal-malik-hasan-execution-us-plans-live-broadcast-of-firing-squad-death-sentence-in-fort-hood-shooting-case-2026-10-09-1247957" target="_blank" title="अमेरिका में पहली बार मौत की सजा का लाइव प्रसारण! निदाल मलिक हसन पर दागी जाएंगी गोलियां">वह नहीं चाहता था कि ये अमेरिकी सैनिक, अफगानिस्तान में जाकर उसके साथी मुसलमानों को मारें</a>। इन्हें रोकने के लिए उसने ऐसा किया। इतना ही नहीं, निदाल मलिक हसन ने मुकदमे के दौरान खुद का बचाव करने की ज्यादा कोई कोशिश नहीं की। निदाल मलिक हसन ने जूरी मेंबर्स से कहा कि सबूतों से साबित हो जाएगा कि गोली चलाने वाले वही थे। साथ ही, निदाल मलिक हसन ने खुद को एक ऐसे सैनिक के तौर पर बताया जिसने पाला बदल लिया था।</p>

<p><strong>अपने आपको अभी भी बचा सकता है निदाल</strong></p>

<p>'आर्मी लॉयर' मैगजीन में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की मंजूरी के बाद सजा पर अमल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन निदाल मलिक हसन सिविलियन फेडरल कोर्ट सिस्टम में 'हेबियस कॉर्पस' की अपील करके इस प्रक्रिया को रोक सकते हैं। हो सकता है कि यह रोक कई सालों तक चले।</p>

<p><strong>सार्वजनिक रूप से मौत दी तो ईरान वाली लिस्ट में आ जाएगा US</strong></p>

<p>विदेशों में मौत की सजा शायद ही कभी सार्वजनिक रूप से दी जाती है। अगर अमेरिका में निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग की जाती है तो वह देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा, जिसमें अभी तक ईरान और अफगानिस्तान हैं।</p>

<p><strong>(इनपुट- AP)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/islam-wanting-to-take-over-a-once-great-country-said-us-president-donald-trump-on-france-protest-2026-10-07-1247546" target="_blank" title="'इस्लाम एक महान देश पर कब्जा करना चाहता है...', फ्रांस में जारी प्रदर्शन पर डोनाल्ड ट्रंप का बयान">'इस्लाम एक महान देश पर कब्जा करना चाहता है...', फ्रांस में जारी प्रदर्शन पर डोनाल्ड ट्रंप का बयान</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/nidal-malik-hasan-fort-hood-shooter-execution-firing-squad-december-3-2026-10-10-1248116     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/nidal-malik-hasan-fort-hood-shooter-execution-firing-squad-december-3-2026-10-10-1248116 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 22:13:09 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     पाकिस्तान ने बोला झूठ तो भारत ने दिया करारा जवाब, यूएन में दुनिया के सामने जमकर लताड़ा     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ भारत ने संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर को अभिन्न अंग बताते हुए पाकिस्तान पर झूठ फैलाने और PoK में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया है। सांसद प्रिया सरोज ने UN अधिकारियों के गलत आचरण पर जवाबदेही और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mahima-kumari-mewar-shehbaz-sharif-and-priya-saroj-1791628219.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[महिमा कुमारी मेवाड़, शहबाज शरीफ और प्रिया सरोज।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : ANI/X/@INDIAUNNEWYORK]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mahima-kumari-mewar-shehbaz-sharif-and-priya-saroj-1791628219.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/mahima-kumari-mewar-shehbaz-sharif-and-priya-saroj-1791628219.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      महिमा कुमारी मेवाड़, शहबाज शरीफ और प्रिया सरोज।
                      <span class="copyright">Image Source : ANI/X/@INDIAUNNEWYORK</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>संयुक्त राष्ट्र: </strong>भारत ने संयुक्त राष्ट्र में जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग बताते हुए पाकिस्तान पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया। वहीं, सांसद प्रिया सरोज ने संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के गलत कामों पर जवाबदेही तय करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की। बता दें कि <a href="https://www.indiatv.in/world/us/india-slams-pakistan-at-unsc-over-cross-border-terrorism-kashmir-integral-part-state-policy-tool-2026-07-23-1232846" target="_blank" title="भारत ने पाकिस्तान को फिर लगाई लताड़, राजदूत ने कहा- आतंकवाद को स्टेट पॉलिसी के तरह इस्तेमाल करता है पड़ोसी देश">भारत ने कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान को आतंकवाद के प्रति उसकी पॉलिसी के लिए लताड़ लगाई थी</a>।</p>
<h3><strong>कश्मीर पर पाकिस्तान को भारत की दो टूक</strong></h3>
<p>न्यूयॉर्क में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में ‘उपनिवेशवाद से मुक्ति’ विषय पर चर्चा हुई। इस दौरान भारत की ओर से सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के बयान का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह अफसोस की बात है कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल कर जम्मू-कश्मीर को लेकर झूठ और भ्रामक बातें फैला रहा है। UN में भारत के आधिकारिक X अकाउंट पर की गई एक पोस्ट में बताया गया कि महिमा कुमारी मेवाड़ ने चौथी समिति में पाकिस्तान के प्रतिनिधि के बयान के जवाब में भारत की ओर से अपना पक्ष रखा।</p>
<h3><strong>पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मानवाधिकार का मुद्दा उठाया</strong></h3>
<p>महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान से उसके कब्जे वाले इलाकों में मानवाधिकारों के गंभीर और लगातार हो रहे उल्लंघन को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि इन इलाकों की जनता पाकिस्तानी सेना के कब्जे, दमन, क्रूरता और संसाधनों के गैरकानूनी दोहन के खिलाफ खुलकर विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तानी सशस्त्र बलों और उनके सहयोगियों ने अपने बुनियादी अधिकारों, आजादी और जरूरी सुविधाओं की मांग कर रहे दर्जनों निर्दोष नागरिकों की हत्या की है।</p>
<h3><strong>भारत ने पाकिस्तान के राजनीतिक रिकॉर्ड पर भी उठाए सवाल</strong></h3>
<p>महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी रिकॉर्ड की आलोचना करते हुए कहा कि वहां सैन्य तानाशाही, दिखावटी चुनाव, लोकप्रिय निर्वाचित नेताओं को जेल में डालने, धार्मिक कट्टरपंथ और सरकारी नीति के तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे रिकॉर्ड वाले देश को संयुक्त राष्ट्र के इस मंच पर दूसरों को उपदेश देने से बचना चाहिए। भारत ने जम्मू-कश्मीर पर अपना रुख दोहराते हुए साफ-साफ कहा,</p>
<blockquote><p>'जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा।'</p>
</blockquote>
<h3><strong>UN अधिकारियों के गलत कामों पर जवाबदेही तय करने की मांग</strong></h3>
<p>इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की छठी समिति में भारत ने संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और मिशन पर तैनात विशेषज्ञों के आपराधिक कृत्यों और गलत आचरण के लिए जवाबदेही मजबूत करने की मांग की। इस समिति में भारत की ओर से सांसद प्रिया सरोज ने राष्ट्रीय वक्तव्य दिया। भारत के आधिकारिक एक्स अकाउंट के मुताबिक, प्रिया सरोज ने UN के कर्मचारियों के आपराधिक आचरण के प्रति भारत की बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति दोहराई। उन्होंने UN और सदस्य देशों के बीच बेहतर सहयोग, जवाबदेही की प्रभावी व्यवस्था और पीड़ितों व गवाहों की सुरक्षा को जरूरी बताया।</p>
<h3><strong>संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों का भारत ने किया स्वागत</strong></h3>
<p>प्रिया सरोज ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उन कोशिशों की सराहना करता है, जिनका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और मिशन पर तैनात विशेषज्ञों के आपराधिक कृत्यों के लिए जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत करना है। उन्होंने महासभा के प्रस्ताव 80/160 के तहत पेश की गई रिपोर्ट A/81/207 और A/81/284 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपराधिक कृत्यों के लिए जवाबदेही तय करना संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए जरूरी है।</p>
<h3><strong>एक साल में 93 मामलों की जांच के लिए भेजा गया रेफरल</strong></h3>
<p>प्रिया सरोज ने बताया कि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के बीच संयुक्त राष्ट्र के कानूनी मामलों के कार्यालय ने 93 अधिकारियों और मिशन पर तैनात विशेषज्ञों से जुड़े 93 मामले उनकी राष्ट्रीयता वाले देशों को जांच और संभावित मुकदमे के लिए भेजे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि मामले भेजे जाने के बाद समय पर कार्रवाई हो और संयुक्त राष्ट्र तथा सदस्य देशों के बीच प्रभावी सहयोग बना रहे। उन्होंने देशों से अपील की कि वे इन मामलों की जल्द जांच करें और जहां जरूरी हो, मुकदमा चलाएं। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र को कार्रवाई की जानकारी भी देते रहें।</p>
<h3><strong>विदेश में अपराध करने वाले नागरिकों पर भी कार्रवाई हो</strong></h3>
<p>प्रिया सरोज ने सदस्य देशों से यह विचार करने की अपील की कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी या मिशन विशेषज्ञ के तौर पर काम करने वाले उनके नागरिक विदेश में गंभीर अपराध करें, तो उनके खिलाफ अपने देश में कार्रवाई करने के अधिकार को कैसे मजबूत किया जा सकता है। यह व्यवस्था संबंधित देश के राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही तय करते समय सभी संबंधित लोगों के अधिकारों और उचित कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना भी जरूरी है। पीड़ितों और गवाहों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों जैसे रोकथाम के उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।</p>
<h3><strong>प्रिया सरोज ने भारतीय कानूनों का भी दिया हवाला</strong></h3>
<p>प्रिया सरोज ने भारत के घरेलू कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 में भारतीय नागरिकों की ओर से भारत के बाहर किए गए कुछ अपराधों से संबंधित प्रावधान हैं। वहीं, प्रत्यर्पण अधिनियम, 1962 में लागू परिस्थितियों के अनुसार किसी व्यक्ति को दूसरे देश को सौंपने की कानूनी व्यवस्था है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों के आपराधिक कृत्यों और गलत आचरण के प्रति भारत की शून्य-सहनशीलता नीति दोहराई। साथ ही, यौन शोषण और दुर्व्यवहार के पीड़ितों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के ट्रस्ट फंड में लगातार योगदान देने के महत्व पर जोर दिया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/india/national/india-rejects-pakistan-allegations-at-un-over-kashmir-and-terrorism-calls-for-pok-return-2026-06-19-1226077" target="_blank" title="कश्मीर और आतंक पर भारत ने UN में पाकिस्तान को एक बार फिर लताड़ा, दिया करारा जवाब">कश्मीर और आतंक पर भारत ने UN में पाकिस्तान को एक बार फिर लताड़ा, दिया करारा जवाब</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/india-slams-pakistan-at-un-over-kashmir-raises-human-rights-violations-in-pok-2026-10-10-1248064     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/india-slams-pakistan-at-un-over-kashmir-raises-human-rights-violations-in-pok-2026-10-10-1248064 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 16:03:32 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका में तूफान 'इसायस' का कहर, 5.94 लाख घरों की बिजली गुल, फ्लोरिडा-अलबामा में बाढ़     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में तूफान ‘इसायस’ ने दस्तक दे दी है।  इस शक्तिशाली तूफान ने फ्लोरिडा के पैनहैंडल क्षेत्र और अलबामा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं।

    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/us-typhoon-1791613293.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिका में तूफान का कहर]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/us-typhoon-1791613293.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/us-typhoon-1791613293.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिका में तूफान का कहर
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका में तूफान इसायस ने कहर बरपा रहा है। 169 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। तूफान के चलते 5.94 लाख घरों की बिजली गुल हो गई है। कैटगरी-2 के इस शक्तिशाली तूफान ने फ्लोरिडा के पैनहैंडल क्षेत्र और अलबामा के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं। शुक्रवार शाम तक फ्लोरिडा और अलबामा में 5.94 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो गई थी। फ्लोरिडा और अलबामा में इस तूफान के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।</p>

<h3>फ्लोरिडा के डेस्टिन के पास तट से टकराया</h3>

<p>National Hurricane Center के मुताबिक यह तूफान फ्लोरिडा के डेस्टिन के पास तट से टकराया। उस वक्त 169 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस ने लोगों को घरों में रहने और सड़कों पर नहीं निकलने की सलाह दी। उन्होंने चेतावनी दी कि पूरे क्षेत्र में अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने फ्लोरिडा के पैनहैंडल और दक्षिणी जॉर्जिया में बवंडर आने की आशंका भी जताई। अलबामा के मोबाइल शहर में भी पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें टूटने की खबरें सामने आईं। खराब मौसम के कारण फ्लोरिडा के पैनहैंडल क्षेत्र की कुछ काउंटी में इमरजेंसी सर्विसेज को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। कई काउंटी में लोगों को अनिवार्य रूप से सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया।</p>

<h3>समंदर में ऊंची लहरें</h3>

<p>National Hurricane Center ने समुद्र में 1.8 से 2.7 मीटर यानी करीब 6 से 9 फीट तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई है। दक्षिणी अलबामा, पश्चिमी फ्लोरिडा पैनहैंडल और दक्षिणी मिसिसिपी में भी खतरनाक मौसम की चेतावनी जारी की गई। अधिकारियों ने लोगों को बिजली गुल होने, पेट्रोल की कमी और पुलों तथा हाईवे के बंद होने की आशंका को देखते हुए अलर्ट रहने को कहा गया। फ्लोरिडा ने राहत और बचाव कार्यों के लिए नेशनल गार्ड के करीब पांच हजार सैनिकों और वायुसैनिकों को तैनात किया। खोज और बचाव दलों को भी तैयार रखा गया, जबकि कुछ जेलों से कैदियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।</p>

<h3>उड़ानें रद्द, ईंधन की कीमतें बढ़ने की आशंका</h3>

<p>National Hurricane Center के मुताबिक, तट से टकराने के बाद तूफान इसायस की रफ्तार धीमी पड़ने लगी थी। अनुमान था कि शनिवार दोपहर तक यह कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल सकता है। हालांकि इस तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद भारी बारिश का खतरा बना हुआ था। तूफान के कारण फ्लोरिडा के पैनहैंडल क्षेत्र के कई हवाई अड्डों पर शुक्रवार को उड़ानें प्रभावित हुईं। डेस्टिन-फोर्ट वाल्टन बीच हवाई अड्डे से आने-जाने वाली सभी उड़ानें रोक दी गई थीं। बता दें कि इससे पहले मार्च 2025 में अमेरिका के कई इलाकों में जबरदस्त <a href="https://www.indiatv.in/world/us/17-people-died-due-to-severe-storm-in-america-2025-03-16-1120390" target="_blank" title="अमेरिका में तूफान ने मचाई तबाही, अब तक 26 लोगों की हुई मौत">तूफान के चलते कम से कम 26 लोगों की मौत </a>हो गई थी। कई लोग घायल भी हुए थे।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/earthquake-panama-magnitude-7-7-richter-scale-tremor-collapsing-buildings-tsunami-alert-2026-10-10-1247987" target="_blank" title="भूकंप के झटकों से हिली पनामा की धरती, रिक्टर स्केल पर 7.7 की तीव्रता, सुनामी का अलर्ट">भूकंप के झटकों से हिली पनामा की धरती, रिक्टर स्केल पर 7.7 की तीव्रता, सुनामी का अलर्ट</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/hurricane-isaias-makes-landfall-hammering-us-gulf-coast-powerful-winds-and-dangerous-flooding-2026-10-10-1248024     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/hurricane-isaias-makes-landfall-hammering-us-gulf-coast-powerful-winds-and-dangerous-flooding-2026-10-10-1248024 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 10 Oct 2026 11:56:28 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     न्यूयॉर्क में जबरदस्त हंगामा, फेडेरल इमिग्रेशन ऑफिसर ने 1 इमिग्रेंट को गोली मारी तो सड़कों पर उतरे लोग     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ न्यूयॉर्क में फेडेरल इमिग्रेशन ऑफिसर ने 1 इमिग्रेंट को गोली मार दी तो इसको लेकर खूब हंगामा हुआ। लोग इस घटना के खिलाफ सड़कों पर उतर गए।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/new-york-ice-protests-1791563724.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[न्यूयॉर्क की सड़कों पर आज हंगामा हुआ है।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/new-york-ice-protests-1791563724.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/new-york-ice-protests-1791563724.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      न्यूयॉर्क की सड़कों पर आज हंगामा हुआ है।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>आज अमेरिका की सड़कों पर जबरदस्त हंगामा हुआ। इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट के खिलाफ एक बार फिर लोग सड़कों पर उतरे हैं। न्यूयॉर्क में जबरदस्त विरोध शुरू हो गया है। प्रोटेस्टर्स ICE को पूरी तरह से खत्म करने की मांग कर रहे हैं। ये पूरा बवाल उस वक्त शुरू हुआ, जब एक फेडरल इमिग्रेशन ऑफिसर ने डोमिनिकन मूल के एक व्यक्ति को सरेआम गोली मार दी। गोली सीधे उसकी गर्दन में लगी। जिस व्यक्ति को गोली मारी गई है वो 28 साल का है। उसकी पहचान ऑस्कर बेल्गल के तौर पर हुई है।</p>
<p><strong>सादे कपड़ों में आए फेडरल ऑफिसर ने मारी गोली</strong></p>
<p>बता दें कि बेल्गल अपनी कार पार्क कर रहा था, उसी समय सादे कपड़ों में एक फेडरल ऑफिसर बंदूक निकालकर उनकी तरफ बढ़ा। उसके पीछे एक और फेडरल अफसर था, वो भी यूनिफॉर्म में नहीं था। बेल्गल के साथ कार में 5 साल का एक बच्चा भी बैठा था। इसके बाद भी फेडरल ऑफिसर्स ने बेल्गल पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से वो घायल हो गया, जिसके बाद उसे प्रेस्बिटेरियन एलन हॉस्पिटल लाया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है।</p>
<p><strong>भागने की फिराक में था आरोपी, इसलिए मारा- सिक्योरिटी डिपार्टमेंट</strong></p>
<p>इस घटना की जानकारी मिलते ही हजारों लोग हॉस्पिटल के बाहर जमा हो गए। नारेबाजी की और जबरदस्त बवाल किया। जब मामला ज्यादा बढ़ा तो अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने सफाई दी। उसने कहा कि बेल्गल का क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। वो पहले भी कई बार अरेस्ट हो चुका है। अब उसका कनेक्शन ट्रिनिटारियोस नाम के गिरोह से जुड़ा तो फेडरल ऑफिसर्स उसे अरेस्ट करने पहुंचे थे। लेकिन वो भागने की फिराक में था, इसलिए गोली चलानी पड़ी।</p>
<p><strong>किसी इमिग्रेंट को पहली बार नहीं बनाया गया निशाना</strong></p>
<p>लेकिन लोगों का कहना है कि ये पहली बार नहीं है, जब इमिग्रेंट्स को निशाना बनाया गया है। प्रोटेस्टर्स का कहना है कि ICE अमेरिका के अंदर कई हाई-प्रोफाइल गोलीबारी की घटनाओं में शामिल रहा है। मिनियापोलिस में भी ICE ऑफिसर्स ने दो लोगों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद अमेरिका के कई शहरों में जबरदस्त बवाल और हिंसा हुई थी। सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया था, इसलिए प्रोटेस्टर्स की मांग है कि ICE को पूरी तरह से खत्म किया जाए।</p>
<p><strong>जोहरान ममदानी ने सीधे ट्रंप को लगा दिया फोन</strong></p>
<p>ICE के खिलाफ शुरू हुए प्रोटेस्ट को न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी अपना समर्थन दिया। मेयर ममदानी इतने गुस्से में हैं कि उन्होंने सीधे ट्रंप को फोन लगा दिया। हालांकि, प्रेसिडेंट ट्रंप से उनकी बात नहीं हो पाई। ममदानी ने कहा कि जब डोनाल्ड ट्रंप से उनकी बात होगी, तो वो क्लियर डिमांड रखेंगे कि ICE के सारे ऑपरेशंस तुरंत बंद किए जाएं। इसके बाद भी अगर ICE एजेंट इमिग्रेंट्स को टारगेट करेंगे तो आर-पार की जंग के लिए वो खुद सड़कों पर उतरेंगे। इससे पहले, हाल ही में <a href="https://www.indiatv.in/world/us/us-suspends-infosys-tcs-wipro-microsoft-adobe-eight-companies-perm-green-card-program-2026-10-08-1247775" target="_blank" title="ग्रीन कार्ड को लेकर अमेरिका ने दिया झटका! इंफोसिस समेत 8 कंपनियों को 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' से किया सस्पेंड">अमेरिकी प्रशासन ने इंफोसिस समेत 8 कंपनियों को 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' से सस्पेंड कर दिया</a>।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/nidal-malik-hasan-execution-us-plans-live-broadcast-of-firing-squad-death-sentence-in-fort-hood-shooting-case-2026-10-09-1247957" target="_blank" title="अमेरिका में पहली बार मौत की सजा का लाइव प्रसारण! निदाल मलिक हसन पर दागी जाएंगी गोलियां">अमेरिका में पहली बार मौत की सजा का लाइव प्रसारण! निदाल मलिक हसन पर दागी जाएंगी गोलियां</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/new-york-anti-ice-protests-after-federal-immigration-officer-shoots-dominican-man-2026-10-09-1247965     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/new-york-anti-ice-protests-after-federal-immigration-officer-shoots-dominican-man-2026-10-09-1247965 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 22:08:14 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका में पहली बार मौत की सजा का लाइव प्रसारण! निदाल मलिक हसन पर दागी जाएंगी गोलियां     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में 2009 के फोर्ट हूड गोलीबारी मामले में दोषी निदाल मलिक हसन को 3 दिसंबर को फायरिंग स्क्वॉड से मौत की सजा देने की योजना है। इसके लाइव प्रसारण की खबर ने पारदर्शिता, नैतिकता और कानूनी प्रक्रिया पर बहस छेड़ दी है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1-1791558763.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फोर्ट हूड गोलीबारी मामले में दोषी निदाल मलिक हसन।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP/INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1-1791558763.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/nidal-malik-hasan-1-1791558763.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फोर्ट हूड गोलीबारी मामले में दोषी निदाल मलिक हसन।
                      <span class="copyright">Image Source : AP/INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन:</strong> अमेरिका में फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर 2009 में गोलीबारी करने वाले निदाल मलिक हसन को अब फायरिंग स्क्वॉड यानी गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। पेंटागन ने गुरुवार को बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण किया जाएगा। अमेरिकी सेना के मुताबिक, हसन को 3 दिसंबर को टेक्सास के फोर्ट हूड में सजा दी जाएगी। इस मामले ने अमेरिका में मौत की सजा देने के तरीकों, सरकारी पारदर्शिता और सार्वजनिक रूप से फांसी दिखाने की नैतिकता पर नई बहस छेड़ दी है।</p>

<h3><strong>2009 की गोलीबारी में 13 लोगों की हुई थी मौत</strong></h3>

<p>निदाल मलिक हसन अमेरिकी सेना में मेजर और मनोचिकित्सक था। 5 नवंबर 2009 को वह टेक्सास के फोर्ट हूड सैन्य अड्डे पर एक मेडिकल बिल्डिंग में घुसा, जहां सैनिक वैक्सीनेशन और तैनाती से पहले जरूरी मेडिकल जांच के लिए कतार में खड़े थे। हसन ने वहां गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 32 अन्य घायल हो गए। उसने भाग रहे सैनिकों पर भी पीछे से गोलियां चलाई थीं। इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब उसे सैन्य अदालत के फैसले के तहत मौत की सजा दी जानी है।</p>

<h3><strong>पीट हेगसेथ ने कहा था, 'सजा सार्वजनिक होगी'</strong></h3>

<p>अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को टीवी चैनल रियल अमेरिका वॉइस से बातचीत में कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग सजा को देख सकें और यह प्रक्रिया सार्वजनिक होगी। हालांकि, उस समय उन्होंने स्पष्ट रूप से लाइव प्रसारण का जिक्र नहीं किया था। गुरुवार को पेंटागन के अधिकारियों ने बताया कि फायरिंग स्क्वॉड से दी जाने वाली मौत की सजा का लाइव प्रसारण किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस योजना के बारे में और जानकारी बाद में दी जाएगी। इस घोषणा ने सैन्य न्याय व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>

<h3><strong>क्या निदाल मलिक हसन की सजा टल सकती है?</strong></h3>

<p>विशेषज्ञों के मुताबिक, निदाल मलिक हसन अपनी सजा के खिलाफ नागरिक अदालत में याचिका दाखिल कर सकता है। ऐसी याचिका को हेबियस कॉर्पस याचिका कहा जाता है, जिसके जरिए किसी व्यक्ति की हिरासत या उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी जाती है। इससे सजा में काफी देरी हो सकती है। येल लॉ स्कूल में सैन्य कानून के विशेषज्ञ और विजिटिंग लेक्चरर यूजीन आर. फिडेल ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया मौजूदा अमेरिकी प्रशासन के कार्यकाल से भी आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि यह भी तय नहीं है कि अगला प्रशासन मौत की सजा को लेकर यही रुख अपनाएगा।</p>

<h3><strong>लाइव प्रसारण के पक्ष में भी हैं कुछ एक्सपर्ट</strong></h3>

<p>फोर्डहम यूनिवर्सिटी की कानून की प्रोफेसर और मौत की सजा की एक्सपर्ट डेबोरा डेनो ने कहा कि सजा का लाइव प्रसारण पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बना सकता है। इससे जनता को पता चलेगा कि मौत की सजा देने की प्रक्रिया वास्तव में कैसी होती है। उन्होंने कहा कि टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को घातक इंजेक्शन देने की प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी के बाद इस मुद्दे पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे समय में लाइव प्रसारण से लोगों को सजा देने के तरीकों और उनसे जुड़ी समस्याओं को समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इससे जुड़े नैतिक और कानूनी सवाल भी महत्वपूर्ण हैं।</p>

<h3><strong>फायरिंग स्क्वॉड को क्यों माना जा रहा है विकल्प?</strong></h3>

<p>विलानोवा यूनिवर्सिटी के कानून के प्रोफेसर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मिलिट्री जस्टिस के उपाध्यक्ष ब्रेनर फिसेल ने कहा कि कई अमेरिकी राज्यों को घातक इंजेक्शन देने के लिए जरूरी दवाएं हासिल करने और इसमें शामिल होने वाले चिकित्सा पेशेवरों को तैयार करने में परेशानी होती है। ऐसे में फायरिंग स्क्वॉड को कुछ लोग कम अमानवीय विकल्प के रूप में देखने लगे हैं। फिसेल के मुताबिक, गोली मारकर मौत की सजा देने का तरीका ज्यादा सटीक हो सकता है। उनके मुताबिक, हेगसेथ इस फैसले के जरिए सेना की घातक ताकत और सख्त रवैये को दिखाना चाहते हैं।</p>

<h3><strong>ईरान में सार्वजनिक फांसी का विरोध कर चुके हैं ट्रंप</strong></h3>

<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हसन की मौत की सजा को मंजूरी दी है। हालांकि, वह पहले ईरान में सार्वजनिक रूप से दी जाने वाली मौत की सजाओं की आलोचना कर चुके हैं। ईरान में प्रदर्शनकारियों को फांसी दिए जाने की आशंका का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कई बार वहां की सरकार पर दबाव बनाने की बात कही थी। यह मुद्दा 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले से पहले भी चर्चा में रहा था। 14 जनवरी को पत्रकारों से बातचीत में <a href="https://www.indiatv.in/world/us/trump-iran-execution-halted-eight-women-protesters-middle-east-tensions-2026-04-22-1213493" target="_blank" title="मध्य-पूर्व तनाव के बीच बड़ी खबर! ट्रंप के कहने पर ईरान ने रोकी 8 महिलाओं की फांसी, जानें पूरा मामला">ट्रंप ने कहा था कि उन्हें बताया गया है कि ईरान में लोगों की हत्याएं रुक रही हैं और फांसी देने की कोई योजना नहीं है</a>।</p>

<h3><strong>अदालत में हसन ने खुद को बताया था हमलावर</strong></h3>

<p>हसन ने अपने मुकदमे के दौरान वकीलों को हटा दिया था और खुद अपना पक्ष रखा था। सुनवाई शुरू होते ही उसने जूरी के सामने स्वीकार किया था कि गोलीबारी उसी ने की थी। अगले 3 हफ्तों तक उसने बहुत कम बातें कहीं। उसके सरकारी तौर पर नियुक्त सहायक वकीलों को लगा कि उसका मकसद किसी भी तरह मौत की सजा हासिल करना था। सैन्य अभियोजन पक्ष ने करीब 90 गवाह पेश किए, लेकिन हसन ने अपने बचाव में किसी गवाह को नहीं बुलाया और न ही अंतिम दलील दी।</p>

<h3><strong>'मुसलमानों को बचाने के लिए किया था हमला'</strong></h3>

<p>हसन ने मुकदमे के दौरान पत्रकारों को कुछ दस्तावेज भी दिए थे। इन दस्तावेजों से पता चला कि उसने सैन्य मानसिक स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहा था कि मौत की सजा दिए जाने पर भी वह शहीद कहला सकता है। हसन का कहना था कि उसने सैनिकों को अफगानिस्तान जाने और वहां अपने साथी मुसलमानों को मारने से रोकने के लिए हमला किया था। हालांकि, 2013 में सैन्य न्यायाधीश ने उसे इस दलील को बचाव के रूप में पेश करने की इजाजत नहीं दी। कानून प्रवर्तन अधिकारियों की गोली पीठ में लगने के बाद हसन कमर से नीचे लकवाग्रस्त हो गया था। अब वह व्हीलचेयर का इस्तेमाल करता है।</p>

<h3><strong>हसन के वकील ने स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता</strong></h3>

<p>हसन के आपराधिक मुकदमे के बाद कई नागरिक मामलों में उसका प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व सैन्य न्यायाधीश और वकील जॉन गैलिगन ने बुधवार को उससे बातचीत की। हालांकि, कानूनी सीमाओं के कारण उन्होंने बातचीत की ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकारियों की बताई योजना के तहत हसन के शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता है। गैलिगन ने यह भी कहा कि हसन को अभी तक कानूनी सलाहकार तक पहुंच नहीं मिली है।</p>

<h3><strong>65 साल बाद किसी सैनिक को मौत की सजा</strong></h3>

<p>हेगसेथ ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिकी सेना ने फायरिंग स्क्वॉड के जरिए किसी सैनिक को मौत की सजा नहीं दी है। हालांकि, अमेरिकी सेना में अंतिम फांसी 13 अप्रैल 1961 को हुई थी, जब सेना के प्राइवेट जॉन बेनेट को फंदे पर लटकाया गया था। यानी सैन्य फांसी के इतिहास में लंबे अंतराल के बाद हसन का मामला सामने आया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन को दुनिया में कम से कम 17 सार्वजनिक फांसी की जानकारी मिली थी। इनमें 11 ईरान में और 6 अफगानिस्तान में हुई थीं। <strong>(AP से इनपुट्स के साथ)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/world/us/florida-executes-michael-lee-king-for-killing-denise-amber-lee-who-called-911-from-his-car-begging-for-help-2026-03-18-1204862" target="_blank" title="18 साल पहले 2 बच्चों की मां के साथ की थी दरिंदगी, इंजेक्शन लगाकर दी गई सजा-ए-मौत">18 साल पहले 2 बच्चों की मां के साथ की थी दरिंदगी, इंजेक्शन लगाकर दी गई सजा-ए-मौत</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/nidal-malik-hasan-execution-us-plans-live-broadcast-of-firing-squad-death-sentence-in-fort-hood-shooting-case-2026-10-09-1247957     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/nidal-malik-hasan-execution-us-plans-live-broadcast-of-firing-squad-death-sentence-in-fort-hood-shooting-case-2026-10-09-1247957 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 09 Oct 2026 20:43:37 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ग्रीन कार्ड को लेकर US ने दिया झटका! इंफोसिस समेत 8 कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से किया सस्पेंड     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका ने इंफोसिस समेत 8 कंपनियों को 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' से सस्पेंड कर दिया है। इसी के तहत कंपनियां H-1B वीजा वाले कर्मचारियों के खातिर ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करती हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1-1791477746.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[तमाम IT कंपनियों को अमेरिका ने झटका दिया।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1-1791477746.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1-1791477746.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      तमाम IT कंपनियों को अमेरिका ने झटका दिया।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका ने आज (गुरुवार को) IT कंपनियों- कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा, विप्रो, HCL, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' से सस्पेंड कर दिया है। इस प्रोग्राम के जरिए कंपनियां H-1B वीजा वाले कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड के खातिर अप्लाई कर सकती हैं। यह ऐलान अमेरिकी लेबर सेक्रेटरी कीथ सोंडरलिंग ने किया। इस दौरान उनके साथ अमेरिकी एंटी-फ्रॉड टास्क फोर्स के प्रमुख और वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस भी उपस्थित रहे।</p>

<p><strong>नई Permanent Labour Certification की अर्जी नहीं करेंगे स्वीकार</strong></p>

<p>कीथ सोंडरलिंग ने कहा, "मैं विश्व की कुछ सबसे बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों- विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, इंफोसिस, टाटा और कैपजेमिनी को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर रहा हूं।" उन्होंने आगे कहा कि श्रम विभाग, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी इस प्रोग्राम से हटा रहा है। हम इन कंपनियों से जुड़ी कोई भी नई Permanent Labour Certification की अर्जी स्वीकार नहीं करेंगे। इसके अलावा, न ही लंबित अर्जियों पर कोई कार्रवाई करेंगे।</p>

<p><strong>अमेरिकी कर्मचारियों से नौकरियां छीनने का लगाया आरोप</strong></p>

<p>सोंडरलिंग बोले कि 2009 से, सिर्फ इन कंपनियों ने ही लगभग 30 लाख विदेशी कर्मचारियों की मांग की है। उन्हें 2 लाख 30 हजार से ज्यादा H-1B वीजा मंजूरी और 1 लाख से अधिक स्थायी श्रम प्रमाणन मिले हैं। ये लाखों नौकरियां थीं जो अमेरिकी कर्मचारियों से छीन ली गईं।</p>

<p><strong>जेडी वेंस ने बताई प्रोग्राम की कमियां</strong></p>

<p>जेडी वेंस ने कहा कि जिस प्रोग्राम से माइक्रोसॉफ्ट को सस्पेंड किया जा रहा है, उसके अंतर्गत कंपनियों को लेबर डिपार्टमेंट में अप्लाई करने से पहले अमेरिका में जॉब्स के लिए विज्ञापन देना होता है। उन्हें यह दिखाना होता है कि अमेरिकी वर्कर्स की कमी की वजह से उन्हें किसी विदेशी वर्कर्स को ग्रीन कार्ड देने की जरूरत है।</p>

<p><strong>वेंस ने यूनिवर्सिटी पर भी लगाए आरोप</strong></p>

<p>जेडी वेंस ने उन यूनिवर्सिटीज की भी आलोचना की, जिनके बारे में उनका कहना था कि वे विदेशी छात्रों को अमेरिका आने की सुविधा देने वाले प्रोग्राम का गलत प्रयोग कर रही थीं। J-1 वीजा कहे जाने वाले ये अस्थायी वीजा, विदेशी लोगों को काम और पढ़ाई से जुड़े एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए कुछ वक्त के लिए अमेरिका आने की इजाजत देते हैं। इससे पहले, सितंबर में <a href="https://www.indiatv.in/paisa/business/h1b-visa-new-rules-trump-administration-lottery-system-end-highest-paid-workers-priority-2025-09-24-1164785" target="_blank" title="H1B वीजा के लिए ट्रम्प प्रशासन ने नए नियमों का दिया प्रस्ताव, लॉटरी सिस्टम होगा खत्म! जानें किसको पहले मिलेगा VISA">H1B वीजा के लिए ट्रंप प्रशासन ने नए नियमों का प्रस्ताव भी दिया था</a>।</p>

<p><strong>(इनपुट- AP/PTI)</strong></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.indiatv.in/world/us/s-jaishankar-message-to-america-amid-h-1b-fee-chaos-said-global-workforce-is-a-reality-2025-09-26-1165119" target="_blank" title="H1B वीजा मामले में जयशंकर ने बिना नाम लिए ट्रंप को सुनाया, कहा- 'ग्लोबल वर्कफोर्स है वास्तविकता'">H1B वीजा मामले में जयशंकर ने बिना नाम लिए ट्रंप को सुनाया, कहा- 'ग्लोबल वर्कफोर्स है वास्तविकता'</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-suspends-infosys-tcs-wipro-microsoft-adobe-eight-companies-perm-green-card-program-2026-10-08-1247775     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-suspends-infosys-tcs-wipro-microsoft-adobe-eight-companies-perm-green-card-program-2026-10-08-1247775 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 21:53:55 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'मैं डींग नहीं हांक रहा, मैंने सच में 8 युद्ध खत्म कराए", नोबेल शांति पुरस्कार के लिए फिर से मचले ट्रंप      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से शांति नोबेल पुरस्कार के लिए दावेदारी पेश की है। उन्होंने कहा, मैं किसी तरह की डींग नहीं हांक रहा हूं, मैंने सच में आठ युद्ध खत्म कराए हैं, गिनती कर लो।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-25-1791422725.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप का बयान]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-25-1791422725.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-25-1791422725.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप का बयान
                      <span class="copyright"></span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>देश भर में चुनाव प्रचार के बाद बुधवार को वॉशिंगटन लौटने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "मैंने ऐसे काम किए हैं जो किसी और ने कभी नहीं किए होंगे और हां, मैं डींग नहीं हांक रहा हूं, बस आपको असलियत बता रहा हूं। शायद ही किसी राष्ट्रपति ने कभी कोई युद्ध सुलझाया हो और मुझे देखो, मैंने 8 युद्ध सुलझाए हैं।" उनके इस बयान से लग रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पाने के लिए मचल रहे हैं और अपनी दावेदारी पेश की है।<br />
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<strong>ईरान से जारी संघर्ष के बीच नोबेल की दावेदारी</strong><br />
बता दें कि <a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-he-deserved-eight-nobel-peace-prizes-for-stopping-wars-2026-01-21-1192094">ट्रंप नोबेल के शांति पुरस्कार के लिए ऐसी अपीलें पिछले कई सालों से करते आ रहे हैं।</a> इस बार उन्होंने व्हाइट हाउस से यह बात कही और 8 युद्धों को सुलझाने के अपने रिकॉर्ड का ज़िक्र करते हुए संकेत दिया कि मुझे एक और बड़ी कामयाबी मिल सकती है। यह संकेत देते हुए कि शांति स्थापित करने की उनकी कोशिशें अभी खत्म नहीं हुई हैं, ट्रंप ने कहा कि उनकी सूची में जल्द ही एक और संघर्ष जुड़ सकता है, जबकि ईरान के साथ एक और युद्धविराम की दिशा में बहुत कम प्रगति दिखाई दी है।<br />
<br />
<strong>फैक्ट चेकर्स ने ट्रंप के दावों की निकाल दी हवा</strong><br />
ट्रंप की ये बातें नोबेल पुरस्कार पाने की कोई नई कोशिश नहीं थीं। हालांकि वे बार-बार यह कहते रहे हैं कि अपने डिप्लोमैटिक रिकॉर्ड की वजह से वे नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं, लेकिन उनके द्वारा खत्म किए गए युद्धों की संख्या के दावों पर फैक्ट-चेकर्स ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिन संघर्षों का वे ज़िक्र करते हैं, उनमें से कई औपचारिक रूप से युद्ध नहीं थे और अलग-अलग विवादों में अमेरिका की भूमिका काफी अलग-अलग थी।</p>

<p><strong>कई सालों से नोबेल के लिए तड़प रहे ट्रंप</strong><br />
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की की नोबेल पुरस्कार पाने की इच्छा उनके दूसरे कार्यकाल से बहुत पहले की है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान, ट्रम्प ने बार-बार उत्तर कोरिया के साथ अपनी कूटनीतिक कोशिशों की ओर ध्यान खींचा। फिर 2018 में, नॉर्वे के दो राजनेताओं ने कहा कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के साथ शिखर वार्ता के बाद उन्होंने ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया था।<br />
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<strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-iran-has-no-oil-left-no-economy-it-is-ruined-strong-dollar-strait-of-hormuz-2026-10-07-1247364">'न तेल, न इकोनॉमी.. कुछ नहीं बचा, ईरान बर्बाद हो गया', डोनाल्ड ट्रंप का दावा</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/not-boasting-i-really-ended-eight-wars-trump-once-again-eyes-the-nobel-peace-prize-2026-10-08-1247595     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/not-boasting-i-really-ended-eight-wars-trump-once-again-eyes-the-nobel-peace-prize-2026-10-08-1247595 ]]>     </guid>     <pubDate>Thu, 08 Oct 2026 06:55:50 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'इस्लाम एक महान देश पर कब्जा करना चाहता है...', फ्रांस में जारी प्रदर्शन पर डोनाल्ड ट्रंप का बयान     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ फ्रांस में कई शहरों में जारी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर हिंसा हो रही है। अब इस प्रदर्शन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बयान जारी किया है। ट्रंप ने इस प्रदर्शन को इस्लान से जोड़ दिया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-on-islam-france-protest-1791387894.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[फ्रांस में जारी प्रदर्शन पर ट्रंप का बयान।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-on-islam-france-protest-1791387894.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-on-islam-france-protest-1791387894.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      फ्रांस में जारी प्रदर्शन पर ट्रंप का बयान।
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>फ्रांस में शिक्षा क्षेत्र के लिए ज्यादा फंड की मांग को लेकर स्कूली छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। कई जगहों पर ये प्रदर्शन हिंसक भी हो गया है। मंगलवार को छात्रों के समर्थन में पूरे फ्रांस में 2.5 लाख से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया है। पेरिस और अन्य शहरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। अब इस प्रदर्शन पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान सामने आया है। ट्रंप ने इस प्रदर्शन को मजहबी उन्माद का नतीजा बताया है। ट्रंप ने कहा है कि फ्रांस में जो हो रहा है उसका स्कूलों से स्टूडेंट्स से कोई लेना देना नहीं है, हकीकत ये है कि इस्लाम अब फ्रांस पर कब्जा करना चाहता है। ये सब उसी साजिश का हिस्सा है।</p>

<h3><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h3>

<p>दरअसल, फ्रांस की सड़कों पर छात्रों का कब्जा है। स्कूल, होटल और सरकारी जगहों को आग के हवाले किया जा रहा है। सुरक्षाबलों के लिए सिचुएशन को कंट्रोल कर पाना अब बहुत मुश्किल हो गया है। इस प्रोटेस्ट की शुरुआत पेरिस के एक रूरल इलाके से हुई थी लेकिन ये आग अब पूरे फ्रांस में फैल गई है। ढाई लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं। पहले ये सिर्फ स्कूल के स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट था। लेकिन अब इसमें टीचर्स, कॉलेज स्टूडेंट्स और पैरेंट्स भी शामिल हो गए हैं।</p>

<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-07t204255-1791389611.jpg"    /></p>

<h3><strong>डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?</strong></h3>

<p>फ्रांस में जारी प्रदर्शन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया है और इसे अवैध घुसपैठ और जनसंख्या के असंतुलन से जोड़ा है। ट्रंप ने कहा- "फ्रांस में जो हो रहा है, वह बेकाबू और बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन के नतीजे से कम नहीं है। यह स्कूलों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस्लाम के उस देश पर कब्जा करने की कोशिश के बारे में है जो कभी महान हुआ करता था।" बता दें कि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर भी बड़ा बयान जारी किया था। <strong><a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-iran-has-no-oil-left-no-economy-it-is-ruined-strong-dollar-strait-of-hormuz-2026-10-07-1247364" target="_blank" title="'न तेल, न इकोनॉमी.. कुछ नहीं बचा, ईरान बर्बाद हो गया', डोनाल्ड ट्रंप का दावा">ट्रंप ने कहा था कि ईरान बर्बाद हो गया है और उसके पास तेल, इकोनॉमी कुछ भी नहीं बचा है।</a></strong></p>

<h3><strong>कई शहरों में बड़े पैमाने पर हिंसा</strong></h3>

<p>फ्रांस के मार्से, नांत, टूलूज, स्ट्रासबर्ग, लियोन और रेनेस में बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है, आग लगाई जा रही है। इस दौरान पुलिस लाठीचार्ज कर रही है, टीयर गैस के सेल्स फायर किए जा रहे हैं, लेकिन हालात बेकाबू हैं। प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए सरकार ने 2 हजार से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए हैं। 1 हजार से ज्यादा स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेज चलानी पड़ रही हैं। सरकार प्रदर्शनकारियों से बात करना चाहती है लेकिन वो बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।</p>

<p><iframe   src="https://www.youtube.com/embed/Abis_3pqANo" frameborder="0"></iframe></p>

<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://www.indiatv.in/world/us/iran-connection-in-flydubai-plane-incident-trump-said-they-will-be-hit-very-hard-2026-10-02-1246484" target="_blank">फ्लाईदुबई विमान कांड में ईरान का कनेक्शन? ट्रंप बोले- "उन्हें बहुत कड़ी मार पड़ेगी"</a></p>

<p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/us-president-donald-trump-renamed-artificial-intelligence-to-super-intelligence-ai-to-si-2026-09-30-1246100" target="_blank" title="डोनाल्ड ट्रंप ने बदल दिया AI का नाम, बोले- 'हमने इसका नाम बदलकर SI कर दिया है'">डोनाल्ड ट्रंप ने बदल दिया AI का नाम, बोले- 'हमने इसका नाम बदलकर SI कर दिया है'</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/islam-wanting-to-take-over-a-once-great-country-said-us-president-donald-trump-on-france-protest-2026-10-07-1247546     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/islam-wanting-to-take-over-a-once-great-country-said-us-president-donald-trump-on-france-protest-2026-10-07-1247546 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 21:22:47 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     UN में भारत ने टेररिज्म पर साधा निशाना, बिप्लब देब बोले- ‘अच्छा’ और ‘बुरा’ आतंकवाद नहीं होता     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ UN में भारत ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई ‘अच्छा’ या ‘बुरा’ रूप नहीं होता और आम नागरिकों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है। बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकियों के साथ उनके आयोजकों, फंडिंग करने वालों को भी जवाबदेह ठहराने की मांग की। 
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/biplab-1791346987.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[बीजेपी सांसद और भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बिप्लब कुमार देब।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : INDIA TV]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/biplab-1791346987.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/biplab-1791346987.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      बीजेपी सांसद और भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बिप्लब कुमार देब।
                      <span class="copyright">Image Source : INDIA TV</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य रखा। उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र कर आतंकवादियों, साजिशकर्ताओं और फंडिंग करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। UN में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त स्थिति दोहराते हुए कहा है कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, वह अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, विकास और मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा है। बीजेपी सांसद और भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बिप्लब कुमार देब ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में UNGA के छठी समिति के सत्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को खत्म करने के उपायों पर भारत की ओर से राष्ट्रीय वक्तव्य रखा।</p>

<h3><strong>"अच्छे" या "बुरे" आतंकवाद के बीच कोई फर्क नहीं </strong></h3>

<p>बिप्लब ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। खास तौर पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद को ‘अच्छा’ और ‘बुरा’ बताकर अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा, आम नागरिकों को निशाना बनाने का कोई भी कारण या औचित्य नहीं हो सकता और "अच्छे" या "बुरे" आतंकवाद के बीच कोई फर्क नहीं होता।</p>

<h3><strong>आतंकवाद के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर चिंता</strong></h3>

<p>भारत ने आतंकवादी संगठनों द्वारा उभरती तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। बिप्लब देब ने कहा कि इन तकनीकों का इस्तेमाल लोगों को भर्ती करने, कट्टरपंथी बनाने, प्रोपेगैंडा फैलाने, ऑपरेशन की योजना बनाने और आतंकवाद के लिए फंड जुटाने में किया जा रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने के लिए तकनीकी और कानूनी सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है।</p>

<h3><strong>CCIT को जल्द पूरा करने की मांग</strong></h3>

<p>भारत ने एक बार फिर कॉम्प्रिहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (CCIT) को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग उठाई। भारत का कहना है कि इससे आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे को और मजबूत किया जा सकेगा। भारत लंबे समय से इस व्यापक अंतरराष्ट्रीय समझौते को आगे बढ़ाने की वकालत करता रहा है।</p>

<p><div class="atmidvid"><div class="mtvidmb"><iframe src="https://www.indiatv.in/widgets/playervod?accountId=63bd2161756d5f000872bc0b&profile=ee1c1003868cb_vod&streamUrl=//vod-indiatv.akamaized.net/63bd2161756d5f000872bc0b/2026/10/yimscf1l/master.m3u8&posterImageUrl=//thumbs.indiatvnews.com/63bd2161756d5f000872bc0b/2026/10/medium_thumb/yimscf1l.jpg&pip=0&piv=0&autoplay="    allowfullscreen="true" webkitallowfullscreen="true" frameborder="0" msallowfullscreen="true" scrolling="no"></iframe></div></div>

<h3><strong>पहलगाम हमले का किया जिक्र</strong></h3>

<p>अपने वक्तव्य में बिप्लब देब ने सीमा-पार आतंकवाद से होने वाले भारी मानवीय नुकसान का जिक्र किया, जिसमें अप्रैल 2025 का पहलगाम आतंकी हमला भी शामिल है।  उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ उनके आयोजकों, फंडिंग करने वालों और प्रायोजकों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बता दें कि अप्रैल 2026 में हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी।</p>

<h3><strong>भारत ने गिनाईं आतंकवाद के खिलाफ 6 प्राथमिकताएं</strong></h3>

<p>बीजेपी सांसद ने आतंकवाद से निपटने के लिए भारती की 5 प्रमुख प्राथमिकताओं को भी सामने रखा। इनमें-</p>

<ul>
	<li>आतंकवादी फंडिंग पर रोक लगाना।</li>
	<li>उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकना।</li>
	<li>आतंकवाद के पीड़ितों को केंद्र में रखना।</li>
	<li>राष्ट्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण को मजबूत करना।</li>
	<li>आतंकवादी विचारधारा और उसके बुनियादी ढांचे का मुकाबला करना शामिल है।</li>
</ul>

<p>भारत ने बहुपक्षीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह अपने लोगों को सीमा पार आतंकवाद से बचाने के अधिकार को भी बनाए रखता है। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ अधिक प्रभावी प्रतिक्रिया की अपील की।</p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/india-targets-terrorism-at-the-un-biplab-kumar-deb-says-there-is-no-such-thing-as-good-or-bad-terrorism-2026-10-07-1247394     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/india-targets-terrorism-at-the-un-biplab-kumar-deb-says-there-is-no-such-thing-as-good-or-bad-terrorism-2026-10-07-1247394 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 09:55:31 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     'न तेल, न इकोनॉमी.. कुछ नहीं बचा, ईरान बर्बाद हो गया', डोनाल्ड ट्रंप का दावा     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ क्या अमेरिका हमलों ने ईरान को बर्बाद कर दिया? डोनाल्ड ट्रंप की मानें तो ईरान की अर्थव्यवस्था तबाह हो चुकी है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास न तो तेल बचा है, न ही अर्थव्यवस्था बची है। महंगाई 300 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-07t071236-1791337378.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-07t071236-1791337378.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-07t071236-1791337378.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान बुरी तरह से बर्बाद हो चुका है। उन्होंने व्हाइट के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है और वहां महंगाई करीब 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के तेल मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। ट्रंप के मुताबिक ईरान के पास न अर्थव्यवस्था बची है और न ही तेल। वहीं उन्होंने अमेरिका की अर्थव्यवस्था को बेहद मजबूत बताया और कि इसकी वजह डॉलर है। उन्होंने कहा कि मजबूत डॉलर कई मायनों में फायदेमंद है।</p>

<h3>खत्म हो चुकी है ईरान की अर्थव्यवस्था </h3>

<p>व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था खत्म हो चुकी है। महंगाई चरम पर है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में महंगाई लगभग 300 प्रतिशत है। उनके पास न तो तेल बचा है और न अर्थव्यस्था बची है। उनके तेल मंत्री ने हाल में इस्तीफा दे दिया। बता दें कि ईरान के तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने 4 अक्टूबर को इस्तीफा दिया था, जिसे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्वीकार कर लिया। नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के सीईओ हामिद बोवार्ड को अस्थायी तेल मंत्री नियुक्त किया गया है। </p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2107570172769013838"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>स्ट्रेट ऑफ होर्मुज </h3>

<p>डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा कि पिछले कुछ दिनों में लाखों बैरल तेल इस रास्ते से निकाला गया है। उन्होंने दावा किया कि तेल की आवाजाही अब ईरान युद्ध से पहले के लेवत तक पहुंच रही है या कई बार उससे भी ज्यादा हो रही है। हालांकि, एनर्जी मार्केट से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक होर्मुज और अन्य प्रमुख मार्गों में आ रही बाधाओं ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई पर दबाव बनाए रखा है।</p>

<h3>डॉलर की वजह से अमेरिका मजबूत</h3>

<p>वहीं अमेरिकी अर्थव्यवस्था और डॉलर पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के मजबूत प्रदर्शन की वजह से डॉलर मजबूत है। उन्होंने कहा कि मजबूत डॉलर कई मायनों में फायदेमंद है और उनका दावा है कि मजबूत डॉलर महंगाई को रोकने में मदद करता है। उन्होंने कहा, “हमारा डॉलर बहुत मजबूत है क्योंकि हम अच्छा कर रहे हैं। मजबूत डॉलर कई मायनों में अच्छा है... मजबूत डॉलर आपको बहुत जीवन देता है। और वैसे, क्या आप जानते हैं कि मजबूत डॉलर क्या करता है? यह आपको महंगाई नहीं देता।” बता दें कि ट्रंप पहले भी दावा कर चुके हैं कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया था कि<a href="https://www.indiatv.in/world/us/iran-will-not-allowed-to-develop-nuclear-weapons-oil-prices-will-fall-as-soon-as-war-ends-says-donald-trump-2026-10-03-1246663" target="_blank" title=" डोनाल्ड ट्रंप"> जल्द ही ईरान यु्द्ध खत्म होगा और तेल की कीमतें गिरने लगेंगी</a>।</p>

<p> </p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/us/who-is-behind-attack-on-flydubai-plane-captain-smit-machchhar-donald-trump-named-this-country-2026-10-06-1247154" target="_blank" title="भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर Flydubai में हमले के पीछे किसका हाथ? डोनाल्ड ट्रंप ने लिया इस देश का नाम">भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर Flydubai में हमले के पीछे किसका हाथ? डोनाल्ड ट्रंप ने लिया इस देश का नाम</a></p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-iran-has-no-oil-left-no-economy-it-is-ruined-strong-dollar-strait-of-hormuz-2026-10-07-1247364     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-says-iran-has-no-oil-left-no-economy-it-is-ruined-strong-dollar-strait-of-hormuz-2026-10-07-1247364 ]]>     </guid>     <pubDate>Wed, 07 Oct 2026 07:15:20 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिकी सदन में पेश हुआ कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में प्रस्ताव, असाधारण साहस के लिए की गई तारीफ     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अपनी बहादुरी से विमान में 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रस्ताव में उनके असाधारण साहस के की तारीफ की गई है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/captain-smit-machchhar-us-house-of-representatives-1791307042.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिकी सदन में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X (@ISRAELMFA)/AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/captain-smit-machchhar-us-house-of-representatives-1791307042.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/captain-smit-machchhar-us-house-of-representatives-1791307042.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिकी सदन में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव।
                      <span class="copyright">Image Source : X (@ISRAELMFA)/AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>संयुक्त अरब अमीरात के दुबई से इजरायल के तेल-अवीव जा रहे विमान में अपनी बहादुरी से लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की चर्चा और तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की तारीफ की थी और उन्हें हीरो कहा था। अब अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में एक प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव को जोश गॉटहाइमर, डॉन बेकन और माइकल मैककॉल ने पेश किया है। आइए जानते हैं कि इस प्रस्ताव में क्या बाते कही गई हैं।</p>

<h3><strong>प्रस्ताव नें क्या कहा गया?</strong></h3>

<p>अमेरिकी सदन में पेश प्रस्ताव में कहा गया है- "30 सितंबर, 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान 1073 ने दुबई से तेल अवीव, इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी। इस विमान में करीब 174 यात्री सवार थे। यात्रियों में से अधिकतर इजरायली के नागरिक थे। इसके साथ ही यात्रियों में 4 अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान के बीच में ही विमान के को-पायलट ने विमान की इमरजेंसी क्रैश कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित पर हमला किया और फ्लाइट कंट्रोल पर कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान विमान 30 सेकंड से भी कम समय में 14,000 फीट से ज्यादा नीचे आ गया। भारत के नागरिक कैप्टन स्मित मच्छर ने इस हमले का मुकाबला किया और बुरी तरह से घायल होने के बावजूद अपनी बची-खुची ताकत का इस्तेमाल किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया ताकि ऑफ-ड्यूटी पायलट अंदर आ सकें और विमान को लैंड करा सकें, और क्रू और यात्री को-पायलट को काबू में कर सकें।" बता दें कि <a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/i-wanted-to-die-a-martyrs-death-omani-co-pilot-revealed-motive-behind-flydubai-attack-2026-10-06-1247183" target="_blank">ओमानी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने जांचकर्ताओं को बताया है कि उसने यह हमला गाज़ा का बदला लेने के लिए किया था।</a></p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2107496652726825315"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3><strong>कैप्टन स्मित मच्छार का सम्मान</strong></h3>

<p>प्रस्ताव में कहा गया है- "इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतारा गया। इस दौरान सभी यात्री और क्रू के सदस्य सुरक्षित थे। इसके बाद 3 अक्टूबर, 2026 को संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल ने घोषणा की कि जांच में पता चला है कि को-पायलट ने आतंकवादी घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी।" इसलिए, अब यह तय किया जाता है कि<strong>-:</strong></p>

<ol>
	<li>हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स कैप्टन स्मित मच्छार को उनके विमान में सवार हर व्यक्ति की रक्षा करने में दिखाए गए असाधारण साहस के लिए सम्मानित करता है।</li>
	<li>ऑफ-ड्यूटी पायलटों, केबिन क्रू और यात्रियों के वीरतापूर्ण कार्यों की तारीफ की जाती है जिन्होंने फ्लाइट डेक को सुरक्षित किया और विमान को सुरक्षित रूप से नीचे उतारा।</li>
	<li>कैप्टन मच्छार और घायल हुए सभी लोगों के पूरी तरह ठीक होने की कामना की जाती है।</li>
	<li>फ्लाईदुबई की उड़ान पर हुए हमले की निंदा की जाती है और इसे आतंकवाद की घटना और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की सुरक्षा पर हमला माना जाता है।</li>
	<li>प्रस्ताव सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों द्वारा घटना की पूरी और जल्द जांच की मांग करता है और अमेरिका और इजरायल को इसकी पूरी जानकारी दी जाए।</li>
</ol>

<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/according-to-reports-israel-was-prepared-to-shoot-down-flydubai-flight-2026-10-06-1247210" target="_blank">तेल अवीव जाने से पहले फ्लाईदुबई के विमान को मार गिराता इजरायल, रिपोर्ट का दावा- सऊदी अरब ने भी भेजे थे लड़ाकू विमान</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-house-of-representatives-introduces-resolution-honouring-indian-pilot-smit-machchhar-who-foiled-the-terrorist-attack-on-flight-2026-10-06-1247340     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-house-of-representatives-introduces-resolution-honouring-indian-pilot-smit-machchhar-who-foiled-the-terrorist-attack-on-flight-2026-10-06-1247340 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 23:03:20 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर Flydubai में हमले के पीछे किसका हाथ? डोनाल्ड ट्रंप ने लिया इस देश का नाम     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ Flydubai विमान को हाईजैक कर 9/11 जैसे हमले को अंजाम देने की खतरनाक साजिश के पीछे किसका हाथ है? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है। इसी क्रम में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यह सवाल किया गया तो उन्होंने क्या कहा, आइये जानते हैं।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-06t070915-1791250781.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप, फ्लाईदुबई का विमान]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-06t070915-1791250781.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-06t070915-1791250781.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप, फ्लाईदुबई का विमान
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>Flydubai की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में जो कुछ भी हुआ उसके लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने एक बार फिर कहा कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उनका ऐसा मानना है। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है। सोमवार को व्हाइट हाउस में मीडिया की ओर से जब यह पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है? इस पर उन्होंने कहा, 'हां, मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसा मानता हूं।' ऐसा नहीं है कि ट्रंप ने पहली बार इस घटना के पीछे ईरान का हाथ बताया है। वे पहले भी ऐसा कह चुके हैं। लेकिन इस बार उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह उनका व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि Flydubai कांड में ईरान का हाथ है।</p>

<h3>भारतीय पायलट पर हमला कर विमान हाईजैक की प्लानिंग</h3>

<p>30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 को हाईजैक करने की कोशिश हुई थी। हाईजैकर कोई बाहरी नहीं बल्कि Flydubai का को-पायलट ही था। ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने बेहद खौफनाक इरादों के साथ इस विमान को हाईजैक करने की कोशिश की थी। उसने विमान के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर पीछे से हमला किया। हमले के लिए उसने विमान में सेफ्टी के लिए रखे गए छोटे हथौड़े से सिर पर प्रहार कर किया कैप्टन स्मित मच्छार को लहूलुहान कर दिया।</p>

<h3>स्मित मच्छार के साहस से हाईजैक की प्लानिंग फेल </h3>

<p>गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने साहस दिखाया और विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे पैसेंजर्स और ऑफ ड्यूटी क्रू ने हमलावर को-पायलट हमाम अल-हमामी को काबू में कर लिया। इस दौरान विमान करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया। विमान में सफर कर रहे ऑफ ड्यूटी पायलट ने विमान को कंट्रोल किया और उसे नजदीकी एयरपोर्ट सऊदी अरब के तबूक में लैंड कराया। तबूक एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। विमान में सवार सभी 174 यात्री सुरक्षित बाहर निकले।</p>

<h3>इजरायल पहुंचकर विमान को क्रैश कराने की थी योजना</h3>

<p>रिपोर्टों के मुताबिक अल-हमामी ने पूछताछ में अपने खौफनाक इरादों के बारे में बताया। उसने बताया कि उसका इरादा विमान को नॉर्मल तरीके से उड़ाते रहने के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को निष्क्रिय करने का था ताकि विमान पर उसका पूरा कंट्रोल हो जाए। इस तरह से वह इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर लैंडिंग की इजाजत लेने के बाद वहां खड़े विमान या किसी इमारत से Flydubai के विमान को टकराना चाहता था।</p>

<p>बता दें कि इससे पहले इटली के अखबार Corriere della Sera की रिपोर्ट ने जांच कर रहे सूत्रों के हवाले से बताया था कि ओमानी को-पायलट हमान अल-हमानी ने विमान के पायलट स्मित मच्छर को मारकर फ्लाइट पर कंट्रोल करने के बाद उसे तेल अवीव की किसी गगन चुंबी इमारत से टकराने की योजना बनाई थी। <a href="https://www.indiatv.in/world/asia/flydubai-omani-co-pilot-may-have-shut-off-engines-tel-aviv-crash-plot-captain-smit-machchhar-2026-10-05-1246965" target="_blank" title="ओमानी को-पायलट ने विमान के इंजन बंद किए थे? तेल अवीव में क्रैश करने की थी साजिश; फ्लाईदुबई कांड में बड़ा खुलासा">प्लान फेल होने के बाद को-पायलट हमान अल-हमामी ने विमान को रेगिस्तान में क्रैश कराने की कोशिश की</a>। लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार की हिम्मत और यात्रियों के साहस के आगे उसकी योजना फेल हो गई। जांचकर्ताओं को संदेह है कि को-पायलट ने दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति करने वाली स्विच को ऑफ कर दिया था।</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/asia/flydubai-omani-co-pilot-got-up-to-pray-namaz-and-attacked-from-behind-indian-pilot-smit-machchhar-described-cockpit-incident-netanyahu-2026-10-04-1246814" target="_blank" title="को-पायलट नमाज़ के लिए उठा, पीछे से हमला किया... पायलट स्मित ने डिटेल में बताया, कॉकपिट के अंदर क्या-क्या हुआ">को-पायलट नमाज़ के लिए उठा, पीछे से हमला किया... पायलट स्मित ने डिटेल में बताया, कॉकपिट के अंदर क्या-क्या हुआ</a></p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/who-is-behind-attack-on-flydubai-plane-captain-smit-machchhar-donald-trump-named-this-country-2026-10-06-1247154     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/who-is-behind-attack-on-flydubai-plane-captain-smit-machchhar-donald-trump-named-this-country-2026-10-06-1247154 ]]>     </guid>     <pubDate>Tue, 06 Oct 2026 07:13:19 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ट्रंप ने कर दी बड़ी मिस्टेक, ब्राजील की जगह 'भारत में राष्ट्रपति चुनाव' का किया जिक्र; बाद में किया सुधार     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ब्राजील की जगह भारत का जिक्र कर दिया। उन्होंने ब्राजील की जगह 'भारत के राष्ट्रपति चुनाव' का जिक्र कर दिया और कहा कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट डाला और वोटिंग खत्म होने के कुछ ही देर बाद नतीजे आ गए।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-09-26t133041-1791183932.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[ट्रंप ने ब्राजील की जगह भारत में राष्ट्रपति चुनाव का किया जिक्र।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP/FILE]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-09-26t133041-1791183932.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-09-26t133041-1791183932.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      ट्रंप ने ब्राजील की जगह भारत में राष्ट्रपति चुनाव का किया जिक्र।
                      <span class="copyright">Image Source : AP/FILE</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव पर टिप्पणी करते समय गलती से उसे भारत समझ लिया। यह चूक तब हुई जब ट्रंप चुनावी प्रक्रिया पर बात कर रहे थे और आरोप लगा रहे थे कि अमेरिका में चुनाव "भ्रष्ट" हैं। ट्रंप ने दावा किया कि "आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया।" हालांकि, ऐसा लगता है कि यह पोस्ट ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के बारे में थी, क्योंकि भारत में ऐसा कोई चुनाव नहीं हो रहा था।</p>
<h3><strong>'12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया': ट्रंप</strong></h3>
<p>ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, "आज भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट दिया। वोटिंग खत्म होने के कुछ ही देर बाद, यानी उसी दिन नतीजे भी आ गए।" इसके बाद ट्रंप ने वोटिंग प्रोसेस की तुलना डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया और कैलिफ़ोर्निया जैसे इलाकों में होने वाले चुनावों से की और दावा किया कि अमेरिका के चुनाव "भ्रष्ट" हैं। अमेरिकी शहरों और राज्यों में वोटों की गिनती में लगने वाले समय का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, "अमेरिका में वोटिंग भ्रष्ट है।" अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया, कैलिफ़ोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में, जहां वोटिंग की संख्या बहुत कम होती है, वहां भी नतीजों की गिनती (यानी धांधली) करने में अक्सर हफ़्तों लग जाते हैं। अमेरिका में वोटिंग भ्रष्ट है।"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-05t123059-1791184199.jpg"    /></p>
<h3><strong>बाद में पोस्ट में किया सुधार</strong></h3>
<p>हालांकि बाद में ट्रंप ने अपनी पोस्ट में सुधार किया। उन्होंने भारत का जिक्र हटाकर उसकी जगह ब्राजील का नाम लिख दिया, लेकिन अमेरिकी वोटिंग सिस्टम की आलोचना जारी रखी। ट्रंप ने लिखा, "आज ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में 12.5 करोड़ लोगों ने वोट डाला। वोटिंग खत्म होने के कुछ ही देर बाद, यानी उसी दिन नतीजे आ गए! डेट्रॉइट, फिलाडेल्फिया, कैलिफ़ोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों और राज्यों में, जहां वोटिंग की संख्या बहुत कम होती है, वहां नतीजों की गिनती करने, मेरा मतलब है, नतीजों में हेर-फेर करने में अक्सर हफ़्तों लग जाते हैं। अमेरिका में वोटिंग सिस्टम भ्रष्ट है!!!"</p>
<p><img src="http://resize.indiatvnews.com/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-05t123149-1791184199.jpg"    /></p>
<h3><strong>भारत में सीधे नहीं होता राष्ट्रपति का चुनाव</strong></h3>
<p>बता दें कि भारत के बारे में कही गई बात एक से ज़्यादा वजहों से गलत थी। भारत के राष्ट्रपति का चुनाव सीधे देशव्यापी वोटिंग से नहीं होता है; बल्कि, राष्ट्रपति का चुनाव एक 'इलेक्टोरल कॉलेज' करता है। इस कॉलेज में संसद के दोनों सदनों के चुने हुए सदस्य और राज्यों व केंद्र-शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्य शामिल होते हैं। यह चुनाव 'आनुपातिक प्रतिनिधित्व' (proportional representation) प्रणाली के तहत 'एकल संक्रमणीय मत' (single transferable vote) के ज़रिए होता है।</p>
<p>वहीं भारत में आम चुनावों के दौरान, वोटर सीधे लोकसभा (संसद का निचला सदन) और राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को चुनते हैं। इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं (आमतौर पर लोकसभा में बहुमत वाली पार्टी या गठबंधन के नेता को), जबकि राज्यों के राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं (आमतौर पर राज्य विधानसभा में बहुमत वाली पार्टी या गठबंधन के नेता को)। 2024 के लोकसभा चुनाव में भारत में लगभग 98 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर थे।</p>
<h3><a href="https://www.indiatv.in/world/us/donald-trump-cites-indias-electoral-system-voter-id-pushes-for-passage-save-america-act-2026-08-18-1237904" target="_blank"><strong>ट्रंप ने भारत की चुनाव प्रणाली की तारीफ की</strong></a></h3>
<p>हालांकि इससे पहले अगस्त में, ट्रंप ने अमेरिका में चुनावी सुधारों की वकालत करते हुए भारतीय चुनावों, खासकर देश की वोटर पहचान प्रणाली का जिक्र किया था। 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा था कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में सवाल उठाया था कि अमेरिका में बिना वैध फोटो पहचान पत्र दिखाए चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ने ये बातें 'SAVE अमेरिका एक्ट' के लिए समर्थन जुटाने के लिए कहीं। इस एक्ट के तहत अमेरिकियों को वोट देने के लिए रजिस्टर करने के लिए नागरिकता का सबूत दिखाना होगा, देश भर में वोटर पहचान पत्र की जरूरत होगी और डाक से वोटिंग को बहुत सीमित कर दिया जाएगा। ट्रंप ने 17 अगस्त को कहा, "इस महीने की शुरुआत में, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा, आप अमेरिका में वैध फ़ोटो ID के बिना चुनाव कैसे करा सकते हैं?" (इनपुट- पीटीआई)</p>
<p>यह भी पढ़ें-</p>
<p><a href="https://www.indiatv.in/world/us/us-air-force-withdraws-all-bombers-from-british-air-base-after-suspected-terror-attack-2026-10-05-1246993" target="_blank" title="अमेरिका ने इंग्लैंड के एयरबेस से वापस बुलाए सभी बॉम्बर विमान, संदिग्ध आतंकी हमले के बाद लिया फैसला">अमेरिका ने इंग्लैंड के एयरबेस से वापस बुलाए सभी बॉम्बर विमान, संदिग्ध आतंकी हमले के बाद लिया फैसला</a></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-president-donald-trump-makes-india-presidential-election-blunder-amid-brazil-polls-2026-10-05-1247015     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-president-donald-trump-makes-india-presidential-election-blunder-amid-brazil-polls-2026-10-05-1247015 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 05 Oct 2026 12:41:29 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका ने इंग्लैंड के एयरबेस से वापस बुलाए सभी बॉम्बर विमान, संदिग्ध आतंकी हमले के बाद लिया फैसला     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिकी ने इंग्लैंड में मौजूद एयरबेस से अपने सभी बॉम्बर विमान वापस बुला लिए हैं। इस एयरबेस का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता था। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-05t110700-1791178640.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिका ने इंग्लैंड के एयरबेस से वापस बुलाए बॉम्बर विमान।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP/FILE]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-05t110700-1791178640.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-05t110700-1791178640.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिका ने इंग्लैंड के एयरबेस से वापस बुलाए बॉम्बर विमान।
                      <span class="copyright">Image Source : AP/FILE</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिकी एयर फोर्स ने इंग्लैंड में मौजूद अपने उस मिलिट्री एयर बेस से बॉम्बर वापस बुला लिए हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जाता था। यह कदम RAF फेयरफोर्ड बेस पर एक संभावित आतंकी हमले की जांच के बाद उठाया गया है। पेंटागन के एक अधिकारी के अनुसार, इन बॉम्बर को अमेरिका में उनके बेस पर वापस भेज दिया गया है। संवेदनशील मिलिट्री गतिविधियों पर बात करने के लिए अधिकृत न होने के कारण, इस अधिकारी ने रविवार को नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी।</p>
<h3><strong>कई B-1 बॉम्बरों ने भरी उड़ान</strong></h3>
<p>मिलिट्री एयर ट्रैकिंग अलायंस जैसे एविएशन पर नजर रखने वाले समूहों ने ईरान युद्ध की शुरुआत से ही RAF फेयरफोर्ड से दर्जनों B-52 और B-1 बॉम्बर को ऑपरेट होते देखा है। जानकारों ने रविवार को बेस से कई B-1 बॉम्बर को उड़ान भरते देखा। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें नए हमले भी शामिल हैं। हालांकि उन्होंने अमेरिकियों से शुरू में वादा किया था कि यह अभियान कुछ हफ्तों तक ही चलेगा। दरअसल, शनिवार को <a href="https://www.indiatv.in/world/us/iran-will-not-allowed-to-develop-nuclear-weapons-oil-prices-will-fall-as-soon-as-war-ends-says-donald-trump-2026-10-03-1246663" target="_blank" title=" डोनाल्ड ट्रंप">ट्रंप</a> ने कहा, "ईरान को लेकर मुझे कुछ फैसले लेने हैं। ईरान को बुरी तरह तबाह कर दिया गया है। इसलिए अब सवाल बस यह है कि - या तो यह आसान तरीका होगा, या फिर मुश्किल तरीका।" </p>
<h3><strong>ब्रिटेन में पकड़ा गया था संदिग्ध</strong></h3>
<p>सितंबर के आखिर में RAF फेयरफोर्ड में हुई एक सुरक्षा घटना के बाद, पिछले हफ्ते सेंट्रल लंदन में एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक को आतंकी हमले की साजिश रचने के शक में गिरफ़्तार किया गया था। कुल मिलाकर, जांच के दौरान छह लोगों को हिरासत में लिया गया और फिर ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। ब्रिटिश अधिकारियों ने इस घटना का संबंध तेहरान से जोड़ा। हालांकि ईरान ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है, लेकिन उसने पहले कहा है कि वह अपने इलाके पर हमले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी बेस को सही निशाना मानता है। </p>
<p>यू.के. के अधिकारियों का कहना है कि ईरान से जुड़े प्रॉक्सी (प्रतिनिधि) ब्रिटेन और दूसरे देशों में आगजनी और अन्य हमलों के पीछे रहे हैं। इनमें से कई हमले यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर और डर फैलाने के मकसद से किए गए। उन्होंने पहले चेतावनी दी थी कि अगर मध्य पूर्व में संघर्ष जारी रहता है, तो तेहरान यू.के. में अपने निशाने बढ़ा सकता है। <strong>(इनपुट- एपी)</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/russia-unknown-infection-sparks-plague-fears-hundreds-quarantined-2026-10-05-1246985" target="_blank" title="रूस में फैला प्लेग? एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में कर्मचारी की मौत से हड़कंप, सैकड़ों क्वारंटीन">रूस में फैला प्लेग? एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में कर्मचारी की मौत से हड़कंप, सैकड़ों क्वारंटीन</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-air-force-withdraws-all-bombers-from-british-air-base-after-suspected-terror-attack-2026-10-05-1246993     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-air-force-withdraws-all-bombers-from-british-air-base-after-suspected-terror-attack-2026-10-05-1246993 ]]>     </guid>     <pubDate>Mon, 05 Oct 2026 11:10:31 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका में समुद्र तट के पास मेडिकल विमान क्रैश, अचानक नीचे गिरी फ्लाइट; सभी सवार लापता     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका में समुद्र तट के पास एक मेडिकल विमान क्रैश हो गया। इसमें सवार सभी छह लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। वहीं विमान का मलबा बरामद कर लिया गया है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-31-1791092868.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[समुद्र में क्रैश हुआ मेडिकल विमान।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : US COAST GAURD]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-31-1791092868.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-31-1791092868.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      समुद्र में क्रैश हुआ मेडिकल विमान।
                      <span class="copyright">Image Source : US COAST GAURD</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>अमेरिका </strong>में नैनटकेट के तट पर एक लापता मेडिकल इवैक्यूएशन (मरीजों को निकालने वाले) विमान का मलबा मिला है। यह विमान बरमूडा से बोस्टन की उड़ान के दौरान छह लोगों के साथ लापता हो गया था। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने इसकी जानकारी दी है। फिलहाल खोज और बचाव अभियान जारी है। अमेरिकी कोस्ट गार्ड के अनुसार, शनिवार (स्थानीय समय) को सुबह लगभग 2:00 बजे फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने संघीय अधिकारियों को सूचित किया कि गल्फस्ट्रीम G100 विमान (जिसका टेल नंबर C-GRJP था) से संपर्क टूट गया है। इस उड़ान का संचालन कनाडा की एयरो-मेडिकल ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाली कंपनी 'लैटिट्यूड एयर एम्बुलेंस' कर रही थी।</p>
<h3><strong>लापता छह लोगों की तलाश जारी</strong></h3>
<p>अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कहा, "अमेरिकी कोस्ट गार्ड शनिवार को लापता मेडिकल ट्रांसपोर्ट विमान में सवार छह लोगों की तलाश जारी रखे हुए है, क्योंकि खोज दलों को नैनटकेट के तट पर <a href="https://www.indiatv.in/world/us/several-people-killed-after-amazon-cargo-plane-crashes-at-miami-airport-2026-09-07-1241741" target="_blank">विमान का मलबा मिला</a> है, जिसकी पुष्टि विमान से होने के तौर पर की गई है।" अधिकारियों ने पुष्टि की कि यात्रियों की सूची में कनाडा के चार और बरमूडा के दो नागरिक शामिल थे, और बताया कि "उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।" उन्होंने कहा, "कोस्ट गार्ड के खोज दलों को मलबा मिला है, जिसकी पुष्टि लापता विमान से जुड़े होने के तौर पर की गई है। दल विमान में सवार छह लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं, और कोस्ट गार्ड का जहाज 'विलियम स्पार्लिंग' रात भर खोज अभियान जारी रखेगा।"</p>
<h3><strong>अचानक नीचे की तरफ गिरा विमान</strong></h3>
<p>FlightAware के फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि गायब होने से ठीक पहले विमान की ऊंचाई में तेजी से और अचानक कमी आई। संपर्क पूरी तरह टूटने से पहले यह ट्विन-जेट विमान लगभग 7,300 मीटर से गिरकर 3,300 मीटर की ऊंचाई पर आ गया था। LiveATC.net द्वारा जारी ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि जब विमान तट के पास पहुंचा, तो पायलट को गंभीर इलेक्ट्रिकल गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा और उसने औपचारिक रूप से इमरजेंसी घोषित कर दी। </p>
<h3><strong>पायलट ने घोषित की थी इमरजेंसी</strong></h3>
<p>बातचीत के दौरान, एक एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलर ने पायलट से पूछा, "रोज़र, आपने कहा कि आप बिना विज़िबिलिटी (ब्लाइंड) के आ रहे हैं। क्या आपने यही कहा था?" और फिर पूछा, "क्या आप इमरजेंसी घोषित कर रहे हैं या नहीं?" हालांकि कॉकपिट से मिला तुरंत जवाब साफ नहीं सुनाई दिया, लेकिन बाद में कंट्रोलर्स ने पुष्टि की कि इमरजेंसी की स्थिति घोषित कर दी गई थी। </p>
<h3><strong>कनाडा के परिवहन मंत्री ने व्यक्त की संवेदनाएं</strong></h3>
<p>कनाडा के परिवहन मंत्री स्टीवन मैकिनॉन ने कहा कि संघीय अधिकारी घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं। मैकिनॉन ने X पर साझा किए गए एक संदेश में कहा, "इस बेहद मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं विमान में सवार सभी लोगों और उनके परिवारों, प्रियजनों और सहयोगियों के साथ हैं। हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और खोज एवं बचाव अभियान जारी रहने के दौरान संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं इसमें शामिल सभी फ़र्स्ट रिस्पॉन्डर्स (बचाव कर्मियों) को उनके लगातार प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। (इनपुट- ANI)</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/india/national/india-strong-action-over-pakistan-role-in-infiltration-summons-pakistan-high-commission-charge-affaires-2026-10-04-1246819" target="_blank" title="घुसपैठ में पाकिस्तान की मदद पर भारत का कड़ा एक्शन, पाक उच्चायोग के प्रभारी को किया तलब">घुसपैठ में पाकिस्तान की मदद पर भारत का कड़ा एक्शन, पाक उच्चायोग के प्रभारी को किया तलब</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/medical-plane-crashes-near-us-coast-debris-found-onbeard-six-people-missing-2026-10-04-1246836     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/medical-plane-crashes-near-us-coast-debris-found-onbeard-six-people-missing-2026-10-04-1246836 ]]>     </guid>     <pubDate>Sun, 04 Oct 2026 11:24:14 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका में हिंदू मंदिर पर अचानक ईंटों की बारिश, अंदर मौजूद थे पुजारी-श्रद्धालु; देखें VIDEO     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के ओहायो में श्री स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर पर ईंटों से हमला किया गया जिसमें खिड़कियों के टूटने की खबर है। घटना के वक्त पुजारी और श्रद्धालु अंदर मौजूद थे।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ohio-hindu-temple-attack-1791032354.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर हमला हुआ है।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : X/@HINDUAMERICAN]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ohio-hindu-temple-attack-1791032354.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/ohio-hindu-temple-attack-1791032354.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर हमला हुआ है।
                      <span class="copyright">Image Source : X/@HINDUAMERICAN</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>वॉशिंगटन: </strong>अमेरिका के ओहायो राज्य में एक हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे ग्रेटर क्लीवलैंड इलाके के रिचमंड हाइट्स स्थित श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर में हुई। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) के मुताबिक, हमलावरों ने मंदिर की इमारत पर ईंटें फेंकीं, जिससे काफी नुकसान हुआ। घटना के समय मंदिर में पुजारी और कुछ श्रद्धालु मौजूद थे।</p>
<h3><strong>ईंटें फेंककर मंदिर की खिड़कियां तोड़ीं</strong></h3>
<p>HAF ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि हमले के दौरान मंदिर की इमारत को निशाना बनाया गया और ईंटें फेंकी गईं। इससे मंदिर की खिड़कियों के शीशे टूट गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। संगठन के अनुसार, घटना का CCTV फुटेज मौजूद है और अधिकारी उसकी जांच कर रहे हैं। अभी तक किसी संदिग्ध का नाम सामने नहीं आया है और किसी गिरफ्तारी की जानकारी भी नहीं दी गई है।</p>
<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/HinduAmerican/status/2106175851662287191"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3><strong>FBI को दी गई घटना की जानकारी</strong></h3>
<p>हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने इस घटना को संभावित हेट क्राइम बताया है, लेकिन जांच एजेंसियों ने अभी तक हमले के पीछे धार्मिक मकसद की पुष्टि नहीं की है। HAF ने कहा कि CCTV फुटेज की समीक्षा की जा रही है और FBI तथा उसकी सिविल राइट्स यूनिट को मामले की जानकारी दी जा रही है। संगठन ने मंदिर के नेताओं से संपर्क कर हरसंभव मदद देने की बात भी कही है।</p>
<h3><strong>नफरत भरी बयानबाजी की निंदा की मांग</strong></h3>
<p>HAF ने अमेरिकी निर्वाचित नेताओं और सरकारी एजेंसियों से भारतीय और हिंदू-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ नफरत भरी बयानबाजी की सार्वजनिक और स्पष्ट निंदा करने की अपील की। संगठन ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से हमले के जिम्मेदार लोगों को पकड़ने को प्राथमिकता देने की मांग भी की है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने किसी आरोपी या हमले के मकसद की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।</p>
<h3><strong>CoHNA ने भी की कार्रवाई की मांग</strong></h3>
<p>कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (CoHNA) ने भी घटना की जानकारी साझा की। संगठन के मुताबिक, ईंटों से हुए हमले में मंदिर की खिड़कियों के शीशे टूटे और उस समय पुजारी तथा श्रद्धालु अंदर मौजूद थे। संगठन ने रिचमंड हाइट्स की मेयर किम थॉमस और स्थानीय प्रशासन से घटना की सार्वजनिक निंदा करने की मांग की। साथ ही पुलिस से आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की अपील की।</p>
<h3><strong>हिंदू हेरिटेज मंथ और नवरात्रि से पहले हुआ हमला</strong></h3>
<p>CoHNA ने बताया कि यह घटना ऐसे समय हुई है जब ओहायो का हिंदू समुदाय हिंदू हेरिटेज मंथ की शुरुआत कर रहा है। अमेरिका में कई सामुदायिक संगठन अक्टूबर में हिंदू हेरिटेज मंथ मनाते हैं। इसके साथ ही नवरात्रि भी नजदीक है। संगठन ने इन आयोजनों की पृष्ठभूमि में मंदिर की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हमले और इन आयोजनों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।</p>
<h3><strong>अमेरिका में पहले भी मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं</strong></h3>
<p>CoHNA ने अमेरिका में हिंदू धार्मिक स्थलों से जुड़ी पिछली घटनाओं का भी उल्लेख किया है। इसके रिकॉर्ड के मुताबिक, अगस्त 2022 में न्यूयॉर्क के क्वींस स्थित श्री तुलसी मंदिर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ हुई थी। दिसंबर 2023 में कैलिफोर्निया के नेवार्क स्थित SMVS श्री स्वामीनारायण मंदिर पर आपत्तिजनक ग्रैफिटी की गई थी। सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क के मेलविल और कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो क्षेत्र में BAPS मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं दर्ज की गईं।</p>
<h3><strong>2025 में भी कैलिफोर्निया के मंदिर को बनाया गया था निशाना</strong></h3>
<p>CoHNA के रिकॉर्ड में मार्च 2025 की एक घटना भी शामिल है। इसके मुताबिक, कैलिफोर्निया के चीनो हिल्स स्थित BAPS मंदिर को आपत्तिजनक संदेश लिखकर नुकसान पहुंचाया गया था। इससे पहले न्यूयॉर्क और सैक्रामेंटो क्षेत्र के BAPS मंदिरों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं। संगठन ने इन घटनाओं को हिंदू धार्मिक स्थलों की सुरक्षा से जुड़ी चिंता के रूप में दर्ज किया है। बता दें कि <a href="https://www.indiatv.in/world/us/iskcon-temple-in-america-was-again-targeted-20-30-rounds-of-firing-took-place-2025-07-02-1146457" target="_blank" title="अमेरिका में मंदिर को फिर बनाया गया निशाना, 20-30 राउंड हुई फायरिंग">पिछले साल भी अमेरिका में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर 20 से 30 राउंड फायरिंग की गई थी</a>।<strong> (ANI से इनपुट्स के साथ)</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.indiatv.in/world/asia/temple-more-than-100-year-old-demolished-in-pakistan-punjab-allegedly-for-madarsa-2026-09-01-1240542" target="_blank" title="पाकिस्तान ने 100 साल से ज्यादा पुराने मंदिर को ढहाया, जमीन को मदरसे में शामिल करना था">पाकिस्तान ने 100 साल से ज्यादा पुराने मंदिर को ढहाया, जमीन को मदरसे में शामिल करना था</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/ohio-hindu-temple-attack-bricks-hurled-at-temple-in-richmond-heights-while-priests-devotees-were-inside-2026-10-03-1246771     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/ohio-hindu-temple-attack-bricks-hurled-at-temple-in-richmond-heights-while-priests-devotees-were-inside-2026-10-03-1246771 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 18:31:53 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे, युद्ध खत्म होते ही गिरेंगी तेल की कीमतें: डोनाल्ड ट्रंप      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमा ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध जल्द खत्म होगा और तेल की कीमतें गिरने लगेंगी।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-03t081506-1790995527.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-03t081506-1790995527.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-design-2026-10-03t081506-1790995527.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : AP</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर जोर देकर कहा है कि वे ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि जल्द ही ईरान यु्द्ध खत्म होगा और तेल की कीमतें गिरने लगेंगी। डोनाल्ड ट्रंप ने एक सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। साथ ही उन्होंने डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स ने महंगाई का 'एफोर्डेबिलिटी' शब्द गढ़ा। उन्होंने इतिहास की सबसे खराब मंहगाई पैदा की। हमने कीमतें कम करने को लेकर काम किया।</p>

<h3>ईरान के पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा</h3>

<p>ट्रंप ने दावा किया कि बहुत जल्द ईरान युद्ध खत्म हो जाएगा। ईरान के पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा। वे पागल हैं। यह तो सालों पहले दूसरे प्रेसिडेंट्स या किसी और देश को करना चाहिए था। उनके पास कोई नेवी नहीं है, कोई एयर फोर्स नहीं है; कोई रडार नहीं है; उनके पास कोई एंटी-एयरक्राफ्ट नहीं है... जैसे ही युद्ध खत्म होगा, तेल की कीमतें गिर जाएंगी।</p>

<p><blockquote class="twitter-tweet" data-dnt="true" align="center"><a href="https://twitter.com/ANI/status/2106199998543384710"></a></blockquote><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>

<h3>पश्चिम एशिया में 9 हजार अतिरिक्त सैनिक</h3>

<p>बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध बहुत जल्द खत्म होने का दावा ऐसे समय में किया है जबकि अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में जहाजों के जरिए करीब 9,000 अतिरिक्त सैनिक भेज रही है। यह एक्शन डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की चेतावनी दिए जाने के बाद लिया जा रहा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि इस तैनाती के बाद अक्टूबर के अंत तक क्षेत्र में तीन अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात हो जाएंगे। तीसरे विमानवाहक पोत से सैनिकों की यह तैनाती अमेरिका में प्रस्तावित मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ईरान के खिलाफ ट्रंप की युद्ध रणनीति में तेजी से हो रहे बदलाव को दर्शाती है। </p>

<p>ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि यह संघर्ष अब और अधिक जटिल होता जा रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि मध्यावधि चुनावों के बाद युद्ध को और तेज किया जा सकता है, हालांकि शुरुआत में उन्होंने अमेरिकी जनता से यह अभियान केवल कुछ हफ्तों में समाप्त करने का वादा किया था। </p>

<p>पश्चिम एशिया के लिए रवाना हुए जहाजों के बेड़े में 7,000 से अधिक नाविक और 2,000 से अधिक नौसैनिक शामिल हैं। इस बेड़े में 'यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट' विमानवाहक पोत युद्धक समूह और 'यूएसएस मेकिन आइलैंड' उभयचर तत्परता समूह शामिल हैं। इस समूह में 'एसएस जॉन पी. मर्था' और 'यूएसएस एंकरेज' जैसे पोत भी शामिल हैं। पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद कर्मियों को मिलाकर इस कदम से अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी असाधारण रूप से बढ़कर 20,000 से अधिक नाविकों और नौसैनिकों तथा सैकड़ों लड़ाकू विमानों तक पहुंच जाएगी। इससे पहले नौसेना ने अप्रैल में 2003 के बाद पहली बार पश्चिम एशिया में तीन विमानवाहक पोत युद्धक समूह तैनात किए थे। </p>

<h3>फ्लाईदुबई की घटना पर क्या बोले ट्रंप?</h3>

<p>इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई की घटना को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि ईरान का संबंध फ्लाईदुबई के उस सह-पायलट से हो सकता है, जिसने बुधवार को इजराइल जा रहे विमान के कप्तान पर चाकू से हमला किया था और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी। हालांकि, ट्रंप ने इस संभावित कनेक्शन के बारे में कोई ठोस विवरण साझा नहीं किया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने कहा, <a href="https://www.indiatv.in/world/us/iran-connection-in-flydubai-plane-incident-trump-said-they-will-be-hit-very-hard-2026-10-02-1246484" target="_blank">"हम अभी इस पर काम कर रहे हैं</a>।" इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ किसी तरह का संबंध होने की संभावना है, तो ट्रंप ने कहा, "जो मैं सुन रहा हूं, उसके आधार पर मैं कहूंगा कि जवाब हां है, लेकिन हम अभी इस पर काम कर रहे हैं।"</p>

<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong><br />
<a href="https://www.indiatv.in/world/around-the-world/flydubai-flight-attack-suspect-co-pilot-hamam-al-hammami-omanii-dentity-attack-on-captain-smith-machchhar-2026-10-03-1246655" target="_blank" title="फ्लाईदुबई में कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले को-पायलट की हुई पहचान, ओमान का रहने वाला है हमाम अल-हमामी">फ्लाईदुबई में कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले को-पायलट की हुई पहचान, ओमान का रहने वाला है हमाम अल-हमामी</a></p>

<p> </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/iran-will-not-allowed-to-develop-nuclear-weapons-oil-prices-will-fall-as-soon-as-war-ends-says-donald-trump-2026-10-03-1246663     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/iran-will-not-allowed-to-develop-nuclear-weapons-oil-prices-will-fall-as-soon-as-war-ends-says-donald-trump-2026-10-03-1246663 ]]>     </guid>     <pubDate>Sat, 03 Oct 2026 08:17:43 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     अमेरिका-भारत की ट्रेड डील बेहद करीब, मोदी-ट्रंप के बीच एक बार फिर जल्द हो सकती है बातचीत      ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही ट्रेड डील से जुड़ी अच्छी खबर आ सकती है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ट्रेड डील को लेकर बातचीत अब अपने अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बातचीत भी हो सकती है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-02t092544-1790913364.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[ट्रेड डील के बेहद करीब भारत-अमेरिका।]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : AP/FILE]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-02t092544-1790913364.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/untitled-2026-10-02t092544-1790913364.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      ट्रेड डील के बेहद करीब भारत-अमेरिका।
                      <span class="copyright">Image Source : AP/FILE</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p><strong>अमेरिका</strong> के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय ट्रेड डील पर बातचीत अपने आखिरी दौर में है। हालांकि अभी तुरंत कोई अंतिम घोषणा होने की उम्मीद नहीं है। दरअसल, 2026 G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में एक सवाल का जवाब देते हुए ग्रीर ने कहा कि बातचीत "शॉर्ट स्ट्रोक्स" (काम के आखिरी चरण) में है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हम इसके अंत के करीब हैं।" </p>
<h3><strong>जल्द हो सकती है मोदी-ट्रंप की बातचीत</strong></h3>
<p>ग्रीर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार सुबह (अमेरिकी समय) "बहुत रचनात्मक बातचीत" हुई और वे प्रगति का जायजा लेने के लिए जल्द ही फिर से बात कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही इस पर एक और बातचीत कर सकते हैं ताकि प्रगति और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया जा सके।"</p>
<h3><strong>मुख्य मुद्दों को हल करने पर चल रहा काम</strong></h3>
<p>हालांकि उन्होंने तुरंत किसी घोषणा की उम्मीद न करने की सलाह दी, लेकिन कहा कि दोनों पक्षों ने मुख्य मुद्दों की पहचान कर ली है। ग्रीर ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कुछ तुरंत होने वाला है, लेकिन हमने उन मुद्दों की पहचान कर ली है जिन पर मतभेद हैं, और हम उन पर पूरी लगन से काम कर रहे हैं।"</p>
<h3><strong>पीयूष गोयल ने ग्रीर से की थी मुलाकात</strong></h3>
<p>वहीं वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ अपनी बैठक के बारे में बताते हुए ग्रीर ने कहा, "मंत्री गोयल और मेरे बीच बहुत रचनात्मक बातचीत हुई। हमारे स्टाफ अभी बैठक कर रहे हैं, क्योंकि वे देश में हैं और हम यहां हैं। हम लगातार भारत के साथ व्यापार समझौते को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।" बता दें कि पीयूष गोयल ने बुधवार को मिल्वौकी में G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान ग्रीर से मुलाकात की थी। X पर जानकारी देते हुए गोयल ने कहा कि उन्होंने USTR ग्रीर के साथ "भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत दोनों देशों के लिए फायदेमंद अंतरिम समझौते को जल्द पूरा करने की दिशा में सार्थक बातचीत की"।</p>
<h3><strong>हाल ही में ट्रंप और मोदी के बीच हुई थी बात</strong></h3>
<p>बता दें कि पीयूष गोयल और ग्रीर के बीच यह बैठक <a href="https://www.indiatv.in/india/national/pm-modi-and-donald-trump-talks-several-important-issues-discussed-india-us-strategic-partnership-2026-09-30-1246256" target="_blank">मोदी और ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल</a> के समय ही हुई, जिसमें नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अहम टेक्नोलॉजी और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। इस दौरे से पहले, वाणिज्य मंत्रालय ने कहा था कि गोयल अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे ताकि "एक संतुलित और दोनों देशों के लिए फायदेमंद भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को आगे बढ़ाया जा सके और 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुसार एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके"। (इनपुट- ANI)</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-</strong></p>
<p><strong><a href="https://www.indiatv.in/world/europe/russian-president-vladimir-putin-praised-pm-modi-efforts-to-end-ukraine-conflict-2026-10-02-1246493" target="_blank" title="पुतिन ने जमकर की PM मोदी की तारीफ, यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म कराने की कोशिशों को सराहा">पुतिन ने जमकर की PM मोदी की तारीफ, यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म कराने की कोशिशों को सराहा</a></strong></p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/us-official-said-india-us-trade-deal-nearing-their-final-phase-modi-trump-talk-soon-2026-10-02-1246511     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/us-official-said-india-us-trade-deal-nearing-their-final-phase-modi-trump-talk-soon-2026-10-02-1246511 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 09:26:35 +0530</pubDate>     </item><item>    <title>    <![CDATA[     फ्लाईदुबई विमान कांड में ईरान का कनेक्शन? ट्रंप बोले- "उन्हें बहुत कड़ी मार पड़ेगी"     ]]>     </title>     <description>    <![CDATA[ ट्रंप का कहना है कि इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई विमान को गिराने की कोशिश करने वाले को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।    ]]>     </description>     <media:content url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1790879673.webp' type='image/webp' width='1200' height='675'>    <media:description type='plain'>    <![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप]]>    </media:description>    <media:credit role='author' scheme='urn:ebu'><![CDATA[Image Source : PTI]]></media:credit>    </media:content>     <media:thumbnail url='https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1790879673.webp' width='220'/>    <content:encoded>    <![CDATA[ <figure><img src="https://resize.indiatvnews.com/en/resize/newbucket/1200_-/2026/10/donald-trump-1790879673.webp" class="type:primaryImage">
                    <figcaption>
                      डोनाल्ड ट्रंप
                      <span class="copyright">Image Source : PTI</span>
                    </figcaption>
                  </figure><p class="rtejustify">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल जा रहे फ्लाईदुबई विमान को कथित तौर पर गिराने की कोशिश करने वाले को-पायलट के ईरान से संबंध हो सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने इस संभावित कनेक्शन के बारे में कोई ठोस विवरण साझा नहीं किया।</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>'जो मैं सुन रहा हूं, उसके आधार पर जवाब हां है'</strong></h3>

<p class="rtejustify">व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें विमान घटना से जुड़े पायलट और ईरान के बीच किसी संभावित संबंध के बारे में जानकारी दी गई है। इस पर ट्रंप ने कहा, "हम अभी इस पर काम कर रहे हैं।" इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान के साथ किसी तरह का संबंध होने की संभावना है, तो ट्रंप ने कहा, "जो मैं सुन रहा हूं, उसके आधार पर मैं कहूंगा कि जवाब हां है, लेकिन हम अभी इस पर काम कर रहे हैं।"</p>

<h3 class="rtejustify"><strong>ईरान के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर ट्रंप की चेतावनी</strong></h3>

<p class="rtejustify">पत्रकारों ने ट्रंप से यह भी पूछा कि अगर विमान घटना के पीछे ईरान का हाथ साबित होता है, तो क्या अमेरिका तेहरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। इस पर ट्रंप ने कहा, “ओह, उन्हें बहुत कड़ी मार पड़ेगी, चिंता मत करो।" ट्रंप ने आगे कहा, "बस उनसे पूछिए। उन्हें पता है कि क्या हुआ है। उन्हें बहुत कड़ी मार पड़ेगी।"</p>

<p class="rtejustify">ट्रंप के बयान में ईरान और विमान घटना के बीच संभावित संबंध का संकेत दिया गया है, लेकिन उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत या खुफिया जानकारी सार्वजनिक नहीं की। मामले की जांच जारी होने की बात भी उनके बयान से स्पष्ट है।</p>

<p class="rtejustify">वहीं, फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कैप्टन पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट को लेकर जांच में कई गंभीर दावे सामने आए हैं। 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' से बातचीत में एक इजरायली अधिकारी ने दावा किया कि को-पायलट ने सोशल मीडिया पर <strong><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/flydubai-cockpit-attack-israeli-official-claims-omani-copilot-posted-about-killing-jews-on-social-media-2026-10-01-1246478" target="_blank" title="https://www.indiatv.in/world/asia/flydubai-cockpit-attack-israeli-official-claims-omani-copilot-posted-about-killing-jews-on-social-media-2026-10-01-1246478">यहूदियों को मारने से जुड़ी बातें पोस्ट </a></strong>की थीं। अधिकारी के मुताबिक, उसके सोशल मीडिया अकाउंट से उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी जिहादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं।</p>

<p class="rtejustify">बता दें कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ-1073 के दौरान ओमान के सह-पायलट ने मुख्य पायलट कैप्टन स्मित माछर पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे विमान 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से नीचे गिरने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय मूल के कैप्टन स्मित माछर ने साहस दिखाया और यात्रियों व केबिन क्रू की मदद से हमलावर सह-पायलट को काबू में किया गया, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया।</p>

<p class="rtejustify"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/flydubai-pilot-smit-machchhar-airlifted-from-saudi-arabia-to-dubai-2026-10-01-1246406" target="_blank" title="फ्लाईदुबई के हीरो पायलट स्मित मच्छार सऊदी अरब से दुबई एयरलिफ्ट, तबुक में चल रहा था इलाज"><strong>फ्लाईदुबई के हीरो पायलट स्मित मच्छार सऊदी अरब से दुबई एयरलिफ्ट, तबुक में चल रहा था इलाज</strong></a></p>

<p class="rtejustify"><a href="https://www.indiatv.in/world/asia/captain-smit-machhar-health-update-indian-ambassador-deepak-mittal-visits-uae-hospital-2026-10-01-1246480" target="_blank" title="अब कैसी है कैप्टन स्मित मच्छार की हालत? UAE में भारत के राजदूत ने मिलकर जाना हाल"><strong>अब कैसी है कैप्टन स्मित मच्छार की हालत? UAE में भारत के राजदूत ने मिलकर जाना हाल</strong></a><br />
 </p>
    ]]>     </content:encoded>     <link>     <![CDATA[     https://www.indiatv.in/world/us/iran-connection-in-flydubai-plane-incident-trump-said-they-will-be-hit-very-hard-2026-10-02-1246484     ]]>     </link>     <guid isPermaLink="true">     <![CDATA[ https://www.indiatv.in/world/us/iran-connection-in-flydubai-plane-incident-trump-said-they-will-be-hit-very-hard-2026-10-02-1246484 ]]>     </guid>     <pubDate>Fri, 02 Oct 2026 00:01:45 +0530</pubDate>     </item></channel></rss>