हसनपुर, अमरोहा
हसनपुर
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|---|---|
| नगर | |
नगर पालिका परिषद (हसनपुर) | |
| निर्देशांक: 28°43′N 78°17′E / 28.72°N 78.28°E | |
| देश | |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| ज़िला | अमरोहा ज़िला |
| तहसील | हसनपुर (तहसील) |
| स्थापना | 1634 |
| संस्थापक | हसन खान |
| शासन | |
| • सभा | नगर पालिका परिषद |
| • अध्यक्ष | श्री राजपाल सेनी |
| ऊँचाई | 201 मी॰ (659 फीट) |
| जनसंख्या (2011) | |
| • कुल | 61,243 |
| वासीनाम | हसनपुरी |
| भाषाएँ | |
| • प्रचलित | हिन्दी, उर्दू, खड़ीबोली |
| समय मण्डल | भामस (UTC+5:30) |
| पिनकोड | 244241 |
| दूरभाष कोड | 05924 |
| वाहन पंजीकरण | UP-23 |
| वेबसाइट | |
हसनपुर (Hasanpur) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के अमरोहा ज़िले में स्थित एक नगर है। यह इसी नाम की तहसील का मुख्यालय भी है। यहाँ उर्दू भाषा बड़े अदब के साथ पढ़ी और बोली जाती है, बुज़ुर्गों के साथ-साथ बच्चों में भी इसका चलन है। शहर में शायरी और साहित्य का गहरा रुझान है। कृषि यहाँ की मुख्य अर्थव्यवस्था है, और स्थानीय खेती से फल-सब्ज़ियाँ व अन्य उत्पाद क्षेत्रीय बाजारों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।[1][2]
इतिहास
[संपादित करें]हसनपुर का नाम एक पठान शासक हसन ख़ान, जिन्हें मुबारिज़ ख़ान भी कहा जाता है, के नाम पर रखा गया है। उन्होंने 1634 ईस्वी में पूर्ववर्ती गोंसाईं शासकों को पराजित कर इस क्षेत्र पर नियंत्रण प्राप्त किया। पठान समुदाय 20वीं सदी तक इस क्षेत्र के प्रमुख जमींदार बने रहे।
1800 के दशक के उत्तरार्ध में हसनपुर व्यापारिक केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण होने लगा। कई बनिए समृद्ध हुए और नगर की जनसंख्या 1847 में 8,082 से बढ़कर 1901 में 9,579 हो गई। उस समय यहाँ की जनसंख्या लगभग 50% मुस्लिम और 50% हिंदू थी। पड़ोसी बस्ती मुबारकपुर को 1877 में हसनपुर में मिला दिया गया।
20वीं सदी की शुरुआत में हसनपुर में प्रमुख उद्योग कपास के कपड़े का उत्पादन था। उस समय नगर में एक थाना, एक औषधालय, एक सराय, एक पशु पकड़ने का स्थान (कैटल पाउंड), एक डाकघर, एक मिडिल स्कूल, एक प्राथमिक विद्यालय और एक बालिका विद्यालय था। इसके अलावा दो निजी विद्यालय भी थे – एक में अरबी और दूसरे में संस्कृत की शिक्षा दी जाती थी। अरबी स्कूल की देखरेख हाजी अहमद हुसैन ख़ान द्वारा की जाती थी।[3]
हसनपुर नगर पालिका का इतिहास
[संपादित करें]हसनपुर नगर पालिका का गठन वर्ष 1952 में हुआ था। इसके पहले चेयरमैन नवाब यूसुफ खान चुने गए थे। उस समय चेयरमैन का चुनाव सीधे जनता द्वारा न होकर निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता था। साल 1988 में यहाँ पहली बार सीधे जनता ने अपना चेयरमैन चुनने के लिए मतदान किया, जिसमें निर्दलीय उम्मीदवार आफताब खान चेयरमैन चुने गए।[4]
शिक्षा
[संपादित करें]हसनपुर में शिक्षा के लिए कई संस्थान हैं, जो स्थानीय जनसंख्या को प्राथमिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा तक की सुविधाएं प्रदान करते हैं। यहाँ सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूल हैं, जो उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद और CBSE से संबद्ध हैं।
सरकारी विद्यालय
- श्रीमती सुखदेवी इंटर कॉलेज
- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज
- राजकीय महाविद्यालय, हसनपुर
निजी विद्यालय
- अल अमीन अब्दुल्ला इंटर कॉलेज
- गोल्डन पैटल्स इंटरनेशनल स्कूल
- लॉयल्स फातिमा अकादमी
- एचएसएस पब्लिक स्कूल
- सुनील कुमार इंटरनेशनल अकादमी
- चौधरी टी.आर. मेमोरियल पब्लिक स्कूल
- इंडियन पब्लिक स्कूल आई पी एस
महाविद्यालय
- झम्मनलाल पी.जी. कॉलेज
- सरदार बेगम मेमोरियल पी.जी. कॉलेज
- YNS कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च सेंटर
उच्च शिक्षा के लिए छात्र अक्सर अमरोहा, मुरादाबाद और दिल्ली जैसे नज़दीकी शहरों की ओर रुख करते हैं, जहाँ पर विविध पाठ्यक्रमों की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और शैक्षिक संसाधनों को बेहतर बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
परिवहन
[संपादित करें]हसनपुर सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यह नगर राष्ट्रीय राजमार्ग 24 और राष्ट्रीय राजमार्ग 9 से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह दिल्ली से लगभग 120 किलोमीटर और लखनऊ से लगभग 410 किलोमीटर दूर है।
हसनपुर के सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन गजरौला जंक्शन रेलवे स्टेशन है, जो लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ से दिल्ली, मुरादाबाद और अन्य प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं।
निकटतम हवाई अड्डा इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली है, जो लगभग 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
उद्योग
[संपादित करें]हसनपुर की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि और उससे संबंधित उद्योगों पर आधारित है। नगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में गन्ना, गेहूं, चावल और आम जैसी फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं।
इस क्षेत्र की एक प्रमुख औद्योगिक इकाई (द किसान सहकारी चीनी मिल) है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह मिल कई लोगों को रोजगार प्रदान करती है और गन्ना किसानों की उपज को संसाधित करने का कार्य करती है।
चीनी मिल के अलावा, यहाँ खाद्य प्रसंस्करण, ईंट भट्टे, और कृषि-आधारित लघु उद्योग भी मौजूद हैं। नगर में कई खुदरा व्यवसाय, अनाज मंडियाँ और सेवा-आधारित उद्यम भी हैं, जो ग्रामीण आबादी की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
पुलिस व्यवस्था
[संपादित करें]हसनपुर नगर की कानून-व्यवस्था की देखरेख हसनपुर कोतवाली द्वारा की जाती है, जो अमरोहा ज़िले के अंतर्गत आती है।
उल्लेखनीय व्यक्ति
[संपादित करें]- राजीव कुमार – भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त; जन्म हसनपुर, जनपद अमरोहा, उत्तर प्रदेश में हुआ था।[5][6]
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]इन्हें भी देखें
[संपादित करें]सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716
- ↑ "Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance Archived 2017-04-23 at the वेबैक मशीन," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975
- ↑ Nevill, H.R. (1911). Moradabad - A Gazetteer. Allahabad: Government Press. pp. 215–6. अभिगमन तिथि: 22 January 2021.
- ↑ "1952 में हुआ था हसनपुर नगर पालिका का गठन". Live Hindustan. 16 April 2023. अभिगमन तिथि: May 4, 2026.
- ↑ "हसनपुर में हुई थी नए मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रारंभिक शिक्षा". अभिगमन तिथि: 2025-12-01.
- ↑ "राजीव कुमार बने चुनाव आयुक्त, हसनपुर में जश्न". अभिगमन तिथि: 2025-12-01.